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Punjab Politics: सांसद अमृतपाल पर केंद्र से गुहार, CM मान बोले—सुरक्षा के चलते न हो ट्रांसफर

चंडीगढ़. राज्य सरकार ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रखा जाए। सरकार ने इसके पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि वे असम सरकार की सहमति लेकर ‘ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952’ तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखने की अनुमति दिलाएं। राज्य सरकार ने इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की अपील की है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले वह करीब एक महीने तक फरार रहा था। उसके खिलाफ 24 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस स्टेशन पर धावा बोला था और एक सहयोगी को छुड़ा लिया था। घटना के बाद पंजाब पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। डिब्रूगढ़ जेल में बंद है अमृतपाल सिंह गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल को एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है। उसकी हिरासत अवधि को अप्रैल 2024 और फिर अप्रैल 2025 में बढ़ाया गया था। अब यह अवधि 22 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रही है।ऐसे में पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि उसकी रिहाई से राज्य की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि पंजाब के डीजीपी और अमृतसर (देहात) के एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने यह सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल को अमृतपाल को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर उसे पंजाब से बाहर ही रखा जाना अधिक उचित होगा। पंजाब गृह विभाग ने दिया खुफिया इनपुट यह भी सामने आया है कि पहले डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के नौ साथियों को एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब वापस लाया जा चुका है। हालांकि, अमृतपाल के मामले को अलग मानते हुए सरकार ने उसके लिए विशेष व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जताई है। पंजाब गृह विभाग ने खुफिया इनपुट और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि अमृतपाल को पंजाब के बाहर ही रखना राज्य और सार्वजनिक शांति के हित में है। अब इस पूरे मामले में अंतिम फैसला केंद्र सरकार और असम सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा।

छात्रों के लिए जरूरी अपडेट: PAT-PPVT के फॉर्म 27 अप्रैल तक, 21 जून को एग्जाम

रायपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा अकादमी सत्र 2026 में प्रवेश हेतु (पी.ए.टी एवं पी.पी.वी.टी) 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. 33 कृषि महाविद्यालयों, 4 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों, 17 उद्यानिकी महाविद्यालयों के साथ ही 1-1 वानिकी महाविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा. व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय तथा दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 33 कृषि महाविद्यालयों, 4 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों, 17 उद्यानिकी महाविद्यालयों के साथ ही 1-1 वानिकी महाविद्यालय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, पशु चिकित्सा महाविद्यालय, दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं मत्स्य पालन महाविद्यालय में अकादमी सत्र 2026 में प्रवेश हेतु (पी.ए.टी एवं पी.पी.वी.टी) 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. इन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. इन परीक्षाओं का आयोजन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिला मुख्यालयों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा. आवेदकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन व्यवस्था से किया जाएगा. शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी आवेदक, जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं, उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जाएगा.

भीषण लू का खतरा: प्रदेश के जिलों में तापमान 44°C तक जाने का अनुमान, रतलाम सबसे गर्म

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तपिश बढ़ने से कई जिलों में गर्मी बढ़ गई है. सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया. रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान रहा. यहां 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं पारा 41 डिग्री के पार पहुंचते ही प्रदेश के कई इलाकों में हीट जोन का असर दिखने लगा है. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी।  3-5 डिग्री तक पारा में उछाल  मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई जिलों में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा प्रदेश के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आने की संभावना है।  41 डिग्री के पार पहुंचा MP का पारा बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान रतलाम का 41.2 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं नर्मदापुरम का 40.8 डिग्री सेल्सियस, धार में तापमान 40. 4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके अलावा खरगोन और मंडला में तापमान 40 डिग्री,  बैतूल में 39.5 डिग्री, शाजापुर में 39.3 डिग्री, खजुराहो, छिंदवाड़ा में 39.2 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री मलाजखंड और रायसेन में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं बड़े शहरों की बात करे तो जबलपुर सबसे गर्म रहा. यहां तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि राजधानी भोपाल और इंदौर में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा. उज्जैन में 39 डिग्री दर्ज हुआ।  इन जिलों में चलेगी लू, IND ने जारी किया अलर्ट  मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए लू चलने की चेतावनी जारी की है. 16 और 17 अप्रैल को रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे।   इन जिलों में चलेगी लू, अलर्ट जारी 16 और 17 अप्रैल को रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे। इन शहरों में 40 के आसपास पहुंचा तापमान रतलाम: 41.2 डिग्री नर्मदापुरम: 40.8 डिग्री धार: 40.4 डिग्री खरगोन, मंडला: 40 डिग्री बैतूल: 39.5 डिग्री शाजापुर: 39.3 डिग्री खजुराहो, छिंदवाड़ा: 39.2 डिग्री खंडवा: 39.1 डिग्री मलाजखंड, रायसेन: 39 डिग्री बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा (39.2 डिग्री), जबकि भोपाल और इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री दर्ज हुआ। 15 अप्रैल से नया सिस्टम सक्रिय, पर नहीं मिलेगी राहत 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम बन तो रहा है, लेकिन वह काफी कमजोर है। इसका मतलब है कि अब गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा ऐतिहासिक रूप से सबसे गर्म रहता है। ग्वालियर में तो तापमान 45°C और भोपाल में 44°C तक जाने का रिकॉर्ड रहा है। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अप्रैल में अब तक भीषण गर्मी पड़ने के बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री, जबकि जबलपुर में 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था।  कमजोर सिस्टम भी नहीं देगा राहत 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम एक्टिव जरूर होगा, लेकिन यह इतना कमजोर रहेगा कि गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। उल्टा, इसके बाद तापमान और चढ़ने के आसार हैं। यानी आने वाले दिनों में ‘हीट वेव’ का लंबा दौर देखने को मिल सकता है।  अप्रैल की शुरुआत रही अलग, अब बदला मिजाज इस बार अप्रैल के पहले 9 दिन सामान्य से अलग रहे। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने गर्मी को थामे रखा। करीब 45 जिलों में बारिश दर्ज हुई, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे। ग्वालियर में सबसे ज्यादा वर्षा हुई। लेकिन अब मौसम ने करवट बदल ली है और अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में परंपरागत तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। लू से बचाव के लिए एडवाइजरी – दिनभर पर्याप्त पानी पिएं – दोपहर में धूप से बचें – हल्के और सूती कपड़े पहनें – बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें – बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें 

नोएडा विवाद साजिश का हिस्सा, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच शुरू: अनिल राजभर

साजिश के तहत नोएडा में भड़काया गया विवाद, पाकिस्तान कनेक्शन की भी हो रही जांच: अनिल राजभर नोएडा में हिंसा पर प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान मेरठ-नोएडा में पिछले दिनों 4 संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी से सरकार अलर्ट मंत्री ने की श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील सरकार बोली- श्रमिकों की हर मांग पर संवाद को तैयार, उग्र आंदोलन से बचें सीएम के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर, वार्ता से समाधान पर जोर लखनऊ  नोएडा में हिंसा को उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश के विकास और शांति व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से कराई गई प्रतीत होती है। पिछले दिनों मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े थे। ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की साजिश की आशंका को बल मिलता है। एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम को विफल करने के इरादे से भी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया गया हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर देश विरोधी ताकतें इस तरह के षड्यंत्र रच रही हैं। श्रम मंत्री ने श्रमिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या बहकावे में न आएं और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अराजकता और उग्र आंदोलन किसी समस्या का समाधान नहीं हैं। सरकार आपकी हर बात सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को नोएडा भेजा गया है, जो श्रमिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पहले से भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अनिल राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “श्रमेव जयते” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सरकार लगातार श्रमिक कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार श्रमिकों की मांगों को लेकर संवेदनशील है और हर स्तर पर समाधान के लिए प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने श्रमिकों से आग्रह किया कि वे संवाद का रास्ता अपनाएं और प्रदेश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाते रहें।

CM भजनलाल का मास्टर प्लान: 72 बीट्स, ज्यादा पुलिस और ITMS से बदलेगा जयपुर ट्रैफिक

 जयपुर जयपुर की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम और ट्रैफिक की किच-किच को खत्म करने के लिए राजस्थान सरकार ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आदेश पर बनी इस योजना का मकसद सिर्फ ट्रैफिक रोकना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को हाई-टेक और स्मार्ट बनाना है. अब जयपुर का ट्रैफिक सिस्टम पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि नई तकनीक और ज्यादा पुलिस फोर्स के साथ चलेगा. अफसरों की संख्या बढ़ी, हर इलाके पर होगी पैनी नजर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए सरकार ने पुलिस अधिकारियों की टीम को काफी बड़ा कर दिया है. पहले निगरानी के लिए एडीसीपी ट्रैफिक के 2 पद थे जिन्हें अब बढ़ाकर 4 कर दिया गया है. इसी तरह एसीपी ट्रैफिक के पदों को 4 से बढ़ाकर 8 और ट्रैफिक इंस्पेक्टरों की संख्या 15 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है. इससे फायदा यह होगा कि जयपुर के हर कोने में एक बड़ा अधिकारी मौजूद रहेगा और जमीनी स्तर पर काम बेहतर होगा. ड्रोन कैमरों से निगरानी, 72 बीट्स का शहर को बांटा अब ट्रैफिक पुलिस सिर्फ चौराहों पर खड़ी नजर नहीं आएगी, बल्कि आसमान से भी ड्रोन के जरिए आप पर नजर रखी जाएगी. पूरे शहर को 72 ट्रैफिक बीट्स में बांटा गया है, जहां अलग-अलग टीमें तैनात रहेंगी ताकि पीक ऑवर्स में जाम की स्थिति न बने. इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस को 20 मॉडिफाइड मोटरसाइकिलें दी गई हैं, ताकि पुलिसकर्मी भीड़भाड़ वाली तंग गलियों में भी तुरंत पहुंच सकें और जाम खुलवा सकें. टोंक रोड को बनाया जाएगा सबसे बेहतरीन रास्ता इस नए प्लान के तहत सबसे पहले टोंक रोड की सूरत बदली जाएगी. यादगार से लेकर सांगानेर तक के रास्ते को एक 'मॉडल रोड' के तौर पर विकसित किया जा रहा है. यहां सड़कों के डिजाइन को इस तरह ठीक किया जाएगा कि बेवजह के कट्स बंद हों और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ साफ मिले. सड़क पर यू-टर्न और क्रॉसिंग को वैज्ञानिक तरीके से सेट किया जाएगा ताकि गाड़ियों की रफ्तार न थमे. अतिक्रमण और गलत पार्किंग पर चलेगा डंडा जाम की एक बड़ी वजह सड़कों पर होने वाले कब्जे और गलत तरीके से खड़ी गाड़ियां हैं. अब सरकार इसे लेकर बहुत सख्त है. सड़कों और फुटपाथों से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे और अवैध पार्किंग के खिलाफ अतिरिक्त क्रेनें तैनात की जाएंगी. शहर में पार्किंग और नो-पार्किंग जोन के बोर्ड साफ-साफ लगाए जाएंगे ताकि जनता को पता रहे कि गाड़ी कहां खड़ी करनी है. गाड़ियों की संख्या देखकर बदलेगी लाइट अब आपको लाल बत्ती पर बेवजह लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सरकार 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' लागू करने जा रही है, जिससे सिग्नल अब 'डायनेमिक' होंगे. यानी लाइटें खुद गाड़ियों की भीड़ को देखकर तय करेंगी कि किधर का रास्ता कितनी देर खोलना है. सरकार का मानना है कि अगर जनता और प्रशासन मिलकर साथ दें, तो जयपुर की सड़कों को वाकई में जाम मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है.

Bihar Raid Update: EOU का बड़ा एक्शन, SDPO के बाद इंस्पेक्टर के 5 ठिकानों पर छापेमारी

पटना/किशनगंज. किशनगंज एसडीपीओ के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अब किशनगंज के नगर थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के ठिकानों पर छापेमारी की है। मंगलवार को ईओयू की टीम किशनगंज के इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के पटना, छपरा और किशनगंज के पांच ठिकानों पर तलाशी ले रही है। आय से अधिक संपत्ति मामले में यह कार्रवाई की जा रही है। प्राथमिक जांच में इंस्पेक्टर के पास आय से एक करोड़ 70 लाख से अधिक संपत्ति की जानकारी मिली है। आर्थिक अपराध इकाई ने इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 05/2026 दर्ज किया है। सारण जिले में भेल्दी के पैगा में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने इंस्‍पेक्‍टर के पैतृक आवास पर रेड किया है। वहां कागजातों की जांच-पड़ताल की जा रही है।   क‍िशनगंज में इंस्‍पेक्‍टर के आवास और चैंबर में छानबीन की जा रही है। नगर थाने से उनका आवाज करीब 50 मीटर की दूरी पर है। ईओयू की 6 सदस्‍यीय टीम 3 गाड़‍ि‍यों से पहुंची। पटना में रामकृष्‍णानगर में ईओयू की छापेमारी चल रही है। इससे कुछ दिनों पूर्व किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार भी ईओयू की रडार पर आए थे। उनकी करोड़ों की संपत्‍त‍ि का पता चला है। 

Punjab News: अंबेडकर जयंती पर CM मान ने लॉन्च की ‘मुख्यमंत्री मांवां-धीयां सत्कार योजना’

जालंधर. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान आदमपुर के गांव उदेशियां में डॉ. बीआर आंबेडकर के जन्म दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे है। मुख्यमंत्री पंजाब आज मुख्यमंत्री मांवां-धीया सत्कार योजना की शुरुआत करेंगे। गांव उदेशियां में अनुसूचित जातियों की 65% भागीदारी है और यहां शिक्षा का स्तर 90% है, लिंग अनुपात में भी 1000 के पीछे 984 लड़कियों का अनुपात है जबकि पंजाब में कल लिंग अनुपात 894 है। यह गांव हल्का आदमपुर हलका की सीट के लिए बेहद महत्वपूर्ण भी है, इस सीट से शिरोमणि अकाली दल के विधायक रहे पवन टीनू अब आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हैं और वर्तमान में पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन है। 1500 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि  इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।” मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, “इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।” यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी। पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी। हर महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए भगवंत मान सरकार व्यापक पहुंच और रजिस्ट्रेशन संबंधी हर संभव प्रयास करेगी, जिसमें महिलाओं खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करना, बैंक खाते सक्रिय करना और निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता शामिल है। इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है।

शिक्षा जगत को बड़ा झटका: सेंट सोल्जर ग्रुप के चेयरमैन अनिल चोपड़ा नहीं रहे

जालंधर. जालंधर के प्रसिद्ध समाजसेवी, सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस और पीपीआर (PPR) ग्रुप के चेयरमैन अनिल चोपड़ा का आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर के व्यापारिक, शैक्षणिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे एक दूरदर्शी उद्यमी होने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। राजन और प्रिंस चोपड़ा पर टूटा दुखों का पहाड़ अपने पिता को अपना मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत मानने वाले राजन चोपड़ा और प्रिंस चोपड़ा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने हमेशा अपने पिता के सिद्धांतों को प्राथमिकता दी और उन्हीं के मार्गदर्शन में संस्थानों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके लिए यह केवल एक व्यावसायिक क्षति नहीं, बल्कि एक मजबूत भावनात्मक स्तंभ का ढह जाना है। दोनों बेटे अपने पिता के अधूरे सपनों और समाज सेवा के मिशन को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिक्षा जगत के लिए एक युग का अंत अनिल चोपड़ा ने अपनी कड़ी मेहनत और विजन के बल पर सेंट सोल्जर ग्रुप को उत्तर भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में आज कई स्कूल, कॉलेज और तकनीकी संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहाँ हजारों छात्र अपना भविष्य संवार रहे हैं। उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए ऐसी क्षति माना जा रहा है, जिसकी भरपाई होना नामुमकिन है। शाम 5 बजे मॉडल टाउन में दी जाएगी अंतिम विदाई पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अनिल चोपड़ा की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार आज, मंगलवार 14 अप्रैल को किया जाएगा। अंतिम विदाई के लिए शाम 5 बजे मॉडल टाउन स्थित श्मशान घाट का समय निश्चित किया गया है। उनके अंतिम दर्शनों के लिए शहर की तमाम बड़ी हस्तियों, राजनेताओं और उनके शुभचिंतकों के भारी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। शहर की प्रमुख हस्तियों ने जताया गहरा शोक उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा दुख प्रकट किया है। रिटायर्ड डीआईजी पवन उप्पल, एआईजी नवजोत महल और नितिन कोहली ने उनके जाने को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। PLN भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करती है और विभिन्न धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चोपड़ा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा में सहारा: नोनी बाबू योजना के तहत 50 लाख तक की मदद

मोहला/रायपुर. छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को पाठ्यक्रमों तक पढ़ाई करने वाले है। वहीं, शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है। योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर 5,000 से 12,500 तक की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाती छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन खरीदने हेतु अतिरिक्त 1 लाख का अनुदान भी दिया जाता है। योजना में विदेश में एक वर्षीय मास्टर कोर्स हेतु अधिकतम 50 लाख तक की सहायता, प्रवेश परीक्षा शुल्क एवं अन्य शैक्षणिक खर्च वहन करने का प्रावधान भी है, जिसके लिए श्रमिक का कम से कम 3 वर्ष पूर्व पंजीयन अनिवार्य है। इस योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को ही मिलेगा और आवेदन परीक्षा परिणाम जारी होने के 6 माह के भीतर करना होगा। पात्र हितग्राही जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या श्रमेव जयते मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसके सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे उनके खाते में स्थानांतरित की जाती है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अच्छे नंबर लाओ और सरकार की ओर से इनाम पाओ। जी हां, छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के उन बच्चों को स्कॅालरशिप देती है, जो पढ़ाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए अच्छे नंबर लेकर आते हैं। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के अंतर्गत चल रही 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना'के तहत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को सरकार की ओर से अच्छे नंबर लाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। हालांकि इसके लिए पहली शर्त यही है कि बच्चा परीक्षा में कम से कम 75 फीसदी नंबर लेकर आए। छत्तीसगढ़ बोर्ड ने आज 10वीं और 12वीं का र‍िजल्‍ट जारी कर द‍िया है। परीक्षा में पास होने वाले छात्र-छात्राएं योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना क्या है? प्रोत्साहन राशि पाने के लिए क्या करना होगा? आइए जानते हैं मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना क्या है? छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (Chhattisgarh Building and Other Construction Workers Welfare Board) की एक महत्वपूर्ण योजना है। 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना' के तहत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को आर्थिक मदद देकर उन्हें पढ़ाई में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस योजना के तहत छात्रों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य पढ़ाई-लिखाई में अच्छा करने वाले श्रमिकों के बच्चों को आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराना है ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। अगर कोई पंजीकृत निर्माण श्रमिक कम से कम 90 दिन तक रजिस्ट्रेशन बनाए रखता है और उसके दो बच्चों में से कोई भी 75% से ज्यादा नंबर लाता है तो उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना का उद्देश्य श्रमिकों के बच्चों को पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का मौका देना श्रमिकों के परिवारों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार करना  बेटियों को भी पढ़ाने-लिखाने के लिए प्रोत्साहित करना मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के लिए जरूरी दस्तावेज  श्रमिक का पंजीकरण प्रमाण पत्र बैंक पासबुक की कॉपी आधार नंबर मोबाइल नंबर आवेदक छात्र की पिछले साल की मार्कशीट  वर्तमान सत्र में पढ़ाई करने का प्रिंसिपल द्वारा जारी सर्टिफिकेट

TET परीक्षा पर नए आदेश, सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर चर्चा, विभाग तय करेगा आवश्यक शिक्षकों का चयन

भोपाल  मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर असर डालने वाली TET परीक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नया आदेश जारी करेगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए आदेश में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता और छूट की स्थिति स्पष्ट की जाए। आयुक्त ने कहा कि नए आदेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी और किन्हें नियमानुसार छूट या सरलीकरण मिलेगा। शासकीय अधिवक्ता से अभिमत की प्रक्रिया जारी विभाग ने बताया कि मामले में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अभिमत मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। सोमवार को लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ और अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कई प्रशासनिक निर्णय लिए गए। वेतनवृद्धि और समयमान के मामलों में शीघ्र आदेश बैठक में तय हुआ कि जिन शिक्षकों को वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना है, उनके प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई कर आदेश जारी किए जाएंगे। यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश यथावत रहते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण व सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीपीआई स्तर पर परामर्श बैठक आयोजित होगी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए डीपीआई स्तर पर परामर्शदात्री बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, शिक्षक कांग्रेस और राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। बैठक से एक वर्ग असंतुष्ट इधर, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की बैठक से शिक्षक संगठनों का एक वर्ग असंतुष्ट नजर आया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के सदस्य उपेंद्र कौशल ने बताया कि बैठक के लिए घटक संगठनों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन मोर्चा ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बैठक अचानक बुलाई गई थी, जिससे सभी संगठनों के अध्यक्षों का उपस्थित होना संभव नहीं था। मोर्चा ने शासन को अवगत कराया है कि शिक्षक आंदोलन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा केवल अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ ही की जाए, अन्य संगठनों के साथ हुई वार्ता के निर्णय उन्हें मान्य नहीं होंगे। मध्यप्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने भी बैठक पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बैठक में पात्रता परीक्षा कराने पर सहमति बनी और इसके लिए जल्द कार्यक्रम जारी किए जाने की बात सामने आई है। उनके अनुसार जिन संगठनों के साथ बैठक हुई, वे पात्रता परीक्षा से प्रभावित नहीं हैं, जबकि प्रभावित संगठन इसमें शामिल नहीं थे। सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को निर्देश दिया था कि अब टीच‍िंग सर्विस से जुड़े सभी शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्‍ट यानी TET पास करना जरूरी होगा।  क्‍या है TET एग्‍जाम टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जो यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8 तक) में टीचर बनने के योग्य है या नहीं। यह परीक्षा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 2010 में अनिवार्य की गई थी।