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निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर सस्पेंस, श्रवण कुमार बोले– फैसला उन्हें खुद लेना है

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में एंट्री की मांग जदयू के कार्यकर्ता काफी लंबे वक्त से कर रहे हैं। पार्टी के पदाधिकारी और नेता भी चाहते हैं कि निशांत जल्द सियासी पारी शुरू करें। इस बीच नीतीश सरकार में मंत्री और जदयू विधायक श्रवण कुमार ने कहा कि परिवार और पार्टी, दोनों स्तर पर इस विषय पर सकारात्मक माहौल है, लेकिन अंतिम निर्णय नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत को लेना है। हम सब लोगों की तो यही इच्छा है कि उन्हें (निशांत) को पॉलिटिक्स में आना चाहिए।   इससे पहले निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग करते हुए जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुकुंद सेना के बैनर तले भूख हड़ताल की थी। मुकुंद कुमार के नेतृत्व में बैनर-पोस्टर के साथ बीते रविवार को गर्दनीबाग धरना स्थल पर 12 घंटे भूख हड़ताल पर बैठे। धरना में जदयू के अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे। मुकुंद कुमार ने कहा कि निशांत कुमार शिक्षित युवा हैं। उनमें पूरी क्षमता है कि वह राजनीति में आएं और अपने पिता की तरह राज्य की सेवा करें। बता दें कि निशांत कुमार के राजनीति में आने और पार्टी में शामिल होने की मांग कई जदयू नेता और कार्यकर्ता कर चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी कह चुके हैं कि हमलोग चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आयें, पर फैसला उन्हें ही लेना है।  

नीतीश कुमार की घातक गेंदबाज़ी: हैट्रिक के साथ पाटीदार को भी किया आउट

नई दिल्ली  सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग चरण में आंध्र प्रदेश के युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक ली। मध्य प्रदेश के खिलाफ हुए रोमांचक मुकाबले में नीतीश ने अपनी टी20 करियर की पहली हैट्रिक लेकर विपक्षी टीम को झकझोर दिया। नीतीश कुमार रेड्डी ने आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान और मध्य प्रदेश के मुख्य खिलाड़ी रजत पाटीदार को आउट करके हैट्रिक पूरी की।   113 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्यप्रदेश ने 17.3 ओवर में छह विकेट पर लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। हर्ष गवली और वेंकटेश अय्यर की मध्यप्रदेश की सलामी जोड़ी ने अभी 14 रन ही जोड़े थे कि उन्हें आंध्र प्रदेश के नीतीश कुमार रेड्डी के कहर का सामना करना पड़ा। रेड्डी ने पारी के तीसरे ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर विकेट लेकर अपनी हैट्रिक पूरी की। रेड्डी ने हर्ष गवली, हरप्रीत सिंह और मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार को अपना शिकार कर मैच में रोमांच पैदा कर दिया था। इसके बाद ऋषभ चौहान और राहुल बाथम ने पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरे। दोनों बल्लेबाजों के बीच 73 रनों की साझेदारी हुई। 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर सत्यनारायण राजू ने ऋषभ चौहान को आउट कर पवेलियन भेज दिया। ऋषभ चौहान ने 43 गेंदों में छह चौके लगाते हुए 47 रनों की पारी खेली। अनिकेत वर्मा एक रनआउट हुये। राहुल बाथम ने 32 गेंदों में तीन चौकों की मदद से नाबाद 35 रन बनाये। वेंकटेश अय्यर (22) को के वी शशिकांत ने आउट किया।   इससे पहले मध्यप्रदेश के गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहले बल्लेबाजी करने उतरी आंध्र प्रदेश की पूरी टीम 19.1 ओवर में 112 रन पर समेट दिया। आंध्र प्रदेश के लिए श्रीकर भरत ने31 गेंदों में 39 रनों की पारी खेली। नीतीश कुमार रेड्डी (25), पायला अविनाश (18) और कप्तान रिकी भुई (11) रन बनाकर आउट हुये। आंध्रप्रदेश के सात बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। मध्य प्रदेश के लिए त्रिपुरेश सिंह ने चार विकेट और त्रिपुरेश सिंह ने तीन विकेट लिये। राहुल बाथम को दो विकेट मिले। वेंकटेश अय्यर ने एक बल्लेबाज को आउट किया।  

सुल्तानगंज विधानसभा: नीतीश कुमार की पकड़ आज भी मजबूत

सुल्तानगंज सुल्तानगंज विधानसभा सीट भागलपुर जिले में स्थित है…यह विधानसभा क्षेत्र बांका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह सीट साल 1951 से ही अस्तित्व में है। 2008 से पहले तक यह भागलपुर लोकसभा का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह क्षेत्र बांका लोकसभा के अंतर्गत आ गया। साल 1951 में पहली बार इस सीट पर चुनाव हुए और 1967 तक कांग्रेस का ही कब्जा रहा। 1951 में कांग्रेस के राश बिहारी लाल, 1957 में सरस्वती देवी तो 1962 में देबी प्रसाद महतो चुनाव जीते थे। 1967 में इस सीट पर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के बी.पी.शर्मा विधायक चुने गए थे। 1969 और 1972 में इस सीट पर एक बार फिर से कांग्रेस ने कब्जा जमाया और राम रक्षा प्रसाद यादव लगातार दो बार विधायक चुने गए थे।   1977 में यह सीट जनता पार्टी के खाते में गई और जागेश्वर मंडल विधायक बने थे। 1980 और 1985 में भी कांग्रेस का ही कब्जा रहा। 1980 में नंद कुमार मांझी और 1985 में उमेश चंद्र दास विधायक चुने गए थे। 1990 और 1995 में यह सीट जनता दल के पास रही और फणींद्र चौधरी लगातार दो बार विधायक बने। साल 2000 में इस सीट पर समता पार्टी के गणेश पासवान विधायक चुने गए थे। 2005 में जेडीयू की टिकट पर सुधांशु शेखर भास्कर यहां से विधायक बने। वहीं 2010 और 2015 में लगातार दो बार यहां से जेडीयू उम्मीदवार सुबोध राय ने जीत हासिल की थी। 2020 में जेडीयू की तरफ से ललित नारायण मंडल ने फिर से सुल्तानगंज में तीर को निशाने पर ही मारा था।   वहीं 2020 के चुनाव में सुल्तानगंज सीट पर जेडीयू उम्मीदवार ललित नारायण मंडल ने जीत हासिल की थी। ललित नारायण मंडल को 72 हजार आठ सौ 23 वोट मिला था तो कांग्रेस उम्मीदवार ललन कुमार को 61 हजार दो सौ 58 वोट ही मिला था। इस तरह से ललित नारायण मंडल ने ललन कुमार को 11 हजार पांच सौ 65 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं एलजेपी कैंडिडेट नीलम देवी 10 हजार दो सौ 22 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहीं थीं।   वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जेडीयू कैंडिडेट सुबोध राय ने जीत हासिल की थी। सुबोध राय ने बीएलएसपी के हिमांशु पटेल को 14 हजार 33 वोटों से हराया था। सुबोध राय को कुल 63 हजार तीन सौ 45 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे हिमांशु पटेल को कुल 49 हजार तीन सौ 12 वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीय कैंडिडेट ललन कुमार को कुल 14 हजार 73 वोट मिले थे।   वहीं 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में सुल्तानगंज सीट पर जेडीयू उम्मीदवार सुबोध राय ने जीत हासिल की थी। सुबोध राय ने आरजेडी कैंडिडेट रामावतार मंडल को 4 हजार आठ सौ 45 वोट के अंतर से हराया था। सुबोध राय को कुल 34 हजार छह सौ 52 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे रामावतार मंडल को कुल 29 हजार आठ सौ सात वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे एलटीएसडी के ओमदत्त चौधरी को कुल 9 हजार 20 वोट ही मिले थे।   वहीं 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सुल्तानगंज सीट पर जेडीयू कैंडिडेट सुधांशु शेखर भास्कर ने जीत हासिल की थी। सुधांशु शेखर भास्कर ने आरजेडी कैंडिडेट गणेश पासवान को 11 हजार छह सौ 87 वोटों से हराया था। सुधांशु शेखर भास्कर को कुल 48 हजार 63 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे गणेश पासवान को कुल 36 हजार तीन सौ 76 वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे सीपीआई कैंडिडेट विजय कुमार पासवान को कुल 6 हजार पांच सौ आठ वोट मिले थे।   सुल्तानगंज विधानसभा सीट के चुनावी नतीजों को तय करने में कुशवाहा, यादव, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटरों की अहम भूमिका रही है। सुल्तानगंज सीट को जेडीयू का गढ़ माना जाता है…इसलिए इस बार तेजस्वी यादव को कुछ नया करना होगा। अगर तेजस्वी यादव ने सुल्तानगंज में कुछ नया दांव नहीं चला तो यहां फिर से ‘तीर’ निशाने पर लग सकता है।

आरा से बड़ा तोहफा: बिहार सरकार करेगी 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मुहैया

आरा बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 के बजट में विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण, के साथ-साथ मखाना कारखाने की स्थापना, खेलो इंडिया समेत अन्य कार्यों के लिए पूरी राशि मिल रही है। इस तरह से एक तरफ जहां विकास का कार्य तेज गति से हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने की योजना है। उक्त बातें भोजपुर जिले के उच्च विद्यालय जगदीशपुर मैदान में शनिवार को आम लोगों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही। वे परिभ्रमण यात्रा में बक्सर के बाद भोजपुर के बिहिया और जगदीशपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी भी थे। 'अब नहीं जाएंगे' मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से भाजपा और जेडीयू मिलकर तेजी से बिहार का विकास कर रही है, पहले की सरकार विकास करने के बदले केवल गड़बड़ करती थी, हम भी गलती से दो बार उधर चले गए, अब नहीं जाएंगे। 2020 में हमने 10 लाख नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, उसे पूरा करते हुए उससे भी ज्यादा 29 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार अब तक दिया जा चुका है। विपक्ष के लोगों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि 2005 के पहले शाम ढलते ही कोई डर से निकलता नहीं था और ना पहले रोड, रास्ता, स्वास्थ्य, बिजली व शिक्षा की स्थिति ठीक थी। योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री ने 754 करोड़ की लागत से 432 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास बिहिया तथा जगदीशपुर में किया। सीएम सबसे पहले बिहिया चौरास्ता कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वहां पर लगभग तीन सौ करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के बाद जगदीशपुर के नयका टोला बस पड़ाव मैदान पर मुख्यमंत्री ने 454 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास रिमोट दबाकर किया। जगदीशपुर में योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास के पहले प्रांगण में लगाए गए 10 स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान वे जीविका, समाज कल्याण, ऊर्जा, उपभोक्ता संरक्षण, कृषि, डीआरडीओ, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, गृह, आपदा और पंचायती राज विभाग के स्टाल का निरीक्षण करते हुए लाभुकों से मिलते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया और कई स्टाल पर योजनाओं का फीडबैक लिया।