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35 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस,ईडी की गवाही पर तेज हुई ट्रायल प्रक्रिया

रांची झारखंड टेंडर कमीशन घोटाले की करीब 35 करोड़ राशि की मनी लाउंड्रिंग में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम समेत अन्य से जुड़े मामले में डे-टू-डे सुनवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में मामले की डे-टू-डे ट्रायल शुरू हो चुका है। 21 अप्रैल से जारी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों का बयान दर्ज किया जा रहा है। साथ ही गवाह ईडी द्वारा जब्त कई महत्वपूर्ण दस्तावेज की पहचान साक्ष्य के रूप में करवायी जा रही है। एग्रीमेंट, बैंक खाते का स्टेटमेंट, रजिस्ट्री डीड समेत अन्य दस्तावेज शामिल हैं। सुनवाई के दौरान जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, संजीव लाल और जहांगीर आलम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाता है। अन्य आरोपियों की ओर से वकील उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह मामला उस चर्चित 35 करोड़ रुपये की नकद बरामदगी से जुड़ा है, जो ईडी की छापेमारी के दौरान सामने आई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी के जरिए अवैध धन अर्जित कर उसे ठिकाने लगाया गया। बता दें कि इस मामले में ईडी ने पूछताछ के दौरान 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था, तब से वह जेल में है। मामले में ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम समेत अन्य ट्रायल फेस कर रहे हैं। 11 तक महत्वपूर्ण गवाहों की करानी है गवाही सुप्रीम कोर्ट में पिछले दिनों आलमगीर आलम और संजीव लाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों को जमानत देने से इनकार किया गया। साथ ही ईडी को निर्देश दिया गया कि चार सप्ताह के अंदर महत्वपूर्ण गवाहों की जांच पूरी करें। इसी आदेश के आलोक में त्वरित सुनवाई प्रारंभ की गई है।

अरुण साव बोले – खेलों में समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ तैयार

रायपुर.  राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (Sher-i-Kashmir International Conference Centre) में प्रारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।  छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार इस चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।  साव ने बताया कि आज शिविर के पहले दिन केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ देश में खेलों को नई दिशा देने पर मंथन किया गया। यह पहल न केवल नीतियों को मजबूत करेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एकजुट होकर कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर शहर से नए खिलाड़ी उभरें और देश-विदेश के खेल मंचों पर अपना परचम लहराएं, यह हमारा लक्ष्य है। 26 अप्रैल तक चलने वाला यह शिविर देश में खेलों के समग्र विकास, नीति सुधार, वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है।  चिंतन शिविर के पहले दिन के प्रमुख सत्रों में ‘मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया’ पर गहन मंथन किया गया। विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर खेल प्रशिक्षकों के पोटेंशियल को विकसित करने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही वर्ष 2048 तक भारत को ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष 5 देशों में शामिल करने के रोडमैप पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार एवं उसके प्रभावी उपयोग को खेल विकास का महत्वपूर्ण आधार माना गया। खेल मंत्रालय द्वारा इस पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। द्वितीय सत्र ‘खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित हुआ। इस सत्र में विभिन्न राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस को साझा किया गया। खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के प्रभावी उपयोग, प्रतिभा पहचान (Talent Identification) तथा खेल अकादमियों के मानकीकरण पर विशेष बल दिया गया। सत्र के दौरान विद्यालय स्तर पर खेलों को सशक्त बनाने के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से जोड़ने, खेल शिक्षकों की भर्ती एवं उन्हें उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी। साथ ही खिलाड़ियों का समग्र डॉटा-बेस तैयार करने पर राज्यों एवं केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि प्रतिभाओं की सही पहचान सुनिश्चित हो सके। इस सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि खिलाड़ियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ समर्पित होकर खेलना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक अवसर, सम्मान एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी व्यवस्था (मॉडल) विकसित की जाए, जिससे वे नौकरी प्राप्त करने के बाद भी खेल जारी रखें और अपने खेल करियर को बीच में न छोड़ें। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करने, जमीनी स्तर पर सुविधाओं के विस्तार तथा बच्चों को अधिक समय खेल गतिविधियों में देने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही खेल अधोसंरचना के निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। तीसरे सत्र में डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर गंभीर चर्चा हुई। खेलों में प्रतिबंधित  दवाईयों के उपयोग पर कड़े नियम बनाने तथा डोपिंग को अपराध की श्रेणी में लाने के विषय पर केंद्र सरकार एवं खेल मंत्रालय की सख्त नीति को दोहराया गया। इस सत्र में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने खेलों में सुरक्षित एवं पेशेवर वातावरण सुनिश्चित करने तथा खिलाड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सेफ गॉर्डिंग ऑफिसर्स (Safe Guarding Officers) की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।

नोट बरसाने’ का ड्रामा, तांत्रिक बनकर गिरोह ने ऐसे लूटा शिकार

अजमेर तत्र-मंत्र से नोट बरसाने का पाखंड और भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठने के बाद मौत का ड्रामा, यह मामला किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता. डीग में ऐसी ही ठगी का भंडाफोड़ हुआ है, जहां आरोपी खुद को तांत्रिक बताते हुए पैसा दोगुना करने का झांसा देता था. इस एवज में उसने कई लोगों से ठगी कर ली. पुलिस ने शातिर और संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है. कामां थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इनके पास से ठगी गई पूरी राशि  4 लाख 35 हजाररुपए बरामद कर ली है. सुनसान जगह ले गया आरोपी डीग एसपी शरण कांबले ने बताया कि अजमेर निवासी राजेंद्र सिंह सोलंकी को गिरोह ने फोन कर झांसे में लिया था. उसे खेडली जल्लो क्षेत्र के एक सुनसान जगह पर बुलाया गया. वहां गिरोह ने पहले से ही एक पटकथा तैयार कर रखी था. एक छोटे कद का व्यक्ति 'तांत्रिक' बनकर बैठा था, जिसने तंत्र-मंत्र और कंबल से नोट बरसाने का पाखंड किया. इसके बाद पैसे ठगने का खेल शुरू होता था. पैसे हड़पने के बाद 'नाटक' शुरू जैसे ही पीड़ित राजेंद्र ने 4 लाख 35 हजार रुपए आरोपियों को सौंपे, तांत्रिक ने अचानक 'मौत' का नाटक शुरू कर दिया. गिरोह के अन्य सदस्यों ने वहां डर का माहौल पैदा कर दिया और पीड़ित को पुलिस केस और मौत के डर से वहां से भागने पर मजबूर कर दिया. जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना पिछले 10 वर्षों के दौरान कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है. आरोपियों से पूछताछ कर गिरोही के अन्य साथियों और पीड़ित के बारे में भी पता लगाया जा रहा है.

हाफा मोड़ पर सकरी पुलिस की बड़ी दबिश: 335 नग अंग्रेजी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, 40 हजार की खेप जब्त

सकरी. अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सकरी पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए हाफा मोड़ पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हाफा मोड़ क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन की सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल घेराबंदी कर संदिग्धों को रोककर तलाशी ली। इस दौरान घिरधौना निवासी योगेन्द्र यादव (24 वर्ष), पिता बोधराम यादव के पास से 2 सफेद बोरियों में 185 नग अंग्रेजी शराब बरामद की गई। वहीं, दूसरे आरोपी जरौंधा निवासी रवि वर्मा, पिता अरुण वर्मा के कब्जे से 2 सफेद बोरियों में 150 नग अंग्रेजी शराब जब्त की गई। दोनों के पास से कुल 335 नग अंग्रेजी शराब बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सख्ती के मूड में पुलिस, तस्करों में दहशत सकरी पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहा है कि अवैध शराब कारोबार पर अब कड़ा प्रहार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुखबिर तंत्र हुआ मजबूत इस कार्रवाई में मुखबिर की भूमिका अहम रही, जिसकी सूचना पर पुलिस ने सटीक समय पर दबिश देकर बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस का खुफिया नेटवर्क अब पहले से अधिक सक्रिय और मजबूत हो गया है। जनता ने की सराहना इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और सक्रियता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में अपराध और अवैध गतिविधियों पर निश्चित रूप से अंकुश लगेगा।

घरेलू विवाद ने लिया खौफनाक मोड़: आरक्षक की दूसरी पत्नी के हमले में मां-बेटे की मौत

दुर्ग. दुर्ग के एसटीएफ कॉलोनी में शनिवार सुबह महिला ने आरक्षक ललितेश यादव के घर घुसकर परिवारवालों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमले में आरक्षक की पत्नी और 9 वर्षीय बेटे की मौके पर मौत हो गई, वहीं एक बेटी गंभीर घायल हो गई. एक बेटी ने बाथरुम में छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रही. पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज और बीजापुर में पदस्थ आरक्षक ललितेश यादव के बीच संबंध थे. बताया जा रहा है कि महिला एक दिन पहले भी आरक्षक के घर पहुंची थी, इस दौरान उसे समझाकर वापस भेज दिया गया था. लेकिन महिला ने आज फिर से घर में घुसकर खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया. महिला द्वारा चाकू से किए गए हमले में आरक्षक की पत्नी रीना यादव और 9 वर्षीय बेटे आदित्य यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, वहीं हमले में गंभीर रूप से घायल आरक्षक की बेटी तानिया यादव को उपचार के लिए अस्पताल के आईसीयू में रखा है. घटना के दौरान दूसरी बेटी नैना यादव ने बाथरूम में छिपकर किसी तरह से अपनी जान बचाई. घटना के बाद पूरे कॉलोनी में सनसनी फैल गई है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. घटना के संबंध में सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपी महिला ने घर में घुसकर महिला और बच्चों पर हमला किया है, जिसमें दो की मौत हो गई और एक बच्ची का इलाज जारी है. फिलहाल, आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. फेसबुक में दोस्ती, फिर की शादी! घटना को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है, उसके अनुसार बीजापुर में पदस्थ आरक्षक ललितेश यादव और जांजगीर-चांपा में रहने वाली आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज के बीच फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी, जो जल्द ही प्यार में बदल गया. बताया जा रहा है कि आरक्षक ने कथित तौर पर महिला से दूसरी शादी भी कर ली थी. अब पुलिस कथित दूसरी पत्नी के आरक्षक की पहली पत्नी और बच्चों पर हमले के पीछे की वजह जानने में जुटी हुई है.

Indian Hockey को बड़ा झटका: Gurbux Singh नहीं रहे, ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट थे

मोहाली. भारतीय हॉकी के दिग्गज और 1968 मेक्सिको ओलंपिक के खिलाड़ी रहे गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे और दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने जीरकपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरबख्श सिंह ग्रेवाल भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे, जिसने 1968 के मेक्सिको सिटी ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। वह अपने समय के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिने जाते थे और उनकी खेल प्रतिभा ने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी एक और खास उपलब्धि यह रही कि उन्होंने अपने सगे भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ एक ही ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह भारतीय हॉकी इतिहास में एक दुर्लभ और गौरवपूर्ण कीर्तिमान माना जाता है। खेल करियर के बाद भी उन्होंने हॉकी से जुड़ाव बनाए रखा। वह पश्चिम रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे और मुंबई हॉकी एसोसिएशन के मानद सचिव के रूप में भी सेवाएं दीं। खिलाड़ी के साथ-साथ एक कुशल प्रशासक के रूप में भी उन्होंने खेल के विकास में अहम योगदान दिया। सुरजीत हॉकी सोसाइटी के पदाधिकारी इकबाल सिंह संधू सहित कई खेल संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। जीरकपुर में हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी विदाई गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह जिरकपुर के श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान खेल जगत से जुड़े कई लोगों, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।

Old Pension Scheme लागू: Chhattisgarh High Court का बड़ा फैसला, संवर्ग शिक्षकों को फायदा

बस्तर. प्रदेश के 1998-99 संवर्ग शिक्षकों को बड़ी कानूनी जीत मिली है. उच्च न्यायालय ने उनके पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. नियुक्ति की वास्तविक तिथि से पुरानी पेंशन का रास्ता साफ हुआ. राज्य शासन की चुनौती को कोर्ट ने खारिज कर दिया. पहले सिंगल बेंच ने 120 दिनों में लाभ देने कहा था. अब डिवीजन बेंच ने भी उस आदेश को बरकरार रखा है. इस फैसले से हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी. लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत माना जा रहा है. शिक्षक संगठन इसे न्याय की जीत बता रहे हैं. राजधानी में महापंचायत बुलाकर अगली रणनीति बनेगी. सरकार से जल्द आदेश जारी करने की मांग तेज हो गई है. हजारों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है. शिक्षक वर्ग में फैसले के बाद उत्साह का माहौल है.

झारखंड में नई पहल,बंजर जमीन पर लगेगा सोलर प्लांट, सरकार खरीदेगी बिजली

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन करें। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कम अवधि के लिए खेती की जाने वाली जमीन या बंजर भूमि पर ग्रामसभा के माध्यम से सामूहिक सोलर खेती करें। सरकार उत्पादित बिजली की खरीदारी करेगी। इस पहल से ग्रामीणों की आय में जहां वृद्धि होगी, वहीं वे समृद्ध-आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सीएम सोरेन शुक्रवार को रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) को संबोधित कर रहे थे। सिंचाई के लिए नई तकनीक का हो रहा इस्तेमाल सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि समग्र विकास व ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आप सभी ऐसे लोग हैं, जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी ग्राम पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। आपकी कार्यकुशलता से ही राज्य के सर्वांगीण विकास का रास्ता तय हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य-देश का विकास तभी होगा, जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य की जड़ हैं। जब जड़ें मजबूत होंगी, तभी पेड़ मजबूत होगा। गांवों को मजबूत करने की दिशा में उनकी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना परिवर्तनकारी पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

OPS को लेकर बढ़ी सख्त,CAG ने राजस्थान सरकार से वित्तीय डेटा मांगा

जयपुर  राजस्थान में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला सरकारी फाइलों और आर्थिक गणित से जुड़ा है. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने शनिवार को राजस्थान सरकार को एक अहम नोटिस जारी किया है, जिसमें राज्य के खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक असर का ब्यौरा मांगा गया है. आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि इस नोटिस के पीछे की कहानी क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है. क्या मांग रहा है CAG? CAG ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया है कि वह OPS से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे. इस रिपोर्ट के जरिए सरकार को यह बताना होगा कि अगले 10 वर्षों में पेंशन स्कीम के कारण सरकारी खजाने पर कितना आर्थिक दबाव पड़ेगा. रिपोर्ट में मुख्य रूप से ये जानकारी देनी होगी CAG की इस विस्तृत रिपोर्ट में राजस्थान सरकार को तीन प्रमुख पहलुओं पर फोकस करना होगा. सबसे पहले, अगले 10 सालों में OPS के कारण सरकारी खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का अनुमान लगाना अनिवार्य है. इसके साथ ही, राज्य की मौजूदा बजट स्थिति और वित्तीय हालात का सटीक खाका पेश करना होगा, ताकि पेंशन भुगतान और राजस्व आय के बीच के संतुलन को स्पष्ट रूप से समझा जा सके. क्यों जरूरी है यह रिपोर्ट? यह कोई सामान्य सवाल-जवाब नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. CAG ने यह जानकारी वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM Act) के तहत मांगी है. क्या होता है FRBM Act? यह एक्ट एक तरह का 'रूलबुक' है, जो राज्य सरकारों को अनुशासन में रखता है. इसके तहत किसी भी राज्य को यह स्पष्ट करना अनिवार्य है कि वह अपने खर्चों का प्रबंधन कैसे कर रहा है और भविष्य में उसके वित्तीय दायित्व (Financial Obligations) क्या होंगे. यह एक्ट सुनिश्चित करता है कि राज्य सरकार कर्ज के जाल में न फंसे और विकास के लिए पर्याप्त फंड बचा रहे. रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन राजस्थान सरकार को यह पूरी जानकारी 15 जून तक जमा करानी है. सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति का स्पष्ट आईना पेश करना होगा, जिससे यह पता चल सके कि भविष्य में पेंशन का बोझ राज्य के विकास कार्यों या अन्य योजनाओं को प्रभावित तो नहीं करेगा. मामला क्या है? याद दिला दें कि राजस्थान में साल 2022 में तत्कालीन सरकार ने नई पेंशन योजना (NPS) को हटाकर वापस ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू की थी. तभी से यह मुद्दा देशभर में बहस का विषय बना हुआ है कि लंबे समय में यह स्कीम राज्य की अर्थव्यवस्था पर क्या असर डालेगी. अब CAG की इस रिपोर्ट से वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.

Punjab Politics: Waris Punjab De लड़ेगा नगर निगम चुनाव, कैंडिडेट्स का ऐलान जल्द

मोगा. अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' ने मोगा नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि नगर निगम के तहत आने वाले सभी 50 वार्डों में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के नामों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। प्रैस बयान में पार्टी के हलका इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने कहा कि नगर निगम चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा की मंजूरी के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उतारे जाने वाले साफ छवि वाले उम्मीदवारों में हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम वर्गों के अलावा महिलाओं को भी काफी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि पंजाब भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वह खुद एक व्यापारी हैं और व्यापारियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' मोगा शहर के हर तरफ के विकास, ड्रग्स के खात्मे और व्यापारियों के कारोबार से जुड़े मुद्दों पर नगर निगम चुनाव लड़ेगा।