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अमेरिकी अदालत में चुनौती: संगठनों ने कहा, H-1B वीजा नीति से रिसर्चरों का भविष्य संकट में

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई H-1B योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सैन फ्रांसिस्को की एक अदालत में यूनियनों, नियोक्ताओं और धार्मिक संगठनों के एक गठबंधन ने ट्रंप प्रशासन के आदेश को चुनौती दी है। यह मुकदमा राष्ट्रपति के उस आदेश को रद्द करने की मांग करता है, जिसमें H-1B आवेदन पर एकमुश्त 1 लाख डॉलर (लगभग 83 लाख) की फीस लगाने का प्रावधान किया गया है। याचिका में कहा गया है कि यह कदम गैरकानूनी है और H-1B कार्यक्रम में अभूतपूर्व बदलाव है। दलील दी गई है कि राष्ट्रपति के पास स्वतंत्र रूप से राजस्व जुटाने या कर लगाने का अधिकार नहीं है और न ही वह यह तय कर सकते हैं कि इन निधियों का उपयोग कैसे होगा। मुकदमे में फीनिक्स डो नाम की एक भारतीय नागरिक का उदाहरण दिया गया है, जो उत्तरी कैलिफोर्निया में रहकर पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। उनकी संस्था ने ‘कैप-एक्ज़ेम्प्ट’ H-1B याचिका दायर की थी, लेकिन नई फीस नीति के कारण यह प्रक्रिया रोक दी गई है। याचिका के अनुसार, “फीनिक्स डो का शोध उम्र, डाइबिटीज और दुर्लभ आनुवांशिक बीमारियों से जुड़ी दृष्टि-हानि के कारणों को पहचानने और इलाज के नए तरीके विकसित करने पर केंद्रित है।” मुकदमे में कहा गया है कि डो विश्वविद्यालय की पहली पोस्टडॉक्टोरल स्कॉलर हैं, जिन पर संस्था का भविष्य का शोध और फंडिंग निर्भर करता है। लेकिन नई नीति के चलते उनका आवेदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। याचिका में आगे कहा गया, “वह अस्थिरता और तनाव से जूझ रही हैं, जिससे उनका PTSD (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) बढ़ गया है। यदि राहत नहीं मिली तो उन्हें चार महीने में अमेरिका छोड़ना पड़ेगा, जिससे उनके करियर और निजी जीवन दोनों को गंभीर नुकसान होगा।” मुकदमे में कहा गया है कि नई नीति से अमेरिका के वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को झटका लगेगा। फीनिक्स डो की विदाई से उनका शोधकार्य बाधित होगा, लैब का चल रहा काम रुकेगा, भविष्य की फंडिंग प्रभावित होगी और संभवतः दृष्टि रोगों के उपचार की दिशा में हो रही प्रगति भी धीमी पड़ जाएगी। इस मामले को यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन, अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स, जस्टिस एक्शन सेंटर, डेमोक्रेसी फॉरवर्ड फाउंडेशन, ग्लोबल नर्स फोर्स और कई धार्मिक संगठनों ने मिलकर दायर किया है। इन समूहों का कहना है कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग, यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) और स्टेट डिपार्टमेंट ने यह आदेश बिना उचित प्रक्रिया के लागू किया और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर विचार नहीं किया। याचिका में चेतावनी दी गई है कि अत्यधिक शुल्क वसूलना नवाचार को रोक देगा और अमेरिका के वैज्ञानिक तथा शैक्षणिक क्षेत्र को नुकसान पहुंचाएगा।

यूक्रेन पर रूस का हवाई हमला: रेलवे स्टेशन और पैसेंजर ट्रेन पर बमबारी, दर्जनों लोग घायल

कीव  यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्र सुमी (Sumy) में रूस ने हवाई हमला किया है. रूसी हमलों में एक पैसेंजर ट्रेन को निशाना बनाया गया है. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव ने बताया कि रूसी हमले में रेलवे स्टेशन और कीव जा रही ट्रेन को टारगेट किया गया. ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचा है.  समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गवर्नर ओलेह ने कहा कि इस हमले में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, ह्रिहोरोव ने एक जलती हुई ट्रेन के डिब्बे की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और कहा कि राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.  लगातार बढ़ रहे हैं रूसी हमले यह हमला रूस की उस एयरस्ट्राइक मुहिम का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें बीते 2 महीनों से यूक्रेन के रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. रूस लगभग हर दिन यूक्रेनी परिवहन नेटवर्क पर हमले कर रहा है. सिर्फ एक दिन पहले ही रूस ने यूक्रेन की राज्य गैस और तेल कंपनी नाफ्टोगैज़ के ठिकानों पर 35 मिसाइलें और 60 ड्रोन दागे थे. ये हमले खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों में हुए थे. नाफ्टोगैज़ के सीईओ सर्जी कोरेत्स्की के अनुसार यह अब तक की सबसे बड़ी बमबारी थी जिससे गैस उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ. इस हमले में करीब 8000 उपभोक्ताओं की बिजली कट गई. उन्होंने कहा कि हमारे कई प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कुछ जगहों पर नुकसान बहुत गंभीर है. इस हमले का कोई सैन्य औचित्य नहीं है.  एनर्जी स्ट्रक्चर पर बढ़े हमले रूसी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसकी सेनाओं ने यूक्रेन के गैस और ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर रातभर हमले किए. रूस ने दावा किया कि उसने सैन्य-औद्योगिक स्थलों को भी निशाना बनाया है. सर्दियों के करीब आते ही रूस ने यूक्रेन के एनर्जी स्ट्रक्चर पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लंबे ब्लैकआउट हो रहे हैं. यूक्रेन का पलटवार यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज की है. हाल के महीनों में कीव की सेना ने रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ा दिए हैं. इससे रूस के कई इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है. सिर्फ सितंबर में ही यूक्रेन ने रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में 19 तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले किए.

सत्ताधारी पार्टी का बड़ा फैसला: साने ताकाइची को दी प्रधानमंत्री पद की कमान

टोक्यो  Aजापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने शनिवार को अपने नए अध्यक्ष के रूप में पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री साने ताकाइची को चुना। ताकाइची ने कृषि मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी को कड़े मुकाबले में हराया। इस जीत के साथ ताकाइची के देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। संसद में अगले हफ्ते होने वाले मतदान में एलडीपी-कोमेइतो गठबंधन के बहुमत के कारण उनकी नियुक्ति तय मानी जा रही है। पहले दौर के मतदान में ताकाइची को 183 और कोइज़ुमी को 164 वोट मिले। लेकिन किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिलने पर तुरंत दूसरे दौर का रनऑफ आयोजित किया गया, जिसमें ताकाइची ने जीत दर्ज की। यह फैसला एलडीपी सांसदों और लगभग दस लाख पंजीकृत सदस्यों के वोटों से हुआ। एलडीपी के इस चुनाव में कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें दो वर्तमान मंत्री और तीन पूर्व मंत्री शामिल थे। शुरुआती दौर में प्रमुख दावेदारों में ताकाइची, कोइज़ुमी और मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हायाशी का नाम सबसे आगे माना जा रहा था। ताकाइची पार्टी की अल्ट्रा-रूढ़िवादी धड़े से आती हैं। अगर वह संसद के मध्य-अक्टूबर में होने वाले मतदान में भी बहुमत हासिल कर लेती हैं तो वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बन जाएंगी। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी कोइज़ुमी चुने जाने पर एक सदी से भी अधिक समय में जापान के सबसे युवा प्रधानमंत्री होते। वर्तमान प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने सितंबर में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने जुलाई के संसदीय चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक हार की जिम्मेदारी लेते हुए कदम उठाया। इशिबा ने अक्टूबर 2024 में पदभार संभाला था, लेकिन ऊपरी और निचले सदनों में गठबंधन की बहुमत खोने के बाद पार्टी में बढ़ते असंतोष के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। एलडीपी ने हाल के दिनों में लगातार चुनावी हार झेली है और संसद के दोनों सदनों में अल्पमत में पहुंच गई है। पार्टी अब ऐसे नेता को सामने लाना चाहती है जो जनता का विश्वास वापस जीत सके और विपक्ष के सहयोग से नीतियों को लागू कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि सभी उम्मीदवारों ने जानबूझकर विभाजनकारी सामाजिक मुद्दों जैसे लैंगिक समानता, यौन विविधता और ऐतिहासिक विवादों पर खुलकर बात करने से परहेज किया। इसके बजाय उन्होंने महंगाई पर काबू, वेतन वृद्धि, रक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा विदेशी श्रमिकों पर सख्त नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अभियान चलाया। नए प्रधानमंत्री के सामने तात्कालिक चुनौती अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित शिखर वार्ता होगी, जिसमें रक्षा खर्च बढ़ाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। यह बैठक अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन से पहले होने की संभावना है।  

100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता चक्रवात ‘शक्ति’, महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को किया सक्रिय

मुंबई  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ (Cyclone Shakhti) को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है। यह इस वर्ष के मॉनसून के बाद के मौसम का पहला चक्रवात होगा, जिसकी रफ्तार फिलहाल 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है और यह तेजी से पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। IMD की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है। समुद्री तटवर्ती जिलों में संभावित निकासी और राहत व्यवस्था की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। चक्रवात ‘शक्ति’ की मौजूदा स्थिति IMD के अनुसार, ‘शक्ति’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल चुका है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक यह गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किलोमीटर दूर अरब सागर में केंद्रित था। तूफान 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुबह 8:30 बजे तक यह तूफान 22.0° उत्तर अक्षांश और 64.5° पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया, जो द्वारका से 470 किमी पश्चिम में, नलिया से 470 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, पाकिस्तान के कराची से 420 किमी दक्षिणपश्चिम में और ओमान के मसीरा द्वीप से 600 किमी पूर्वोत्तर में स्थित था। IMD के मुताबिक, यह प्रणाली 5 अक्टूबर तक अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुंच जाएगी और 6 अक्टूबर से दिशा बदलकर पूर्वोत्तर की ओर मुड़ेगी, जिसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मछुआरों के लिए चेतावनी IMD ने गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के साथ-साथ पाकिस्तान के समुद्री तटों पर रविवार तक समुद्र की स्थिति बहुत उथल-पुथल भरी रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को मंगलवार (8 अक्टूबर) तक उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और मध्य अरब सागर के किसी भी हिस्से में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। अरब सागर में चक्रवातों का इतिहास हाल के वर्षों में अरब सागर में बने कुछ प्रमुख तूफानों में ‘ताउते’ (2021) और ‘बिपरजॉय’ (2023) शामिल हैं। आमतौर पर अरब सागर में बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम चक्रवात बनते हैं, लेकिन समुद्र के बढ़ते तापमान के चलते इनकी संख्या में हाल के वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। क्यों रखा गया नाम शक्ति? ‘शक्ति’ नाम का चयन क्षेत्रीय चक्रवात नामकरण प्रणाली (Regional Cyclone Naming System) के तहत हुआ है। इस प्रणाली में 13 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ओमान, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड प्रमुख हैं। इन देशों की सूची में नाम क्रमवार उपयोग किए जाते हैं। ‘Shakhti’ नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया था।  

ट्रंप का विरोध झेल रहे भारतीय बने अमेरिका के एजुकेशन हीरो, दान किए 3 अरब डॉलर

वाशिंगटन  अमेरीका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार प्रवासियों को लेकर बेहद सख्त है। यहां तक कि अमेरिकी सरकार ने अमेरिका में एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लागू कर दिया है। इसके खिलाफ स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, धार्मिक समूहों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और अन्य लोगों के एक समूह ने शुक्रवार को एक संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया। दूसरी तरफ भारतीय अमेरिकी विश्वविद्यालयों को दान करने में किसी मामले में पीछे नहीं हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों ने 2008 से अब तक अमेरिका के विश्वविद्यालयों को तीन अरब डॉलर से अधिक का दान दिया है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई। यह अध्ययन अमेरिका में अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा तक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में प्रवासी समुदाय के योगदान के प्रभावों को रेखांकित करता है। एक नए अध्ययन में अग्रणी गैर-लाभकारी संगठन इंडियास्पोरा ने गुरुवार को कहा कि भारतीय-अमेरिकी, जिनमें से कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर अनुभवों को अपनी व्यावसायिक सफलता का आधार मानते हैं, परिवर्तनकारी तरीकों से योगदान दे रहे हैं। इंडियास्पोरा ने कहा, ‘देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों को ऐतिहासिक दान देकर, भारतीय-अमेरिकी समुदाय न केवल उन संस्थानों का सम्मान कर रहा है जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भावी पीढ़ियों को सीखने, नवाचार और नेतृत्व विकास के समान अवसर प्राप्त हों। बता दें कि अमेरिका में ट्रंप की सरकार बनते ही वह प्रवासियों पर टूट पड़े। सैकड़ों भारतीयों को हथकड़ियां लगाकर भारत वापस भेजा गया और अब H-1B वीजा पर एकमुश्त भारी-भरकम शुल्क लगा दिया है। सैन फ्रांसिस्को स्थित ‘यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ में दायर मुकदमे में कहा गया है कि एच-1बी कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और शिक्षकों की नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। मुकदमे में कहा गया है कि यह अमेरिका में नवोन्मेष एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है और नियोक्ताओं को विशिष्ट क्षेत्रों में रिक्तियां भरने का अवसर प्रदान करता है। ‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड फाउंडेशन’ और ‘जस्टिस एक्शन सेंटर’ ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘इस मामले में कोई राहत नहीं मिलने पर अस्पतालों को चिकित्सा कर्मचारियों, गिरजाघरों को पादरियों एवं कक्षाओं को शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा और देश भर के उद्योगों के ऊपर प्रमुख नवोन्मेषकों को खोने का खतरा है।’ इसमें बताया गया कि मुकदमे में अदालत से इस आदेश पर तुरंत रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।  

कर्नाटक के बेलगावी में उर्स जुलूस में हंगामा, नारेबाजी के बाद हिंसा भड़की

बेलगावी  कर्नाटक में बेलगावी के खड़क गली में स्थित महबूब सुब्हानी दरगाह के उर्स जुलूस के दौरान बवाल हो गया। नारों को लेकर हुए विवाद के बाद पथराव हुआ, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने 'आई लव मुहम्मद' का नारा लगाया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। फिलहाल शांति बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। खड़क गली से आमतौर पर जुलूस नहीं गुजरता। वहां के निवासियों ने नारे पर आपत्ति जताई और सवाल किया कि जुलूस का मार्ग क्यों बदला गया। नारे पर आपत्ति जताए जाने के बाद तनाव बढ़ गया और पथराव की खबरें आने लगीं। पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को काबू किया। सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने तुरंत हस्तक्षेप किया और मामला गंभीर होने से पहले ही समूहों को तितर-बितर कर दिया। स्थिति अब नियंत्रण में है।' 'आई लव मोहम्मद' को लेकर गहराता विवाद 'आई लव मोहम्मद' को लेकर विवाद पिछले कुछ दिनों से जारी है। यूपी में मेरठ के मवाना कस्बे में लगे एक पोस्टर को लेकर हंगामा मच गया। इसके बाद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, कस्बे के मुख्य चौराहों पर शुक्रवार देर रात पोस्टर लगाया गया था, जिस पर अंग्रेजी में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा हुआ था। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने इसे देख आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई। मवाना की थाना प्रभारी पूनम ने बताया कि पोस्टर लगाने के आरोप में चौकी प्रभारी मनोज शर्मा की तहरीर पर 5 लोगों इदरीस, तस्लीम, रिहान, गुलफाम और हारून के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

कोल्ड्रिफ कफ सिरप विवाद: MP-राजस्थान में मासूमों की मौत के बाद देशभर में हलचल, डोर-टू-डोर सर्वे शुरू

जयपुर  कफ सिरप विवाद ने पूरे देश को हिला दिया है. मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 बच्चों की मौत के बाद तमिलनाडु सरकार ने विवादित सिरप 'कोल्ड्रिफ' की बिक्री पर रोक लगा दी है. वहीं, राजस्थान सरकार ने राज्य ड्रग कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया और संबंधित कंपनी की दवाओं का वितरण रोक दिया है. केंद्र सरकार ने भी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर कहा है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं न लिखी जाएं. राजस्थान में बड़ा एक्शन… राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया और राज्य के ड्रग कंट्रोलर को निलंबित कर दिया है. साथ ही जयपुर की Kaysons Pharma कंपनी की दवाओं के वितरण पर भी रोक लगा दी गई है. इससे पहले विवादित सिरप बच्चों को देने के आरोप में डॉक्टर पलक कुलवाल और फार्मासिस्ट पप्पू कुमार सोनी को भी निलंबित किया गया था. तमिलनाडु में 'कोल्ड्रिफ' सिरप पर बैन तमिलनाडु सरकार ने 1 अक्टूबर से 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप की बिक्री और स्टॉकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह फैसला मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई बच्चों की मौतों के बाद लिया गया. स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी के कांचीपुरम स्थित प्लांट का निरीक्षण कर सैंपल लिए हैं. इन्हें सरकारी लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया है ताकि 'डाईएथिलीन ग्लाइकोल' जैसे खतरनाक केमिकल की मौजूदगी की जांच हो सके. '2 साल से कम बच्चों को ना दें कफ सिरप' केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और जुकाम की दवा ना लिखी जाए. DGHS की इस गाइडलाइन का मकसद संदिग्ध सिरप से बच्चों की जान बचाना है. राजस्थान में घर-घर अभियान राजस्थान सरकार ने शनिवार से पूरे प्रदेश में घर-घर सर्वे अभियान शुरू करने का फैसला किया है. आशा, एएनएम और सीएचओ आमजन को जागरूक करेंगे कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के खांसी-जुकाम की दवा ना लें. बच्चों की पहुंच से दवाएं दूर रखने और दुष्प्रभाव पर तुरंत कदम उठाने की हिदायत दी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में बिना प्रोटोकॉल दवा लिखने या वितरित करने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने कहा कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों को डेक्सट्रोमोरफन युक्त दवा नहीं दी जाए. आमजन को समझाया जाए कि वे घर में रखी दवाओं का बिना चिकित्सकीय परामर्श के सेवन नहीं करें. दवा के सेवन के बाद किसी भी तरह का दुष्प्रभाव अथवा सांस लेने में कठिनाई, सुस्ती, बेहोशी, उल्टी, दौरे जैसे लक्षण नजर आएं तो नजदीकी अस्पताल या हेल्पलाइन नंबर 104/108 या राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0141-2225624 पर संपर्क किया जा सकता है. राजस्थान का सिरप सुरक्षित इस बीच राजस्थान सरकार ने लैब टेस्ट कराए हैं जिनमें यह पाया गया है कि विवादित सिरप के सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं. स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि दवा में कोई गड़बड़ी नहीं मिली, हालांकि जांच जारी रहेगी. महाराष्ट्र में कोडीन सिरप और ड्रग्स नष्ट ठाणे, पालघर और एमबीवीवी पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर 26,935 लीटर कोडीन-आधारित कफ सिरप समेत 147 करोड़ रुपये की नशीली दवाओं और ड्रग्स को नष्ट किया है. यह कार्रवाई महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी से की गई.

सिरमौर की बटालियन ने शहीद बहन की शादी में किया सम्मान, फूलों की छतरी के नीचे दुल्हन चली

सिरमौर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर का गिरी इलाका… यहां के भोज के भरली गांव में बीते दिनों एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. यहां विवाह समारोह में विदाई थी- उस बहन की, जिसका फौजी भाई अब इस दुनिया में नहीं है. गांव की यह शादी अपने अद्भुत और भावनात्मक थी. विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जैसे ही दुल्हन की विदाई का वक्त आया, तो घर में भावुक कर देने वाला माहौल बन गया. हर बहन चाहती है कि उसके भाई विदाई के समय उसके साथ खड़े हों, उसके आंसुओं को पोंछें और उसे ससुराल तक हंसी-खुशी से विदा करें. इस दुल्हन के लिए यह पल भारी था, क्योंकि उसका एक फौजी भाई अब उसके साथ नहीं था. यह शहीद आशीष कुमार की बहन है. आशीष ने अगस्त 2024 में अरुणाचल प्रदेश में ऑपरेशन अलर्ट 2024 के दौरान देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी. आशीष का बलिदान न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व का विषय है. लेकिन बहन की विदाई के मौके पर भाई की कमी का एहसास बेहद गहरा था. जब विदाई का वक्त आया तो आशीष के साथी सैनिक और इलाके के पूर्व सैनिक सब मिलकर इस विवाह में शामिल हुए. उन्होंने न सिर्फ विवाह में शिरकत की, बल्कि बहन की विदाई भी उसी गरिमा और सम्मान के साथ की, जैसे कोई भाई करता है. यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं. शहीद आशीष कुमार के दो भाई हैं, जो खेती-बाड़ी करते हैं. आशीष ने आर्मी ज्वाइन की थी. बहन की शादी के मौके पर जब आशीष की कमी महसूस हुई, तो उनके साथियों ने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई. विदाई के समय सेना के जवान दुल्हन वाले पारंपरिक लाल रंग के शादी के जोड़े में सजी बहन के ऊपर फूलों और माला से सजा हुआ छत्र (फूलों की छतरी) लेकर चल रहे थे, ठीक वैसे जैसे कोई भाई करता है.  देश की वर्दी पहनने वाले कई भाई उसके सिर पर छांव की तरह साथ चल रहे थे. लोगों ने कहा कि यह साबित करता है कि फौज सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है. जब एक सिपाही शहीद होता है, तो उसके पीछे पूरा फौजी परिवार उसके घरवालों के साथ खड़ा हो जाता है. इस मौके पर पूरा गांव भावुक हो उठा.

बल्ले और गेंद दोनों से चमके जडेजा, टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराया

अहमदाबाद  शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने दो मैच की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज को पारी और 140 रनों के बड़े अंतर से धूल चटाई। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 1-0 की बढ़त बना ली है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारत ने दो सेशन के अंदर मात्र 162 पर ढेर कर दिया।  मोहम्मद सिराज ने इस दौरान 4 तो जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट चटकाई। इसके बाद बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 448 रन बोर्ड पर लगाकर पारी घोषित कर दी और 286 रनों की बढ़त हासिल की। भारत के लिए केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतक जड़े। जडेजा अंत तक नाबाद रहे, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अर्धशतकीय पारी खेली। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने पारी घोषित कर दी थी जिससे उनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह मैच को चौथे दिन तक नहीं ले जाना चाहते। गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया। एक बार फिर वेस्टइंडीज को भारत ने दो सेशन के अंदर 146 रनों पर समेट मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। जडेजा ने 4 तो सिराज को तीन सफलताएं मिली। कुलदीप यादव को मिली आखिरी विकेट, भारत जीता कुलदीप यादव ने वेस्टइंडीज का आखिरी विकेट गिराकर भारत की झोली में जीत डाली। रवींद्र जडेजा पंजे से चूके, हालांकि इस मैच में उनका ऑलराउंड परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा। कुलदीप यादव ने 2 तो सिराज ने तीन विकेट निकाले। भारत ने वेस्टइंडीज को 146 रनों पर आउट कर मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। सील्स का तूफान 11वें नंबर पर बैटिंग करने आए सील्स निडर होकर बैटिंग कर रहे हैं। वह 9 गेंदों पर 19 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। भारत जीत से एक विकेट दूर है।

गुजरात BJP की कमान अब जगदीश विश्वकर्मा के हाथों में, पार्टी ने किया ऐलान

नई दिल्ली गुजरात BJP के नए अध्यक्ष के तौर पर गुजरात के मंत्री और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता जगदीश विश्वकर्मा के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। उन्हें निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया है। शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले वह एकमात्र उम्मीदवार रहे। विश्वकर्मा को प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की आधिकारिक घोषणा शनिवार को गांधीनगर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में हुई। इस दौरान राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, मैं उनके प्रति अपार सम्मान रखता हूं और मेरा मानना ​​है कि वह एक जमीनी कार्यकर्ता हैं जो राज्य की जनता के लिए काम करते रहेंगे। उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और आज वह गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। ऐसा केवल भाजपा में ही संभव है। 52 साल के जगदीश विश्वकर्मा अहमदाबाद की निकोल सीट से तीन बार के विधायक हैं। वह वर्तमान में सहकारिता, नमक उद्योग, एमएसएमई, कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग राज्य मंत्री हैं। विश्वकर्मा इससे पहले भाजपा की अहमदाबाद नगर इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं। विश्वकर्मा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और नवसारी से लोकसभा सदस्य सी आर पाटिल का स्थान लेंगे, जिनका तीन साल का कार्यकाल जुलाई 2023 में समाप्त हो गया था। कौन हैं जगदीश विश्वकर्मा जगदीश विश्वकर्मा का राजनीतिक सफर बूथ लेवल कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद जिला स्तर पर भी कई जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह विधायक बनें। वह 2012 से लगातार निकोल विधानसभा सीट से 3 बार विधायक चुने गए। वह ओबीसी वर्ग से आते हैं और इस समुदाय पर उनकी अच्छी पकड़ है।