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दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोट, चार-पांच घायल बताए जा रहे हैं

 नई दिल्ली दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम एक धमाका हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह धमाका मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में हुआ है। जिसके बाद कार में आग लग गई। सूचना पर दमकल की कुल 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम भी मौके पर पहुंची। सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के कारण चार से पांच घायलों को एलएनजेपी अस्पताल लाया गया है। इस बारे में पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विस्फोट के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां की आंखों देखी- धमाका इतना तेज था कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'मैं गुरुद्वारे में था जब मैंने एक तेज आवाज सुनी। हम समझ ही नहीं पाए कि वह क्या थी, वह इतनी तेज थी। आस-पास खड़े कई वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।' धमाके के बाद स्थानीय निवासी राजधर पांडे ने बताया, 'मैंने अपने घर से आग की लपटें देखीं और फिर नीचे आकर देखा कि क्या हुआ है। ज़ोरदार धमाका हुआ। मैं पास में ही रहता हूं।' बता दें कि लाल किला क्षेत्र दिल्ली के सबसे ज्यादा व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके में शामिल है। दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में विस्फोट की सूचना मिली, जिसके बाद आसपास खड़ी तीन से चार गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं।  

देश में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: जैश मॉड्यूल से 2,900 किलो विस्फोटक जब्त, 7 आरोपी दबोचे गए

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो डॉक्टर भी शामिल हैं.  2,900 किलोग्राम विस्फोटक अब तक बरामद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और करीब 2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने का सामग्री बरामद किया है. जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया.  पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में फरीदाबाद के डॉक्टर मुअज़मिल अहमद गनई और कुलगाम निवासी डॉक्टर आदिल शामिल है. जांच में सामने आया है कि ये लोग विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और सोशल और एजुकेशनल नेटवर्क्स के जरिए फंड जुटा रहे थे. असॉल्ट राइफल, 2900KG विस्फोटक… फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर्स के ठिकानों से क्या-क्या मिला पुलिस को मुजम्मिल की निशानदेही पर एक स्विफ्ट कार मिली, जिसमें से क्रिंकोव असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन और 83 राउंड बरामद हुए. इसके अलावा एक पिस्टल, 8 राउंड, दो मैगजीन और दो खाली खोखे भी मिले. ये सभी हथियार उसी स्विफ्ट कार से बरामद किए गए जो अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने वाली एक महिला डॉक्टर की बताई जा रही है. पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है. सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मुजम्मिल के बताए एक ठिकाने धौज इलाके में छापा मारा. वहां से लगभग 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जिसे आठ बड़े और चार छोटे सूटकेस में छुपाकर रखा गया था. पुलिस सूत्रों के अनुसार यह विस्फोटक करीब 15 दिन पहले ही मुजम्मिल तक पहुंचा था. इस सामग्री को आतंकी कोड वर्ड में ‘सफेद पाउडर’ कहा जाता है. धौज वाले कमरे से पुलिस ने 20 टाइमर और 20 बैटरी भी बरामद की हैं. पुलिस का कहना है कि मुजम्मिल ने इस कमरे को सिर्फ विस्फोटक छिपाने के लिए किराए पर लिया था. डॉक्टर मुजामिल को पुलिस ने दबोचा फतेहपुर तगा गांव में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली. सुबह से चल रही छापेमारी में एक घर से 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की है.  पुलिस के अनुसार, यह घर डॉक्टर मुजामिल ने एक मौलाना से किराए पर लिया था. मौलाना को पुलिस ने सुबह ही हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि फतेहपुर तगा गांव धौज से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. 'व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क' पुलिस ने बताया कि यह 'व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क' था जिसमें कुछ प्रोफेशनल्स और छात्र आतंकियों से जुड़े हुए थे. वो एन्क्रिप्टेड चैनलों के माध्यम से विचारधारा फैलाने, फंड मूवमेंट और हथियारों की सप्लाई का समन्वय कर रहे थे. 19 अक्तूबर को श्रीनगर के बुनपोरा नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मिलने के बाद मामला दर्ज हुआ था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह नेटवर्क न केवल घाटी बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है. पकड़े गए सात संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार सात लोगों की पहचान आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद (सभी श्रीनगर), मौलवी इरफान अहमद (शोपियां), जमीर अहमद अहांगर (गंदरबल), डॉ. मुअज़मिल अहमद गनई (पुलवामा), और डॉक्टर आदिल (कुलगाम) के रूप में हुई है. फरीदाबाद से डॉक्टर की गिरफ्तारी डॉक्टर मुअज़मिल को फरीदाबाद में उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया, जहां से पुलिस को 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एके-56 रायफल, AK Krinkov, बरेटा पिस्टल, चीनी स्टार पिस्टल और सैकड़ों कारतूस मिले हैं. पुलिस ने बताया कि यह नेटवर्क सोशल वेलफेयर के नाम पर धन जुटाकर आतंकी गतिविधियों में खर्च करता था. रविवार को भी मिला था विस्फोटक गौरतलब है कि इससे पहले, फतेहपुर तगा गांव में रविवार को पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया था जिसमें एक कश्मीरी डॉक्टर मुजामिल के किराये के कमरे से 360 किलो अमोनिटम नाइट्रेट मिला था. यह कमरा मौलाना को आरोपी को किराये पर दिया था. फरीदाबाद में 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट बरामद होने पर हरियाणा DGP ओ.P. सिंह ने कहा, “…मैं इस ऑपरेशन में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को बधाई देता हूँ, और हमें विश्वास है कि हमने समय रहते एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने में सफलता पाई है. विभिन्न एजेंसियाँ इस पर काम कर रही हैं। जैसे-जैसे जानकारी सामने आएगी, संबंधित एजेंसियाँ उसे साझा करेंगी. जांच जारी है, इसलिए इस पर और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.” क्या है मामला गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने सबसे पहले श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाने के मामले में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया था.  पिछले 15 दिनों से ऑपरेशन में तीन दिनों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापे मारे और फिर हरियाणा के फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भी छापेमारी की. इस मामले में अब तक कुल 7 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. दो लोग हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार हुए हैं और यहां पर एक घर से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट. दो राइफल और कई पिस्तौल बरामद किए हैं. इसी तरह, सोमवार को एक अन्य घर में रेड से 2363 किलो विस्फोटक बरामद हुआ है. अब तक कुल सात लोग गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में हरियाणा, यूपी और जम्मू एंवं कश्मीर राज्यों से कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है. पूरे मामले में आरिफ निसार डार उर्फ साहिल – निवासी नवगाम, श्रीनगर, यासिर-उल-अशरफ – निवासी नवगाम, श्रीनगर, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद – निवासी नवगाम, श्रीनगर, मौलवी इरफान अहमद (मस्जिद के इमाम) – निवासी शोपियां, जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा – निवासी वाकुरा, गांदरबल, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब – निवासी कोईल, पुलवामा, डॉ. अदील निवासी वानपोरा, कुलगाम को अरेस्ट किया है. इनसे से जिसमें मुजम्मिल और आदिल की गिरफ्तारी फरीदाबाद से हुई है.

फरीदाबाद से लखनऊ तक फैला टेरर नेटवर्क, महिला डॉक्टर एके-47 के साथ दबोची गई

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ की एक महिला डॉक्टर को एक बड़े आतंकी मॉड्यूल में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर की कार से एक एके-47 राइफल बरामद की गई है। डॉ. शाहीन को सात अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया है। इनमें कश्मीर के डॉक्टर मुजम्मिल गनई को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। डॉ. शाहीन को पूछताछ के लिए हवाई मार्ग से श्रीनगर लाया गया है। पुलिस के अनुसार, आठ आरोपियों में तीन डॉक्टर शामिल हैं और इस कार्रवाई में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ था। जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में यह बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने फिलहाल यह नहीं बताया कि गिरफ्तारियां कब की गईं।

तीस फीसदी आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता जया ठाकुर की ओर से दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून तत्काल लागू करने की मांग की गई है। जस्टिस बीवी नागरत्न और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने सरकार से ताजा परिसीमन अभ्यास का इंतजार किए बिना महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान बेंच ने टिप्पणी की, 'संविधान की प्रस्तावना कहती है कि सभी नागरिकों को राजनीतिक और सामाजिक समानता का अधिकार है। इस देश में सबसे बड़ी अल्पसंख्यक कौन है? वह महिला है… लगभग 48 प्रतिशत। यह महिलाओं की राजनीतिक समानता का मामला है।' याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर वकील शोभा गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता के 75 साल बाद भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता की दलील सुनकर बेंच ने कहा, 'परिसीमन अभ्यास कब होना है? सरकार को नोटिस जारी करें। कानून का प्रवर्तन कार्यपालिका की जिम्मेदारी है। हम कोई आदेश जारी नहीं कर सकते। प्रतिवादियों को नोटिस जारी करें। केंद्र को तामील कराएं।' नारी शक्ति वंदन अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी याचिका में उस विशेष प्रावधान को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है, जिसमें जनगणना और उसके बाद परिसीमन को आरक्षण लागू करने की पूर्व शर्त बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने तत्काल लागू करने की मांग की है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी। संसद के विशेष सत्र में यह कानून पारित किया गया था। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव जया ठाकुर ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने वाले इस कानून को लागू करने की मांग की है। उन्होंने 2023 में ही याचिका दायर की थी और 2024 आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की गुहार लगाई थी।

आठवें वेतन आयोग अपडेट: सरकारी नौकरी में भी प्राइवेट जैसा सैलरी और इनाम, जोर होगा Efficiency और Accountability पर

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. जल्द ही 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू हो सकता है, और इसके साथ सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी टर्म्स ऑफ रेफरेंस (Terms of Reference) के अनुसार, सरकार अब सरकारी नौकरियों की तनख्वाह को निजी क्षेत्र के बराबर लाने पर विचार कर रही है. इसका मकसद है कि सरकारी नौकरियां भी उतनी ही आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बनें, जितनी निजी कंपनियों में होती हैं. अगर सरकार इन नई सिफारिशों को मंजूरी दे देती है, तो कर्मचारियों को निजी कंपनियों जैसा सैलरी स्ट्रक्चर मिल सकता है. इसमें खास जोर कार्यकुशलता (Efficiency), जवाबदेही (Accountability) और जिम्मेदारी (Responsibility) पर दिया जाएगा, ताकि हर विभाग में उत्पादकता (productivity) बढ़े और काम का बेहतर नतीजा सामने आए. आयोग को दी गई बड़ी जिम्मेदारी इस आयोग को ऐसा ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो कुशल और प्रतिभाशाली लोगों को सरकारी क्षेत्र में काम करने के लिए आकर्षित करे. अब सरकार चाहती है कि सरकारी नौकरी को सिर्फ “सुरक्षित रोजगार” नहीं, बल्कि एक ऐसा करियर माना जाए, जिसमें तरक्की, अच्छे वेतन और विकास के अवसर हों. वित्त मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, आयोग यह मूल्यांकन करेगा कि सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतनमान को किस तरह निजी क्षेत्र के लेवल के करीब लाया जा सकता है. खासकर उन पदों के लिए जहां तकनीकी विशेषज्ञता या स्पेशलाइज्ड नॉलेज की जरूरत होती है. इसका मतलब यह हो सकता है कि आईटी (IT), डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics), इंजीनियरिंग (Engineering), विज्ञान (Science) और प्रशासन (Administration) जैसे क्षेत्रों के कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा किया जा सकता है. इससे सरकार को न केवल कुशल कर्मचारियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि युवा पेशेवरों को भी सरकारी नौकरियों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा. रिजल्ट देने वालों को मिलेगा बड़ा इनाम नया सैलरी स्ट्रक्चर ऐसा होगा जो रिजल्ट पर आधारित (Result-oriented) होगा, जिसमें कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन (Performance) के अनुसार इनाम और पदोन्नति मिलेगी. इससे सरकारी कामकाज का कल्चर अधिक आधुनिक और पारदर्शी बन सकेगा. प्राइवेट सेक्टर में भी इसी आधार पर पदोन्नति होती है और सैलरी में इजाफा होता है. सबसे खास बात यह है कि 8वें वेतन आयोग में परफॉर्मेंस-बेस्ड बोनस सिस्टम (Performance-Linked Bonus) की सिफारिश की जा सकती है. यानी अब हर कर्मचारी को समान वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी, बल्कि जो कर्मचारी मेहनत करेंगे और इनोवेशन दिखाएंगे, उन्हें ज्यादा मिलने की संभावना होगी. 7वें वेतन आयोग का फोकस सैलरी स्ट्रक्चर को सरल और संतुलित बनाना था, जबकि इस बार 8वां आयोग मेरिट (Merit) और कंपटीशन (Competition) पर आधारित ढांचा तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है. अगर यह नया सैलरी स्ट्रक्चर लागू हो जाता है, तो भारत में सरकारी नौकरियों की छवि पूरी तरह बदल सकती है. अब सरकारी नौकरी को सिर्फ स्थायी और सुरक्षित मानने की बजाय, लोग इसे एक बेहतर, चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में देखेंगे.

महाप्रभु के भक्तों के साथ धोखा, तिरुपति मंदिर ट्रस्ट ने बेचा नकली घी, 250 करोड़ का वित्तीय घोटाला

तिरुमला तिरुपति मंदिर से जुड़े लड्डू विवाद में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक डेयरी जिसने कभी दूध या बटर (मक्‍खन) का एक कतरा भी नहीं खरीदा, उसने तिरुपति मंदिर ट्रस्‍ट या तिरुमला तिरुपति देवस्‍थानम (TTD) को 60 महीने यानी 5 साल में 68 लाख किलोग्राम घी की सप्‍लाई कर दी. CBI की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है. मिलावटी घी से पवित्र लड्डू बनाने के मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई है. सीबीआई के इस खुलासे से कई सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि TTD में ऐसी कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी कि महीनों से चले आ रहे करोड़ों रुपये के इस महाघोटाले का समय रहते पता लगाया जा सके. बता दें कि तिरुपति मंदिर के पवित्र लड्डू को प्रसाद के तौर पर लखों-करोड़ों भक्‍त खरीदते हैं. TTD (आंध्र प्रदेश के विख्यात तिरुपति मंदिर का संचालन करने वाला ट्रस्ट) में लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में भारी स्तर पर मिलावट का बड़ा घोटाला सामने आया है. सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में पता चला है कि उत्तराखंड की एक डेयरी ने 2019 से 2024 के बीच 68 लाख किलोग्राम घी की सप्लाई TTD को की, जिसकी कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये थी. चौंकाने वाली बात यह है कि वह डेयरी किसी भी स्रोत से न तो दूध खरीदती थी और न ही मक्खन. गजब का अपनाया ट्रिक CBI के अनुसार, हरिद्वार जिले के भगवाणपुर में स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के प्रमोटर पामिल जैन और विपिन जैन ने एक फर्जी देसी घी उत्पादन यूनिट खड़ी की. उन्होंने दूध और मक्खन की खरीद से संबंधित दस्तावेज़ फर्जी तरीके से बनाए और पेमेंट रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि घी का उत्पादन नियमित रूप से हो रहा है. जांच में गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय कुमार सुगंध ने SIT को जानकारी दी कि वह डेयरी को मोनोडाइग्लिसराइड्स (monodiglycerides) और एसेटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल सप्लाई करता था. ये रसायन औद्योगिक और खाद्य मिलावट में उपयोग होते हैं और घी में बनावट व स्थिरता बढ़ाने के लिए मिलाए जाते थे. 2022 में ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी जारी रही सप्लाई  रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार और मिलावट की शिकायतों के आधार पर TTD ने साल 2022 में भोले बाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. CBI के अनुसार, इसके बाद भी डेयरी मालिकों ने अन्य डेयरी फर्मों के नाम पर टेंडर हासिल कर घी की सप्लाई जारी रखी. इनमें वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) शामिल हैं. CBI ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में बताया कि घी के कई स्टॉक जानवरों की चर्बी मिलाकर तैयार किए गए थे. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जुलाई 2024 में TTD ने AR डेयरी से आए चार टैंकर घी को मिलावट के चलते रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन वे टैंकर डेयरी प्लांट में वापस नहीं लौटे. FSSAI और SIT ने जांच में पाया कि उन्हें सीधे वैष्णवी डेयरी के पास ले जाया गया.

अमेरिका में शटडाउन से उड़ानों का बवाल, 3300 рейट्स रद्द और एयरलाइन स्टाफ छुट्टी पर

वाशिगटन  अमेरिका में शटडाउन के बीच अब एयर ट्रैवल का भी संकट खड़ा हो गया है। रविवार को विमानन कंपनियों ने 3300 उड़ानें रद्द कर दीं। वहीं परिवहन मंत्री सीन डफी ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप सरकार का ‘शटडाउन’ (सरकारी कामकाज के लिए वित्तपोषण की कमी) ‘थैंक्सगिविंग’ अवकाश तक जारी रहता है तो पूरे देश में हवाई यातायात ‘‘बहुत धीमा होकर लगभग ठप’’ पड़ सकता है। देश के 40 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर उड़ानों में व्यवधान तीसरे दिन भी जारी है जिससे स्थिति और बिगड़ने लगी है। वहीं इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें प्रभावित होने के बाद शटडाउन खत्म होने पर भी बात बनती हुई नजर आ रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के एक समूह ने स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी के विस्तार की गारंटी के बिना चर्चा करने पर सहमति व्यक्त की जिससे उनके ‘कॉकस’ के कई सदस्य नाराज हो गए। इस ‘कॉकस’ का कहना है कि अमेरिकी लोग चाहते हैं कि सब्सिडी को लेकर लड़ाई जारी रखी जाए। आवश्यक प्रक्रिया की शृंखला के तहत पहला कदम उठाते हुए सीनेट में मत विभाजन में सरकार के कामकाज को वित्तपोषित करने के मकसद से समझौता विधेयक पारित करने के लिए 60-40 मतों से मतदान हुआ। इसने बाद में ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट टैक्स क्रेडिट’ पर मतदान किया गया जो एक जनवरी को समाप्त होने वाला है। वहीं ‘अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन’ (एफएए) ने संघीय 'शटडाउन' के बीच देशभर में उड़ानों को कम करने का आदेश दिया है। दरअसल कई हवाई यातायात नियंत्रकों ने वेतन न मिलने के कारण काम पर आना बंद कर दिया है जिसके कारण यह आदेश जारी किया गया। हवाई यात्रा में व्यवधानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटअवेयर’ के अनुसार, अकेले रविवार को लगभग 7,000 उड़ानों में देरी की सूचना मिली और 2,100 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। शुक्रवार को 1,000 से अधिक और शनिवार को 1,500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। एफएए की कटौती शुक्रवार को चार प्रतिशत से शुरू हुई थी और 14 नवंबर तक यह 10 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। यह कटौती स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी और सभी वाणिज्यिक विमानन कंपनियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। डफी ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर ‘शटडाउन’ जारी रहा तो अमेरिकी हवाई यातायात में भारी गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि उड़ानों में शायद 20 प्रतिशत तक कटौती की जरूरत पड़ सकती है, खासकर तब जब नियंत्रकों को लगातार दूसरी बार वेतन नहीं मिल रहा है।

हिमंत सरकार का बहुविवाह पर कानून: असम में एक से अधिक शादी करने वालों को होगी 7 साल की जेल

गुवाहाटी  असम मंत्रिमंडल ने  'असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025' को मंजूरी दे दी. इसका उद्देश्य छठे अनुसूचित क्षेत्रों को छोड़कर राज्य में बहुविवाह और बहुपत्नी विवाह की प्रथाओं को प्रतिबंधित और समाप्त करना है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को घोषणा की कि यह विधेयक 25 नवंबर को असम विधानसभा सत्र में पारित करने के लिए पेश किया जाएगा. बहुविवाह उस व्यक्ति के संबंध में निषिद्ध है जो विवाह नहीं करेगा यदि उसका कोई जीवित जीवनसाथी है या वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करके दूसरे जीवनसाथी से कानूनी रूप से अलग नहीं हुआ है या किसी ऐसे विवाह का पक्षकार है जो अभी तक तलाक के आदेश द्वारा भंग या रद्द नहीं हुआ है. असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025, पीड़ित महिलाओं को मुआवजा प्रदान करने का प्रयास करता है क्योंकि बहुविवाह के कारण उन्हें अत्यधिक पीड़ा और कष्ट सहना पड़ता है. असम के मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी के लोक सेवा भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'समाज को ऐसी प्रथाओं के अभिशाप से बचाने के लिए समाज को सुव्यवस्थित करने के घोषित उद्देश्य से यह विधेयक तैयार किया गया है.' उन्होंने आगे कहा कि इस विधेयक के तहत दूसरी या इससे अधिक बार विवाह करने वाले व्यक्तियों के लिए 7 वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान होगा. इसके साथ ही सरकार ने राज्य के विकास के लिए कई अन्य योजनाओं की स्वीकृति दी. असम मंत्रिमंडल ने रंगमहल, उत्तरी गुवाहाटी में अत्याधुनिक न्यायिक टाउनशिप के निर्माण कार्य के पहले चरण के लिए 478.78 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की. इसके साथ ही हाईकोर्ट परसर डेवलपेंट प्लान को भी शामिल किया गया है. राज्य मंत्रिमंडल ने असम स्टार्टअप और नवाचार नीति 2025-30 को भी मंजूरी दे दी है जो अगले 5 वर्षों में असम को उद्यमिता और नवाचार के लिए भारत के अग्रणी केंद्रों में से एक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. 5 वर्षों की अवधि के लिए कुल वित्तीय लागत 397 करोड़ रुपये है. तकनीकी स्टार्टअप के लिए 20 लाख रुपये तक, एमवीपी बनाने और उत्पादों का परीक्षण करने के लिए डीप-टेक स्टार्टअप के लिए 40 लाख रुपये तक, सीड फंड (असम स्टार्टअप सीड फंड, इक्विटी-आधारित) – इक्विटी या सह-निवेश (अधिकतम 4फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी के साथ) के लिए सरकारी कोष के रूप में प्रति स्टार्टअप 50 लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है. स्टार्टअप वेंचर, कैपिटल फंड, स्केल-अप के लिए विकास पूंजी के रूप में प्रति स्टार्टअप 10 करोड़ रुपये तक. राज्य मंत्रिमंडल ने असम के स्वायत्त, पीडीयूएएम, मॉडल डिग्री, प्रांतीय, सरकारी कॉलेजों के सहायक प्रोफेसरों और पुस्तकालयाध्यक्षों के संबंध में करियर उन्नति योजना (सीएएस) के तहत पदोन्नति के प्रभावी होने की तारीख के निर्धारण को मंजूरी दे दी है. राज्य मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए अविभाजित शिवसागर, अधिमानतः चराइदेव जिला में एक शिक्षण, आवासीय और संबद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना और गठन के लिए एसयू-केए-पीएचए विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है.

पाकिस्तान ने S-400 के लिए की गंदी हरकत, रूस में बदनाम, ISI का सीक्रेट एजेंट अब गिरफ्त में

मॉस्को  भारत के खिलाफ साजिश रचने में जुटे पाकिस्तान की एक बार फिर इंटरनेशनल बेइज्जती हुई है. रूस ने उसकी खुफिया एजेंसी ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. यह नेटवर्क रूस से एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम जैसे S-400 और हेलिकॉप्टर टेक्नॉलजी चुराने की कोशिश में था. रूस की यह कार्रवाई भारत की सुरक्षा दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि जिन तकनीकों को निशाना बनाया गया था, वे भारतीय वायुसेना के आधुनिक रक्षा तंत्र का हिस्सा हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की खुफिया एजेंसियों ने सेंट पीटर्सबर्ग में एक रूसी नागरिक को गिरफ्तार किया, जो ISI के लिए काम कर रहा था. सीक्रेट डॉक्यूमेंट की तस्करी होने से पहले ही भंडाफोड़ हो गया. उसके पास से ऐसे दस्तावेज बरामद हुए हैं जो सैन्य हेलिकॉप्टर और एयर डिफेंस सिस्टम के डेवलपमेंट में इस्तेमाल होते हैं. इनमें Mi-8 AMTShV से जुड़ी संवेदनशील तकनीकी जानकारियां शामिल थीं. यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में बैठे आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया था. पाकिस्तान ने वापस हमला करने की कोशिश की, लेकिन S-400 इसमें गेम चेंजर साबित हुआ. पाकिस्तान के जेट भारत की सीमा में भी नहीं आ सके. माना जा रहा है कि उसी के बाद पाकिस्तान ने रूस में अपनी जासूसी गतिविधियां बढ़ाईं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ISI का यह नेटवर्क रूस के एडवांस्ड S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम से जुड़ी जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर रहा था. वही सिस्टम जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना को निर्णायक बढ़त दिलाई थी. भारतीय वायुसेना के पास S-400 भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल S-400 मिसाइल सिस्टम की तीन यूनिट हैं, और भारत ने रूस से पांच और सिस्टम खरीदने की योजना बनाई है. ISI की यह कोशिश सीधे तौर पर भारत की सामरिक बढ़त को कमजोर करने के मकसद से की गई थी. रूस की जांच एजेंसियों ने इस पूरे मामले को ‘काउंटर-एस्पियोनेज ऑपरेशन’ यानी गुप्तचर विरोधी अभियान के तहत अंजाम दिया. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से फिलहाल पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस जासूसी रैकेट में पाकिस्तान के दूतावास या अन्य विदेशी एजेंसियों की कोई भूमिका है. रूस ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. वहीं इससे पहले पिछले हफ्ते मॉस्को स्थित पाकिस्तानी अखबार फ्रंटियर पोस्ट में छपी ‘एंटी-रशियन’ रिपोर्ट्स पर भी रूसी दूतावास ने आपत्ति जताई थी. रूसी दूतावास ने साफ कहा कि ‘ऐसे लेख से रूस की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है.’

लखनऊ RSS दफ्तर पर हमले की तैयारी, गुजरात में ISIS के आतंकियों पर कार्रवाई

अहमदाबाद गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान में बीते दिन अहमदाबाद से तीन ISIS से जुड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया था. ये आतंकी गुजरात और देशभर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे. अब पता चला है कि आतंकियों ने लखनऊ में आरएसएस दफ्तर और दिल्ली में आजादपुर मंडी की रेकी की थी. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजाद सुलेमान शेख, मोहम्मद सुहैल और अहमद मोहियुद्दीन सैयद के रूप में हुई. सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय और दिल्ली की भीड़भाड़ वाली आज़ादपुर मंडी की रेकी कर रहे थे. दोनों जगहों को आतंकी हमले के संभावित निशाने के तौर पर चुना गया था. जांच में खुलासा हुआ है कि शेख और सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार जुटाए और उन्हें गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपाया. वहीं, हैदराबाद निवासी मोहियुद्दीन को ये हथियार लेकर वापस लौटना था लेकिन गुजरात ATS ने समय रहते कार्रवाई कर मोहियुद्दीन को शुक्रवार रात ही गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से चार विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस और 40 लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुए. आतंकियों के मोबाइल रिकॉर्ड से खुलासा मोहियुद्दीन के मोबाइल की जांच में उसके दो साथियों के संपर्क और पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला. इसके बाद ATS ने दोनों अन्य आतंकियों को भी गिरफ्तार किया. गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी के मुताबिक, "डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जो चीन से MBBS की पढ़ाई कर चुका है. वह ISIS-खुरासान प्रांत के सदस्य अबू खादिम से संपर्क में था, जिसने उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा करने और भर्ती अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी थी." मोहियुद्दीन साइनाइड से बना रहा था जहरीला पदार्थ पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मोहियुद्दीन साइनाइड से जहरीला पदार्थ तैयार करने की कोशिश कर रहा था. फिलहाल ATS यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की सप्लाई कैसे हुई थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल कहां सक्रिय हैं.