samacharsecretary.com

विश्व कप टालना मुश्किल: मुख्य संचालन अधिकारी ने कहा– तैयारियां और पैमाना बहुत बड़ा

डलास फीफा विश्व कप फुटबॉल प्रतियोगिता के मुख्य संचालन अधिकारी हेइमो शिर्गी ने कहा कि यह बहुत बड़ा टूर्नामेंट है तथा अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक उथल-पुथल के चलते इसे स्थगित करना आसान नहीं होगा। विश्व कप 11 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जाएगा जिसमें पहली बार 48 देश भाग लेंगे। इनमें ईरान भी शामिल है। शिर्गी ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय प्रसारण केंद्र में कहा कि फीफा ईरान युद्ध और उसके नतीजों पर करीबी नजर रखे हुआ है।शिर्गी ने कहा, ‘‘अगर मैं भविष्यवक्ता होता मैं अभी बता सकता था कि क्या होने वाला है, लेकिन जाहिर है कि स्थिति बदल रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘‘हालात दिन-प्रतिदिन बदल रहे हैं और हम उन पर कड़ी नजर रख रहे हैं। हम अपने सभी संघीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं। हम हर दिन के हिसाब से चल रहे हैं और किसी न किसी स्तर पर हमें इसका समाधान मिल जाएगा। विश्व कप तो होगा ही, है ना? विश्व कप बहुत बड़ा टूर्नामेंट है और हम उम्मीद करते हैं कि क्वालीफाई कर चुके सभी देश इसमें भाग लेंगे।’’ विश्व कप फुटबॉल में इससे पहले 32 देश भाग लेते थे लेकिन पहली बार इस टूर्नामेंट में 48 देश भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन अमेरिका के 11, मैक्सिको के तीन और कनाडा के दो स्थानों पर किया जाएगा। अमेरिका ने पहले ही विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर चुके चार देशों ईरान, आइवरी कोस्ट, हैती और सेनेगल पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और उनके करीबी रिश्तेदारों को छूट देने की बात कही है। शिर्गी ने कहा कि फीफा नई  जानकारी हासिल करने के लिए ईरानी फुटबॉल महासंघ के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने हालांकि इन बातचीत का ब्यौरा नहीं दिया। फीफा के अधिकारी डलास में ‘फैन फेस्टिवल’ के कार्यक्रमों की घोषणा करने के लिए इस शहर में थे। यह कार्यक्रम विश्व कप के दौरान 34 दिन तक चलेगा।  

चैंपियन बनी टीम इंडिया, BCCI ने खोला खजाना — 131 करोड़ रुपये का रिवॉर्ड घोषित

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने एक बार फिर से टीम इंडिया के खजाना खोला है। टीम इंडिया के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बीसीसीआई ने टी20 विश्व कप चैंपियन बने रहने के लिए 131 करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान कर दिया है। 8 मार्च को टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाई थी। वहीं, मंगलवार 10 मार्च की सुबह बीसीसीआई ने टी20 विश्व कप 2026 विजेता टीम के लिए महा-पुरस्कार का ऐलान कर दिया। बीसीसीआई ने आधिकारिक जानकारी रिवॉर्ड को लेकर दी है। मीडिया रिलीज में बीसीसीआई ने कहा है कि बोर्ड ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के शानदार प्रदर्शन के बाद उसे 131 करोड़ रुपये का कैश इनाम देने की घोषणा करता है। भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी उठाई और खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। टूर्नामेंट के इतिहास में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप अपने पास रखने वाला भारत पहला देश बन गया है। इस खिताबी जीत के साथ, भारत ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप तीन बार जीतने वाली पहली टीम भी बन गई, जिससे इस फॉर्मेट के इतिहास में सबसे सफल टीमों में उसकी जगह और पक्की हो गई। बोर्ड इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और चयनकर्ताओं को एक बार फिर बधाई देता है और भविष्य में भी उनकी सफलता की कामना करता है। 2024 की विजेता टीम को मिले थे 125 करोड़ रुपये आपकी जानकारी के लिए बता दें, BCCI ने T20 World Cup 2024 की विजेता बनने के बाद भारतीय टीम के लिए कुल 125 करोड़ रुपये की भारी-भरकम इनामी राशिकी घोषणा की थी। यह राशि न केवल खिलाड़ियों में, बल्कि कोचिंग स्टाफ और अन्य सहयोगी सदस्यों के बीच भी बांटी गई थी। सिलेक्शन कमिटी को भी इस रिवॉर्ड में से हिस्सा मिला था। टीम इंडिया ने मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती थी। उस खिताबी जीत के लिए बीसीसीआई ने 58 करोड़ रुपये के कैश प्राइज की घोषणा की थी। उस समय टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा थे। रोहित की ही कप्तानी में भारत ने 2007 के बाद पहली बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी जीती थी।

क्रिकेट में भारत की जीत और केरल की अनदेखी भूमिका

तिरुवनंतपुरम भले ही क्रिकेट आंकड़ों का खेल है, लेकिन इसमें कई बार ऐसे संयोग भी देखे गए, जिसने सभी को हैरान किया है। भारत ने अब तक कुल 5 बार क्रिकेट वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किए हैं। इन सभी खिताबी जीत में केरल का खास 'कनेक्शन' रहा है। जब भी भारत पुरुषों का वर्ल्ड कप जीतता है, तो टीम में हमेशा एक मलयाली खिलाड़ी होता है। यह पैटर्न कपिल देव की लीडरशिप में 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ शुरू हुआ था, जिसमें केरल के तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी मौजूद थे। हालांकि, वाल्सन को टूर्नामेंट के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद वह विश्व कप विजेता कहलाए। इसके बाद भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 जीतकर विश्व कप खिताब के करीब ढाई दशक के सूखे को समाप्त किया। इस टीम में श्रीसंत ऐसे मलयाली खिलाड़ी थे, जिन्होंने न सिर्फ विजेताओं की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया, बल्कि खिताब जीतने में अहम भूमिका भी निभाई। शायद ही कोई फैन खिताबी मुकाबले की अंतिम गेंद पर उनके शानदार कैच को भूल सके। केरल का यही खिलाड़ी वनडे वर्ल्ड कप 2011 की विजेता टीम का भी हिस्सा था, जिसके बाद फैंस उन्हें 'मलयाली लकी चार्म' कहने लगे थे। साल 2024 में भारत ने दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया, जिसमें केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन विजेता टीम का हिस्सा थे। हालांकि, उस संस्करण में सैमसन को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका था। संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अपनी शुरुआती दो पारियों से फैंस को खासा प्रभावित नहीं कर सके थे, लेकिन अंतिम तीन मुकाबलों में वह भारत की जीत के नायक रहे। सैमसन ने वेस्टइंडीज के विरुद्ध निर्णायक मुकाबले में नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुंचाया। संजू ने खिताबी मैच में भी इतने ही रन बनाकर भारत को ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभाई।

पोलो की शान: जयपुर टीम ने जीता नौवां सीजन टाइटल

जयपुर जयपुर पोलो टीम ने महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह की लीडरशिप में मशहूर एसएमएस गोल्ड वेस में जीत हासिल करते हुए इस सीजन में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। इस टीम ने एक करीबी मुकाबले वाले फाइनल में कृष्णा पोलो को 6-5.5 से हराकर सीजन का अपना नौवां टाइटल जीता। फाइनल एक कड़ा मुकाबला था, जिसमें दोनों टीमों ने चकर्स पर एक-दूसरे के साथ मोमेंटम बदला। जयपुर ने अच्छी शुरुआत की, पहले चकर के आखिर में शुरुआती अटैकिंग प्रेशर के जरिए 2-1.5 की लीड हासिल की। कृष्णा पोलो ने दूसरे चकर में जवाब दिया, जिसमें विशाल सिंह राठौर ने लीड करते हुए अपनी टीम को हाफटाइम तक 3.5-3 की मामूली बढ़त दिलाई। जयपुर ने तीसरे चकर में गियर बदलते हुए पजेशन वापस पा लिया और स्कोरिंग के मौकों का फायदा उठाया। एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने क्लिनिकल फिनिशिंग के साथ अटैक को लीड किया, जिससे टीम 5-3.5 से आगे हो गई। कृष्णा पोलो ने आखिरी चकर में विशाल सिंह राठौर और सिद्धांत सिंह के गोल की मदद से कड़ी चुनौती दी। हालांकि, जयपुर ने आखिरी स्टेज में भी अपना डिफेंस बनाए रखा और गेम को अच्छे से मैनेज करते हुए 6-5.5 से जीत हासिल की और एसएमएस गोल्ड वेस जीता। आरपीसीबी के खिलाफ सेमीफाइनल में, जयपुर ने शुरुआती कमी को पूरा किया, जब आरपीसी ने पहले चकर के आखिर में 3.5-1 की बढ़त ले ली थी। जयपुर ने दूसरे चक्कर में हर्षोद सिंह और योगेंद्र सिंह के गोल की मदद से लगातार जवाब दिया, जिससे हाफटाइम तक स्कोर 4.5-4 हो गया। तीसरे चकर में मोमेंटम काफी बदल गया। जयपुर ने अपना डिफेंस मजबूत किया और पजेशन कंट्रोल किया। दिव्यमान सिंह दुजोद और एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह के गोल की मदद से टीम 5-4.5 से आगे हो गई। जयपुर ने इस मोमेंटम को आखिरी चकर में भी बनाए रखा, अपनी बढ़त को 8-5.5 तक बढ़ाया और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। जयपुर के लिए, हर्षोद्या सिंह और योगेंद्र सिंह ने दो-दो गोल किए, जबकि दिव्यमान सिंह दुजोद ने एक और एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने तीन गोल किए। आरएपीसी की तरफ से तरुण बिलवाल और एलन शॉन माइकल ने दो-दो गोल किए।  

‘हमारी टीम जिम्बाब्वे-यूगांडा तक सीमित’… भारत की जीत पर पाक खिलाड़ी ने अपनी ही टीम का उड़ाया मजाक

नई दिल्ली तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम की चर्चा हर तरफ है। देश में जहां इसे लेकर जश्न के दौर चल रहे हैं वहीं पाकिस्तान में इसे लेकर बहस के सिलसिले चल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड पर भारत की एकतरफा जीत पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर खूब चर्चा कर रहे हैं। कुछ तो भारतीय टीम की जमकर तारीफ कर रहे तो कुछ उसकी कामयाबी को किसी न किसी बहाने से कमतर बताने की कोशिश भी कर रहे। कुछ ऐसे भी हैं जो पाकिस्तानी टीम का ही मखौल उड़ा रहे। पूर्व क्रिकेटर अहमद शहजाद ने तो पाकिस्तानी टीम के मजे लेते हुए कहा कि हम तो सिर्फ जिम्बाब्वे, यूगांडा और केन्या से जीतते हैं। 'हारना मना है' शो पर अहमद शहजाद ने कहा कि भारत टॉप पर है क्योंकि उसने टॉप टीमों के खिलाफ तैयारी की। उन्होंने कहा, ‘वो बी, सी, डी टीम से नहीं खेलते। वो जिम्बाब्वे को हराके या वो यूगांडा को हराके या वो केन्या को हराके और उसके बाद स्टैट्स नहीं दिखा देते कि देखो जी कि ये फलाने हमारे प्लेयर ने इतना कर दिया। नहीं, वो बड़ी टीमों के खिलाफ बड़े मैच खेलते हैं। बड़ी-बड़ी सीरीज खेलते हैं। उनके पास प्लेयर के ऊपर प्लेयर बैठा हुआ है और ये जो फाइनल के अंदर…ये कोई नई बात नहीं है। ये भारत ने कोई पहली बार नहीं किया है। अच्छी टीमें राइट टाइम पर पिक करती हैं। पिछली दो मैच उठाकर देखिए। 250 किए। उनकी जगह पर हम होते तो 180 करते और उसके बाद कहते कि इतना तो कर दिया अब बोलर डिफेंड करे उसको।’ अहमद शहजाद ने ये भी कहा कि पाकिस्तान के पास टैलेंट की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के पास टैलेंट की कमी नहीं है, हमारे सिस्टम में गड़बड़ी है। वहां पर क्या है- टैलेंट भी है और सिस्टम भी है। वे टैलेंट और सिस्टम के थ्रू प्लेयर प्रोड्यूस करते जा रहे हैं। ये प्लेयर कौन हैं? ये वो प्लेयर हैं संजू सैमसन जिसे कभी चांस ही नहीं मिलता। वह मैन ऑफ द सीरीज हो गया वर्ल्ड कप के अंदर। ये वो प्लेयर है ईशान किशन। उसको खिलाते ही नहीं हैं। डिसिप्लिन का कहकर साइड में किया हुआ था। वो भी डोमेस्टिक में परफॉर्म करके यहां आया और जितनी इम्पैक्टफुल इनिंग्स वो खेल रहा है…वह तैयार था। अभिषेक शर्मा कितने प्रेशर में था। उसने शो किया है फाइनल में 21 गेंद में 50 करके कि लो भाई ये लो, हम खड़े हुए हैं।’ टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीता। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत के दोनों ओपनरों संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने तूफानी शुरुआत दी और अनिवार्य पावर प्ले यानी शुरुआती 6 ओवरों में बिना किसी नुकसान के 92 रन ठोक डाले। अभिषेक शर्मा 21 गेंद में 52 रन बनाकर आउट हुए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन की पारी खेली। ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन बनाए। आखिरी ओवर में शिवम दुबे ने 24 रन बटोरे। इस तरह भारत ने 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। प्लेयर ऑफ द मैच रहे जसप्रीत बुमराह ने बहुत की कसी गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 15 रन देकर 4 विकेट चटकाए। अक्षर पटेल ने 3 विकेट झटके। संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया।

संघर्ष से सुपरस्टार तक: Sanju Samson की स्वर्णिम कमबैक स्टोरी

नई दिल्ली साल 2015…केरल से एक खिलाड़ी आता है, जिसे जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जाता है। वे जिम्बाब्वे के दौरे पर जाते हैं। पहले मैच में उनको मौका नहीं मिलता, लेकिन 19 जुलाई 2015 को दूसरे मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाते हैं और अपना इंटरनेशनल डेब्यू कैप हासिल करते हैं। इस मैच में 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं और 24 गेंदों में एक चौके की मदद से 19 रन बनाते हैं। 146 रनों का टारगेट भारत के सामने होता है, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत 135 रनों तक ही पहुंच पाता है और मुकाबला 10 रन से हार जाता है। इस हार का ठीकरा संजू के सिर मढ़ दिया जाता है। इस मैच के बाद संजू सैमसन एक मैच, एक सीरीज या एक साल के लिए ड्रॉप नहीं होते, बल्कि उनको करीब 5 साल और 79 मैचों का इंतजार करना पड़ता है। 10 जनवरी 2020 को 5 साल के बाद उनको फिर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका मिलता है। श्रीलंका के खिलाफ पुणे के मैदान पर वे उतरते हैं। पहली गेंद पर छक्का जड़ते हैं और अगली गेंद पर आउट हो जाते हैं। हालांकि, सीरीज के पहले दो मैचों में उनको नहीं खिलाया जाता है। इसके बाद न्यूजीलैंड की सरजमीं पर उनको टी20 सीरीज के लिए चुना जाता है। वहां वे दो मैच खेलते हैं और ड्रॉप कर दिए जाते हैं, क्योंकि दो मैचों में उन्होंने रन नहीं बनाए होते हैं। फरवरी के बाद दिसंबर में उनको फिर से कुछ मैच खेलने को मिलते हैं, लेकिन फिर से ड्रॉप हो जाते हैं। कमबैक की कहानी जारी रही जुलाई 2021 में फिर से उनको मौका मिलता है। तीन मैच श्रीलंका के खिलाफ खेलते हैं और फ्लॉप रहते हैं और टीम से बाहर हो जाते हैं। फरवरी 2022 में फिर संजू की वापसी होती है। इस बार कुछ रन बनाते हैं। इसके बाद आईपीएल आता है और उसके बाद भी वे टीम में बने रहते हैं, लेकिन जून और अगस्त में वे तीन मैच खेलते हैं। अक्टूबर-नवंबर में टी20 विश्व कप के लिए नहीं चुने जाते हैं। इस दौरान वे सिर्फ एक ही अर्धशतक जड़ पाते हैं। जनवरी 2023 में वे एक मैच खेलते हैं और चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं। अगस्त 2023 में वे फिर से वापस आते हैं और सात मैच खेलते हैं, लेकिन प्रदर्शन अभी भी वैसा नहीं है, जैसा वे आईपीएल या डोमेस्टिक क्रिकेट में कर रहे होते हैं। इस दौरान उनको न तो भारत की वनडे विश्व कप की टीम में मौका मिलता है और न ही एशियन गेम्स के लिए टीम में चुने जाते हैं। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से एक मैच खेलने को मिलता है। हालांकि, आईपीएल के बाद हुए टी20 विश्व कप 2024 के लिए वे टीम में चुन लिए जाते हैं, लेकिन वहां ऋषभ पंत उनसे आगे खेल जाते हैं और पूरे टूर्नामेंट में सैमसन एक भी मैच नहीं खेलते। इसके बाद आता है अक्तूबर 2024, जहां से सैमसन की किस्मत पलटी, लेकिन उस समय उनका करियर भी खत्म हो सकता था। करियर खत्म हो सकता था दरअसल, अक्तूबर में बांग्लादेश की टीम भारत के दौरे पर आती है। सैमसन उस सीरीज में पहले दो मैचों में फ्लॉप होते हैं और कहा जाता है कि आखिरी मैच में उनको मौका नहीं मिलेगा और उनका करियर समाप्त है। अगर उनको आखिरी मैच में मौका मिला और रन नहीं बने तो फिर हमेशा के लिए टीम से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि इतने कमबैक और इतने मौके इंटरनेशनल क्रिकेट में और वह भी भारत जैसी टीम में मिलते नहीं है। अब तक 32 मौके उनको मिले थे, जिनमें दो अर्धशतक उन्होंने जड़े थे। ज्यादातर मैचों में उनका स्कोर सिंगल डिजिट था। बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में भारत आखिरी मैच सीरीज का खेलता है, जो कि संजू सैमसन का करियर डिसाइडिंग मैच था। इस मैच में 47 गेंदों में 111 रन संजू बनाते हैं और अपना करियर बचाते हैं। अगली सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी पहले मैच में संजू के बल्ले से शतक आता है। हालांकि, अगले दो मैचों में फिर से वे शून्य पर आउट हो जाते हैं, लेकिन अच्छी बात ये थी कि चौथे मैच में भी उनके बल्ले से शतक आता है। भारत जीतता चला जाता है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी दमदार नजर आती है। फ्लॉप शो रहा जारी अब जनवरी 2025 आता है, जहां वे इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 51 रन बनाते हैं। इसके बाद भारत को सीधे एशिया कप खेलना था। सितंबर में खेले गए उस एशिया कप में सिलेक्टर ने ओपनर के तौर पर शुभमन गिल को मौका दिया था और उन्हें वाइस कैप्टन बनाया था। संजू को कहा गया कि वे मैच फिनिशर की भूमिका निभाएं, जिसमें वह फेल रहे। ऊपर गिल का भी बल्ला नहीं चला। एक अर्धशतक एशिया कप में संजू ने जड़ा और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 24 रनों की अच्छी पारी खेली, लेकिन उन्हें सराहना नहीं मिली, क्योंकि एक मैच नंबर तीन पर उतरे थे। ऑस्ट्रेलिया का दौरा आता है और अक्तूबर में वे दो मैच वहां खेलते हैं, लेकिन एक में बल्लेबाजी आती है और दो रन ही वे बना पाते हैं और फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर पांच मैचों की टी20 सीरीज में वे ड्रॉप हो जाते हैं। इस दौरान अभिषेक के साथ गिल ओपन करते हैं, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में गिल से ओपनिंग छीनकर संजू को दे दी जाती है, जो फिर से संजू का कमबैक था। उस मैच में वे 22 गेंदों में 37 रन बनाते हैं। इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का चयन होता है। उसी टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी थी। मेन प्लेयर से बैकअप प्लेयर बन गए संजू अब चयनकर्ता शुभमन गिल से आगे बढ़ चुके थे। उनको ड्रॉप किया गया था और ईशान किशन को बतौर बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर टीम में चुना गया था। उपकप्तानी अक्षर पटेल को सौंपी गई थी। संजू सैमसन मेन ओपनर और मेन विकेटकीपर थी। 

आलोचकों को करारा जवाब: गौतम गंभीर बने दो ICC ट्रॉफी जिताने वाले पहले भारतीय कोच

नई दिल्ली खिलाड़ी के तौर पर चमकने के बाद गौतम गंभीर मुख्य कोच के तौर पर भी खुद को साबित कर रहे हैं। 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम की जिम्मेदारी गंभीर को सौंपी थी। गंभीर का मेंटर के तौर पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ कार्यकाल बेहद सफल रहा था, लेकिन जब से उन्हें राष्ट्रीय टीम का जिम्मा सौंपा गया, तभी से उनके फैसलों पर लगातार सवाल उठते रहे।   टेस्ट में फुस्स, सफेद गेंद प्रारूप में मजबूत गंभीर ने टी20 विश्व कप 2024 के बाद मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला था और पहले ही दिन से उन्होंने कड़े फैसले लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। गंभीर पर पक्षपात करने के आरोप लगे और उनकी नीतियों पर सवाल भी खड़े किए गए, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा और वह नियमित रूप से अपना काम करते रहे। गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है और टीम घरेलू मैदान पर भी जीत हासिल नहीं कर पा रही है, लेकिन सीमित ओवर में उन्हें सफलताएं मिली है। द्रविड़ से अलग है शैली गंभीर राहुल द्रविड़ के सफल कार्यकाल के बाद इस पद पर आए थे। उनके सामने कड़ी चुनौतियां थी। गंभीर की शैली द्रविड़ से काफी अलग थी और ऐसी चर्चा होनी शुरू हो गई थी कि उनके विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से रिश्ते क्या बेहतर रहेंगे? कम समय में ही गंभीर के कार्यकाल की आलोचना होने लगी और उनकी शैली पर भी सवाल खड़े किए गए।   टी20 टीम में बदलाव से हुई शुरुआत गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच पद को संभाला था। गंभीर ऐसे समय पद पर आए जब भारत ने द्रविड़ के कार्यकाल में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया था और इस प्रारूप में भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। माना जा रहा था कि हार्दिक पांड्या को टी20 टीम की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन कप्तानी सूर्यकुमार यादव को मिली। यह हैरान करने वाला फैसला था, लेकिन टीम इंडिया में गंभीर का दौर शुरू हो चुका था और संभवतः सूर्यकुमार को कप्तानी मिलने में गंभीर की अहम भूमिका रही। इन दोनों की जोड़ी टी20 में हिट रही। चाहे एशिया कप हो या द्विपक्षीय सीरीज और अब टी20 विश्व कप, इन दोनों के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन दमदार रहा। कोच के तौर पर पहली बार में दिलाया था खिताब तमाम आलोचनाओं और पक्षपात के आरोपों के बीच गंभीर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। भारत ने उस समय पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया था। रोहित शर्मा की कप्तानी और गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। गंभीर ने इस तरह कोच के तौर पर अपने पहले ही आईसीसी टूर्नामेंट में भारत को जीत दिलाई थी। टेस्ट प्रारूप में असफलता पर निशाने पर आए थे कोच गंभीर के नेतृत्व में वनडे और टी20 में तो टीम ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन टेस्ट प्रारूप में भारत का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने पहली टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश को हराया था। इसके बाद भारत का मुकाबला 2024 में न्यूजीलैंड से हुआ था। तीन मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन घरेलू मैदान पर काफी खराब रहा था और टीम इंडिया लंबे समय के बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज हारी। कीवी टीम ने भारत को उसी के घर पर 0-3 से मात दी थी।

टी20 वर्ल्ड कप जीतते ही शोएब अख्तर का अजीब रिएक्शन, ‘अमीर बच्चा-गरीब बच्चा’ बयान से मचा बवाल

नई दिल्ली जली न, तेरी जली न। ये मीम अक्सर सोशल मीडिया पर चलता है। भारत के लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने पर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की जलन पर ये मीम बहुत ही सटीक बैठता है। शायद इससे ज्यादा सटीक कोई मौका हो ही नहीं सकता। टीम इंडिया की जीत से शोएब अख्तर जल भी गए और शायद कन्फ्यूज भी हो गए। एक तरफ वह अमीर बच्चा-गरीब बच्चा वाली कहानी सुनाकर भारत की कामयाबी को कमतर जताने की कोशिश करने लगे। अब्बा डब्बा जब्बा करने लगे। दूसरी तरफ भारतीय टीम की जमकर तारीफ भी की। टीम इंडिया ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से शिकस्त दे दी। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने टी20 विश्व कप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन ठोक डाले। फिर प्लेयर ऑफ द मैच जसप्रीत बुमराह और लोकल बॉय अक्षर पटेल की कातिल गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड की टीम को 19 ओवर में 159 रन पर समेट दिया। पूरे विश्व कप में भारत ने सिर्फ एक मैच हारा। सुपर 8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ। लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसरी बार टी20 विश्व चैंपियन बनकर टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया लेकिन रावलपिंडी एक्सप्रेस को सूर्यकुमार यादव ब्रिगेड की ये कामयाबी शायद ठीक से नहीं पची।   शोएब अख्तर ने टैपमैड शो 'गेम ऑन है' पर भारत की इस ऐतिहासिक जीत पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली लेकिन अंदाज ऐसा रहा जैसे टीम इंडिया की कामयाबी को कमतर जताने की कोशिश कर रहे हों। शोएब अख्तर ने कहा, ‘इंडिया ने कोशिश की, जैसे अमीर बच्चा नहीं होता मोहल्ले में, जो सारे गरीब बच्चों को बुला लेता है कि आओ क्रिकेट खेले। जीतना सिर्फ मैंने है। इंडिया भी वही कर रहा है हमारे साथ। 8 टीम में से 4 रह गई हैं, उनको हराकर कहता है, लो मैं जीत गया। क्रिकेट भी खत्म कर दिया गया।’ अख्तर ने जब ये बात कहते हैं तब शो पर मौजूद दूसरे पैनलिस्ट सना मीर, मोहम्मद हफीज, उमर गुल और सकलैन मुश्ताक हंसने लगते हैं। शोएब अख्तर एक तरफ तो भारत की ऐतिहासिक कामयाबी को हल्के-फुल्के अंदाज में कमतर जताने की कोशिश की लेकिन उसी शो पर दूसरी तरफ चैंपियन टीम की तारीफों के पुल भी बांधे। शोएब अख्तर ने कहा, ‘ये उनकी नीतियों, सिस्टम और मेरिट का सबूत है। ये भी हो सकता था कि पैसे का सही जगह पर इस्तेमाल नहीं होता। गौतम गंभीर ने जोखिम लिया और संजू सैमसन को बीच में लाए। अभिषेक शर्मा युवा है और अक्खड़ है, उसे बहुत कुछ सीखने की जरूरत है लेकिन सैमसन बहुत ही परिपक्व है।’ अख्तर ने भारतीय टीम की तारीफ करते हुए कहा, 'भारत ने दिखाया कि कैसे सही खिलाड़ियों को मौके दिए जाते हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने संन्यास ले लिया था और अब भारत ने विश्व कप जीत लिया।'

टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान: 5 भारतीय खिलाड़ियों की एंट्री, सूर्या और हार्दिक पांड्या को नहीं मिली जगह

नई दिल्ली भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी है। इसी के साथ भारत घर पर और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला भी पहला देश बना है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से रौंदकर यह उपलब्धि हासिल की। ऐसे में लाइवहिंदुस्तान आपके लिए टीम ऑफ द टूर्नामेंट लेकर आया है। 11 खिलाड़ियों की इस टीम में 5 भारतीयों को शामिल किया गया है, जिसमें संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह जैसे मैच विजेता खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली है। आईए एक नजर टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम ऑफ द टूर्नामेंट पर डालते हैं। संजू सैमसन और साहिबजादा फरहान (ओपनर्स) लाइवहिंदुस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट के ओपनर्स के रूप में भारत के संजू सैमसन और पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ियों को प्रदर्शन इस वर्ल्ड कप में लाजवाब रहा। संजू सैमसन ने मात्र 5 मैचों में 321 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं साहिबजादा फरहान ने सबसे अधिक 383 रन बनाकर इतिहास रचा, वह एक टी20 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। साहिबजादा फरहान ने इस वर्ल्ड कप में 2 शतक जड़े। टिम साइफर्ट भी एक ऑप्शन थे, मगर साहिबजादा फरहान उनसे एक कदम आगे रहे। एडन मारक्रम, ईशान किशन और शिवम दुबे (मिडिल ऑर्डर) साउथ अफ्रीका के कप्तान एडन मारक्रम को इस टीम में नंबर-3 पर रखा गया है, साथ ही उन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया है। SA ने मारक्रम की अगुवाई में ही बिना हारे सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, हालांकि न्यूजीलैंड ने एकतरफा मैच में उन्हें हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया। मारक्रम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 286 रन बनाए। वहीं सूर्यकुमार यादव 242 रनों के साथ उनसे पीछे रहे। ईशान किशन और शिवम दुबे का भी चयन इस टीम में हुआ है। किशन ने इस वर्ल्ड कप में 317 रन बनाए, जो संजू सैमसन के बाद किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक है। उनकी पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतकीय पारी भी हर किसी को याद रहेगी। वहीं शिवम दुबे ने इस टूर्नामेंट में 235 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट भी चटकाए। इस वर्ल्ड कप में उनका इंपैक्ट हार्दिक पांड्या से काफी अधिक था। विल जैक्स और सिकंदर रजा (ऑलराउंडर्स) इंग्लैंड के विल जैक्स और जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा को लाइवहिंदुस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में बतौर ऑलराउडर्स चुना गया है। विल जैक्स ने 4 प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतकर इंग्लैंड को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने बल्ले से 226 रन बनाने के साथ-साथ 9 विकेट भी चटकाए थे। वहीं सिकंदर राज की अगुवाई में ही जिम्बाब्वे ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों को हराने में कामयाब रहा। रजा ने इस टूर्नामेंट में 206 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट भी चटकाए। जसप्रीत बुमराह, शैडली वैन शाल्कविक, लुंगी एनगिडी और वरुण चक्रवर्ती जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती संयुक्त रूप से टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज रहे। दोनों को 14-14 विकेट मिले। जसप्रीत बुमराह का इंपैक्ट काफी अलग था, उन्होंने यह 14 विकेट 12.42 की औसत और 6.21 की इकॉमी से रन खर्च करके लिए। वरुण अंत में आते-आते थोड़े महंगे जरूर साबित हुए, मगर विकेट का कॉलम उनका भरा रहा। इसके अलावा अमेरिका के शैडली वैन शाल्कविक और साउथ अफ्रीका के लुंगी एनगिडी को भी टीम में रखा गया है। अमेरिका की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी, मगर शैडली वैन शाल्कविक ने 4 मैचों में ही 13 विकेट चटकाकर हर किसी को हैरान कर दिया था। बुमराह-चक्रवर्ती आखिरी मैच में उनसे आगे निकले में कामयाब रहे। वहीं लुंगी एनगिडी के खाते में 12 विकेट आए, उनका इकॉनमी 7.19 का रहा। टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट- संजू सैमसन, साहिबजादा फरहान, एडन मारक्रम, ईशान किशन, शिवम दुबे, विल जैक्स, सिकंदर रजा, जसप्रीत बुमराह, शैडली वैन शाल्कविक, लुंगी एनगिडी, वरुण चक्रवर्ती

पाकिस्तान की टी20 वर्ल्ड कप में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने 6 नए चेहरों को दिया मौका

इस्लामाबाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश के खिलाफ 11 मार्च से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले लिए गए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 से बाहर होने के बाद बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व कप्तान बाबर आजम को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बाबर ने वर्ल्ड कप के चार मैचों में केवल 91 रन बनाए थे। उनके साथ ही सलामी बल्लेबाज फखर जमान, युवा बल्लेबाज साइम अयूब और स्टार तेज गेंदबाज नसीम शाह को भी टीम में जगह नहीं मिली है। चयनकर्ताओं के इस फैसले को पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। शाहीन शाह अफरीदी टीम की कप्तानी जारी रखेंगे, लेकिन टीम का कलेवर पूरी तरह बदल गया है। इस 15 सदस्यीय टीम में छह अनकैप्ड खिलाड़ियों—शमील हुसैन, मुहम्मद गाजी गोरी, अब्दुल समद, फैसल अकरम, माज सदाकत और साद मसूद को शामिल किया गया है। वहीं, अनुभवी विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान और तेज गेंदबाज हारिस रऊफ की टीम में वापसी हुई है। टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले साहिबजादा फरहान को उनके बेहतरीन फॉर्म का इनाम मिला है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के लिए बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना और टीम में गहराई लाना है। पाकिस्तान टीम में यह बड़ा फेरबदल कई पूर्व क्रिकेटरों की आलोचना और टीम के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए किया गया है। मुख्य चयनकर्ता का मानना है कि केवल प्रदर्शन के आधार पर ही खिलाड़ियों को जगह दी जाएगी। शाहीन अफरीदी के नेतृत्व में यह नई ब्रिगेड बांग्लादेश के खिलाफ अपनी छाप छोड़ने के इरादे से उतरेगी। फिलहाल, बाबर आजम जैसे दिग्गज खिलाड़ी को बाहर रखने के फैसले ने सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में बहस छेड़ दी है। यह सीरीज तय करेगी कि क्या पाकिस्तान की यह नई प्रयोगवादी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से अपना खोया हुआ सम्मान वापस पा सकेगी।