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मैनचेस्टर टेस्ट से पहले बड़ा झटका, इंग्लैंड टीम से बाहर हुआ अहम गेंदबाज

लंदन  मैनचेस्टर टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की टीम का ऐलान हो गया है। लॉर्ड्स में सोमवार 14 जुलाई को भारत के खिलाफ इंग्लैंड की टीम को मैच विनिंग मोमेंट दिलाने वाला गेंदबाज बाहर हो गया है। ये गेंदबाज कोई और नहीं, बल्कि स्पिनर शोएब बशीर हैं, जिनकी अंगुली में फ्रैक्चर हो गया है। ऐसे में वह सीरीज में आगे नहीं खेल पाएंगे। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने शोएब बशीर की जगह एक अनुभवी स्पिनर को टीम में शामिल किया है, जो लियाम डॉसन हैं और वे पहले भी टेस्ट और इंटरनेशनल क्रिकेट इंग्लैंड के लिए खेल चुके हैं। शोएब बशीर के लिए वैसे तो ये टेस्ट सीरीज अच्छी नहीं रही, लेकिन लॉर्ड्स में अपनी टीम को विनिंग मोमेंट उन्हीं ने दिलाया, क्योंकि उन्होंने मोहम्मद सिराज का विकेट लिया। हालांकि, इसमें किस्मत का भी योगदान था, क्योंकि गेंद को सिराज ने डिफेंस किया था और वह किसी तरह पीछे चली गई थी और स्टंप्स में लग गई थी। हालांकि, अब शोएब बशीर आगे इस सीरीज में नहीं खेलेंगे, क्योंकि इसी मैच के दौरान ऋषभ पंत का एक शॉट उनके बाएं हाथ की कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली में लगा था और उसमें फ्रैक्चर हो गया था। वहीं, लियाम डॉसन की बात करें तो वे 2016-17 में कुल 3 टेस्ट इंग्लैंड के लिए खेल चुके हैं, जिनमें एक मुकाबला उन्होंने भारत के खिलाफ खेला था। हालांकि, उनको घरेलू क्रिकेट का अच्छा खासा अनुभव है। यही कारण है कि एक अनुभवी स्पिनर को इंग्लैंड ने अपनी टीम में शामिल किया है। 371 विकेट उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में चटकाए हैं। इसके अलावा टीम में कोई भी बदलाव इंग्लैंड की ओर से नहीं हुआ है। इंग्लैंड की टीम इस प्रकार है बेन स्टोक्स (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्राइडन कार्स (डरहम), जैक क्रॉली, लियाम डॉसन, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), जोश टंग और क्रिस वोक्स  

गिल को लेकर वॉन का बड़ा बयान, बोले- स्टोक्स जैसा कप्तान होना चाहिए हर टीम को

लंदन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरे तो वह तकनीकी रूप से मजबूत नहीं दिखे और उन्होंने धैर्य की कमी भी नजर आई। गिल ने सीरीज के पहले दो टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन किया।। उन्होंने हेडिंग्ले में पहले टेस्ट में शतक बनाया और फिर बर्मिंघम में शतक और दोहरा शतक जड़कर कई रिकॉर्ड तोड़े। उनकी शानदार बल्लेबाजी से भारत में यह मैच 336 रन से जीता था। हालांकि, वह लॉर्ड्स टेस्ट में केवल 16 और छह रन ही बना सके, जिसमें ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और पुछल्ले बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारत 22 रन से हार गया। वॉन ने 'द टेलीग्राफ' में अपने कॉलम में लिखा, ‘‘जब तीसरे दिन मैच में प्रतिद्वंद्विता अपने चरम पर पहुंच गई तो मुझे लग गया था कि इससे इंग्लैंड की टीम बाकी बचे मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएगी। शुभमन गिल चौथे दिन बल्लेबाजी के लिए आए तो वह तकनीकी रूप से उतने मजबूत नजर नहीं आए और उनमें धैर्य की कमी भी दिखी लेकिन उनकी टीम ने इस रोमांचक टेस्ट मैच में सोमवार को कड़ी टक्कर दी।’’ उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेजबान टीम की रोमांचक जीत कप्तान की विजयी मानसिकता पर आधारित थी, जो पूरी टीम में दिखाई दी। वॉन ने कहा, ‘‘इंग्लैंड को बेन स्टोक्स जैसा कप्तान कभी नहीं मिला। ऐसा कप्तान जो कभी हार नहीं मानता। एक ऐसा कप्तान जो यह स्वीकार नहीं करता कि उसकी टीम के लिए खराब दौर चल रहा है तथा अपने कौशल और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर मैच को अपने पक्ष में कर लेता है।’’ स्टोक्स ने मैच के हर विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पांच विकेट लिए और 44 तथा 33 रन का योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने पहली पारी में ऋषभ पंत को रन आउट किया जो मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। वॉन ने कहा, ‘‘वह स्टोक्स ही थे जिन्होंने पहले दिन जो रूट के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि टीम अच्छे स्कोर तक पहुंच सके। वह स्टोक्स ही थे जिन्होंने तीसरे दिन भारत जब मैच पर नियंत्रण बना रहा था तब लंच से पहले शानदार रन आउट किया। और वह स्टोक्स ही थे जिन्होंने दोनों पारियों में अहम विकेट लिए। टेस्ट मैच में महत्वपूर्ण मोड़ पर किस तरह का खेल खेलना है यह उन्हें अच्छी तरह से आता है।’’  

स्कॉट बोलैंड की हैट्रिक से हिली रिकॉर्ड बुक, ऐसा करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने

नई दिल्ली पैट कमिंस की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान वेस्टइंडीज को तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में जब 27 रनों पर ऑलआउट किया तो हर जगह मिचेल स्टार्क की चर्चा होने लगी। हो भी क्यो ना, स्टार्क ने पहली 15 गेंदों में ही 5 विकेट हॉल लेकर वेस्टइंडीज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। हालांकि दूसरी तरफ स्कॉट बोलैंड को उतनी तारीफ नहीं मिली जिसके वह हकदार थे। दरअसल, स्टार्क ने जब वेस्टइंडीज के 6 विकेट चटकाए तो स्कॉट बोलैंड ने भी तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लेकर हैट्रिक ली। बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के लिए हैट्रिक लेने वाले 10वें और पिंक बॉल टेस्ट में दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। जी हां, 2015 में डे-नाइट टेस्ट की शुरुआत हुई थी और अभी तक कुल 24 बार पिंक बॉल से टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं, मगर स्कॉट बोलैंड से पहले कभी किसी गेंदबाज ने हैट्रिक नहीं ली। वह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने हैं। स्कॉट बोलैंड ने 14वें ओवर की पहली तीन गेंदों पर जस्टिन ग्रीव्स, शमर जोसेफ और जोमेल वारिकन को अपना शिकार बनाकर यह इतिहास रचा। बोलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज पीटर सिडल थे, जिन्होंने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लिए थे। बोलैंड के इस धाकड़ प्रदर्शन के दम पर 26/6 से अचानक वेस्टइंडीज का स्कोर 26/9 हो गया। वहीं 27 रन पर मिचेल स्टार्क ने वेस्टइंडीज का आखिरी विकेट लेकर पूरी टीम को समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 से किया वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ ऑस्ट्रेलिया ने 176 रनों से यह मैच जीत तीन मैच की टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज का 3-0 से सूपड़ा साफ किया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स टेबल में अपना दबदबा भी बनाए रखा। पैट कमिंस की टीम 100 प्रतिशत अंकों के साथ WTC पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर बनी हुई है।  

इंग्लैंड vs भारत: लॉर्ड्स में जोफ्रा आर्चर के तूफान के पीछे सौरव गांगुली का रोल?

नई दिल्ली इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने साढ़े 4 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की और क्या खूब वापसी की। उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अपनी टीम के लिए मैच विनिंग परफॉर्मेंस दी। अब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने खुलासा किया है कि उनके मैच विनर के इस जोरदार परफॉर्मेंस का, उसके तूफान का कनेक्शन सौरव गांगुली से है। स्टोक्स ने खुलासा किया कि भारत की 2002 में इंग्लैंड पर ऐतिहासिक जीत के बाद सौरव गांगुली द्वारा लार्ड्स की बालकनी में शर्ट लहराने की घटना ने जोफ्रा आर्चर को तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। गांगुली ने नेटवेस्ट ट्रॉफी एकदिवसीय टूर्नामेंट के फाइनल में भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए अपनी शर्ट उतार दी थी और यह आज तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे नाटकीय क्षणों में से एक है। आर्चर ने तीसरे टेस्ट मैच के पांचवें और अंतिम दिन सोमवार को खतरनाक ऋषभ पंत को बोल्ड किया और इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर का अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लिया। भारत इस मैच में 22 रन से हार गया था। स्टोक्स ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘मैंने आज सुबह उससे कहा, 'तुम्हें पता है कि आज क्या है। पता है ना। उसने मुझसे कहा, तुम्हें पता है कि उस दिन भारत ने 300 से अधिक रन बनाकर जीत हासिल की थी और गांगुली ने शर्ट लहराई थी। उसे लग रहा था कि मैं 6 साल पहले के क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल की बात कर रहा हूं। ’’ दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में अपनी जीत उसी दिन दर्ज की जिस दिन उसने 2019 में एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में स्कोर बराबर रहने के बाद बाउंड्री काउंट-बैक के आधार पर न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल की थी। हालांकि, जब स्टोक्स ने आर्चर को छह साल पहले के उस महत्वपूर्ण दिन के बारे में याद दिलाया, तो तेज गेंदबाज को 17 साल पहले हुए गांगुली वाले पल की याद आ गई। स्टोक्स ने कहा, ‘‘मैं उस दिन की बात कर रहा था जब हमने विश्व कप जीता था लेकिन वह कह रहा था, 'ओह, वो वाला। वह वाकई कमाल का लड़का है। छोटे लक्ष्य के सामने ऋषभ पंत का विकेट वास्तव में महत्वपूर्ण था। मुझे पूरा विश्वास था कि जोफ्रा आज कुछ ऐसा करने वाला है जिससे मैच में अंतर पैदा हो जाए।’’ चोट के बाद वापसी करने वाले स्टोक्स ने भारत पर दबाव बनाए रखने के लिए 9.2 ओवर और 10 ओवर का स्पैल पूरा किया। स्टोक्स ने कहा कि वह 23 जुलाई से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट के लिए फिट रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मैनचेस्टर में होने वाले टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह से फिट रहूंगा। उस मैच से पहले हमें विश्राम करने का पर्याप्त मौका मिलेगा।’’ स्टोक्स से खेल के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी बहस और छींटाकशी के बारे में पूछा गया, लेकिन उन्होंने इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस तरह की बड़ी सीरीज़ में हमेशा ऐसा कोई न कोई पल ज़रूर आता है जब दोनों टीम के खिलाड़ी एक दूसरे से भिड़ेंगे। मुझे यह मंजूर है बशर्ते यह सीमा पार न जाए। मुझे नहीं लगता कि हमारी या भारतीय टीम ने किसी तरह से सीमा का उल्लंघन किया।’’  

भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में 63 अतिरिक्त रनों का गिफ्ट दिया, गवाया मैच, जिसकी कही चर्चा ही नहीं

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान में भारत हारा जरूर मगर यह रोमांचक मैच वर्षों तक याद रहेगा। हार की क्या वजह रहीं? क्यों हारें? कहां चूके? कहां और कब मैच पलट गया? इस पर खूब चर्चा हो रही। बातें हो रहीं। सोशल मीडिया से लेकर आम बैठकी तक में। मीडिया से लेकर चाय के ठीहों पर भी। लेकिन इस हार के एक बड़े खलनायक की तो जैसे बिल्कुल भी चर्चा नहीं हो रही और वो हैं अतिरिक्त रन। भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में 63 अतिरिक्त रनों का गिफ्ट दिया और आखिरकार 22 रन से हार गए! इंग्लैंड जितने रन के अंतर से लॉर्ड्स टेस्ट जीता उसके करीब तिगुने रन तो हमारे गेंदबाजों ने एक्स्ट्रा के तौर पर मेजबानों को जैसे गिफ्ट दिए थे। लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहली पारी में उसने 387 रन बनाए। इसमें छठा सबसे बड़ा योगदान अतिरिक्त रनों का रहा। जो रूट ने 104, ब्राइडन कार्स ने 56, जैमी स्मिथ ने 51, ओली पोप और बेन स्टोक्स ने 44-44 रन का योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों ने एक्स्ट्रा के तौर पर 31 रन दिए। जवाब में भारत ने भी पहली पारी में ठीक 387 रन बनाए। इसमें इंग्लैंड की तरफ से सिर्फ 12 एक्स्ट्रा रन दिए गए। इंग्लैंड की दूसरी पारी सिर्फ 192 रन पर सिमटी थी और इसमें तीसरा सबसे बड़ा योगदान भारतीय गेंदबाजों की तरफ से गिफ्ट किए गए अतिरिक्त रन थे। भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 32 अतिरिक्त रन दिए। जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला लेकिन 170 के स्कोर पर पूरी भारतीय टीम सिमट गई। 22 रन से हार का सामना करना पड़ा। एक ऐसे मैच में जिसमें हमारे गेंदबाजों ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 63 अतिरिक्त रन दिए। दूसरी तरफ इंग्लैंड ने मैच में सिर्फ 30 रन अतिरिक्त दिए थे जिसमें आखिरी पारी में 18 एक्स्ट्रा शामिल हैं। लॉर्ड्स में हार के साथ ही भारत अब 5 टेस्ट मैच की श्रृंखला में 1-2 से पिछड़ गया है। लीड्स के हेलिंग्ले ग्राउंड में खेले गए श्रृंखला के पहले टेस्ट में भारत को हार का सामना करना पड़ा था जबकि उसकी तरफ से मैच में रिकॉर्ड 5 शतक लगे थे। एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए इंग्लैंड को 336 रन से हराया था। अगर लॉर्ड्स टेस्ट में इतने एक्स्ट्रा रन नहीं दिए गए होते तो आज इंग्लैंड नहीं, भारत 2-1 की बढ़त बनाया होता। अभी सीरीज के दो मैच बचे हैं और टीम मैनेजमेंट को इस कमी की ओर ध्यान देना होगा।  

क्रिकेट में सबसे शर्मनाक पारी! वेस्टइंडीज की पूरी टीम 27 रन पर ऑलआउट, 7 खिलाड़ी जीरो पर

नईदिल्ली  ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में मेजबान वेस्टइंडीज के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ा है. पूरी टीम दूसरी पारी में महज 27 के स्कोर पर सिमट गई. ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 176 रनों से ये मैच जीत लिया. वेस्टइंडीज को टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे शर्मनाक स्कोरकार्ड में से एक का सामना करना पड़ा. यह वेस्टइंडीज के इतिहास में उसका सबसे कम टोटल था. वे न्यूजीलैंड के बदनाम 26 के स्कोर से बस एक रन दूर थे. बता दें कि टेस्ट मैच में सबसे कम स्कोर न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है.  स्टार्क ने ऐसे पलट दिया मैच अपने 100वें टेस्ट मैच में इससे बेहतर प्रदर्शन कोई क्या कर सकता है? मिचेल स्टार्क ने नई गेंद से वेस्टइंडीज पर कहर बरपाया. उन्होंने पारी की पहली ही गेंद पर जॉन कैंपबेल को आउट किया और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. सिर्फ 15 गेंदों में उन्होंने 5 विकेट झटके, जो अब टेस्ट इतिहास में सबसे तेज़ (गेंदों के हिसाब से) पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड है. उन्होंने अर्नी टोशैक का 79 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. बोलैंड की हैट्रिक ने विंडीज का खेल खत्म किया स्टार्क ने जहां टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया था, वहीं स्कॉट बोलैंड ने टेल-एंड को समेटा. उन्होंने लगातार तीन गेंदों में जस्टिन ग्रीव्स, शामर जोसेफ और जोमेल वॉरिकन को आउट कर हैट्रिक पूरी की. वह टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले 10वें ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ बने. 7 बल्लेबाज नहीं खोल सके खाता वेस्टइंडीज सिर्फ 14.3 ओवर में 27 रन पर ऑल आउट हो गई. टेस्ट इतिहास में दूसरा सबसे कम स्कोर और वेस्टइंडीज का अब तक का सबसे कम स्कोर था. उनके सात बल्लेबाज़ खाता तक नहीं खोल सके. सिर्फ चार खिलाड़ी रन बना सके और टॉप छह बल्लेबाज़ों ने कुल मिलाकर केवल 6 रन जोड़े. 176 रन की हार के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली. टेस्ट इतिहास में सबसे कम स्कोर टेस्ट इतिहास में सबसे कम स्कोर की बात करें तो यह शर्मनाक रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है. जब 1955 में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड की टीम 26 के स्कोर पर सिमट गई थी. वहीं, दूसरे पायदान पर अब वेस्टइंडीज है जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में 27 के स्कोर पर सिमट गई. वहीं, दक्षिण अफ्रीका का नाम इस लिस्ट में तीन बार आता है. अफ्रीका 1896 और 1924 में दो बार महज 30 के स्कोर पर ऑल आउट हुआ है. जबकि 1899 में दक्षिण अफ्रीका 35 पर सिमट गया था.

टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर फेल, 5 कारणों में छिपी भारत की हार की कहानी

लॉर्ड्स   लॉर्ड्स टेस्ट में टीम इंडिया को रोमांचक मैच में हार का सामना करना पड़ा है. भारत के सामने 193 रनों का लक्ष्य था. लेकिन शुभमन गिल की सेना महज 170 के स्कोर पर ही ढेर हो गई. जडेजा एक छोर पर टिके रहे और नाबाद 61 रनों की पारी खेली लेकिन भारत ये मैच 22 रन से हार गया. इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में अब 2-1 से आगे है. पांचवे और आखिरी दिन भारत को 135 रनों की दरकार थी. जबकि 6 विकेट हाथ में थे. लेकिन पंत, राहुल और रेड्डी समेत कोई भी बल्लेबाज अंग्रेजों के सामने टिक नहीं सका और भारत को हार का सामना करना पड़ा. दोनों टीमों के बीच सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर में होगा.  भारत की दूसरी पारी की हाइलाइट्स टारगेट का पीछा करते हुए दूसरी पारी में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. उसने यशस्वी जायसवाल का विकेट दूसरे ही ओवर में गंवा दिया, जो अपना खाता भी नहीं खोल सके. फिर भारतीय टीम ने खेल के चौथे दिन करुण नायर (14 रन), कप्तान शुभमन गिल (6 रन) और नाइवॉचमैन आकाश दीप (1 रन) का भी विकेट गंवाया. पांचवें दिन भी भारत की खराब लय जारी रही और जडेजा के अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिक सका. इन 5 कारणों में छिपी है लॉर्ड्स में भारत की हार की पूरी कहानी दूसरी पारी में टॉप ऑर्डर रहा फेल लीड्स और बर्मिंघम टेस्ट में शानदार बल्लेबाज़ी करने वाले शुभमन और यशस्वी इस बार दोनों पारियों में सिर्फ 39 रन ही बना सके. करुण नायर, जो पहले दो टेस्ट में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए, इस टेस्ट में 40 और 16 रन बनाकर आउट हुए. ऐसे में राहुल, पंत और जडेजा पर ही सारी उम्मीदें टिकी रहीं. राहुल ने 100 और 39 और जडेजा ने 72 और 61 रन की पारियां खेलीं, लेकिन उन्हें किसी भी बल्लेबाज़ से समर्थन नहीं मिला. पहली पारी की गलतियां पड़ी भारी पहली पारी में भारत 376/6 पर था लेकिन अगले 4 विकेट सिर्फ 11 रन में गिर गए. दूसरी पारी में टीम 193 रन के आसान लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन पहले दिन का अंत 58/4 पर हुआ. पांचवें दिन पहले सत्र में तीन और विकेट सिर्फ 24 रन में गिर गए. 112 रन पर 8 विकेट गिरने के बाद भारत की हार तय हो गई थी. जोफ्रा आर्चर ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों को किया परेशान 4 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे जोफ्रा आर्चर ने भारत के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कीं. पहली पारी में उन्होंने यशस्वी को पहली ही गेंदों में आउट किया. दूसरी पारी में उन्होंने यशस्वी, पंत और सुंदर को आउट कर दिया. बाए हाथ के बल्लेबाजों के लिए आर्चर मुश्किल बनते गए. उन्होंने इस मैच में कुल 5 विकेट लिए और कमाल की बात रही की वो सभी विकेट बाए हाथ के बल्लेबाजों के थे. कठिन होती गई पिच लॉर्ड्स की पिच मैच के दौरान लगातार मुश्किल होती गई. पहले दिन जहां 251 रन बने और 4 विकेट गिरे (प्रत्येक 63 रन पर एक विकेट), वहीं पांचवें दिन पहले सत्र में 54 रन पर 4 विकेट गिरे, यानी प्रत्येक 14 रन पर एक विकेट. इसलिए टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करना इंग्लैंड के लिए फायदेमंद साबित हुआ. सिराज का बैडलक एक समय टीम इंडिया का स्कोर 112-8 था. इसके बाद बुमराह और जडेजा के बीच कमाल की साझेदारी हुई. बुमराह ने जडेजा का पूरा साथ दिया. बुमराह ने 54 गेंद खेली और केवल 5 रन बनाए. 147 पर जब बुमराह का विकेट गिरा तो सिराज ने उनका रोल निभाया. सिराज बी 30 गेंद खेल गए. लेकिन आखिर में सिराज का बैडलक उनपर भारी पड़ा और गेंद उनके पैर से टकराने के बाद स्टंप पर लग गई.   शोएब बशीर बचे दोनों टेस्ट से बाहर हो गए  लॉर्ड्स टेस्ट में मिली जीत के बाद मेजबान इंग्लैंड को एक बड़ा झटका लगा है. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के पहले तीन मैचों में सबसे ज्यादा ओवर फेंकने वाले शोएब बशीर बचे दोनों टेस्ट से बाहर हो गए हैं. बशीर ने सबसे ज़्यादा 140.4 ओवर (844 गेंदें) डाले, जो किसी भी गेंदबाज़ द्वारा सबसे अधिक हैं. हालांकि इंग्लैंड सीरीज में 2-1 से आगे है, लेकिन अधिकतर पहलुओं में भारत ने मेज़बानों को पीछे छोड़ा है, खासकर स्पिन डिपार्टमेंट में. 20 वर्षीय ऑफ स्पिनर, जिन्होंने धीरे-धीरे इंग्लैंड के प्रमुख स्पिनर के रूप में अपनी जगह बनाई थी, को लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट के दौरान बाएं हाथ की उंगली में फ्रैक्चर हो गया. जाने क्यों बाहर हुए शोएब बशीर यह चोट तब लगी जब बशीर ने तीसरे दिन रविंद्र जडेजा का कैच पकड़ने की कोशिश की. गेंद पकड़ते वक्त उनकी उंगली पर चोट लगी और वह मैदान छोड़कर चले गए. इसके बाद वे भारत की पहली पारी में गेंदबाज़ी के लिए नहीं लौटे. शुरुआत में इंग्लैंड टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि वे अगला मैच खेल सकेंगे, क्योंकि भारत की दूसरी पारी में उन्होंने आखिर में गेंदबाजी की और सिराज का आखिरी विकेट भी झटका. लेकिन अब यह पुष्टि हो गई है कि बशीर इस सप्ताह सर्जरी करवाएंगे और सीरीज के बाकी मैचों में हिस्सा नहीं लेंगे. फ्रैक्चर के बावजूद बशीर पूरी तरह मैच से बाहर नहीं रहे. इंग्लैंड की दूसरी पारी में उन्होंने बल्लेबाज़ी की और 9 गेंदें खेलीं. इसके बाद वे पांचवें दिन के अंत में गेंदबाज़ी के लिए भी लौटे. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ही मैच का अंतिम विकेट लिया. ऐसा रहा है बशीर का प्रदर्शन तीन टेस्ट मैचों में बशीर ने 54.1 की औसत से 10 विकेट लिए. यह प्रदर्शन शानदार तो नहीं रहा, लेकिन वे इंग्लैंड के सबसे अधिक इस्तेमाल किए गए गेंदबाज़ रहे. उन्होंने सीरीज में सबसे ज़्यादा रन (541) भी दिए. अब बशीर की अनुपस्थिति ने इंग्लैंड की योजनाओं को मुश्किल में डाल दिया है. जैक लीच, जो बशीर के आने के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे, यदि फिट हैं तो उन्हें वापस लाया जा सकता है. अन्य विकल्पों में रेहान अहमद, टॉम हार्टली और लियाम डॉसन शामिल हैं. वहीं, जैकब बेटेल, जो पहले से स्क्वॉड में … Read more

भारत को लगा 8वां झटका, नीतिश रेड्डी 13 रन बनाकर आउट

लंदन लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड ने मेहमान भारतीय टीम को 193 रन का जीत के लिए लक्ष्य दिया। दिन के आखिर तक भारत ने 4 विकेट खोकर 58 रन बना लिए हैं। केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद खेल रहे हैं और टीम की जीत की उम्मीदों को बनाए हुए हैं। भारत ने पांचवें दिन के खेल की शुरूआत करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 112 रन बना लिए हैं। टीम को जीत के लिए अभी 81 रन की जरूरत है और दो विकेट बचे हैं। इंग्लैंड की दूसरी पारी इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 192 रन पर समाप्त की। इस पारी में भारत के स्पिन आलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 22 रन खर्च कर 4 महत्वपूर्ण विकेट लिए। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं, तेज गेंदबाज नीतिश कुमार रेड्डी और लेग स्पिनर आकाशदीप को एक-एक विकेट मिला। भारत की बल्लेबाजी दिन की शुरुआत में भारत ने 4 विकेट के नुकसान के साथ 0 रन से आगे खेलना शुरू किया। हालांकि, केएल राहुल ने अपनी ठोस पारी से टीम को संभाला हुआ है। भारत को अभी 135 रन और बनाने हैं ताकि वह यह मुकाबला जीत सके। इंग्लैंड के गेंदबाजों का प्रदर्शन इंग्लैंड की तरफ से ब्रायडन कार्स ने सबसे ज्यादा दो विकेट लिए। इसके अलावा, जोफ्रा आर्चर और कप्तान बेन स्टोक्स ने एक-एक विकेट हासिल किया। इन गेंदबाजों ने भारत के बल्लेबाजों को दबाव में रखा। पहली पारी का हाल इस टेस्ट मैच में दोनों टीमों ने अपनी पहली पारी में समान 387 रन बनाए थे। इंग्लैंड की पहली पारी में शतकवीर जो रूट ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए। इस वजह से मैच काफी संतुलित स्थिति में पहुंच गया है। मैच का महत्व यह टेस्ट मैच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का हिस्सा है और दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर का संकेत दे रहा है। भारत के लिए यह मैच जीतना बहुत जरूरी है ताकि वह सीरीज में बढ़त बना सके। मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, टेस्ट मैच के 5 दिनों में से किसी भी दिन बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। मौसम साफ और धूप वाला रहने, हल्की हवाएं चलने के साथ तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। अगर ये सच है, तो प्रशंसक प्रतिष्ठित लॉर्ड्स में पूरे 5 दिनों तक खेल का आनंद लेने वाले हैं।

बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने पारुपल्ली से तोड़ा रिश्ता

नई दिल्ली भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल ने अपने पति और पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप से अलगाव की घोषणा की है. यह जोड़ा लगभग सात वर्षों से विवाहबंधन में था. रविवार देर रात सायना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर इस खबर की पुष्टि की, जिसने खेल जगत को हैरानी में डाल दिया. सायना ने सोशल मीडिया में साझा की जानकारी सायना ने अपने पोस्ट में लिखा कि कई बार ज़िंदगी हमें अलग राहों पर ले जाती है. काफी सोच-विचार के बाद हमने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, आत्मविकास और मानसिक संतुलन को चुन रहे हैं. मैं इन यादों के लिए आभारी हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. इस दौरान हमें समझने और हमारी निजता का सम्मान करने के लिए धन्यवाद.” 7 साल पहले हुई थी शादी सायना और कश्यप की शादी दिसंबर 2018 में हुई थी. दोनों की मुलाकात हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में हुई थी, जहां से उन्होंने साथ में करियर की शुरुआत की थी. बैडमिंटन में दोनों की शानदार उपलब्धियां     सायना नेहवाल ने 2008 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतने के बाद ओलंपिक में डेब्यू किया था और उसी साल क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं.     2012 के लंदन ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा.     उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार, 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न और 2016 में पद्म भूषण से नवाजा गया.     सायना अब तक की इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल की है. वहीं, पारुपल्ली कश्यप ने 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर 32 सालों बाद भारत को इस स्पर्धा में पुरुष एकल में गोल्ड दिलाया था. 2012 के लंदन ओलंपिक में वे क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे और 2013 में उन्होंने विश्व रैंकिंग में छठा स्थान हासिल किया था. कश्यप ने 2024 में संन्यास लिया और अब वे कोचिंग में सक्रिय हैं. सायना और कश्यप की यह जुदाई खेल प्रेमियों के लिए एक भावुक पल है, लेकिन दोनों ने सकारात्मकता और शांति को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ने का फैसला लिया है.

WWE :बैटल रॉयल में स्टेफनी वैकर ने जीत हासिल कर अपने करियर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया

नई दिल्ली  WWE इवोल्यूशन में हुए रोमांचक बैटल रॉयल में स्टेफनी वैकर ने जीत हासिल कर अपने करियर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इस जीत के साथ, वैकर को आगामी WWE क्लैश इन पेरिस में वर्ल्ड टाइटल के लिए मुकाबला करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह उनकी क्षमता और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। बैटल रॉयल में सुपरस्टार्स का जमावड़ा बैटल रॉयल की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में हुई, जिसमें कई महिला सुपरस्टार्स ने रिंग में प्रवेश किया। सबसे पहले निक्की बेला आईं, उनके बाद चेल्सी ग्रीन और सीक्रेट सर्विस ने एंट्री की। मैच में शामिल होने वाली अन्य प्रमुख पहलवानों में पाइ पर निवेन, एल्बा फायर, नटाल्या, मैक्सिन डुप्री, जैदा पार्कर, लैश लीजेंड, लोला वाइस, जेलिना वेगा, केलानी जॉर्डन, टैटम पैक्सली, इज्जी डेम, बी-फैब, मिचिन, आइवी नाइल, कैंडिस लेरे, निया जैक्स, और विमेंस यूएस चैंपियन गिउलिया का नाम शामिल था। रोमांचक एलिमिनेशन और यादगार पल घंटी बजते ही मैच में तुरंत एक्शन शुरू हो गया। निया जैक्स ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए टैटम पैक्सली और इज्जी डेम को बाहर कर दिया। केलानी जॉर्डन भी एलिमिनेट हो गईं, लेकिन उन्होंने कोफी किंग्स्टन स्टाइल में अपने हाथों पर चलकर और अनाउंस डेस्क पर पहुंचकर रिंग में शानदार वापसी की, जिससे दर्शकों को खूब मनोरंजन मिला। एक के बाद एक एलिमिनेशन होते रहे     गिउलिया ने आइवी नाइल को बाहर किया।     जैदा पार्कर ने नटाल्या को रिंग से बाहर कर दिया।     इसके बाद कैंडिस लेरे और फिर जैदा पार्कर भी एलिमिनेट हो गईं।     जेलिना वेगा ने गिउलिया को बाहर किया।     बी-फैब और मिचिन भी एलिमिनेट हो गईं।     अंतिम चरणों में, जेलिना वेगा, एल्बा फायर, लोला वाइस, पाइपर निवेन और चेल्सी ग्रीन भी बाहर हो गईं। आखिरी चार और स्टेफनी वैकर की जीत मैच के अंतिम चार में निया जैक्स, निक्की बेला, लैश लीजेंड, और स्टेफनी वैकर बची थीं। एक चौंकाने वाले पल में, लैश लीजेंड ने गलती से निक्की बेला को बाहर कर दिया। इसके बाद लैश लीजेंड ने निया जैक्स का सामना किया, जिससे उनकी ताकत का प्रदर्शन हुआ। हालांकि, लीजेंड और वैकर ने मिलकर निया जैक्स को रिंग से बाहर करने में सफलता पाई। अंत में, स्टेफनी वैकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लैश लीजेंड को रस्सी के ऊपर से बाहर करके जीत हासिल की। उन्होंने एप्रन पर एक डेविल्स किस देकर लैश को फर्श पर गिरा दिया और इस प्रतिष्ठित बैटल रॉयल को अपने नाम किया। यह टायटल जीतना कोई आम बात नहीं है। उन्होंने इस जीतने के लिए 19 रेसलर्स का सामना किया और उन्हें हराया।