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न्यूजीलैंड को झटका? भारत के खिलाफ टी20 में ब्रैसवेल के खेलने पर सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के कोच रॉब वाल्टर ने कहा कि ऑलराउंडर माइकल ब्रैसवेल का भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में खेलना इस बात पर निर्भर करेगा कि वह इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे के दौरान बाएं पैर की पिंडली में लगी मामूली चोट से उबर पाते हैं या नहीं।   न्यूजीलैंड ने होल्कर स्टेडियम में भारत को 41 रन से हराकर वनडे श्रृंखला 2-1 से जीती थी लेकिन फील्डिंग के दौरान पिंडली में हल्की चोट लगने के कारण ब्रैसवेल गेंदबाजी नहीं कर पाए थे। न्यूजीलैंड क्रिकेट की विज्ञप्ति में वाल्टर ने कहा, ‘ब्रैसवेल का उपचार जारी रहेगा और उनकी फिटनेस पर निगाह रखी जाएगी। इसके बाद ही दौरे में उनकी आगे की भागीदारी के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘वनडे श्रृंखला जीतना और इतिहास रचना बेहद खास था। टीम के शानदार प्रदर्शन की बदौलत हमने कुछ ऐसा हासिल किया जो पहले कभी नहीं हुआ था।’ वाल्टर ने कहा कि ब्रैसवेल टीम के साथ बने रहेंगे, लेकिन उन्हें जल्दी पूरी फिटनेस हासिल करनी होगी। उन्होंने कहा, ‘माइकल टीम के साथ नागपुर गए हैं लेकिन टी20 श्रृंखला से पहले कम समय बचा है, इसलिए हमें उनकी फिटनेस पर जल्द ही गौर करना होगा।’ वाल्टर ने यह भी पुष्टि की कि तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क टीम के साथ बने रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस श्रृंखला के पहले तीन मैचों के लिए हमारे पास पर्याप्त तेज गेंदबाजी विकल्प हों और क्रिस्टियन के लिए भारत के अपने पहले दौरे पर टीम के साथ थोड़ा और समय बिताने का यह एक शानदार अवसर है। उन्होंने वनडे श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया।’

अक्षर पटेल क्यों हैं भारतीय टीम की मजबूती? जन्मदिन पर पढ़ें उनके सभी बड़े रिकॉर्ड्स

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडर अक्षर पटेल आज, 20 जनवरी 2025 को अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुजरात के आणंद में 1994 में जन्मे अक्षर ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास मुकाम हासिल किया है। वह बाएं हाथ की सटीक स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे भारतीय टीम के एक भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं, जिन्होंने सीमित ओवरों के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी उपयोगिता बार-बार साबित की है।   अक्षर के करियर की शुरुआत घरेलू क्रिकेट में गुजरात के लिए हुई, जहां उन्होंने 18 साल की उम्र में पदार्पण किया था। उन्हें खास पहचान आईपीएल 2014 में मिली, जब उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता। इसी प्रदर्शन के आधार पर 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना वनडे डेब्यू किया। हालांकि शुरुआत में वे रवींद्र जडेजा की छाया में रहे, लेकिन अपनी निरंतरता और मेहनत के दम पर उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की की। 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में कदम रखने के बाद वे टीम के नियमित सदस्य बन गए। टेस्ट क्रिकेट में अक्षर पटेल ने साल 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण करते हुए वे डेब्यू मैच में पांच विकेट लेने वाले नौवें भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने उस श्रृंखला के केवल 3 मैचों में 27 विकेट झटके। अक्षर ने हाल के वर्षों में आईसीसी टूर्नामेंटों में भी भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2024 टी20 विश्व कप की खिताबी जीत में उनका योगदान अहम रहा, जहां उन्होंने सेमीफाइनल में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीता और फाइनल में 31 गेंदों पर 47 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। इसके अलावा, वे 2025 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। अक्षर पटेल के नाम कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें टी20 अंतरराष्ट्रीय में नंबर 7 पर भारत के लिए सर्वोच्च स्कोर (65 रन) और भारत के लिए चौथे सर्वाधिक 'मैन ऑफ द मैच' (8 बार) पुरस्कार शामिल हैं। आईपीएल में उन्होंने 2016 में गुजरात लायंस के खिलाफ एक हैट्रिक भी ली थी। अक्षर पटेल के ओवरऑल करियर की बात करें तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 15 मैचों की 24 पारियों में 34.4 की औसत से 688 रन बनाए हैं (सर्वोच्च स्कोर 84) और गेंदबाजी में 19.67 की औसत से 57 विकेट चटकाए हैं, जिसमें 5 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। वनडे (ODI) में उन्होंने 71 मैचों में 858 रन बनाने के साथ-साथ 4.49 की किफायती इकोनॉमी से 75 विकेट हासिल किए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में अक्षर ने 85 मैचों में 135.12 के स्ट्राइक रेट से 681 रन बनाए हैं और 82 विकेट अपने नाम किए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 3/9 रहा है। कुल मिलाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक 2227 रन और 214 विकेट अर्जित किए हैं। अक्षर पटेल भारत की टी-20 विश्व कप 2026 की टीम का हिस्सा हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में रवींद्र जडेजा के लगातार गिरते प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वनडे 2027 वर्ल्ड कप खेलने की उम्मीदें भी मजबूत होती जा रही हैं। अक्षर पटेल फिलहाल, टेस्ट और टी-20 टीम में नजर आते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 वनडे मैचों की सीरीज में उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया था।  

गुकेश और अर्जुन का मुकाबला बराबरी पर खत्म, टाटा स्टील मास्टर्स में प्रज्ञानानंद का जीत से आगाज़

वाइक आन ज़ी, (नीदरलैंड्स) टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में भारतीय ग्रैंडमास्टर्स डी. गुकेश और शीर्ष वरीयता प्राप्त अर्जुन एरिगैसी के बीच मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों खिलाड़ियों ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः बाज़ी बराबरी पर छूटी। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुके जर्मनी के मैथियास ब्लूबाउम ने इस प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत दर्ज की। उन्होंने अपने ही देश के विन्सेंट कीमर को हराया और तीन राउंड के बाद दो अंकों के साथ लीडर्स के समूह में शामिल हो गए। अन्य भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो अरविंद चिथंबरम ने उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के साथ ड्रॉ खेला। वहीं आर. प्रज्ञानानंद ने शुरुआती दो हार के बाद वापसी करते हुए चेक गणराज्य के थाई दाई वान गुयेन के खिलाफ ड्रॉ हासिल कर टूर्नामेंट में अपना खाता खोला। 14 खिलाड़ियों के इस 13 राउंड के सुपर टूर्नामेंट में अभी 10 राउंड बाकी हैं। फिलहाल अर्जुन एरिगैसी, अब्दुसत्तोरोव और अमेरिका के हांस नीमन दो अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। उनके साथ ब्लूबाउम और नीदरलैंड्स के जॉर्डन वान फॉरेस्ट भी लीडर्स के समूह में शामिल हैं। शीर्ष खिलाड़ियों और दूसरे स्थान पर मौजूद शतरंज खिलाड़ियों के बीच केवल आधे अंक का अंतर है, जिससे साफ है कि रेस्ट डे से पहले आने वाले कुछ राउंड बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं। अर्जुन और गुकेश के बीच मुकाबला क्वीन्स गैम्बिट एक्सेप्टेड ओपनिंग में खेला गया। इस ओपनिंग का प्रयोग पहले राउंड में प्रज्ञानानंद ने अर्जुन के खिलाफ किया था, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार गुकेश ने बेहतर तैयारी दिखाई और सफेद मोहरों को अपने राजा के पास आने से रोके रखा। अर्जुन ने ज्यादा जोखिम नहीं लिया और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हो गया। अरविंद चिथंबरम ने शुरुआत से ही ठोस खेल दिखाया। सफेद मोहरों से खेलने के बावजूद उन्हें ओपनिंग में खास बढ़त नहीं मिली और अब्दुसत्तोरोव ने आसानी से बराबरी हासिल कर ली। यह मुकाबला भी जल्द ड्रॉ पर खत्म हो गया। तीसरे राउंड के परिणाम : * अर्जुन एरिगैसी (2) ने डी. गुकेश (1.5) के साथ ड्रॉ खेला * जॉर्डन वान फॉरेस्ट (नीदरलैंड्स, 2) ने अनीश गिरी (नीदरलैंड्स, 0.5) को हराया * थाई दाई वान गुयेन (चेक गणराज्य, 1.5) और आर. प्रज्ञानानंद (0.5) के बीच ड्रॉ * अरविंद चिथंबरम (1.5) और नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव (उज्बेकिस्तान, 2) के बीच ड्रॉ * हांस नीमन (अमेरिका, 2) और यागिज़ कान एरदोगमुस (तुर्किये, 1.5) के बीच ड्रॉ * विन्सेंट कीमर (जर्मनी, 1) को मैथियास ब्लूबाउम (जर्मनी, 2) ने हराया * जावोखिर सिंदारोव (उज्बेकिस्तान, 1.5) और व्लादिमीर फेडोसीव (स्लोवेनिया, 1.5) के बीच ड्रॉ  

सिर्फ 25 रन दूर सूर्या, टी20 में रचेंगे इतिहास, कोहली–रोहित की लिस्ट में होंगे शामिल

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच 21 जनवरी से पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। इस सीरीज का पहला मुकाबला नागपुर में खेला जाएगा, जहां भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बहुत बड़े माइलस्टोन के करीब होंगे। सूर्या को टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपने 9,000 रन पूरे करने के लिए अब केवल 25 रनों की आवश्यकता है। 25 रन बनाते ही सूर्यकुमार यादव टी-20 क्रिकेट में 9,000 या उससे अधिक रन बनाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे।   अभी तक भारत के लिए टी20 फॉर्मेट में 9,000 या उससे अधिक सिर्फ तीन खिलाड़ियों ने बनाए हैं। इस विशेष क्लब में विराट कोहली 13,543 रनों के साथ शीर्ष पर हैं, उनके बाद रोहित शर्मा ने 12,248 रन बनाए हैं और दूसरे स्थान पर हैं। तीसरे स्थान पर शिखर धवन हैं जिनके नाम 9,797 रन दर्ज हैं। सूर्यकुमार यादव इस ऐतिहासिक क्लब में एंट्री मारने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बनेंगे। हालांकि सूर्या पिछले कुछ समय से रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनसे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। सूर्यकुमार यादव ने अपने अब तक के टी-20 करियर में 346 मैचों की 320 पारियों में 34.78 की औसत और 152.29 के शानदार स्ट्राइक रेट से 8,975 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 6 शतक और 59 अर्द्धशतक निकले हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली यह सीरीज सूर्यकुमार यादव के लिए कप्तान और बल्लेबाज दोनों के तौर पर बेहद अहम है। बुधवार को होने वाले सीरीज के पहले मुकाबले में नागपुर के मैदान पर सभी की नजरें भारतीय कप्तान पर टिकी होंगी। प्रशंसकों को उम्मीद है कि सूर्या न केवल अपने 9,000 रनों का आंकड़ा पार करेंगे, बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम इंडिया को सीरीज में शानदार शुरुआत भी दिलाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सूर्या पहले ही मैच में इस खास उपलब्धि को हासिल कर पाते हैं। टी-20 क्रिकेट (अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और लीग मैचों को मिलाकर) में सर्वाधिक रन बनाने वाले टॉप-10 भारतीय बैटर • विराट कोहली: 414 मैचों की 397 पारियों में 13,543 रन। • रोहित शर्मा: 463 मैचों की 450 पारियों में 12,248 रन। • शिखर धवन: 334 मैचों की 331 पारियों में 9,797 रन। • सूर्यकुमार यादव: 346 मैचों की 320 पारियों में 8,975 रन। • सुरेश रैना: 336 मैचों की 319 पारियों में 8,654 रन। • केएल राहुल: 239 मैचों की 226 पारियों में 8,125 रन। • संजू सैमसन: 320 मैचों की 303 पारियों में 8,033 रन। • अजिंक्य रहाणे: 294 मैचों की 277 पारियों में 7,633 रन। • एमएस धोनी: 405 मैचों की 355 पारियों में 7,628 रन। • दिनेश कार्तिक: 415 मैचों की 367 पारियों में 7,557 रन  

BCCI का सख्त फैसला! सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से फिसल सकते हैं विराट-रोहित, नए नियमों का दिखेगा असर

नई दिल्ली भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से एक झटका लग सकता है। विराट और रोहित दोनों का डिमोशन सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में होने की संभावना है। इसके पीछे की वजह ये है कि बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से ए प्लस कैटेगरी को खत्म कर सकती है और सिर्फ ए, बी और सी कैटेगरी को जारी रख सकती है। अगर ऐसा होता है तो फिर विराट कोहली और रोहित शर्मा के अलावा जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा का भी डिमोशन होगा, जो पिछली बार ए प्लस कैटेगरी का हिस्सा थे। अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक के लिए रिटेनरशिप का ऐलान बीसीसीआई को करना है।   रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई एक बदला हुआ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम लाने वाला है, जिसके तहत ग्रेड A प्लस कैटेगरी बंद कर दी जाएगी। BCCI सूत्रों के मानें तो अगर बोर्ड ने नए मॉडल को मंजूरी दी तो फिर टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड B में रखे जाने की उम्मीद है। वे अभी तक ए प्लस कैटेगरी में थे। रविंद्र जडेजा का भी यही हाल होगा, लेकिन जसप्रीत बुमराह ए कैटेगरी में चले जाएंगे। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट स्ट्रक्चर में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। कमिटी ने A प्लस कैटेगरी (7 करोड़ रुपये) को खत्म करने और सिर्फ तीन कैटेगरी: A, B, और C रखने की सलाह दी है। सिर्फ 3 कैटेगरी रहने पर सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव होगा। ए प्लस कैटेगरी के लिए पहले 7 करोड़ मिलते थे, ए के लिए 5, बी के लिए 3 और सी के लिए 1 करोड़ रुपये सालाना मिलते थे। अगर ये मॉडल अप्रूव हुआ तो सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे रोहित और विराट को बी कैटेगरी में रखा जाएगा। अप्रैल 2025 में घोषित की गई 2024-25 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट में रोहित, विराट, जडेजा और बुमराह A प्लस कैटेगरी में थे, जबकि मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत ग्रेड A में शामिल थे। सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर ग्रेड B का हिस्सा थे और ग्रेड C में रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, वाशिंगटन सुंदर, मुकेश कुमार, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, रजत पाटीदार, ध्रुव जुरेल, सरफराज खान, नीतीश कुमार रेड्डी, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, आकाश दीप, वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा को जगह दी गई थी।  

मेंस एचआईएल: रोमांचक शूटआउट में रांची रॉयल्स ने एचआईएल जीसी पर दर्ज की जीत

भुवनेश्वर मेंस हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में सोमवार को बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसमें रांची रॉयल्स ने एचआईएल जीसी को शूटआउट में 4-1 से मात दी। कलिंगा हॉकी स्टेडियम में रांची रॉयल्स की ओर से अराइजीत सिंह हुंदल ने 19वें और 32वें मिनट में कुल दो गोल दागे। इसके बाद सैम लेन ने 42वें मिनट में, जबकि टॉम बून ने 57वें मिनट में गोल दागे। वहीं, एचआईएल जीसी की तरफ से ललित कुमार उपाध्याय ने 25वें और 53वें मिनट में गोल किए। इनके अलावा, केन रसेल ने 36वें मिनट में और सुदीप चिर्माको ने 39वें मिनट में एक-एक गोल किया। मैच का पहला पेनाल्टी कॉर्नर 18वें मिनट में एचआईएल जीसी को मिला, लेकिन केन रसेल के गोल पर किए गए प्रयास को रांची रॉयल्स के गोलकीपर सूरज करकेरा ने शानदार बचाव करके रोक दिया। कुछ ही देर बाद, रांची रॉयल्स को भी एक पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टॉम बून भी इसे गोल में नहीं बदल पाए। जैसे ही खेल फिर से शुरू हुआ, मनदीप सिंह ने खतरनाक स्थिति में गेंद पर कब्जा करने के लिए शानदार सूझबूझ दिखाई, और हालांकि उनके शॉट को गोलकीपर ने रोक दिया, लेकिन गेंद रिबाउंड होकर अराइजीत सिंह हुंदल (19वें मिनट) के पास गई, जिन्होंने आसानी से खाली नेट में गोल कर दिया। 25वें मिनट में, एचआईएल जीसी को फिर से एक पेनाल्टी कॉर्नर मिला। केन रसेल के ड्रैगफ्लिक को शुरुआत में गोलकीपर ने रोक दिया था, लेकिन ललित कुमार उपाध्याय समय पर गेंद तक पहुंचे और उसे नेट में डालकर एचआईएल जीसी के लिए बराबरी का गोल किया। गेम शुरू हुआ और दोनों टीमों ने गोल पर कई कोशिशें कीं, लेकिन पहले हाफ के आखिर तक कोई नतीजा नहीं निकला। तीसरे क्वार्टर के दो मिनट बाद, रांची रॉयल्स ने उसी तरह से फिर से बढ़त बना ली। मनदीप सिंह ने सर्कल के बीच से गोल पर शॉट लगाया, और हालांकि उनके शॉट को एचआईएल जीसी के गोलकीपर जेम्स मजारेलो ने रोक दिया, लेकिन गेंद अरजीत सिंह हुंदल (32वें मिनट) के पास गई, जिन्होंने गेंद को गोल में डाल दिया। तीन मिनट बाद, एचआईएल जीसी ने फिर से गेम बराबर कर दिया। इस बार पेनाल्टी कॉर्नर से केन रसेल (36वें मिनट) ने सफलतापूर्वक गोल में बदल दिया। मुकाबले के 39वें मिनट में एचआईएल जीसी ने 39वें मिनट में सुदीप चिर्माको के शानदार फील्ड गोल की बदौलत मैच में बढ़त बनाई। हालांकि, यह बढ़त सिर्फ कुछ मिनट ही रही क्योंकि रांची रॉयल्स ने तुरंत बराबरी कर ली। जैक वालर ने सर्कल में गेंद को रोकने के लिए शानदार स्किल्स दिखाए और गेंद को गोल की तरफ उछाला, जिसे सैम लेन (42वें मिनट) ने गोलकीपर के ऊपर से नेट में डिफ्लेक्ट कर दिया। घड़ी में सात मिनट शेष थे, रांची रॉयल्स ने अपने ही गोल के सामने एक बड़ी गलती कर दी। यशदीप सिवाच ने गलत पास दिया, जिससे गेंद ललित कुमार उपाध्याय (53वें मिनट) के पास चली गई, जिन्होंने गेंद को नेट में डालकर फिर से बढ़त बना ली। 57वें मिनट में, रांची रॉयल्स को एक लेट पेनाल्टी कॉर्नर मिला। टॉम बून आगे बढ़े और गोल के ऊपरी दाएं कोने में शॉट मारकर फिर से बराबरी करते हुए मुकाबले को शूटआउट में पहुंचा दिया। रांची रॉयल्स ने शानदार शूटआउट करते हुए एचआईएल जीसी को 4-1 से हराया। विष्णुकांत सिंह, सैम लेन, मैक्सिम वैन ओस्ट और टॉम बून ने अपने-अपने अटेम्प्ट में गोल किए। शूटआउट के दौरान गोलकीपर सूरज करकेरा ने गोल में सबका ध्यान खींचा।  

डिफेंडिंग चैंपियन कीज का जलवा बरकरार, पहले मुकाबले में ओलिन्यकोवा पर जीत

मेलबर्न मंगलवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी मैडिसन कीज़ को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। मेलबर्न के रॉड लेवर एरिना में उनका मुकाबला यूक्रेन की युवा खिलाड़ी ओलेक्ज़ान्द्रा ओलिन्यकोवा से था। मुकाबले की शुरुआत में कीज थोड़ी दबाव में दिखीं, लेकिन अनुभव के दम पर उन्होंने मैच अपने नाम कर लिया। पहले सेट में कीज 0-4 से पीछे चल रही थीं। इतना ही नहीं, टाईब्रेक में भी वह पिछड़ गईं। इसके बावजूद उन्होंने दो सेट प्वाइंट बचाए और पहला सेट 7-6 से जीत लिया। इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने शानदार खेल दिखाया और 6-1 से जीत हासिल कर मैच समाप्त किया। कीज वर्ल्ड नंबर 9 खिलाड़ी हैं। यह मुकाबला ओलिन्यकोवा का पहला ग्रैंड स्लैम मैच था और यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर का मुकाबला भी था। पिछले कुछ समय से उन्होंने ज्यादा मैच नहीं खेले थे और यह उनका किसी शीर्ष 50 खिलाड़ी के खिलाफ पहला मैच था। बावजूद इसके, उन्होंने शुरुआत में आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया और कीज़ को परेशान कर दिया। मैच के बाद कीज ने कहा कि उनकी प्रतिद्वंद्वी ने बेहद अच्छा खेल दिखाया। उन्होंने ओलिनिकोवा के बारे में कहा, “आज मेरी प्रतिद्वंद्वी शानदार थी। उसने बहुत अच्छी शुरुआत की, और वह एक बेहतरीन प्रतिस्पर्धी है और उसने निश्चित रूप से मेरे लिए इसे मुश्किल बना दिया। यह निश्चित रूप से वह सामान्य स्टाइल नहीं है जो आप हर दिन देखते हैं। उनका खेलने का अंदाज अलग था, जिसमें गेंद की गति बदलना, ऊंची गेंदें और स्लाइस शॉट शामिल थे। इससे मुकाबला और कठिन हो गया।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी प्रतिद्वंदी ने आज मुझे नेट के दूसरी तरफ काफी मेहनत करवाई। लेकिन आखिर में मैं सच में खुद पर भरोसा कर पाई और एक कदम पीछे हटी, लेकिन फिर अपने शॉट्स खेले।” पहला सेट लगभग 72 मिनट चला, जिसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बाद दूसरे सेट में कीज पूरी तरह हावी रहीं। उन्होंने अपनी पहली सर्विस पर ज्यादातर अंक जीते और मैच पर पूरा नियंत्रण बना लिया। डिफेंडिंग चैंपियन ने दूसरे सेट में सिर्फ एक गेम गंवाया और सेट में अपनी पहली सर्व पर 90 प्रतिशत पॉइंट जीते। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, कीज़ का आखिरी सेट में मैच पर पूरा कंट्रोल था।  

नई रिपोर्ट में खुलासा: मिलान-कोर्टिना 2026 ओलंपिक्स की स्पॉन्सरशिप बढ़ा रही पर्यावरणीय खतरा

मिलान        इटली में 6 से 22 फरवरी 2026 तक होने वाले मिलान-कोर्टिना विंटर ओलंपिक गेम्स से पहले एक नई रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट का नाम Olympics Torched है, जिसे Scientists for Global Responsibility (SGR) और New Weather Institute ने जारी किया है. यह रिपोर्ट विश्व स्नो डे (18 जनवरी 2026) पर जारी हुई. रिपोर्ट कहती है कि ओलंपिक्स की स्पॉन्सर कंपनियां, जो बहुत प्रदूषण फैलाती हैं, स्नो और बर्फ को तेजी से पिघला रही हैं. विंटर स्पोर्ट्स तभी हो पाएंगे जब बर्फ रहेगी, लेकिन इनकी वजह से स्नो तेजी से पिघल रही है.  ओलंपिक्स से कितना कार्बन उत्सर्जन?     सिर्फ गेम्स आयोजित करने से लगभग 9.3 लाख टन CO₂ उत्सर्जन होगा.     2.3 वर्ग किमी स्नो कवर (बर्फ की परत) खो सकती है – जो लगभग 1300 हॉकी रिंक जितना क्षेत्र है.     साथ ही 1.4 करोड़ टन से ज्यादा ग्लेशियर बर्फ पिघल सकती है. स्पॉन्सरशिप का बड़ा रोल गेम्स के तीन मुख्य स्पॉन्सर – तेल और गैस कंपनी Eni, कार मैन्युफैक्चरर Stellantis और इटली की एयरलाइन ITA Airways – बहुत ज्यादा कार्बन उत्सर्जन वाली कंपनियां हैं. रिपोर्ट कहती है… इन तीन स्पॉन्सरशिप डील्स से अतिरिक्त 13 लाख टन CO₂ उत्सर्जन हो सकता है. कुल उत्सर्जन 40% से ज्यादा बढ़ जाएगा (करीब 2.3 मिलियन टन तक). इससे 5.5 वर्ग किलोमीटर स्नो कवर खो सकता है (3,000+ हॉकी रिंक जितना) और 3.4 करोड़ टन ग्लेशियर बर्फ पिघल सकती है. Eni अकेले इन अतिरिक्त उत्सर्जन का आधे से ज्यादा हिस्सा देगी. ये स्पॉन्सरशिप गेम्स को प्रमोट करती हैं, जिससे इन कंपनियों की ब्रांडिंग बढ़ती है. उनके प्रोडक्ट्स (तेल, गैस, कार, फ्लाइट्स) ज्यादा बिकते हैं – जो और प्रदूषण फैलाते हैं. एथलीट्स और वैज्ञानिकों की चेतावनी स्वीडिश क्रॉस-कंट्री स्कीयर Björn Sandström कहते हैं कि ओलंपिक्स हमेशा उत्सर्जन पैदा करेंगे, लेकिन उन्हें कम करना जरूरी है. सबसे बड़ा प्रभाव दुनिया को दिया जाने वाला संदेश है. जब फॉसिल फ्यूल स्पॉन्सरशिप से संदेश जाता है, तो यह जलवायु विज्ञान के खिलाफ है. विंटर स्पोर्ट्स के भविष्य को खतरे में डालता है. ग्रीनलैंड की बायएथलीट Ukaleq Slettemark (वर्ल्ड जूनियर चैंपियन) कहती हैं कि यह उचित नहीं कि विंटर स्पोर्ट्स ऑयल कंपनियों को अच्छा दिखने का प्लेटफॉर्म दें, जबकि वे जलवायु परिवर्तन के सबसे बड़े कारण हैं. यह पूरी तरह विरोधाभासी है – फॉसिल फ्यूल उद्योग सर्दियों को गायब कर रहा है. विंटर स्पोर्ट्स को खत्म कर रहा है. वैज्ञानिक Stuart Parkinson (SGR डायरेक्टर) कहते हैं कि विंटर स्पोर्ट्स जलवायु परिवर्तन के शिकार और कारण दोनों हैं. पिछले 5 सालों में इटली में 265 स्की रिसॉर्ट्स बंद हो चुके हैं. फ्रांस और स्विट्जरलैंड में भी कई सुविधाएं बंद हुई हैं. भारत के हिमालय में भी असर भारत के हिमालय में पहले से ही बर्फबारी कम हो रही है. तापमान बढ़ रहा है और कार्बन उत्सर्जन से ग्लेशियर पिघल रहे हैं. यह वैश्विक समस्या है. ओलंपिक्स जैसे बड़े इवेंट्स अगर प्रदूषण बढ़ाते हैं, तो हिमालय जैसी जगहों पर और असर पड़ेगा – जहां लाखों लोग पानी और पर्यटन पर निर्भर हैं. क्या समाधान हैं?     नए वेन्यू और इंफ्रास्ट्रक्चर न बनाएं.     हवाई यात्रा से आने वाले दर्शकों की संख्या कम करें.     फॉसिल फ्यूल और हाई-पॉल्यूशन कंपनियों से स्पॉन्सरशिप खत्म करें.     ओलंपिक्स को क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट सॉल्यूशंस का प्लेटफॉर्म बनाएं. कैंपेनर्स और एथलीट्स इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) और विंटर स्पोर्ट्स बॉडीज से मांग कर रहे हैं कि फॉसिल फ्यूल स्पॉन्सरशिप पर बैन लगे. रिपोर्ट कहती है कि अगर बदलाव नहीं हुआ तो भविष्य में विंटर ओलंपिक्स के लिए बर्फ ही नहीं बचेगी. यह रिपोर्ट बताती है कि ओलंपिक्स जैसे उत्सव अब विरोधाभास बन गए हैं – जहां उत्सव मनाने के लिए ही वह चीज (स्नो और बर्फ) खत्म हो रही है जिस पर खेल निर्भर हैं. 2026 गेम्स से पहले दुनिया को सोचना होगा – क्या हम विंटर स्पोर्ट्स बचाना चाहते हैं या प्रदूषण फैलाने वालों को प्रमोट करना? 

दक्षिण अफ्रीका ने दर्ज की अंडर 19 वर्ल्ड कप इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत, इस टीम को 300 से ज्यादा रनों से हराया

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका ने तंजानिया के खिलाफ अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 के 14वें मुकाबले में 329 रन से जीत दर्ज की। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई टीम शीर्ष पर है, जिसने 20 जनवरी 2002 को केन्या के विरुद्ध 430 रन से जीत हासिल की थी। वहीं, लिस्ट में तीसरे पायदान पर मौजूद भारत ने 22 जनवरी 2022 को युगांडा के खिलाफ मुकाबला 326 रन से जीता था। दक्षिण अफ्रीका ने 397 रन बनाए हाई परफॉर्मेंस ओवल में खेले गए ग्रुप-डी के इस मुकाबले में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट खोकर 397 रन बनाए। इस टीम के लिए जोरिच वान शाल्कविक और अदनान लगैडियन ने 7.5 ओवरों में 58 रन की साझेदारी की। जोरिच वान शाल्कविक ने 34 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों के साथ 47 रन बनाए, जबकि अदनान ने 31 गेंदों में 32 रन की पारी खेली।   मोहम्मद बुलबुलिया और जेसन रॉवल्स ने जड़े शतक टीम ने 93 के स्कोर तक सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। यहां से कप्तान मोहम्मद बुलबुलिया और जेसन रॉवल्स ने तीसरे विकेट के लिए 176 गेंदों में 201 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। मोहम्मद बुलबुलिया 108 गेंदों में 11 बाउंड्री के साथ 108 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जेसन ने 101 गेंदों में 5 छक्कों और 10 चौकों के साथ 125 रन की नाबाद पारी खेली। इनके अलावा, पॉल जेम्स ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ 46 रन बनाए। तंजानिया 32.2 ओवरों में महज 68 रन पर सिमट गई विपक्षी खेमे से सिम्बा म्बाकी ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि खालिदी जुमा और अल्फ्रेड डेनिययल ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। इसके जवाब में तंजानिया 32.2 ओवरों में महज 68 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 13 के स्कोर तक अपने 4 विकेट खो दिए थे। यहां से लक्ष बकरानिया ने सिम्बा म्बाकी के साथ पांचवें विकेट के लिए 26 रन जुटाए, लेकिन इस जोड़ी के टूटते ही टीम फिर से लड़खड़ा गई।   सिम्बा म्बाकी ने 17 रन, जबकि एक्रे पास्कल ह्यूगो ने नाबाद 12 रन टीम के खाते में जोड़े, लेकिन तंजानिया को शर्मनाक हार से बचा नहीं सके। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से बुयांडा माजोला और जेसन रोल्स ने 2-2 विकेट निकाले। यह दक्षिण अफ्रीका की टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत रही, जबकि तंजानिया को लगातार दूसरी शिकस्त झेलनी पड़ी है।

सेनेगल ने मोरक्को को हराकर अफ्रीका कप जीता

रबात (मोरक्को) सेनेगल ने पेप गुये के अतिरिक्त समय में किए गए गोल की मदद से मेजबान मोरक्को को 1-0 से हराकर अफ्रीका कप ऑफ नेशंस फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीता। बेहद तनावपूर्ण परिस्थितियों में खेले गए फाइनल में दोनों टीम निर्धारित समय तक गोल नहीं कर पाई थी लेकिन आखिर में पेप गुये निर्णायक गोल करने में सफल रहे। फाइनल मैच में तनाव काफी बढ़ गया था। मैच के दौरान ऐसा समय भी आया जब दर्शकों ने मैदान पर घुसने की कोशिश की। यही नहीं सेनेगल के खिलाड़ी दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में पेनल्टी के फैसले के विरोध में मैदान से बाहर चले गए थे। ⁠ यह स्पष्ट नहीं था कि खेल जारी रह पाएगा या नहीं क्योंकि प्रशंसक सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए थे। इसके कारण 14 मिनट तक खेल नहीं हो पाया था। खेल शुरू होने पर सेनेगल के एडुआर्ड मेंडी ने ब्राहिम डियाज़ की पेनल्टी को आसानी से बचा लिया। इसके बाद गुये ने अतिरिक्त समय के चौथे मिनट में विजयी गोल दागा। मोरक्को की पराजय के कारण 69,500 दर्शकों की क्षमता वाला प्रिंस मौले अब्देललाह स्टेडियम अंतिम सीटी बजते ही खाली होने लग गया था। सेनेगल के खिलाड़ियों को ट्रॉफी उठाते हुए देखने के लिए बहुत कम लोग बचे थे। सेनेगल ने दूसरी बार अफ्रीका कप जीता। इससे पहले वह 2021 में चैंपियन बना था।