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WhatsApp ला रहा नया सेफ्टी फीचर, बच्चे चुनिंदा लोगों से ही कर पाएंगे बातचीत

नई दिल्ली यह कुछ और नहीं बल्कि लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में आने वाला नया फीचर है। इस फीचर की मदद से माता-पिता सेकेंडरी अकाउंट के जरिए अपने बच्चों के व्हाट्सऐप अकाउंट की एक्टिविटी पर नजर रख पाएंगे। इसमें मेन अकाउंट से सेकेंडरी अकाउंट के तौर पर बच्चों का अकाउंट लिंक हो जाएगा। इससे माता-पिता बच्चों की प्राइवेसी सेटिंग्स को आसानी से देख और अपने अनुसार मैनेज कर सकेंगे। यह फीचर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। लिंक के जरिए जुड़ेगा अकाउंट व्हाट्सऐप के अपकमिंग फीचर पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के लिए कुछ प्रतिबंधों और सीमित क्षमताओं के साथ व्हाट्सऐप में नया फीचर Primary Controls आने वाला है। यह पैरंट्स को बच्चों के अकाउंट पर अधिक कंट्रोल देगा। व्हाट्सऐप पर बच्चों के लिए बनाया गया सेकेंडरी अकाउंट मेन अकाउंट के साथ एक डिजिटल लिंक के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे माता-पिता उन प्राइवेसी सेटिंग्स को रिव्यू कर पाएंगे, जिन्हें बच्चे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इन सेकेंडरी अकाउंट्स में मैसेज और कॉल केवल कॉन्टैक्ट्स तक ही सीमित रहेंगे।फिलहाल, WhatsApp पर ऐसा कोई ऑप्शन नहीं है, जिससे यूजर यह चुन सकें कि उन्हें सिर्फ अपने कॉन्टैक्ट के मैसेज ही चाहिए। यह सुविधा बच्चों के लिए जरूरी है और सेकेंडरी अकाउंट इसी कमी को पूरा करने के लिए बनाए जा रहे हैं। क्या माता-पिता बच्चों की चैट देख पाएंगे? माता-पिता बच्चों की चैट और कॉल को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। हालांकि, उन्हें अकाउंट के इस्तेमाल और पैटर्न से जुड़ी रिपोर्ट मिलेंगी। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बच्चों की बातचीत को सुरक्षित रखेगा, जिससे निजी मैसेज को कोई और नहीं पढ़ पाएगा। इस तरह, माता-पिता बच्चों पर नजर रख सकेंगे, लेकिन उनकी निजी बातचीत में दखल नहीं दे पाएंगे। अभी चल रही टेस्टिंग यह फीचर अभी डेवलपमेंट में है। व्हाट्सऐप टेस्टिंग कर रहा है कि नए पैरंटल कंट्रोल मौजूदा अकाउंट सेटिंग्स के साथ कैसे काम करेंगे, ताकि यह एक्सपीरियंस आसान और सेफ हो। इंटरफेस को इस तरह से बेहतर बनाया जा रहा है कि माता-पिता आसानी से सेकेंडरी अकाउंट को कॉन्फिगर कर सकें। जब यह फीचर जारी होगा, तो माता-पिता यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि उनके बच्चे के अकाउंट में उम्र के हिसाब से सही सेटिंग्स हों, जिससे उनकी ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

अगर अंगूठा चूसना जारी रखा तो ये 5 बड़े नुकसान हो सकते हैं

क्या आप बड़े होने के बाद भी अभी तक चूसते हैं अंगूठा? अगर हां, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए चिंता का विषय है। अंगूठा चूसना छोटे बच्चों में एक आम और स्वाभाविक आदत मानी जाती है, लेकिन एडल्ट्स में भी अंगूठा चूसने की आदत देखने को मिलती है। ऐसा करने से उन्हें चिंता और स्ट्रेस कम होने और मन को शांत करने में मदद मिलती है, लेकिन यह आदत उनकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अगर आप एक समय के बाद भी अंगूठा चूसते हैं, तो आइए जान लीजिए इसके कुछ भारी नुकसानों के बारे में। दांतों की सेहत पर असर अगर आप लंबे समय तक अंगूठा चूसते हैं, तो इसका सबसे ज्यादा असर दांतों पर पड़ता है। इससे ओवरबाइट जैसी समस्या हो सकती है, जिससे दांत एक से ऊपर एक ओवरलैप कर सकते हैं। साथ ही, आगे के दांत बाहर की ओर निकलने लगते हैं और लगातार इस आदत की वजह से गाल की मांसपेशियां सिकुड़ भी सकती हैं, जिससे चेहरे का शेप भी बिगड़ सकता है। इसलिए अंगूठा चूसने की आदत से बचें। ओरल इन्फेक्शन का खतरा ये जरूरी नहीं कि हमेशा हमारे हाथ साफ हों। अगर आपके हाथ गंदे हैं, तो ऐसे में मुंह में अंगूठा डालने से शरीर में सीधा गंदगी और बैक्टीरिया अंदर जा सकते हैं, जिससे सेहत ही नहीं बल्कि दांत या मसूड़ों में भी इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। अंगूठे को भी होता है नुकसान अगर आप लंबे समय तक अंगूठा चूसते हैं, तो इससे उसकी स्किन ड्राई और हार्ड हो सकती है, जिससे उसमें दरारें पड़ सकती हैं और खून निकल सकता है। साथ ही, इन्फेक्शन होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, कई बार अंगूठे का शेप खराब दिखाई देने लगता है। मुंह की बनावट पर असर क्या आप जानते हैं कि अंगूठा चूसने से जबड़े के शेप पर भी असर पड़ सकता है। इससे मुंह का ऊपरी हिस्सा काफी धंस सकता है। इसके साथ ही ये हिस्सा काफी सेंसिटिव हो सकता है। इतना ही नहीं, इसका असर चेहरे के शेप पर भी दिख सकता है। बोलने में हो सकती है दिक्कत आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अंगूठा चूसने की आदत सिर्फ दांतों को खराब ही नहीं कर सकते हैं, बल्कि ऐसा करने से आपको बोलने में भी परेशानी हो सकती है। कई लोगों को तुतलाने की समस्या भी हो सकती है, जिससे आप असहज भी महसूस कर सकते हैं।

नामुमकिन हुआ मुमकिन: इस कंपनी ने फोन में ही चलाया Android और Windows दोनों

नई दिल्ली अब वो दिन दूर नहीं जब आप पूरा कंप्यूटर अपनी जेब में रख पाएंगे। दरअसल Nex Computer नाम की कंपनी ने NexPhone के जरिए नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। दरअसल इस कंपनी का फोन यानी कि NexPhone दुनिया का पहला ऐसा स्मार्टफोन होगा, जिस पर एंड्रॉयड के साथ-साथ Windows और Linux भी काम करेंगे। इसी के साथ लंबे समय के बाद किसी फोन पर Windows OS भी काम करता दिखेगा। इस तरह से आप एक ही फोन में तीन अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम को इस्तेमाल कर पाएंगे। यह उन यूजर्स के लिए भी फायदेमंद होगा, जो अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग फोन रखते हैं। चलिए इस गजब फोन के बारे में बाकी की बातें जानते हैं। 14 साल के संघर्ष का नतीजा नेक्स कंप्यूटर के सीईओ एमरे कोस्मज के मुताबिक, यह फोन उनके 14 साल के कड़े संघर्ष का नतीजा है। वह एक ऐसा डिवाइस बनाना चाहते थे, जो जरूरत पड़ने पर आपका पर्सनल कंप्यूटर बन जाए। बता दें कि इससे पहले सैमसंग और मोटोरोला जैसी कंपनियों ने 'Dex' और 'Continuum' जैसे फीचर्स के जरिए ऐसी कोशिशें की थीं लेकिन Nex Computer का फोन इनसे कई कदम आगे जाता है। NexPhone ड्यूअल बूट को सपोर्ट करता है, जिसका मतलब है कि इस डिवाइस को यूजर अपनी मर्जी से विडोंज पीसी या एंड्रॉयड फोन की तरह इस्तेमाल कर सकता है। फीचर्स में भी नहीं किसी से पीछे ऐसे फोन अक्सर फीचर्स के साथ समझौता करते दिखते हैं, हालांकि Nex Computer के साथ ऐसा नहीं है। इस फोन में 8-कोर वाला क्वालकॉम स्नैपड्रैगन प्रोसेसर के साथ 12GB रैम और 256GB की इंटरनल स्टोरेज दी गई है। 6.58 इंच की डिस्प्ले और 5000mAh की बैटरी के साथ यह दिनभर के काम कर सकता है। सबसे खास बात है कि यह फोन P68/69K रेटिंग के साथ आता है। इससे पता चलता है कि यह फोन एक रग्ड फोन है। इस फोन की कीमत 549 डॉलर है। काम कैसे करेगा विंडोज और लिनक्स? NexPhone में विंडोज का इस्तेमाल 'Windows on Arm' टेक्नोलॉजी के जरिए किया गया है। जब आप इसे विंडोज या लिनक्स मोड में चलाएंगे, तो आप कॉल तो नहीं कर पाएंगे, लेकिन बाकी सारे कंप्यूटर वाले काम आसानी से कर सकेंगे। कंपनी इसे एक 'सेकेंडरी' या 'बैकअप' फोन के तौर पर पेश कर रही है, जिसे आप किसी मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस से कनेक्ट करके पूरा डेस्कटॉप वाला एक्सपीरियंस पा सकते हैं। कंपनी का कहना है कि विंडोज के अपडेट्स भी इसमें वैसे ही मिलेंगे जैसे आपके साधारण लैपटॉप या पीसी में मिलते हैं। यह फोन उन प्रोफेशनल्स के लिए बेस्ट है जिन्हें ऑन-द-गो कंप्यूटर पर होने वाले काम जैसे कि कोडिंग या डॉक्यूमेंटेशन करने पड़ते हैं।

एक कैप्सूल से खत्म होगा फैटी लिवर, हार्ट और लकवे का इलाज, वैज्ञानिकों की नई रिसर्च

इंदौर  अगर आप फैटी लीवर, हार्ट या लकवे की समस्या से परेशान है तो ये खबर आपके काम की है। एमजीएम मेडिकल कालेज से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने तीन दिवसीय जीआइ कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इसमें देशभर के लिवर और एंडोस्कोपी विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में हो रहे आधुनिक शोध और इलाज की नई तकनीकों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया, 2040 तक आज की जटिल एंडोस्कोपी जांच एक साधारण पिल (कैप्सूल) से संभव हो जाएगी। यह कैप्सूल न सिर्फ पाचन तंत्र की जांच करेगा, बल्कि फैटी लिवर, हार्ट की बीमारी और लकवे जैसी गंभीर समस्याओं की पहचान और इलाज में भी मददगार होगा। लोगों को पड़ रही ट्रांसप्लांट की जरूरत शराब के बढ़ते सेवन और उससे जुड़ी लिवर बीमारियों पर विशेष चिंता जताई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर इलाज नहीं होने पर मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है। कॉन्क्लेव में पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित वरिष्ठ लिवर विशेषज्ञ डॉ. शिव सरिन की पुस्तक ओन योर बाडी का विमोचन किया गया। साथ ही पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण प्ला से सम्मानित एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डा. डी नागेश्वर रेड्डी का सम्मान किया गया। इंदौर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. डेमो सुनील जैन को लाइफटाइम गया अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। लाइव डेमो से ईयूएस एनाटामी को समझाया आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया, कार्यशाला में एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) पर आधारित 16 जटिल केस किए गए। इनमें गालब्लैडर कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर, पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट मेंप्लास्टिक और मेटैलिक स्टेंट डालना, गैस्ट्रिक वैरिक्स में ग्लू और काइल से इलाज जैसे मामले शामिल रहे। लाइव डेमो से ईयूएस एनाटामी को समझाया गया और बायोप्सी व स्टेंट डालने की प्रक्रिया बताई गई। पेट में पानी भरने की समस्या पर चर्चा इसके अलावा कॉन्फ्रेंस में एल्कोहालिक लिवर डिजीज, मेटाबालिक एल्कोहालिक लिवर डिजीज (मेट-एएलडी), फैटी लिवर और एश्राइटिस यानी पेट में पानी भरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश लिवर रोग शराब, फैटी लिवर और गलत खानपान से होते हैं। इस दौरान नई दिल्ली के डॉ. आदर्श चौधरी, डॉ. अमित महदेव, मुंबई के डॉ. अनिल अरोरा, हैदराबाद के डॉ. प्रमोद गर्ग आदि को सम्मानित किया गया।

सौंदर्य समस्याओं के स्मार्ट साल्यूशन

ड्राई स्किन को साफ्ट और स्मूद बनाने के लिए स्नान करने के बाद मलाई में केसर मिक्स करके उसे पूरे शरीर पर लगाकर अच्छे से मसाज करें। इसके स्थान पर आप माइश्चराइजर का प्रयोग भी कर सकती हैं। इसका प्रयोग आपकी स्किन की नमी को स्थापित रखने में अत्यंत उपयोगी है। वैक्सिंग के उपरांत प्रायः महिलाओं को स्किन पर रेडनेस व जलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आपको यह समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए आप जब भी वैक्सिंग कराए तो किसी अनुभवी ब्यूटीशियन से ही कराएं, वहीं वैक्सिंग करने के उपरांत स्किन की आइसिंग अवश्य करें, साथ ही काटन की सहायता से रैडनेस और जलन वाले स्थान पर ऐस्ट्रिजेंट का प्रयोग करें। स्किन को दाग-धब्बों से मुक्त बनाने के लिए रात को सोने से पूर्व पुदीने की पत्तियों को पीसकर उसका मिश्रण स्किन पर पैक की भांति लगभग बीस मिनट तक लगा कर रखें, तदुपरांत साफ पानी से धो लें, इसका प्रयोग स्किन को क्लीन और अट्रैक्टिव बनाता है। हल्दी के साथ चंदन को मिक्स करके उसका लेप चेहरे पर लगभग बीस मिनट के लिए लगाकर रखें, इसके प्रयोग से चेहरे के दाग-धब्बों के साथ एक्ने की समस्या का भी समाधान होता है। काले अंडर आर्म्स की समस्या के समाधान के लिए नींबू के रस में चुटकी भर हल्दी और थोड़ा सा बेसन मिक्स करके पेस्ट बना लें और उक्त मिश्रण को सूखने तक लगाकर रखे फिर हल्के हाथों से रगड़ कर साफ कर लें, ये प्रक्रिया सप्ताह में में दो से तीन बार करें, लाभ होगा। एक्नेयुक्त स्किन पर चंदन की लकड़ी को घिसकर उस मिश्रण को स्किन पर पैक की भांति लगाएं, इसके प्रयोग से जहां एक्ने की समस्या का समाधान होगा वहीं रंगत में भी आकर्षक निखार आएगा।  

ह्यूमनॉइड रोबोट मार्केट में चीन का दबदबा, अमेरिकी कंपनियों की तिकड़ी भी नाकाम

इंसानी रोबोट (ह्यूमनॉइड रोबोट) बेचने के मामले में चीन, अमेरिका से बहुत आगे निकल गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल 2025 में चीन ने जितने रोबोट बेचे, उसका मुकाबला अमेरिका की 3 कंपनियां मिलकर भी नहीं कर पाईं। इनमें एलन मस्‍क की टेस्‍ला भी शामिल है। चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स (Unitree Robotics) अकेले सब पर भारी पड़ी है और उसने एक साल में 5500 से ज्‍यादा इंसानी रोबोट बेच डाले। वहीं अमेरिका की 3 कंपनियां लगभग 450 रोबोट बेच सकीं। हाल में हुए कंस्‍यूमर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स शो (CES 2026) में दुनियाभर की कंपनियों का जोर एआई और रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में दिखाई दिया है। मौजूदा वक्‍त में अमेरिका और चीन इस क्षेत्र के सबसे बड़े प्रत‍िद्वंदी हैं और आंकड़े यह बता रहे हैं कि चीन ने इस द‍िशा में बहुत तरक्‍की कर ली है। चीन की एक कंपनी अमेरिका की 3 पर भारी साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिट्री रोबोटिक्‍स को लेकर यह जानकारी बहुत पुख्‍ता सोर्स से आई है। यह आंकड़े ह्यूमनॉइड रोबोट से जुड़े हैं जो इंसानों जैसे दिखने वाले, दो पैरों पर चलने वाले रोबोट होते हैं। मार्केट रिसर्च फर्म ओम्डिया (Omdia) का डेटा कहता है कि पिछले साल अमेरिका की टेस्‍ला ऑप्‍ट‍िमस, फ‍िगर एआई और एजि‍लिटी रोबोट‍िक्‍स कंपनियों ने हरेक ने 150 रोबोट बेचे जो कुल मिलाकर 450 रोबोट हैं। इससे पता चलता है कि चीन की 1 कंपनी अमेरिका 3 कंपनियों पर भारी पड़ी है। 6000 हजार रोबोट बनाए यूनिट्री ने रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल यूनिट्री ने 6 हजार से ज्‍यादा रोबोट बनाए। इनमें पहियों वाले रोबोट और दूसरे डिजाइन के रोबोट शामिल नहीं है। हालांकि यूनिट्री ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रि‍या नहीं दी है। यह कामयाबी चीन के लिए अहम है। चीन पिछले कई वर्षों से रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है। उसकी कंपनियां नए-नए रोबोट बना रही हैं। चीन से सालाना रोबोट मेला भी आयोजित करना शुरू कर दिया है, जिसमें दुनिया भर के देशों से प्रतिनिध‍ि पहुंचते हैं। इस इवेंट्स से भी चीनी कंपनियों को रोबोट के ऑर्डर मिलना शुरू हुए हैं। पिछले साल जब अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाया तो उसका असर चीन के रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में देखने को नहीं मिला। क्‍या कहते हैं अन्‍य आंकड़े हाल में ओम्‍ड‍िया और काउंटरपॉइंट रिसर्च के कुछ और आंकड़े आए हैं। इसमें शिपमेंट और इंस्‍टॉलेशन के मामले में एगीबॉट को सबसे ऊपर रखा गया है। एगीबॉट भी एक चीनी कंपनी है। यह रैंकिंग उसे ह्यूमनॉइड रोबोट को लेकर दी गई है। यूनिट्री को सेकंड रैंकिंग मिली है। ओम्‍डि‍या का मानना है कि यून‍िट्री ने पिछले साल 4200 ह्यूमनॉइड रोबेट बेचे और उसका मार्केट शेयर 32 फीसदी रहा। काउंटर पॉइंड ने यह संख्‍या 4224 बताई है और उसने यूनिट्री का मार्केट का 26.4% हिस्‍सा दिया है।

iPhone Lovers के लिए खुशखबरी: Republic Day Sale में Croma दे रहा ₹48,000 की डील

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर क्रोमा ने Republic Day Sale की घोषणा कर दी है. इस सेल में iPhone 17 और Galaxy S25 Ultra जैसे प्रीमियम फोन भारी छूट के साथ मिल रहे हैं. Croma की यह सेल 26 जनवरी तक ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर जारी रहेगी. खास बात यह है कि सेल में एक्सचेंज, बैंक कैशबैक और बोनस ऑफर्स जैसे फायदे मिल रहे हैं.इसके अलावा लैपटॉप और टीवी पर भी दमदार डिस्काउंट मिल रहा है. iPhone 17 और iPhone 15 पर सबसे बड़ी कटौती Croma Republic Day Sale का सबसे बड़ा आकर्षण iPhone 17 है, जो अब ₹82,900 की लॉन्च कीमत से घटकर प्रभावी रूप से ₹47,990 में मिल रहा है. यह कीमत एक्सचेंज वैल्यू, ₹2,000 बैंक कैशबैक और ₹8,000 के अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस जैसे फायदे मिलाकर होती है. हालांकि, एक्सचेंज का फायदा पुराने फोन की कंडीशन पर निर्भर करता है. वहीं iPhone 15 भी ग्राहकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और यह ₹59,900 की बाजार कीमत के मुकाबले ₹31,990 की प्रभावी कीमत पर उपलब्ध है. यह ऑफर उन यूजर्स के लिए खास है जो Apple इकोसिस्टम में एंट्री करना चाहते हैं. Samsung फ्लैगशिप फोन्स पर दमदार डील Apple के साथ-साथ Samsung स्मार्टफोन्स पर भी Croma ने जोरदार ऑफर पेश किए हैं. Galaxy S25 को Galaxy S24 के एक्सचेंज पर ₹50,499 में खरीदा जा सकता है. वहीं Galaxy S25 Ultra, Galaxy S24 Ultra के एक्सचेंज पर ₹79,999 की प्रभावी कीमत में उपलब्ध है. इसके अलावा फोल्डेबल फोन पसंद करने वालों के लिए Samsung Z Fold 7 भी शामिल है, जो Z Fold 6 के एक्सचेंज पर ₹1,09,999 में मिल सकता है. यहां भी कीमत फोन की कंडीशन पर निर्भर करेगी. Laptop पर मिल रहा Student Offers सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, Croma Republic Day Sale में लैपटॉप खरीदारों के लिए भी खास ऑफर्स हैं. MacBook Air M4 स्टूडेंट प्राइस पर ₹55,911 में उपलब्ध है, जिसमें बैंक कैशबैक और एक्सचेंज ऑफर भी शामिल हैं. इसके अलावा HP OmniBook 5 (13th Gen) को ₹48,130 की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है. ये डील्स खासतौर पर स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर लाई गईं हैं. TV और Home Appliances पर भारी छूट इस सेल में Samsung Neo QLED 65-इंच TV की कीमत ₹1,75,000 से घटकर ₹98,990 हो गई है. वहीं TCL का 55-इंच QLED TV ₹38,990 में मिल रहा है. फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीनों की शुरुआती कीमत ₹31,290 रखी गई है. Marshall Bluetooth स्पीकर्स पर 35 प्रतिशत तक की छूट और चुनिंदा एयर कंडीशनर्स पर ₹11,500 तक के डिस्काउंट मिल रहे हैं.

चौंकाने वाला शोध: रात में जागना और मोबाइल की लत कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे

भोपाल  अकसर लोग आजकल रात में अधिक देर तक मोबाइल चलाने और देर रात तक जागते हैं। लेकिन अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं तो आज से ही अपनी जीवन शैली बदल लीजिए। क्योंकि, मध्य प्रदेश की राजधानी में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में हालही में हुए एक शोध में चौंकाने वाला तथ्य सामने आए हैं कि, नींद की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सीधे तौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का आमंत्रण है। शधकर्ता और एम्स के डॉ. अशोक कुमार ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, हमारा शरीर दिन और रात के एक चक्र में काम करने के लिए बना है। यही चक्र हमारी नींद, पाचन, हार्मोन और सबसे खास रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने का काम करता है। देर रात तक जागने, नाइट शिफ्ट में काम करने और अनियमित दिनचर्या से जैविक घड़ी पटरी से उतर जाती है। ये होता है नुकसान अगर ऐसा होता है तो ऐसी स्थिति में शरीर की रक्षा कोशिकाएं 'सुस्त' पड़ जाती हैं, जिसके चलते कैंसर कोशिकाएं हमारी ऊर्जा प्रणाली पर कब्जा कर लेती हैं। धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाएं इतनी शक्तिशाली हो जाती हैं कि, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें पहचानने के बावजूद नष्ट करने में असमर्थ रहती है। इंटरनेशनल जर्नल में मिली पहचान, मिला सम्मान डॉ. अशोक कुमार ने यह शोध डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव (केजीएमयू लखनऊ), मनेन्द्र सिंह तोमर और मोहित के सहयोग से पूरा हुआ। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जर्नल 'स्लीप मेडिसिन रिव्यूज' में प्रकाशित किया गया है। यही नहीं, डॉ. अशोक कुमार को 'बेस्ट पेपर अवार्ड' से भी नवाजा गया है। आमजन को 'सुरक्षा मंत्र' -सोने का समय तय करें। रोज एक तय समय पर सोएं और जागें, ताकि जैविक घड़ी का संतुलन बना रहे। -सोने से 01 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी बनाएं। -अनियमित खान-पान शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है। समय पर भोजन करें। क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? इस संबंध में भोपाल एम्स के कार्यपालक निदेशक और सीईओ डॉ. माधवानन्द कर का कहना है कि, नींद और कैंसर के बीच छुपे संबंध पर ये शोध समाज के लिए एक वेकअप कॉल का काम करेगा। यह वैज्ञानिक उपलब्धि न सिर्फ चिकित्सकीय जगत में सबसे मूल्यवान है, बल्कि आम लोगों को ये समझाने में भी कारगर होगी कि, स्वस्थ जीवनशैली ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

अदरक के चौंकाने वाले फायदे: इन 4 तरह के लोगों को जरूर मिलती है खास राहत

नई दिल्ली अदरक, जो हर घर में चाय से लेकर सब्जियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह अपने स्वाद और खुशबू के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन सेहत के लिए भी किसी चमत्कार से कम नहीं। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। खासकर कुछ लोगों के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित होता है। आइए जानते हैं वो 4 लोग जिन्हें अदरक जरूर खाना चाहिए। पाचन समस्या वाले लोग खराब पाचन और पेट से जुड़ी समस्याएं हर किसी को काफी परेशान कर देता है, जिससे राहत पाने के लिए लोग दवाइयां और घरेलू उपाय अपनाते हैं। ऐसे में इन लोगों के लिए अदरक खाना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। साथ ही, यह इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज के मरीजों का खाना आसानी से पचाने में मदद करता है और पेट की तकलीफ से भी राहत दिलाता है। वहीं, अदरक खाने से शरीर की सूजन, अपच, बदहजमी और पाचन तंत्र में अल्सर का खतरा कम करता है और यह कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम से भी बचाता है। वजन घटाने वाले लोग बढ़ते वजन को लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं, इसके लिए वह डाइट में बदलाव व एक्सरसाइज का सहारा भी लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अदरक वेट लॉस के लिए एक हेल्दी ऑप्शन हो सकता है? जी हां, अगर आप भी वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो इसे डाइट में जरूर शामिल करें। यह आपको मोटापे से छुटकारा दिलाने और कमर को कम करने में मदद करता है। पीरियड्स के दर्द में असरदार कुछ लड़कियों को पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, दर्द और कई तरह की परेशानियां होती हैं। अगर आप भी इन दिनों दर्द से राहत पाना चाहती हैं, तो अदरक को डाइट में जरूर शामिल करें। यह पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। उल्टी या मतली से परेशान लोग मतली से परेशान लोगों के लिए अदरक खाना काफी कारगर हो सकता है। खासकर प्रेग्नेंसी में उल्टी और मतली की समस्या होने पर। साथ ही, यह सर्जरी कराने वाले लोगों और कीमोथेरेपी से जुड़ी मतली को कम करने में भी मददगार है। प्रेग्नेंट महिलाएं ज्यादा मात्रा में अदरक खाने से बचें और इसे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि यह हर किसी के लिए सेफ नहीं होता है।  

भारत में Apple पर संकट के बादल, सरकार की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

  नई दिल्ली भारत की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था यानी कि Competition Commission of India (CCI) ने Apple को एक कड़ी चेतावनी जारी की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल 2021 से चल रही एंटीट्रस्ट जांच में देरी करने की कोशिश कर रही है। इससे नाराज होकर CCI ने कंपनी को आखिरी चेतावनी दी है। यह मामला इन ऐप पेमेंट से जुड़ा है और कंपनी पर 38 बिलियन डॉलर यानी कि लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल बार-बार जवाब देने में देरी कर रही है, जिससे जांच प्रक्रिया बाधित हो रही है। अब CCI ने साफ कर दिया है कि अगर अगले हफ्ते तक Apple ने जवाब नहीं दिया, तो वह एकतरफा कार्रवाई करेगी। क्या है पूरा मामला? भारत में ऐपल 2021 से एक एंटीट्रस्ट मामले में फंसी है, जो कि इन-ऐप पेमेंट से संबंधित है। इस कानूनी लड़ाई में कंपनी पर 38 बिलियन डॉलर का जुर्माना लग सकता है। वहीं ऐपल ने भारत के नए एंटीट्रस्ट दंड कानून को चुनौती दी है। दरअसल यह कानून CCI को जुर्माने की राशि तय करने के लिए ऐपल के ग्लोबल टर्नओवर का इस्तेमाल करने की मंजूरी देता है। इसके जवाब में CCI ने ऐपल से जांच पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा था। इस पर ऐपल को लंबे समय से मौका दिया जा रहा है। CCI की सख्त चेतावनी 31 दिसंबर 2025 एक आदेश में CCI ने कहा है कि साफ निर्देश के बाद भी बार-बार समय बढ़ाना सही नहीं है और इससे नियम-कानून कमजोर होते हैं। साथ ही ऐसा करने से मामले को समय पर खत्म करने में समस्या आती है। ऐपल को लेकर CCI का यह भी कहना है कि ऐसी छूट हमेशा के लिए नहीं दी जा सकती। अब CCI ने फैसला किया है कि अगर अगले हफ्ते तक Apple की ओर से जवाब नहीं मिलता, तो वह खुद ही आगे बढ़ेगी और फैसला लेगी। बता दें कि लंबे समय से ऐपल सरकारी आदेश के जवाब देने में सुस्ती दिखा रही है, जिससे मामले को आगे बढ़ाने में समस्या हो रही है। ऐपल का रुख और आगे क्या? रिपोर्ट के मुताबिक Apple का मानना है कि CCI अदालती कार्यवाही को रोकने की कोशिश कर रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी को है और इससे पहले ऐपल की ओर से CCI को जवाब दिया जाना संभव नहीं है। ऐसे में साफ है कि ऐपल अदालत के फैसले के इंतजार में है। हालांकि अगर Apple जवाब नहीं देती है, तो भारत सरकार सख्त कदम उठा सकती है और भारी जुर्माना लगा सकती है।