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क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! RCB-KKR मैच के टिकट आज से मिलेंगे

रायपुर. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के रायपुर में होने वाले पहले होम मैच, जो 10 मई को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ खेला जाएगा, की टिकट बिक्री ऑनलाइन शुरू हो गई है. वहीं, 13 मई को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच के टिकट कल यानी 4 मई से उपलब्ध होंगे. दोनों मुकाबले शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जाएंगे. फैंस टिकट RCB की वेबसाइट https://shop.royalchallengers.com/ticket पर खरीद सकते हैं. टिकट विभिन्न श्रेणियों में उपलब्ध होंगे, जिससे प्रशंसकों को कई विकल्प मिलेंगे. नॉन-हॉस्पिटैलिटी स्टैंड्स के टिकट ₹2,500 और ₹3,500 में उपलब्ध होंगे, जबकि हॉस्पिटैलिटी टिकट ₹8,000 में उपलब्ध रहेंगे. प्रत्येक यूजर अधिकतम चार टिकट खरीद सकता है. व्हाट्सएप पर आएगा m-ticket टिकट को ‘My Tickets’ सेक्शन के माध्यम से दोस्तों और परिवार के साथ साझा किया जा सकता है, जिसमें सीट चुनकर प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर जोड़ना होगा. m-ticket व्हाट्सऐप के जरिए भेजा जाएगा और इसे केवल एक बार (मैच शुरू होने से छह घंटे पहले तक) ट्रांसफर किया जा सकता है. स्टेडियम में रहेंगी ये सुविधाएं सुरक्षित और सुगम मैच डे अनुभव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. स्टेडियम में दो मेडिकल कमांड सेंटर, छह फर्स्ट एड सेंटर और छह एम्बुलेंस तैनात रहेंगी. गेट दोपहर 3:30 बजे खुलेंगे, जबकि मैच शाम 7:30 बजे शुरू होंगे. पार्किंग के लिए छह निर्धारित ज़ोन बनाए गए हैं, जिनकी एंट्री संबंधित गेट्स से जुड़ी होगी. कुछ वस्तुएं, जैसे खतरनाक सामग्री, प्रतिबंधित सामान और बाहर का खाना-पीना स्टेडियम के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी. पूरी सूची के लिए प्रशंसकों को अपने टिकट का संदर्भ लेने की सलाह दी गई है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सीईओ बोले… रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सीईओ राजेश मेनन ने कहा, ”हम रायपुर में ये मैच आयोजित कर बेहद खुश हैं और छत्तीसगढ़ के प्रशंसकों को एक यादगार मैच अनुभव देने के लिए उत्साहित हैं. हमें पूरे भारत में प्रशंसकों का जबरदस्त समर्थन मिलता है और टीम को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर उनसे जुड़ना हमेशा खास होता है. इन मैचों के आयोजन में सहयोग के लिए हम छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ और बीसीसीआई का आभार व्यक्त करते हैं और हमने सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर प्रशंसकों के लिए एक सहज और आनंददायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए काम किया है.” बता दें, टॉस से पहले एक छोटा प्री-मैच एंटरटेनमेंट सेगमेंट भी आयोजित किया जाएगा. टिकट से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए प्रशंसक 8884864040 पर संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन: मझगांय और रुंज परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों के हितों की सुरक्षा होगी

मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित ग्रामीणों के हितों का रखा जाएगा पूरा ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 86 गांवों की 27510 हैक्टेयर भूमि में होगी सिंचाई 45 हजार किसान परिवार होंगे लाभान्वित प्रभावितों के मुद्दों के निराकरण के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना जिले में निर्माणाधीन मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणजनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ये दोनों परियोजनाएं क्षेत्र के लिए वरदान साबित होंगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने पर पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड के 86 गांवों 27510 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ मिलेगा। साथ ही पेयजल एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए लगभग 39.56 मिलियन घन मीटर पानी प्राप्त होगा। इससे क्षेत्र के लगभग 45 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इन परियोजनाओं के डूब से प्रभावितों से चर्चा कर विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के निराकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है, जो उनके विभिन्न मुद्दों पर प्रभावितों से चर्चा करेगी और उनके हित में शासन को प्रतिवेदन देगी। गठित समिति में :- 1. अध्यक्ष – संभाग आयुक्त सागर संभाग 2. सदस्य – प्रमुख अभियंता जल संसाधन, भोपाल 3. सदस्य – मुख्य अभियंता धसान-केन कछार जल संसाधन, सागर हैं। समिति आगामी 5 दिनों में प्रभावितों से विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जाँच कर एवं विस्थापितों से चर्चा उपरांत वस्तु स्थितिपरक प्रतिवेदन शासन को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में इस परियोजना का कार्य निर्माण के अंतिम चरण में है। वर्तमान में इसके नाला क्लोजर का कार्य किया जा रहा है, जिसे वर्षा काल के पहले पूर्ण किया जाना है। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर, हनुमतपुर, बरियारपुर भूमियान, डुंगरहो एवं सब्दुआ हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के 21 मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें 1657 खातेदारों को भुगतान योग्य कुल 1 अरब 91 करोड़ 86 लाख 80 हजार 929 रूपए की राशि स्वीकृत कर मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मात्र विवादित खातेदारों की राशि वितरण हेतु शेष है। इस परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर एवं हनुमतपुर हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के विस्थापन हेतु अपर सचिव जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित 1 जुलाई 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1935 परिवारों का चयन कर पात्र 660 परिवारों को एकमुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ रूपए मात्र स्वीकृत कर पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। शेष परिवारों के पात्रता एवं अपात्रता की जांच एवं दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम विश्रामगंज एवं भुजबई हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 710 खातेदारों को भुगतान योग्य 44 करोड़ 23 लाख 58 हजार 951 रूपए मात्र की राशि स्वीकृत कर 43 करोड़ 86 लाख 63 हजार 205 रूपए राशि का वितरण किया जा चुका है, 36 लाख 95 हजार 746 रूपए मात्र का भुगतान शेष है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के तहत प्रभावित ग्राम विश्रामगंज है। प्रभावित ग्राम के विस्थापन हेतु शासन द्वारा निर्धारित 5 अक्टूबर 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार 670 परिवारों का चयन कर पात्र 670 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ 50 लाख रूपए राशि की स्वीकृति उपरांत पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।  

पंजाब के अहम मुद्दों पर राष्ट्रपति मुर्मु से मिलेंगे राघव चड्ढा और सीएम भगवंत मान

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों के साथ भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे। चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा था और राष्ट्रपति ने उन्हें मंगलवार को सुबह 10:40 बजे का समय दिया है। चड्ढा के साथ दो अन्य राज्यसभा सदस्य भी राष्ट्रपति से मिलेंगे। खास बात यह है कि इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं। पता चला है कि राघव चड्ढा राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान उन्हें पंजाब सरकार की ओर से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों पर की जा रही कार्रवाई से अवगत करवाएंगे। उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात को भी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक मई को विधानसभा के बुलाए गए विशेष सत्र में पहले ही कह चुके हैं कि वे राष्ट्रपति से मिलकर दल बदल कानून में संशोधन की मांग करेंगे। इसके साथ ही वे विधानसभा में पास हुए विश्वास प्रस्ताव से भी उन्हें अवगत करवाएंगे। मान ने कहा था कि पंजाब देश का पहला राज्य बन जाएगा जो दल बदल कानून में बदलाव की मांग करेगा। भगवंत मान भी राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. उनकी इस मुलाकात को भी काफी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि वह दल-बदल कानून को लेकर अपनी सरकार का रुख साफ करेंगे और उसमें बदलाव की मांग उठाएंगे।  दल-बदल कानून में बदलाव की मांग भगवंत मान पहले ही विधानसभा के विशेष सत्र में यह संकेत दे चुके हैं कि वह राष्ट्रपति से मिलकर दल-बदल कानून में संशोधन की मांग करेंगे. उनका कहना है कि मौजूदा कानून में कई खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर जनादेश के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. मान ने यह भी कहा था कि पंजाब ऐसा पहला राज्य बन सकता है, जो इस कानून में बदलाव की पहल करेगा।  विश्वास प्रस्ताव का भी जिक्र मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति को विधानसभा में पास हुए विश्वास प्रस्ताव की जानकारी भी देंगे. उनका उद्देश्य यह दिखाना है कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है और वह स्थिर स्थिति में काम कर रही है।  एक ही दिन में राघव चड्ढा और भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर है और केंद्र स्तर पर अपनी बात मजबूती से रखना चाहती है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.

विक्रमशिला सेतु हादसा: पुल का हिस्सा टूटा, भागलपुर-उत्तर बिहार संपर्क ठप

पटना  बिहार के भागलपुर जिले में विक्रमशिला पुल टूटने के बाद से हड़कंप मच गया है। अब सरकार ने इसपर ऐक्शन लेते हुए फिलहाल इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी इस पुल को लेकर मदद मांगी है। रविवार की देर रात उत्तर बिहार को भागलपुर से जोड़ने वाले विक्रमशिला पुल के कुछ हिस्से टूट कर गंगा नदी में समा गए थे। इसकी वजह से भागलपुर का उत्तर बिहार से संपर्क टूट गया है। पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने बताया कि जैसे ही इस दुर्घटना की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिली, उन्होंने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क करके बोर्डर रोड निगम से भी पुल की मरम्मती में मदद मांगी है। रक्षा मंत्री ने उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है। पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि भागलपुर विक्रमशिला पुल टूटने की जांच के लिए विशेषज्ञ की टीम भेजी गई है। साथ ही वहां के कार्यपालक अभियंता को निलंबित किया गया है। उन्होंने पटना स्थित सूचना भवन में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस पुल की एक महीना पहले जांच की गई थी, जिसमें कोई मेजर फाल्ट नहीं पाया गया था। रविवार की रात अचानक पुल टूट गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुल निगम के द्वारा यह पुल बनाया गया था। 2001 से इस पुल पर आवागमन चल रहा है। दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया में बने गंगा नदी पर पुल को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है। स्पैन दुरुस्त करने में तीन महीने लगेंगे बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विक्रमशिला सेतु का जो स्पैन गिरा है, उसे दुरुस्त करने में तीन महीने का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दिसंबर तक विक्रमशिला सेतु के सामानांतर गंगा नदी पर बन रहे पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। 4.7 किलोमीटर लंबा है विक्रमशिला पुल आपको बता दें कि बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा रविवार देर रात को ध्वस्त हो गया, हालांकि इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। कुल 4.7 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला सेतु जिले में भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है। भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने संवाददाताओं को बताया, "रात करीब 12:50 बजे विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास दो स्लैब के बीच दरार बन गयी। इसके कुछ ही देर बाद एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया।" उन्होंने कहा कि किसी वाहन के स्लैब के साथ गिरने, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा, "जैसे ही अधिकारियों को दो स्लैब के बीच दरार बनने की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां से सभी वाहनों और लोगों को हटा दिया।"

भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम, भोपाल समेत 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है। वहीं, कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखी गई जिसने किसानों को परेशान कर दिया है। शनिवार को दोपहर में अचानक राजधानी भोपाल का भी मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। भोपाल के अलावा सागर, शिवपुरी, रायसेन, सीहोर, बालाघाट, बैतूल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, हरदा, डिंडौरी, इटारसी, गुना, राजगढ़ जिलों में शनिवार को हल्की और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 31 जिलों में तेज गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर में झुलसाने वाली गर्मी के बाद बारिश सागर शहर में शनिवार को सुबह से सूरज तेवर तेज रहे। दोपहर के समय झुलसाने वाली गर्मी रही, लेकिन शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली। आसमान में अचानक काले बाद छाए और बारिश हुई। बारिश के बाद तपती गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली। शिवपुरी ने रिमझिम बारिश, तेज आंधी ने उखाड़े पेड़ शिवपुरी शहर सहित अंचलभर में शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद अचानक मौसम में बदला और फिर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जो तूफान आया, उसने कई जगह कहर बरपा दिया। आधा घंटे तक रिमझिम बारिश भी होती रही। शहर सहित जिलेभर में 50 से अधिक स्थनों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए और पोलोग्राउंड के पास बनी दीवार के पास लगा पेड़ गिरा तो उसकी चपेट में आकर कुछ लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बालाघाट में बदला मौसम बालाघाट जिले में शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम के चलते तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य मार्गों के किनारे लगे कुछ पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1 से 5 मई तक आंधी-तूफान के साथ हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। राजगढ़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि राजगढ़ में एक दिन पहले हुई बारिश के बाद रात भर उमड़ रही और शनिवार दोपहर अचानक से मौसम बदल गया बादलों की लुकाछिपी के बीच गरज चमक के साथ पोचारे गिरी कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि भी हुई जिला मुख्यालय से लगे कली पीठ क्षेत्र में कहीं-कहीं ओले गिरने की सूचना है वहीं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई कहानी पेड़ गिर गए तो कहीं सड़कों पर पानी बाहर निकाला करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। शहडोल में लगातार तीसरे दिन बारिश शहडोल संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को लगातार तीसरे दिन मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले। सुबह दोपहर की तपिश के बाद शाम होते ही तेज धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने जहां तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की, वहीं बिजली गुल होने से लोग उमस भरी गर्मी में हलाकान रहे। खरगोन में गिरे ओले, हुई बारिश खरगोन जिले में शनिवार शाम करीब 6.20 बजे चिरिया के पीढ़ी जामली क्षेत्र में अचानक मौसम बदला। देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगी और बारिश के साथ चने आकार के ओले भी गिरे। बादल छटने के बाद मौसम में ठंडक घुली लेकिन रात में उमस ने परेशान किया। नर्मदापुरम में तेज आंधी-बारिश, सड़क पर गिरे पेड़ नर्मदापुरम में भी शनिवार को के आसमान में बादल छाए। तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। जिले के डोलरिया क्षेत्र के डूडू गांव के पास मुख्य सड़क पर पेड़ गिर गया।ग्रामीणों ने पेड़ को कुल्हाड़ी से काटकर मार्ग को वापस शुरू करवाया। अगले 24 घंटे इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया हैं।

नई बिजली टैरिफ नीति से 35 लाख उपभोक्ताओं को फायदा, घरेलू दरों पर मिल सकती है राहत

लखनऊ अब घर में छोटी दुकान चलाने वालों को अलग से कॉमर्शियल बिजली कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई बिजली टैरिफ नीति में इस तरह के उपभोक्ताओं के लिए नई श्रेणी का प्रावधान किया जा सकता है। इससे प्रदेश के लगभग 35 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है प्रदेश में करीब 3.5 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं। – इसमें से लगभग 2.94 करोड़ घरेलू कनेक्शनधारी हैं। इनमें बड़ी संख्या (करीब 35 लाख) ऐसे लोगों की है, जो अपने घरों में किराना, स्टेशनरी, सब्जी या अन्य छोटे व्यवसाय संचालित करते हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत, इन दुकानों के लिए अलग से कॉमर्शियल कनेक्शन लेना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर बिजली चोरी के आरोप में कार्रवाई होती है। प्रस्तावित नई टैरिफ नीति के तहत ऐसे छोटे दुकानदारों के लिए अलग श्रेणी निर्धारित की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर जो उपभोक्ता 300 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं, उनसे घरेलू दरों पर ही शुल्क लिया जा सकता है। साथ ही नए कनेक्शन लेने वालों के लिए भी कुछ रियायत देने पर विचार किया जा रहा है। अभी घरेलू कनेक्शन पर बिजली की दर लगभग 4 से 5 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए यह दर करीब 8 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच जाती है। इसके अलावा न्यूनतम अधिभार शुल्क भी लगभग 500 रुपये होता है। यदि अलग कनेक्शन की अनिवार्यता समाप्त होती है, तो छोटे दुकानदार जो केवल बल्ब और पंखे जैसी सीमित बिजली उपकरणों का उपयोग करते हैं उन्हें घरेलू दरों पर ही बिजली मिल सकेगी। दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं बिजली दरों में बढ़ोतरी के फिलहाल आसार नहीं दिख रहे। पॉवर कॉर्पोरेशन ने 1.15 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता का प्रस्ताव दिया है, जबकि बिजली आपूर्ति की लागत 8.50 से 8.80 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। हालांकि, उपभोक्ताओं के पक्ष में लगभग 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस बताया जा रहा है। ऐसे में संभावना है कि जून माह में जारी होने वाली नई दरों में वृद्धि न की जाए।  

हरपाल चीमा का दावा: पंजाब में वैट और पीएसडीटी राजस्व में हुई बड़ी वृद्धि

चंडीगढ़  वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने आज चंडीगढ़ में राजस्व उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि का दावा करते हुए कहा है कि राज्य ने इस वर्ष अप्रैल में वैट और पीएसडीटी प्राप्ति में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि राज्य ने इन दोनों क्षेत्रों से लगभग 265 करोड़ रुपये का कुल अतिरिक्त राजस्व हासिल किया है, जो बेहतर निगरानी प्रणालियों और पारदर्शी कर प्रशासन के कारण संभव हुआ है। वित्त मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल में वैट संग्रह में 23.28% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे राज्य के खजाने में लगभग 230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इजाफा हुआ है। यह कर प्रशासन और अनुपालन में निरंतर सुधार का परिणाम है। पीएसडीटी संग्रह के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भी 20.43% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे लगभग 35 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई है। यह वृद्धि बेहतर निगरानी और सख्त प्रवर्तन प्रणाली का प्रत्यक्ष परिणाम है। हरपाल सिंह चीमा ने इस आर्थिक प्रगति का श्रेय उन्नत निगरानी रणनीतियों और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दिया। उन्होंने कहा कि वैट और पीएसडीटी में यह मजबूत प्रदर्शन तकनीक-आधारित प्रवर्तन और करदाताओं को दी जा रही सुविधाओं के संतुलन का परिणाम है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और साथ ही ईमानदार करदाताओं के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली सुनिश्चित की जाती रहेगी।

बड़ा एक्शन: 590 करोड़ के घोटाले की जांच CBI के हवाले, CFO अमित देवन बर्खास्त

पंचकूला. हरियाणा सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों के 590 करोड रुपए के बैंक घोटाले में एक और सरकारी अधिकारी पर गाज गिर गई है। हरियाणा के पावर यूटिलिटी सेक्टर में बड़े प्रशासनिक फैसले के तहत मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित देवन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश में उन पर अपने पद का दुरुपयोग कर आरोपियों और बैंक अधिकारियों से सांठगांठ कर निगम (HPGCL) के हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। मामले की जांच पहले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जा रही थी, जिसे अब हरियाणा सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। आदेश में कहा गया है कि समानांतर विभागीय जांच चलाने से सीबीआई जांच प्रभावित हो सकती है और सबूतों के समय से पहले उजागर होने या उनके साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते अमित देवन पर उच्च नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां थीं, लेकिन उन्होंने गंभीर कदाचार किया, जिससे राज्य सरकार और पावर यूटिलिटीज की छवि को नुकसान पहुंचा है। प्रबंधन ने यह भी आशंका जताई कि अधिकारी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड में बदलाव या उन्हें नष्ट कर सकते हैं, साथ ही अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए उनके खिलाफ खुलकर गवाही देना भी मुश्किल हो सकता है। इन परिस्थितियों में निष्पक्ष विभागीय जांच कर पाना संभव नहीं माना गया। इसी आधार पर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कर्मचारी (दंड एवं अपील) विनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत विभागीय जांच की प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी व्यावहारिक नहीं समझा गया। प्रबंध निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अमित देवन की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

खन्ना के ढाबे पर हुई फायरिंग: कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने घटना का लिया संज्ञान

चंडीगढ़ कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने प्रेम वैष्णो ढाबा, खन्ना का दौरा कर हाल ही में वहां हुई फायरिंग की घटना का जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ एस.पी. हरपिंदर कौर गिल, डी.एस.पी. तरलोचन सिंह सहित खन्ना पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कैबिनेट मंत्री सोंद ने कहा कि पंजाब की अमन-शांति को भंग करने वालों के लिए स्पष्ट संदेश है कि इस धरती पर समाज विरोधी तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे शरारती तत्वों को काबू किया जाएगा और कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि प्रेम वैष्णो ढाबा हमारे खन्ना का एक प्रसिद्ध ढाबा है। लंबे समय से इसकी तीसरी पीढ़ी इसे चला रही है। पिछले दिनों इन्हें संदिग्ध कॉल्स आ रही थीं। इसके बाद मैंने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस कप्तान (एस.एस.पी.) खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया से बात कर इस मामले को ट्रेस करने के लिए कहा था और पुलिस इसकी जांच कर रही थी। उन्होंने बताया कि इसी दौरान जब प्रेम वैष्णो ढाबा के संचालक अपने घर में सुरक्षित सो रहे थे, तब कुछ शरारती तत्वों ने धमकी देने के उद्देश्य से फायरिंग करवाई। घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज, बैलिस्टिक रिपोर्ट और अन्य सभी सबूत इकट्ठे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए खन्ना पुलिस उसी दिन से पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी हुई है। कैबिनेट मंत्री सोंद ने एस.एस.पी. खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में खन्ना पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस जिला खन्ना को अपराध मुक्त बनाने और गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक निर्धारित समय के भीतर इस मामले को भी सुलझा लिया जाएगा और यह भी पता लगाया जाएगा कि इसके पीछे कौन से शरारती तत्व हैं जो माहौल खराब करना चाहते हैं। वे आरोपी बहुत जल्द खन्ना पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उन्होंने प्रेम वैष्णो ढाबे की सुरक्षा के बारे में बताया कि पीसीआर जीप हर समय ढाबे के बाहर तैनात रहती है। उन्होंने एस.पी. हरपिंदर कौर गिल को निर्देश दिए कि जब तक यह मामला हल नहीं हो जाता, तब तक ढाबे की सुरक्षा के लिए एक पुलिस कर्मी तुरंत तैनात किया जाए।

ब्लास्ट केस में नया मोड़: गुरजिंदर के परिवार ने कहा—हमारा बेटा निर्दोष

बटाला. पटियाला-शंभू रेलवे ट्रैक धमाके के आरोपित गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत सिंह का परिवार सामने आया है। गुरजिंदर सिंह के माता-पिता ने उसे बेगुनाह बताया है। उनका आरोप है कि उसे मामले में बेवजह फंसाया गया है। आरोपित गुरजिंदर सिंह के पिता मुख्तियार सिंह ने बताया कि गुरजिंदर सिंह को वीरवार धारीवाल में दूध देने के लिए गया था। काफी समय तक गुरजिंदर सिंह घर नहीं आया। वह जब गुरजिंदर को ढूंढने के लिए गए तो पता चला कि सादा कपड़ों में आए पुलिस वालों ने गुरजिंदर को हिरासत में लिया है और साथ ले कर चले गए हैं। पुलिस बोली- कुछ देर में आएगा गुरजिंदर शुक्रवार को उनके घर पर कुछ पुलिस कर्मचारी आए और गुरजिंदर सिंह के साथ उनकी फोन पर बात करवाई। इसके बाद पुलिस वाले घर से गुरजिंदर के कुछ कपड़े और फोन लेकर चले गए। पुलिस वालों का कहना था कि गुरजिंदर कुछ ही समय बाद घर आ जाएगा। उन्हें शनिवार को पता चला कि गुरजिंदर को बम धमाके में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गुरजिंदर सिंह की मां जसबीर कौर ने बिलखते हुए बताया कि उसका बेटा खेतीबाड़ी का काम करता है और अपने काम में ही व्यस्त रहता है। उसका किसी प्रकार के किसी अपराध में शामिल होने के बारे में परिवार तो क्या पूरा इलाका ही नहीं सोच सकता। वह बेहद संजीदा लड़का है और उसका किसी अपराधी के साथ कोई लेना देना नहीं है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ धक्का किया है।