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दरभंगा के BDO चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ कार्रवाई, 89 लाख की अवैध संपत्ति का आरोप

पटना बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की ओर से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केवटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के विरूद्ध बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। विशेष न्यायालय से अनुमति मिलने पर कार्रवाई ईओयू को विश्वस्त सूत्रों से (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्राप्त जानकारी के सत्यापनोपरान्त केवटी(दरभंगा) के बीडीओ चन्द्रमोहन पासवान के विरूद्ध ज्ञात आय से अधिक सम्पति अर्जित करने के मामले में 26 मई को आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या-09/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) भ्र0नि0अधि0 1988 (यथा संशोधित 2018) के मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी की अनुमति ली गई। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से अनुमति मिलने के बाद ईओयू की टीम की ओर से उनके 06 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारियों के नेतृत्व मे तलाशी की कार्यवाई की जा रही है। 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जित करने का मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-09/26, में प्राथमिकी अभियुक्त चन्द्रमोहन पासवान, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, केवटी(दरभंगा) के विरूद्ध सत्यापन के क्रम में कुल 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाया गया है, जो उनके ज्ञात आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक है। पैतृक और सरकारी आवास-कार्यालय समेत 6 ठिकाने पर छापेमारी इस क्रम में आज 27मई को प्रातः चन्द्रमोहन पासवान, के दरभंगा के बहादुरपुर, अवस्थित आवास एवं व्यवसायिक भवन, बाबूबरही(मधुबनी) के पैतृक आवास एवं व्यवसायिक भवन तथा केवटी(दरभंगा) स्थित कार्यालय और सरकारी आवास सहित कुल 06 ठिकानों पर अलग-अलग टीम की ओर से तलाशी कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।  

सोलर कैमरों से हाईवे की निगरानी कर PAK को भेजता था जानकारी, पांचवां जासूस दबोचा गया

पठानकोट. पंजाब पुलिस ने पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर जासूसी के लिए सोलर कैमरे लगाने के मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपित हरदीप सिंह पहले से गिरफ्तार पठानकोट निवासी बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू का बड़ा भाई है। जांच में पाया गया कि बलजीत पर मामला दर्ज होने के बाद हरदीप सिंह ने सबूत नष्ट करने में अपने भाई का साथ दिया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बलजीत, हरदीप के अलावा अंकित शर्मा, बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों से संबंधित जानकारी साझा की एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि आरोपितों ने आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की गतिविधियों और मूवमेंट पर नजर रखने और जासूसी करने के उद्देश्य से सुजानपुर के पुल नंबर 4 और 5 के बीच नेशनल हाईवे -44 के किनारे स्थित अंकित शर्मा की दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और खुफिया एजेंसियों को भेजी जा रही थी और सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा की जा रही थी। पाकिस्तानी की एजेंसी से था कनेक्शन जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित बलजीत सिंह ने जासूसी में इस्तेमाल मोबाइल फोन अपने बड़े भाई हरदीप सिंह को रखने के लिए दिया था। जब हरदीप सिंह को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली तो उसने सबूत नष्ट करने में बलजीत सिंह का साथ दिया। एसएसपी ने बताया कि बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की व तरनप्रीत सिंह पहले से ही पाकिस्तानी एजेंसी आइएसआइ के एजेंटों के संपर्क में थे।

UPSSSC की नई तैयारी, कम पदों वाली भर्तियों के लिए अलग-अलग एग्जाम खत्म होंगे

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अब कम पदों वाली भर्तियों के लिए नई परीक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। आयोग समान प्रकृति और समान अर्हता वाले पदों के लिए अलग-अलग परीक्षा कराने की बजाय संयुक्त मुख्य परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। नई व्यवस्था सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया तेज होने के साथ अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। आयोग की ओर से प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2025 के आधार पर अब तक 13 भर्ती विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। जल्द ही विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार के करीब 1600 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन आने वाला है। अलग-अलग परीक्षाएं कराने की जरूरत नहीं आयोग पीईटी अंकों के आधार पर विभिन्न विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग मुख्य परीक्षाएं आयोजित करता है। प्रत्येक परीक्षा का अलग पाठ्यक्रम निर्धारित होता है। इससे कम पदों वाली भर्तियों में नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही थी। नई प्रणाली के तहत समान पाठ्यक्रम और समान कार्य वाले पदों को एक साथ जोड़कर मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। इससे कम पदों वाली भर्तियों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभ्यर्थियों को आर्थिक खर्च से राहत आयोग का मानना है कि इससे अभ्यर्थियों को बार-बार फार्म भरने और अलग-अलग परीक्षाओं पर होने वाले आर्थिक खर्च से राहत मिलेगी। साथ ही बड़ी संयुक्त परीक्षाएं होने से परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। अभ्यर्थियों को अलग-अलग सिलेबस और परीक्षा पैटर्न की तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। पीईटी के आधार पर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती कराता है। इनमें राजस्व लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), ग्राम पंचायत अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, कंप्यूटर आपरेटर, वन रक्षक, आबकारी सिपाही, विधान भवन रक्षक, नलकूप चालक, एएनएम, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, कृषि प्राविधिक सहायक, नक्शानवीस, प्लाटून कमांडर, ब्लाक आर्गेनाइजर, प्रवर्तन सिपाही, पूर्ति निरीक्षक, विपणन निरीक्षक, अधिशासी अधिकारी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, सहायक शोध अधिकारी और गन्ना पर्यवेक्षक जैसे कई पद शामिल हैं।  

वन विभाग में बड़ा बदलाव, अरूण पांडे बने नए PCCF

रायपुर. राज्य शासन ने 1994 बैच के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय को छत्तीसगढ़ का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख नियुक्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आज 27 मई 2026 को मंत्रालय (महानदी भवन) से यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। विभाग के विशेष सचिव जे.पी. पाठक के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति वर्तमान प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, भा.व.से. (1990) की सेवानिवृत्ति के उपरांत की गई है। नवनियुक्त वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, भा.व.से. (1994) वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब उन्हें अरण्य भवन, नवा रायपुर के शीर्षस्थ पद पर पदस्थ करते हुए शीर्षस्थ वेतनमान में नियुक्त किया गया है। राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय और मुख्यमंत्री सचिवालय सहित सभी संबंधित विभागों को तत्काल भेज दी गई है।

बांदा में 47.4°C तापमान, कई जिलों में तूफान और बारिश; यूपी में मौसम का बड़ा बदलाव

लखनऊ यूपी में मौसम के दो रंग दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ रुहेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक तेज आंधी और बारिश से जहां गर्मी से थोड़ी राहत मिली तो वहीं बुन्देलखंड में बांदा का पारा फिर 47.4 डिग्री पहुंच गया। पश्चिमी यूपी में भी गर्मीं से लोग बेहाल रहे। आगरा में तापमान 45.3 दर्ज किया गया तो मथुरा में आंधी व बारिश से तापमान में गिरावट आई। मौसम के ऐसे ही कई रंग यूपी के अलग-अलग हिस्सों में दिख रहे हैं। आने वाले 48 घंटों में तपिश से झुलस रहे जिलों में एक पश्चिमी विक्षोभ फिर तूफानी हवा संग बारिश लाने वाला है। आईएमडी लखनऊ के अनुसार इसके कारण पारा 8 डिग्री तक गिर सकता है। बंगाल की खाड़ी से होकर आ रही पुरवा का असर यूपी में न्यूनतम है। ऐसे में हवा में नमी कम हो गई है। लखनऊ में मंगलवार को हवा की आर्द्रता न्यूनतम 14 फीसदी तक रही। इस स्थिति में दिन के समय पारा तेजी से ऊपर चढ़ता है। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में राजस्थान की तरफ से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं चल रही हैं। माैसम का यह मिजाज तापमान में बढ़ोत्तरी कर रहा है और गर्म हवाएं पहले से तप रहे यूपी की गर्माहट और बढ़ा दे रही हैं। आंधी-बारिश के कारण यूपी में 10 लोगों की मौत भी हो गई। संतकबीरनगर व बस्ती में दो-दो, दीवार गिरने से सीतापुर में वृद्धा समेत दो और शाहजहांपुर में एक की मौत हो गई। खीरी में खेत में फंसे सीतापुर के एक किसान की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। गोंडा में छप्पर से दबकर वृद्धा, व पेड़ से दबकर बुजुर्ग की मौत हो गई। क्या हैं पांच कारण 1-गर्म हवाओं से बढ़ रहा पारा आईएमडी लखनऊ के अनुसार मध्य भारत के ऊपर हवा में एक ऐसा सिस्टम (चक्रीय चक्रवात) बना है, जो गर्म हवाओं को ऊपर से नीचे की तरफ धकेल रहा है। इससे तपिश बढ़ रही है। 2-सक्रिय मौसम तंत्र न होने से तपिश यूपी के ऊपर किसी सक्रिय मौसमी तंत्र जैसे पश्चिमी विक्षोभ, प्रति चक्रवात या चक्रवात का न होना तपिश की बड़ी वजह बना। आसमान साफ होने के कारण धूप सीधे जमीन पर पड़ रही है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। 3-भीषण तपिश आंधी की वजह बनी जम्मू कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था। इधर यूपी में भीषण तपिश की वजह से गर्म हवा तेजी से ऊपर उठने लगीं। उधर से आ रही नम और ठंडी पछुआ हवा से टकराव के कारण एक ट्रफ बना जिससे मध्य यूपी से पूर्वांचल तक आंधी आई और बारिश हुई। 4-राजस्थान से होकर आ रही हवा प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में राजस्थान की तरफ से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं चल रही हैं। माैसम का यह मिजाज तापमान में बढ़ोत्तरी कर रह है और गर्म हवाएं पहले से तप रहे यूपी की गर्माहट और बढ़ा दे रही हैं। 5-पुरवा का कमजोर होना बंगाल की खाड़ी से हो कर आ रही पुरवा का असर यूपी में न्यूनतम है। ऐसे में हवा में नमी कम हो गई है। उदाहरण के लिए लखनऊ में मंगलवार को हवा की आर्द्रता न्यूनतम 14 फीसदी तक रही। इस स्थिति में दिन के समय पारा तेजी से ऊपर चढ़ता है।

CM साय ने दिवंगत रूपनारायण के घर पहुंचकर जताया शोक, कई मंत्री रहे साथ

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार सुबह योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के कबीर नगर स्थित निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे. मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रूपनारायण सिन्हा की अचानक तबियत बिगड़ गई. इस बीच उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनकी कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. आज कुछ देर बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रूपनारायण से उनका बहुत पुराना संबंध रहा है. वे लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे और उनके साथ व्यक्तिगत रिश्ते भी बेहद आत्मीय रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में भगवान उनके परिवार को संबल प्रदान करें और दिवंगत रूपनारायण सिन्हा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें. पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित रूपनारायण सिन्हा के निधन के बाद BJP का पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित कर दिया गया है. तिफरा के झूलेलाल मंगलम में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होना था, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है. 

सिंहस्थ 2028 में शिप्रा स्नान का मिलेगा दिव्य लाभ, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

सिंहस्थ: 2028, श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के जल से स्नान का पुण्य लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरिमामय रहा शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन समारोह सुगम संगीत संध्या में दरभंगा की सुश्री मैथिली ठाकुर ने दी संगीतमयी प्रस्तुति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 में 30 किलोमीटर से अधिक लंबाई में निर्मित शिप्रा के घाट श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान का लाभ प्रदान करेंगे। मां शिप्रा के स्वच्छ जल की उपलब्धता आयोजन को पावन बनाएगी। लगभग छह दशक बाद यह संभव होगा जब श्रद्धालु सिर्फ माँ शिप्रा के प्रवाहमान जल से सिंहस्थ के लिए पहुंचकर स्नान कर सकेंगे। गत सिंहस्थ : 2016 में माँ नर्मदा के जल से स्नान की सुविधा प्राप्त होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने कामना की थी कि मां शिप्रा का जल पूरी तरह से प्रवाहित हो और स्नान लाभ ले सकें। श्रद्धालुओं की आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। बाबा महाकाल और संतों के आशीर्वाद से श्रेष्ठ प्रबंध कर हम सिंहस्थ: 2028 को यादगार बनाएंगे। सिंहस्थ के आयोजन से नए कीर्तिमान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा के आशीर्वाद से समारोह में अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहे हैं। दीपामलिकाएं देखकर लगता है जैसे दीप पर्व आ गया हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि सभी को यश प्राप्त हो। त्रिवेणी से सिद्धनाथ तक शिप्रा जी के घाट पवित्र माने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से अनेक कार्य संचालित हैं, जो सिंहस्थ के आयोजन को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने का कार्य करेंगे। भारत की मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी हो रहा है। हाल ही में हुए न्यायालय के निर्णय भी परिपालन की दृष्टि से स्वर्णकाल का आभास करवाते हैं। देश के नागरिक सभी निर्णयों पर भरोसा करते हुए परस्पर सहयोग और समरसता का परिचय दे रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के भूमि-पूजन और लोकार्पण में ऐसे सभी लोग उपस्थित हुए जिन्होंने मंदिर के संबंध में वर्षों तक न्यायालय में मुकदमा लड़ा। हमारे देश में मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा है। राजभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध है। धार में भोजशाला में मां वागदेवी की प्रतिमा स्थापित होगी। न्यायालय के निर्णय के बाद यह मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का शासन काल सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल की याद दिलवाता है, जिसमें प्रत्येक नागरिक का हित सर्वोपरि रहा। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने तीन माह से अधिक अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान में कुओं- तालाबों, नदियों, पोखर, जलाशय और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण संवर्धन के कार्यों का संचालन किया है। इसमें जनता की भागीदारी भी हो रही है। मध्यप्रदेश नदी जोड़ो अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी बना है। समारोह में दरभंगा से कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए आई गायिका और बिहार विधानसभा की सदस्य सुश्री मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व सुश्री ठाकुर का मध्यप्रदेश आगमन पर स्वागत किया।  

CM डॉ. यादव आज करेंगे ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ, भारत भवन में होगा आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भारत भवन में सदानीरा समागम का करेंगे शुभारंभ जल संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर होगा राष्ट्रीय विमर्श भारत भवन में 27 मई से 2 जून तक चलेगा सात दिवसीय समागम देश-विदेश के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और कलाकार होंगे शामिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, चित्रकला कार्यशाला और जल-केंद्रित प्रदर्शनियां होंगी मुख्य आकर्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बुधवार 27 मई को भारत भवन में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव “सदानीरा समागम” का शुभारंभ करेंगे। वीर भारत न्यास द्वारा जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति, पंचमहाभूतों तथा सतत विकास के विषयों पर केंद्रित यह गरिमामयी आयोजन 2 जून तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के विद्वान, पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और कलाकार सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस सात दिवसीय समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि-पर आधारित विभिन्न वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भूगर्भीय जल स्रोत, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण और पारंपरिक ज्ञान पर देश-विदेश के विशेषज्ञ गहराई से मंथन करेंगे। इस राष्ट्रीय विमर्श में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), आईआईएम बोधगया जैसी देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न कॉर्पोरेट घरानों के सीएसआर प्रमुख भी शामिल होकर अपने विचार साझा करेंगे। समागम में वैचारिक मंथन के साथ प्रतिदिन सायंकाल सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजनों की धूम रहेगी, जिसमें नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां शामिल हैं। इस दौरान भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, 'गोवर्धन लीला' और 'गंगा यात्रा' की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही 'जल, जंगल, जीवन' पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के नामचीन कलाकार हिस्सा लेंगे। आयोजन स्थल पर म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के सहयोग से जलचर जीवन, मध्यप्रदेश के जल गंगा संवर्धन अभियान, लघु चित्रों में जल और भूगर्भीय जल स्रोतों पर आधारित चार विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। कार्यक्रम में जल और संस्कृति पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिनमें वीर भारत न्यास और मैपकॉस्ट द्वारा प्रकाशित 'अंतर्जली यात्रा', 'पुरोवाक्', प्रेमशंकर शुक्ल की 'आत्मा की घाटी में पानी का संगीत' और राजेश्वर त्रिवेदी की 'जल, संस्कृति और स्थापत्य' शामिल हैं। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज, एलएनसीटी और सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी सहित केन्द्रीय भूजल बोर्ड, नर्मदा समग्र जैसी अनेक संस्थाएं और जिला प्रशासन भोपाल सहयोगी के रूप में अपना सक्रिय योगदान देंंंगे।  

बिहार के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का कहर, 5 लोगों की मौत

पटना बिहार में पिछले एक सप्ताह से मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी तो दूसरी और आंधी-बारिश जनजीवन को प्रभावित कर रही है। सोमवार को दोपहर बाद से मंगलवार की सुबह तक 25 जिलों में भारी से हल्के स्तर की बारिश हुई। इस दौरान कटिहार के प्राणपुर में 132.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पुरवा का प्रवाह होने के बावजूद मंगलवार को राज्य के चार जिलों का अधिकतम पारा 40 डिग्री से ऊपर रहा। भभुआ में 43.6, डेहरी में 42.4, औरंगाबाद में 40.8 और छपरा में 40.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं मधेपुरा का अधिकतम तापमान 31.2, पूसा में 32.5, अगवानपुर में 31.3 तो दरभंगा में 32.05 डिग्री सेल्सियस अधिकतम पारा रहा। सोमवार की रात राज्य के कई हिस्सों में 61 किमी की रफ्तार तक आंधी चली। वहीं बुधवार के लिए भी जो पूर्वानुमान जारी किया‌ गया है, उसमें भी सूबे में मौसम के दो रंग होंगे। दक्षिण-पश्चिम भाग के 8 जिले में मौसम शुष्क बने रहने से भीषण गर्मी पड़ेगी तो बाकी हिस्सों में तेज हवा और बारिश के के आसार हैं। आज 24 जिलों में बारिश के आसार बिहार के 24 जिलों में बुधवार को बारिश के आसार हैं। वदीं दक्षिण-मध्य भाग के आठ जिलों में भी एक-दो स्थाानों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बाग के छह जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। मधेपुरा और पूर्णिया में गरज-चमक के साथ भारी बरिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में बुधवार को आसमान साफ रहेगा। वहीं गुरुवार से तीन दिनों तक जिले के एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान ज्यादातर जगहों पर बादल छाए रहेंगे। कहीं तेज बारिश तो मध्यम बारिश हो सकती है। लोगों को थोड़ी राहत मिली पटना में पिछले कई दिनों से पछुआ का प्रवाह जारी था। सोमवार शाम से राजधानी में लगातार पुरवा का प्रभाव जारी रहने के कारण लोगों को गर्मी से आंशिक तौर पर राहत मिली है। वहीं राजधानी पटना के न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। पटना जिले का अधिकतम तापमान 38.4 और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल में तबाही उत्तर और पूर्वी बिहार समेत कोसी, सीमांचल में सोमवार रात आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। वहीं आंधी-तूफान की चपेट में आने से भागलपुर में तीन, सुपौल व सीवान में एक-एक और नेपाल के रौतहट क्षेत्र में महिला की मौत हो गई, जबकि पूर्वी चंपारण में दीवार गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिम चंपारण, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार और भागलपुर में पेड़, बिजली पोल और तार गिरने से जनजीवन प्रभावित हो गया। कई जगहों पर सड़क संपर्क बाधित रहा और घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। आंधी और ओलावृष्टि से आम, लीची, मक्का, मूंग व सब्जियों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। फूस, चदरा, टीन और एस्बेस्टस से बने घरों को भी भारी क्षति पहुंची है।

लखनऊ में गरजे योगी आदित्यनाथ, बोले- पिछली सरकारों ने सिर्फ गड्ढे और कूड़ेदान दिए

लखनऊ आयोजन तो महापौर और पार्षदों के तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने का था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विपक्षी दलों को भी ललकारा। भारत माता की जय और हर हर महादेव की जयघोष के साथ मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकारों में जो होता था, किसी से छिपा नहीं है। बिजली संकट को लेकर सरकार को घेरने वाले विपक्षी दलों के नेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करारा जवाब दिया। कहा, पिछली सरकारों में बिजली आती ही नहीं थी और तारों पर ही कपड़े सुखाए जाते थे, आज ऐसे लोग बिजली संकट की बात करते हैं। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, बिजली संकट पूरी दुनिया की चुनौती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग करने की अपील की। कहा कि अनावश्यक स्ट्रीट लाइट न जलाएं और ऊर्जा बचत में सहयोग करें। प्रदेश में 2017 से पहले मात्र छह हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता था, जबकि अब 13 हजार मेगावाट हो गया है। व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सकरार ने ‘गड्ढों’ को भरने का काम किया है और ‘कूड़ेदानों’ को साफ किया गया है। अब लक्ष्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित व आधुनिक राजधानी तैयार करना है। पूर्ववर्ती सरकारों के एजेंडे में न युवा थे, न महिलाएं, न गरीब और न ही किसान, बल्कि खास लोगों के परिवार को ही योजनाओं का लाभ दिया जाता था। वर्तमान सरकार ने 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ अभियान के तहत नगर निगम की 413 करोड़ रुपये लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे पहले महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम द्वारा तीन साल में कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले केंद्र सरकार विकास के लिए धन देना चाहती थी, लेकिन राज्य सरकार उसे लेने को तैयार नहीं थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब प्रदेश में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। राजधानी में प्रतिदिन 2100 टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है और शिवरी प्लांट में 18 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है। उन्होंने कान्हा उपवन और वन डे गवर्नेंस सिस्टम की भी सराहना की। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश तेजी से शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से सात नई मेट्रो सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने यूपी भी इंदौर बनेगा का नारा देकर स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की। आयोजन में परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, मुकेश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता डा. नीरज सिंह और नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित पार्षद, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वालों ने गमले चोरी किए थे राष्ट्र प्रेरणा स्थल से गमले चोरी होने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वाले लोग 45 रुपये का गमला चोरी करते नजर आए। हम तो ऐसे लोगों की हर चौराहे पर उसकी तस्वीर लगाना चाहते थे।