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ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 15 साल बाद इंग्लैंड की जीत, भावुक हुए ब्रॉड और स्टोक्स; Joe Root को दिया जीत का श्रेय

नई दिल्ली  5,468 दिनों का सूखा खत्म करते हुए इंग्लैंड ने लगभग 15 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट मैच में जीत दर्ज की है। इंग्लैंड ने एशेज 2025–26 के चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर 15 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज की। बॉक्सिंग डे टेस्ट के दूसरे दिन 175 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेन स्टोक्स की इंग्लैंड ने इसे 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया और यादगार जीत दर्ज की। 15 साल बाद ऑस्ट्रलिया की सरजमीं पर इंग्लैंड की जीत से पूर्व दिग्गज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड काफी इमोशनल नजर आए। जीत के बाद उनकी आंखों में खुशी साफ देखी गई। कमेंट्री बॉक्स में साथी कंमेंट्रेटर ने उन्हें इमोशनल देखकर पीठ थपथपाई और बधाई दी। स्टुअर्ड ब्रॉड ने इंग्लैंड की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अपने इमोशन को शब्दों के माध्यम से भी बयां किया। स्टुअर्ट ब्रॉड ने इंग्लैंड की जीत पर बेन स्टोक्स और जो रूट को शुक्रिया अदा किया। उन्होंने उनको थैंक्यू बोलते हुए यह भी कहा कि ये खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन के कारण जीत डिजर्व करते हैं। स्टुअर्ट ब्रॉड ने कमेंट्री बॉक्स से माइक उठाते हुए बहुत ही भावनात्मक अंदाज में कहा- "16 दर्दनाक हारें, 2 ड्रॉ और उसके बाद यह जीत। देखिए इस टेस्ट मैच को जीतने का क्या मतलब है। फैंस में कितनी खुशी है। इंग्लैंड ने एमसीजी में यह टेस्ट मैच जीत लिया है और पूरी दुनिया देख रही है। थैंक्यू बेन स्टोक्स, थैंक्यू जो रूट इस जीत के लिए। वे ये जीत डिजर्व करते हैं। बेन स्टोक्स इस सीरीज के वारियर रहे हैं।" स्टुअर्ट ब्रॉड का यह इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और फैंस प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उधर मैच की बात करें तो बॉक्सिंग डे टेस्ट में गेंदबाजों का जलवा रहा। शुक्रवार से शुरू हुआ यह मैच दूसरे ही दिन समाप्त हो गया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 152 रनों पर समेट दिया। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने और घातक गेंदबाजी की। माइकल नेसर और बोलैंड की खतरनाक गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड मात्र 110 रनों पर ऑल ऑउट हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में मात्र 132 रन जोड़े और पहली पारी की 42 रनों की बढ़त के साथ 175 रनों का लक्ष्य दिया, जिसे इंग्लैंड ने 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया और 15 साल बाद ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।  

मैच से पहले टूटा टीम पर दुखों का पहाड़, कोच के अचानक निधन से क्रिकेट जगत सन्न

नई दिल्ली  क्रिकेट जगत उस समय सन्न पड़ गया, जब बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल के एक मैच से पहले एक टीम के असिस्टेंट कोच का निधन हो गया। बीपीएल टीम ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली जाकी का मैच शुरू होने से चंद मिनट पहले निधन हो गया। संभवतः उनको हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी जान चली गई। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के लिए भी सपोर्ट स्टाफ के तौर पर काम कर महबूब अली जाकी के निधन की पुष्टि खुद बोर्ड ने की है। बीपीएल टीम ने भी आधिकारिक तौर पर कोच जाकी के निधन का जानकारी दे दी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीबी ने सोशल मीडिया पर बताया, "बोर्ड, BCB गेम डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के स्पेशलिस्ट पेस बॉलिंग कोच और बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) T20 2026 में ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली ज़की (59) के निधन पर गहरा दुख जताता है। आज, 27 दिसंबर 2025 को सिलहट में दोपहर करीब 1:00 बजे उनका निधन हो गया। फास्ट बॉलिंग और बांग्लादेश क्रिकेट के विकास में महबूब अली जाकी के समर्पण और अमूल्य योगदान को बहुत सम्मान और आभार के साथ याद किया जाएगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस बहुत बड़े नुकसान की घड़ी में उनके परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और पूरी क्रिकेट बिरादरी के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।" बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल 2026 की शुरुआत 26 दिसंबर से हुई है, लेकिन अगले ही दिन यानी 27 दिसंबर को एक बहुत बुरी खबर इस लीग से जुड़ी हुई सामने आई। ढाका कैपिटल्स टीम के असिस्टेंट कोच महबूब अली जाकी मैच से पहले मैदान पर गिर पड़े। महबूब अली जाकी मैच से पहले टीम को तैयारी करा रहे थे। इसी दौरान वह मैदान पर गिर पड़े। उनको मैदान पर सीपीआर दिया गया, लेकिन इसका फायदा नहीं हुआ। जल्द ही एंबुलेंस के जरिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बीपीएल 2026 का तीसरा लीग मैच ढाका कैपिटल्स वर्सेस राजशाही वॉरियर्स के बीच सिलहेट में खेला जाना था। एक बजे से ये मैच था। मैच के लिए तैयारी हो रही थी। इसी बीच कोच जाकी मैदान पर अचानक गिर पड़े और फिर उठ नहीं सके।  

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में उलटफेर: ऑस्ट्रेलिया की पहली हार, इंग्लैंड मजबूत, पाकिस्तान भारत से आगे

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में हार का सामना करना पड़ा है। शनिवार को मेलबर्न में हुए एशेज टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया की टीम को 4 विकेट से हराया। इंग्लैंड की मौजूदा एशेज सीरीज में ये पहली जीत है। इससे पहले शुरुआती तीनों मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारी थी। इस हार के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइट्स टेबल में शीर्ष पर बनी हुई है। न्यूजीलैंड की टीम ने हाल में वेस्टइंडीज को हराकर दूसरा स्थान हासिल किया था। वहीं इंग्लैंड की टीम ने जारी WTC चक्र में तीसरी जीत हासिल की है। इंग्लैंड की टीम पांच मैच हार चुकी है।   WTC पॉइंट्स टेबल में ताजा अपडेट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया का दबदबा है। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने कुल सात मैच खेले हैं और सिर्फ एक में हार का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया ने लगातार 6 मुकाबले जीते हैं फाइनल में पहुंचने की प्रबल दावेदार है। इस मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया का शत प्रतिशत WTC पॉइंट्स था, जो अब 85.71प्रतिशत अंकों पर खिसक गया है। 72 के साथ ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर विराजमान है। न्यूजीलैंड की टीम 77.78 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड की टीम 2023 में चैंपियन बनी थी और अब इस चक्र में भी टीम दमदार प्रदर्शन कर रही है। न्यूजीलैंड ने तीन मैच खेलते हुए दो जीते हैं और एक ड्रॉ रहा है। उनके पास 28 अंक हैं। टीम    मैच    जीत    हार    ड्रॉ    अंक    जीत प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया    7    6    1    0    72    85.71 न्यूजीलैंड    3    2    0    1    28    77.78 दक्षिण अफ्रीका    4    3    1    0    36    75 श्रीलंका    2    1    0    1    16    66.67 पाकिस्तान    2    1    1    0    12    50.00 भारत    9    4    4    1    52    48.15 इंग्लैंड    9    3    5    1    38    35.19 बांग्लादेश    2    0    1    1    4    16.67 वेस्टइंडीज    8        7    1    4    4.17 भारतीय टेस्ट टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 पॉइंट्स टेबल में छठे स्थान पर मौजूद है। भारत ने 9 मैच खेले हैं और 4 जीते हैं और इतने ही गंवाए हैं। एक मैच ड्रॉ रहा था। टीम इंडिया को हाल में अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। भारत के 48.15 प्रतिशत अंक है और वह टेबल में पाकिस्तान से पीछे है। हालांकि पाकिस्तान ने भारत से कम मैच खेले हैं। पाकिस्तान ने सिर्फ दो मैच खेले हैं, जिसमें एक जीता है और एक गंवाया है।  

एशेज का नया इतिहास, मेलबर्न में इंग्लैंड ने 15 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को मात दी

 मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चौथा एशेज टेस्ट मेलबर्न में खेला जा रहा है. मैच के पहले ही दिन 20 विकेट गिर गए और पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में बिना विकेट खोए 4 रन बना लिए हैं. इस मुकाबले के पहले ही दिन नया इतिहास लिख दिया गया है, क्योंकि एशेज के इतिहास में पिछले 123 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मेलबर्न में किसी टेस्ट मैच के पहले ही दिन 20 या उससे ज्यादा विकेट गिर गए हों. पहले दिन गिर गए 20 विकेट चौथे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी. मेलबर्न की पिच बल्लेबाजी के लिए इतनी खराब रही कि देखते ही देखते ऑस्ट्रेलिया ने 51 के स्कोर तक 4 विकेट गंवा दिए थे. जैसे तैसे टीम 100 रनों के पार पहुंची. अंत में कंगारू टीम की पारी 152 रनों पर सिमट गई थी. इंग्लैंड की टीम जब बल्लेबाजी करने आई, तो उसका हाल ऑस्ट्रेलिया से भी बुरा रहा. इंग्लैंड ने 16 रन के भीतर 4 विकेट खो दिए थे. हैरी ब्रूक के 41 रन और गस एटकिंसन के 28 रनों की बदौलत इंग्लैंड टीम जैसे-तैसे 110 के स्कोर पर पहुंचकर सिमट गई. बताते चलें कि ये सभी 20 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए. मैच का फैसला शनिवार को तब हुआ, जब इंग्लैंड ने 175 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 6 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में महज 132 रन पर सिमट गया था। पहली पारी में भी कंगारू टीम 152 रन ही बना सकी थी, जबकि इंग्लैंड की पहली पारी 110 रन पर खत्म हुई थी। पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त मिली थी, लेकिन दूसरी पारी में इंग्लैंड ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड की जीत के नायक तेज गेंदबाज जोश टंग रहे। उन्होंने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 2 विकेट लेकर कुल 7 विकेट झटके और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके अलावा ब्रायडन कार्स ने दूसरी पारी में 4 विकेट लिए, जबकि कप्तान बेन स्टोक्स ने 3 अहम सफलताएं दिलाईं। मैच का लेखा-जोखा  इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 152 रन पर समाप्त हो गई। जोश टंग ने 5 विकेट चटकाए।     जवाब में इंग्लैंड की टीम सिर्फ 110 रन ही बना पाई।     कंगारू टीम की दूसरी पारी भी कुछ खास नहीं रही और वो 132 रन पर ऑलआउट हो गए।     इंग्लैंड ने दूसरे दिन ही 175 रन का लक्ष्य 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। जैकब बेथेल ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए।      टंग ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लिया पहली बार 5 विकेट हॉल  टंग ने पहली पारी में 11.2 ओवर गेंदबाजी की और 2 मेडन के साथ 45 रन देकर 5 विकेट चटकाए। उनकी इकॉनमी रेट 4 की रही।     ये उनके टेस्ट करियर का तीसरा 5 विकेट हॉल रहा।     एशेज सीरीज में इस खिलाड़ी ने पहली बार ये कारनामा किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टंग ने अब तक 3 टेस्ट मैच खेले हैं और इसकी 6 पारियों में 22 की शानदार औसत के साथ 17 विकेट लेने में सफल रहे हैं।      उस्मान ख्वाजा ने पूरे किए 8,000 अंतरराष्ट्रीय रन  उस्मान ख्वाजा ने अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।     चौथे टेस्ट के पहले दिन उन्होंने अपने 8,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए।     ख्वाजा ने पहली पारी में 52 गेंदों पर 29 रन बनाए, जिसमें 2 चौके शामिल रहे।     वह फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के सर्वकालिक 19वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।     उस्मान ने टेस्ट में 6,206 रन और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 241 रन बनाए हैं। वनडे में इस खिलाड़ी के बल्ले से 1,554 रन निकले हैं।      हैरी ब्रूक ने पूरे किए 3,000 टेस्ट रन  हैरी ब्रूक ने पहली पारी में 41 रन की पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 3,000 रन पूरे किए।     वह संयुक्त रूप से दूसरे सबसे तेज 3,000 टेस्ट रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने हैं।     उनके 34 टेस्ट में 54.17 की औसत से 3,034 रन हो गए हैं। उनके बल्ले से 10 शतक और 14 अर्धशतक निकले हैं।     उनकी स्ट्राइक रेट इस प्रारूप में 86.85 की रही है। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच 2022 में खेला था।      इंग्लैंड की पहली पारी में ऐसी रही ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी  इंग्लैंड की पहली पारी में नेसेर ने 10 ओवर गेंदबाजी की और 1 मेडन के साथ 45 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए।     ये उनके टेस्ट करियर का पहला 4 विकेट हॉल रहा।     उन्होंने अब तक 4 टेस्ट खेले हैं और इसकी 7 पारियों में 14.52 की औसत से 17 विकेट लेने में सफल रहे हैं।     उनके अलावा स्कॉट बोलैंड ने 3 सफलताएं हासिल की। मिचेल स्टार्क ने 2 और कैमरून ग्रीन ने 1 विकेट लिया।      दूसरी ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने किया कमाल  ब्रायडन कार्स ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में घातक गेंदबाजी की। उन्होंने 11 ओवर फेंके और 3 मेडन के साथ 34 रन देकर 4 विकेट चटकाए। उनकी इकॉनमी रेट 3.10 की रही।     ये उनके टेस्ट करियर का चौथा 4 विकेट हॉल रहा।     अब तक इस खिलाड़ी ने 13 मुकाबले खेले हैं और इसकी 25 पारियों में 55 विकेट लिए हैं।     कप्तान बेन स्टोक्स ने 3 और टंग ने 2 सफलता हासिल की। गस एटकिंसन ने 1 विकेट अपने नाम किया।      सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने पूरे किए 3,000 टेस्ट रन  इंग्लैंड की दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज बेन डकेट 26 गेंद में 34 रन बनाकर आउट हुए।     उनके बल्ले से 4 चौके और 1 छक्का निकला। उनकी स्ट्राइक रेट 130.77 की रही।     इस दौरान डकेट ने अपने टेस्ट करियर में 3,000 रन भी पूरे कर लिए।     अब तक इस खिलाड़ी ने 42 मुकाबले खेले हैं और इसकी 78 … Read more

कोहली की वापसी? विजय हजारे ट्रॉफी में कर सकते हैं अतिरिक्त मैच

नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली की 2025-26 विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार वापसी हुई और इस रोमांच का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्हें इस टूर्नामेंट में सिर्फ दो मैच खेलने थे, जो उन्होंने शुक्रवार को गुजरात के खिलाफ पूरे कर लिए लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक वह एक और मैच खेल सकते हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की तरफ से सभी खिलाड़ियों ये साफ कह दिया गया था कि उनके लिए कम से कम दो घरेलू मैच खेलना जरूरी है. इन रिपोर्ट्स के अनुसार, कोहली अब नए साल के लिए छोटा ब्रेक लेंगे और 6 जनवरी 2026 को अलूर में रेलवे के खिलाफ मैच के लिए उपलब्ध हो सकते हैं. दिल्ली की टीम इससे पहले तीन मैच खेलेगी. सौराष्ट्र के खिलाफ 29 दिसंबर, ओडिशा के खिलाफ 31 दिसंबर और सर्विसेज के खिलाफ 3 जनवरी को टीम मैच खेलने उतरेगी. अंतिम फैसला भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी में होने वाली वनडे सीरीज के शेड्यूल पर निर्भर करेगा. सीरीज अगले साल 11 जनवरी से शुरू हो रही है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सीरीज से पहले एक छोटा कैंप आयोजित कर सकता है, जिसकी टाइमिंग कोहली और अन्य खिलाड़ियों की विजय हजारे ट्रॉफी में भागीदारी को प्रभावित कर सकती है. कोहली लगभग एक दशक बाद विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे हैं. बीसीसीआई के निर्देश के चलते सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना जरूरी है. संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी टूर्नामेंट के बाद के राउंड्स में खेलेंगे. कोहली 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं. उन्होंने आंध्र प्रदेश के खिलाफ पहले मैच में 101 गेंद में 131 रन बनाए और गुजरात के खिलाफ 77 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने, जिससे दिल्ली ने एलीट ग्रुप डी के मैच में सात रन से जीत दर्ज की.  

टी20 इंटरनेशनल में दीप्ति शर्मा की शानदार प्रदर्शन, भारतीय टीम की जीत में अहम योगदान

तिरुवनंतपुरम भारतीय टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने विमेंस टी20 इंटरनेशनल में एक नया इतिहास रच दिया है. दीप्ति ने विमेंस टी20 इंटरनेशनल में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए हैं. यह उपलब्धि दीप्ति शर्मा ने शुक्रवार (26 दिसंबर) को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरेशनल स्टेडियम में श्रीलंका महिला टीम के खिलाफ हुए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में हासिल की. दीप्ति शर्मा भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल (मेन्स और वूमेन्स दोनों शामिल) में 150 विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज हैं. भारत की ओर से पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अब तक कोई गेंदबाज 150 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है. भारत की ओर से मेन्स टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट अर्शदीप सिंह (110) ने झटके हैं. इसके बाद जसप्रीत बुमराह (103 विकेट) और हार्दिक पंड्या (101 विकेट) का नंबर आता है. इतना ही नहीं, दीप्ति शर्मा अब विमेंस टी20 इंटरनेशनल में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बन गई हैं. श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल में दीप्ति ने 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. दीप्ति ने अपना 150वां विकेट कविशा दिलहारी को आउट करके पूरा किया. इसके बाद तीसरा विकेट लेकर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेगन शूट के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. दीप्ति शर्मा ने अब तक 131 विमेंस टी20 इंटरनेशनल मैचों की 128 पारियों में 151 विकेट लिए हैं. उनका गेंदबाजी औसत 18.73 और इकोनॉमी रेट 6.40 रहा है. वहीं ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज़ मेगन शूट ने 123 विमेंस टी20 इंटरनेशनल मैचों में 151 विकेट 17.70 की औसत से हासिल किए हैं. महिला टी20 इंटरनेशनल में अब तक 150 से ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज सिर्फ यही दो खिलाड़ी हैं. दीप्ति शर्मा की यह उपलब्धि ना केवल उनके व्यक्तिगत करियर का बड़ा मुकाम है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती मजबूती को भी दर्शाती है. अपनी निरंतरता, अनुशासन और मैच जिताऊ प्रदर्शन के दम पर दीप्ति आज टीम इंडिया की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो चुकी हैं.

शानदार जीत के साथ भारत ने जीती विमेंस टी20 सीरीज, श्रीलंका को तीसरे मैच में हराया

तिरुवनंतपुरम भारत और श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम के बीच टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला शुक्रवार (26 दिसंबर) को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ. इस मुकाबले में भारत ने श्रीलंका पर 8 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त ले ली. मुकाबले में श्रीलंकाई टीम ने भारत को जीत के लिए 113 रनों का टारगेट दिया था, जिसे उसने 13.2 ओवरों में ही हासिल कर लिया. हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 8 विकेट से रौंदा था. फिर उसने दूसरे मैच में भी सात विकेट से जीत हासिल की थी. अब भारतीय टीम ने सीरीज भी कब्जा ली है. सीरीज का चौथा मुकाबला 28 दिसंबर को इसी मैदान पर खेला जाना है. शेफाली ने खेली तूफानी पारी भारतीय टीम के लिए चेज में सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 42 बॉल पर नाबाद 79 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर के बल्ले से भी नाबाद 21 रन निकले. स्मृति मंधाना (1 रन) और जेमिमा रोड्रिग्स (9 रन) ने बल्ले से निराश किया. ये दोनों बल्लेबाज श्रीलंकाई स्पिनर कविशा दिलहारी का शिकार बनी. इससे पहले टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने सात विकेट पर 112 रन बनाए. इमेशा दुलानी ने चार चौके की मदद से सबसे ज्यादा 32 बॉल पर 27 रनों का योगदान दिया. हसिनी परेरा (25 रन), कविशा दिलहारी (20 रन) और विकेटकीपर बल्लेबाज कौशानी नुथ्यांगना (नाबाद 19 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहीं. भारत की ओर से तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने चार विकेट झटके. जबकि स्पिनर दीप्ति शर्मा ने तीन सफलताएं हासिल कीं. इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में दो बदलाव हुए. तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को मौका मिला. वहीं स्नेह राणा और अरुंधति रेड्डी को रेस्ट दिया गया. दूसरी ओर श्रीलंकाई टीम में तीन बदलाव किए गए. तीसरे टी20I में भारतीय महिला टीम की प्लेइंग 11:  स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, रेणुका सिंह ठाकुर, क्रांति गौड़, वैष्णवी शर्मा और श्री चरणी. तीसरे टी20I में श्रीलंकाई महिला टीम की प्लेइंग 11:  चमारी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, इमेशा दुलानी, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), मालशा शेहानी, इनोका रणवीरा, मल्की मदारा और निमशा मदुशानी.

रिंकू सिंह शो! विजय हजारे ट्रॉफी में कप्तानी पारी, यूपी की चंडीगढ़ पर 227 रन की ऐतिहासिक जीत

राजकोट  कप्तान रिंकू सिंह और आर्यन जुयाल की शतकीय पारियों के दम पर उत्तर प्रदेश ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के खिलाफ 227 रन से फतह हासिल की। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में लगातार दूसरी जीत के साथ उत्तर प्रदेश ग्रुप बी की प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पायदान पर पहुंच गया है। सानोसारा क्रिकेट ग्राउंड ए में खेले गए इस मुकाबले में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी यूपी की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों के खेल में 4 विकेट खोकर 367 रन बनाए। इस टीम को महज 3 के स्कोर पर अभिषेक गोस्वामी (1) के रूप में झटका लगा। यहां से ध्रुव जुरेल ने आर्युन जुयाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 96 रन जुटाते हुए टीम को 99 के स्कोर तक पहुंचाया। जुरेल 57 गेंदों में 11 चौकों के साथ 67 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद आर्यन जुयाल ने समीर रिजवी के साथ 71 रन जुटाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। यह टीम 31.2 ओवरों में 3 विकेट खोकर 170 रन बना चुकी थी। यहां से कप्तान रिंकू सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आर्यन जुयाल के साथ चौथे विकेट के लिए 83 गेंदों में 134 रन की साझेदारी करते हुए यूपी को 300 के पार पहुंचा दिया। आर्यन जुयाल ने 118 गेंदों में 8 छक्कों और 7 चौकों के साथ 134 रन की पारी खेली, जबकि रिंकू सिंह ने 60 गेंदों में नाबाद 106 रन बनाए। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 11 चौके शामिल थे। विपक्षी टीम के लिए तरनप्रीत सिंह ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि संदीप शर्मा और निशंक बिरला ने 1-1 विकेट निकाला। इसके जवाब में चंडीगढ़ की टीम 29.3 ओवर में महज 140 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए कप्तान मनन वोहरा ने सर्वाधिक 32 रन बनाए, जबकि तरनप्रीत सिंह ने 24 रन की पारी खेली, लेकिन चंडीगढ़ को जीत नहीं दिला सके। विपक्षी खेमे से जीशान अंसारी ने 4 विकेट निकाले, जबकि विपराज निगम ने 2 विकेट अपने नाम किए। इनके अलावा, कार्तिक त्यागी, वैभव चौधरी, प्रशांत वीर ने 1-1 विकेट हासिल किया।

MCG पर गेंदबाजों का कहर: पहले दिन ही गिरे 20 विकेट, ICC के हस्तक्षेप की आशंका

मेलबर्न किसी टेस्ट मैच के पहले दिन अगर 20 विकेट गिर जाएं तो जाहिर है कि आप उस पिच को अच्छा नहीं कहेंगे। हालांकि, कई बार देखने को मिलता है कि अगर किसी एशियाई देश खासकर भारत की पिच पर पहले दिन 20 विकेट गिर जाते हैं तो हाय-तौबा मच जाती है। यहां तक कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी भी पिच को खराब रेटिंग देती है। हालांकि, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ऐसा देखने को नहीं मिलता, लेकिन इस बार शायद ऐसा नहीं होगा। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न के एमसीजी में एशेज सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है। ये बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच है। शुक्रवार 26 दिसंबर को मुकाबले का पहला दिन था और पहले ही दिन आधा मैच खत्म हो गया, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की एक-एक पारी समाप्त हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया ने 152 रन और इंग्लैंड ने महज 110 रन पर अपने सभी विकेट खो दिए। ऐसे में पिच की आलोचना बनती है, क्योंकि यहां गेंद और बल्ले में अच्छी लड़ाई नहीं थी। तमाम दिग्गज एमसीजी की पिच की आलोचना कर चुके हैं, जिनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच डैरेन लेहमन भी शामिल हैं। माइकल वॉन ने बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल में कहा है कि बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के पहले दिन की पिच हैरान करने वाली थी। वहीं, डैरेन लेहमन का दावा था कि मेलबर्न की पिच घटिया थी। उन्होंन एसईएन रेडियो पर कहा कि इस तरह की सीम मोमेंट तेज गेंदबाजों को लिए नहीं होनी चाहिए, जो काफी खतरनाक होती है। इन सभी के बीच एक बात उठती है कि क्या आईसीसी एमसीजी की पिच की आलोचना के बाद रेटिंग अच्छी देगी? इसका जवाब है कि इस बार शायद आईसीसी का रुख अलग हो, क्योंकि 300 रनों से भी भीतर 20 विकेट पहले दिन गिर जाते हैं और 21वां भी विकेट गिर ही गया था, लेकिन गेंद कैरी नहीं की। ऐसे में आईसीसी क्या सजा एमएसजी को दे सकती है? इसका जवाब है कि आईसीसी के पास टेस्ट मैच की पिचों के लिए चार तरह की रेटिग है, जिनमें दो बढ़िया और दो घटिया कैटेगरी में हैं। क्या और कैसी होती है पिच रेटिंग? नंबर 1 – वेरी गुड, नंबर 2 सेटिस्फेक्ट्री…जाहिर है कि दोनों से किसी भी ग्राउंड को कोई दिक्कत नहीं होती। नंबर 3 पर आती है अनसेटिस्फेक्ट्री और चौथे पर अनफिट…जाहिर है कि इनमें सजा का प्रावधान है। हालांकि, अनसेटिस्फेक्ट्री में फिर भी थोड़ी सी नरमी ग्राउंड के प्रति बरती जाती है, लेकिन अनफिट में नहीं। अनफिट तो ये पिच नहीं कही जाएगी, क्योंकि वह पिच अनफिट मानी जाती है, जो बहुत ज्यादा खतरनाक हो। ऐसे में एमएसजी की पिच को अनसेटिस्फेक्ट्री की रेटिंग दी जा सकती है, जिसमें एक डिमेरिट पॉइंट ग्राउंड के खाते में जोड़ा जाता है, जिससे ज्यादा असर ग्राउंड पर नहीं पड़ता। इतनी ही सजा एमएसजी को मिल सकती है। इसी सीरीज के पहले मैच के पहले दिन 19 विकेट गिरे थे, लेकिन फिर भी पिच को वेरी गुड रेटिंग मिली।

शतरंज में नई नायिका दिव्या देशमुख, लेकिन गुकेश का साल रहा फीका

नई दिल्ली  भारत के लिए शतरंज के क्षेत्र में साल 2025 बेहद यादगार रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया है। विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल फॉर्मेट में पहली बार हराया। आर. प्रज्ञानंदा के लिए साल 2025 शानदार रहा। प्रज्ञानंदा ने डी. गुकेश को हराकर टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट 2025 का खिताब जीता। प्रज्ञानंदा ने सुपरबेट चेस क्लासिक रोमानिया, उजचेस कप और लंदन चेस क्लासिक में मजबूत प्रदर्शन के साथ उन्होंने फीडे सर्किट 2025 जीतकर 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। प्रज्ञानंदा पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने जो सर्किट जीतकर कैंडिडेट्स में पहुंचे। महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने बातूमी में महिला विश्व कप जीता। दिव्या फिडे महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई। उन्होंने प्रतिष्ठित ग्रैंडमास्टर खिताब जीता और 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। इस साल भारत की शतरंज में ये तीन बड़ी सफलताएं रहीं। फिडे विश्व कप 2025 का आयोजन गोवा में हुआ था। इस इवेंट में डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानंदा, विदित गुजराती और दिव्या देशमुख में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन इनमें से कोई भी अंतिम राउंड तक नहीं पहुंच सका। भारत में हुए विश्व कप में किसी भी भारतीय का अंतिम चरण तक न पहुंचना निश्चित रूप से निराशाजनक रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने निश्चित तौर पर भविष्य के लिए उम्मीदें जगाई हैं। आने वाले साल में हमें शतरंज के क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों से बड़ी उपलब्धि देखने को मिल सकती है। भारत शतरंज के क्षेत्र में निश्चित तौर पर बहुत तेजी से एक मजबूत वैश्विक ताकत के रूप में उभर रहा है। विश्वनाथन आनंद 1988 में पहले भारतीय ग्रैंडमास्टर बने थे, मौजूदा समय में 91 ग्रैंडमास्टर हैं। यह संख्या शतरंज के क्षेत्र में बढ़ती हमारी ताकत का प्रमाण है।