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छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर सख्ती, CM साय के निर्देश पर JCB और वाहन जब्त, लाखों की पेनाल्टी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा सख्त और सतत अभियान चलाया जा रहा है। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभिन्न जिलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रेत, पत्थर, मिट्टी एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त किया गया है। वाहनों को जब्त कर नियमानुसार अर्थदंड एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शासन का उद्देश्य प्रदेश के खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है। राजनांदगांव में 52 मामलों में कार्रवाई, 18.95 लाख रुपये का अर्थदंड इसी क्रम में राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 52 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 18 लाख 95 हजार 600 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। इनमें अवैध उत्खनन के 9, परिवहन के 41 तथा भंडारण के 2 प्रकरण शामिल हैं। वहीं डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम आसरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नदी में रेत उत्खनन प्रतिबंधित पाया गया तथा मौके पर कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। बालोद में चेन माउंटेड मशीन जब्त बालोद जिले के ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन करते पाए जाने पर एक चेन माउंटेड (PC-130-7) मशीन को जब्त कर सील किया गया। संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई है। बलरामपुर में टिपर और 90 घनमीटर रेत जब्त बलरामपुर जिले में खनिज विभाग ने राजपुर क्षेत्र के ग्राम नरसिंहपुर और बसंतपुर में कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक टिपर जब्त किया। वहीं बसंतपुर स्थित फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई में अवैध रूप से भंडारित लगभग 90 घनमीटर रेत भी जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया। सरगुजा में जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहन जब्त सरगुजा जिले में शिकायतों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में प्रयुक्त जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहनों को जब्त किया गया। सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा संशोधित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है। संशोधित नियमों के अनुसार अब शमन शुल्क न्यूनतम 25 हजार रुपये अथवा 2 हजार रुपये प्रति टन, जो भी अधिक होगा, के आधार पर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त खनिज का बाजार मूल्य भी वसूला जाएगा। नियमित गश्त और संयुक्त अभियान आगे भी रहेंगे जारी खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

आरटीई उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 22 जिलों में 687 स्कूलों की पहचान

 हिसार आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत सीटें न दिखाने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय की टेढ़ी नजर है। इस कड़ी में शिक्षा निदेशालय ने 22 जिलों के अंदर सर्वे कर 687 स्कूलों की पहचान की है, जोकि 3 साल से उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर शिक्षा के नाम पर दुकानें चला रहे थे। सर्वे रिपोर्ट में उजागर हुआ है कि 687 स्कूलों के पास न मान्यता से संबंधित दस्तावेज मिले और न ही विशेष समयाविधि तक दाखिले करने के अधिकार से कोई संबंधित दस्तावेज मिले। जिस पर निदेशालय ने उपरोक्त स्कूलों से दाखिले की शक्ति छीनने का फैसला लिया है। साथ ही सभी उपायुक्त को भी पत्र जारी करने का फैसला लिया है, जोकि गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर आगामी कार्रवाई करेंगे। 413 निजी स्कूलों ने दिखाई 3 हजार सीटें प्रदेश में 1100 स्कूलों को सर्च किया था। जिनके पास मान्यता से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले थे। सरकार ने स्कूलों को दस्तावेज पूरे करने का समय दिया। जिस पर प्रदेश में 413 निजी स्कूलों ने मान्यता से संबंधित दस्तावेज पूरे कर दिया। साथ ही आरटीई के तहत 3 हजार सीटें भी दिखाई। जिसके बाद सरकार ने शेष 600 से अधिक स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए है। सरकार ने इस बार एक किलोमीटर का दायरा ही रखा है। जिसके दायरे में विद्यार्थी निजी स्कूल में उपरोक्त योजना के तहत आवेदन कर सकेगा। 6 जुलाई तक विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 भी जारी कर दिया है। किसी तरह की कोई शिकायत हो तो अभिभावक उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करवा सकता है। समस्या की ये सुनवाई करेगी कमेटी     पहले अभिभावक खंड स्तर पर गठित कमेटी में अपनी शिकायत रख सकते हैं।     जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी पर अपील लगा सकते हैं     इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ तो संयुक्त निदेशक प्रशासनिक शाखा के पास शिकायत रख सकते हैं पंचकूला के मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक ने कहा कि हमने प्रदेश के 687 निजी स्कूलों को जांचा है, जिनके पास मान्यता से संबंधित एक भी दस्तावेज नहीं मिले। समय देने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए है। जिसके बाद अब एमआइएस पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही डीसी को भी स्पष्ट कहा जाएगा कि वे गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर कार्रवाई करें।  

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 22 जिलों के 687 गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले बंद

हिसार. आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत सीटें न दिखाने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय की टेढ़ी नजर है। इस कड़ी में शिक्षा निदेशालय ने 22 जिलों के अंदर सर्वे कर 687 स्कूलों की पहचान की है, जोकि 3 साल से उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर शिक्षा के नाम पर दुकानें चला रहे थे। सर्वे रिपोर्ट में उजागर हुआ है कि 687 स्कूलों के पास न मान्यता से संबंधित दस्तावेज मिले और न ही विशेष समयाविधि तक दाखिले करने के अधिकार से कोई संबंधित दस्तावेज मिले। जिस पर निदेशालय ने उपरोक्त स्कूलों से दाखिले की शक्ति छीनने का फैसला लिया है। साथ ही सभी उपायुक्त को भी पत्र जारी करने का फैसला लिया है, जोकि गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर आगामी कार्रवाई करेंगे। 413 निजी स्कूलों ने दिखाई 3 हजार सीटें प्रदेश में 1100 स्कूलों को सर्च किया था। जिनके पास मान्यता से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले थे। सरकार ने स्कूलों को दस्तावेज पूरे करने का समय दिया। जिस पर प्रदेश में 413 निजी स्कूलों ने मान्यता से संबंधित दस्तावेज पूरे कर दिया। साथ ही आरटीई के तहत 3 हजार सीटें भी दिखाई। जिसके बाद सरकार ने शेष 600 से अधिक स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए है। सरकार ने इस बार एक किलोमीटर का दायरा ही रखा है। जिसके दायरे में विद्यार्थी निजी स्कूल में उपरोक्त योजना के तहत आवेदन कर सकेगा। 6 जुलाई तक विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 भी जारी कर दिया है। किसी तरह की कोई शिकायत हो तो अभिभावक उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करवा सकता है। समस्या की ये सुनवाई करेगी कमेटी पहले अभिभावक खंड स्तर पर गठित कमेटी में अपनी शिकायत रख सकते हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी पर अपील लगा सकते हैं इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ तो संयुक्त निदेशक प्रशासनिक शाखा के पास शिकायत रख सकते हैं पंचकूला के मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक ने कहा कि हमने प्रदेश के 687 निजी स्कूलों को जांचा है, जिनके पास मान्यता से संबंधित एक भी दस्तावेज नहीं मिले। समय देने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए है। जिसके बाद अब एमआइएस पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही डीसी को भी स्पष्ट कहा जाएगा कि वे गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर कार्रवाई करें।

पंजाब की महिलाओं को मिली बड़ी सौगात, बैंक अकाउंट में पहुंचे ₹3,000

लुधियाना. पंजाब सरकार की बहुप्रतीक्षित मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का बुधवार को औपचारिक शुभारंभ होते ही प्रदेश की लाखों महिलाओं के मोबाइल फोन पर बैंक मैसेज आने लगे हैं। जैसे ही खातों में तीन-तीन हजार रुपये और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं के खातों में 4,500 रुपये जमा होने के संदेश पहुंचे, महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। पूरे दिन महिलाएं एक-दूसरे से यही पूछती रहीं कि उनके खाते में पैसे आए या नहीं। योजना के शुभारंभ के अवसर पर लुधियाना के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विधायकों ने बड़ी स्क्रीन लगाकर मुख्यमंत्री का लाइव संबोधन दिखाया। कार्यक्रम के बाद देर शाम से महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर होने का सिलसिला शुरू हो गया। चार वर्ष बाद योजना पर हुआ अमल गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को हर माह एक हजार रुपये तथा एससी वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। लगभग चार वर्ष बाद सरकार ने इस योजना को अमलीजामा पहनाया है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि एक जुलाई से योजना लागू मानी जाएगी और शुरुआत में तीन माह की राशि एक साथ लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। इसी कारण सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 3000 रुपये और एससी वर्ग की महिलाओं को 4500 रुपये मिल रहे हैं। महिलाओं ने शाम आठ बजे तक किया इंतजार बसंत विहार, काकोवाल रोड निवासी माधुरी ने बताया कि वह सुबह से ही बैंक खाते में राशि आने का इंतजार कर रही थीं। शाम तक पैसा नहीं पहुंचने पर थोड़ी निराशा हुई, लेकिन रात करीब आठ बजे तीन हजार रुपये जमा होने का मैसेज मिला तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए यह सरकार की सराहनीय पहल है। इसी क्षेत्र की गीता ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले योजना का फार्म भरा था। दोपहर से ही वह बार-बार मोबाइल पर बैंक मैसेज देख रही थीं। आखिरकार रात करीब आठ बजे उनके खाते में भी तीन हजार रुपये जमा होने का संदेश मिला। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ में कमजोर मानसून पर मुख्यमंत्री साय की सलाह, बारिश देखकर करें खेती, सरकार हर कदम पर साथ

रायपुर. अल नीनो के असर से मानसून के कमजोर होने पर मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों के साथ सरकार है. मौसम विभाग ने पहले से ही बता दिया है कि मानसून कमजोर रहेगा. हम भी किसानों को लगातार अवगत करा रहे हैं कि मानसून के हिसाब से खेती-किसानी की योजना बनाएं. जांजगीर चांपा और सक्ती के दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि आज सक्ती जा रहे हैं, वहाँ पर भाजपा जिला कार्यालय का भूमिपूजन है. इस दौरान मंत्रालय में गत दिवस हुई समीक्षा बैठक के संबंध में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस साल के बजट में पाँच मिशन बनाये हैं, उसमे एक AI मिशन भी है. जिस तरह से AI की उपलब्धता हर क्षेत्र में बढ़ रही हैं, उसके प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई है. चरण पादुका को लेकर जारी टेंडर पर हाईकोर्ट के रोक लगाए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संज्ञान लिए हैं. पिछली कांग्रेस सरकार में योजना बंद हुई थी. अब हमारी सरकार ने फिर से शुरू किया है. लगातार हर साल इसका लाभ देंगे. वहीं IIM में 4 और 5 जुलाई को होने वाले चिंतन शिविर के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंतन शिविर का यह तीसरा साल होगा. गुड गवर्नेंस को लेकर चर्चा होगी. सरकार के कामकाज पर फोकस रहेगा. उससे सरकार चलाने में बहुत मदद मिलती है.

3 जुलाई को रायपुर में दौड़ेगा छत्तीसगढ़, भव्य ‘सहकार संकल्प दौड़’ का होगा आयोजन SEO-Friendly Title 2: रायपुर में 3 जुलाई को ‘सहकार संकल्प दौड़’, हजारों प्रतिभागियों के साथ दौड़ेगा छत्तीसगढ़ SEO-Friendly Title 3:

3 जुलाई को रायपुर में दौड़ेगा छत्तीसगढ़, होगा भव्य 'सहकार संकल्प दौड़' का आयोजन सहकारिता, स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश देने एक साथ जुटेंगे प्रदेशवासी रायपुर,   छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से 3 जुलाई को राजधानी रायपुर में 'सहकार संकल्प दौड़' का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन "सहकारिता की भावना के साथ, एक कदम समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर" थीम पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य लोगों में सहयोग, एकता, स्वास्थ्य और सामूहिक विकास का संदेश देना है। सुबह 6 बजे मरीन ड्राइव से होगी शुरुआत सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) में किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से नागरिक, युवा, विद्यार्थी, किसान, सहकारी संस्थाओं के सदस्य और विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेंगे। विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार दौड़ में पुरुष और महिला वर्ग के प्रतिभागियों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इससे नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। सहकारिता और स्वस्थ जीवन का संदेश सहकार संकल्प दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि जनजागरण का अभियान है। इसके माध्यम से सहकारिता को मजबूत बनाने, समाज में सहयोग की भावना विकसित करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य "सहकारिता से समृद्धि", "साथ चलें, साथ बढ़ें" और "स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी से ही सहकारिता का अभियान और अधिक मजबूत होगा तथा समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प साकार होगा।

मध्य प्रदेश की नई G-RAM-G योजना, 125 दिन रोजगार, काम न मिलने पर भत्ता और मजदूरी में देरी पर मुआवजा

भोपाल  केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' (VB-G Ram-G) के तहत संशोधित मजदूरी दरों को लागू कर दिया है. नया कानून एक जुलाई से लागू हो गया है. इसमें मनरेगा में 100 की बजाय अब 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी.सरकार के अनुसार, नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़कर 327.4 रुपये रोजाना हो गई है. मनरेगा में पहले यह 298.8 रुपये प्रतिदिन थी. इसमें करीब 29 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि एक जुलाई से प्रभावी नई मजदूरी दरें सभी 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में बढ़ाई गई हैं.मंत्रालय ने बताया कि 300 रुपये प्रतिदिन की नयी अंतरिम आधार मजदूरी दर तय की गई है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अधिसूचित कोई भी मजदूरी इससे कम न हो. सरकार के अनुसार, देशभर में औसतन मजदूरी दरों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।  रोजगार की गारंटी 125 दिन होगी मंत्रालय ने कहा कि नया अधिनियम पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन तक मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है, जबकि मौजूदा ढांचे में यह सीमा 100 दिन थी. 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी. अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि की गई है। 15 दिन में मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर 16वें दिन से हर दिन की देरी पर 0.05% प्रतिदिन की दर से कंपनसेशन मिलेगा। योजना के प्रस्तावित नियम कैबिनेट में पेश किए जाने थे, लेकिन मंगलवार और बुधवार को कैबिनेट की बैठक नहीं हुई। इसलिए नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया। मप्र सरकार जल संरक्षण और बांध जैसे बड़े प्रोजेक्ट में भी इसे लागू करने की तैयारी कर रही है। योजना का क्रियान्वयन 60:40 के अनुपात में होगा, यानी केंद्र 60 फीसदी पैसा देगा और राज्य सरकार को 40 फीसदी वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। 1. कितने दिन का रोजगार मिलेगा? योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन का अकुशल रोजगार मिलेगा। यह मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों से अधिक है। परिवार के वयस्क सदस्य स्वेच्छा से काम कर सकेंगे। 2. 15 दिन में काम नहीं मिला तो क्या होगा? यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक दैनिक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिन के लिए मजदूरी दर का 25 फीसदी और उसके बाद में 50 फीसदी भत्ता मिलेगा। 3. मजदूरी कब और कैसे मिलेगी? काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी साप्ताहिक आधार पर दी जाएगी। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। 4. मजदूरी में देरी हुई तो क्या होगा? यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी नहीं मिलती, तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05% की दर से मुआवजा (कंपनसेशन) दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। 5. आवेदन की प्रोसेस क्या होगी? रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन की रसीद भी अनिवार्य रूप से मिलेगी। 6. कौन कर सकेगा आवेदन? जिस ग्रामीण परिवार का पंजीकरण होगा और जिसके वयस्क सदस्य का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा, वही योजना के तहत काम मांग सकेगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य आवेदन कर सकता है। 7. गांवों में किस तरह के काम होंगे? योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई, आजीविका बढ़ाने वाले कार्य, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना और जलवायु परिवर्तन से बचाव से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे। इनका उद्देश्य गांवों की स्थायी संपत्ति तैयार करना है। 8. मॉनिटरिंग कैसे और कौन करेगा? योजना में जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डेशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा रोकने, भुगतान की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया गया है। 9. कमजोर और वंचित वर्ग को प्राथमिकता राज्य सरकार वंचित और जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की आजीविका सुरक्षा को मजबूत करना है। 10. सिर्फ रोजगार नहीं, गांवों के विकास पर भी फोकस योजना का लक्ष्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' के तहत गांवों का समग्र विकास करना है। पंचायत स्तर की योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विकास योजनाओं से जोड़कर दीर्घकालिक ग्रामीण विकास सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।

पांच जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

पटना  राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव कमजोर होने के कारण बीते माह की तरह जुलाई में भी सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार माह में ज्यादातर भागों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा।  प्रदेश का अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच एवं न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। राज्य के अधिकतर भागाें में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कहीं छिटपुट तो कहीं पर भारी वर्षा के कारण उमस वाली गर्मी लोगों को परेशान करेगी।  पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी  उत्तर बिहार की तुलना में राजधानी सहित दक्षिण भागों में वर्षा में कमी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पटना सहित सभी भागों में बादलों की आवाजाही बने होने के साथ कुछ जगहों पर हल्की वर्षा के आसार है।  जबकि, प्रदेश के पांच जिलों के कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी एवं पश्चिमी चंपारण के एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है।  तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना है। प्रदेश के शेष जिलों में 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ कुछ स्थानों पर बिजली चमकने एवं मेघ गर्जन के साथ बूंदाबांदी के आसार है। बीते 24 घंटों के दौरान समस्तीपुर में 39 किमी प्रतिघंटा हवा की रफ्तार दर्ज की गई।  प्रदेश के अलग-अलग भागों में वर्षा दर्ज की गई। गोपालगंज के भोरे में 92.8 मिमी सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। बुधवार को मधुबनी और मुंगेर को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस एवं 39.0 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में वर्षा की स्थिति पूर्वी चंपारण के चटिया में 86.2 मिमी, गोपालगंज में 79.2 मिमी, मुजफ्फरपुर के मुसहरी में 71.6 मिमी, समस्तीपुर के पूसा में 68.8 मिमी, किशनगंज के दिघलबैंक में 65.2 मिमी, समस्तीपुर के मोरवा में 59.2 मिमी दर्ज की गई। गोपालगंज के फुलवरिया में 48.8 मिमी, पूर्वी चंपारण के चेरिया में 30.6 मिमी, भभुआ के अधवारा में 28.4 मिमी, रोहतास में 27.0 मिमी, भभुआ में 24.6 मिमी दर्ज की गई। समस्तीपुर के कल्याणपुर में 22.8 मिमी, लखीसराय के चानन में 22.2 मिमी, सिवान में 20.4 मिमी, डेहरी में 20.0 मिमी, पश्चिम चंपारण के बैरिया में 19.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। प्रमुख शहरों का तापमान  (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम (°C)     न्यूनतम (°C) पटना      36.3                   28.6 गया        36.8                      26.2 भागलपुर   35.0                  27.4 मुजफ्फरपुर  33.0            27.6

30 हजार भूमिहीनों का घर का सपना होगा पूरा, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

मुजफ्फरपुर. बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी सौगात लेकर आई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 'अभियान बसेरा-2' के तहत मुजफ्फरपुर जिले के करीब 1,400 परिवारों सहित राज्य के 30 हजार भूमिहीनों को वासभूमि (घर बनाने के लिए जमीन) उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी जिलों को को टारगेट अलॉट कर दिया गया है। विभाग की योजना है कि आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर इन सभी पात्र लाभार्थियों के बीच जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र (वासगीत पर्चा) वितरित कर दिया जाए। 15 अगस्त तक पूरी होगी पहचान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिया है कि 15 अगस्त से पहले हर हाल में नए और लंबित पड़े पात्र भूमिहीन लाभार्थियों की पहचान और भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 'अभियान बसेरा' के पहले चरण में 71 हजार 569 भूमिहीन परिवारों को जमीन देकर बसाया जा चुका है। अब इसके दूसरे चरण (बसेरा-2) की शुरुआत की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा लाभार्थी पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण जिलों से सामने आए हैं। 31 जुलाई तक तैयार होंगे प्रमाण पत्र इस बार भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। चयनित लाभार्थियों के बंदोबस्ती प्रमाण पत्र ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे और संबंधित राजस्व अधिकारियों से इस पर डिजिटल/भौतिक हस्ताक्षर कराने की समयसीमा 31 जुलाई 2026 तय की गई है। मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत ने इस संबंध में जिले के सभी अंचलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अंचलों से जल्द से जल्द भूमिहीनों का अंचलवार ब्योरा मांगा है, ताकि समय पर वासगीत पर्चा तैयार किया जा सके। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग सीधे पटना मुख्यालय स्तर से की जा रही है।

Bhopal-Jewar Flight: नई हवाई सेवा का शुभारंभ, शानदार स्वागत के बावजूद कम रहे यात्री

भोपाल  भोपाल से नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तक सीधी उड़ान बुधवार से शुरू हो गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वाटर सैल्यूट से उड़ान का स्वागत किया। यात्रियों को इस उड़ान का काफी समय से इंतजार था, लेकिन पहले दिन उड़ान को उम्मीद से कम यात्री मिले। उड़ान से मात्र नौ यात्री नोएडा से भोपाल पहुंचे। भोपाल से 36 यात्री रवाना हुए। इस रूट पर इंडिगो ने उड़ान प्रारंभ की है। कंपनी की पहली उड़ान संख्या 6-ई 7653 बुधवार को निर्धारित समय शाम 6.50 बजे राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हुई। एयरपोर्ट अथॉरिटी किसी नए शहर तक हवाई कनेक्शन जुड़ने पर वाटर सैल्यूट से विमान का स्वागत करती है। इसी परंपरा के अनुरूप विमान पर फायर ब्रिगेड की दमकलों ने स्वागत किया। इस रूट पर 72 सीटों वाला विमान चला रही है। सीधी उड़ान शुरू होने से दिल्ली एनसीआर में आने वाले गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ एवं बुलंदशहर आदि जाने वाले हवाई यात्रियों को सुविधा होगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस उड़ान में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।