samacharsecretary.com

Chandigarh Property Rules: किराये की प्रॉपर्टी को लेकर बदले नियम, 2 महीने में एग्रीमेंट की डिटेल देना जरूरी

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों के निपटारे को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी पूरी हो गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के संपदा विभाग ने यूटी चंडीगढ़ टेनेंसी रूल्स, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियम 10 सितंबर से पूरे चंडीगढ़ में प्रभावी हो गए हैं। नए नियमों में किरायेदारी एग्रीमेंट की ऑनलाइन जानकारी देना जरूरी किया गया है। एग्रीमेंट होने के दो महीने के भीतर रेंट अथॉरिटी को जानकारी देनी होगी। नई व्यवस्था में किरायेदारी समझौते से लेकर किराये में बदलाव, सुरक्षा राशि, परिसर खाली कराने और विवादों के निपटारे तक की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। इसके लिए किराया प्राधिकरण, किराया न्यायालय और किराया अधिकरण की त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। उपायुक्त-सह-संपदा अधिकारी निशांत कुमार यादव, आईएएस ने कहा कि नए नियम मकान मालिकों और किरायेदारों के संबंधों में सुगमता, पारदर्शिता और निश्चितता लाएंगे तथा विवादों के समाधान के लिए सुव्यवस्थित तंत्र सुनिश्चित करेंगे। एग्रीमेंट के 2 महीने में देनी होगी जानकारी: नए नियमों के अनुसार मकान मालिक और किरायेदार को किरायेदारी समझौता होने के दो माह के भीतर संयुक्त रूप से या अलग-अलग ऑनलाइन माध्यम से किराया प्राधिकरण को इसकी सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के सात दिन के भीतर प्राधिकरण पक्षकारों को ई-रसीद के रूप में विशिष्ट पहचान संख्या जारी करेगा। यह पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पर भेजी जाएगी। मकान मालिक किराये से मना करे तो भी रास्ता : यदि मकान मालिक किराया या अन्य देय राशि लेने से इनकार करता है अथवा रसीद जारी नहीं करता, तो किरायेदार लगातार दो माह तक आरटीजीएस, एनईएफटी, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान का प्रयास कर सकेगा। इसके बाद भी भुगतान स्वीकार नहीं होने पर किरायेदार राशि किराया प्राधिकरण के पास जमा करा सकेगा। किराया, बिजली-पानी और मेंटेनेंस विवाद भी अथॉरिटी में: किराया, बिजली, पानी या मेंटेनेंस चार्ज के विवाद पर रेंट अथॉरिटी में आवेदन कर सकेंगे। फैसला लेते समय आसपास के क्षेत्र में चल रहे प्रचलित किराये को भी ध्यान में रखा जाएगा।  तीन महीने में बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म: किराया प्राधिकरण के गठन के तीन माह के भीतर स्थानीय भाषा और प्रशासन द्वारा निर्धारित अन्य भाषाओं में डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इस पर किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन होगा। किरायेदारी संबंधी रिकॉर्ड गोपनीय रखे जाएंगे और इन्हें केवल संबंधित पक्षकारों तथा अधिकृत अधिकारियों को ही उपलब्ध कराया जाएगा। अपील पर 60 दिन में फैसला : पक्षकार किराया, बिजली, पानी, रखरखाव और सुरक्षा शुल्क के निर्धारण या संशोधन के लिए किराया प्राधिकरण में आवेदन कर सकेंगे। निर्णय से असंतुष्ट होने पर मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता से परिसर का मूल्यांकन कराया जा सकता है, जिसका खर्च आवेदक को उठाना होगा। दूसरे पक्ष को किराया प्राधिकरण में आवेदन पर 15 दिन में जवाब देना होगा, जिसे कारण दर्ज कर अधिकतम 30 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। किराया अधिकरण को नोटिस की तामील के 60 दिन के भीतर अपील का फैसला करना होगा और सामान्यतः केवल एक स्थगन की अनुमति होगी। किराया न्यायालय के आदेश का निष्पादन नोटिस की तामील के 30 दिन में पूरा करना होगा।

Bank Strike: कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल, 5 दिन बैंकिंग वर्किंग वीक की मांग तेज

रायपुर. देशभर में बैंक के अधिकारी-कर्मचारी आज एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। इसका असर बैंकिंग सेवाओं पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग 5-डे बैंकिंग लागू करने और PLI यानी परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव में समानता को लेकर है। रायपुर में PNB परिसर मोती बाग चौक में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। जगदलपुर में भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग की मांग लंबे समय से लंबित है। उनका दावा है कि अन्य वित्तीय संस्थानों की तरह बैंकिंग सेक्टर में भी पांच दिन काम और दो दिन अवकाश की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इससे उनकी वर्क लाइफ और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बन सकेगा। अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी हड़ताल में सरकारी और निजी क्षेत्र के करीब 28 बैंकों के कर्मचारी और अधिकारियों के शामिल होने का दावा किया गया है। बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों से भी अपील की है कि हड़ताल के दौरान एटीएम, यूपीआई और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करें। कर्मचारियों ने साफ किया है कि आज की हड़ताल के बाद भी अगर उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता है तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है।

BMC के 62 हजार से ज्यादा आवासीय-व्यावसायिक उपयोग दावों पर उठे सवाल, केवल 7,951 मामलों में नोटिस

 भोपाल  आवासीय क्षेत्रों में कारोबार के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बीच अब उसके ही आंकड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय में पांच अगस्त को हुई सुनवाई के बाद निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि शहर में 62 हजार से अधिक ऐसी संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, जहां आवासीय उपयोग के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। यह आंकड़ा लगातार निगम की कार्रवाई के दायरे के रूप में बताया गया, जिससे शहर के व्यापारी में इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई को लेकर डर का माहौल बन गया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले तैयार किए गए शपथपत्र में निगम ने 7,951 मामलों की पहचान कर नियम-11 के नोटिस जारी करने की जानकारी दी है। यानी जिस सर्वे को निगम ने शहर में 62 हजार से अधिक संपत्तियों तक पहुंचने वाला बताया था, अदालत के सामने पेश रिकार्ड में उसका एक बड़ा हिस्सा दिखाई ही नहीं देता। नोटिस के बाद कार्रवाई का हिसाब भी अलग शपथपत्र में निगम ने 190 परिसरों को अनधिकृत उपयोग के कारण बंद और सील करने की जानकारी दी है। जबकि हकीकत यह है कि निगम ने शहर में सिर्फ सात प्रतिष्ठान सील किए थे और 183 प्रतिष्ठनों को स्वेच्छा से बंद करने के पंचनामे बनाए थे। शपथपत्र के एक हिस्से में 170 परिसरों के बंद किए जाने तथा उनमें से 165 को स्वीकृत अधिभोग के अनुरूप पाए जाने पर बहाल करने और पांच को सील रखने की जानकारी दी गई है। 296 अवैध निर्माण भी रडार पर निगम ने आवासीय उपयोग के उल्लंघन के अलावा बिना भवन अनुमति या स्वीकृत अनुमति के विपरीत निर्माण के 296 मामले भी चिह्नित किए हैं। इनमें 302(1) के तहत 160 और 307(2) के तहत 163 नोटिस जारी किए गए। 124 मामलों में सुनवाई के बाद आदेश हुए और 75 मामलों में अवैध निर्माण या अतिक्रमण हटाया गया। लोटस पर तीन साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई अरेरा कालोनी स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठान लोटस इलेक्ट्रानिक्स को नगर निगम ने 2019 में नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने कार्रवाई से पहले 15 दिन का समय दिया था। खास बात यह है कि यह 15 दिन की अवधि करीब तीन साल पहले ही पूरी हो चुकी है, फिर भी इस मामले में नगर निगम ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जोनवार नोटिस का आंकड़ा     एक – 280     दो – 197     तीन – 242     चार – 234     पांच – 620     छह – 184     सात – 348     आठ – 603     नौ – 264     10 – 456     11 – 336     12 – 520     13 – 619     14 – 209     15 – 569     16 – 415     17 – 440     18 – 464     19 – 362     20 – 377     21 – 212     जोड़ 7617     शपथपत्र में कुल 7951 दिल्ली हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जर्जर मकानों पर कार्रवाई की जानकारी     इधर, दिल्ली के सत्य निकेतन में भवन गिरने से सात लोगों की मौत और 12 के घायल होने की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भवनों की सुरक्षा और पूर्व में दिए निर्देशों के पालन को लेकर सख्ती दिखाई है।     न्यायालय ने संबंधित सभी पक्षों से पूर्व के आदेशों के पालन पर शपथपत्र और रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में अब नगर निगम को जर्जर मकानों की स्थिति और कार्रवाई को लेकर जानकारी देनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को दोपहर दो बजे होगी।  

अतिक्रमण पर MP सरकार का बड़ा एक्शन, प्रशासन ने 4.79 हेक्टेयर भूमि कराई अतिक्रमण मुक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई जारी प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराई 4.79 हेक्टेयर भूमि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हाईवे किनारे से हटाया जा रहा अतिक्रमण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सागर जिले में कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में प्रशासन और राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए बंडा अवैध शराब मामले के आरोपी चंद्रभान राजपूत द्वारा कब्जा की गई 4.79 हेक्टेयर शासकीय भूमि को मुक्त करा लिया है। ग्राम चौकीदार की सेवा भूमि पर बोई फसल को किया नष्ट जांच के दौरान यह बात उजागर हुई थी कि बंडा प्रकरण में संलिप्त आरोपी चंद्रभान राजपूत ने ग्राम सिमरिया उवरी में ग्राम चौकीदार की शासकीय सेवा भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। आरोपी द्वारा 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर (कुल 4.79 हेक्टेयर) भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी। राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया और उस पर अवैध रूप से लगाई गई फसल को नष्ट कर शासकीय आधिपत्य में लिया। NH-44 के किनारे सौरभ ढाबा पर चला बुलडोजर सागर जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) के किनारे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा जमाए सौरभ होटल/सौरभ ढाबा पर प्रशासन का बुलडोजर चला और करोड़ों की शासकीय भूमि को बेदखल कर मुक्त कराया गया। संयुक्त टीम का बड़ा एक्शन राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ढाबा संचालक ने अपनी निजी भूमि की आड़ में हाईवे से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर ढाबे का अवैध विस्तार कर लिया था, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बांदरी से मालथौन टोल तक चला अतिक्रमण हटाने का अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हाईवे किनारे सरकारी जमीनों पर काबिज सभी अवैध ढाबों, टपरों और पक्के निर्माणों को चिह्नित कर हटाया जा रहा है। आज बांदरी से लेकर मालथौन टोल तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का यह प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधियों की संपत्तियों पर कड़ी नजर शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंडा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की भी गहनता से जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर  जताया गहरा शोक मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अधिकारियों की टीम रवाना रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के नागरिकों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से निरंतर समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

उद्यानिकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर

उद्यानिकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर कलेक्टर ने ग्राम खरला का निरीक्षण कर किसान प्रदीप सिंह से की चर्चा शहडोल   जिले के जनपद पंचायत बुढार के ग्राम खरला के निरीक्षण के दौरान विधायक श्री जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने उद्यानिकी खेती कर रहे किसान प्रदीप सिंह से चर्चा की। किसान प्रदीप सिंह ने बताया कि वे 4 से 5 एकड़ में जैविक खाद का उपयोग कर खेती करते हैं। वर्तमान में खीरा, टमाटर एवं बैंगन की खेती कर रहे हैं तथा शहडोल और बुढार में इनकी मार्केटिंग कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग के मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं से किसानों को लाभान्वित करते हुए उन्हें उद्यानिकी खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने किसान प्रदीप सिंह द्वारा की जा रही जैविक खेती का सर्टिफिकेशन कराने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मांडवी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

गतौरा मे महरा वस्त्रकार समाज का बैठक संपन्न हुआ

गतौरा मे महरा वस्त्रकार समाज का बैठक संपन्न हुआ गतौरा महरा समाज उत्थान समिति द्वारा महरा समाज आम जनता से अपील किया गया कि ग्राम  सामाजिक विकास एकता पर विचार विमर्श किया गया  सभी एक मंच पर एक होकर एक साथ मिलकर काम करने हेतु समाज के साथ मिलकर चलने तैयार हुऐ! बैठक मे समाज के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलने पर विशेष जोड़ दिया गया निर्णय  लिया गया कि आने वाले दिनों में गांव गांव पहुंच कर लोगों से सीधा संवाद किया जाएगा और उन्हें संगठन की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा स्थानीय स्तर पर  बैठको और संवाद और कार्यक्रमो के माध्यम से अधिक से अधिक सामाजिक बंधुओ की सभागिता सुनिश्चित करने की रणनीति भी बनाई गई! बैठक मे कोर कमेटी के सदस्यों और विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और गांव के वरिष्ठ जन और युवा उपस्थित थे  बैठक मे उत्थान समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे! उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी  धर्मेंद्र वस्त्रकार ने दी

बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर का असर, 15 सितंबर तक बारिश के आसार

जयपुर मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में मानसून की बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है। गुरुवार को तेज धूप और बढ़ते तापमान से जहां प्रदेश में गर्मी फिर परेशान करने लगी, वहीं अब बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम ने मौसम का मिजाज बदलने के संकेत दे दिए हैं। इसके असर से शुक्रवार से राज्य में मानसून फिर एक्टिव होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 9 जिलों में आज बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। 15 सितंबर तक बना रह सकता है बारिश का असर मौसम का यह बदलाव सिर्फ एक-दो दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में बारिश का दौर 15 सितंबर तक एक्टिव रह सकता है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यानी अभी आसमान पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है और अगले कुछ दिनों में मौसम बार-बार करवट ले सकता है। गुरुवार को बारिश गायब, धूप ने बढ़ाई गर्मी दिलचस्प बात यह है कि बारिश के अलर्ट से ठीक पहले गुरुवार को राजस्थान में मौसम काफी अलग नजर आया। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिनभर तेज धूप रही। बारिश का दौर थमने के साथ ही तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 10 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। 40 डिग्री तक पहुंचा पारा गुरुवार को पिलानी में सबसे ज्यादा गर्मी रिकॉर्ड की गई। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके बाद श्रीगंगानगर में भी गर्मी ने जोर दिखाया और अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में प्रदेश में एक तरफ 40 डिग्री तक पहुंचती गर्मी है, तो दूसरी तरफ अगले कुछ घंटों में बारिश की वापसी का अलर्ट है। 24 सितंबर तक गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं बारिश की संभावना के बावजूद मौसम विभाग ने अगले दो सप्ताह को लेकर एक और अहम संकेत दिया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 24 सितंबर तक प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। यानी बारिश के कुछ दौर भले ही तापमान को नीचे खींचें, लेकिन पूरे प्रदेश में लगातार ठंडक का दौर शुरू होने की उम्मीद अभी नहीं है। बारिश आएगी, लेकिन गर्मी भी बनी रहेगी मौसम का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि सितंबर में मानसून और गर्मी दोनों साथ-साथ अपना असर दिखा सकते हैं। दिन में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के चलते बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने वाली हैं। ऐसे में कुछ इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि दूसरे हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है। अब नजर अगले चार-पांच दिनों पर फिलहाल मौसम विभाग की नजर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर सिस्टम और उसके राजस्थान पर पड़ने वाले असर पर है। शुक्रवार से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद अगले कुछ दिनों में इसका दायरा और बढ़ सकता है। 15 सितंबर तक मानसून एक्टिव रहने की संभावना ने सितंबर के मौसम को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल राजस्थान में सवाल यही है कि 40 डिग्री तक पहुंचा पारा पहले नीचे आएगा या मानसून की बारिश कुछ इलाकों में गर्मी को और पीछे धकेलेगी।

न्यू व्यू बैंक्वेट पर नगर निगम की कार्रवाई, 3 दिन में लाइसेंस के लिए आवेदन का निर्देश

रांची राजधानी में बिना लाइसेंस चल रहे बैंक्वेट हाल और विवाह भवनों पर रांची नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में पुंदाग के ढीपाटोली स्थित न्यू व्यू बैंक्वेट को निगम ने नोटिस जारी किया है। जांच में बैंक्वेट हाल का संचालन बिना जरूरी लाइसेंस के किए जाने की बात सामने आई। निगम की टीम ने प्रतिष्ठान परिसर में नोटिस चस्पा कर संचालक को तीन दिन के भीतर लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान पाया गया कि न्यू व्यू बैंक्वेट में विवाह और अन्य समारोहों के लिए बैंक्वेट हाल का संचालन किया जा रहा है। लेकिन इसके लिए नगर निगम से आवश्यक लाइसेंस नहीं ली गई थी। इतना ही नहीं, संचालक ने लाइसेंस लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अब तक आवेदन भी नहीं किया था। लाइसेंस मिलने तक संचालन बंद रखने का निर्देश नगर निगम ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि नोटिस की तारीख से तीन दिनों के भीतर जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही लाइसेंस मिलने तक बैंक्वेट हाल का संचालन तत्काल बंद रखने को कहा गया है। अन्य बैंक्वेट हाल भी निगम के रडार पर नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई सिर्फ न्यू व्यू बैंक्वेट तक सीमित नहीं है। शहर में संचालित बैंक्वेट हाल, विवाह भवन, लाज, हास्टल और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की जांच कराई जा रही है। निगम ने संचालकों से अपील की है कि वे संचालन से पहले जरूरी लाइसेंस लें और निर्धारित मानकों का पालन करें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सख्त संदेश, नशे के कारोबारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई; बड़े पैमाने पर चलेगा नशा मुक्ति अभियान

किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़े पैमाने पर चलेगा नशा मुक्ति अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर में हुई पुलिस कार्रवाई पर मीडिया से की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा सागर जिले में हुई दु:खद घटना और कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा अवैध शराब के कारोबार में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध अतिक्रमण हटाने सहित आवश्यक कदम उठाए गए हैं, कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस टीम ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मुख्य आरोपी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में ले लिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी दक्षता सिद्ध की है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर नशा मुक्ति अभियान संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारी दी।