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PSEB ने पंजाब के छात्रों को दिया सुनहरा मौका, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई शुरू

चंडीगढ़ पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने राज्य के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। जो छात्र पिछले 16 वर्षों में 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर सके, उनके लिए बोर्ड ने विशेष मौका (स्पेशल मर्सी चांस) देने हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र उम्मीदवार 25 मई 2026 तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार के लिए छात्रों को मौका  यह विशेष अवसर उन उम्मीदवारों के लिए है, जिन्होंने मार्च 2010 से मार्च 2025 के बीच 10वीं या 12वीं की परीक्षा दी थी और जिनके री-अपीयर या कंपार्टमेंट के सभी मौके समाप्त हो चुके हैं या जो अपने शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं। इसके अलावा वे उम्मीदवार भी इसके लिए पात्र हैं, जिन्होंने मार्च 2010 से मार्च 2026 के बीच परीक्षा दी और फेल हो गए, बशर्ते उन्होंने कम से कम एक मुख्य विषय पास किया हो। बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी  यह मौका 10वीं और 12वीं की ओपन स्कूल स्ट्रीम के विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म और विस्तृत दिशा-निर्देश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.pseb.ac.in पर उपलब्ध हैं। बोर्ड द्वारा दिया गया यह स्पेशल मर्सी चांस उन विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है, जो अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहते हैं। 

मृत्यु, मातृत्व और उपचार योजनाओं में लाखों श्रमिकों को मिला सरकारी लाभ

 रांची  राज्य की सरकार झारखंड असंगठित सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ श्रमिकों को दे रही है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26-मार्च तक श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विभाग ने करोड़ों की सहयोग राशि योजनाओं में प्रदान की। राज्य के 24 जिलों में इस वित्तीय वर्ष में मृत्यु-दुर्घटना सहायता योजना के तहत कुल 1219 को पांच करोड़ अड़सठ लाख से अधिक राशि प्रदान की गई। इसमें रांची के 81 लोग शामिल हैं और 41 लाख पचास हजार रुपये सहायता राशि दी गई। इसी तरह अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत 1234 के आश्रितों को करीब दो करोड़ 46 लाख की राशि प्रदान की गई। रांची में 81 लोगों के आश्रितों को 1235000 राशि दी गई। मातृत्व प्रसुविधा योजना के तहत 9606 को लाभ मिला और इन्हें करीब 14 करोड़ चालीस लाख नब्बे हजार की राशि दी गई। मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 72229 को 36,11,45000 की राशि प्रदान की गई। उपचार आजीविका सहायता योजना के तहत 17 को लाभ दिया गया। इन्हें 88215 रुपये प्रदान की गई। अन्य योजनाओं में भी लाभ दिया गया। लाभ के लिए निबंधन अनिवार्य है। कैसे करें निबंधन संयुक्त श्रमायुक्त सह अपर निबंधक श्रमिक संघ प्रदीप रोबर्ट लकड़ा ने बताया कि श्रमिक आनलाइन निबंधन करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता एवं एक पासपोर्ट साइज फोटो चाहिए। नामिनी के आधार के साथ श्रमाधान पोर्टल पर जाकर कर सकते हैं। यह वीडियो भी देखें श्रमिकों के लिए सरकार की योजनाएं, लें लाभ झारखंड सरकार असंगठित सामाजिक सुरक्षा योजना चला रही है। इस योजना के तहत वह ऐसे लोगों को लाभ दे रही है, जो योजना के लिए कानूनन योग्य हों। इसमें 18 से 59 साल तक के कामगारों को शामिल किया गया है। इसमें 18 से 59 साल तक के स्वनियोजित कर्मकार जिनके पास ढाई एकड़ या उससे कम कृषि योग्य भूमि हो, भवन या अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में निबंधन नहीं होने वाले नियोजनों में मजदूरी करने वाले कर्मकार जिनकी मजदूरी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से बहुत अधिक नहीं हो। ऐसे लोग सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। ऐसे लोग आनलाइन निबंधन भी करा सकते हैं। सरकार ने भवन निर्माण में लगे श्रमिकों के लिए बोर्ड बनाया है-झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड। निर्माण श्रमिकों के लिए योजना है। इसमें 18 से 60 साल के निबंधित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए है। इसमें काम के दौरान यदि दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसे पांच लाख का अनुदान दिया जाएगा। यदि दुर्घटना में पूर्ण अपंग हो जाता है तो तीन लाख का प्रविधान है और सामान्य मौत में एक लाख का। इस योजना के तहत मातृत्व प्रसुविधा योजना भी है। इसमें श्रमिक महिला को प्रथम दो प्रसूतियों के लिए पंद्रह हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। अंत्येष्टि सहायता योजना इस योजना के तहत निबंधित श्रमिक की मृत्यु होने पर वैध आश्रित को अंतिम संस्कार के लिए मृतक के नामित व्यक्ति-आश्रित को दस हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसी के साथ चिकित्सा सहायता योजना भी है। इसमें पांच या उससे अधिक कार्य दिवसों तक अस्पताल में भर्ती रहने पर अकुशल श्रेणी के श्रमिक के लिए विहित दर पर न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। अधिकतम चालीस कार्य दिवस के समतुल्य ही भुगतान होगा। निश्शक्तता पेंशन योजना इसमें वैसे निबंधित श्रमिक जो पक्षाघात, कुष्ठ, यक्ष्मा, दुर्घटना के कारण स्थायी रूप से अशक्त हो गए हों, उन्हें एक हजार रुपये प्रति माह एवं दस हजार एकमुश्त अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। कब से शुरू हुआ श्रमिक दिवस श्रम दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 1886 में अमेरिका के शिकागो से हुई थी। उस समय मजदूरों से 12 से 16 घंटे तक काम कराया जाता था। श्रमिकों ने प्रतिदिन आठ घंटे कार्य, उचित वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर आंदोलन किया। इस आंदोलन के दौरान कई मजदूरों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उनके संघर्ष और बलिदान की स्मृति में वर्ष 1889 में पेरिस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में एक मई को श्रमिक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। तभी से यह दिवस विश्वभर में मनाया जाने लगा। भारत में पहली बार वर्ष 1923 में चेन्नई में मई दिवस मनाया गया। इसके बाद से यह दिवस देशभर में विभिन्न श्रमिक संगठनों, उद्योगों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा मनाया जाता है। कई राज्यों में एक मई को सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया जाता है। श्रम संहिता का हो रहा विरोध इधर वाम दल केंद्र सरकार की श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) को लेकर विरोध कर रहे हैं। संसद में सितंबर 2020 में श्रम संहिताओं के पारित होने के बावजूद अभी तक लागू करने के लिए अधिसूचित नहीं किया गया। चार श्रम संहिता को लेकर मजदूर संगठन आपत्ति कर रहे हैं। इन्हें कारपोरेट हितों को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं। सीटू के राज्य महासचिव विश्वजीत देब ने कहा कि संहिताओं में परिभाषाओं को षड्यंत्रपूर्वक इस तरह से हेरफेर किया गया है, ताकि योजनाबद्ध तरीके से श्रमिकों के एक बड़े हिस्से को इससे बाहर रखा जा सके। उदाहरण के लिए 'व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता' (ओएसएचडब्ल्यूसी कोड) में 'वर्कर' और 'एम्पलाई शब्दों का प्रयोग इस प्रकार किया गया है कि अस्पष्टता का लाभ उठाकर गलत व्याख्या करने, भेदभाव करने और बड़ी संख्या में श्रमिकों को इस संहिता के दायरे से बाहर रखने की गुंजाइश बना रहे। परिभाषाओं में 'अप्रेंटिसेज' एवं 'ट्रेनीज शामिल नहीं हैं जो कुछ उद्योगों में कई वर्षों से काम कर रहे हैं। अनुबंधित कामगारों को 'वर्कर और 'एम्पलाई' के दायरे से बाहर रखा गया है। इंड्यूट्रियल रिलेशन कोड में श्रमिकों और कर्मचारियों के बड़े वर्ग को 'सुपरवाइजर' या 'मैनेजर' कहकर कवरेज से बाहर करने की गुंजाइश है। जिन लोग तथाकथित 'सुपरवाइजरी कैपेसिटी' में कार्यरत हैं और 18000 रुपये से अधिक वेतन प्राप्त करते हैं, उन्हें 'श्रमिक' या 'कर्मचारी' की परिभाषा से बाहर रखा जाएगा। इसी तरह, प्रतिष्ठान की परिभाषा में दस से कम कर्मचारियों को रोजगार देने वाली इकाइयां शामिल नहीं हैं। 'फैक्ट्री' की परिभाषा में 20 से कम कर्मचारियों को रोजगार देने वाली बिजली चालित फैक्ट्रियां और बिजली से चालित नहीं होने वाली 40 से कम कर्मचारियों को रोजगार देने वाली फैक्ट्रियां शामिल नहीं हैं। पांच हेक्टेयर से … Read more

90 दिन से बकाया चालान पर सख्ती, गुरुग्राम में वाहनों की जब्ती अभियान तेज

गुरुग्राम दिल्ली से सटे गुरुग्राम में वाहन चालकों को बार-बार नियम तोड़ने की आदत ऐसी है कि चालान कटने के बाद भी कोई सुधार नहीं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से अब ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। 90 दिन से अधिक चालान बकाया वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान जारी है। उनके वाहन जब्त किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सेक्टर 4/7 के चौक पर ट्रैफिक पुलिस की टीम ने गुरुवार को एक बाइक को जब्त कर लिया। इस बाइक के 26 चालान बकाया थे। इतना ही नहीं, इस पर एक लाख पांच हजार का जुर्माना बकाया था। पुलिस ने बाइक को किया जब्त सेक्टर 4/7 चौक पर तैनात एएसआई मदनपाल की टीम ने चेकिंग के दौरान एक बाइक चालक को रोका। ट्रैफिक पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि वाहन चालक पर 26 चालान बाकी है। बिना पैटर्न नंबर प्लेट, बिना इंश्योरेंस, बिना डीएल आदि के यह चालान हैं। इस बाइक पर एक लाख पांच हजार का जुर्माना भी बकाया था। ट्रैफिक पुलिस ने टीम ने इस बाइक को जब्त कर लिया। एससीपी सत्यपाल यादव ने बताया कि यह ड्राइव जारी रहेगा। इसे लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। नियम तोड़ने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। 366 ई रिक्शा चालकों पर सख्ती ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ भी ट्रैफिक पुलिस का अभियान जारी है। अप्रैल में नियम तोड़ने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। जिलेभर में एक से 29 अप्रैल तक 366 ई रिक्शा चालकों के चालान किए गए। इसके एवज में जुर्माना भी लगाया गया। एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल यादव ने बताया कि नियम तोड़ने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।  

गंज थाने में हंगामा: महिला कार्यकर्ताओं ने स्याही फेंकी, पुलिस ने की कार्रवाई

अजमेर अजमेर में चर्चित स्याही कांड के बाद पुलिस अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की है. कल, 30 नवंबर को अजमेर के गंज थाने में बीजेपी की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही एक कांग्रेस नेता के ऊपर स्याही फेंक दी थी. बीजेपी की कार्यकर्ताएं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बारे में अजमेर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी पीयूष सुराणा की एक पोस्ट का विरोध कर रहे थे. इसी मामले में पुलिस ने पीयूष सुराणा को हिरासत में लिया गया था. लेकिन पुलिस कस्टडी में ही कांग्रेस नेता के ऊपर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. इसके बाद अब अजमेर के पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है. तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने गुरुवार शाम को थाने में स्याही फेंके जाने की घटना के लिए गंज थाना प्रभारी महावीर सिंह, एक संतरी और ड्यूटी ऑफिसर को प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया है. इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. साथ ही मामले की जांच की जा रही है. थाने में फेंक दी स्याही अजमेर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी पीयूष सुराणा को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ कथित अमर्यादित पोस्ट के मामले में गुरुवार को हिरासत में लिया गया था. यह कार्रवाई भाजपा पदाधिकारी की शिकायत पर गंज थाने में की गई. गिरफ्तारी के बाद भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी गंज थाने पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन के दौरान सुराणा पर स्याही फेंक दी. बीजेपी नेताओं पर मुकदमा थाने में स्याही फेंकने के मामले में सुराणा के छोटे भाई श्रेयांश सुराणा ने महिला मोर्चा से जुड़ी पदाधिकारियों के खिलाफ गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया. अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सिटी) हिमांशु जांगीड़ ने बताया कि इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज किए गए हैं. दोनों मामलों की जांच दरगाह थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी को सौंपी गई है. वहीं, पीयूष सुराणा ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि संबंधित फेसबुक पोस्ट से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उनकी आईडी का दुरुपयोग किया गया है.  पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच भी शामिल है.

60+ उम्र वालों के लिए प्रीवेंटिव वैक्सीनेशन, रैबिज-हेपेटाइटिस बी टीका मुफ्त

देवघर स्वास्थ्य ही धन है। यह बात कोई आज की नहीं, जमाने से चली आ रही है। सेहत का ख्याल सबको करना चाहिए। कोरोना काल में असमय दुनियां को अलविदा कह गए लोगों से यह सीख मिली। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। भारत सरकार ने बच्चों का टीकाकरण शुरू किया। उसे अनिवार्य कर दिया गया। आज से चार दशक पहले बच्चों के टीकाकरण की कोई व्यवस्था नहीं थी। उस काल में जन्मे बच्चे जिनकी उम्र आज 50 से अधिक हो गयी है। उनको ध्यान में रखकर व्यस्कों का टीकाकरण शुरू हुआ है। एक ही छत के नीचे व्यस्क टीकाकरण की सुविधा एम्स देवघर में शुरू की गयी है। एम्स देवघर पूर्वी भारत का पहला व्यस्क टीकाकरण केंद्र बन गया है। जहां व्यस्कों का टीकाकरण होगा। कुत्ता व सियार के काटने का इंतजार क्यों, पहले ले लें टीका आपकी उम्र 60 से अधिक हो गयी है तो निमोनिया से लड़ने के लिए टीका ले लें। कुत्ता और सियार काट ले तभी टीका लें यह जरूरी नहीं। अपने जान की सुरक्षा के लिए पहले ही टीका ले लें। खासकर वे लोग जो कुत्ता को पालते हैं। चिड़ियाघर में काम करते हैं। जंगल-झाड़ी में जाना उनकी मजबूरी होती है। तो वह प्रीवेंटिव तौर पर पहले से टीका ले सकते हैं। इसके लिए उनको एम्स के टीकाकरण ओपीडी में संपर्क करना होगा। रैबिज, हेपटाइटिस बी का टीका मुफ्त में मिलता है। यह वीडियो भी देखें येलो फीवर का भी मिलेगा टीका आने वाले समय में येलो फीवर से बचने के लिए टीका मिल जाएगा। इसकी तैयारी भी एम्स में चल रही है। इस टीका की सुविधा शुरू होने पर अफ्रीका जाकर नौकरी करने वाले को देवघर में टीका लेने की सुविधा मिल जाएगी। सरकार का यह निर्देश है कि भारत से अफ्रीका जाकर नौकरी करने वाले मजदूर, ड्राइवर अथवा अन्य पहले ही यह टीका ले लें। कारण अफ्रीका में येलो फीवर के चपेट में लोग आते हैं। एम्स ओपीडी में निबंधन कराकर ले सकते टीका की सुविधा एम्स ओपीडी में दिखाने के लिए सबसे पहले निबंधन कराना होगा। निबंधन शुल्क 40 रुपया है। उसके बाद 30 रुपया का एक पर्ची कटेगा जो व्यस्क टीकाकरण के ओपीडी के लिए होगा। यहां डॉ. अरशद अयूब और डॉ. सुनील पाणिग्रही मरीज को देखेंगे। यदि उनको उस संबंधित टीका की जरूरत समझी जाएगी तो उनको टीका का डोज दिया जाएगा। सभी टीका का अलग अलग डोज होता है। मरीज का कार्ड बन जाएगा और वह तय तिथि पर डोज ले सकेंगे। वयस्क टीका केंद्र पर उपलब्ध टीका एम्स के एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. अरशद अयूब ने बताया कि देवघर एम्स में व्यस्क टीका केंद्र शुरू हुआ है। यह पूर्वी भारत का पहला केंद्र है। जहां व्यस्कों को टीका दिया जाएगा। अभी रैबिज, टीडी, सर्वाइकल कैंसर, हेपेटाइटिस ए और बी। निमोनिया, चिकन पाक्स, इनफ्लूऐंजा, टायफाइड का टीका उपलब्ध है। लोगों को अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए प्रीवेंटिव में ही टीका ले लेना चाहिए। जैसे इनफ्लूऐंजा का वायरस म्यूट करता रहता है। डीएनए बदल जाता है। ऐसे में टीका लेकर स्वस्थ रहा जा सकता है।

अपराधियों की पहचान छिपाने से रोकने के लिए जयपुर पुलिस ने कड़ा निर्देश जारी

जयपुर  जयपुर में समेत राजस्थान के बड़े शहरों में किराए पर मकान देकर पैसे कमाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन जयपुर में अब बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखे तो मकान मालिक को जेल जाना पड़ सकता है. जयपुर पुलिस ने इस मामले में सख्त हिदायत दी है. पुलिस का कहना है कि किरायेदार रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं. दरअसल, पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बाहरी राज्य के अपराधी जयपुर में अपनी पहचान छिपाकर फरारी काट रहे हैं. ऐसे में जाने-अनजाने में मकान मालिक ऐसे अपराधियों का सहयोग कर रहे हैं. ऐसे में पुलिस वेरिफिकेशन का मुद्दा काफी चर्चाओं में है. जयपुर में बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के किरायदार रखना आपको दुविधा में डाल सकता है. नियमानुसार किरायदार रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफ़िकेशन करवाना बेहद ज़रूरी है. इसके लिए राज कॉप पुलिस सिटीज़न ऐप या संबंधित स्थानीय थाने में इसकी सूचना देना अनिवार्य है. लेकिन इसकी पालना धरातल पर नहीं हो रही. इसी का फ़ायदा अपराधी उठा रहे हैं. मकान मालिक पर BNS 188 के तहत होगी कार्रवाई पुलिस ने बताया कि पुलिस वेरिफ़िकेशन के दौरान किराएदार का नाम पता घर का एड्रेस पूरा बैकग्राउंड यहां तक कि आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में भी जानकारी मिल जाती है. लेकिन मकान मालिक द्वारा यह लापरवाही की जा रही है उधर पुलिस का कहना है कि बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन किये बिना मकान देने पर मकान मालिक पर BNS 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी. जयपुर में पहले भी हो चुकी है घटना पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ऐसे कई अपराधी है जो बिना वेरिफ़िकेशन के जयपुर में रह रहे हैं और उनका मक़सद जयपुर में वारदात करना है. पिछले दिनों बिंदायका थाना पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े कुछ शूटर को गिरफ़्तार किया था. वह बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के रह रहे थे तो वहीं जवाहर सर्किल में प्रेगनेंट महिला से छेड़छाड़ का आरोपी राहुल भी बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के अपनी पहचान छुपाकर किराये के मकान में रह रहा था. वहीं आतंकी खरगोश भी जयसिंह पुरा खोर इलाक़े में एक साल तक जयपुर में रहा वह सहजाद नाम से यहां पर रहा और उसका पुलिस वेरिफ़िकेशन नहीं करवाया गया था. वहीं दो दिन पहले वैशाली थाना पुलिस ने आरोपी अबू-बकर को गिरफ़्तार किया था जो म्यांमार का रहने वाला है, और बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के रह रहा था. इन सभी मामलों में मकान मालिक की लापरवाही सामने आयी इसके लिए अब जयपुर में पुलिस वेरीफिकेशन करवाना अनिवार्य कर दिया. अगर किरादार ने कोई बड़ी वारदात की तो इसकी ज़िम्मेदारी मकान मालिक की रहेगी पुलिस  मकान मालिक पर भी एक्शन लेगी.

डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना: पार्कों में नई छत्र, बाउंड्री और रोशनी का प्रावधान

फिरोजाबाद  यूपी के फिरोजाबाद सुहागनगरी में कहीं पर बगैर छतरी के आंबेडकर की प्रतिमा है तो कहीं पर पार्क की बाउंड्रीवॉल टूटी पड़ी है, लेकिन अब इनकी दशा बदलेगी। फिरोजाबाद के करीब 50 पार्कों के दिन बदलने वाले हैं। यूपी सरकार का ध्यान अब आंबेडकर पार्क की तरफ गया है तथा डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत इन पार्कों के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं। यूपी सरकार के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने सभी मंडलायुक्त को पत्र भेजा है जो जिला स्तर पर भी पहुंच गया है। पत्र में कहा है कि समाज सुधारकों एवं सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियां राष्ट्री की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत है। वर्तमान में कई प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन कहीं पर छत्र नहीं है तो कहीं पर बाउंड्री। मौसम की मार के साथ अतिक्रमण भी होता है। प्रतिमाओं की गरिमा भी प्रभावित होती है। इसे देखते हुए डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को लागू किया है। इसके तहत इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिले स्तर पर भी इसके तहत कार्य किया जाएगा। इसके साथ में लोगों में जनजागरूकता फैलाई जाएगी, ताकि लोगों में सामाजिक न्याय के ध्वज वाहक डॉ.आंबेडकर एवं महान विभूतियों के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके। कहीं मूर्ति हुई जीर्ण-शीर्ण तो लगाएंगे नई मूर्ति योजना के तहत निर्देश दिए हैं कि अगर कहीं पर पुरानी लगी हुई मूर्ति जीर्ण शीर्ण हो गईहै तो उसके स्थान पर नई मूर्ति भी लगाई जा सकती है। हर विधानसभा में दस-दस पार्क, मिलेंगे एक करोड़ योजना के तहत हर विधानसभा में दस-दस आंबेडकर पार्क का चयन किया जाएगा। एक पार्क के सौंदर्यीकरण पर करीब दस लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। हालांकि जिले को अभी तक बजट करीब एक करोड़ रुपये की ही स्वीकृति हुई है। बीते दिनों विभागीय बैठक में मंत्री ने इस संबंध में निर्देश दिए। इस स्थिति में जिला प्रशासन अपने स्तर से परीक्षण करेगा कि किस पार्क में कितनी धनराशि खर्च हो। स्थल निरीक्षण के बाद होगा चयन इसके लिए पहले आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद में अधिकारी पार्क में पहुंच कर स्थिति का जायजा लेंगे। स्थलीय निरीक्षण के बाद आने वाले आवेदनों में विकास संबंधी आगणन डीएम द्वारा चिन्हित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किया जाएगा। जिसकी मांग शासन को भेजी जाएगी। यह होंगे कार्य ● टिकाऊ एवं मौसम प्रतिरोधी छत्र का निर्माण। ● अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पांच फीट ऊंची बॉउंड्रीवाल, रेलिंग या फेसिंग। ● हरित क्षेत्र का निर्माण। ● मूर्ति के प्लेटफॉर्म का निर्माण। ● बेंच एवं पाथ वे की व्यवस्था। ● रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था। ● मूर्ति के नाम एवं इतिहास को संक्षिप्त रूप से प्रदर्शिता करता हुआ बोर्ड। लेखक के बारे में

छत्तीसगढ़ में RTO अधिकारियों के तबादलों से बढ़ी हलचल, सरकार ने दिया सख्त संदेश: लापरवाही नहीं चलेगी

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग ने प्रशासनिक कसावट लाने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। महानदी भवन से जारी आदेश के तहत क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) समेत कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना सौंपी गई है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करें।  प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम परिवहन विभाग का यह निर्णय राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लिया गया है। विभाग का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण से कार्यक्षमता में सुधार होता है और स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आती है। इन जिलों में हुआ बड़ा फेरबदल जारी आदेश के अनुसार, कोरबा, धमतरी, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बेमेतरा, सूरजपुर, गरियाबंद और जशपुर सहित कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस व्यापक फेरबदल से साफ है कि विभाग ने पूरे राज्य स्तर पर प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश की है। 10 दिन में जॉइनिंग के सख्त निर्देश परिवहन विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अधिकतम 10 दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यप्रणाली में तेजी लाने की कवायद सूत्रों के अनुसार, यह तबादला सूची केवल औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि विभागीय कार्यों में गति लाने की रणनीति का हिस्सा है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण से पारदर्शिता बढ़ने और जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है। जनसेवा पर पड़ेगा सीधा असर परिवहन विभाग से जुड़े कार्य- जैसे वाहन पंजीयन, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और प्रवर्तन—सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं। ऐसे में अधिकारियों के इस फेरबदल का असर सेवाओं की गुणवत्ता और गति पर भी देखने को मिल सकता है। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाएं और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करें। सख्ती के साथ सुधार का संकेत राज्य सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या ढिलाई को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समयबद्ध जॉइनिंग और व्यापक स्तर पर किए गए तबादले यह दर्शाते हैं कि शासन व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए गंभीर है।

मौसम विभाग का अलर्ट: पंजाब में 2 से 6 मई के बीच बारिश और तूफान की संभावना

चंडीगढ़  पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि के चलते पंजाब का मौसम सुहावना हो गया है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। 2 मई से मौसम खराब हो सकता है मौसम  हालांकि मौसम विभाग ने 2 से 6 मई के बीच बारिश, गरज-तूफान और बिजली चमकने की संभावना जताई है और इसको लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 1 मई के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया, लेकिन 2 मई से मौसम खराब हो सकता है। ऐसे में इन तारीखों के दौरान कहीं जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम केंद्र के अनुसार 7 मई को बारिश की संभावना नहीं है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है।  

पंजाब में मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी, सीएम भगवंत मान ने झटके में किया ऐलान

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐतिहासिक ऐलान किया है. सीएम मान के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में 13 साल के लंबे अंतराल के बाद न्यूनतम मजदूरी में संशोधन किया गया है. उन्होंने इसे राज्य के मेहनतकश वर्ग की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया. इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा जिससे उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।  पंजाब न्यूनतम मजदूरी वृद्धि · 15% की वृद्धि: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।  · व्यापक कवरेज: यह फैसला सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर समान रूप से लागू होगा।  · 13 साल का अंतराल: राज्य में न्यूनतम मजदूरी में यह संशोधन पूरे 13 वर्षों के लंबे समय के बाद किया गया है।  · श्रमिकों को लाभ: इस क्रांतिकारी कदम से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा।  · आर्थिक राहत: मुख्यमंत्री ने इसे मेहनतकश वर्ग को महंगाई के दौर में आर्थिक मजबूती देने वाला कदम बताया है।  मजदूरों की लंबे समय से मांग हुई पूरी यह फैसला पंजाब की अर्थव्यवस्था और श्रम शक्ति के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है: 1. परचेजिंग पावर में वृद्धि: वेतन में 15% की बढ़ोतरी से निचले स्तर के श्रमिकों के हाथ में अधिक पैसा आएगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।  2. महंगाई से लड़ने में सहायक: वर्तमान आर्थिक स्थिति में जहां जीवनयापन की लागत बढ़ रही है, यह वृद्धि श्रमिकों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।  3. श्रमिकों का पलायन रोकना: मजदूरी में सुधार होने से पंजाब पड़ोसी राज्यों के मुकाबले श्रमिकों के लिए अधिक आकर्षक बनेगा, जिससे लेबर शॉर्टेज की समस्या कम हो सकती है।  4. लंबे समय से लंबित सुधार: 13 साल तक मजदूरी न बढ़ाना एक बड़ा अंतराल था; यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अब श्रम कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।  सवाल-जवाब पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में कितने प्रतिशत की वृद्धि की गई है? मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. क्या यह वृद्धि केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है? नहीं, मुख्यमंत्री के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी (प्राइवेट) दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. पंजाब में पिछली बार न्यूनतम मजदूरी कब संशोधित हुई थी? मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि पंजाब में यह संशोधन 13 साल के लंबे अंतराल के बाद किया गया है. पंजाब में मजदूरों की सैलरी बढ़ने से किन श्रेणियों के श्रमिकों को लाभ होगा? इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा. इस कदम के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के मेहनतकश वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत प्रदान करना है.