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सीजन शुरू होने से पहले झटका! 5 विदेशी खिलाड़ियों ने BCCI को बताया—पूरा टूर्नामेंट नहीं खेल पाएंगे

नई दिल्ली  आईपीएल नीलामी के लिए रजिस्टर करने वाले 1,355 खिलाड़ियों में से पांच ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को आईपीएल 2026 के लिए लिमिटेड उपलब्धता के बारे में बताया है। ऑस्ट्रेलिया के एश्टन एगर (65 परसेंट) और विलियम सदरलैंड (80 परसेंट), न्यूज़ीलैंड के एडम मिल्ने (95 परसेंट), और दक्षिण अफ्रीका के राइली रोसो (20 परसेंट) ने इस सीजन में उनके खेलने की संभावना के बारे में बताया है। ऑस्ट्रेलिया के जोश इंगलिस पांचवें ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके पास कम समय है। 30 साल के विकेटकीपर-बल्लेबाज गाबा में चल रहे एशेज टेस्ट का हिस्सा हैं। उन्होंने बीसीसीआई को बताया है कि वह आईपीएल 2026 के सिर्फ 25 परसेंट मैचों में ही खेलेंगे। असल में, उन्होंने बोर्ड के जरिए फ्रेंचाइजी को बता दिया है कि वह चार से ज्यादा मैचों में हिस्सा नहीं ले सकते। इंगलिस ने अपना बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये रखा है।   इंगलिस (30) का पिछला आईपीएल पंजाब किंग्स के लिए ठीक-ठाक रहा था, उन्होंने 11 मैचों में 278 रन बनाए थे। वह टीम के आखिरी लीग मैच में खास तौर पर प्रभावशाली थे, उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 42 गेंदों पर शानदार 73 रन बनाकर अपनी टीम को टॉप-2 में जगह दिलाई। इसके बाद हुए क्वालिफायर 2 में, उन्होंने जसप्रीत बुमराह का सामना किया, जिन्हें खेलना मुश्किल था, और उनके एक ओवर में 20 रन ठोककर पंजाब किंग्स की फाइनल में जगह पक्की कर दी। पता चला है कि पंजाब किंग्स ने इंगलिस को रिलीज करने के बारे में बाद में सोचा था, क्योंकि रिकी पोंटिंग कोच थे और उन्होंने उन्हें रिटेन करने के बारे में सोचा था। आखिरकार, उन्होंने रिटेंशन की डेडलाइन (15 नवंबर) के आखिरी दिन उन्हें जाने देने का फैसला किया, जब खिलाड़ी ने फ्रेंचाइजी को बताया कि आईपीएल का शेड्यूल उनकी शादी की योजनाओं से टकरा सकता है। अगर कोई टीम उन्हें ऑक्शन में चुनती है, तो वह सिर्फ कुछ हफ़्तों के लिए ही उपलब्ध हो पाएंगे। इंगलिस की तरह, एगर का भी बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये है, लेकिन वह कभी आईपीएल में नहीं खेले – ठीक सदरलैंड की तरह, जिनका रिज़र्व प्राइस 1 करोड़ रुपये है। न्यूज़ीलैंड के मिल्ने (33) पहले भी आईपीएल में खेल चुके हैं, लेकिन पिछले तीन सीजन में नहीं, जिस दौरान वह अनसोल्ड रहे। उनका बेस प्राइस भी 2 करोड़ रुपये है। साउथ अफ्रीका के रोसो (36) 2014 में आईपीएल में डेब्यू करने के बाद से सिर्फ कभी-कभी ही खेले हैं, उन्होंने चार सीजन में कुल 22 गेम खेले हैं। उनके सिर्फ़ तीन से चार मैचों के लिए मौजूद रहने की संभावना के साथ, ऑक्शन में उनके चुने जाने की संभावना लगभग शून्य है। ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी में है।  

विराट का संन्यास अटल, वापसी की उम्मीद बेकार: मोहम्मद कैफ

नई दिल्ली अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी को देखते हुए प्रशंसकों और कई पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें फिर से टेस्ट क्रिकेट में वापसी की सलाह दी है हालांकि विराट ने साफ कर दिया है कि अब वह एकदिवसीय प्रारुप ही खेलेंगे। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी कहा है कि विराट को जितना वह जानते हैं उसके आधार पर कह सकते हैं कि वह अब संन्यास के फैसले को नहीं बदलेंगे। विराट ने इंग्लैंड दौरे से पहले अचानक ही टेस्ट प्रारुप को अलविदा कहकर सबको हैरान कर दिया था।  वहीं दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की 0-2 टेस्ट सीरीज हार के बाद कहा जा रहा था कि क्रिकेट बोर्ड कोहली को टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए मना सकता है पर कैफ का मानना है कि कोहली एक बार जो तय कर लेते हैं उससे पीछे नहीं हटते। इसलिए उनकी वापसी अब नहीं हो सकती है। कैफ ने कहा कि विराट ऐसे खिलाड़ियों में से एक है जो किसी फैसले पर पहुंचने से पहले काफी सोच विचार करते हैं और एक बार फैसला लेते हैं तो उसपर अडिग रहते हैं। ये सही है कि कई खिलाड़ियों ने संन्यास से वापसी की है पर कैफ का माना है कि कोहली ऐसा कदम कभी नहीं उठाएंगे।  कैफ ने कहा कि कोहली ने आईपीएल में आसीबी की कप्तानी छोड़ने के बाद उसे कभी दोबारा नहीं संभाला। जा उनसे दोबारा कप्तानी संभालने को कहा गया तो उन्होंने युवा खिलाड़ी रजत पाटीदार को कप्तानी के लिए आगे बढ़ा दिया। वहीं क्रिकेट बोर्ड ने भी कहा है कि उसने विराट को संन्यास से वापसी के लिए नहीं कहा है। वह अब एक ही प्रारुप में खेलना चाहते हैं और बोर्ड उनके फैसले का सम्मान करता है।   

अर्जुन एरिगेसी ने विश्वनाथन आनंद को हराकर जीता यरूशलम मास्टर्स 2025 खिताब

नई दिल्ली भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगेसी ने पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को फाइनल में हराते हुए यरूशलम मास्टर्स 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। रैपिड चरण के शुरुआती दो गेम ड्रॉ रहने के बाद एरिगेसी ने पहले ब्लिट्ज गेम में सफेद मोहरों से निर्णायक जीत दर्ज की। दूसरे ब्लिट्ज गेम में भी वे बेहतर स्थिति में थे, लेकिन सुरक्षित ड्रॉ स्वीकार कर खिताब अपने नाम किया।  22 वर्षीय एरिगेसी को इस खिताबी जीत के साथ 55,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली। फाइनल में पहुंचने के लिए एरिगेसी ने सेमीफाइनल में रूस के पीटर स्विडलर को हराया था, जबकि आनंद ने दूसरे सेमीफाइनल में इयान नेपोमनियाची पर जीत दर्ज की थी। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने अपने-अपने सेमीफाइनल की दूसरी रैपिड गेम में जीत दर्ज की थी। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में स्विडलर ने अपने हमवतन नेपोमनियाची को 2.5-1.5 से हराया। निर्णायक बढ़त उन्हें दूसरे ब्लिट्ज गेम में मिली। प्रारंभिक राउंड-रॉबिन चरण में स्विडलर ने 8/11 स्कोर के साथ टॉप किया, जबकि नेपोमनियाची, आनंद और एरिगेसी ने 7.5/11 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान साझा किया।  

विराट की बैटिंग में दिखा शतक वाला टच, गावस्कर बोले—पहली गेंद से साफ था इरादा

रायपुर  पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना ​​है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शुरू से ही लग रहा था कि विराट कोहली शतक लगाने में सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिग्गज बल्लेबाज ने छक्का लगाकर अपना खाता खोला और पिछले मैच के अपने आत्मविश्वास को बनाए रखा।   कोहली ने बुधवार को रायपुर में 93 गेंदों पर 102 रन बनाए, जो 50 ओवर के प्रारूप में उनका 53वां शतक और सभी प्रारूप में मिलाकर 84वां शतक है। हालांकि भारत यह मैच चार विकेट से हार गया। उन्होंने 30 नवंबर को रांची में खेले गए पहले मैच में 120 गेंदों पर 135 रन बनाए थे जिससे भारत ने यह मैच 17 रन से जीता था। जियोस्टार विशेषज्ञ गावस्कर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि वह शतक नहीं बना पाएंगे। पहली गेंद से ही ऐसा लगा कि वह रांची की अपनी पारी को ही आगे बढ़ा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कोहली ने हुक करके छक्का जड़कर शुरुआत की। यह एक ऐसा शॉट जिसे वह अक्सर नहीं खेलते हैं। इससे उनके आत्मविश्वास का पता चलता है। उसके बाद से ही लग रहा था कि वह शतक बनाने में सफल रहेंगे।’ कोहली और रुतुराज गायकवाड़ (83 गेंदों पर 105 रन) ने 195 रन जोड़कर वनडे में भारत की ओर से तीसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। गावस्कर ने कहा, ‘रुतुराज के साथ उनकी साझेदारी शानदार रही। रुतुराज ने जिस पहली गेंद का सामना किया वह यानसन की बाउंसर थी, जो जायसवाल को आउट करने के ठीक बाद आई थी। वह इसे चौके के लिए भेजने में कामयाब रहे और इसके बाद कोहली उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनके पास गए। रुतुराज ने इसके बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की।’ भारत ने लगातार 20वीं बार टॉस गंवाया। दक्षिण अफ्रीका ने चार गेंद शेष रहते 359 रन का लक्ष्य हासिल करके तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली। गावस्कर ने कहा, ‘टॉस बहुत अहम था। आउटफील्ड काफी गीली थी। शुरुआती छह ओवरों को छोड़कर गेंद हमेशा गीली रही। इसका असर गेंदबाजों पर ही नहीं क्षेत्ररक्षकों पर भी पड़ता है। आप गेंद पर सही ग्रिप नहीं बना पाते हैं। इसलिए टॉस ने बहुत बड़ा अंतर पैदा किया।’  

प्रीमियर लीग: आर्सेनल ने पांच अंक की बढ़त हासिल की

लंदन आर्सेनल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल टूर्नामेंट में पांच अंक की बढ़त हासिल कर ली है जबकि लिवरपूल का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। आर्सेनल ने जहां ब्रेंटफोर्ड पर 2-0 की जीत के साथ प्रीमियर लीग खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाए, वहीं लिवरपूल ने एनफील्ड में अंतिम क्षणों में आत्मघाती गोल की मदद से संदरलैंड के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला। मौजूदा चैंपियन लिवरपूल की टीम अब आठवें स्थान पर है। उसके कोच आर्ने स्लॉट आलोचकों के निशाने पर हैं और स्टार फारवर्ड मोहम्मद सलाह को लगातार दूसरे मैच में शुरुआती लाइनअप से बाहर रखने के उनके फैसले की कड़ी आलोचना होने की संभावना है। ⁠ इस बीच चेल्सी को लीड्स के हाथों 3-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे खिताब जीतने की उसकी उम्मीदों को झटका लगा। इस हार से चेल्सी चौथे स्थान पर खिसक गई और आर्सेनल से नौ अंक पीछे हो गई, जिसने सभी प्रतियोगिताओं में अपना अजेय अभियान 18 मैचों तक बढ़ा लिया है और 2004 के बाद से पहली बार लीग खिताब जीतने की ओर अग्रसर है। आखिरी स्थान पर चल रहे वॉल्वरहैम्प्टन को नॉटिंघम फ़ॉरेस्ट के हाथों अपने घरेलू मैदान पर 1-0 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि एस्टन विला ने ब्राइटन पर 4-3 से जीत हासिल की। इससे वह चेल्सी से ऊपर तीसरे स्थान पर पहुंच गया। क्रिस्टल पैलेस ने एक अन्य मैच में बर्नले को 1-0 से हराया।   

एमबाप्पे के दो गोल से रियाल मैड्रिड की आसान जीत

मैड्रिड काइलियन एमबाप्पे के दो गोल और एक अन्य गोल में मदद करने की बदौलत रियाल मैड्रिड ने एथलेटिक बिलबाओ को 3-0 से हराकर स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लिगा में पिछले तीन मैच से जीत हासिल नहीं कर पाने का सिलसिला खत्म किया। एडुआर्डो कैमाविंगा ने भी मैड्रिड के लिए गोल किया, जिससे उसकी टीम ने शीर्ष पर काबिज बार्सिलोना से अंतर कम कर दिया है। बार्सिलोना अब अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी से केवल एक अंक आगे है। उसने मंगलवार को एटलेटिको मैड्रिड को 3-1 से हराया था। एमबाप्पे ने सभी प्रतियोगिताओं में अपने पिछले तीन मैचों में सात गोल किए हैं। उन्होंने गिरोना के खिलाफ एक गोल किया था और ओलंपियाकोस के खिलाफ चैंपियंस लीग के मैच में 4-3 की जीत में चार गोल दागे थे। ⁠ इस फ्रांसीसी स्टार ने इस सत्र में अपने क्लब और देश के लिए कुल 24 मैचों में 30 गोल किए हैं। वह स्पेनिश लीग (16 गोल) और चैंपियंस लीग (नौ गोल) दोनों में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। एमबाप्पे ने बुधवार को सातवें मिनट में अपना पहला गोल किया। कैमाविंगा ने 42वें मिनट में एमबाप्पे की मदद से बढ़त दोगुनी कर दी। फ्रांस के खिलाड़ी ने 59वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागा।  

एडेन मार्करम का जिगरा देखिए! भारत को हराने के बाद भी कही वो बात, जो शायद ही कोई क्रिकेटर कह पाता

रायपुर  दक्षिण अफ्रीका को भारत के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में चार विकेट से रोमांचक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले एडेन मार्करम ने कहा कि रन बनाना तभी मायने रखता है जब टीम जीतती है। वह पहले वनडे में मामूली अंतर से मिली हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं। मार्करम ने रायपुर में 110 रन की शानदार पारी खेली, जिससे दक्षिण अफ्रीका 359 रन के लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहा। भारत ने रांची में खेला गया पहला वनडे 17 रन से जीता था। मार्करम रायपुर वनडे में प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘रन तभी मायने रखते हैं जब आप मैच जीतते हैं। ईमानदारी से कहूं तो कम से कम मेरे लिए तो यही मायने रखता है। अगर हम अगर दूसरा वनडे हार जाते तो मैं पिछले मैच की तरह ही दुखी होता। जीत हासिल करके मुझे वास्तव में बहुत खुशी हुई है।’’ उन्होंने पहले मैच का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पहले मैच में शुरुआत में ही तीन विकेट गिर जाने के कारण ही हम जीत हासिल नहीं कर पाए और इसके लिए मैं खुद को जिम्मेदार मानता हूं।’’ दूसरे वनडे में मार्करम के शतक के बाद डेवाल्ड ब्रेविस ने 54 रन और मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने 68 रन बनाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने चार गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। मार्करम ने कहा, ‘‘ऐसा लग रहा था कि जैसे हम फिर से पहले वाला मैच खेल रहे हैं।’’ सीरीज बराबर करने के बाद दक्षिण अफ्रीका अब शनिवार को विशाखापट्टनम में होने वाले तीसरे और अंतिम वनडे मैच को जीत कर सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेगा जिससे टी20 वर्ल्ड कप और वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम का मनोबल बढ़ेगा। मार्करम ने इस बारे में कहा, ‘‘अभी इन टूर्नामेंट में काफी समय है लेकिन विश्वास और आत्मविश्वास संभवतः दो चीजें हैं जिन्हें आप एक टीम के रूप में हासिल कर सकते हैं। बड़े लक्ष्य हासिल करने से टीम को यह आत्मविश्वास मिलता है और भविष्य में ऐसी स्थिति में होने पर हम कह सकते हैं कि हमने पहले ऐसा किया है और फिर से ऐसा कर सकते हैं।’’

हरभजन का बड़ा दावा: रोहित-विराट के करियर का फैसला कौन कर रहा, बताया पूरा अंदरूनी सच!

शारजाह  पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह को यह दुर्भाग्यपूर्ण लगता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों का भविष्य ऐसे लोग तय कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह जोड़ी 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक खेलती रहेगी। रोहित 38 वर्ष के हैं और विराट कोहली 37 वर्ष के तथा यह दोनों अब केवल वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं। वह वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे या नहीं इसको लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने इस बात पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है कि यह दोनों वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे या नहीं। हरभजन ने शारजाह में कहा, ‘‘यह मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा क्योंकि मैं खुद एक खिलाड़ी रहा हूं और जो मैं देख रहा हूं वह मेरे साथ भी हुआ है। मेरे कई साथियों के साथ ऐसा हुआ है, लेकिन यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इस बारे में बात नहीं करते या इस पर कोई चर्चा नहीं करते।’’ भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 417 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कोहली और रोहित के साथ किए जा रहे व्यवहार के संदर्भ में कहा, ‘‘जब मैं विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखता हूं जो अभी भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है तो मुझे बहुत खुशी होती है। यह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे लोग उनके भविष्य के बारे में फैसला कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया है।’’ वनडे विश्व कप में अभी एक समय साल से भी अधिक समय है लेकिन हरभजन ने रोहित और कोहली का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस विश्व कप के दौरान शानदार फॉर्म में रहेंगे और अगली पीढ़ी के लिए मानक स्थापित करेंगे। कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में घरेलू मैदान पर लगातार दो शतक लगाए हैं, जबकि रोहित ने पिछली चार पारियों में दो अर्द्धशतक और एक शतक लगाया है। हरभजन ने कहा, ‘‘उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और भारत के लिए शुरू से ही अच्छा योगदान दिया है। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम के कप्तान भी रहे हैं। मुझे वास्तव में अच्छा लग रहा है कि वह दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं और यह दिखा रहे हैं कि चैंपियन बनने के लिए क्या करना पड़ता है। इसलिए सही उदाहरण पेश करने के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा को बधाई।’’  

रचिन रविंद्र–लैथम का तूफ़ान! कीवी टीम ने वेस्टइंडीज को 481 रन से दबाव में झोंका

नई दिल्ली रचिन रविंद्र और टॉम लैथम के शतकों की मदद से न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन गुरुवार को क्राइस्टचर्च में 481 रन की बढ़त हासिल करके मैच पर अपना शिकंजा मजबूत कस दिया। रविंद्र ने 176 रन की लाजवाब पारी खेली जबकि सलामी बल्लेबाज लैथम ने 145 रन बनाए। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 279 रन की साझेदारी की जिससे न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 417 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 231 रन बनाने के बाद वेस्टइंडीज को 167 रन पर आउट करके 64 रन की बढ़त हासिल की थी। न्यूजीलैंड की दूसरी पारी के 417 रन में से 200 रन 50 चौकों से आए, जिनमें से 27 चौके रविंद्र ने लगाए। दिन का खेल समाप्त होने के समय विल यंग 20 और माइकल ब्रेसवेल छह रन बनाकर खेल रहे थे। लैथम ने 179 गेंदों में नौ चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया। रविंद्र ने अपना चौथा टेस्ट शतक 108 गेंदों में 16 चौकों और एक छक्के की मदद से पूरा किया। लैथम ने अपनी पारी में 250 गेंद का सामना किया और 12 चौके लगाए जबकि रविंद्र ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 185 गेंद का सामना किया और अपनी पारी में 27 चौके लगाने के अलावा एक छक्का भी जड़ा। इन दोनों के अलावा डेवोन कॉनवे ने 37 रन का योगदान दिया। स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन केवल नौ रन ही बना सके। उनके आउट होने से न्यूजीलैंड का स्कोर दो विकेट पर 100 रन हो गया था। इसके बाद रविंद्र और लैथम ने बड़ी साझेदारी निभाई।  

टीम की जरूरत सबसे ऊपर—पहले वनडे शतक के बाद रुतुराज का बड़ा बयान

रायपुर  सीमित ओवरों के क्रिकेट में विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपने पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। दूसरे मैच में उन्होंने लय हासिल कर ली और शानदार शतक लगाया। अपना पहला ओडीआई शतक जड़ने के बाद उन्होने कहा कि उन्हें अपनी नई भूमिका से सामंजस्य बिठाने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।   भारत के लिए वनडे में श्रेयस अय्यर ने चौथे नंबर पर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मुंबई के इस बल्लेबाज के चोटिल होने के कारण टीम प्रबंधन ने गायकवाड़ को यह जिम्मेदारी सौंपी और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक जड़कर यह भूमिका अच्छी तरह से निभाई। भारत इस मैच में हालांकि चार विकेट से हार गया था। गायकवाड़ ने मैच के बाद मीडिया से कहा, ‘मेरे लिए यह सम्मान की बात है की टीम प्रबंधन ने एक ऐसे सलामी बल्लेबाज पर भरोसा दिखाया जो चौथे नंबर पर भी बल्लेबाजी कर सकता है। मैंने अपनी इस भूमिका को इसी तरह से लिया।’ उन्होंने कहा, ‘यह केवल शुरुआती 10 से 15 गेंद खेलने का मामला होता है और उसके बाद प्रक्रिया समान रहती है।’ दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 83 गेंदों पर 105 रन की पारी खेली और विराट कोहली (102) के साथ तीसरे विकेट के लिए 195 रन की साझेदारी की, जिससे भारत ने पांच विकेट पर 358 रन बनाए। गायकवाड़ ने कहा, ‘एकदिवसीय प्रारूप में जब मैं पारी की शुरुआत करता था तब भी मैं हमेशा यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता था कि मैं 45वें ओवर तक बल्लेबाजी कर सकूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि 11 से 40 ओवरों के बीच कैसे खेलना है, स्ट्राइक रोटेट कैसे करनी है और बाउंड्री के विकल्प क्या हैं। मुझे अपनी पारी आगे बढ़ाने के लिए खुद पर पूरा भरोसा था।’ गायकवाड़ चोटिल होने के कारण इस साल आईपीएल के सभी मैच में नहीं खेल पाए थे और उन्हें काफी समय तक बाहर रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वह अतीत पर ध्यान नहीं देते और वर्तमान में रहने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, ‘यही बेहतर होता है कि आप इस तरह की चीजों के बारे में अधिक नहीं सोचें क्योंकि अगर आप वर्तमान में नहीं हैं तो आपका ध्यान और तैयारी पर असर पड़ता है। मेरे दिमाग में कुछ चीजें चल रही थीं, लेकिन उसके बाद मैंने तय किया कि चाहे किसी भी प्रारूप का मैच हो मैं अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।’ गायकवाड़ ने कहा, ‘अगर मुझे मौका मिलता है, तो यह अच्छी बात है, अगर मुझे मौका नहीं मिलता है, तब भी ठीक है। मुझे यह बात अच्छी तरह से पता है कि जितना हो सके रन बनाते रहना मेरा कर्तव्य है और अगर चीजें फिर से मेरे अनुकूल होती हैं तो यह अच्छी बात है और अगर नहीं होती हैं, तब भी अच्छी बात है।’ गायकवाड़ ने स्वीकार किया कि 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से खेली गई 105 रन की पारी उनके करियर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ पारी है। उन्होंने कहा, ‘मैं हां कहूंगा क्योंकि नंबर चार पर बल्लेबाजी करना भी मेरे लिए एक चुनौती थी।’ सुपरस्टार विराट कोहली के साथ खेलने का मौका मिलना कुछ ऐसा था जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी, लेकिन गायकवाड़ ने अपना ध्यान रन बनाने पर केंद्रित रखा। उन्होंने कहा, ‘उनकी (कोहली की) बल्लेबाजी अविश्वसनीय है और उनके पास जितना समय है और जिस तरह से वह मैच में इसका फायदा उठाते हैं, वह भी अद्भुत है। लेकिन मैं अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहा था और यह नहीं सोच रहा था कि वह कैसी बल्लेबाजी कर रहे हैं या किस तरह से रन बना रहे हैं।