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वेटलिफ्टिंग में भारत की उम्मीद, भविष्य में ओलंपिक में दिला सकती हैं पदक

नई दिल्ली भारत में महिलाओं को शक्ति के स्त्रोत के रूप में देखा जाता है। मौजूदा समय में बिंदियारानी देवी ने अपनी ताकत से भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोशन किया है। भविष्य में देश को उनसे वैश्विक मंचों पर पदकों की उम्मीद है। 27 जनवरी 1999 को इम्फाल, मणिपुर में जन्मीं बिंदियारानी देवी देश की सर्वाधिक प्रतिभाशाली वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी हैं। अपनी ताकत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मणिपुर में वेटलिफ्टिंग खेल को गंभीरता से लिया जाता है। यही वजह है कि बेहद कम उम्र में बिंदियारानी को इस खेल से लगाव हो गया। कड़ी मेहनत के दम पर स्थानीय प्रतियोगिताओं में बड़ी सफलता अर्जित करने के बाद बिंदियारानी देवी पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान गया। राष्ट्रीय स्तर पर बिंदियारानी देवी ने 49 किलोग्राम भार वर्ग में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। साथ ही अपनी फिटनेस, सही पोषण और मानसिक तैयारी का ख्याल रखते हुए खुद को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया। मणिपुर की इस खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी पहचान कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मिली। 2019 में, उन्होंने इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतकर नाम कमाया। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी बल्कि भारत की महिला वेटलिफ्टिंग के बढ़ते रुतबे में भी योगदान रही। बिंदियारानी देवी की खास उपलब्धियों की बात करें तो उन्होंने फुकेट में 2024 में आयोजित विश्व कप में कांस्य पदक, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक, कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण, और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2021 और 2025 में रजत पदक जीता। एशियन चैंपियनशिप 2023 में रजत और 2019 में दक्षिण एशियाई गेम्स में गोल्ड शामिल हैं। ये सभी पदक उन्होंने 55 किग्रा भारवर्ग में जीते। बिंदियारानी अपने मेहनती दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। अनुशासन, कोचिंग और परिवार के समर्थन को सफलता की कुंजी बताने वाली इस खिलाड़ी से भविष्य में ओलंपिक और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश के लिए पदक की उम्मीद की जाती है।

खेल से बढ़ती है दोस्ती, सियासत डालती है दरार — सकलैन मुश्ताक ने राजनीति पर साधा निशाना

नई दिल्ली अपने दौर के दिग्गज स्पिनर रहे पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक ने कहा है कि क्रिकेट देशों को जोड़ता है, दूर नहीं करता। उन्होंने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि क्रिकेट में राजनीति को नहीं लाना चाहिए। भारत और पाकिस्तान ने 2012-13 से ही आपस में कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है। दिसंबर 2012 में पाकिस्तानी टीम 3 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मैच की सीरीज के लिए भारत दौरे पर आई थी। तब उसने भारत को ओडीआई सीरीज में 2-1 से हराया था और टी20 सीरीज 1-1 से बराबर रही थी। राजनीति हमारी दुश्मन: सकलैन मीडिया को दिए इंटरव्यू में सकलैन मुश्ताक ने कहा, ‘मेरा मानना है कि राजनीति को खत्म किया जाना चाहिए क्योंकि ये मानवता के लिए नुकसानदेह है। राजनीति हमारी दुश्मन है और ये सिर्फ क्रिकेट को ही नुकसान नहीं पहुंचा रही, संपूर्ण मानवता को नुकसान पहुंचा रही है। ये हमारे खेल और खिलाड़ियों का नुकसान है। क्रिकेट देशों को जोड़ने के लिए बना है, उन्हें दूर करने के लिए नहीं।’ 'क्रिकेट मनोरंजन की चीज है, युद्ध की नहीं' मुश्ताक ने कहा कि क्रिकेट तो मनोरंजन से जुड़ा होना चाहिए, राजनीति या संघर्ष से नहीं। उन्होंने टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के हटने पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट मनोरंजन से जुड़ा है न कि युद्ध के मैदान या युद्ध से। मैं भारत में बांग्लादेश के नहीं खेलने के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा क्योंकि मैंने पहले ही साफ कर दिया है कि मैं राजनीति में यकीन नहीं करता।' बांग्लादेश मामले पर टिप्पणी से इनकार बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के स्क्वाड से रिलीज किए जाने के बाद बांग्लादेश ने भारत में विश्व कप मैच खेलने से इनकार कर दिया था। उसने 'सुरक्षा कारणों' से अपने विश्व कप मैचों को बाहर से बाहर शिफ्ट किए जाने यानी श्रीलंका में कराने की मांग की थी। आईसीसी ने उसकी चिंताओं को आधारहीन बताते हुए साफ किया था कि वेन्यू में कोई बदलाव मुमकिन नहीं है। आखिरकार बांग्लादेश ने विश्व कप में नहीं खेलने का फैसला किया, जिसके बाद उसकी जगह पर आईसीसी ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया है। बांग्लादेश के सारे ग्रुप मैच भारत में ही होने थे।  

किक्स, पंच और जोश का तूफान — खेल कराटे स्कूल गेम्स सीज़न 3 ने रचा नया इतिहास

जयपुर जयपुर में खेल कराटे स्कूल गेम्स – सीज़न 3 का भव्य एवं सफल आयोजन ज्ञान विहार स्कूल में शनिवार और रविवार को किया गया। इस राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में देश के 16 से अधिक राज्यों के 100 से ज्यादा स्कूल के खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह के अवसर पर 3 लाख 50 हज़ार की राशि विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र के साथ प्रदान की गई। आयोजन का नेतृत्व धनंजय त्यागी ने निभाया जिनके मार्गदर्शन में प्रतियोगिता पूरी गरिमा, अनुशासन और खेल भावना के साथ संपन्न हुई। संस्था के प्रेसिडेंट आकाश सिंह एवं सेक्रेटरी मोहित शर्मा ने बताया कि टीम चैंपियनशिप में प्रथम स्थान जे.एस.सी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोबनेर; दूसरा स्थान आईएमएए अकादमी जयपुर और तीसरा स्थान नॉलेज सिटी स्कूल अलवर ने प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ कोच श्रेणी में उत्कृष्ट योगदान के लिए गौतम सिंह (दिल्ली) को पहला स्थान, दीपक सैनी (अलवर) को दूसरा और रजनी भंसाली (भीलवाड़ा) को तीसरे स्थान से सम्मानित किया गया। सुपर गोल्ड वर्ग में बालक वर्ग में अंडर-7 आरुष दास, अंडर-8 अतुल्य द्विवेदी, अंडर-10 वियान जैन, अंडर-12 देवांश सिंह, अंडर-14 देवम त्रिवेदी, अंडर-16 कार्तिक यादव और सीनियर ओपन में पवन जांगिड़ विजेता रहे, जबकि बालिका वर्ग में अंडर-8 वेदित्या राठौड़, अंडर-10 नैनिका नाथ, अंडर-12 ज़ील चोक्सी, अंडर-14 गरिमा बालोतिया, अंडर-19 श्रेय पटिल और सीनियर ओपन में खुशबू पंवार ने सुपर गोल्ड खिताब जीता। आयोजन को अभिभावकों और खेल प्रेमियों से भरपूर सराहना मिली।

कलिंगा लांसर्स की सफलता का राज क्या? कप्तान आर्थर वान डोरेन ने खोला जीत का मंत्र

भुवनेश्वर कलिंगा लांसर्स के कप्तान आर्थर वैन डोरेन ने हॉकी इंडिया लीग 2025-26 का खिताब जीतने के बाद इस सफलता का श्रेय टीम की मजबूत केमिस्ट्री, सामूहिक सोच और घरेलू दर्शकों के शानदार समर्थन को दिया है। सोमवार को कलिंगा हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में कलिंगा लांसर्स ने रांची रॉयल्स को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। खिताब जीतने के बाद आर्थर वैन डोरेन ने कहा, "इतने कम समय में टीम को एकजुट करना सबसे बड़ी चुनौती थी। एक बॉन्ड बनाने और एक टीम के रूप में खड़े होने के लिए चार सप्ताह बहुत कम समय होता है। यह आसान नहीं था, लेकिन जिस तरह से हमने खुद को ढाला और मैदान पर प्रदर्शन किया, उस पर हमें बेहद गर्व है। हमने एक अच्छी और मजबूत यूनिट बनाई और वही आज पिच पर दिखी।" फाइनल मुकाबले को लेकर आर्थर ने रांची रॉयल्स की तारीफ करते हुए कहा कि वे टूर्नामेंट की सबसे अटैकिंग और मनोरंजक टीमों में से एक हैं। हम पहले भी उनसे कई बार खेल चुके थे, इसलिए हमें पता था कि हमें आक्रामक सोच के साथ उतरना होगा। ऐसी टीम के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन करना हमारे लिए बहुत मायने रखता है। मैच के अंतिम क्षणों में एक गोल की बढ़त होने के बावजूद, लांसर्स ने पूरी तरह रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय अपना प्राकृतिक गेम खेलना जारी रखा। आर्थर ने कहा, "सिर्फ पीछे बैठकर डिफेंस करने से दबाव बढ़ता है। हमने सकारात्मक रहकर आक्रामक खेलना जारी रखा और एक यूनिट के तौर पर मजबूती से खड़े रहे।" आर्थर वैन डोरेन ने घरेलू दर्शकों के योगदान को खास बताते हुए कहा कि घरेलू दर्शकों की ऊर्जा हमें अतिरिक्त ताकत देती है। वह माहौल शानदार था और हमने हर पल का भरपूर आनंद लिया। पूरे टूर्नामेंट में कलिंगा लांसर्स का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम को केवल एक हार का सामना करना पड़ा, वह भी एक डेड रबर मुकाबले में, जब वे पहले ही लीग स्टेज में टॉप पर रहते हुए क्वालिफायर-1 में जगह बना चुके थे।

चोट और थकान से टूटा करियर, ‘अब नहीं खेल पाऊंगा’ कहकर ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने क्रिकेट को कहा अलविदा

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की टीम के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने महज 34 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। केन रिचर्डसन टी20 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। 2021 में ऑस्ट्रेलिया ने टी20 विश्व कप जीता था और टीम में केन रिचर्डसन भी शामिल थे। केन रिचर्डसन ने 61 इंटरनेशनल मैच ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले हैं, जिनमें 25 वनडे इंटरनेशनल और 36 T20 इंटरनेशनल मैच शामिल हैं।   केन रिचर्डसन ने 2008-09 के सीजन में लिस्ट ए क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2013 में उनको ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार वनडे इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला। रिचर्डसन का बिग बैश लीग यानी बीबीएल करियर भी शानदार रहा है। वह उन कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में से शामिल हैं जो टूर्नामेंट का हर एक एडिशन खेले हैं। उन्होंने 2017-18 में मेलबर्न रेनेगेड्स में जाने से पहले एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ छह सीजन खेले। 2025-26 एडिशन वह सिडनी सिक्सर्स के लिए खेले, लेकिन इससे पहले आठ सीजन तक उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए बीबीएल खेला। रिचर्डसन के नाम 142 विकेट बीबीएल में हैं और वह इस कॉम्पिटिशन के पांचवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। रिचर्डसन ने रिटायरमेंट को लेकर दिए बयान में कहा, “2009 में डेब्यू करने से लेकर अब तक, मुझे लगता है कि मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया है और अब अपनी जिंदगी के इतने मज़ेदार हिस्से को खत्म करने का यह सही समय है।” एक तरह से उन्होंने कहा है कि उम्र उनकी भले ही 34 है, लेकिन उनका शरीर साथ नहीं दे रहा है। एक तेज गेंदबाज के लिए इस उम्र में गेंदबाजी करना कठिन है। उन्होंने आगे अपने पोस्ट में लिखा, "मैं खुशकिस्मत रहा हूं कि मुझे अपने देश के साथ-साथ दुनिया भर की कई फ्रेंचाइजी टीमों और ऑस्ट्रेलिया में भी खेलने का मौका मिला। मैंने इस मौके को कभी हल्के में नहीं लिया और मुझे उम्मीद है कि देखने वाले लोग जानते होंगे कि जब मैं डार्विन में बच्चा था, तब से ही मैंने क्रिकेटर बनने का सपना देखा था।" उन्होंने अपने फैंस, वाइफ और बच्चे समेत स्पॉन्सर्स को धन्यवाद कहा, जो उनके करियर में बड़ा सपोर्ट थे।  

जीत के जश्न के बीच छुपी कमजोरी — IND vs NZ सीरीज में भारत का ये विभाग रहा पूरी तरह फेल

विशाखापट्टनम अब तक खेल के हर विभाग में अपना दबदबा बनाने वाली भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को विशाखापट्टनम में होने वाले चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भी किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी जिसमें वह स्पिनरों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद भी करेगी। अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन के शानदार प्रदर्शन से भारत ने पहले तीनों मैच जीत कर सीरीज अपने नाम कर ली है। लेकिन इस बीच उसके दो प्रमुख स्पिनर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। कुलदीप ने दो मैचों में केवल दो विकेट लिए हैं और वह प्रभावित करने में असफल रहे हैं। उन्होंने प्रति ओवर 9.5 रन लुटाए। पिछले मैच में भी कुलदीप ने तीन महंगे ओवर किए जिनमें उन्होंने 32 रन दिए। जसप्रीत बुमराह, रवि बिश्नोई और हार्दिक पांड्या की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने कीवी टीम को नौ विकेट पर 153 रन पर रोक दिया था। कुलदीप इससे पहले वनडे सीरीज में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, जिसमें उन्होंने तीन मैचों में तीन विकेट लिए थे और प्रति ओवर 7.28 रन दिए थे।   क्या चौथे मैच में ऐसा करेगा भारत? चक्रवर्ती को पिछले मैच में विश्राम दिया गया था लेकिन पहले दो मैच में उनकी गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी जिसके लिए वह जाने जाते हैं। इस संदर्भ में भारत इस बात पर विचार करेगा कि क्या चौथे मैच में बिश्नोई (गुवाहाटी में 18 रन देकर दो विकेट) को ही टीम में बनाए रखा जाए और कुलदीप को विश्राम देने के लिए उनकी जगह चक्रवर्ती को वापस लाया जाए। भारत ऑलराउंडर अक्षर पटेल की फिटनेस पर भी कड़ी नजर रखेगा, क्योंकि उंगली में चोट के कारण वह नागपुर में पहले मैच के बाद से नहीं खेल पाए हैं। भारत इस सीरीज में विश्व कप से पहले गेंदबाजी विभाग में अपने चरम पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है लेकिन बल्लेबाजी में फिलहाल उसका कोई सानी नहीं दिख रहा है। इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया है। तीसरे मैच में तो भारत ने केवल 10 ओवर में ही जीत हासिल कर ली थी। अभिषेक ने 300 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, जबकि सूर्यकुमार और किशन ने लगभग 230 के स्ट्राइक रेट को बनाए रखा है। सैमसन का फॉर्म चिंता का विषय भारत की बल्लेबाजी की आक्रामकता की बानगी पिछले दो मैच आंकड़े पेश करते हैं। भारत ने दूसरे और तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में क्रमशः 209 और 154 रन (कुल 363 रन) का पीछा करते हुए केवल 25.2 ओवर ही खेले। अगर विशाखापट्टनम की पिच की प्रकृति और ओस के प्रभाव पर ध्यान दें तो इस मैच की कहानी भी अलग नहीं होगी। इस सीरीज में भारत के लिए चिंता का विषय केवल संजू सैमसन का खराब फॉर्म रहा है। वह तीन मैचों में 5.33 की औसत से 16 रन ही बना पाए हैं जिससे टीम में उनके स्थान को लेकर सवाल उठने लग गए हैं। हालांकि तिलक वर्मा की चोटिल होने के कारण बाहर होने से टीम प्रबंधन संजू को खुद को साबित करने के लिए एक और मौका दे सकता है। टीम प्रबंधन संजू को तीसरे नंबर पर भी उतारने का विचार कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो अभिषेक के साथ किशन पारी की शुरुआत करेंगे। क्या डेरिल मिचेल होगा प्रमोशन? वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले न्यूजीलैंड के लिए टी20 सीरीज में अभी तक कुछ भी अच्छा नहीं रहा। उसके बल्लेबाजों ने कभी-कभार अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये का जवाब देने में विफल रहे। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जेकब डफी उसके सबसे किफायती गेंदबाज हैं जबकि उनका इकॉनमी रेट 10.30 है। उसके अन्य गेंदबाज मैट हेनरी (13.80), काइल जैमीसन (14.20), मिचेल सैंटनर (13.14) और ईश सोढ़ी (12.50) भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। न्यूजीलैंड इस मैच में शानदार फॉर्म में चल रहे डेरिल मिचेल को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेज सकता है। मिचेल ने वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करके अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन टी20 सीरीज में उन्हें निचले मध्य क्रम में भेजा गया जिस पर सवाल उठने लग गए हैं। न्यूजीलैंड को अगर विश्व कप से पहले जीत दर्ज करनी है तो उसके गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उसके लिए यह महत्वपूर्ण विभाग चिंता का विषय बना हुआ है। मैच शाम सात बजे शुरू होगा। भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, ईशान किशन (विकेटकीपर), रवि बिश्नोई। न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रैसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फाक्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, लॉकी फर्ग्यूसन, इश सोढ़ी, टिम सीफर्ट।  

फिर चमके चिमुगोरो, वेदांत त्रिवेदी का बल्ला खामोश — टीम इंडिया मुश्किल में

नई दिल्ली आज भारत और जिम्बाब्वे की अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में टक्कर हो रही है। दोनों टीमें बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में आमने-सामने हैं। यह सुपर सिक्स राउंड का छठा मैच है। वहीं, ग्रुप-2 का हिस्सा भारत और जिम्बाब्वे का इस राउंड में पहला मुकाबला है। जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने ग्रुप चरण में अपने तीन मैचों में जीत दर्ज की। भारत ने अमेरिका, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड को धूल चटाई। वहीं, मेजबान जिम्बाब्वे को पाकिस्तान और इंग्लैंड के हाथों हार मिली जबकि स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। भारत का यूथ वनडे क्रिकेट में जिम्बाब्वे के विरुद्ध दमदार रिकॉर्ड है। भारत ने जिम्बाब्वे से अभी तक छह मैच खेले हैं और हर बाल विजयी परचम फहराया। वेदांत त्रिवेदी का नहीं चला बल्ला चिमुगोरो ने फिर भारतीय टीम को झटका दिया है। उन्होंने 17वें ओवर में वेदांत त्रिवेदी का शिकार किया। वेदांत ने 18 गेंदों में 15 रन बटोरे, जिसमें एक छक्का शामिल है। विहान मल्होत्रा (16)* का साथ देने अभिज्ञान कुंडू आए हैं। भारत की रनों की रफ्तार थमी भारत की रनों की रफ्तार थम गई है। 15 ओवर के बाद भारत का स्कोर 127/3 है। विहान मल्होत्रा 14 और वेदांत त्रिवेदी 13 रन बनाकर क्रीज पर हैं। म्हात्रे और सूर्यवंशी हुए आउट टाटेंडा चिमुगोरो ने 11वें ओवर में भारत को डबल झटका दिया। उन्होंने तीसरी गेंद पर कप्तान आयुष म्हात्रे को आउट किया, जो बड़ी पारी नहीं खेल पाए। उन्होंने 19 गेंदों में 21 रन बनाए, जिसमें एक चौका और दो सिक्स हैं। म्हात्रे ने वैभव सूर्यवंशी के साथ दूसरे विकेट के लिए 56 रनों की पार्टनरशिप की। चिमुगोरो ने ओवर की पांचवी गेंद पर सूर्यवंशी का शिकार किया। उन्होंने 30 गेंदों में चार चौकों और चार छक्कों की मदद से 52 रन बनाए। सूर्यवंशी ने ठोका तूफानी अर्धशतक सूर्यवंशी ने 24 गेंदों में तूफानी अर्धशतक ठोका है। वह चार चौके और इतने ही छक्के लगा चुके हैं। फिफ्टी की ओर सूर्यवंशी सूर्यवंशी फिफ्टी की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने 20 गेंदों में 43 रन बना लिए हैं। म्हात्रे 7 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। एरॉन जॉर्ज लौटे पवेलियन भारत को पहला झटका एरॉन जॉर्ज के रूप में लगा है। उन्हें मजाई ने पांचवे ओवर की पहली गेंद पर जॉर्ज को आउट किया। जॉर्ज ने 16 गेंदों में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 23 रनों की पारी खलेी। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी (19)* के साथ 41 रनों की साझेदारी की। सूर्यवंशी का साथ देने कप्तान आयुष म्हात्रे आए हैं।

T20 वर्ल्ड कप से पाकिस्तान के हटने की चर्चा तेज, लेकिन क्यों ये फैसला लेना है लगभग नामुमकिन?

नई दिल्ली बांग्लादेश तो अपनी जिद की वजह से बिना कोई मैच खेले ही टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। अब पाकिस्तान उसके समर्थन में बड़ी-बड़ी डींगे हाक रहा। वर्ल्ड कप के बहिष्कार की धमकी दे रहा। अगर वर्ल्ड कप का बहिष्कार नहीं तो कम से कम 15 फरवरी को भारत से होने वाले ग्रुप मैच के बायकॉट पर विचार का संदेश दे रहा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के मुताबिक इसे लेकर आखिरी फैसला शुक्रवार या फिर सोमवार को सुना दिया जाएगा। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स इस तरफ इशारा कर रही हैं कि पाकिस्तान का टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करना तो दूर, भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटना तक दूर की कौड़ी लग रही है।   पाकिस्तान की पैंतरेबाजी पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। मीटिंग के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘प्रधानमंत्री मियां मोहम्मद शहबाज शरीफ के साथ अच्छी मीटिंग रही। उन्हें आईसीसी से जुड़े मसले के बारे में बताया और उन्होंने निर्देश दिया कि हम इसका हल ढूंढे और साथ में सभी विकल्प भी खुला रखा है। इस पर सहमति बनी कि आखिरी फैसला या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को लिया जाएगा।’ नकवी ने सभी विकल्प खुले रहने की बात कहकर बायकॉट की अटकलों को पैंतरेबाजी से जिंदा रखने की कोशिश की। वैसे पाकिस्तान ने एशिया कप के बीच में ही तब उसके बहिष्कार की धमकी दी थी जब भारतीय खिलाड़ियों ने मैच के बाद पाकिस्तान टीम के साथ हाथ नहीं मिलाया था। आईसीसी के सामने मैच रेफरी को हटाने की शर्त रख दी थी। तब उस गीदड़भभकी का अंजाम दुनिया ने देखा ही था। ड्रामेबाजी के बाद पाकिस्तान ने न सिर्फ एशिया कप खेला बल्कि उसी मैच रेफरी की निगरानी में मुकाबला खेला, जिसे हटाने के लिए बहुत सारा नखरा किया था। आईसीसी ने पीसीबी को पहुंचा दिया है दो टूक संदेश अब अगर टी20 वर्ल्ड कप की बात करें तो क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी ने पाकिस्तान को साफ-साफ बता दिया है कि अगर वह बायकॉट कार्ड खेलता है तो उसे क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी ने अपनी बात पहुंचा दी है कि उसे कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। बायकॉट पूरी तरह से प्रतिभागिता समझौते यानी पार्टिसिपेशन अग्रीमेंट का उल्लंघन होगा जिस पर आईसीसी के साथ दस्तखत किया गया है। इससे वैश्विक और एशिया कप टूर्नामेंट से पाकिस्तान को सस्पेंड किए जाने की सजा मिल सकती है। इसके अलावा विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान सुपर लीग में खेलने के लिए जारी होने वाले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट को भी वापस लिया जा सकता है। वैसे भी पाकिस्तान के पास विश्व कप या फिर भारत के साथ मैच के संभावित बहिष्कार को उचित ठहराने का कोई खास आधार नहीं है क्योंकि उन्हें उनकी पसंद के वेन्यू पर खेलने की इजाजत दी गई है। पाकिस्तान अगर बाहर हुआ तो बांग्लादेश को फिर मिल सकती है एंट्री पाकिस्तान के खिलाफ एक और बड़ा फैक्टर काम कर रहा है। दरअसल ऐसी रिपोर्ट हैं कि अगर पाकिस्तान की टीम वर्ल्ड कप का बहिष्कार करती है तो आईसीसी उसकी जगह पर बांग्लादेश को फिर शामिल कर सकती है। चूंकि पाकिस्तान के सारे मैच श्रीलंका में हैं और बांग्लादेश की मांग भी यही थी कि उसके मैच भारत से बाहर कराए जाएं तो आईसीसी को ऐसी सूरत में किसी तरह की लॉजिस्टिक से जुड़ी चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। मामले से वाकिफ आईसीसी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, ‘अगर पाकिस्तान हटने का फैसला करता है तो उसकी जगह पर ग्रुप ए में बांग्लादेश को जगह दी जाएगी और उनके सारे मैच श्री लंका में होंगे। बीसीबी की भी वेन्यू को लेकर यही गुजारिश रही है। इसमें लॉजिस्टिकल चैलेंज भी बहुत सीमित रहेंगे।’ 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलेगा टी20 वर्ल्ड कप टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इसकी संयुक्त मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं। टूर्नामेंट में कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं जिन्हें 5-5 के कुल 4 ग्रुप में बांटा गया है। भारत ग्रुप ए में है जिसमें उसके अलावा पाकिस्तान, अमेरिका, नीदरलैंड और नामीबिया हैं। बांग्लादेश को ग्रुप सी में रखा गया था लेकिन उसके भारत में मैच खेलने से इनकार के बाद उसकी जगह स्कॉटलैंड को जगह मिली है। 8 मार्च को वर्ल्ड कप फाइनल खेला जाएगा।  

प्लेयर ऑफ द मैच के महारथियों की लिस्ट जारी, दिग्गजों के बीच जो रूट पड़े फीके

नई दिल्ली इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में अहम पारी खेली। उन्होंने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में 90 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 75 बनाए। इंग्लैंड ने 220 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पांच विकेट से जीत दर्ज की। 35 वर्षीय रूट प्लेयर ऑफ मैच चुने गए और इतिहास रच दिया। वह इंटरनेशनल क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ मैच अवॉर्ड जीतने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने अपने करियर में अब तक 27 अवॉर्ड हासिल किए हैं। रूच ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन का रिकॉर्ड ध्वस्त किया। पीटरसन ने 26 अवॉर्ड जीते।   रूट भले ही इंग्लैंड की ओर से इतिहास रचने में कामयाब रहे लेकिन अपने-अपने देश के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वालों की टॉप 10 लिस्ट में फिसड्डी हैं। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के खाते में ना सिर्फ भारतीय टीम बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है। सचिन ने अपने 24 साल लंबे करियर में कुल 76 अवॉर्ड पर कब्जा जमाया। सिर्फ तीन प्लेयर ही 50 प्लस अवॉर्ड हासिल कर पाए हैं। सचिन के बाद श्रीलंका के पूर्व ओपनर सनथ जयसूर्या हैं, जिन्होंने 58 प्लेयर ऑफ द मैच पर कब्जा जमाया। साउथ अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर जैक्स कैलिस (57) तीसरे पायदान पर हैं। अपने-अपने देश के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वालों की टॉप 10 लिस्ट भारत – सचिन तेंदुलकर (76) श्रीलंका – सनथ जयसूर्या (58) साउथ अफ्रीका – जैक्स कैलिस (57) ऑस्ट्रेलिया – रिकी पोंटिंग (48) बांग्लादेश – शाकिब अल हसन (45) पाकिस्तान – शाहिद अफरीदी (43) वेस्टइंडीज – ब्रायन लारा (42) न्यूजीलैंड – मार्टिन गुप्टिल (34) जिम्बाब्वे – सिकंदर रजा (33) इंग्लैंड – जो रूट (27) दूसरे वनडे मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टॉस गंवाने के बाद श्रीलंका को 49.3 ओवर में ढेर कर दिया। कप्तान चरिथ असलंका ने 45 और धनंजय डी सिल्वा ने 40 रनों का योगदान दिया। जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। बतौर ओपन उतरे रेहान अहमद (13) छठे ओवर में पवेलियन लौट गए। इसके बाद, रूट ने मोर्चा संभाला। उन्होंने बेन डकेट (39) के साथ दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी की। जैकब बेथेल (6) का बल्ला नहीं चला। रूट ने कप्तान हैरी ब्रूक (42) के साथ चौथे विकेट के लिए 81 रनों की साझेदारी की। विकेटकीपर जोस बटलर (नाबाद 33) और विल जैक्स (नाबाद 8) ने इंग्लैंड को जीत की दहलीज पार कराई।  

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 16 टीमें तैयार… 4 देशों ने अब तक नहीं खोले पत्ते

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 की शुरुआत में अब करीब दो सप्ताह का समय बाकी है। 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में शुरू हो रहे आईसीसी टी20 विश्व कप में 20 टीमें खेलने वाली हैं। बांग्लादेश के बाहर होने के बाद स्कॉटलैंड को मौका मिला है। हालांकि, अभी तक 16 ही टीमों का ऐलान टूर्नामेंट के लिए हुआ है। इनमें इंडिया और पाकिस्तान समेत सभी टीमों का नाम शामिल है, लेकिन अभी भी 4 देश ऐसे हैं, जिनके स्क्वॉड का ऐलान होना बाकी है। इनमें नया नवेला देश स्कॉटलैंड भी है, जो बांग्लादेश की जगह खेलने वाला है।   ग्रुप ए में टीम इंडिया और पाकिस्तान के अलावा नामीबिया, यूएसए और नीदरलैंड की टीम हैं। इन 5 टीमों में से 4 टीमों का ऐलान हो चुका है, जबकि यूएसए ने अभी तक अपनी टीम घोषित नहीं की है। ग्रुप बी की बात करें तो इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड, ओमान और जिम्बाब्वे की टीम शामिल है। इस ग्रुप की सभी टीमों की घोषणा हो चुकी है, जिसमें श्रीलंका ने प्रिलिमिनरी और ऑस्ट्रेलिया ने प्रोविजनल स्क्वॉड का ऐलान किया है। ग्रुप सी की बात करें तो इसमें पहले बांग्लादेश की टीम थी, लेकिन उसने भारत में खेलने से इनकार कर दिया है तो आईसीसी को स्कॉटलैंड को बांग्लादेश से रिप्लेस करना पड़ा है। स्कॉटलैंड के अलावा इस ग्रुप में इंग्लैंड, इटली, नेपाल और वेस्टइंडीज की टीम शामिल है। इनमें से इंग्लैंड, इटली और नेपाल ने ही टीम घोषित की है, जबकि स्कॉटलैंड और वेस्टइंडीज की टीम का ऐलान होना बाकी है। ग्रुप डी में साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, कनाडा और यूएई की टीम शामिल है। इनमें से सिर्फ यूएई ऐसा देश है, जिसकी टीम अभी तक घोषित नहीं हुई है। बाकी के चार देशों ने अपनी-अपनी टीमें घोषित कर दी हैं। जिन देशों ने अभी तक टीम की घोषणा नहीं की है, उन्हें जल्द से जल्द टीम घोषित करनी होगी, क्योंकि आईसीसी की डेडलाइन इसी महीने के आखिर में खत्म हो रही है। सबसे लेटेस्ट पाकिस्तान की स्क्वॉड का ऐलान हुआ है। आपकी जानकारी के लिए बता दें, बांग्लादेश ने भी अपनी टीम का ऐलान टी20 विश्व कप के लिए कर दिया था, लेकिन अब टीम नहीं खेलेगी तो उस स्क्वॉड का कोई मतलब नहीं है।