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IPL नीलामी से पहले सल‍िल अरोड़ा का तूफानी प्रदर्शन, SMAT में 125 रन बनाकर सबको किया हैरान

पुणे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पंजाब के सलिल अरोड़ा (Salil Arora) ने 45 गेंदों में नाबाद 125 रनों की जोरदार पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 11 छक्के और 9 चौके जमाए. उनके शतक की बदौलत पंजाब ने झारखंड के खिलाफ पुणे में मौजूद डीवाई पाट‍िल एकेडमी, अम्बी में  न‍िर्धार‍ित 20 ओवरों में  235/6 रनों का स्कोर खड़ा किया.  हालांकि खास बात यह रही कि इस स्कोर को झारखंड ने चेज भी कर दिया, पर सल‍िल अरोड़ा IPL के म‍िनी ऑक्शन से पहले फोकस में आ गए हैं.  7 नवंबर 2002 को पंजाब के अमृतर में जन्मे सल‍िल अरोड़ा का कोई खास अनुभव नहीं है. उनका टी20 और फर्स्ट क्लास डेब्यू साल 2024 में हुआ था, वह विकेटकीप‍िंग भी करते हैं. लेकिन झारखंड के ख‍िलाफ इस मुकाबले में पंजाब के कप्तान प्रभस‍िमरन सिंह कीप‍िंग कर रहे थे, ऐसे में वो बतौर ख‍िलाड़ी खेले. इस मुकाबले में पंंजाब के ल‍िए अभ‍िषेक शर्मा टीम इंड‍िया के ल‍िए बिजी होने के कारण नहीं खेल रहे थे, ऐसे में सल‍िल ने उनकी कमी नहीं खलने दी.  अब तक (12 द‍िसंबर 2026 तक) सल‍िल अरोड़ा 9 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं, इसमें उनके नाम 41.63 के एवरेज से 458 रन हैं. वहीं वो 1 शतक और 3 अर्धशतक भी जड़ चुके हैं. इस मैच से पहले तक उनके नाम 6 टी20 मुकाबलों में 142 रन थे. लेकिन इस पारी से अब सल‍िल अरोड़ा न‍िश्च‍ित तौर पर आईपीएल के म‍िनी ऑक्शन में सभी टीमों के रडार पर रहेंगे.  सल‍िल अरोड़ा का IPL में बेस प्राइज कितना  सल‍िल ने खुद को विकेटकीपर कैटगरी में IPL ऑक्शन के ल‍िए रज‍िस्टर्ड करवाया है. वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं. खास बात यह है कि उनका बेस प्राइज महज 30 लाख रुपए है, ऐसे में 16 द‍िसंबर को आईपीएल नीलामी वाले दिन उन पर खूब पैसा बरस सकता है.  झारखंड vs पंजाब SMAT मैच में क्या हुआ?  सल‍िल अरोड़ा की पंजाब टीम इस मुकाबले को 235/6 रन बनाने के बावजूद हार गई. झारखंड ने 18.1 ओवर्स में 237/4 का स्कोर चेज कर दिया. कप्तान ईशान किशन ने 23 गेंदों पर 47 रन बनाए, वहीं कुमार कुशाग्र ने 42 गेंदों पर 86 रन जड़कर पूरा मैच ही पलट दिया. इस जीत से झारखंड को सुपर लीग ग्रुप ए के मुकाबले में 4 पॉइंट मिले.  

नीतीश कुमार की घातक गेंदबाज़ी: हैट्रिक के साथ पाटीदार को भी किया आउट

नई दिल्ली  सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग चरण में आंध्र प्रदेश के युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक ली। मध्य प्रदेश के खिलाफ हुए रोमांचक मुकाबले में नीतीश ने अपनी टी20 करियर की पहली हैट्रिक लेकर विपक्षी टीम को झकझोर दिया। नीतीश कुमार रेड्डी ने आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान और मध्य प्रदेश के मुख्य खिलाड़ी रजत पाटीदार को आउट करके हैट्रिक पूरी की।   113 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्यप्रदेश ने 17.3 ओवर में छह विकेट पर लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। हर्ष गवली और वेंकटेश अय्यर की मध्यप्रदेश की सलामी जोड़ी ने अभी 14 रन ही जोड़े थे कि उन्हें आंध्र प्रदेश के नीतीश कुमार रेड्डी के कहर का सामना करना पड़ा। रेड्डी ने पारी के तीसरे ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर विकेट लेकर अपनी हैट्रिक पूरी की। रेड्डी ने हर्ष गवली, हरप्रीत सिंह और मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार को अपना शिकार कर मैच में रोमांच पैदा कर दिया था। इसके बाद ऋषभ चौहान और राहुल बाथम ने पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरे। दोनों बल्लेबाजों के बीच 73 रनों की साझेदारी हुई। 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर सत्यनारायण राजू ने ऋषभ चौहान को आउट कर पवेलियन भेज दिया। ऋषभ चौहान ने 43 गेंदों में छह चौके लगाते हुए 47 रनों की पारी खेली। अनिकेत वर्मा एक रनआउट हुये। राहुल बाथम ने 32 गेंदों में तीन चौकों की मदद से नाबाद 35 रन बनाये। वेंकटेश अय्यर (22) को के वी शशिकांत ने आउट किया।   इससे पहले मध्यप्रदेश के गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहले बल्लेबाजी करने उतरी आंध्र प्रदेश की पूरी टीम 19.1 ओवर में 112 रन पर समेट दिया। आंध्र प्रदेश के लिए श्रीकर भरत ने31 गेंदों में 39 रनों की पारी खेली। नीतीश कुमार रेड्डी (25), पायला अविनाश (18) और कप्तान रिकी भुई (11) रन बनाकर आउट हुये। आंध्रप्रदेश के सात बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। मध्य प्रदेश के लिए त्रिपुरेश सिंह ने चार विकेट और त्रिपुरेश सिंह ने तीन विकेट लिये। राहुल बाथम को दो विकेट मिले। वेंकटेश अय्यर ने एक बल्लेबाज को आउट किया।  

‘खोकर ही अहसास होता है उसकी कीमत’— क्विंटन डिकॉक ने रिटायरमेंट U-turn पर खोले राज

मुल्लांपुर  साउथ अफ्रीका की क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले को पलटने के संबंध में बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने रिटायरमेंट वापस क्यों लिया? डिकॉक ने कहा कि किसी चीज को गंवाने के बाद ही उसकी असली कीमत का एहसास होता है और अब उनकी रन बनाने की भूख पहले की तुलना में अधिक तेज हो गई है। डिकॉक की भारत के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में 46 गेंदों पर खेली गई 90 रन की पारी देश के लिए दोबारा खेलने के प्रति उनके नए संकल्प का प्रमाण थी। पावर हिटिंग के इस दौर में डिकॉक पारंपरिक स्ट्रोकप्ले पर भरोसा करते हैं और बल्लेबाजी को सहज बनाते हैं। इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने 2023 विश्व कप के बाद वनडे से संन्यास ले लिया था और 2024 में टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत से मिली हार के बाद से इस साल अक्टूबर तक उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला था। डिकॉक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के अपने फैसले के बारे में कहा, ‘‘‘मुझे लगता है कि संन्यास लेने से पहले इस टीम के लिए मैच जीतने की मेरी भूख कम हो रही थी, लेकिन मैंने जो ब्रेक लिया उसने मेरी भूख को फिर से जगा दिया। मैं टीम के साथियों से कह रहा था कि मुझे नहीं लगता कि मैंने पहले कभी ऐसा महसूस किया है। जब आप युवा होते हैं तो आप सिर्फ रन बनाने और अपना प्रभाव छोड़ने के लिए खेलते हैं। मुझे अब एक नई ऊर्जा महसूस हो रही है, जहां मैं केवल खेल नहीं रहा हूं। मैं हर मैच को जीतने के लिए एक नई ऊर्जा के साथ खेल रहा हूं।’’ डिकॉक ने आगे कहा, ‘‘पहले सुबह उठकर टीम के लिए दोबारा खेलना मुश्किल होता था। विशेषकर तब जबकि आपको लगातार क्रिकेट खेलने पड़ रही हो। एक समय के बाद मैं इससे ऊबने लगा था। मैं नई चुनौती की तलाश में था और मुझे वह नहीं मिल रही थी। संन्यास से वापसी के बाद अब मुझे ऐसा लग रहा है कि यही वो चीज है जिसकी मुझे सबसे ज्यादा कमी खल रही थी। सब जानते हैं जब तक आप किसी चीज को खो नहीं देते, तब तक आपको उसकी कीमत का एहसास नहीं होता। वापसी के बाद मुझमें एक नई ऊर्जा है और मुझे लगता है कि मैं पहले की तुलना में कहीं ज्यादा समय तक खेल सकता हूं।’’ टेस्ट में वापसी पर संशय डिकॉक से जब पूछा गया कि क्या वह टेस्ट क्रिकेट में भी वापसी करने के बारे में सोच रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘‘आप अकेले नहीं हैं जिन्होंने मुझसे यह सवाल पूछा है, लेकिन फिलहाल मेरा जवाब साफ तौर पर नहीं है।’’ डिकॉक ने वनडे इंटरनेशनल सीरीज के आखिरी मैच में भी शतक जड़ा था। हालांकि, पहले मैच में जल्दी आउट हो गए थे। दूसरे मैच में उन्होंने कमाल की बल्लेबाजी की।  

इरफान पठान का टीम इंडिया पर निशाना: बोले– गिल से उम्मीदें ठीक, पर सैमसन से नहीं!

नई दिल्ली  भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि शुभमन गिल की खराब फॉर्म न केवल उन पर व्यक्तिगत रूप से बल्कि टीम प्रबंधन पर भी दबाव बढ़ा रही है। पठान ने जियो हॉटस्टार पर कहा कि संजू सैमसन को वापस लाकर पहले की तरह के सफल बल्लेबाजी संयोजन को बहाल करना भी उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि केरल के इस खिलाड़ी को भी अपनी लय वापस पाने में कुछ समय लगेगा। भारत के लिए टी20 में सलामी बल्लेबाज के तौर पर सैमसन काफी सफल रहे थे। इसके बाद जब गिल को टी20 उप-कप्तान बनाया गया तो सैमसन की जगह उन्हें सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतारा गया। भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान गिल हालांकि खेल के सबसे छोटे प्रारूप में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में वह खाता भी नहीं खोल पाए।   पठान ने कहा, ‘‘शुभमन गिल कह सकते हैं कि उन्होंने एक बहुत अच्छी गेंद पर अपना विकेट गंवाया। अगर गिल फॉर्म में होते तो वे उस गेंद को आसानी से खेल लेते। वे फॉर्म में नहीं हैं। जहां तक कप्तान सूर्यकुमार यादव की बात है तो मुझे लगता है कि उन्हें अपने ऑफ साइड के खेल पर ध्यान देने की जरूरत है। जब वे आउट हुए तो वे पूरी तरह से गलत पोजीशन में थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गिल का रन नहीं बना पाना एक बुरा संकेत है और इससे उन पर और टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ जाता है। वे सोच रहे होंगे कि क्या किया जाए। यह स्थिति और खराब नहीं होनी चाहिए।’’ पठान ने कहा, ‘‘अगर उनसे फिर भी रन नहीं बन पा रहे हैं तो आप संजू सैमसन को वापस लाकर उनसे तुरंत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते, खासकर तब जब वह भी लय में न हों। इससे कई सवाल पैदा हो गए हैं। अगर वे सैमसन को वापस प्लेइंग XI में शामिल करते हैं, तो उनके लिए रन बनाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।’’    उन्होंने सूर्यकुमार की मुश्किलों का भी जिक्र किया, जो कप्तानी संभालने के बाद से कोई बड़ा स्कोर नहीं बना पाए हैं। पठान ने कहा, ‘‘सूर्या पर दबाव होगा क्योंकि वह कप्तान हैं और कप्तान होने के नाते प्लेइंग XI में आपकी जगह स्वतः ही पक्की हो जाती है। एक खिलाड़ी के तौर पर अगर आपने एक साल में रन नहीं बनाए हैं, तो आप दबाव में होते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वर्ल्ड कप (अगले साल फरवरी-मार्च में) से पहले उन्हें अपनी फॉर्म में वापसी करनी होगी। उन्हें बल्लेबाजी की सही स्थिति और बेहतर शॉट चयन की जरूरत है। सूर्या लेग साइड की तरफ सीधी गेंद पर आउट हो रहे हैं। जब आप इस तरह से आउट हो रहे हैं तो आपको ऑफ साइड में अधिक खेलने की कोशिश करनी चाहिए।’’  

स्पेन के हाथों शिकस्त, भारतीय जूनियर महिला टीम विश्व कप में रही 10वें स्थान पर

सैंटियागो  भारतीय महिला हॉकी टीम को जूनियर हॉकी विश्व कप में स्पेन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारतीय टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली कुल टीमों की सूची में 10वें स्थान पर रही। भारतीय टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम की तरफ से एकमात्र गोल कनिका सिवाच (41') ने किया। वहीं स्पेन की तरफ से नतालिया विलानोवा (16') और एस्थर कैनालेस (36') ने गोल किया। पहला क्वार्टर बहुत रोमांचक रहा। दोनों टीमों की तरफ से गोल के प्रयास किए गए, लेकिन दोनों ही टीमें गोल करने में असफल रहीं। 14वें मिनट में, स्पेन को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे निधि ने रोक दिया। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में स्पेन ने आक्रामक खेल की शुरुआत की। सारा कार्मोना रामोस ने सर्कल के चारों ओर कुशलता से ड्रिबल किया और अंदर एक पास दिया, जिसे नतालिया विलानोवा (16') ने सफलतापूर्वक गोल में बदल टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। अगले कुछ मिनटों में भारत को कुछ मौके मिले, लेकिन टीम इंडिया उन मौकों को गोल में बदल पाने में सफल नहीं हो सकी। 36वें मिनट में भारत की तरफ से सोनम ने एक पास को गोल में बदला था, लेकिन स्पेन ने एक वीडियो रेफरल लिया जो सफल रहा। रेफरी ने एक बैक स्टिक देखी और गोल कैंसिल कर दिया। 36वें मिनट में ही स्पेन की तरफ से एस्थर कैनालेस ने एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया। इस गोल ने स्पेन की बढ़त 2-0 करते हुए मैच में उसकी पकड़ मजबूत कर दी। 41वें मिनट में, भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। कनिका सिवाच (41') ने अपने स्ट्राइक से स्पेनिश गोलकीपर को छकाते हुए भारत के लिए पहला गोल किया। आखिरी क्वार्टर में भारत ने तेजी दिखाई और गोल के मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन अंत तक स्पेन की बराबरी करने में भारतीय टीम सफल नहीं हो सकी। स्पेन ने मैच 2-1 से जीत लिया।

गिल vs सैमसन: टी20 में किसकी ओपनिंग है ज़्यादा दमदार? पूरी तुलना पढ़ें

नई दिल्ली  शुभमन गिल को ऑल-फॉर्मेट कैप्टन बनाने ओर कदम बढ़ाते हुए बीसीसीआई ने उन्हें टी20 की प्लेइंग इलेवन में बतौर उपकप्तान जैसे वाइल्ड कार्ड एंट्री दे दी है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी किसी भी विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द हुआ करती थी लेकिन बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट की एक बचकाना जिद ने भरत के लिए ही सिरदर्द पैदा कर दिया है। वो भी टी20 वर्ल्ड कप से महज कुछ महीने पहले।    संजू सैमसन को ओपनिंग से हटाकर शुभमन गिल को थोप दिया गया जो टीम को भारी पड़ रहा। लेकिन असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट क्लास की दुहाई देकर गिल का बचाव कर रहे। आईपीएल के प्रदर्शन की याद दिला हास्यास्पद दलीलें दे रहे। बीसीसीआई का ये वाइल्ड कार्ड एंट्री कार्ड, गिल को ऑल फॉर्मेट प्लेयर और कैप्टन बनाने की धुन वर्ल्ड कप में भारत की उम्मीदों को पलीता लगा सकती है। उपकप्तान अगर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा तो किसी अन्य को मौका तो मिलना चाहिए। स्क्वाड आखिर किसलिए होता है? या उपकप्तानी प्लेइंग इलेवन के लिए गारंटी कार्ड है, भले ही प्रदर्शन चाहे जैसा हो?   बतौर ओपनर गिल और संजू सैमसन के प्रदर्शन पर नजर डालें तो साफ नजर आएगा कि सैमसन आगे हैं। अभी पिछले साल ही उन्होंने बतौर ओपनर टी20 में तीन शतक जड़े थे। भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। दूसरी तरफ शुभमन गिल पिछले करीब एक साल से टी20 में एक अदद अर्धशतक के लिए तरस रहे हैं।   T20I में बतौर ओपनर संजू सैमसन का प्रदर्शन संजू सैमसन ने बतौर ओपनर अब तक 17 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इसमें 32.62 के औसत से उन्होंने 522 रन बनाए हैं। इसमें 3 शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 178.76 का है। T20I में बतौर ओपनर शुभमन गिल का प्रदर्शन दूसरी तरफ शुभमन गिल ने बतौर ओपनर अब तक 35 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें उनके नाम 841 रन हैं जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। बतौर ओपनर T20I में गिल का औसत 28.03 है और स्ट्राइक रेट 140.40 है।

U19 में नया इतिहास: वैभव सूर्यवंशी ने पछाड़ा शुभमन गिल, बने भारत के नंबर-2 स्कोरर

नई दिल्ली  वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 एशिया कप के पहले ही मैच में तबाही मचाई। यूएई के खिलाफ 171 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेल वह आउट हो गए। वैभव सूर्यवंशी इसी के साथ अंडर-19 वनडे टूर्नामेंट में भारत के लिए एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शुभमन गिल को पछाड़ते हुए दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। गिल ने 2017 में इंग्लैंड U19 के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 157 गेंदों पर 160 रनों की पारी खेली थी। वैभव सूर्यवंशी ने इसी के साथ मयंक अग्रवाल (160) और राज बावा (162*) जैसे खिलाड़ियों को भी पछाड़ा है।   बता दें, भारत के लिए U19 वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अंबाति रायुडू के नाम है। जी हां, रायुडू ने यह कारनामा 2002 में इंग्लैंड U19 के खिलाफ टांटन में करके दिखाया था, जब उन्होंने 177 रनों की नाबाद पारी खेली थी। वैभव सूर्यवंशी उनका यह रिकॉर्ड तोड़ने से मात्र एक सिक्स दूर रह गए। बता दें, U19 वनडे टूर्नामेंट में आज तक सिर्फ एक ही खिलाड़ी दोहरा शतक लगा पाया है। यह साउथ अफ्रीका के जोरिच वान शाल्कविक हैं, जिन्होंने इसी साल जिम्बाब्वे अंडर-19 टीम के खिलाफ 215 रनों की पारी खेली थी।   बात वैभव सूर्यवंशी की पारी की करें तो, 171 रनों की इस पारी के लिए उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया जिसमें 9 चौके और 11 गगनचुंबी छक्के लगाए। वैभव ने 56 गेंदों पर अपना शतक पूरा करने का बाद गेंदबाजों को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया था और लगातार गेंद को सीधा बाउंड्री के पार पहुंचा रहे थे। बता दें, यूएई ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। तीसरे ही ओवर में कप्तान आयुष म्हात्रे 4 के निजी स्कोर पर आउट हो गए। हालांकि इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने नंबर-3 पर आए आरोन जॉर्ज (69) के साथ डबल सेंचुरी की पार्टनरशिप कर टीम को बड़े स्कोर की राह दिखाई। खबर लिखे जाने तक भारत 34 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 269 रन बोर्ड पर लगा चुका है। वैभव सूर्यवंशी के आउट होने से भारत का अब 400 के पार जाना थोड़ा कठिन नजर आ रहा है, मगर अगर निचले क्रम के बल्लेबाज जोर लगाए तो यह संभव हो सकता है।  

IPL 2026: ये 5 ओवरसीज मैच-विनर रह सकते हैं अनसोल्ड, जानें क्यों गिरा उनका मार्केट

नई दिल्ली  IPL 2026 Auction में अब ज्यादा दिन का समय नहीं बचा है। अबू धाबी में 16 दिसंबर को आईपीएल के आने वाले सीजन के लिए ऑक्शन होना है। ऑक्शन को लेकर तमाम प्रिडिक्शन हो रहे हैं, लेकिन आज आप स्टोरी में जानेंगे कि ऐसे कौन से पांच विदेशी स्टार प्लेयर हैं, जो इस ऑक्शन में अनसोल्ड रह सकते हैं। इनमें एक से एक दिग्गज खिलाड़ी शामिल है। 3 ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर और एक-एक न्यूजीलैंडर और इंग्लिश प्लेयर इस लिस्ट का हिस्सा है, जिन्हें शायद ही कोई आईपीएल टीम खरीदेगी। 1. स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्टीव स्मिथ भी आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन की फाइनल लिस्ट में हैं, लेकिन उन्होंने आखिरी मुकाबला इस लीग में 2021 में खेला था। इसके बाद से वे कई बार अनसोल्ड रहे हैं। आईपीएल में वे कमेंटेटर के तौर पर भी नजर आ चुके हैं, लेकिन इस बार उनका टी20 फॉर्म अच्छा है, लेकिन फिर भी उनके अनसोल्ड रहने के चांस हैं, क्योंकि स्टीव स्मिथ पारी को एंकर करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर रूल है तो यहां इस रोल की जरूरत नहीं पड़ती। यही कारण है कि शायद उनको कोई खरीदार नहीं मिलेगा। 2. जैक फ्रेजर मैकगर्क आईपीएल 2024 में तूफानी खेलकर दिखाकर उन्होंने दुनियाभर के क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा था, लेकिन अब वे आउट ऑफ फॉर्म हैं। 2025 के आईपीएल सीजन में भी उनका प्रदर्शन घटिया था। 2024 में उनका स्ट्राइक रेट 234 से ज्यादा का था, लेकिन 2025 में उनका औसत 106 से भी कम का था। 20 के आसपास का औसत उनका अब टी20 क्रिकेट में है। खराब फॉर्म, अल्ट्रा एग्रेसिव अप्रोच उनके लिए अभिशाप साबित हो सकती है। 3. जोश इंग्लिस लिस्ट में तीसरे ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर जोश इंग्लिस हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले जोश इंग्लिस ने पिछले सीजन अच्छी बल्लेबाजी की थी। विकेटकीपर का ऑप्शन भी वे देते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने साफ कर दिया है कि वे सिर्फ चार मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। यही कारण है कि उनको कोई भी टीम खरीदना नहीं चाहेगी। कोई भी टीम उनको खरीदकर अपने एक ओवरशीज प्लेयर के स्लॉट को ब्लॉक नहीं करना चाहेगी। 4. गस एटकिंसन इंग्लैंड के पेसर गस एटकिंसन को IPL 2024 से पहले KKR ने चुना था, लेकिन वह उस सीजन नहीं खेले थे, क्योंकि ECB ने उनके वर्कलोड को मैनेज करने के लिए उनसे आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट छुड़वा दिया था। इसके बाद से वे इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं। व्हाइट बॉल क्रिकेट भी वे खेले हैं, लेकिन आंकड़े सीमित ओवरों की क्रिकेट में अच्छे नहीं हैं। दूसरा कारण ये है कि कई और पेसर्स ऑक्शन पूल में हैं। ऐसे में उनको नजरअंदाज किया जा सकता है। 5. डेवन कॉनवे न्यूजीलैंड के इस टॉप ऑर्डर बैटर के लिए इस बार ऑक्शन में बोली नहीं लगने के पीछे का कारण ये हो सकता है कि उनकी टी20 फॉर्मे में गिरावट आई है। वे उस तेजी के साथ नहीं खेल पा रहे हैं और रन भी नहीं बना पा रहे हैं, जिसकी जरूरत आज के क्रिकेट को सूट करती है। खासकर आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर को ध्यान में रखते हुए बात की बल्लेबाजी की होगी तो वहां एंकर रोल वाले ओपनर कम दिखेंगे। वह भी विदेशी ओपनर तो इस बार उनको खरीदार मिलना मुश्किल है।

Vaibhav Suryavanshi का तूफ़ानी शतक, U19 एशिया कप में गेंदबाज़ों पर टूटा कहर

नई दिल्ली  टीम इंडिया के उभरते सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस समय अपनी प्रतिभा का जौहर दुबई में जारी अंडर-19 एशिया कप में दिखा रहे हैं। भारत और यूएई के बीच U19 एशिया कप 2025 का पहला मैच दुबई के आईसीसी अकैडमी ग्राउंड पर खेला जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले ही मैच में वैभव सूर्यवंशी ने शतक जड़ सुर्खियां बटौरी है। यूएई के खिलाफ उन्होंने 56 गेंदों पर 5 चौकों और 9 गगनचुंबी छक्कों के साथ अपनी पहली सेंचुरी पूरी की। वैभव इससे पहले राइजिंग एशिया कप में भी धमाल मचा चुके हैं। सीनियर खिलाड़ियों के उस टूर्नामेंट में भी वह भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे, हालांकि टीम इंडिया फाइनल में पहुंचने से चूक गई थी। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए 2025 का यह साल बेमिसाल रहा है। उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में चौके-छक्कों की बरसात कर कई शतक जड़े हैं। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 2025 में: – IPL में शतक। – IPL में सबसे तेज़ शतक किसी भारतीय ने बनाया। – ENG में यूथ ODI में शतक। – AUS में यूथ टेस्ट में शतक। – इंडिया A के लिए 32 गेंदों में शतक। – SMAT में शतक। – U-19 एशिया कप में इंडिया के लिए शतक। यूएई ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। तीसरे ही ओवर में कप्तान आयुष म्हात्रे 4 के निजी स्कोर पर आउट हो गए। हालांकि वैभव सूर्यवंशी ने इसका दबाव अपनी बल्लेबाजी पर नहीं पड़ने दिया। नंबर-3 पर आए एरोन जॉर्ज के साथ दूसरे विकेट के लिए उन्होंने शतकीय साझेदारी कर टीम इंडिया को बड़े स्कोर की राह दिखाई। वैभव ने अपना अर्धशतक 31 गेंदों पर पूरा किया था। 85 के स्कोर पर उनका कैच छूटा, जिसके बाद उन्होंने यूएई को कोई मौका नहीं दिया और अपना शतक पूरा किया। खबर लिखे जाने तक भारत का स्कोर 28 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 231 रन है। वैभव सूर्यवंशी 80 गेंदों पर 146 रन बनाकर खेल रहे हैं। शतक पूरा करने के बाद वैभव ने और खुलकर खेलना शुरू कर दिया है और वह लगातार गेंदबाजों पर प्रहार कर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी के जोड़ीदारी एरोन जॉर्ज भी अर्धशतक जड़ चुके हैं। भारत अगर इसी रन रेट के साथ खेलता रहा तो स्कोर आसानी से 400 के पार पहुंच सकता है।  

“टीम इंडिया का सरेंडर: दूसरे टी20 में तिलक वर्मा ही दिखा पाए लय, साउथ अफ्रीका की जीत में डिकॉक और बार्टमैन रहे स्टार”

  मुल्लांपुर  भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार (11 दिसंबर) को मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुआ. इस मैच में भारत को 51 रनों से हार मिली. मुकाबले में भारतीय टीम को जीत के लिए 214 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी पूरी टीम 19.1 ओवरों में 162 रनों पर सिमट गई. भारत की ओर से तिलक वर्मा ही अच्छा प्रदर्शन कर पाए. तिलक ने सबसे ज्यादा 62 रन बनाए. साउथ अफ्रीका की ओर से ओटनील बार्टमैन ने सबसे ज्यादा चार विकेट हासिल किए. इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने टी20 सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 14 दिसंबर को धर्मशाला में खेला जाएगा. बता दें कि भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में 101 रनों से जबरदस्त जीत हासिल की थी. वो मुकाबला 9 दिसंबर को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला गया था. ऐसी रही टीम इंडिया की इनिंग्स चेज में भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही. शुभमन गिल खाता भी नहीं खोल पाए और उनका विकेट लुंगी एनगिडी ने लिया. जबकि दूसरे ओपनर अभिषेक शर्मा (17 रन) को मार्को जानसेन ने पवेलियन रवाना किया. जानसेन ने फिर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (5 रन) को भी पवेलियन भेज दिया. सूर्या के आउट होने के समय भारत का स्कोर 32/3 था. यहां से अक्षर पटेल और तिलक वर्मा के बीच चौथे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी हुई. अक्षर ने 100 की स्ट्राइक रेट से 21 रन बनाए और उनका विकेट ओटनील बार्टमैन ने चटकाया. तिलक वर्मा क्रीज पर जमे रहे और उन्होंने 27 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की. तिलक को दूसरे छोर से साथ नहीं मिल रहा था. हार्दिक पंड्या से अच्छी बैटिंग की उम्मीद थी, लेकिन वो 23 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 20 रन बना सके. जितेश शर्मा (27 रन) आउट होने वाले छठे बैटर रहे, जिन्हें लुथो सिपाम्ला ने चलता किया. इसके बाद आठवें नंबर पर उतरे शिवम दुबे को ओटनील बार्टमैन ने सिर्फ 1 रनों के निजी स्कोर पर आउट कर दिया. बार्टमैन ने इसके बाद अर्शदीप सिंह (4 रन) और वरुण चक्रवर्ती (0 रन) को भी पवेलियन भेजा. भारत का आखिरी विकेट तिलक वर्मा के रूप में गिरा, जो लुंगी एनगिडी का शिकार बने. तिलक ने 34 बॉल पर 62 रन बनाए, जिसमें दो चौके और पांच छक्के शामिल रहे. साउथ अफ्रीका के लिए डिकॉक की शानदार पारी मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए चार विकेट पर 213 रन बनाए. साउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी रही. क्विंटन डिकॉक और रीजा हेंड्रिंक्स ने मिलकर पहले विकेट के लिए 38 रनों की साझेदारी. वरुण चक्रवर्ती ने हेंड्रिक्स (8 रन) को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. इसके बाद डिकॉक और मार्करम ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े. इस साझेदारी के दौरान डिकॉक ने सिर्फ 26 बॉल पर अपनी फिफ्टी पूरी की. उधर मार्करम (29 रन) बढ़िया स्टार्ट को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए और उन्हें वरुण ने चलता किया. ऐसा लग रहा था कि क्विंटन डिकॉक अपना शतक जड़ेंगे, लेकिन भारतीय विकेटकीपर जितेश शर्मा की शानदार फील्डिंग के चलते वो रन आउट हुए. डिकॉक ने 7 चौके और पांच छक्के की मदद से 46 गेंदों पर 90 रन बनाए. डिकॉक के आउट होने के समय साउथ अफ्रीका का स्कोर 156/3 था. इसके बाद साउथ अफ्रीका का चौथा विकेट डेवाल्ड ब्रेविस (14 रन) के रूप में गिरा, जो अक्षर पटेल का शिकार बने. यहां से डेविड मिलर और डोनोवन फरेरा ने पांचवें विकेट के लिए 23 बॉल पर नाबाद 53 रनों की साझेदारी कर साउथ अफ्रीका को बड़े स्कोर तक पहुंचाया. फरेरा ने 3 छक्के और 1 चौके की मदद से 16 बॉल पर 30* रनों का योगदान दिया. जबकि मिलर ने 12 बॉल पर नाबाद 20 रन बनाए, जिसमें 2 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. इस मुकाबले के लिए साउथ अफ्रीका की प्लेइंग-11 में तीन बदलाव हुए. रीजा हेड्रिंक्स, जॉर्ज लिंडे और ओटनील बार्टमैन इस मुकाबले का हिस्सा बने. जबकि एनरिक नॉर्किया, ट्रिस्टन स्टब्स और केशव महाराज को रेस्ट दिया गया. वहीं भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ.