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ग्रामीण महिलाओं ने बदली गांव की तस्वीर, जीविका दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

बगहा/पश्चिम चंपारण. मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों को सशक्त बनाने के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं शुरू कीं। उनको आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में की गई पहल का प्रभाव अब जमीन पर दिखने लगा है। बगहा-दो प्रखंड में जीविका समूह से जुड़ीं महिलाएं सिर्फ पोशाक नहीं सिल रहीं, बल्कि अपने श्रम और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। 30 हजार सेट पोशाक तैयार करने का लक्ष्य आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए पोशाक तैयार करने का जिम्मा मिलने के बाद यहां की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ सामाजिक बदलाव की वाहक भी बन रही हैं। बगहा दो प्रखंड के 370 आंगनबाड़ी केंद्रों के करीब 15 हजार बच्चों के लिए 30 हजार सेट पोशाक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्य में जीविका समूह की करीब 150 महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। बच्चों की जरूरत और निर्धारित मानकों के अनुसार चार, पांच और छह वर्ष आयु वर्ग के लिए पोशाक तैयार की जा रही है। लड़कों के लिए हाफ शर्ट और फुल पैंट, जबकि लड़कियों के लिए दो शर्ट और स्कर्ट तैयार किए जा रहे हैं। सिलाई और फिनिशिंग से रोजगार इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए विभाग की ओर से कपड़ों की कटिंग कर जीविका कार्यालय को उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि सिलाई और फिनिशिंग का कार्य महिलाएं कर रही हैं। प्रत्येक तैयार सेट पर 55 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बन रहा है। अब तक 13,274 सेट पोशाक तैयार की जा चुकी है। महिला सशक्तीकरण के केंद्र बने गांव दुधौरा, सेमरा, हरनाटांड़ और वाल्मीकिनगर स्थित चार सिलाई केंद्र आज महिला सशक्तीकरण के केंद्र बन चुके हैं। यहां मशीनों की आवाज केवल उत्पादन का संकेत नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों की पहचान बन गई है। जीविका दीदी सावित्री देवी का कहना है कि पहले उनकी भूमिका केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थी, लेकिन प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे परिवार की आय बढ़ाने के साथ बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में आर्थिक सहयोग भी कर रही हैं। हरनाटांड़ सिलाई केंद्र की जीविका दीदी कलावती देवी इस बदलाव की प्रेरक बनकर उभरी हैं। वे महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ रही हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाएं कौशल सीखकर आज नियमित आय अर्जित कर रही हैं। अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा – बगहा-दो प्रखंड की यह पहल ग्रामीण विकास की नई दिशा दिखा रही है। जीविका समूहों को केवल स्वरोजगार तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। यदि अवसर, प्रशिक्षण और जिम्मेदारी मिले तो ग्रामीण महिलाएं रोजगार सृजन और सामाजिक बदलाव की सबसे मजबूत धुरी बन सकती हैं। – हिमांशु कुमार सैनी, बीपीएम( ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर), बगहा दो प्रखंड

LG–सांसद बैठक: DDA बनाएगा 3 हजार पार्किंग स्थल, जाम से मिलेगी राहत

नई दिल्ली  राजधानी में पार्किंग और उसकी वजह से लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। LG तरनजीत सिंह संधू ने DDA को दिल्ली में तीन हजार पार्किंग जगहों की पहचान करके काम शुरू करने का निर्देश दिया है। LG ने बुधवार को इसे लेकर सभी सात लोकसभा सांसदों और DDA के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की है। बैठक में राजधानी के विकास, नागरिक सुविधाओं और जमीनी स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार को लेकर चर्चा हुई।  LG की सांसदों के साथ हुई बैठक में बताया गया कि पार्किंग की समस्या से निजात के लिए DDA अगले एक साल के भीतर दिल्ली भर में 3 हजार से ज्यादा खाली भूखंडों की पहचान करेगा, जिनका इस्तेमाल सरफेस पार्किंग के रूप में किया जाएगा। फिलहाल 232 खाली पड़े DDA के प्लॉट को पार्किंग में बदलने को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि इन भूखंडों की पहचान के बाद करीब एक लाख गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की जा सकेगी। पार्किंग के लिए जिन 232 जगहें चिह्नित की गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा 98 जगह द्वारका जोन में हैं। इसके अलावा 53 उत्तर जोन, 30 रोहिणी जोन, 28 पूर्वी जोन और 23 दक्षिण जोन में है। LG तरनजीत सिंह संधू ने सातो सांसदों के साथ की बैठक DDA अधिकारियों का कहना है कि इससे पार्किंग संकट कम होने के साथ ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। बैठक में पार्किंग और ट्रैफिक के अलावा अतिक्रमण, खाली पड़ी DDA जमीनों के इस्तेमाल और DDA पार्कों की देखरेख जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सभी सांसदों ने अवैध कब्जा और अतिक्रमण को बड़ी समस्या बताते हुए कार्रवाई में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। सूत्रों की मानें तो LG और सांसदों के साथ बैठक अब नियमित आयोजित की जाएगी। बैठक में मौजूद साउथ दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि बैठक में हमने DDA की अतिक्रमण वाली जमीनों को खाली करने के साथ-साथ साउथ दिल्ली में 69 एफ्लुएंट कॉलोनियों को नियमित करने, ग्रामसभा की जमीन पर गांव वासियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्राम सभा की खाली पड़ी जमीन पर पार्कों के विकास का मुद्दा उठाया।  

भीषण गर्मी के बीच फतेहगढ़ साहिब में अकेले रह रहे बुजुर्ग की संदिग्ध मौत

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब में पड़ रही अत्यधिक भीषण गर्मी के बीच जिला फतेहगढ़ साहिब के अंतर्गत आते गांव बागड़ियां से एक बेहद दुखद समाचार सामने आया है। यहाँ बंद कमरे में अत्यधिक गर्मी और सफोकेशन (घुटन) होने के कारण एक 68 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान अमरीक सिंह के रूप में हुई है, जो घर में बिल्कुल अकेले रहते थे।घटना के संबंध में जानकारी देते हुए थाना मुलेपुर के सहायक थानेदार जगरूप सिंह ने बताया कि बुजुर्ग अमरीक सिंह अपने घर के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करके सोए हुए थे। 4 दिन तक दरवाजा नहीं खोला, तो पड़ोसियों और गांव वालों को किसी अनहोनी का शक हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर कमरे का कुंडा (दरवाजा) तोड़ा। अंदर जाने पर ग्रामीणों के होश उड़ गए; बुजुर्ग अमरीक सिंह का शव पड़ा हुआ था और उनका पूरा शरीर गर्मी के कारण पसीने से बुरी तरह तर-बतर था। सूचना मिलते ही थाना मुलेपुर की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। जगरूप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखने से यही प्रतीत होता है कि कमरे में वेंटिलेशन न होने और अत्यधिक गर्मी व घुटन के कारण बुजुर्ग की जान गई है। हालांकि, मौत के असली और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अगली कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

जंगल के पानी में जहर की आशंका! दल्लीखोली में मोर, सिवेट और पक्षियों की मौत से हड़कंप

खैरागढ़. खैरागढ़ जिले के ग्राम दल्लीखोली– लछना के जंगल से सामने आए एक भयावह घटनाक्रम ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जंगल के भीतर स्थित एक जलस्रोत के आसपास बड़ी संख्या में पक्षियों और जंगली जानवरों के शव मिलने से वन विभाग सहित वन्यजीव प्रेमियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। जानकारी के अनुसार, वन्यजीव एवं प्रकृति प्रेमी मुकेश वर्मा दोपहर के समय बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए दल्लीखोली के जंगल पहुंचे थे। जंगल के भीतर भ्रमण के दौरान उन्हें सबसे पहले एक ग्रेटर रैकेट- टेल्ड ड्रॉन्गो मृत अवस्था में दिखाई दिया। जब उन्होंने आसपास का क्षेत्र देखा तो वे स्तब्ध रह गए। जलस्रोत के किनारे कई पक्षी और वन्यजीव मृत पड़े थे। मुकेश वर्मा ने घटनास्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वायरल वीडियो में एक नर मोर, दो मादा मोर, तीन एशियन पाम सिवेट सहित कई दुर्लभ पक्षियों के शव दिखाई दे रहे हैं। इनमें रुफस ट्रीपाई, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन और जंगल आउलेट जैसे पक्षियों भी मृत मिलने की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है। कि एक ही स्थान पर इतने अलग-अलग वन्यजीवों की मौत आखिर कैसे हुई। मुकेश वर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आशंका जताई है कि जंगल के जलस्रोत में किसी जहरीले रसायन या पदार्थ को मिलाया गया हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने के बाद इन बेजुबान वन्यजीवों की मौत हुई होगी हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हो गई है। विभाग द्वारा घटनास्थल से पानी और अन्य नमूनों को जांच के लिए संग्रहित किया गया है। मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी भी की जा रही है. ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

BJP में बड़ा मंथन! राज्यसभा चुनाव और कैबिनेट विस्तार को लेकर दिल्ली में अहम बैठकें

भोपाल मध्य प्रदेश भाजपा में इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती नजर आ रही हैं। संगठन में नई नियुक्तियों और आगामी राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने भी सियासी गलियारों का तापमान बढ़ा दिया है। इसी बीच मुख्यमंत्री Mohan Yadav का अचानक दिल्ली दौरा कई नए राजनीतिक संकेत दे रहा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा नेतृत्व आने वाले दिनों में संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े फैसले ले सकता है। राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक बैठकों का दौर पहले से ही जारी है, वहीं प्रदेश मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री मोहन यादव का दिल्ली पहुंचना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचकर मुख्यमंत्री ने पार्टी और केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Arjun Ram Meghwal से भी सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की। आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय विधि और न्याय (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जी से सौजन्य भेंट की। हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मान रहे हैं। माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव, संगठनात्मक बदलाव और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर दिल्ली में लगातार मंथन चल रहा है। प्रदेश भाजपा में पिछले कुछ दिनों से जिस तरह नियुक्तियों और बैठकों का सिलसिला बढ़ा है, उसने यह संकेत जरूर दे दिए हैं कि पार्टी आने वाले समय में बड़े राजनीतिक फैसलों की तैयारी में जुट चुकी है। अब सबकी नजर दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगली राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई है।

पैरोल खत्म, सीधे जेल पहुंचे आसाराम; राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा में नहीं दी राहत

 जोधपुर नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम एक बार फिर जोधपुर सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने वाले हैं. राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ से बड़ा कानूनी झटका लगने के बाद आसाराम गुरुवार को एयर इंडिया की दिल्ली-जोधपुर फ्लाइट से जोधपुर पहुंच गए हैं. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, वे सिविल एयरपोर्ट से सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल जा रहे हैं, जहां कुछ ही देर में वे जेल प्रशासन के सामने सरेंडर करेंगे. हाईकोर्ट की डबल बैंच ने बरकरार रखी थी सजा एक दिन पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की याचिका पर अपना अहम फैसला सुनाया था. जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की डबल बैंच ने निचली अदालत द्वारा दी गई 'अंतिम सांस तक आजीवन कारावास' की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा था. कोर्ट ने आसाराम को आंशिक राहत देते हुए सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं से भले ही बरी कर दिया हो, लेकिन मुख्य मामले में उम्रकैद की सजा पर कोई ढील नहीं दी थी. इसके साथ ही अदालत ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने के सख्त निर्देश दिए थे. पैरोल खत्म, अब सीधे जेल का रास्ता आसाराम पिछले कुछ समय से खराब सेहत और इलाज के आधार पर मिली पैरोल पर जेल से बाहर चल रहे थे. हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद उनकी बाहर रहने की उम्मीदें पूरी तरह टूट गईं. दिल्ली से जोधपुर सिविल एयरपोर्ट उतरते ही सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल मुस्तैद हो गए, ताकि कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति न बिगड़े. एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही आसाराम का काफिला सीधे सेंट्रल जेल के लिए रवाना हो गया. अब कानूनी विकल्पों के तौर पर आसाराम के पास सिर्फ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का रास्ता बचा है, लेकिन फिलहाल उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल की उसी कोठरी में वापस लौटना होगा जहां वे साल 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद से बंद हैं.

किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन: दलहन बीज पर ₹4500 तक सहायता, क्लस्टर मॉडल से खेती का विस्तार

रांची दलहन आत्मनिर्भरता मिशन (अरहर, उड़द और मसूर) को लेकर कृषि विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। पांच साल तक चलने वाले इस मिशन का उद्देश्य दलहन उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय को बढ़ाना है। राज्य के कई जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। पल्स मिशन के तहत क्लस्टर-आधारित कार्य किया जाएगा, जिसमें कम से कम 10 हेक्टेयर के क्लस्टर बनाए जाएंगे। झारखंड के चिह्नित जिलों में अरहर, उड़द, मसूर, चना और अन्य दलहनों के उत्पादन पर जोर दिया जाएगा। सरकार की ओर से दलहन बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। अरहर के लिए 4.5 हजार प्रति क्विंटल, उड़द और मसूर के लिए तीन हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जानी है। यहां से मिले प्रमाणित बीजों को किसानों को दिया जाएगा, ताकि उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाया जा सके। राज्य में लगभग 12 लाख हेक्टेयर तक दलहन की खेती किए जाने की संभावना है। झारखंड के इन जिलों में होगा मिशन का क्रियान्वयन झारखंड में 22 जिलों को दलहन उत्पादन के लिए चिह्नित किया गया है।  अरहर: बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, रांची, साहिबगंज, पलामू, गढ़वा। उड़द : गोड्डा, लोहरदगा, बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, लातेहार। मसूर: बोकारो, देवघर, दुमका, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, कोडरमा, सिमडेगा, साहिबगंज, रांची। चना : सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, चतरा, गुमला, लातेहार, लोहरदगा। अन्य दलहन: रांची, लातेहार, गुमला, खूंटी, रामगढ़, देवघर, कोडरमा, गिरिडीह। आठ लाख टन होता है दलहन का उत्पादन राज्य में अभी आठ लाख टन दलहन का उत्पादन होता है, जिसमें दो लाख टन अरहर और दो लाख टन चना का उत्पादन होता है। चार लाख टन में उरद, मूंग, मटर सहित अन्य दलहन का उत्पादन होता है। राज्य में दलहन की उत्पादकता विश्व में सबसे ज्यादा है। यहां 1069 किलो प्रति हेक्टेयर उत्पादन होता है। जबकि राष्ट्रीय औसत 881 किलो प्रति हेक्टेयर उत्पादन है। अगले चार वर्षों तक अरहर, उड़द और मसूर की प्रतिशत खरीद सरकार करेगी। 5.7 लाख हेक्टेयर परती खेत में होगा उत्पादन झारखंड में 5.75 लाख हेक्टेयर परती भूमि का उपयोग दलहन उत्पादन के लिए किया जाएगा। रबी सीजन में उड़द, मसूर और चना आसानी से उगाए जा सकते हैं। अरहर की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 12 से अधिक जिलों को कवर किया गया है। राज्य में धान की खेती के बाद किसान अपने खेत को परती छोड़ देते हैं, लेकिन इस मिशन के तहत उन खेतों में दलहन की फसल लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दलहन के खेती के लिए किसानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस में छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। एक किसान अधिकतम पांच हेक्टेयर तक ही प्रोत्साहन राशि की सहायता ले सकता है जो किसानों के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। राज्य में खेती की स्थिति राज्य लगभग 25 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है।     धान : लगभग 16–18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती     दलहन : लगभग आठ लाख हेक्टेयर (दोनों सीजन में)     तिलहन : लगभग 1.5–2 लाख हेक्टेयर     श्रीअन्न : लगभग एक लाख हेक्टेयर से कम क्षेत्र में खेती होती है, जिसमें रागी, कोदो, बाजरा आदि शामिल हैं। झारखंड देश में दलहन के उत्पादन में सातवां स्थान रखता है। यहां पर दलहन की उत्पादकता सबसे ज्यादा है। अच्छे और प्रमाणित बीज से राज्य में दलहन के उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। -प्रदीप कुमार हजारी, पूर्व विशेष सचिव सह पूर्व सलाहकार, कृषि विभाग  

‘मेक इन हरियाणा’ से निवेश और रोजगार पर फोकस, 500 करोड़+ प्रोजेक्ट्स को मिलेगा मेगा दर्जा

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने राज्य को देश का अग्रणी औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नई ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ लागू कर दी है। मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के बाद हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। राज्यपाल की मंजूरी के पास जारी अधिसूचना के मुताबिक यह नीति अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। नई नीति में निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को आधुनिक सुविधाएं देने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों तक औद्योगिक विकास पहुंचाने पर विशेष फोकस किया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देश में पहली बार एक साथ 10 औद्योगिक पालिसी जारी की थी, जिसमें मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पालिसी-2026 सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी पालिसी है। राज्य सरकार का मानना है कि यह नीति हरियाणा को केवल आटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इलेक्ट्रानिक्स, ई-व्हीकल, लाजिस्टिक्स, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, वेयरहाउसिंग और नई तकनीक आधारित उद्योगों का भी बड़ा केंद्र बनाएगी। औद्योगिक विकास को संतुलित बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश के जिलों को चार श्रेणियों कोर एरिया, इंटरमीडिएट एरिया, प्राइम एरिया और प्राइम फोकस एरिया में विभाजित किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिर्फ एनसीआर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में भी बड़े उद्योग स्थापित होंगे और वहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नई औद्योगिक नीति में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रविधान किए गए हैं। परिवार पहचान पत्र से होगी स्थानीय कर्मचारियों की पहचान नई औद्योगिक पालिसी के अनुसार हरियाणा में 500 करोड़ या उससे अधिक निवेश वाली इकाइयों को मेगा प्रोजेक्ट का दर्जा मिलेगा। इससे बड़े निवेश वाली परियोजनाओं को अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे उद्योगों को भूमि आवंटन, बिजली कनेक्शन, टैक्स प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अन्य मंजूरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। नीति में हरियाणा के युवाओं को रोजगार दिलाने पर खास जोर दिया गया है। स्थानीय कर्मचारियों की पहचान परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में लगने वाले नए उद्योगों से अधिकतम लाभ हरियाणा के युवाओं को मिले। एमएसएमई और स्टार्टअप्स पर किया गया विशेष फोकस नई नीति में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को मजबूत करने के लिए कई रियायतें दी गई हैं। इनमें पूंजी निवेश सहायता, जीएसटी आधारित प्रोत्साहन, तकनीकी सहायता और इन्फ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट शामिल हैं। साथ ही स्टार्टअप्स, इनोवेशन सेंटर और रिसर्च यूनिट्स को भी बढ़ावा देने का प्रविधान किया गया है। ई-व्हीकल, इलेक्ट्रानिक्स और लाजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार का ध्यान इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन, ई-व्हीकल, ग्रीन एनर्जी, लाजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर को प्राथमिकता देने पर अधिक है। इससे हरियाणा को नई तकनीक और हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण, ग्रीन एनर्जी और टिकाऊ औद्योगिक विकास नई औद्योगिक नीति के तहत औद्योगिक पार्क, फ्लैटेड फैक्ट्री, वेयरहाउसिंग, निजी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और स्किल डेवलपमेंट सेंटर विकसित किए जाएंगे। सरकार प्रदूषण नियंत्रण, ग्रीन एनर्जी और टिकाऊ औद्योगिक विकास को भी नीति का अहम हिस्सा बना रही है। हरियाणा सरकार का दावा है कि नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आएगा, लाखों रोजगार सृजित होंगे और हरियाणा देश के सबसे तेज औद्योगिक विकास वाले राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। खासतौर पर एनसीआर से बाहर के जिलों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है

विधायकों पर बयान देना पड़ा भारी, स्वाति मालीवाल को 10 जून को कोर्ट में पेश होने का आदेश

मोगा राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल द्वारा पंजाब के विधायकों को “भेड़-बकरी” कहे जाने संबंधी सोशल मीडिया टिप्पणी के खिलाफ आम आदमी पार्टी महिला विंग की प्रधान और मोगा की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा मोगा अदालत में दायर मानहानि मामले में अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, यह मानहानि याचिका 13 मई को दायर की गई थी।  मामले की पहली सुनवाई 19 मई को हुई थी, जिसके बाद अगली सुनवाई 25 मई को निर्धारित की गई। शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने अदालत से बीएनएसएस की धारा 223(1) के तहत नोटिस जारी करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए जीएमआईसी अशिमा शर्मा की मोगा अदालत ने स्वाति मालीवाल को 10 जून 2026 के लिए प्री-कॉग्निजेंस नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि स्वाति मालीवाल 10 जून को स्वयं या अपने वकील के माध्यम से अदालत में पेश हो सकती हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून 2026 को होगी। MLA ने कहा- अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना गलत विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ ऐसी अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना गलत है, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। इस बयान से विधायकों की छवि धूमिल हुई है। इससे पहले 19 मई को मोगा अदालत में सुनवाई हुई थी। इस दौरान विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा अदालत में पेश हुईं और अपने पक्ष से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा। 28 अप्रैल को भाजपा जॉइन की थी 28 अप्रैल को मालीवाल ने दिल्ली में भाजपा पार्टी जॉइन की थी। इसके अलावा राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और राजेंद्र गुप्ता भी भाजपा में शामिल हुए थे। मालीवाल ने कहा था- केजरीवाल महिला विरोधी हैं स्वाति मालीवाल ने कहा था कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया।

पेशे से डॉक्टर, अब राजनीति में बड़ा चेहरा: जानिए डॉ. अर्चना गुप्ता की पूरी कहानी

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा में अपने संगठन को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मोहन लाल बडौली को हटाकर उनकी जगह डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। बता दें कि हरियाणा भाजपा के इतिहास में यह दूसरा मौका है, जब किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। आइए जानते हैं आखिर कौन है डॉ. अर्चना गुप्ता, जो अब हरियाणा में बीजेपी की कमान संभालेंगी। अर्चना गुप्ता राजनीतिक सफर डॉ. अर्चना गुप्ता का राजनीतिक और सामाजिक सफर चिकित्सा क्षेत्र से शुरू होकर भाजपा संगठन तक पहुंचा है। अर्चना गुप्ता पेशे से रेडियोलाजिस्ट हैं और उन्होंने पीजीआई रोहतक से एमडी की डिग्री हासिल की। वे लंबे समय से सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। वर्ष 2010 से 2016 तक उन्होंने विश्व हिंदू परिषद में जिला सह-संयोजिका, संयोजिका और हरियाणा की उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां निभाईं। भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने महिला मोर्चा में संगठनात्मक काम किया और पानीपत क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने में भूमिका निभाई। वर्ष 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सक्रिय प्रचार किया। खास तौर पर महिला मतदाताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। अगस्त 2020 में उन्हें भाजपा का पानीपत जिला अध्यक्ष बनाया गया। वे पानीपत भाजपा की पहली महिला जिलाध्यक्ष बनीं। जनवरी 2024 में हरियाणा भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल के दौरान उन्हें प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया। उस समय पार्टी ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने के लिए नई टीम बनाई थी। प्रदेश महामंत्री रहते हुए अर्चना गुप्ता ने संगठन विस्तार, महिला सशक्तीकरण और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।