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India AI Summit पर लूला हुए प्रभावित, बोले- टेक्नोलॉजी से बदल रही दुनिया की दिशा

नई दिल्ली ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने भारत के बाइनरी ज्ञान को सलाम करते हुए इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट की प्रशंसा की। गुरुवार को उन्होंने कहा कि समिट के साथ ही डिजिटल वर्ल्ड अपने घर पहुंच गया है। भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठे ब्राजील के राष्ट्रपति ने इस ऐतिहासिक समारोह की तारीफ की, जो ऐसे समय में हो रहा है, जब उनके अनुसार समाज एक चौराहे पर खड़ा है। राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ब्राजील के लिए, भारत सरकार द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट में भाग लेना खुशी की बात है; यह पहली बार ग्लोबल साउथ में आयोजित किया गया है।" उन्होंने आगे कहा, "यहां दिल्ली में, डिजिटल दुनिया अपनी भूमि पर लौट आई है। यह भारतीय गणितज्ञ थे जिन्होंने हमें 2,000 साल से भी पहले बाइनरी सिस्टम दिया था, जो आधुनिक कंप्यूटिंग को बनाने के काम आया। हम अपने समय की सबसे बड़ी दुविधाओं में से एक पर चर्चा करने के लिए वापस आए हैं। हमारे समाज खुद को एक चौराहे पर पा रहे हैं। चौथी औद्योगिक क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है जबकि मल्टीलेटरलिज्म खतरनाक रूप से पीछे हट रहा है। इसी संदर्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ग्लोबल गवर्नेंस एक स्ट्रेटेजिक भूमिका निभाता है।" अपने 18-22 फरवरी के राजकीय दौरे के दौरान, राष्ट्रपति लूला दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और 21 फरवरी को पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। "हर हाई-इम्पैक्ट टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन का दोहरा नेचर होता है। यह हमारा नैतिक और राजनीतिक सवालों से सीधा साक्षात्कार कराता है। एविएशन, एटम का इस्तेमाल, जेनेटिक इंजीनियरिंग, और स्पेस रेस इसके उदाहरण हैं। वे सबका भला कर सकते हैं या उस पर दुष्प्रभाव भी डाल सकते हैं।" उन्होंने कहा, "एल्गोरिदम सिर्फ मैथमेटिकल कोड के एप्लीकेशन नहीं हैं जो डिजिटल दुनिया को सहारा देते हैं। वे एक कॉम्प्लेक्स पावर स्ट्रक्चर का हिस्सा हैं। सबकी मदद के बिना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पुरानी असमानताओं को और गहरा कर देगा। कम्प्यूटेशनल क्षमताएं, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल सभी जरूरी चीजें हैं।" इससे पहले, लूला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इम्पैक्ट पर समिट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से मीटिंग की। मुलाकात के बाद प्रेसिडेंट लूला ने एक्स पर पोस्ट किया, "पिचाई ने गूगल के लिए ब्राजील की अहमियत, देश में कंपनी के इन्वेस्टमेंट, साओ पाउलो में इंजीनियरिंग सेंटर खोलने और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों और पब्लिक सेक्टर के साथ पार्टनरशिप के बारे में बात की। हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ब्राजील का विजन, डिजिटल पब्लिक सर्विसेज के क्षेत्र में सरकार के एक्शन, ब्राजीलियन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लान और डेटा सेंटर्स में इन्वेस्टमेंट लाने का प्लान पेश किया।"

भारत का AI भविष्य उज्ज्वल: सैम ऑल्टमैन बोले– प्रतिभा और टेक्नोलॉजी का मजबूत संगम

नई दिल्ली ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने गुरुवार को कहा कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने में असाधारण वृद्धि देखी जा रही है, और उन्होंने भारत को कंपनी के लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बताया। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान मीडिया से बातचीत में ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में एआई के अवसर बेहद शानदार हैं और यहां आकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। संभव है कि इस समय यह सबसे तेज हो। खासकर कोडेक्स के लिए यह निश्चित रूप से सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है।" ऑल्टमैन ने बताया कि भारत में अब चैटजीपीटी के 10 करोड़ से अधिक साप्ताहिक यूजर्स हैं, जिनमें छात्र, शिक्षक, डेवलपर और उद्यमी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "हर हफ्ते 10 करोड़ से अधिक लोग चैटजीपीटी का उपयोग कर रहे हैं।" ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में जिस पैमाने और गति से एआई को अपनाया जा रहा है, वह वैश्विक एआई इकोसिस्टम में देश की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इससे पहले उन्होंने समिट में 'ओपेनएआई फॉर इंडिया' पहल की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य भारत में एआई समाधान विकसित करने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना, कौशल विकास को मजबूत करना और स्थानीय साझेदारियों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य "भारत के साथ, भारत के लिए और भारत में एआई का निर्माण करना है।" इस पहल के तहत ओपनएआई भारत के प्रमुख साझेदारों के साथ सहयोग करेगा, जिसकी शुरुआत टाटा ग्रुप से होगी, ताकि एआई तक पहुंच बढ़ाई जा सके और इसके आर्थिक व सामाजिक लाभों को खोला जा सके। यह साझेदारी सॉवरेन एआई क्षमताओं के निर्माण, उद्योगों में एआई अपनाने को तेज करने, कार्यबल को प्रशिक्षित करने और भारत के बढ़ते एआई इकोसिस्टम को समर्थन देने पर केंद्रित होगी। ओपनएआई की वैश्विक स्टारगेट पहल के तहत कंपनी और टाटा ग्रुप मिलकर भारत में एआई-तैयार डेटा सेंटर क्षमता विकसित करेंगे। ओपनएआई, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के हाइपरवॉल्ट डेटा सेंटर व्यवसाय का पहला ग्राहक बनेगा। शुरुआत 100 मेगावाट क्षमता से होगी, जिसे समय के साथ बढ़ाकर 1 गीगावाट तक किया जा सकता है। ऑल्टमैन ने कहा कि भारत की मजबूत तकनीकी प्रतिभा, एआई को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण और सरकारी समर्थन देश को बड़े पैमाने पर लोकतांत्रिक एआई अपनाने के भविष्य को आकार देने की स्थिति में रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बुनियादी ढांचा ओपनएआई के उन्नत मॉडलों को भारत के भीतर सुरक्षित रूप से संचालित करने में सक्षम बनाएगा। इससे कम विलंब (लो लेटेंसी) और डेटा सुरक्षा व स्थानीय डेटा नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

त्योहार पर बढ़ी भीड़ को देखते हुए बड़ा फैसला: मुंबई से बिहार और पूर्वांचल के लिए 30 अतिरिक्त ट्रेनें

 नई दिल्ली होली के त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 30 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन सेवाएं शुरू करने का फैसला किया है। इनमें से 8 ट्रेनें लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से सुल्तानपुर और वाराणसी के बीच चलाई जा रही हैं, जबकि 22 ट्रेनें रक्सौल, सहरसा और धनबाद के लिए पहले से चल रही सेवाओं का विस्तार हैं। यह व्यवस्था यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और भीड़ कम करने के लिए की गई है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से सुल्तानपुर के बीच चार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। ट्रेन नंबर 04211 होली स्पेशल 27.02.2026 और 03.03.2026 को मुंबई से दोपहर 14:35 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 23:00 बजे सुल्तानपुर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 04212 26.02.2026 और 02.03.2026 को सुल्तानपुर से सुबह 04:00 बजे निकलेगी और अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी। इसी तरह वाराणसी के लिए चार स्पेशल ट्रेनें हैं। ट्रेन नंबर 04225 26.02.2026 और 02.03.2026 को मुंबई से दोपहर 14:35 बजे रवाना होगी और तीसरे दिन सुबह 02:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 04226 25.02.2026 और 01.03.2026 को वाराणसी से सुबह 01:35 बजे निकलेगी और अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी। इन ट्रेनों में ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, चालीसगांव, पचोरा, भुसावल, खंडवा, इटारसी जंक्शन, रानी कंपलपति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ओराई, कानपुर सेंट्रल और लखनऊ जैसे प्रमुख स्टेशन पड़ाव हैं। वाराणसी वाली ट्रेनों में सुल्तानपुर और जौनपुर सिटी भी शामिल हैं। प्रत्येक ट्रेन में 16 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी कोच और 2 जनरेटर वैन हैं। इसके अलावा रक्सौल, सहरसा और धनबाद के लिए पहले से चल रही ट्रेनों को होली स्पेशल के रूप में बढ़ाया गया है। मुंबई से रक्सौल के बीच ट्रेन नंबर 05558 पहले हर गुरुवार को चलती थी, अब इसे 12.03.2026 से 02.04.2026 तक बढ़ाया गया है। वापसी में ट्रेन नंबर 05557 10.03.2026 से 31.03.2026 तक चलेगी। कुल 8 स्पेशल सेवाएं हैं। इनमें 1 फर्स्ट कम एसी टू-टियर, 2 एसी टू-टियर, 6 एसी थ्री-टियर, 7 स्लीपर क्लास, 4 जनरल सेकंड क्लास, 1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन और 1 जनरेटर कार हैं। मुंबई से सहरसा के बीच ट्रेन नंबर 05586 हर रविवार को चलती है: अब इसे 08.03.2026 से 29.03.2026 तक बढ़ाया गया है। वापसी में ट्रेन नंबर 05585 06.03.2026 से 27.03.2026 तक चलेगी। कुल 8 स्पेशल सेवाएं हैं। इनमें 2 एसी टू-टियर, 6 एसी थ्री-टियर, 2 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी, 6 स्लीपर क्लास, 4 जनरल सेकंड क्लास, 1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन और 1 जनरेटर कार हैं। धनबाद के लिए ट्रेन नंबर 03380 हर गुरुवार को चलती है और अब 12.03.2026 से 26.03.2026 तक बढ़ाई गई है। वापसी में ट्रेन नंबर 03379 10.03.2026 से 24.03.2026 तक चलेगी। कुल 6 स्पेशल सेवाएं हैं। इनमें 2 एसी टू-टियर, 2 एसी थ्री-टियर, 6 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी, 6 स्लीपर क्लास, 4 जनरल सेकंड क्लास, 1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन और 1 जनरेटर कार हैं। इन ट्रेनों के समय और पड़ाव में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरक्षण की जानकारी: ट्रेन नंबर 05558, 05586 और 03380 के विस्तारित सफर के लिए बुकिंग 20.02.2026 से शुरू हो गई है। एसी स्पेशल ट्रेन नंबर 04211 और 04225 के लिए बुकिंग 22.02.2026 से खुलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय पर बुकिंग करें और स्पेशल ट्रेनों का लाभ उठाएं। यह व्यवस्था होली के दौरान पूर्वांचल, बिहार और झारखंड जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत देगी।

माता वैष्णो देवी भवन में वीडियो बनाना हुआ प्रतिबंधित, नए नियम के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

जम्मू कश्मीर माता वैष्णो देवी को आदिशक्ति मां दुर्गा का एक प्रमुख स्वरूप माना जाता है। उनका प्राचीन मंदिर त्रिकुटा पर्वत की प्राकृतिक गुफा में स्थित है और हर साल बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए जम्मू कश्मीर आते हैं। मंदिर के भवन, गर्भगृह और पवित्र गुफा में फोटो और वीडियो बनाने की मनाही है। बावजूद इसके, कई लोग नियम तोड़कर वीडियो बनाने की कोशिश करते हैं। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर युवती ने हिडन कैमरे का इस्तेमाल कर मंदिर के भवन की वीडियो बनाई और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के सुरक्षा स्टाफ ने नया निर्देश जारी किया है। नियम तोड़ने पर कड़ी सजा सूत्रों के अनुसार, पुलिस और श्राइन बोर्ड का सुरक्षा स्टाफ मंदिर में तीन-परत सुरक्षा जांच कर रहा है। अगर कोई श्रद्धालु गुप्त कैमरा या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ मंदिर में पाया जाता है, तो उसे कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कटरा से लेकर मंदिर तक हर श्रद्धालु की बारीकी से जांच की जाएगी। मंदिर में वीडियो क्यों नहीं बन सकता? मंदिर प्रशासन के मुताबिक, फोटो और वीडियो पर प्रतिबंध मंदिर की सुरक्षा, मर्यादा और श्रद्धालुओं की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर लगाया गया है। यहां तक कि वीआईपी और वीवीआईपी श्रद्धालुओं को भी भवन के अंदर वीडियो या फोटो बनाने की अनुमति नहीं है। युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज पिछले हफ्ते, व्यूज के लालच में एक कंटेंट क्रिएटर युवती ने अपने चश्मे में हिडन कैमरे से मंदिर के भवन की वीडियो बनाई और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद SMVDSB ने पुलिस में युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। श्राइन बोर्ड और पुलिस अब लोगों को साफ चेतावनी दे रहे हैं कि मंदिर में नियम तोड़ना भारी पड़ सकता है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा का सम्मान करें और फोटो या वीडियो बनाने से बचें।  

वैष्णो देवी यात्रा के नए नियम लागू: भवन परिसर में वीडियो बनाना पड़ा भारी, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

नई दिल्ली वैष्णो देवी मंदिर को आदिशक्ति मां दुर्गा का पावन स्वरूप माना जाता है। यह प्राचीन धाम जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित प्राकृतिक गुफा में विराजमान है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर के भवन, गर्भगृह और पवित्र गुफा में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध है, फिर भी कुछ लोग नियमों की अनदेखी करने की कोशिश करते हैं। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर युवती ने छिपे हुए कैमरे की मदद से मंदिर परिसर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सुरक्षा टीम ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब मंदिर परिसर में तीन-स्तरीय सुरक्षा जांच की जा रही है। यदि कोई श्रद्धालु गुप्त कैमरा या किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर अंदर प्रवेश करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। कटरा से लेकर भवन तक मार्ग में भी यात्रियों की कड़ी निगरानी की जाएगी।   क्यों है वीडियोग्राफी पर रोक ? मंदिर की सुरक्षा, धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की निजता को ध्यान में रखते हुए भवन और गर्भगृह में फोटो या वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू है चाहे सामान्य श्रद्धालु हों या वी.आई.पी/वी.वी.आई.पी। युवती के खिलाफ दर्ज हुई F.I.R सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद श्राइन बोर्ड ने संबंधित युवती के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। बताया जा रहा है कि उसने अपने चश्मे में छिपे कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

ईरान में बदलाव की आहट? अमेरिकी सांसद का दावा – खामेनेई के पास अब कोई विकल्प नहीं

वॉशिंगटन अमेरिका किसी भी वक्त ईरान पर हमला कर सकता है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार इस बारे में संकेत दे चुके हैं। अमेरिकी हमले की आशंका के बीच मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने तैयारी के लिए कई खतरनाक फाइटर जेट्स, युद्धपोत को तैनात कर दिया है। इस बीच, अमेरिकी सीनेटर (सांसद) ने दो टूक कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई का राज खत्म हो चुका है और उनके पास अब सत्ता छोड़ने का ही एक ऑप्शन बचा है। अमेरिकी सीनेटर टेड क्रूज ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के पास सिर्फ एक ऑप्शन है, और वह है सत्ता छोड़ना। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में क्रूज ने कहा, “उनका राज खत्म हो चुका है। उन्हें फिर से बनाने के लिए समय चाहिए। मुझे नहीं लगता कि प्रेसिडेंट ट्रंप इसके झांसे में आएंगे। मुझे लगता है कि अयातुल्ला सिर्फ यही डील कर सकते हैं कि, मैं यहां से जा रहा हूं। मुझे जाने दो। मुझे रूस जाने दो। मुझे यहां के अलावा कहीं और जाने दो।” उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना ​​है कि न्यूक्लियर प्रोग्राम के मामले में कोई डील नहीं हो सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान कभी भी किसी भी जगह, कहीं भी, किसी भी समय इंस्पेक्शन के लिए राजी नहीं हुआ था। बता दें कि सीएनएन की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया हैकि ईरान परमाणु वार्ताओं में अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांगों को लगातार खारिज करता रहा तो अमेरिका उसके खिलाफ जल्द ही सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। व्हाइट हाउस को अवगत कराया गया है कि पश्चिमी एशिया में हाल के दिनों में वायु और नौसैनिक संसाधनों की बड़ी तैनाती के बाद अमेरिकी सेना सप्ताहांत तक संभावित हमले के लिए तैयार हो सकती है। एक सूत्र ने यह भी बताया कि ट्रंप निजी तौर पर सैन्य कार्रवाई के पक्ष और विपक्ष दोनों में तर्क दे चुके हैं तथा सर्वोत्तम विकल्प पर सलाहकारों और सहयोगियों से राय ले रहे हैं। पश्चिमी एशिया में अमेरिका की व्यापक सैन्य तैनाती इस ओर संकेत करती है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बमबारी अभियान शुरू करने की तैयारी कर सकता है। क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या और संसाधन ऐसे बड़े पैमाने के अभियान के लिए पर्याप्त बताये जा रहे हैं, जो कई सप्ताह तक चल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही अमेरिका ने 50 अतिरिक्त एफ-35, एफ-22 और एफ-16 लड़ाकू विमान क्षेत्र में तैनात किए हैं। इसके अलावा एक और विमानवाहक पोत के क्षेत्र की ओर रवाना होने तथा पहले से सैकड़ों स्ट्राइक, समर्थन और कमांड विमानों की मौजूदगी को देखते हुए यह तैनाती असामान्य मानी जा रही है।  

SpiceJet की उड़ानों पर रोक: बांग्लादेश के फैसले के पीछे क्या है कारण?

ढाका हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया, सूत्रों ने बताया कि बकाया भुगतान न करने के कारण बांग्लादेश ने एयरलाइन को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया है। बकाया राशि के स्वरूप के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। बांग्लादेश ने स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोक दिया है क्योंकि बजट एयरलाइन ने अभी तक बकाया भुगतान नहीं किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। बांग्लादेशी हवाई क्षेत्र उपलब्ध न होने के कारण, एयरलाइन कोलकाता से गुवाहाटी सहित कुछ उड़ानों के लिए लंबे मार्ग अपना रही है। संपर्क करने पर, स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि एयरलाइन परिचालन और प्रक्रियात्मक मामलों पर संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है, जिसमें दिशा-निर्देशन संबंधी शुल्क भी शामिल हैं। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ''ये उद्योग से जुड़े सामान्य मुद्दे हैं और हम इनका शीघ्र समाधान निकालने के लिए रचनात्मक रूप से काम कर रहे हैं। हमारी उड़ान सेवाएं अप्रभावित हैं और हम नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखे हुए हैं।'' हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया, सूत्रों ने बताया कि बकाया भुगतान न करने के कारण बांग्लादेश ने एयरलाइन को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया है। बकाया राशि के स्वरूप के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इस मुद्दे पर टिप्पणी मांगने के लिए बांग्लादेश नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएबी) को भेजे गए ईमेल का भी तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। बृहस्पतिवार को फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों से पता चला कि कोलकाता से गुवाहाटी और इंफाल जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ानें बांग्लादेश के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर रही थीं और गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबे मार्ग अपना रही थीं। दोपहर के कारोबार में, बीएसई पर स्पाइसजेट के शेयर लगभग एक प्रतिशत गिरकर 16.81 रुपये पर आ गए। पिछले सप्ताह, स्पाइसजेट ने दिसंबर 2025 में समाप्त तीन महीनों में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा होने की सूचना दी, क्योंकि लागत में वृद्धि और एकमुश्त खर्चों ने बजट एयरलाइन के मुनाफे पर भारी असर डाला।  

एपस्टीन विवाद ने पकड़ा तूल, किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्रयू गिरफ्तार

ब्रिटेन एपस्टीन मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स के छोटे भाई पूर्व प्रिंस एंड्रयू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ब्रिटेन की थेम्स वैली पुलिस ने पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट में वुड फार्म से एंड्रयू को गिरफ्तार किया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और लगभग आठ सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी दिन में पहले पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट स्थित वुड फार्म पर पहुंचे और प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से 30 लाख से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज जारी किया गया था। इन दस्तावेजों में ऐसे ईमेल शामिल हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि एंड्रयू ने 2010 में जेफ्री एपस्टीन के साथ गोपनीय व्यापारिक जानकारियां साझा की थीं। गौर करने वाली बात यह है कि यह लेन-देन दिवंगत वित्त प्रबंधक को बाल यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराये जाने के दो साल बाद हुआ था। इसके अलावा फाइलों के ईमेल सुझाव देते हैं कि पूर्व प्रिंस एंड्रयू ने सिंगापुर, हांगकांग और वियतनाम के दौरों से संबंधित रिपोर्टों के साथ-साथ अफगानिस्तान में निवेश के संभावित अवसरों के बारे में संवेदनशील जानकारी भी साझा की थी। फाइलों के अनुसार, कुछ सामग्रियां एंड्रयू के तत्कालीन सलाहकार से प्राप्त होने के कुछ ही मिनटों बाद आगे भेज दी गयी थीं। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या आधिकारिक गोपनीयता नियमों का उल्लंघन किया गया था। उस समय एंड्रयू एक सरकारी व्यापार प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत था। यह एक ऐसा पद था, जहां संवेदनशील वाणिज्यिक और राजनीतिक जानकारी की सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य था। पूर्व प्रिंस ने लगातार किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दस्तावेजों की नवीनतम खेप जारी होने के बाद से कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। ब्रिटेन में 'टेम्स वैली पुलिस' के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे इस बात का आकलन कर रहे हैं कि क्या औपचारिक जांच शुरू करने का कोई ठोस आधार है। राजशाही विरोधी अभियान समूह 'रिपब्लिक' की दर्ज करायी गयी शिकायत की अधिकारी समीक्षा कर रहे हैं। इसमें सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार के आधिकारिक गोपनीयता कानूनों के संभावित उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। वरिष्ठ शाही सदस्यों ने भी खुद को इस विवाद से दूर रखने की कोशिश की है। प्रिंस विलियम और वेल्स की प्रिंसेज कैथरीन के प्रवक्ता ने कहा कि लगातार हो रहे खुलासों से यह दंपती 'गहरी चिंता' में है और उनका ध्यान 'पीड़ितों पर केंद्रित' है। बता दें कि एंड्रयू विंडसर ने 2019 में एपस्टीन के साथ अपने संबंधों से उपजे भारी विवाद और आलोचनाओं के बीच सार्वजनिक कर्तव्यों से दूरी बना ली थी। 2022 में उन्होंने वर्जीनिया ग्यूफ्रे से वित्तीय समझौता किया था। ग्यूफ्रे ने उन पर तब यौन शोषण करने का आरोप लगाया था, जब वह किशोर थीं। इन आरोपों से एंड्रयू ने बार-बार इनकार किया था। तब 2022 में ही एंड्रयू से उनकी सैन्य उपाधियां और 'हिज रॉयल हाईनेस' शैली का उपयोग करने का अधिकार छीन लिया गया था। ग्यूफ्रे ने पिछले साल आत्महत्या कर ली थी।

ईरान में बढ़ता तनाव, सरकार की चेतावनी—अपने लोगों को तुरंत लौटने को कहा

तेहरान मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव चरम पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि इस हफ्ते के आखिर में अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है, जिससे दुनियाभर में टेंशन बढ़ गई है। इस बीच, विभिन्न देश ईरान में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वहां से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में लग गए हैं। पोलैंड के प्रधानमंत्री ने गुरुवार को ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से तुरंत वहां से निकलने के लिए कह दिया है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को कहा कि ईरान में मौजूद पोलिश नागरिकों को तुरंत निकल जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि हथियारों से लैस लड़ाई की संभावना के कारण कुछ ही घंटों में निकलना मुमकिन नहीं होगा। टस्क ने कहा, "प्लीज तुरंत ईरान छोड़ दें… और किसी भी हालत में इस देश में न जाएं।" इस बीच, ईरान ने अमेरिका पर पलटवार किया है। ईरान के एटॉमिक एनर्जी चीफ मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि कोई भी देश इस्लामिक रिपब्लिक को न्यूक्लियर एनरिचमेंट के उसके अधिकार से वंचित नहीं कर सकता। गुरुवार को एतेमाद डेली में पब्लिश हुए एक वीडियो के मुताबिक, इस्लामी ने कहा, "न्यूक्लियर इंडस्ट्री का आधार एनरिचमेंट है। न्यूक्लियर प्रोसेस में आप जो कुछ भी करना चाहते हैं, उसके लिए आपको न्यूक्लियर फ्यूल की जरूरत होती है।" उन्होंने आगे कहा, "ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के नियमों के मुताबिक चल रहा है, और कोई भी देश ईरान को इस टेक्नोलॉजी से शांति से फायदा उठाने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता।" यह कमेंट्स मंगलवार को जिनेवा में तेहरान और वाशिंगटन के बीच ओमान की मध्यस्थता वाली बातचीत के दूसरे राउंड के बाद आए हैं। बुधवार को, ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल साइट पर एक पोस्ट में फिर से इशारा किया कि अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। एक और एयरक्राफ्ट बहुत जल्द होगा रवाना वॉशिंगटन ने बार-बार ज़ीरो एनरिचमेंट की मांग की है, लेकिन ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और इलाके में मिलिटेंट ग्रुप्स को उसके सपोर्ट पर भी बात करने की कोशिश की है। पश्चिमी देश इस्लामिक रिपब्लिक पर न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हैं। तेहरान ऐसी मिलिट्री महत्वाकांक्षाओं से इनकार करता है, लेकिन सिविलियन मकसदों के लिए इस टेक्नोलॉजी पर अपने अधिकार पर जोर देता है। ट्रंप, जिन्होंने ईरान पर समझौते के लिए दबाव बढ़ाया है, ने इलाके में एक बड़ी नेवी फोर्स तैनात की है, जिसे उन्होंने आर्मडा बताया है। जनवरी में एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और एस्कॉर्ट बैटलशिप को गल्फ में भेजने के बाद, उन्होंने हाल ही में इशारा किया कि एक दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर, गेराल्ड फोर्ड, बहुत जल्द मिडिल ईस्ट के लिए रवाना होगा।

कुत्ते को लेकर विवाद: महुआ मोइत्रा ने पूर्व प्रेमी के खिलाफ दायर किया हाईकोर्ट में केस

कलकत्ता तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व प्रेमी जय अनंत देहाद्रई के बीच कानूनी लड़ाई अब उनके पालतू कुत्ते 'हेनरी' (रॉटवीलर नस्ल) की कस्टडी तक पहुंच गई है। महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने साकेत कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसने उन्हें उनके पालतू कुत्ते हेनरी की अंतरिम कस्टडी देने से इनकार कर दिया था। गुरुवार को जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने इस याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने महुआ के पूर्व प्रेमी और वकील जय अनंत देहाद्रई को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को तय की गई है। सुनवाई के दौरान देहाद्रई व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और उन्होंने तर्क दिया कि मोइत्रा की इस याचिका को शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाना चाहिए। कैश-फॉर-क्वेरी मामला यह पालतू कुत्ते का विवाद दोनों के बीच चल रही एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक जंग का हिस्सा है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब देहाद्रई ने आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के बदले व्यवसायी दर्शन हिरानंदानी से रिश्वत ली थी। गंभीर आरोप: देहाद्रई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि मोइत्रा ने अपने लोकसभा के लॉगिन क्रेडेंशियल हिरानंदानी को दिए थे, ताकि वह अपनी पसंद के सवाल सीधे पोस्ट कर सकें। आरोप है कि उनके द्वारा पूछे गए 61 सवालों में से 50 हिरानंदानी से संबंधित थे। संसद से निष्कासन: इन आरोपों के आधार पर लोकसभा की आचार समिति ने जांच की और उन्हें निष्कासित करने की सिफारिश की। परिणामस्वरूप, 8 दिसंबर, 2023 को महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित कर दिया गया। मोइत्रा का बचाव: उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि हिरानंदानी उनके मित्र हैं, लेकिन किसी भी तरह के 'क्विड प्रो क्वो' (लेन-देन) से इनकार किया। मानहानि का मुकदमा और कोर्ट की टिप्पणी महुआ मोइत्रा ने देहाद्रई और निशिकांत दुबे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था। हालांकि, मार्च 2024 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने तब कहा था कि यह आरोप पूरी तरह से गलत नहीं हैं कि मोइत्रा ने अपने लॉगिन क्रेडेंशियल शेयर किए और उपहार स्वीकार किए। फिलहाल यह मुख्य मामला अभी भी अदालत में लंबित है।