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वर्ल्ड कप 2026 का टिकट पक्का करने मैदान में उतरेगी भारतीय महिला हॉकी टीम

हैदराबाद.  भारत की महिला नेशनल फील्ड हॉकी टीम रविवार से हैदराबाद, तेलंगाना में शुरू हो रहे एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2026 में महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह पक्की करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया शामिल हैं। सभी 8 टीमों को 4-4 के दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स हैं। प्रत्येक ग्रुप से 2-2 टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। फाइनल के अलावा एक कांस्य पदक मैच होगा। टूर्नामेंट में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीमें विश्व कप 2026 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी। इसके अलावा, हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली दुनिया की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी टूर्नामेंट में जगह मिलेगी। आने वाले वर्ल्ड कप में पुरुषों और महिलाओं दोनों के कॉम्पिटिशन में 16 टीमें होंगी, जिसमें हर कैटेगरी में नौ टीमें पहले ही क्वालिफिकेशन हासिल कर चुकी हैं। भारत हैदराबाद में शानदार प्रदर्शन के लिए मजबूत घरेलू समर्थन पर भरोसा करेगा। टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में खेलेगी। भारत अभी दुनिया में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है, जो दुनिया भर में सातवें स्थान पर है। भारत टूर्नामेंट में विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी। इंडियन टीम अपने कैंपेन की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। 9 मार्च और 11 मार्च को स्कॉटलैंड और वेल्स के खिलाफ मैच होंगे। भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक वर्ल्ड कप के आठ एडिशन खेल चुकी है। सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 में रहा था, जब टीम चौथे स्थान पर रही थीं। टूर्नामेंट से पहले, "भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, "हम अपने फैन्स के सामने अपने घर पर क्वालिफायर खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। टीम इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत कर रही है क्योंकि हम जानते हैं कि क्या दांव पर लगा है। यहां हर टीम विश्व कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला कर रही है। हमें शुरू से ही मुश्किल मैचों की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "हैदराबाद में खेलना हमारे लिए बहुत खास होगा। घरेलू दर्शकों का हमेशा प्रेरणा देता है। हमारा फोकस एक बार में एक ही मैच पर रहने और अपना श्रेष्ठ देने पर होगा ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर सकें।"

T20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले बुमराह की चर्चा, न्यूजीलैंड खिलाड़ी ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली. न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने कहा कि जसप्रीत बुमराह विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं, लेकिन उनका भी दिन खराब हो सकता है। फाइनल में यही उनकी टीम की उम्मीद है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। यह खिताबी मुकाबला 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। फाइनल मुकाबले से पहले न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की तारीफ करते हुए कहा कि वह विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं। लेकिन उनका भी दिन खराब हो सकता है। न्यूजीलैंड की टीम को उम्मीद है कि बुमराह की दिन फाइनल में खराब हो सकता है। फिलिप्स ने कहा, “बुमराह एक शानदार गेंदबाज हैं। उनके पास कई वैरिएशन हैं और डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी बेहतरीन रहती है। लेकिन वह भी इंसान हैं। उनका दिन खराब हो सकता है, जैसा हम सब के साथ होता है। हमारा काम है कि ऐसे मौकों का फायदा उठाएं।” टी20 विश्व कप 2026 में बुमराह भारत के स्टार खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए अहम रही। जिसके कारण भारतीय टीम को रन बचाने में काफी आसानी हुई है। बुमराह के खिलाफ मौका का फायदा उठाना होगा फिलिप्स ने आगे बताया कि द्विपक्षीय सीरीज में उन्हें जसप्रीत बुमराह के खिलाफ कुछ हद तक सफलता मिली थी, लेकिन अब फाइनल मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को हर उस मौके का लाभ उठाना होगा, जिसमें बुमराह चूक सकते हैं। उन्होंने कहा, “इंग्लैंड ने कल जिस तरह बुमराह के खिलाफ खेला, आखिरी दो ओवरों में खुद को मौका दिया। हमारी टीम उसी रणनीति को अपनाने की कोशिश करेगी।” भारत के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल से पहले ग्लेन फिलिप्स ने भारत के खिलाफ मुकाबले को अपने देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसी क्रिकेट महाशक्ति के सामने खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए सम्मान की बात है। फिलिप्स ने दोनों टीमों के बीच अंतर को दर्शाते हुए कहा कि उनके देश की आबादी लगभग 50 लाख है, जबकि भारत की जनसंख्या 1.4 अरब से अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभा का विशाल भंडार है और देश आसानी से इतनी मजबूत कई टीमें बना सकता है। ऐसे में उनके खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण और रोमांचक रहेगा।

न्यूजीलैंड के सामने क्यों फेल हो जाता है भारत? टी20 वर्ल्ड कप के चौंकाने वाले आंकड़े

अहमदाबाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। इस बड़े मैच से पहले एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है जो भारतीय टीम की चिंता बढ़ा सकता है। दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। अब तक दोनों टीमों के बीच खेले गए तीनों मुकाबलों में भारत को हार का सामना करना पड़ा है। टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 का रिकॉर्ड टी20 विश्व कप इतिहास में भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक तीन मुकाबले खेले गए हैं और इन सभी में कीवी टीम ने जीत दर्ज की है। यही वजह है कि फाइनल से पहले यह आंकड़ा भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय बन गया है। करीब पांच साल बाद दोनों टीमें टी20 वर्ल्ड कप में आमने-सामने होंगी और भारतीय टीम के पास इस बार अपने पुराने रिकॉर्ड को बदलने का सुनहरा मौका है। 2021 में हुआ था आखिरी मुकाबला टी20 वर्ल्ड कप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच आखिरी मैच 2021 में दुबई में खेला गया था। उस समय टीम इंडिया की कप्तानी विराट कोहली के हाथों में थी और उस मुकाबले में भारत को 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी। हालांकि, पिछले पांच सालों में दोनों टीमों में काफी बदलाव आ चुका है। उस मैच में भारत की ओर से खेलने वाले खिलाड़ियों में से सिर्फ चार खिलाड़ी ही मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। ये खिलाड़ी हैं: ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती। बाकी खिलाड़ी या तो इस फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं या फिर टीम से बाहर हो चुके हैं। 2021 मैच में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन 2021 के मुकाबले में इन चार खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। ईशान किशन – 4 रन हार्दिक पांड्या – 24 गेंद में 23 रन वरुण चक्रवर्ती – कोई विकेट नहीं जसप्रीत बुमराह – 2 विकेट हालांकि मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा है। मौजूदा टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में भारतीय खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के कई खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रहे हैं। ईशान किशन ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया है। जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाजी में कमाल किया है और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी गेंदबाजी जीत की सबसे बड़ी वजह रही। हार्दिक पांड्या ने ऑलराउंडर के रूप में शानदार योगदान दिया है। वरुण चक्रवर्ती का फॉर्म थोड़ा गिरा है, लेकिन वे वापसी करने की क्षमता रखते हैं। इतिहास बदलने का मौका ऐसे में भारतीय टीम के पास फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में पहली जीत दर्ज करने का सुनहरा मौका है। अगर भारत यह मुकाबला जीतता है तो न सिर्फ वह अपने खराब रिकॉर्ड को सुधार लेगा, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब भी अपने नाम कर सकता है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुआई में टीम इंडिया के पास इतिहास रचने और पुराने घावों को भरने का बड़ा मौका है।  

टीम इंडिया के लिए सिरदर्द बने ये 3 स्टार खिलाड़ी, T20 World Cup 2026 में फॉर्म ने बढ़ाई मुश्किलें

नई दिल्ली.  टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंच गई है, लेकिन अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती और अर्शदीप सिंह की खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का कारण बन गई है। टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अपनी जगह बना ली है। भारतीय टीम ने गुरुवार को दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 7 रनों से हराया। भारतीय टीम ने कुल चौथी और लगातार दूसरी बार फाइनल का टिकट हासिल किया है। हालांकि, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती और अर्शदीप सिंह की खराब फॉर्म टीम के लिए सिरदर्द बन गई है। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में वरुण ने अपने 4 ओवर के स्पेल में 64 रन खर्च किए थे और उनके खाते में सिर्फ एक विकेट आया था। वहीं, वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ मैच में भी वरुण काफी महंगे साबित हुए थे। वरुण ने 4 ओवर में 40 रन दिए थे और सिर्फ एक ही विकेट निकाल सके थे। सुपर-8 से वरुण का प्रदर्शन निराशाजनक सुपर-8 राउंड में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी वरुण की कहानी कुछ ऐसी ही रही थी। प्रोटियाज टीम के बल्लेबाजों ने वरुण के 4 ओवर के स्पेल में 47 रन बनाए थे। वरुण के लिए पिछले कुछ मुकाबले बेहद निराशाजनक रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि वरुण बड़ी टीमों और अहम मुकाबलों में छाप नहीं छोड़ सके हैं। अभिषेक शर्मा के लिए अच्छा नहीं रहा है ये वर्ल्ड कप अभिषेक शर्मा के लिए तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 किसी बुरे सपने की तरह रहा है। 7 पारियों में अभिषेक कुल मिलाकर 89 रन ही बना सके हैं। ग्रुप स्टेज में खेले 3 मुकाबलों में अभिषेक का खाता तक नहीं खुल सका था। सुपर-8 राउंड में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभिषेक 15 रन ही बना सके थे। जिम्बाब्वे के खिलाफ अभिषेक ने 30 गेंदों में 55 रनों की दमदार पारी खेली थी। इस पारी के बाद लगा था कि अभिषेक अपने रंग में लौट आए हैं। हालांकि, वेस्टइंडीज और फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ अभिषेक का बल्ला एक बार फिर खामोश रहा। अर्शदीप नहीं छोड़ पाए अपना प्रभाव अर्शदीप सिंह की हालिया फॉर्म भी फाइनल मुकाबले से पहले भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब बन गई है। अर्शदीप ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में अपने 4 ओवर के स्पेल में 51 रन खर्च कर दिए थे। वहीं, वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में भी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने बिना कोई विकेट चटकाए 43 रन दिए थे। टीम इंडिया टी20 विश्व कप 2026 में 5 मुख्य गेंदबाजों के साथ खेलती नजर आई है। यही वजह है कि अर्शदीप की खराब फॉर्म भारतीय टीम का गणित बिगाड़ रही है।

बर्मिंघम में लक्ष्य सेन की स्वर्णिम दौड़, वर्ल्ड नंबर 6 को हराकर ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में एंट्री

बर्मिंघम. भारतीय बैडमिंटन के युवा स्टार लक्ष्य सेन ने ऑल इंग्लैंड ओपन 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। शुक्रवार रात खेले गए क्वार्टरफाइनल मुकाबले में लक्ष्य ने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी और पूर्व चैंपियन चीन के ली शि फेंग को सीधे गेमों में 21-13, 21-16 से शिकस्त दी। ठीक एक घंटे चले इस कड़े मुकाबले में लक्ष्य ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और लंबी रैलियों के बीच धैर्य बनाए रखा। इस जीत के साथ ही लक्ष्य अब प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड खिताब जीतने से महज दो कदम दूर रह गए हैं। 2022 के फाइनलिस्ट रहे 24 वर्षीय लक्ष्य सेन इस टूर्नामेंट में बचे एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। उनके अन्य साथी खिलाड़ी पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे, जबकि स्टार शटल पैल पीवी सिंधु मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण बर्मिंघम नहीं पहुंच सकीं। लक्ष्य ने अपने अभियान की शुरुआत डिफेंडिंग चैंपियन शि यू की को हराकर की थी, जिससे उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। ली शि फेंग के खिलाफ मिली इस जीत ने उनके ‘हेड टू हेड’ रिकॉर्ड को भी बेहतर कर दिया है। अब सेमीफाइनल में लक्ष्य का मुकाबला कनाडा के विक्टर लाई से होगा, जिन्होंने जापानी खिलाड़ी को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है। मैच के बाद लक्ष्य सेन ने बताया कि लंबी रैलियों के कारण दोनों खिलाड़ी शारीरिक रूप से थक रहे थे, लेकिन कोच की सलाह पर उन्होंने अपनी गलतियों को कम किया और जीत पक्की की। लक्ष्य ने फिलहाल खिताब के बारे में सोचने के बजाय अपना पूरा ध्यान रिकवरी पर केंद्रित करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य एक समय में एक ही मैच पर ध्यान देना है। भारतीय खेल प्रेमी अब रविवार को होने वाले संभावित फाइनल की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जहाँ लक्ष्य भारत के लिए वर्षों पुराना सूखा खत्म कर इतिहास रच सकते हैं।

वर्ल्ड कप में जिंक्स तोड़ने का प्लान! टीम इंडिया ने बदला 2023 वाला होटल-ड्रेसिंग रूम, अहमदाबाद में नया टोटका

अहमदाबाद.  आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट ने एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक बदलाव किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की कड़वी यादों को पीछे छोड़ने के लिए टीम इंडिया ने इस बार अहमदाबाद में अपना होटल बदल दिया है। इतना ही नहीं, नरेंद्र मोदी स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम को लेकर भी ‘टोटका’ अपनाया गया है। इस बार भारतीय खिलाड़ी उस ड्रेसिंग रूम का उपयोग करेंगे जो आमतौर पर विपक्षी टीम के लिए होता था, जबकि ‘होम’ ड्रेसिंग रूम न्यूजीलैंड को दिया गया है। टीम का मानना है कि इन बदलावों से पिछले साल वाली ‘नकारात्मकता’ या ‘जिंक्स’ को तोड़ने में मदद मिलेगी। टीम इंडिया की रणनीति में इस बार तकनीकी कौशल के साथ-साथ आध्यात्मिक पहलुओं का भी समावेश दिख रहा है। हाल ही में मुंबई में अभ्यास सत्र के दौरान टीम ने चंद्र ग्रहण के कारण अपनी प्रैक्टिस 45 मिनट देरी से शुरू की थी। प्रशंसकों और विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित शर्मा की अगुवाई वाली यह टीम किसी भी शुभ-अशुभ संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। अहमदाबाद के इस विशाल मैदान पर भारत का रिकॉर्ड काफी मजबूत है, जहाँ टीम ने अब तक खेले 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 7 में जीत हासिल की है। 70 प्रतिशत के इस शानदार जीत रिकॉर्ड के साथ भारतीय टीम मैदान पर उतरने को बेताब है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच और माहौल भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल है, लेकिन 2023 की हार का साया अभी भी फैंस के जहन में है। टीम इंडिया ने अपनी तैयारी को इतना पुख्ता किया है कि ड्रेसिंग रूम से लेकर होटल तक सब कुछ नया रखा गया है ताकि खिलाड़ी नए जोश के साथ मैदान पर उतरें। संजू सैमसन और ईशान किशन की शानदार फॉर्म के साथ, भारत इस बार कीवी टीम को मात देकर अपनी चौथी आईसीसी ट्रॉफी उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रविवार को होने वाले इस महामुकाबले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, जहाँ टीम इंडिया इतिहास रचने से अब बस एक कदम दूर है।

फाइनल में कीवी दीवार! T20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड से कभी नहीं जीता भारत

नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल भारत और न्यूजीलैंड के बीच 8 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद, में होना है। मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा। सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को और न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। भारत के लिए फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला बेहद मुश्किल है। इसकी वजह टी20 विश्व कप का इतिहास है, जो न्यूजीलैंड के पक्ष में है। भारतीय टीम टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ कभी नहीं जीती है। दोनों देशों के बीच अब तक 3 मैच खेले गए हैं और तीनों ही मैचों में न्यूजीलैंड को जीत मिली है। दोनों देशों के बीच पहला मुकाबला टी20 विश्व कप 2007 के दौरान खेला गया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने सभी विकेट खोकर 190 रन बनाए थे। भारतीय टीम 180 रन बना सकी थी और 10 रन से मैच हार गई। दूसरा मैच टी20 विश्व कप 2016 में खेला गया था। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 126 रन बनाए थे। भारतीय टीम 79 रन पर सिमट गई और 47 रन से मैच हार गई। दोनों टीमों की टी20 विश्व कप की तीसरी और आखिरी मुलाकात 2021 विश्व कप के दौरान हुई थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 110 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड ने 2 विकेट के नुकसान पर 111 रन बनाकर मैच 8 विकेट से जीत लिया था। इस तरह टी20 विश्व कप में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली जीत का इंतजार है। ओवरऑल आंकड़े पर गौर करें तो टी20 में भारतीय टीम का न्यूजीलैंड के खिलाफ पलड़ा भारी है। दोनों देशों के बीच अब तक 30 मैच खेले गए हैं। भारतीय टीम ने 18 मैच जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 11 मैचों में सफलता मिली है। 1 मैच टाई रहा है। विश्व कप से पहले भी न्यूजीलैंड और भारत के बीच 5 मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज खेली गई थी। भारतीय टीम ने अपने घर में हुई इस सीरीज में न्यूजीलैंड को 4-1 से मात दी थी। टीम इंडिया के पास न्यूजीलैंड को 8 मार्च को हराकर जीत का इंतजार समाप्त करने और बैक-टू-बैक टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली पहली टीम बनने का अवसर है।

क्रिकेट के मैदान से बिजनेस पिच तक: राहुल द्रविड़ और आर अश्विन की यूरोपियन टी20 लीग में बड़ी प्लानिंग

नई दिल्ली दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और रविचंद्रन अश्विन उस भारतीय समूह का हिस्सा हैं जो यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) में एक फ्रेंचाइजी खरीदने जा रहा है। गर्मियों में होने वाले छह टीमों के टूर्नामेंट में ग्लासगो स्थित फ्रेंचाइजी को खरीदने के लिए इस समूह ने एक समझौते पर सहमति जताई है। दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और रविचंद्रन अश्विन उस भारतीय समूह का हिस्सा हैं जो यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) में एक फ्रेंचाइजी खरीदने जा रहा है।  रिपोर्ट के अनुसार गर्मियों में होने वाले छह टीमों के टूर्नामेंट में ग्लासगो स्थित फ्रेंचाइजी को खरीदने के लिए इस समूह ने एक समझौते पर सहमति जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईटीपीएल नीदरलैंड के रॉटरडैम स्थित अपनी फ्रेंचाइजी को भी दक्षिण अफ्रीका के निवेशकों के एक समूह को बेचने की तैयारी में है। इस समूह में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी फाफ डुप्लेसी, हेनरिक क्लासेन और जोंटी रोड्स भी शामिल हैं। संभावना है कि इस महीने के आखिर में एक कार्यक्रम में दोनों फ्रेंचाइजी की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। एम्स्टर्डम, बेलफास्ट और एडिनबर्ग में स्थित ईटीपीएल फ्रेंचाइजी को जनवरी में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के निवेशकों को बेच दिया गया था। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि अश्विन ईटीपीएल में खेलेंगे या नहीं। इस 39 वर्षीय खिलाड़ी ने दिसंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग से संन्यास ले लिया था। अब वह वैश्विक फ्रेंचाइजी लीग में खेलने के लिए स्वतंत्र हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अश्विन की भागीदारी बेहद दिलचस्प है। इससे उनके ईटीपीएल में खेलने की संभावना बन गई है, जो आयोजकों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।’ अश्विन ने भारत के लिए 106 टेस्ट, 116 वनडे और 65 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और कुल 765 विकेट लिए। द्रविड़ पूर्व में स्कॉटलैंड की क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और माना जा रहा है कि यही कारण है कि उन्होंने ग्लासगो स्थित फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ने का फैसला किया। स्कॉटलैंड जब इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में भाग लेता था तब द्रविड़ 2003 में उसके लिए खेले थे। भारत के दिग्गज बल्लेबाज द्रविड़ ने नेशनल क्रिकेट लीग में 11 मैच खेले, जिसमें उन्होंने तीन शतकों सहित 600 रन बनाए। द्रविड़ ने भारत के लिए 164 टेस्ट और 344 वनडे मैच खेले। उन्होंने इनमें 48 शतकों सहित 24,000 से अधिक रन बनाए। वह नवंबर 2021 से जून 2024 तक भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच भी रहे।  

अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म टीम इंडिया पर भारी? फाइनल में प्लेइंग-XI से कट सकता है पत्ता

मुंबई अभिषेक शर्मा की खराब फार्म को लेकर जताई जा रही चिंता अब खुलकर आलोचना में बदल गई है। इसके बावजूद पूरी संभावना है कि वह टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को होने वाले फाइनल में अंतिम एकादश बने रहेंगे क्योंकि भारत जीत हासिल करने वाली अपनी टीम में बदलाव नहीं करना चाहता है। इस टूर्नामेंट में भारत के दो सलामी बल्लेबाजों की किस्मत एकदम से विपरीत रही। जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो अभिषेक को शीर्ष क्रम में मजबूत आधार माना जा रहा था जबकि संजू सैमसन के स्थान को लेकर सवाल बने हुए थे और कहा जा रहा था कि यह प्रतियोगिता उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर आठ के करो या मरो वाले मुकाबले ने परिस्थितियों में काफी बदलाव कर दिया है। सैमसन ने पिछले दो मैच में शानदार प्रदर्शन किया जिससे अब सभी का ध्यान अभिषेक की फॉर्म पर केंद्रित हो गया है। इस बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को पूरे टूर्नामेंट में लय हासिल करने में काफी संघर्ष करना पड़ा है। अपने पिछले छह मैचों में उन्होंने क्रमशः 0, 0, 0, 15, 10 और 9 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक को छोड़कर उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन फाइनल मुकाबले के लिए शीर्ष क्रम में कोई बदलाव नहीं करना चाहता है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद अभिषेक के सलामी जोड़ीदार सैमसन ने कहा, ‘हम अपने सभी खिलाड़ियों का ध्यान रख रहे हैं। जीजी (मुख्य कोच गौतम गंभीर) भाई और सूर्या (कप्तान सूर्यकुमार यादव) को अभिषेक पर पूरा भरोसा है।’ मुंबई में पहले लीग मैच के बाद अभिषेक के पेट में संक्रमण हो गया था जिसके लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। इससे उनका वजन कम हो गया और प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण चरण के दौरान उनकी लय बिगड़ गई। यही नहीं विरोधी टीमों ने उसे शांत रखने का स्पष्ट तरीका ढूंढ लिया है। कप्तानों ने बार-बार उनके खिलाफ शुरुआती ओवरों में धीमी गति के गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है, विशेषकर ऑफ स्पिनरों और बाएं हाथ के स्पिनरों का। इससे उन्हें पारी की शुरुआत में वह गति नहीं मिल पाती जिसके साथ वे खेलना पसंद करते हैं। इस कारण वह जल्द ही पवेलियन लौटते रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ पावरप्ले में उन्होंने ऑफ स्पिनर पर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को हवा में लहरा दिया। नीदरलैंड के खिलाफ ऑफ स्पिनर ने उन्हें कोण लेती गेंद पर आउट किया। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी धीमी गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश में वह फिर से जल्दबाजी कर बैठे और मनचाहा शॉट नहीं लगा पाए। एक और तकनीकी पहलू उनके बल्ले के डाउनस्विंग की गति है। जब गेंद तेजी ये आती है तो तेज डाउनस्विंग के कारण उन्हें धीमी गेंदों से तालमेल बिठाने में मुश्किल हो सकती है। भारत के पास रिंकू सिंह को टीम में शामिल करने का विकल्प है लेकिन इससे बल्लेबाजी संयोजन पर असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में रिंकू को सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है और तब वह अच्छा प्रभाव छोड़ पाएंगे इसकी संभावना कम है। फिलहाल भारतीय टीम प्रबंधन उस भी संयोजन को बरकरार रखने के लिए तैयार दिख रहा है जिसने उसे फाइनल में पहुंचाया।  

वीनस विलियम्स पहले दौर में बाहर

इंडियन वेल्स सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स का वापसी के बाद खराब प्रदर्शन जारी है और उन्हें यहां बीएनपी पारिबास ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा। वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाली 45 वर्षीय वीनस को पहले दौर में फ्रांस की डायने पैरी ने 6-3 6-7(4) 6-1 से हराया। इस तरह से वीनस अपने पिछले आठ डब्ल्यूटीए मैच हार चुकी हैं। वीनस ने दूसरे सेट में अच्छा खेल दिखाया लेकिन विश्व रैंकिंग में 111वें स्थान पर काबिज 23 वर्षीय पैरी ने तीसरे सेट में फिर से नियंत्रण बना दिया और आसानी से जीत दर्ज की। वीनस ने जनवरी में ऑस्ट्रेलियाई ओपन में भाग लिया था लेकिन एकल और युगल दोनों में पहले दौर में ही हार गईं थी।