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लखनऊ में युवती से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का आरोप, पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप

लखनऊ यूपी के लखनऊ में चिनहट इलाके में शादीशुदा मुस्लिम युवक आमिर ने अपना नाम राजू बताकर हिन्दू युवती को प्रेमजाल में फंसाया। उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। अश्लील वीडियो बना लिया। आरोपी के धर्म का पता चलने पर पीड़िता ने दूरी बना ली। इस पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धर्म बदलकर शादी करने का दबाव बनाया। जब युवती नहीं मानी तो वीडियो डिलीट करने के एवज में घर बुलाकर 25 हजार रुपए वसूले । चिनहट निवासी युवती (20) के मुताबिक कुछ समय पहले उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। उसने खुद का नाम राजू बताया था। युवती के मुताबिक राजू हाथ में कलावा पहनता, तिलक भी लगाता था। राजू ने युवती को प्रेमजाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसी बीच अश्लील वीडियो भी चोरी छिपे बना लिए। कुछ दिन बाद पीड़िता को पता चला कि राजू मुस्लिम है। उसका नाम राजू नहीं, बल्कि आमिर है। इस पर पीड़िता ने उससे दूरी बना ली। दूरी बनाने पर आरोपी आमिर ने युवती के चुपके से बनाए अश्लील वीडियो वॉयरल करने की धमकी दी। ब्लैकमेल करते हुए युवती पर फिर से यौन शोषण का दबाव बनाया। यही नहीं पीड़िता से धर्म परिवर्तन कर निकाह करने की बात कही। पीड़िता ने उसे साफतौर पर मना कर दिया। वीडियो डिलीट करने के लिए घर बुलाकर पीटा आरोपी आमिर ने पीड़िता को अश्लील वीडियो, फोटो डिलीट करने की बात कह 10 मई को अपने घर बुलाया। वीडियो डिलीट करने के एवज में 25 हजार रुपए भी वसूल लिए। रुपए देने के बाद पीड़िता ने जब वीडियो डिलीट करने की बात कही तो आमिर ने उसे घर में पीटा। शोर होने पर आरोपी के माता, पिता, भाई और बहन भी आ गए। आरोप है कि उन लोगों ने भी आमिर के साथ मिलकर उसे पीटा, जिससे उसे काफी चोट आई है। आरोपी आमिर की पहले ही शादी हो चुकी है। तकरोही चौकी पर पुलिस वालों ने नहीं की कार्रवाई आरोपियों के चंगुल से किसी तरह से छूटकर पीड़िता चिनहट थाने के तहत तकरोही पुलिस चौकी पहुंची। चौकी पर पुलिस वालों को पूरा मामला बताया। अपनी शिकायत दर्ज करने को कहा। पीड़िता का आरोप है कि तकरोही चौकी के पुलिस वालों ने कार्रवाई करने के बजाए उसे टरका दिया। पीड़िता चौकी से निकल गई। बाद में वह किसी तरह से डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा से मिली। डीसीपी पूर्वी ने चिनहट पुलिस को फटकार लगाई। तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

MP Traffic हेलमेट नियम उल्लंघन पर सख्ती, हजारों लाइसेंस रद्द

भोपाल मध्यप्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के लिए बता दें कि 5 हजार से ज्यादा लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए हैं। प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरई) द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रदेशभर में 26 अप्रेल से लेकर 10 मई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा रेकॉर्ड तोड़ चालानी कार्रवाई की गई है। पूरे प्रदेश में हेलमेट नहीं पहनने वाले दो पहिया वाहन चालकों के 98 हजार चालानी कार्रवाई की गई है। जिससे 2.87 करोड़ से अधिक की रकम वसूली गई है। अभियान के अंतर्गत ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने के साथ नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामलों में सख्ती दिखाई है। इसमें करीब 5253 ड्राइविंग लाइसेंसों को निरस्त भी कर दिया गया है। हेलमेट पर की गई थी सख्ती बीते दिनों पहले ही प्रदेश के कई बड़े जिलों में हेलमेट को लेकर कड़ी निगरानी की गई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सबित कई जिलों में हेलमेट लगाए बिना दो पहिया वाहन चलाने वालों की निगरानी के लिए करीब 20 टीम तैयार की गई थी। यह टीम शहर के किसी भी रास्ते पर अचानक चैकिंग कर रही थी। वाहन चालकों से विवाद की स्थिति नहीं बने इसलिए चैकिंग टीम बॉडी वार्न कैमरे के साथ तैनात थी। इस दौरान भी कई लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस नियम तोडऩे की वजह से जब्त कर उसे निलंबित कराया गया। सीटबेल्ट-हेलमेट की अनदेखी से मौतें मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक की मौत हेलमेट न पहनने की वजह सड़क दुर्घटना में 75 प्रतिशत लोगों से हुई। साल 2024 में प्रदेश में 55,711 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 16,831 लोगों की मौत हुई। जिसमें सीटबेल्ड और हेलमेट नहीं लगाना मौतों का सबसे बड़ा कारण निकलकर सामने आया है। वाहन' और 'सारथी' पोर्टल ठप वहीं इंदौर में परिवहन विभाग द्वारा वाहन और सारथी पोर्टल से वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंस के काम किए जाते हैं, लेकिन 6 दिन से दोनों पोर्टल ठप पड़े है। वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस के काम नहीं हो रहे हैं। डीलरों को 7 दिन बाद पेनल्टी का फटका लगने का डर सता रहा है। रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल, ट्रांसफर, परमिट, फाइनेंस हटाना आदि के आवेदन होने के साथ वाहनों के सभी प्रकार के काम होते हैं। इसी तरह सारथी पोर्टल से लर्निंग लाइसेंस, पक्का लाइसेंस, रिन्यूअल, डुप्लीकेट की प्रक्रिया होती है, लेकिन काम नहीं होने से वाहन मालिक परेशान है। बताया जाता है कि यह समस्या पूरे प्रदेश में है। पोर्टल का सर्वर बदलने का काम चल रहा है, इसलिए ऐसी समस्या आ रही है।

पहले पेट्रोल भराने की जिद में हंगामा, बचाने आए ग्राहकों को भी दी गालियां

खंडवा जिले के छैगांवमाखन स्थित जीओबीपी पेट्रोल पंप पर शुक्रवार देर रात पेट्रोल पहले भरवाने की बात को लेकर जमकर विवाद हो गया। दो युवकों द्वारा पेट्रोल पंप कर्मचारी के साथ मारपीट किए जाने और बीच-बचाव करने पहुंचे ग्राहकों से भी गाली-गलौज व धक्का-मुक्की करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पंप कर्मचारियों और ग्राहकों में डर का माहौल बन गया। मामले की शिकायत छैगांवमाखन थाने में दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार पंप कर्मचारी संतोष एक बस में डीजल भर रहा था। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और अपनी गाड़ी में पहले पेट्रोल डालने की बात कहने लगे। कर्मचारी ने उनसे कुछ देर इंतजार करने का अनुरोध किया। कहा कि बस में डीजल भरने के बाद उनकी गाड़ी में पेट्रोल डाल दिया जाएगा। इसी बात को लेकर दोनों युवक भड़क गए और विवाद शुरू कर दिया। अफरा-तफरी का बन गया माहौल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवकों ने पहले कर्मचारी के साथ गाली-गलौज की और फिर धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद कुछ ग्राहक बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि युवकों ने उनके साथ भी अभद्रता की और धक्का-मुक्की की। घटना के दौरान कुछ देर के लिए पंप पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आए दिन हो रहे विवाद और हंगामे जानकारी के अनुसार विवाद करने वाले युवक बरुड़ गांव के निवासी विशाल और रोहित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन द्वारा मामले की शिकायत छैगांवमाखन थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पेट्रोल पंप संचालक ओम सोनी ने बताया कि उनके पंप पर आए दिन असामाजिक तत्वों द्वारा विवाद और हंगामे की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पंप पर चाकूबाजी जैसी गंभीर घटना हो चुकी है, जिससे कर्मचारी भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। संचालक ने पुलिस प्रशासन से पंप पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  

ऐतिहासिक ढाई दिन का झोंपड़ा में धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी गई

अजमेर अजमेर में स्थित ऐतिहासिक अढ़ाई दिन का झोंपड़ा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. यहां स्थानीय लोगों ने हनुमान चालीसा पाठ की परमिशन मांगी है. महाराणा प्रताप सेना ने जिला कलेक्टर को मेल कर अगले मंगलवार (19 मई) के लिए अनुमति की मांग की है. संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि हम शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन कराना चाहते हैं. परमान का दावा है कि अढ़ाई दिन का झोपड़ा केवल एक ऐतिहासिक संरचना नहीं, बल्कि प्राचीन संस्कृत कंठाभरण विद्यालय और हिंदू मंदिर का स्वरूप रहा है. "भोजशाला के फैसले से आस्था मजबूत हुई" मेल में लिखा, "परिसर की दीवारों और स्थापत्य में मौजूद शिल्प और ऐतिहासिक साक्ष्य इसकी प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं. मध्यप्रदेश की भोजशाला से जुड़े न्यायालय के फैसले से सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को मजबूती मिली है." बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर पहुंचे थे और हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा संपन्न हुई. संगठन का दावा- कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी साथ ही महाराणा प्रताप सेना ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित हनुमान चालीसा पाठ पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा. किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है. 12वीं सदी की धरोहर देश-विदेश में विख्यात गौरतलब है कि ढाई दिन का झोपड़ा अजमेर की सबसे प्राचीन और चर्चित ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है. इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में माना जाता है. इंडो-इस्लामिक वास्तुकला, विशाल मेहराबों, नक्काशीदार स्तंभों और प्राचीन शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है. देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं.

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार का कहर, दंपती समेत 5 लोगों ने गंवाई जान

आजमगढ़  आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में दंपती समेत पांच लोगों की जान चली गई। हादसा सियरहा गांव के पास माइलस्टोन 238 के निकट हुआ, जहां तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया घटना की सूचना मिलते ही कंधरापुर और कोतवाली पुलिस के साथ यूपीडा की राहत टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक पांचों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेस-वे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और राहत-बचाव कार्य के चलते अन्य वाहनों को भी रोका गया।  

भोजशाला पर फैसला: वाग्देवी प्रतिमा लौटाने को ब्रिटिश म्यूजियम पहले ही हुआ था तैयार-सावित्री ठाकुर

 धार  ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट के निर्णय के बाद धार सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने दावा किया है कि ब्रिटिश संग्रहालय वर्ष 2017-18 में ही प्रतिमा लौटाने पर सहमत हो गया था, लेकिन एक शर्त के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। सावित्री ठाकुर ने बताया कि वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने के लिए तत्कालीन राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र सरकार की ओर से ब्रिटिश म्यूजियम प्रबंधन से चर्चा कर रहे थे। वर्ष 2014 से 2017 के बीच सुब्रमण्यम स्वामी ने चार बार भोजशाला का दौरा भी किया था। सावित्री ठाकुर का कहना है कि वर्ष 2017-18 में ब्रिटिश म्यूजियम ने शर्त रखी थी कि वाग्देवी की प्रतिमा को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए, जहां पर वह पहले स्थापित थी। उस समय मामला हाई कोर्ट में लंबित होने के कारण यह शर्त पूरी नहीं हो सकी। हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रतिमा को भोजशाला में पुनर्स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह स्वयं इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगी। बहुचर्चित भोजशाला परिसर में अलग ही भावनात्मक, धार्मिक और ऐतिहासिक वातावरण है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानते हुए शुक्रवार को दिए महत्वपूर्ण फैसले के बाद श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना जारी है। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क (एक रुपया प्रति व्यक्ति) देकर परिसर में प्रवेश कर मां वाग्देवी की प्रतिमा के स्थान पर पहुंचकर श्रद्धा, आस्था और भावुकता के साथ नमन कर रहे हैं। लगता है जैसे जीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो मंदिर पक्ष में आए फैसले के बाद भोजशाला मुक्ति आंदोलन से जुड़े बुजुर्ग कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज के वरिष्ठ लोगों की आंखों में संतोष, भावुकता और वर्षों के संघर्ष के बाद विजय की खुशी एक साथ दिखाई दी। 90 वर्षीय हिंदू नेता विमल गोधा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के कई दशक भोजशाला मुक्ति आंदोलन को समर्पित किए हैं। उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब भोजशाला की बात उठाना ही संघर्ष माना जाता था। अब लगता है जैसेजीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो। आंदोलन से जुड़े रहे 75 वर्षीय सुरेशचंद्र भंडारी ने कहा कि यह आंदोलन सांस्कृतिक अस्मिता और इतिहास को बचाने की लड़ाई भी था। शुरुआती दौर में बहुत कम लोग खुलकर आंदोलन के साथ खड़े होते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह जन आस्था का आंदोलन बन गया। अब ऐसा लग रहा है जैसे संघर्ष की हर पीड़ा सार्थक हो गई।  

बिलासपुर पुलिस की बढ़ेगी ताकत, नई ‘डायल 112’ गाड़ियों से तेज होगा रियल टाइम रिस्पांस

बिलासपुर आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे। पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे     सरकंडा     सिविल लाइन     तोरवा     कोतवाली     सकरी तेजी से मिलेगी मदद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।  

ग्वालियर में जनभागीदारी जनगणना अभियान की बैठक, महिला विंग के 31 सदस्य नियुक्त

आज जनभागीदारी जनगणना कार्य की मीटिंग डॉ अजित जैन के ग्वालियर निवास पर हुई जिसमें जनगणना कार्य में जनजागृति अभियान से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय संयोजक डॉ अजित  जैन ने इस कार्य के लिए महिला इकाई के 31 सदस्यों का गठन करते हुए भारत के संपूर्ण नगरों में कार्य हेतु महिला विंग को यह जिम्मेदारी सौंपी । महिला विंग के सभी पदाधिकारीगण और सदस्यों ने शपथ ली कि वे 15 दिवस में ही सभी नगरों में अपनी अपनी टीम गठित करके अति शीघ्र ही यह कार्य प्रारंभ कर देंगी।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: बठिंडा और फरीदकोट में टूटा रिकॉर्ड, आसमान से बरसेगी आग

बठिंडा.  पंजाब में तापमान बढ़ने से गर्मी का प्रकोप तेज हो गया है। बठिंडा और फरीदकोट में पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक हफ्ते तक भीषण लू चलने की संभावना है जिससे लोगों को तपश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। दिन के साथ रात के समय भी उमस और गर्मी परेशान करेगी। पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप और बढ़ता तापमान राज्य में पिछले कुछ दिनों से मौसमी दशाओं में भारी बदलाव देखा जा रहा है। वायुमंडल में शुष्क हवाओं के प्रभाव के कारण मैदानी इलाकों में सूरज की किरणों का सीधा असर पड़ रहा है। इस बदलाव से दिन के समय चलने वाली तेज हवाएं अब गर्म थपेड़ों में बदल चुकी हैं। लुधियाना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही तेज धूप के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है क्योंकि लोग अत्यधिक गर्म माहौल के कारण बाहर निकलने से बच रहे हैं। बठिंडा और फरीदकोट में रिकॉर्ड तोड़ तपश मौसम विज्ञान केंद्र के हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुछ विशिष्ट जिलों में गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फरीदकोट और बठिंडा में अधिकतम तापमान बयालीस दशमलव छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस सीजन में पूरे राज्य में सबसे अधिक दर्ज किया गया है। इन क्षेत्रों में रात के समय भी न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं हो रही है, जिससे रातें भी अत्यधिक गर्म और बेचैन करने वाली हो गई हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ने के साथ-साथ पानी की खपत में भी भारी उछाल आया है। मौसम विभाग का एक हफ्ते का गंभीर अलर्ट आने वाले दिनों को लेकर मौसम वैज्ञानिकों ने जो पूर्वानुमान जारी किया है, वह काफी चिंताजनक है। आगामी अट्ठारह मई से लेकर बाईस मई तक पूरे क्षेत्र में तीव्र गति से गर्म हवाएं चलने की पूरी संभावना जताई गई है। इस समयावधि के दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लू का थपेड़ा और अधिक आक्रामक रूप ले लेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को देखते हुए आम जनता को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से खुले आसमान के नीचे जाने से बचने तथा शरीर में पानी की कमी न होने देने की विशेष सलाह दी है।

Rajasthan : भीषण गर्मी की वापसी, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

 जयपुर मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश भागों में शनिवार से तापमान में बढ़ोतरी से तेज गर्मी का दौर एक बार फिर शुरू होगा. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में तापमान एक बार फिर बढ़ेगा. पश्चिमी राजस्थान में तीव्र गर्मी का दौर शुरू होगा.  राज्य के दक्षिण पूर्वी भागों में भी आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस रहने व 16 मई से एक बार फिर तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. आंधी-बारिश का अलर्ट बढ़ती गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है. 17 मई को बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ आंधी आ सकती है. विभाग के अनुसार, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, हल्की बूंदा बांदी भी हो सकती है. पिछले 24 घंटे शुष्क रहा मौसम राज्य में शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटे में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा. इस दौरान कई जगह उष्ण रात्रि और उष्ण लहर दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस फलोदी में रहा.राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में 18 से 22 मई के दौरान तेज सतही हवाएं 20-30 kmph चलने की संभावना है. नागौर में बारिश का अलर्ट मौसम व‍िभाग ने बार‍िश का अलर्ट जारी क‍िया है. नागौर ज‍िले में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन और गरज-चमक के साथ बार‍िश की संभावना है. मौसम व‍िभाग ने येलो अलर्ट जारी क‍िया है. अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलेंगी.