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बिहार में RJD नेता पर सेल्स टैक्स विभाग की कार्रवाई, सिवान के 4 ठिकानों पर सर्वे

सिवान. राजद नेता सह व्यवसायी अरुण गुप्ता के चार ठिकानों पर रविवार को सेल्स टैक्स विभाग की टीम ने एक साथ सर्वे की कार्रवाई की। सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। विभाग की अलग-अलग टीमें विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संबंधित परिसरों पर पहुंचीं तथा कर संबंधी दस्तावेजों, बिल, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और अन्य कारोबारी अभिलेखों की गहनतापूर्वक जांच की। इस दौरान हरदिया मोड़ स्थित वीआईपी मॉल, मैरवा थानान्तर्गत मैरवा बाजार स्थित वीआइपी प्रतिष्ठान व पचरूखी थाना अंतर्गत उम्मेद पैलेस सह रेस्टोरेंट सहित अन्य जगहों पर सर्वे की कार्रवाई की गई। सर्वे के दौरान अधिकारियों ने जीएसटी रिटर्न, स्टाक रजिस्टर, कंप्यूटर में उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया। टीम ने आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच भी शुरू कर दी है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की जब्ती या कर चोरी की पुष्टि को लेकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और सर्वे पूरा होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जांच पूरी होने तक विभाग ने विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है। उधर, सर्वे की सूचना मिलते ही संबंधित परिसरों के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और कारोबारी हलकों में भी चर्चा का माहौल बना रहा। फिलहाल, विभाग सर्वे के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकार्ड का परीक्षण कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी प्रकार की कर अनियमितता मिली है या नहीं तथा आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

जलापूर्ति व्यवस्था जांचने गांव-गांव जाएंगे जलशक्ति मंत्री, ग्रामीणों से लेंगे सीधा फीडबैक

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन को केवल योजनाओं तक सीमित न रखकर उसकी जमीनी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में भी लगातार सक्रिय है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए अब जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्वयं गांवों में जाकर नल से जलापूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे। 15 से 25 जुलाई के बीच प्रस्तावित इस विशेष अभियान के तहत जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक दर्जन से अधिक जिलों के गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे न केवल पेयजल आपूर्ति और पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगे, बल्कि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी जानेंगे। इस अभियान में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ रहेंगे। जलशक्ति मंत्री और विभागीय अधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन होगा। निरीक्षण के दौरान गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीणों को जलापूर्ति व्यवस्था के संरक्षण और संचालन में सहभागी बनाया जाएगा। जिलों के दौरे के साथ ग्रामीणों से लिया जाएगा फीडबैक 15 और 16 जुलाई को जलशक्ति मंत्री ललितपुर, झांसी और जालौन के गांवों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लेंगे। इन सभी स्थानों पर वे ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लेकर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करेंगे। यमुना की सफाई के लिए संतों और ग्रामीणों से संवाद 24 जुलाई को जलशक्ति मंत्री मथुरा में संतों के साथ विशेष संवाद करेंगे। इस बैठक में यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही यमुना तटवर्ती ग्रामीणों को भी इस अभियान से जोड़कर नदी सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा। जलापूर्ति में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन मुख्यालय में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी जिले से जलापूर्ति संबंधी शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी चीफ इंजीनियरों को प्रत्येक परियोजना की व्यक्तिगत समीक्षा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी चीफ इंजीनियर अपने स्तर पर भी गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन करें। इन आयोजनों में ग्रामवासियों को जलापूर्ति की व्यवस्था सौंपने के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति भी सचेत किया जाए।

मोहाली के गुरुद्वारे में मारपीट मामले में नया मोड़, निहंग के कथित आपत्तिजनक फोटो वायरल

मोहाली. मोहाली के सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां में रविवार को निहंग बाबा जसदीप सिंह पर हमले की कोशिश और उसके बाद हुए हंगामे के मामले में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक निहंग बाबा जसदीप सिंह और निहंग विक्की थोमस के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद के बीच विक्की थॉमस के करीबी भगत सिंह दुआबी के ड्राइवर लवली की पिटाई हुई, जिसके बाद मामला और बढ़ गया। वहीं, विक्की थोमस ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर करीब 11 मिनट का वीडियो और कुछ फोटोज शेयर किए हैं। इनमें विक्की थोमस ने दावा किया कि उसके पास निहंग जसदीप सिंह से जुड़ी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें हैं। उसने आरोप लगाया कि तस्वीरों में जसदीप सिंह एक दूसरे निहंग के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि वीडियो में यह नहीं बताया गया कि ये तस्वीरें कब और कहां की हैं और न ही उनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सकी है। वीडियो के दौरान थोमस ने एक कथित वीडियो काॅल का हिस्सा भी साझा किया। उसका दावा है कि बातचीत में जसदीप सिंह ने तस्वीरों को अपना बताया, लेकिन साथ ही कहा कि उस समय वह नशे की हालत में था। इस कथित बातचीत की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने वीडियो में किए गए दावों की सत्यता पर सवाल उठाए। फिलहाल तस्वीरों और वीडियो काल से जुड़े दावों की किसी भी जांच एजेंसी या पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। मामले को लेकर अभी तक संबंधित पक्षों या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। निहंगों के स्वागत समारोह में हुआ था हंगामा उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मारपीट मामले में जमानत मिलने के बाद पंजाब लौटे निहंगों के स्वागत के लिए गुरुद्वारा सिंह शहीदां में समारोह आयोजित किया गया था। इसी दौरान एक युवक बाबा जसदीप सिंह के पास पहुंचा और कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। वहां मौजूद निहंगों और संगत ने युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हुआ। विक्की थोमस के करीबी के ड्राइवर ने की थी हमले की कोशिश सूत्रों के अनुसार लवली और जसदीप सिंह के बीच पहले तीखी बहस हुई थी। इसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी घटनाक्रम को रविवार को हुए पूरे विवाद की वजह माना जा रहा है। उधर बाबा जसदीप सिंह ने दावा किया कि एक दिन पहले उनकी और विक्की थोमस के बीच फेसबुक पर भी तीखी नोकझोंक हुई थी। उनका आरोप है कि इसके बाद पांवटा साहिब, नाडा साहिब और रविवार को सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां में भी उन पर हमला करने की कोशिश की गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब इस पूरे विवाद को लेकर जत्थेदार आपस में बैठकर फैसला करेंगे।

टीएलपीएस रिपोर्ट-2025 से उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधारों की नई रणनीति बनेगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा सुधारों को योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, प्रभावी कक्षा-कक्षीय शिक्षण और सीखने के परिणामों में सतत सुधार को नई दिशा देने की रणनीति पर तेजी से कार्य कर रही है। मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के संयुक्त तत्वावधान में 'टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) रिपोर्ट-2025, उत्तर प्रदेश' पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संवाद एवं सेमिनार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'नीति से व्यवहार तक संवाद' रखा गया है, जिसका उद्देश्य साक्ष्यों को क्रियान्वयन में बदलते हुए शिक्षा सुधारों को सीधे कक्षा-कक्ष तक पहुंचाना है।  अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा करेंगे। इसमें शिक्षा नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शैक्षिक विशेषज्ञों, एसआरजी, एआरपी, बीईओ, शिक्षकों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। राज्य स्तर पर प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, अधिगम सुधार और भविष्य की शैक्षणिक रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। टीएलपीएस रिपोर्ट-2025 का होगा विमोचन सेमिनार का प्रमुख आकर्षण टीएलपीएस उत्तर प्रदेश राज्य रिपोर्ट-2025 का विमोचन होगा। एलएलएफ द्वारा प्रदेश में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) के अंतर्गत किए गए राज्यव्यापी अध्ययन के निष्कर्ष, प्रमुख अंतर्दृष्टियां और अनुशंसाएं प्रस्तुत की जाएंगी। इन निष्कर्षों के आधार पर विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा तय की जाएगी। प्रभावी शिक्षण और कैच-अप रणनीतियों पर होगा मंथन सेमिनार में प्रभावी शिक्षण के 10 प्रमुख शिक्षण अभ्यासों पर संवाद होगा। साथ ही अधिगम अंतर (लर्निंग गैप) को कम करने के लिए कैच-अप रणनीतियों, परख के निष्कर्षों पर आधारित शैक्षणिक सुधारों तथा साक्ष्य आधारित निर्णय प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त निपुण उत्तर प्रदेश 2.0 की दिशा में भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा। जमीनी अनुभवों से मिलेगा शिक्षा सुधारों को बल राज्य स्तरीय सेमिनार में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अपने नवाचारी शिक्षण अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा एसआरजी, एआरपी, बीईओ तथा अन्य शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं के अनुभवों के साथ कक्षा-कक्ष से उभरती वास्तविक सफलता की कहानियों को भी मंच मिलेगा। इन अनुभवों के आधार पर शिक्षण की प्रभावी पद्धतियों को व्यापक स्तर पर लागू करने की रणनीति तैयार की जाएगी। कक्षा-कक्ष तक पहुंचेगा शिक्षा सुधारों का लाभ प्रदेश में निपुण भारत मिशन, शिक्षक क्षमता संवर्धन, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल संसाधनों के उपयोग और विद्यालयी गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रयासों के बीच यह राज्य स्तरीय संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साक्ष्य आधारित नीति, प्रभावी शिक्षण अभ्यास और जमीनी अनुभवों के समन्वय से तैयार होने वाली रणनीतियां शिक्षा सुधारों को नई गति देंगी तथा उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बस्तर IG सुन्दरराज पी का किया सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ जताया आभार

जगदलपुर. बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने आईजी सुन्दरराज पी का सम्मान समारोह आयोजित किया. एनआईए में पदोन्नति मिलने पर चेम्बर भवन में उनका अभिनंदन किया गया. व्यापारी प्रतिनिधियों ने उनके कार्यकाल को बस्तर के लिए महत्वपूर्ण बताया. उनकी सरल कार्यशैली और आम लोगों से सहज संवाद की सराहना की गई. नक्सल उन्मूलन अभियान में उनकी भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया. चेम्बर पदाधिकारियों ने कहा कि उनके नेतृत्व में पुलिस की.सकारात्मक पहचान मजबूत हुई. सम्मान समारोह में अभिनंदन पत्र भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं. बड़ी संख्या में व्यापारी और चेम्बर के पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. वक्ताओं ने बस्तर में उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखने की बात कही. कार्यक्रम में सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. सम्मान समारोह बस्तर और पुलिस प्रशासन के बेहतर समन्वय का भी प्रतीक बना. कार्यक्रम का समापन उनके सफल भविष्य की कामना के साथ हुआ.

भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से होगा देश का विकास: राज्यपाल

जयपुर  राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि प्राचीन भारत में आठ लाख गुरुकुल थे। इनमें व्यावहारिक जीवन के लिए 18 विद्याएं और 64 कलाओं का ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जाता था। गुरुकुल में समग्र जीवन से जुड़ा ज्ञान विद्यार्थियों को मिलता था। इसमें नैतिकता को सर्वोच्च स्थान दिया गया था। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति प्राचीन ज्ञान से आधुनिक विज्ञान के विकास के समन्वय से भारत के सर्वांगीण विकास से जुड़ी है।  बागडे सोमवार को पूर्णिमा विश्वविद्यालय में विद्याभारती के सहयोग से आयोजित "भारतीय ज्ञान परंपरा-पारंपरिक ज्ञान से आधुनिक शिक्षा, शोध और नवाचार" विषयक पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने 16 वीं शताब्दी में महाराणा प्रताप के दरबारी लेखक चक्रपाणी मिश्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उसने "विश्व वल्लभ" ग्रन्थ लिखा। इसमें भू जल की खोज, मौसम की भविष्यवाणी, जल शुद्धिकरण, कुंड निर्माण, बावड़ियां और पर्यावरण संरक्षण की विरल जानकारिया हैं। उन्होंने कहा कि यह ग्रन्थ बागवानी, वृक्ष से संबंधित बीमारियां, उन्हें दूर करने के उपायों, कृषि वानिकी आदि की उन्नत तकनीक पर बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां लिए है। उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान परम्परा की यही विशेषता रही है कि वह युगीन संदर्भों में ऐसी उपयोगी तकनीक से जुड़ी थी, जिसे आज आधुनिक विज्ञान कहा जा रहा है।       उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा प्रणाली मुख्य रूप से वैदिक परंपरा थी। हमारे यहां शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों पर आधारित नहीं थी बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास से जुड़ी रही है। इसमें नैतिकता को सबसे अधिक प्रमुखता दी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रभु राम ने भी गुरुकुल शिक्षा पद्धति से शिक्षा पाई। इसी से वह मर्यादा पुरुषोत्तम हुए। उन्होंने कहा कि विश्वामित्र ने दशरथ से राम को आश्रमों में राक्षसों के उत्पात से बचाने के लिए मांग लिया था। उन्होंने कहा कि विश्वामित्र ने ही सिखाया कि हिंसा का प्रतिकार कई बार जब उसी भाषा में नहीं दिया जाता तो हिंसा से ग्रस्त डरपोक समाज बनता है। हिंसा का प्रतिकार ही हमारे यहां अहिंसा का सर्वोत्तम मार्ग है।    राज्यपाल ने कहा कि अंग्रेजो ने जब देश पर शासन किया तब जो गजेटियर निकाले उनमें यह सामने आया कि हमारे देश में 8 लाख गुरुकुल थे। भारत तब बहुत बड़ा था। पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका आदि भारत में ही थे। गुरुकुल में शिक्षा निशुल्क थी। इनका खर्च आम जन के सहयोग से निकलता था। प्राचीन शिक्षा में ज्ञान मौखिक रूप में अधिक प्रचलित था। श्रुति परंपरा के साथ शिष्य ज्ञान का श्रवण करते थे। उस पर चिंतन और मनन करते थे। व्यावहारिक जीवन के लिए 18 विद्याएं और 64 कलाएं थी। इनका ज्ञान विधार्थी पाते थे। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में समग्र ज्ञान दिया जाता था। शिक्षा कौशल से जुड़ी थी। उन्होंने रणकपुर के जैन मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि शिल्प में यह इसीलिए अद्वितीय है कि इसका निर्माण कला कौशल से हुआ था।        राज्यपाल ने कहा कि लार्ड मैकाले ने इसीलिए भारत की शिक्षा पद्धति बदली कि यहां तब नैतिकता प्रबल थी। समृद्ध विरासत थी। अंग्रेजों ने इसलिए यह तरकीब निकाली की देश की शिक्षा पद्धति यदि बदल दी जाती है तो लंबे समय तक देश को गुलाम बनाए रखा जा सकता है। इसके अंतर्गत देश के उद्योग धंधे बंद कर दिए गए। देश के निवासियों को भूखे मरने पर बाध्य किया गया।     उन्होंने महर्षि कणाद की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने अणु परमाणु का ज्ञान सदियों पहले विश्व को दे दिया था परंतु आधुनिक विज्ञान में उनका नाम नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि  दशमलव पद्धति का ज्ञान भारत से शुरू हुआ। इसी से दुनिया में गिनती प्रारम्भ हुई। उन्होंने कहा कि पश्चिम में टुकड़ों टुकड़ों में ज्ञान देने की परम्परा है वहीं भारत आरम्भ से ही समग्र ज्ञान के विज्ञान से जुड़ा रहा। प्राचीन भारत कला, चिकित्सा, धातुविज्ञान आदि सभी में अग्रणी था।  राज्यपाल ने बप्पा रावल की चर्चा करते हुए कहा कि अपने समय में उन्होंने अरबों को भारत से सौ साल के लिए खदेड़ा था। उन्होंने पाकिस्तान में पिंडी यानी विश्राम किया था। उनके नाम से फिर रावल पिंडी नगर बसा था। उन्होंने महर्षि अरविंद घोष के चिंतन आलोक में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने, संयम और शांति के साथ नैतिक मूल्यों को बढ़ाए जाने का आह्वान किया।       सांसद  मदन राठौड़ ने भारतीय ज्ञान परंपरा की चर्चा करते हुए कहा कि भारत में आरम्भ से ही विज्ञान विकसित अवस्था में था। उन्होंने पुराणों की चर्चा करते हुए कहा कि उनमें जो उन्नत विमान, तकनीकी के किस्से कहानियां हैं, उनका आज वैज्ञानिक आधार दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान सोने की चिड़िया कहलाता था, इसलिए पाश्चात्य देश यहां आने के लिए प्रयत्नशील थे। ज्ञान किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, इसे भी हमारे देश ने विश्व को सिखाया।  इससे पहले राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों ने कांफ्रेस के पोस्टर का विमोचन किया। पूर्णिमा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष  शशिकांत सिंधी ने शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा, योगी सरकार ने इको क्लब्स के लिए ₹65.64 करोड़ की राशि जारी की

पर्यावरण संरक्षण को नई गति, योगी सरकार ने इको क्लब्स के लिए जारी की ₹65.64 करोड़ की लिमिट – प्रत्येक परिषदीय विद्यालय को ₹5,000 की दर से उपलब्ध कराई गई लिमिट – इको क्लब्स के गठन, कार्य एवं दायित्व, मासिक गतिविधि कैलेंडर और सुझावात्मक गतिविधियां भी जारी – जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, ई-वेस्ट प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान पर रहेगा विशेष फोकस लखनऊ,   योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को नई गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में समग्र शिक्षा अंतर्गत 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' की गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु लगभग ₹65.64 करोड़ (₹6563.95 लाख) की लिमिट जारी कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों को ₹5,000 प्रति विद्यालय की दर से लिमिट उपलब्ध कराई जाएगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों, सहायक लेखा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिला समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि जारी की गई लिमिट का तीन दिन के भीतर विद्यालयों को हस्तांतरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही इको क्लब्स के उद्देश्य, गठन, अधिसूचना, कार्य एवं दायित्व, मासिक गतिविधि कैलेंडर तथा सुझावात्मक गतिविधियों के अनुरूप समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए।  निर्धारित मदों में होगा लिमिट का उपयोग प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराई गई ₹5,000 की लिमिट का उपयोग निर्धारित मदों में किया जाएगा। इसमें इको क्लब की गतिविधियां, जागरूकता कार्यक्रम, पौधरोपण, कम्पोस्ट निर्माण, आवश्यक शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अन्य गतिविधियां शामिल हैं। विद्यालयों को निर्धारित वित्तीय मानकों का पालन करते हुए व्यय करना होगा तथा सभी खर्च के अभिलेख सुरक्षित रखना होगा। अभिभावकों, स्थानीय निकायों तथा समुदाय की भागीदारी पर विशेष बल योगी सरकार ने विद्यालय प्रबंधन समिति, अभिभावकों, स्थानीय निकायों तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को विद्यालय परिसर से बाहर समाज तक पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है। सभी विद्यालयों को इको क्लब गठन, गतिविधियों, फोटो, वीडियो तथा प्रगति रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला स्तर के अधिकारी नियमित समीक्षा करेंगे। प्रत्येक विद्यालय में गठित होगा इको क्लब निर्देशों के अनुसार सभी पात्र प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ का गठन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक क्लब के संरक्षक होंगे, जबकि एक शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा। विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को क्लब से जोड़कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। क्लब की अधिसूचना जारी होगी, उसका पंजीकरण निर्धारित पोर्टल पर कराया जाएगा तथा विद्यालय स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक गतिविधि का अभिलेखीकरण और समय-समय पर उसकी समीक्षा भी की जाएगी। मिशन लाइफ के सात विषयों पर होगा विशेष फोकस इको क्लब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (मिशन लाइफ) के सात प्रमुख विषयों से जोड़ा जाएगा। इनमें स्वस्थ एवं सतत जीवनशैली अपनाना, टिकाऊ खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देना, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, कचरा कम करना एवं पुनर्चक्रण, ई-वेस्ट प्रबंधन तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना शामिल है। उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा देना है। मासिक कैलेंडर के अनुसार चलेंगी गतिविधियां आदेश के साथ जुलाई से मार्च तक का विस्तृत गतिविधि कैलेंडर भी साझा किया गया है। जुलाई में पौधरोपण एवं हरित परिसर, अगस्त में किचन गार्डन और कम्पोस्ट निर्माण, सितंबर में ई-वेस्ट प्रबंधन, अक्टूबर में कचरा पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण, नवंबर में ऊर्जा संरक्षण, दिसंबर में जल संरक्षण, जनवरी में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा फरवरी और मार्च में स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण एवं विश्व जल दिवस से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त पोस्टर, निबंध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, रैली, शपथ, प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों तथा समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यालय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त गतिविधियां भी आयोजित कर सकेंगे।

पन्ना पुलिस की बड़ी सफलता, त्वरित कार्रवाई से अपहृत युवक सकुशल बरामद

पन्ना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत युवक सकुशल दस्तयाब 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग करने वाले आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश जारी पन्ना "देशभक्ति, जनसेवा" के मूल मंत्र के अनुरूप मध्यप्रदेश पुलिस ने पन्ना जिले में अपहरण के एक गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सकुशल दस्तयाब कर मानवीय संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता एवं प्रभावी पुलिसिंग का परिचय दिया है। विषम परिस्थितियों में पूरी रात चलाए गए सर्च ऑपरेशन के परिणामस्वरूप युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। 27 जून की रात्रि लगभग 8:00 बजे थाना पवई क्षेत्र से सूचना प्राप्त हुई कि स्थानीय कपड़ा व्यापारी श्री राजेश कुमार डेंगरे के 20 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा का अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है तथा उसकी रिहाई के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना पवई पुलिस ने मामले की गंभीरता से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। साथ ही तकनीकी विश्लेषण एवं डिजिटल इनपुट के लिए साइबर सेल को तत्काल सक्रिय किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की। रात्रि के दौरान लगातार वर्षा, घने जंगल एवं दुर्गम मार्ग जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पुलिस बल ने कई किलोमीटर तक पैदल सर्च अभियान संचालित किया। लगातार प्रयासों एवं सुनियोजित रणनीति के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने हथकुरी के समीप जंगल क्षेत्र से अपहृत युवक अंशुल उर्फ कान्हा को सकुशल दस्तयाब कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिशें दी जा रही है। पुलिस द्वारा प्रकरण के सभी पहलुओं की गंभीरता एवं निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त आरोपियों की पहचान कर ली गई है तथा उनकी शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी गंभीर अपराध की सूचना पर त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सतत कार्यरत है।  

जनजातीय छात्रावासों के विद्यार्थियों को बढ़ी शिष्यवृत्ति, सरकार ने जारी किए नए आदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने वर्ष 2026-27 में छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए सतत‍निर्णय ले रही है। इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित जनजाति के छात्रावास/आश्रमों में रहने वाले छात्र/छात्राओं की शिष्यवृत्ति की दरों को प्रत्येक वर्ष माह मार्च के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित कर माह जुलाई में छात्रावास / आश्रम प्रारंभ होने से प्रभावशील होगी। जारी आदेश के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष 2026-27 के लिए शिष्यवृत्ति की नई दरें निर्धारित की गई हैं। अब छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले बालक विद्यार्थियों को 1,720 रुपये प्रतिमाह तथा बालिका विद्यार्थियों को 1,770 रुपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति प्रदान की जाएगी।  

ओबीसी छात्रों के लिए मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण, 10 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

 लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारपरक योजनाओं को नई दिशा मिली है। इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई ओ लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना युवाओं के लिए बड़ी सौगात बनकर सामने आई है। योगी सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दिया है। इच्छुक छात्र-छात्राएं 10 जुलाई 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट http://obccomputertraining.upsdc.gov.in पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 1 अगस्त 2026 से प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है प्रशिक्षण पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवक-युवतियों को 'ओ' लेवल और 'सीसीसी' कंप्यूटर प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ उन्हीं ओबीसी छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिन्होंने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया हो। साथ ही उनके माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। इसके अलावा लाभार्थी किसी अन्य शिक्षण संस्थान से छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर रहा हो। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण भारत सरकार की नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है।  तीन महीने में पूरा होता है सीसीसी कोर्स 'ओ' लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष निर्धारित है,  जबकि 'सीसीसी' कोर्स तीन महीने में पूरा होता है। दोनों ही पाठ्यक्रम रोजगार की दृष्टि से बेहद उपयोगी माने जाते हैं। इस योजना के तहत 'ओ' लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15,000 रुपये की राशि सरकार द्वारा वहन की जाती है। वहीं 'सीसीसी' प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 3,500 रुपये का भुगतान सीधे विभाग द्वारा किया जाता है। इससे छात्रों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है और वे पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर पाते हैं। पिछले वर्ष हजारों छात्रों ने प्रशिक्षण किया प्राप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत कुल 29,191 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 22,407 छात्रों ने 'ओ' लेवल और 6,784 छात्रों ने 'सीसीसी' कोर्स पूरा किया है। प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 299 संस्थाएं इस योजना के तहत चयनित हैं। इनमें 52 संस्थान केवल ओ लेवल, 43 संस्थान केवल सीसीसी और 204 संस्थान दोनों कोर्स संचालित कर रहे हैं।  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे 10 जुलाई 2026 तक विभाग की ओर से जारी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन जरूर करें। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को डिजिटल रूप से दक्ष बनाएगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए सक्षम बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।