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UPTET 2026: दूसरे दिन की परीक्षा भी AI निगरानी में शांतिपूर्ण संपन्न, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

तीन दिवसीय यूपीटीईटी-2026 के दूसरे दिन की परीक्षा भी एआई निगरानी में शुचितापूर्वक संपन्न 03 जुलाई को दो पालियों में 955 केंद्रों पर 7.51 लाख अभ्यर्थी शामिल, 11 फर्जी परीक्षार्थी व 01 मोबाइल के साथ अभ्यर्थी पकड़ा गया 04 जुलाई को अंतिम पाली की होगी परीक्षा, कुल 05 पालियों में 60 जनपदों में संपन्न हो रही परीक्षा लखनऊ  शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रथम पाली पूर्वाह्न 09:30 बजे से 12:00 बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 02:30 बजे से 05:00 बजे तक प्राथमिक स्तर की परीक्षा प्रदेश के 60 जनपदों के 955 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि  परीक्षा के दौरान आयोग में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से उनकी, सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं उपसचिव की उपस्थिति में सभी परीक्षा केंद्रों की सघन निगरानी की गई। केंद्रों पर लगे ए.आई. कैमरों के माध्यम से परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर सतत दृष्टि रखी गई व यथाआवश्यक निर्देश भी दिए गए। प्रथम पाली में एआई आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से संदिग्धों की जाँच के पश्चात प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 09 फर्जी परीक्षार्थी, जो दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे, तथा 01 अभ्यर्थी जो अपने जूते में मोबाइल छिपाकर परीक्षा कक्ष में उपस्थित हुआ था, पकड़ा गया। द्वितीय पाली में विभिन्न जनपदों में 02 फर्जी परीक्षार्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इन सभी के विरुद्ध अग्रेतर विधिक कार्रवाई हेतु उन्हें स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सुचारु रूप से पारदर्शी, नकल विहीन, शुचितापूर्ण, निर्विघ्न एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार को दोनों पालियों में कुल 8,07,709 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 7,51,321 यानी 93.01% अभ्यर्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। इनमें महिला परीक्षार्थियों की उपस्थिति 92.70% तथा पुरुष परीक्षार्थियों की उपस्थिति 93.36% रही। परीक्षा के सफल संचालन में संबंधित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। डॉ. प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की विज्ञापन संख्या 01/2026 शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा 02 व 03 जुलाई 2026 को दो-दो पाली तथा  04 जुलाई 2026 को एक पाली, इस प्रकार कुल 05 पालियों में प्रदेश के 60 जनपदों में 955 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हो रही है।  इसी क्रम में  04 जुलाई को अंतिम पाली की परीक्षा भी इसी प्रकार एआई निगरानी, शुचिता व सुरक्षा के उच्च मानकों के साथ संपन्न कराई जाएगी। अभ्यर्थियों से अपील है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं को ही प्रामाणिक मानें।

भारत निर्वाचन आयोग का राष्ट्रीय सम्मेलन, मीडिया एवं संचार अधिकारियों को दिए गए अहम दिशा-निर्देश

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम में आयोजित हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम रायपुर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए दूसरे एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। तीन जुलाई शुक्रवार को आयोजित सम्मेलन में देश के 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों के मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ से सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अपर संचालक जनसंपर्क विभाग तथा प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए।             सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की प्रत्येक कार्यवाही संविधान, निर्वाचन संबंधी कानूनों तथा आयोग द्वारा समय-समय पर जारी पारदर्शी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित होती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं फर्जी सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने तथा तथ्यात्मक जानकारी के प्रभावी प्रसार के माध्यम से गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाने में मीडिया एवं संचार अधिकारियों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत भारतीय मतदाताओं के निर्वाचन प्रणाली पर गहरे विश्वास का परिचायक है।             चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीपफेक तथा भ्रामक डिजिटल सामग्री से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने चुनावी साक्षरता क्लबों के माध्यम से युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया।          सम्मेलन में निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से संबंधित संचार रणनीतियों, मतदाता सूची प्रबंधन, मतदान एवं मतगणना प्रक्रिया, ईसीआईनेट, संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों, मीडिया प्रबंधन, प्रेस विज्ञप्ति लेखन, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रबंधन पर विस्तृत तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को समूहों में निर्वाचन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया तथा प्रदर्शनी एवं मीडिया कॉर्नर का अवलोकन भी कराया गया। कार्यक्रम के दौरान हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने निर्वाचन प्रबंधन एवं जनसंचार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा प्रभावी संचार की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा की। सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों एवं भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।

सीएम योगी पहुंचे मेदांता अस्पताल, महंत नृत्य गोपाल दास का जाना हालचाल

सीएम योगी मेदांता अस्पताल पहुंचे, महंत नृत्य गोपाल दास का जाना हालचाल मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से ली महंत जी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी महंत नृत्य गोपाल दास के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मुख्यमंत्री ने की कामना राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा इलाज लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का हाल-चाल जानने के लिए मेदांता अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास के स्वास्थ्य की जानकारी चिकित्सकों से ली और उनके बेहतर उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने महंत जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की। महंत नृत्य गोपाल दास का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा की। मुख्यमंत्री ने लिखा कि मणिरामदास छावनी के पूज्य महंत एवं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास जी महाराज से आज लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल में भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। प्रभु राम की कृपा से उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो, यही प्रार्थना है।

‘सीनियर नेताओं को किया जा रहा इग्नोर’… पंजाब कांग्रेस में रंधावा का बड़ा हमला, हाईकमान पर साधा निशाना

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर तीन-चार दौर की बैठकों के बावजूद पार्टी में डैमेज कंट्रोल क्यों नहीं हो पा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। रंधावा ने कहा कि कांग्रेस के पास अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद पार्टी के भीतर लगातार बढ़ रहे मतभेद चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग आज भी इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के दौर की कांग्रेस को पसंद करते हैं, इसलिए पार्टी नेतृत्व को मौजूदा हालात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। दरअसल, विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत कांग्रेस हाईकमान ने ऑब्जर्वर टीम गठित की थी। इसके बाद दिल्ली में दो से तीन दौर की बैठकों में पंजाब के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया गया। चन्नी के करीबी सोर्स के मुताबिक नेता ने भरोसा दिलाया कि राहुल गांधी 7 जुलाई को विदेश से लौट आएंगे, उसके बाद चन्नी की उनसे मीटिंग करा दी जाएगी। दूसरी तरफ कल शुक्रवार को दिल्ली में अमित शाह से मिलकर आए गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर रंधावा ने हाईकमान पर ही सवाल खड़े किए। एक इंटरव्यू में रंधावा ने कहा- लीडरशिप को देखना चाहिए कि ऐसी बातें क्यों हो रही हैं। इतने पदाधिकारियों के बावजूद डैमेज कंट्रोल क्यों नहीं हो रहा। 3-4 मीटिंग के बाद भी ऐसा होना, यह किसका फेलियर है। इंदिरा गांधी-राजीव गांधी के वक्त 3 जनरल सेक्रेटरी होते थे, अब पता नहीं कितने हैं। सीनियर कांग्रेसियों को नजरअंदाज किया जाता है, इसलिए ऐसी बातें होती हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी इसको लेकर हरकत में आ गए हैं। वह आज या फिर अगले कुछ ही दिनों में चंडीगढ़ पहुंचकर मौजूदा प्रधान सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व CM सांसद चरणजीत चन्नी से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं शुक्रवार को सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने पर पूर्व CM चरणजीत चन्नी ने कांग्रेस हाईकमान को तीखे तेवर दिखाए। शुक्रवार को अपने घर मोरिंडा में 50 से ज्यादा नेता इकट्‌ठे कर हाईकमान का फैसला रिजेक्ट कर दिया। चन्नी गुट ने कहा कि एक हफ्ते के बाद वह हाईकमान से मुलाकात करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे। चन्नी इस वक्त ठीक उसी स्टाइल में पार्टी हाईकमान पर प्रेशर बना रहे हैं, जैसे नवजोत सिद्धू ने प्रधान रहते 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM की कुर्सी से हटवा दिया था। हालांकि उसके बाद सिद्धू की जगह चन्नी सीएम बन गए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि चन्नी के इस स्टैप से कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सड़क पर आ गई है। अब वह हाईकमान पर प्रेशर बनाने में कामयाब होते हैं या नहीं, लेकिन इसका खामियाजा कांग्रेस को विधानसभा चुनाव 2027 में झेलना ही पड़ेगा। इसे देखते हुए कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी आज चंडीगढ़ आ सकते हैं। 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से जानिए, चन्नी के फैसले से कांग्रेस को क्या फायदा और नुकसान होगा… राजा वड़िंग को लेकर बहस तेज इसके बावजूद प्रदेश इकाई में असंतोष कम होने के बजाय और खुलकर सामने आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर भी बहस तेज हो गई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि पंजाब कांग्रेस में मौजूदा स्थिति पहले सामने आए कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के टकराव जैसी बनती जा रही है। अब चन्नी और वड़िंग समर्थकों के बीच बढ़ती खींचतान ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि कांग्रेस के भीतर यह भी माना जा रहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में अब तक लिए गए बड़े संगठनात्मक फैसलों को वापस लेने की परंपरा नहीं रही है। ऐसे में हाल ही में घोषित संगठनात्मक सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि इस स्तर पर बदलाव करने से विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सात जुलाई को विदेश दौरे पर लौटेंगे राहुल गांधी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी 7 जुलाई को विदेश दौरे से लौटने के बाद पंजाब कांग्रेस के हालात की समीक्षा कर सकते हैं। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस हाईकमान कुछ वरिष्ठ नेताओं को चंडीगढ़ भेज सकता है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल और सह-प्रभारियों की चन्नी तथा वड़िंग गुट के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर संगठन में बढ़ते विवाद को शांत करने और डैमेज कंट्रोल की कोशिश की जा सकती है। पंजाब मामलों के सह प्रभारी सूरज ठाकुर चरणजीत चन्नी से मुलाकात के लिए चंडीगढ़ आ सकते हैं।  

चन्नी बन सकते थे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष! पर्यवेक्षक समिति की सिफारिश के बावजूद हाईकमान ने बदला फैसला

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बार फिर नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक, पंजाब के राजनीतिक हालात का आकलन करने के लिए गठित कांग्रेस के तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर पैनल ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की पुरजोर सिफारिश की थी।  हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने इस आंतरिक फीडबैक को दरकिनार करते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा. इस फैसले के बाद पार्टी के एक धड़े में भारी नाराजगी देखी जा रही है।  अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव की सदस्यता वाली इस हाई-प्रोफाइल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी थी. कमेटी ने नेताओं को अलग-अलग समूहों में बांटा और उनसे अलग-अलग मुलाक़ात की. हर नेता से खास तौर पर पूछा गया कि क्या पंजाब में पार्टी के नेतृत्व में बदलाव होना चाहिए।  तमाम बड़े से छोटे नेताओ तक से ली थी राय कमेटी ने पंजाब के करीब 67 वरिष्ठ नेताओं से गहन विचार-विमर्श किया, जिसमें सीडब्ल्यूसी सदस्य, पूर्व मंत्री, विधायक, सांसद और जिला अध्यक्ष शामिल थे. जिनमें कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री, विधायक, सांसद और DCC अध्यक्ष शामिल थे. उन्होंने अंबिका सोनी जैसे वरिष्ठ नेताओं से भी उनके आवास पर जाकर उनकी राय जानी।  सूत्रों के मुताबिक, इस गुप्त मंथन के दौरान एक अधिकांश नेताओं ने पिछले साढ़े चार साल से पद पर काबिज राजा वड़िंग के कामकाज पर असंतोष जाहिर किया और चन्नी को कमान सौंपने की वकालत की. कमेटी ने नेताओं के बयानों को ज्यों का त्यों शामिल किया और अपनी रिपोर्ट में चन्नी को सबसे लोकप्रिय चेहरा बताया था. इस प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि चन्नी काफ़ी लोकप्रिय हैं और राज्य के अन्य कांग्रेस नेताओं की तुलना में पार्टी के भीतर सबसे ज़्यादा लोकप्रिय नेता हैं।  हाईकमान के फैसले पर उठे सवाल पैनल की रिपोर्ट के बाद चन्नी कैंप को पूरा भरोसा था कि पंजाब में लीडरशिप में बदलाव तय है, लेकिन हाईकमान ने यथास्थिति बनाए रखते हुए राजा वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखा और चन्नी को केवल चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया।  इस फैसले से हैरान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, "यह पूरी तरह से एक विफलता  है. जब नेतृत्व बदलने का कोई इरादा ही नहीं था, तो नेताओं से रायशुमारी करने का यह पूरा नाटक क्यों रचा गया? इसका मतलब है कि यह पूरी कवायद सिर्फ एक दिखावा थी।  चन्नी की ताकत पर दूसरे धड़े का पलटवार दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस के भीतर एक दूसरा धड़ा इस राय से इत्तेफाक नहीं रखता. पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने चन्नी की वास्तविक पकड़ पर सवाल उठाते हुए कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि चन्नी कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं और वे सभी निर्वाचन क्षेत्रों के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि वास्तव में उनके बुलाने पर कितने लोग आ रहे हैं? जब वे बैठकें बुलाते हैं, तो बमुश्किल चार-पांच विधायक पहुंचते हैं. हमारा मुकाबला भगवंत मान से है, ऐसे में अगले कुछ दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी कि चन्नी के साथ कितने लोग टिकते हैं।  पंजाब कांग्रेस में हाईकमान के इस फैसले ने संगठन के भीतर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखने वाली बात होगी कि यह असंतोष आगे चलकर शांत होता है या चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी के लिए नई चुनौती बनता है। 

राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: दान काउंटिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लागू हुआ ‘नो-पॉकेट’ ड्रेस कोड

 लखनऊ,    राम मंदिर के दान काउंटिंग सिस्टम में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. काउंटिंग हॉल में अब कर्मचारियों को सख्त सुरक्षा व्यवस्था और दोहरी जांच (डबल चेकिंग) के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, काउंटिंग कर्मचारियों के लिए अब नया ड्रेस कोड लागू किया गया है।  कर्मचारियों को बिना किसी जेब (पॉकेट) वाली डार्क ब्लू रंग की ड्रेस पहनना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही काउंटिंग हॉल में प्रवेश से पहले प्रत्येक कर्मचारी को दो चरणों की सुरक्षा जांच से गुजरना होगा।  वहीं, काउंटिंग का कार्य अब कुर्सी-मेज पर नहीं, बल्कि जमीन पर बैठकर कराया जाएगा. मोबाइल फोन, कैमरा, बैग और अन्य निजी सामान काउंटिंग हॉल के अंदर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. कर्मचारियों को काउंटिंग हॉल में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल भी बाहर ही उतारने होंगे।  इस बीच, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार नए खुलासों के साथ सुर्खियों में बना हुआ है. इस मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा के नाम पर मंदिर में 'व्यवस्था कार्यकर्ता' के तौर पर एंट्री पास जारी किया जाता था।  आरोप है कि मंदिर में होने वाले हर विशेष कार्यक्रम के दौरान अनुकल्प मिश्रा के नाम से एंट्री पास बनाया जाता था. दावा किया जा रहा है कि इसी व्यवस्था कार्यकर्ता वाले पास के जरिए उसे मंदिर परिसर में प्रवेश मिलता था. आरोप यह भी हैं कि इसी पास के आधार पर वह चढ़ावे की राशि की गिनती की प्रक्रिया में शामिल होता था। 

यात्रियों के लिए जरूरी खबर: बरेली यार्ड कार्य के कारण जुलाई-अगस्त में 4 ट्रेनें निरस्त, सफर से पहले देखें लिस्ट

ग्वालियर  उत्तर रेलवे के बरेली यार्ड स्थित वाशिंग लाइन संख्या 36 एवं 37 पर अनुरक्षण कार्य के चलते कुछ ट्रेनों का निरस्तीकरण किया गया है। यह कार्य पांच जुलाई से तीन अगस्त तक किया जाएगा। रेल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं परिचालन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक स्टेशन से ट्रेनें निम्नलिखित तिथियों में निरस्त रहेंगी। ये ट्रेन रहेंगी निरस्त     14320 बरेली–इंदौर एक्सप्रेस आठ, 15, 22 व 29 जुलाई को निरस्त रहेगी।     14319 इंदौर–बरेली एक्सप्रेस नौ, 16, 23 व 30 जुलाई को निरस्त रहेगी।     14314 बरेली–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 11, 18, 25 जुलाई व एक अगस्त को निरस्त रहेगी।     14313 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–बरेली एक्सप्रेस 13, 20, 27 जुलाई व तीन अगस्त को निरस्त रहेगी।     ललितपुर स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग कार्य के दृष्टिगत पूर्व में जिन तिथियों पर ट्रेन संख्या 14313 एवं 14319 के मार्ग परिवर्तन की सूचना जारी की गई थी, अब ये ट्रेनों को अब निरस्त माना जाएगा।  

मध्यप्रदेश में बारिश का कहर: हरदा के कई गांवों का संपर्क टूटा, आष्टा के घरों में घुसा पानी, हाईवे बंद

भोपाल  आष्टा क्षेत्र में पार्वती और तप नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के घरों में पानी घुस गया। वहीं हरदा में भी नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। नदियां और नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई इलाकों में घरों और खेतों में पानी भर गया है, जबकि कई सड़कों और पुलों पर पानी बहने से सम्पर्क टुटा।  हरदा में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी का पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रहा है, जिससे नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया है। खंडवा में नाले में बाढ़, आवागमन पूरी तरह बंद खंडवा में पिछले कई घंटों से झमाझम बारिश जारी है। रेड अलर्ट के बीच यहां चार इंच तक बारिश होने का अनुमान है। लगातार हो रही तेज बारिश के चलते खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित नाले में बाढ़ आ गई। उफनते नाले के कारण खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव कम होने तक नाले को पार करने की कोशिश न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। आष्टा में पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर बढ़ा आष्टा ब्लॉक में शुक्रवार रात से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पार्वती, पपनास और नेवज नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा, बागैर, सिंगारचोरी, हराजखेड़ी, ढकनी और मुगली समेत कई गांवों में घरों में पानी घुस गया है। लगातार बारिश से खेत भी तालाब जैसे नजर आने लगे हैं। वहीं, ग्राम पंचायत बड़घाटी-रामापुरा में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की सोयाबीन फसल को नुकसान हुआ है। सीहोर के अमलाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर अजनाल नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। बता दें, इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को अति भारी या भारी बारिश की संभावना है। तापमान में भारी गिरावट, हवाओं में 100% तक नमी पूर्व मौसम वैज्ञानिक और मौसम–पर्यावरण विश्लेषक शैलेन्द्र कुमार नायक के अनुसार, राज्य के अधिकांश भागों में व्यापक बादल छाए रहने और उच्च नमी के कारण दिन के तापमान में सामान्य से 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय अधिकांश जिलों में सापेक्ष आर्द्रता 90% या उससे अधिक रही। जबकि मंडला में यह 100%, जबलपुर में 98%, तथा भोपाल एवं इंदौर में 92% दर्ज की गई।     खंडवा और हरदा में भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट।     19 जिलों में ऑरेंज और कई जिलों में येलो अलर्ट जारी।     40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।     गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा।     अगले 72 घंटे तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के संकेत। पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश? एमपी के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश राजगढ़ जिले के पचोर में दर्ज की गई है। यहां 24 घंटे में 168 मिली मीटर अर्थात 6.6 इंच से अधिक बारिश हुई है। इसी प्रकार बालाघाट में 143.8 एमएम, किरनापुर में 140.6 एमएम, लालबर्रा में 138.2 एमएम, खातेगांव में 120 एमएम, केवलारी में 105.2 एमएम बारिश दर्ज की गई हैं उत्तर भारत पहुंचा मॉनसून, दिल्ली-यूपी-बिहार से लेकर पंजाब-हरियाणा तक कैसी होगी बरसात? जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बादल फटा जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में दो अलग-अलग जगहों पर बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में दो और चंबा में एक स्थान पर बादल फटने से फसलें, सड़कें और संपर्क मार्ग पूरी तरह तबाह हो गए हैं। मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत भी हो गई है। राज्य में फिलहाल 35 सड़कें बंद हैं और 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। प्रमुूख शहरों में बारिश के आंकड़े     पूर्वी मध्य प्रदेश जिसमें नरसिंहपुर में सर्वाधिक 83.0 मिमी, सिवनी में 67.8 मिमी, टीकमगढ़ में 45.0 मिमी, उमरिया में 40.2 मिमी और दमोह में 38.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।     पश्चिमी मध्य प्रदेश जिनमें राजगढ़ में 48.0 मिमी, खंडवा में 43.0 मिमी, रतलाम में 37.0 मिमी, उज्जैन में 32.4 मिमी और राजधानी भोपाल में 17.8 मिमी बारिश हुई। जिलों के अनुसार मौसम विभाग का अलर्ट खंडवा, हरदा और देवास जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर खंडवा, हरदा और देवास जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। एमपी के 19 जिलों में अति भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट प्रदेश के 19 जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी है। इनमें धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में अति भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। राजधानी सहित प्रदेश के इन इलाकों में यलो अलर्ट भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, आगर, भिंड, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, सतना, श्योपुरकलां, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, उमरिया, विदिशा, पन्ना, दमोह, शाजापुर, मंडला, कटनी, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और मैहर समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। खरीफ फसलों के लिए वरदान, पर सावधानी जरूरी बंगाल की खाड़ी से आ रही प्रचुर नमी और निम्न दाब प्रणाली के कारण यह मानसूनी सक्रियता बनी हुई है। यदि यही स्थिति अगले कुछ दिनों … Read more

MP News: मॉब लिंचिंग मामले की महिला जज को मिली धमकी, सुरक्षा बढ़ी; हाईकोर्ट ने 3 दिन में तलब की रिपोर्ट

नर्मदापुरम  जिले के सिवनी मालवा में बहुचर्चित गौ तस्करी और मॉब लिंचिंग मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद महिला जज को मिल रही धमकियों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इस मामले को न्यायिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को केवल इसलिए धमकाया नहीं जा सकता कि उसका फैसला समाज के किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश माना है। युगलपीठ ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) से तीन दिन के भीतर हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सिवनी मालवा में पदस्थ न्यायाधीश तबस्सुम खान को सुरक्षा प्रदान कर दी गई है। 6 पुलिस कर्मी किए गए तैनात हाइकोर्ट के निर्देश के बाद महिला जज की सुरक्षा के लिए 6 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीएसओ भी विभाग ने दिया है। साथ ही सिवनीमालवा एसडीओपी व टीआई सहित एएसपी भी लगातार संपर्क में हैं। हाईकोर्ट ने धमकी देने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी।     जज की सुरक्षा के लिए 6 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीसीओ दिया गया है और एसडीओपी, टीआई सिवनी मालवा सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगातार संपर्क में हैं।- साईं कृष्ण एस थोटा, एसपी, नर्मदापुरम  

ED Action: नवभारत हाउसिंग सोसायटी में 4.64 करोड़ के कथित घोटाले की जांच तेज, सहकारी समिति की जमीन बेचकर गबन का आरोप

 इंदौर नवभारत गृह निर्माण संस्था के अध्यक्ष श्रीकांत घंटे, उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र दुबे और संचालक मंडल के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में अभियोजन पेश कर दिया है। घंटे और दुबे के साथ ईडी ने राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह को हाउसिंग सोसायटी के घोटाले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) में आरोपित बनाया है। आरोपितों पर नवभारत गृहनिर्माण सहकारी संस्था को 4.64 करोड़ रुपये की अवैध वित्तीय हानि पहुंचाने और सोसायटी का धन डायवर्ट कर हजम करने का आरोप है। इससे पहले नवभारत और डाकतार गृहनिर्माण सोसायटी बनाकर घोटाला करने के आरोप में श्रीकांत घंटे और सुभाषचंद्र दुबे के साथ अन्य सदस्य पुलिस ओर ईओडब्ल्यू के निशाने पर भी आ चुके हैं। बीते वर्षों में ऑपरेशन क्लीन चलाकर जिला प्रशासन ने नवभारत संस्था में हुए घोटाले के खिलाफ कार्रवाई की थी। जमीन बेचकर सोसायटी फंड में सेंध लगाने का आरोप ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों ने नियोजित तरीके से सोसायटी की संपत्तियों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि सोसायटी के फंड से खरीदी गई जमीनों को विभिन्न संस्थाओं और पक्षों को बेच दिया गया और उससे प्राप्त राशि का हिसाब-किताब छिपाकर फंड का गबन किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सोसायटी के सदस्यों को धोखे में रखा गया और जमीन बिक्री से जुड़े कई रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए, ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी सामने न आ सके। ईडी के अनुसार, घोटाले से प्राप्त धन को विभिन्न स्तरों पर खपाया गया और बाद में उससे अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि को वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए, जिन्हें धनशोधन की श्रेणी में माना गया है। 64 लाख की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी को पीएमएलए-2002 के तहत आरोपी श्रीकांत घंटे और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज करीब 64 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर दी थीं। एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं। संस्था में दो हजार फर्जी सदस्य जोड़े संस्था के इन कर्ताधर्ताओं ने संस्था में दो हजार फर्जी सदस्य जोड़े। इसके बाद असल सदस्यों को भूखंड ना देकर संस्था के सदस्यों के फंड से खरीदी जमीन को बाजार में बेच दिया। उस धन से अपने लिए संपत्ति खरीदी। इस मामले में एमजी रोड थाना में केस दर्ज हुआ था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। घंटे व भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था लिमिटेड, इंदौर के अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं में वित्तीय अनियमितताओं एवं धोखाधड़ी के आरोपों को जांच शुरू की। ईडी की जांच में एक सुनियोजित घोटाले का खुलासा हुआ। चार महीने पहले ईडी ने कार्रवाई करते हुए घंटे और सुभाषचंद्र दुबे की 64 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाली संपत्तियां भी अटैच की थी। ईडी ने जांच में यह पाया ईडी की जांच में आया कि यह सुनियोजित घोटाला था। इसमें नवभारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी, इंदौर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के सदस्य शामिल थे। उन्होंने नव भारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के फंड से खरीदी गई जमीन को अलग-अलग संस्थाओं को बेचा। इससे मिले फंड का गबन कर संस्था के सदस्यों को धोखा दिया। साथ ही जमीन की बिक्री से प्राप्त आय के रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। अपराध की आय अर्जित की गई। अवैध रूप से गबन किए गए फंड को व्यवस्थित रूप से अलग-अलग स्तरों पर जमा किया गया। बाद में अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया। परिवार के सदस्यों और अयोग्य लोगों को प्लॉट बांटे आरोप है कि संस्था के सदस्यों के बजाय अपने परिवार के सदस्यों और अयोग्य लोगों को प्लॉट बांटे, जिससे संस्था को नुकसान पहुंचाया। जांच में पाया गया कि प्लॉट का आवंटन नियमों के विपरीत किया गया था।