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CM भजनलाल ने PM मोदी को दी जन्मदिन की बधाई, बोले- विकसित भारत की दिशा में बढ़ रहा देश

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का सम्पूर्ण जीवन कर्मयोगी के रूप में जनसेवा और राष्ट्रसेवा के संकल्प के लिए समर्पित रहा है। उनके परिश्रम, दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा ने भारत के सामर्थ्य को नई पहचान दी है। उनका जीवन यह प्रेरणा देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और देशहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। प्रधानमंत्री का नेतृत्व, भारत के नव निर्माण की आधारशिला-  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता, सुशासन और विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। विकास की गति गांव से शहर और समाज के अंतिम पायदान तक पहुंची है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साहसिक नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी सामर्थ्य बढ़ रहा है तथा विश्व में भारत की साख और छवि मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राजस्थान विकास की नई राह पर-   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राजस्थान के प्रति विशेष स्नेह और आत्मीय लगाव रहा है। उनके मार्गदर्शन में राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, राजस्थान रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसे महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश के विकास को नई गति दे रहे हैं। जल, ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रयासों में भी प्रधानमंत्री का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। युवाओं के हित में डबल इंजन सरकार ने मजबूत कदम उठाएं-  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने युवाओं के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ढाई वर्ष में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं तथा 1 लाख 20 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। इससे युवाओं का भरोसा राज्य सरकार पर और अधिक मजबूत हुआ है। हर घर, हर गांव और हर शहर में आशीर्वाद का दीपक जलाएं-  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को पूरा राष्ट्र ‘सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा ही प्रभु सेवा’ के रूप में मना रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और आत्मीयता को जनभागीदारी के माध्यम से अभिव्यक्त करें। साथ ही, 17 सितम्बर को शाम 7 बजे राजस्थान के हर घर, हर गांव और हर शहर में आशीर्वाद का दीपक जलाएं। जिससे राजस्थान की धरती पर प्रज्वलित होने वाला प्रत्येक दीप विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प का प्रतीक बने।

शिल्पकारों को नई तकनीक और बाजार से जोड़ने पर जोर, CM ने PM मोदी की पहल को सराहा

शिल्प को आधुनिक तकनीक व नए बाजार से जोड़ा पीएम मोदी ने: मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में सीएम योगी ने की सृष्टि के आदिशिल्पी की आराधना यूपी में तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी व शिल्प से जुड़कर स्वावलंबन की राह पर: सीएम योगी भगवान विश्वकर्मा सृष्टि और पीएम मोदी नए भारत के शिल्पी: सीएम योगी गोरखपुर भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती पर शिल्पकारों-कारीगरों सहित समस्त प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो देश शिल्पकारों व कारीगरों को सम्मान देता है, वही आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसी भावना को अपनाकर पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का प्लेटफार्म दिया है। उन्होंने शिल्प व कारीगरी को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़कर शिल्पकारों-कारीगरों को समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाया है।  सीएम योगी गुरुवार सुबह जटाशंकर स्थित विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित विश्वकर्मा पूजनोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से आराधना करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सोनार का काम करने वालों सहित कारीगरी के तमाम पेशे से जुड़े लोगों के लिए उनकी शिल्प कला ही स्वावलंबन का आधार थी। पर, यह हुनर, शिल्प-कारीगरी आजादी के बाद दशकों तक उपेक्षा का शिकार रही। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में पहली बार डबल इंजन सरकार ने शिल्पकारों-कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और रोजगार के विभिन्न आयामों के साथ जोड़कर उन्हें आगे बढ़ाया है। डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन से यूपी में आज तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी, शिल्प से जुड़कर रोजगार और स्वावलंबन की राह पर सफलतापूर्वक आगे बढ़े हैं।    सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। आज सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है तो साथ ही आज नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन भी है। आज हर कारीगर, शिल्पी जिसके पास कोई विशिष्ट शिल्प है, वह पूजन के जरिये सृष्टि के शिल्पी प्रभु विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के सुदीर्घ स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा, ‘गुरु गोरखनाथ की पावन धरा से भगवान विश्वकर्मा के मंदिर में सृष्टि के शिल्पी के श्रीचरणों में नमन करते हुए मैं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों की तरफ से हृदय से बधाई देता हूं। यह प्रार्थना है कि लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे और उनकी विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो।’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा पूजनोत्सव पुस्तक का विमोचन भी किया।  मुख्यमंत्री का स्वागत विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानंद शर्मा ने किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, स्थानीय पार्षद छट्ठीलाल गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति से जुड़े जयप्रकाश शर्मा, अनूप शर्मा, अजय विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।

NDPS सैंपल फेल मामले में बड़ा अपडेट, बर्खास्त AIG राजजीत सिंह ने सरेंडर की जताई इच्छा

 चंडीगढ़  पंजाब पुलिस के बर्खास्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) राजजीत सिंह हुंदल ने करीब साढ़े तीन साल से फरार रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करने की पेशकश की है। राजजीत अप्रैल 2023 से फरार चल रहे हैं और उनके खिलाफ मामला पुलिस-ड्रग तस्कर गठजोड़ के आरोपों से जुड़ा है। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 20 जुलाई के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। साथ ही मामले की जांच पंजाब पुलिस से किसी दूसरी जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की है। उनका तर्क है कि राज्य पुलिस के रहते उन्हें निष्पक्ष जांच नहीं मिल सकेगी। 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान राजजीत की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित रावल ने पीठ को बताया कि उनका मुवक्किल सरेंडर करने के लिए तैयार है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मामले को आगे के लिए स्थगित करते हुए राजजीत को इस बीच सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरेंडर के बाद वह उचित आवेदन दाखिल कर सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई अब एक अक्टूबर को होगी। 2018 की एफआइआर से शुरू हुआ मामला राजजीत सिंह हुंदल का नाम बर्खास्त पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह से जुड़े मामले में सामने आया था। विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने 12 जून 2018 को इंदरजीत सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इसमें भारतीय दंड संहिता की धाराएं 120-बी, 218 और 384 तथा एनडीपीएस एक्ट की धाराएं 59 और 39 लगाई गई थीं। जांच आगे बढ़ने पर राजजीत को भी इस मामले में सह-आरोपित बनाया गया। मामला इंदरजीत सिंह की ओर से ड्रग से जुड़े मामलों की जांच और पुलिस सेवा के दौरान उसकी भूमिका से संबंधित आरोपों से जुड़ा था। राजजीत पर आरोप लगाया गया कि तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रहते उन्होंने इंदरजीत को संरक्षण दिया। उस समय इंदरजीत सीआइए प्रभारी के रूप में तैनात था। तीन SITकी रिपोर्ट के आधार पर हुई बर्खास्तगी पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में मामले की जांच के लिए तीन विशेष जांच टीमों (एसआइटी) का गठन किया गया था। पंजाब सरकार ने इन एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। बर्खास्तगी आदेश में राजजीत और इंदरजीत के बीच कथित मिलीभगत तथा ड्रग तस्करों को संरक्षण देने के आरोपों का उल्लेख किया गया। सरकारी आदेश के अनुसार, राजजीत के तरनतारन एसएसपी रहने और इंदरजीत के सीआइए प्रभारी के रूप में तैनात रहने के दौरान एनडीपीएस के मामलों में 50 से अधिक सैंपल फेल हुए थे। आदेश में एसआइटी की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया कि दोनों ने कथित तौर पर अपने हितों के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया और इंदरजीत के खिलाफ दर्ज एफआइआर की जांच को प्रभावित किया। निर्दोषों को फंसाने और तस्करों को बचाने के आरोप बर्खास्तगी आदेश में राजजीत पर अपने पद का दुरुपयोग कर ड्रग तस्करों को कानून की पकड़ से बचाने और निर्दोष लोगों को झूठे ड्रग मामलों में फंसाने के आरोप भी लगाए गए थे। सरकार के आदेश में कहा गया था कि पुलिस विभाग न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसे अधिकारी को विभाग में बनाए रखना उचित नहीं होगा। अब राजजीत की सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर की पेशकश के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया फिर महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तारीख तय की है।  

मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों तथा उद्योग और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है। विश्वकर्मा जयंती केवल हमारी आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों तक, छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े उद्योगों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हमारे कुशल हाथ अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है। हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढ़ियों से अपने हुनर के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है। वहीं आज के श्रमिक, अभियंता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक, कारीगर और निर्माण से जुड़े लाखों हाथ अपने परिश्रम से प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति दे रहे हैं। उनका श्रम और कौशल समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें यह संदेश भी देती है कि हम अपने प्रत्येक कार्य को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करें। बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ही हम आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि वे प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों को अपने कार्य में निरंतर सफलता प्रदान करें तथा उनके कौशल और परिश्रम से छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

लोक मिलनी कार्यक्रम में भगवंत मान ने गिनाईं योजनाएं, बोले- पंजाबियों की भलाई सबसे जरूरी

अमृतसर   मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर साफ किया कि आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकता पंजाब और इसके लोग हैं, जबकि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं. जिंदवड़ी गांव में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि आप सरकार से पहले केवल 22 फीसदी के मुकाबले अब पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक नहरी पानी पहुंच चुका है और इसे 100 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य है।  मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि पंजाब को अपने पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए भाजपा और अकाली दल से दूर रहने की जरूरत है, उन्होंने सरकार के 14,000 किलोमीटर नहरी पानी की पाइपलाइन नेटवर्क, मुफ्त बिजली, मैरिट आधारित नौकरियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार एक खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है।  इस लोक मिलनी के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में लोगों के साथ दिल की बातें साझा कीं. पारंपरिक पार्टियों ने हमेशा कुर्सी और परिवारवाद की राजनीति की है, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है. हमने युवाओं को मैरिट पर नौकरियां, बेहतरीन शिक्षा, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और मुफ्त बिजली दी है. गांवों के विकास को तेज करने के लिए हमने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक भी सौंपे. हमारा एकमात्र उद्देश्य खुशहाल और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। इंकलाब जिंदाबाद।  विपक्षी पार्टियों पर बरसे मान लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारी सरकार के पिछले साढ़े चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान हमने राज्य के लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन से काम किया है. दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा राज्य को बेरहमी से लूटा है और लोगों के संसाधनों की लूट कर उनका शोषण किया है. ये लोग किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उन्हें उनके पापों का सबक सिखाया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले तक अकाली नेता सुखबीर बादल भाजपा के खिलाफ झंडा उठाए घूम रहे थे, लेकिन अब वह राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए पबों के बल आ गए हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य बिना किसी वैचारिक समानता के सत्ता हासिल करके राज्य को तबाह करना है, जो पंजाब के लिए बेहद घातक होगा. ये लोग अवसरवादी हैं, जिनका राज्य से कोई सरोकार नहीं है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पार्टियों के गुमराह करने वाले हथकंडों में कभी न आएं, जिन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आगे कहा, "इन पार्टियों का राज्य और इसके लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी रहा है और इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता, भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता की शिकार है और इसने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है, चाहे वह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो।  बीजेपी पर हमला बोलते हुए मान ने कहा- "काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों की हत्या से भाजपा के हाथ रंगे हुए हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा, "आप अपनी जनहितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण देशभर में अपने पंख फैला रही है. राजस्थान में स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. पारंपरिक पार्टियों ने अपने बेबुनियाद और विभाजनकारी हथकंडों से हमेशा आम आदमी को मूर्ख बनाया है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "वास्तव में इन पार्टियों ने अपने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए. आज लोग ‘आप’ को चुन रहे हैं और इस पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ राज्य और देश की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है, इसलिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।  अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की अनुमति दी. अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक ठेस पहुंचाने और राज्य में कई तरह के माफिया को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा, अकालियों को दिया गया हर वोट बेअदबी के पक्ष में होगा।  उन्होंने कहा, "अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया और यह फलता-फूलता रहा. लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे।  अकाली नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पूरी जिंदगी सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताई है. सुखबीर बादल कॉन्वेंट के पढ़े हुए हैं, जिन्हें राज्य की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी ज्ञान नहीं है, लेकिन वह पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं. बाकी सब छोड़िए, पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम ज्ञान है।  मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा, "मैं राज्य का बेमिसाल विकास सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहा रहा हूं और हर गुजरते दिन के साथ हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई नई जनहितैषी पहल कर रहे हैं. पुराने नेताओं के विपरीत मैंने सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनकल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।  उन्होंने कहा, "लोगों का बेटा और भाई होने के नाते मैंने पुराने नेताओं की तरह आलीशान जिंदगी जीने के बजाय लोगों के दुख-दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है, पहले किसी … Read more

हटिया ग्रिड की बढ़ेगी क्षमता, 80 MVA ट्रांसफार्मर लगने से 145 MW तक होगी बिजली आपूर्ति

 रांची राजधानी के हटिया ग्रिड की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्रिड में जल्द ही नया 80 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इससे ग्रिड की बिजली आपूर्ति क्षमता में बढ़ोतरी होगी और शहर के कई इलाकों में चल रही बिजली समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। हटिया ग्रिड में फिलहाल 50 एमवीए क्षमता के चार पावर ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनमें से एक ट्रांसफार्मर पिछले एक-दो महीने से खराब है। इसके कारण ग्रिड की उपलब्ध क्षमता प्रभावित हुई है। ट्रांसफार्मर खराब होने से पहले हटिया ग्रिड से शहर को करीब 125 से 130 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जा रही थी। वर्तमान में यह घटकर करीब 85 से 90 मेगावाट रह गई है। इसका असर राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है। वहीं जबतक हटिया ग्रिड-1 में नया ट्रांसफार्मर इंस्टाल नहीं होता है, तबतक शहर के कई क्षेत्रों में परेशानी बनी रहेगी। नया ट्रांसफार्मर पहुंचा रांची ट्रांसमिशन जोन के महाप्रबंधक के अनुसार, नया 80 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर रांची पहुंच चुका है। अब इसे जल्द ही हटिया ग्रिड में इंस्टाल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इंस्टालेशन और आवश्यक तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद इससे बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी। 140-145 मेगावाट तक मिलेगी बिजली नया 80 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगने के बाद हटिया ग्रिड की आपूर्ति क्षमता बढ़ जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में मिलने वाली 85-90 मेगावाट बिजली की तुलना में आपूर्ति क्षमता बढ़कर करीब 140 से 145 मेगावाट तक पहुंच सकती है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हटिया ग्रिड की क्षमता प्रभावित होने का असर रातू रोड, पिस्का मोड़, आईटीआई, कांके, बेड़ो, नगड़ी, रिंग रोड, लापुंग, दलादली, अरगोड़ा और धुर्वा समेत कई क्षेत्रों में देखा जा रहा है। इन इलाकों में बिजली आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नए ट्रांसफार्मर के चालू होने के बाद इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि ट्रांसफार्मर की स्थापना का काम जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय लिपिकों के वेतनमान पर सरकार ने मांगी राय, 12 कुलपतियों को भेजा पत्र

 चंडीगढ़  विश्वविद्यालयों के लिपिकों का वेतनमान बढ़ाने के मुद्दे को लेकर सरकार ने गेंद विश्वविद्यालयों के पाले में डाल दी है। वेतनमान में संशोधन का फैसला विश्वविद्यालयों पर छोड़ते हुए वित्त विभाग ने संबंधित सभी छह विभागों से राय मांगी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटीज इंप्लाइज फेडरेशन मांग कर रहा है कि वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों के लिपिकों में वेतनमान में संशोधन को लेकर 8 फरवरी 2024 और 30 जून 2026 को जारी आदेशों को विश्वविद्यालयों के लिपिकों के लिए भी लागू किया जाए। पिछले महीने फेडरेशन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिले थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने वित्त विभाग को मामले में सकारात्मक कदम उठाने को कहा है। वित्त विभाग की वेतनमान संशोधन शाखा द्वारा उच्चतर शिक्षा, कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, खेल, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों की किसी भी श्रेणी के पे-लेवल पर संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति की सिफारिशों के बिना विचार नहीं किया जा सकता। यदि फेडरेशन की मांग स्वीकार किए जाने से विश्वविद्यालयों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है तो उसे संबंधित यूनिवर्सिटी को अपने संसाधनों से वहन करना होगा। सभी विभाग अपने संसाधनों से खर्च उठाने की स्थिति बताएं और स्पष्ट करें कि उनके नियंत्रण में आने वाले विश्वविद्यालय फेडरेशन की मांग स्वीकार होने की स्थिति में अतिरिक्त वित्तीय भार अपने संसाधनों से वहन करने की स्थिति में हैं या नहीं। पत्र की प्रति 12 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी भेजी गई है। इनमें गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल, श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र, दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय करनाल और दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सोनीपत शामिल हैं। अब संबंधित विभागों से मिलने वाली रिपोर्ट और विश्वविद्यालयों की वित्तीय क्षमता की जानकारी के आधार पर फेडरेशन की मांग पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान पंचायत चुनाव: 23 सितंबर को प्रधान-जिला परिषद, 24 को सरपंच-पंच की आरक्षण लॉटरी

जयपुर  राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर भजनलाल सरकार ने आरक्षण लॉटरी की तिथि तय कर दी है। जिला स्तर पर 23 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। वहीं, उपखंड स्तर पर 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा और लॉटरी निकाली जाएगी। आयुक्त और शासन सचिव डाॅ. जोगाराम ने बुधवार को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि पहले प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के आरक्षण की लॉटरी 17 सितंबर और पंच, सरपंच की लॉटरी 18 सितंबर को निकाली जानी थी। लेकिन 15 सितंबर को इसे स्थगित कर दिया था। इसके पीछे वजह शहरी निकाय प्रमुखों का चुनाव बताया था। इससे पहले 16 अगस्त को भी पंचायत चुनाव की लॉटरी को स्थगित कर दिया गया था, तब 18 अगस्त को सरंपचों और वार्ड पंचों की लॉटरी निकाली जानी थी। लेकिन, अब पंचायतीराज आयुक्त जोगाराम ने बुधवार देर रात सभी कलेक्टरों को लेटर भेजकर 23 और 24 सितंबर को आरक्षण की लॉटरी निकालने के आदेश दिए हैं। सरकार ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को सही ठहराया इधर, राजस्थान सरकार ने निकाय और पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को सही ठहराया हैं। इस बारे में हाईकोर्ट में जवाब पेश किया गया है, जिसमें सरकार ने कहा है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लॉटरी के जरिए चुनाव में ओबीसी आरक्षण दिया गया है। सरकार का यह जवाब ऐसे समय आया है जब प्रदेश में प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और पंच के लिए लॉटरी निकालने की तारीख तय की गई है। जिला प्रमुख के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी में 41 जिलों में से 5 पद ही ओबीसी के लिए आरक्षित हुए थे। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट की 50 प्रतिशत की सीमा के अंदर ही एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण दिया हैं। इसमें आयोग की सिफारिश को भी ध्यान में रखा गया है। पंचायत चुनाव में जिला प्रमुख के पदों के मुकाबले ओबीसी की सीटें नहीं बढ़ने पर हाईकोर्ट ने आर आर गोदारा की याचिका पर सरकार से जवाब मांगा गया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है। अब इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा जाएगा।

‘हमारे पास 5 हजार से ज्यादा शूटर’, लॉरेंस गैंग की धमकी भरी चिट्ठी सामने आई

चंडीगढ़  गैंगस्टर लॉरेंस गैंग ने कनाडा सरकार को उनके देश पर राज करने की धमकी दी। इसके लिए भारत से लेटर भेजा गया। दावा किया जा रहा है कि यह लेटर साल 2025 में कनाडा सरकार को भेजा गया। अब इस लेटर को कनाडा के मीडिया हाउस CBC न्यूज ने हासिल कर पूरे मामले का खुलासा हुआ।  लेटर के हवाले से दावा किया गया कि लॉरेंस ने कनाडा सरकार के साथ सेना और पुलिस के नाम धमकी दी थी। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड की कार्यवाही के रिकॉर्ड से भी इस बात का खुलासा हुआ है। इस लेटर को लेकर अभी जांच जारी है। कनाडा की एडमॉन्टन पुलिस सर्विस की ऑर्गनाइज्ड क्राइम ब्रांच ने इसे रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया और इसे एबॉट्सफोर्ड पुलिस को भेजा है। लेटर में लिखा है- हम भारतीय गैंग हैं। कनाडा में हमें रोकने की हिम्मत नहीं है। अब हम कनाडा पर राज करेंगे। हमारे पास कनाडा में 5 हजार से ज्यादा गैंग सदस्य हैं। वे केवल 1000 डॉलर के लिए शूटिंग कर सकते हैं। यह आप सभी को चेतावनी है। हमारी गतिविधियों से दूर रहें, वरना अगले दिन आप पुलिस स्टेशन पर शूटिंग की खबर देख सकते हैं।     हम कनाडा पर राज करेंगे, पुलिस स्टेशन पर होगी फायरिंग: लेटर में सीधे तौर पर कनाडा के रक्षा मंत्री, सेना और पुलिस को चुनौती दी गई है। लेटर की शुरुआत में लिखा है- पूरे कनाडा को जय श्री राम। गोल्डी बराड़ गैंग की तरफ से चेतावनी। कनाडा में हमारे सभी भाइयों को लॉरेंस गैंग, गोल्डी बराड़ की जय श्री राम।     हमारे पर 5 हजार शूटरों का ग्रुप: चिट्‌ठी में गैंग ने दावा किया गया है कि कनाडा में उनके 5 हजार से ज्यादा मेंबर्स मौजूद हैं, जो महज 1000 डॉलर के लिए किसी पर भी गोलियां चला सकते हैं।     कनाडा पर राज से हमें कोई नहीं रोक सकता: चिट्‌ठी में लिखा है- हम कनाडा पर राज करेंगे, कोई हमें नहीं रोक सकता। हम बहुत शक्तिशाली हैं। आपके हेल एंजेल्स (व्हाइट पिग्स) भी हमारे सामने कुछ नहीं हैं।     हमसे दूर रहें, नहीं तो पुलिस स्टेशनों पर चलेंगी गोलियां: कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चेतावनी देते हुए लिखा गया- हमारी गतिविधियों से दूर रहें, वरना अगले दिन आप किसी पुलिस स्टेशन पर फायरिंग की खबर सुनेंगे। हमारे पास कनाडा पुलिस से भी ज्यादा हथियार हैं।     गोरे लोगों को जल्दी देश छोड़ देना चाहिए: चिट्‌ठी में नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि व्हाइट पिग्स समुदाय को जल्द से जल्द देश छोड़ देना चाहिए। यह कोई मजाक नहीं, बल्कि लॉरेंस का सीधा आदेश है।     हर बिजनेसमैन को देना होगा टैक्स: गैंग ने कनाडा के व्यापारिक जगत को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा है कि अब से हर उद्योगपति को उन्हें प्रोटेक्शन मनी (रंगदारी) देनी होगी। यह टैक्स की तरह है और किसी भी बिजनेसमैन के पास इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कारोबारी भारतीय है, गोरा है या काला। भुगतान सभी को करना ही पड़ेगा। कनाडाई एजेंसियों में मचा हड़कंप लॉरेंस 2015 से भारत की जेल में बंद है, लेकिन कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि उसके सिंडिकेट ने विदेशों में एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क खड़ा कर लिया है। एबॉट्सफोर्ड पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें लॉरेंस गैंग से जुड़ा यह लेटर मिला था, जिसकी जानकारी देश में चल रहे जबरन वसूली संकट की जांच कर रही अन्य कनाडाई लॉ-एन्फोर्समेंट एजेंसियों के साथ शेयर की गई है। कनाडा के कई सूबों में हाल के दिनों में हुई गोलीबारी और रंगदारी के मामलों को कनाडाई जांच एजेंसियों ने लॉरेंस गैंग के नेटवर्क से जोड़कर देखा है। अब इस लेटर के सामने आने के बाद कनाडा के सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है। 2025 से अब तक कनाडा में लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग ने इन वारदातों की जिम्मेदारी ली     अक्टूबर 2025 में रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर फायरिंग: कनाडा के सरे शहर में एक भारतीय रेस्टोरेंट मालिक के 3-4 ठिकानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के गुर्गे गोल्डी ढिल्लों ने पोस्ट साझा कर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।     कपिल शर्मा के कैफे पर सिलसिलेवार हमले: सरे स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच तीन बार फायरिंग की गई, जिसकी जिम्मेदारी इस सिंडिकेट से जुड़े शूटरों ने ली।     नवंबर 2025 में कनाडा-अल्बर्टा में आपसी गुर्गों की हत्या: गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने संयुक्त रूप से दुबई में लॉरेंस के करीबी सहयोगी जोरा सिद्धू की चाकू मारकर हत्या करने की जिम्मेदारी ली। पुलिस फाइलों के अनुसार, जोरा सिद्धू कनाडा में गैंग के लिए वॉट्सऐप के जरिए जबरन वसूली का नेटवर्क चला रहा था।     साउथ एशियन कम्युनिटी के घरों और संपत्तियों पर आगजनी व फायरिंग: एडमॉन्टन, कैलगरी और ओंटारियो में रहने वाले अमीर दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, राजनेताओं और सांस्कृतिक लीडर्स को रंगदारी के लिए निशाना बनाया गया। कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट गार्टर जांच के मुताबिक, पैसे न देने पर दर्जनों घरों पर पेट्रोल बम फेंकने और गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर इस गैंग के हैंडलर्स ने ली।

मुक्ताकाशी मंच में सजेगी काव्य की महफिल, नामचीन कविगण करेंगे रचनाओं का पाठ

मुक्ताकाशी मंच में सजेगी काव्य की महफिल, नामचीन कविगण करेंगे रचनाओं का पाठ सेवा संकल्प अभियान के तहत 18 सितंबर को होगा ‘भव्य काव्य संध्या’ का आयोजन, छत्तीसगढ़ के नामचीन कवियों के साथ लखनऊ और जबलपुर के रचनाकार भी देंगे प्रस्तुति रायपुर संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सेवा संकल्प अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को रायपुर के महंत घासीदास स्मारक परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच में ‘भव्य काव्य संध्या’ का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे से आयोजित इस विशेष काव्य संध्या में छत्तीसगढ़ के नामचीन कविगण अपनी बहुचर्चित रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित रचनाकार भी अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियों से काव्य संध्या की गरिमा बढ़ाएंगे। लखनऊ की श्रृंगार रस की कवयित्री सुश्री सोनी मिश्रा अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगी, वहीं जबलपुर के श्री विनोद नयन भी काव्य पाठ करेंगे। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कवियों की सहभागिता के साथ यह आयोजन साहित्य और काव्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह काव्य संध्या साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक विशेष आयोजन है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण काव्य पाठ और साहित्यिक प्रस्तुतियों से सराबोर होगा, जहां श्रोताओं को विभिन्न रस और भावों से जुड़ी रचनाएं सुनने का अवसर मिलेगा। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन 18 सितंबर को शाम 7 बजे से महंत घासीदास स्मारक परिसर, रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में किया जाएगा। साहित्य एवं कविता प्रेमियों से इस काव्य संध्या में सहभागिता का आह्वान किया गया है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के तहत सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित ‘भव्य काव्य संध्या’ छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को मंच प्रदान करने का अवसर भी बनेगी।