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201 देशों में 120 ईसाई बहुल, मात्र दो हिंदू बहुल देश – आंकड़े बता रहे धार्मिक संतुलन की कहानी

नई दिल्ली भारत में कई नेता अकसर बदलती हुई आबादी का मसला उठाते रहे हैं। हाल ही में तमिलनाडु के गवर्नर और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भी यह मसला उठाया था। हिमंत बिस्वा सरमा का तो कहना है कि 2041 तक असम में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे। इसके अलावा राज्यपाल एन. रवि ने भी असम, पश्चिम बंगाल, यूपी और बिहार के कुछ सीमांत इलाकों को लेकर चिंता जाहिर की। लेकिन दुनिया भर में ऐसी चर्चाएं और चिंताएं अकसर जाहिर की जाती रही है। अब प्यू रिसर्च के एक सर्वे में आया है कि 2010 से 2020 की अवधि में दुनिया में ईसाई बहुल देशों की संख्या में कमी आई है। ईसाई बहुल देशों की संख्या दुनिया में 2010 में 124 थी, जो 2020 में घटकर 120 पर आ गई है। इसकी वजह यह है कि कई देशों में ईसाई आबादी का अनुपात कम हुआ है। जनसंख्या वृद्धि दर में कमी और अपने धर्म को छोड़कर नास्तिक बनना या किसी और मजहब को स्वीकार करना इसकी अहम वजह है। जिन देशों में ईसाई आबादी अब बहुसंख्यक नहीं रही है, वहां कमी का कारण यह है कि बड़ी संख्या में लोगों ने धर्म को छोड़ दिया। ये लोग खुद को अब किसी भी धर्म से नहीं जोड़ते हैं। ये खुद को नास्तिक, अज्ञेयवादी अथवा अनीश्वरवादी मानते हैं। कुल मिलाकर ईसाई देशों की संख्या में 10 सालों के अंतराल में ही बड़ी कमी आ गई और 4 देश नक्शे से घट गए। कुल 5 फीसदी देश दुनिया के ऐसे हैं, जहां बहुसंख्यक आबादी किसी भी धर्म को ना मानने वालों की है। अब बात करते हैं कि आखिर वे कौन से देश हैं, जहां की अब बहुसंख्यक आबादी ईसाई नहीं रही। इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और उरुग्वे जैसे बड़े देश हैं। अब यूके में ईसाई आबादी 49 फीसदी ही बची है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में 47 फीसदी, फ्रांस में 46 और उरुग्वे में 44 फीसदी ही ईसाई जनसंख्या बची है। उरुग्वे में किसी भी धर्म को ना मानने वालों की संख्या 52 फीसदी हो गई है। एक और तथ्य यह है कि नीदरलैंड में भी बहुमत (54 फीसदी) अब किसी मजहब को न मानने वालों का है। इसके अलावा न्यूजीलैंड में यह नंबर 51 पर्सेंट है। हिंदुओं का दुनिया में क्या हाल, बहुमत वाले सिर्फ 2 देश दुनिया के 201 मान्यता प्राप्त देशों में अब 120 ही ईसाई बहुल बचे हैं। इसके अलावा सिर्फ दो देश ही हिंदू बहुल हैं। इन देशों में एक भारत है और दूसरा नेपाल। दिलचस्प फैक्ट है कि 95 फीसदी हिंदू आबादी अकेले भारत में ही बसती है। इसके अलावा बाकी 5 फीसदी जनसंख्या पूरी दुनिया में बिखरी हुई है। यही नहीं दुनिया की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 15 फीसदी है। कुल मिलाकर दुनिया के 60 फीसदी देश अब भी ईसाई बहुल है। हालांकि आने वाले दशकों में इस स्थिति में और बदलाव हो सकता है। कुछ और देश ईसाई बहुल होने का तमगा खो सकते हैं।

अगस्त में 15 दिन बंद रहेंगे बैंक, लॉन्ग वीकेंड में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें लिस्ट

हर महीने की तरह अगस्त 2025 में भी बैंक कई दिनों के लिए बंद रहेंगे. अगर आपके पास कोई जरूरी बैंक का काम है, जैसे पासबुक अपडेट कराना, कैश जमा करना, ड्राफ्ट बनवाना या लॉकर एक्सेस करना, तो अभी से उसकी प्लानिंग कर लेना अच्छा रहेगा.रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की छुट्टियों की लिस्ट(RBI Bank Holidaylist) के अनुसार, अगस्त महीने में कुल 15 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें कुछ दिन वीकेंड यानी शनिवार और रविवार की छुट्टियां हैं, जबकि कुछ छुट्टियां राज्य विशेष त्योहारों और आयोजनों के कारण हैं. हर राज्य की बैंक छुट्टियां एक जैसी नहीं होतीं, इसलिए ये जानना जरूरी है कि आपके शहर में किस-किस तारीख को बैंक बंद (State-Wise Bank Holiday List) रहेंगे. शनिवार और रविवार की छुट्टियां हर हफ्ते के रविवार को सभी बैंक बंद रहते हैं. इसके अलावा, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बैंकों में छुट्टी होती है. अगस्त 2025 वीकेंड की छुट्टियां कब-कब रहेंगी? अगस्त 2025 में रविवार को बैंक हमेशा की तरह बंद रहेंगे. इस बार 3, 10, 17, 24 और 31 अगस्त को रविवार है. इसके अलावा, 9 अगस्त को दूसरा शनिवार और 23 अगस्त को चौथा शनिवार होने के कारण भी बैंक बंद रहेंगे. अगस्त 2025 में त्योहारों की वजह से कई दिन  बंद रहेंगे बैंक  अगस्त में कई बड़े त्योहार आने वाले हैं जैसे रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी. इन्हीं त्योहारों के चलते अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. 8, 9, 13, 15, 16, 19, 25, 27 और 28 अगस्त को अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. जैसे – 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर यूपी, राजस्थान, एमपी समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे.15 अगस्त को पूरे भारत में स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र में पारसी न्यू ईयर की छुट्टी होगी.16 अगस्त को जन्माष्टमी के चलते बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, तेलंगाना जैसे राज्यों में बैंक बंद रहेंगे.27 और 28 अगस्त को गणेश चतुर्थी और इसके अगले दिन महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, ओडिशा जैसे राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. छुट्टियों की तारीखें राज्य और वहां मनाए जाने वाले त्योहारों पर निर्भर करती हैं, इसलिए बैंक जाने से पहले  हॉलिडे लिस्ट जरूर चेक करें. अगस्त 2025 की छुट्टियों की पूरी लिस्ट इस बार अगस्त में कुल 15 छुट्टियां होंगी, जिनमें से करीब 7 दिन वीकेंड की छुट्टियां हैं और बाकी राज्य/त्योहारों के हिसाब से हैं.     3 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     8 अगस्त 2025 को तेंगना पोर्निमा और झूलन पूर्णिमा के मौके पर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बैंक बंद रहेंगे.     9 अगस्त को दूसरा शनिवार होने की वजह से देशभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी.     10 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     13 अगस्त को केरल में ओणम पर्व की छुट्टी के कारण बैंक बंद रहेंगे.     15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर पूरे देश में बैंक अवकाश रहेगा.     16 अगस्त को पारसी नववर्ष (नवरोज) के चलते महाराष्ट्र और गुजरात में बैंक बंद रहेंगे.     17 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     19 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.     23 अगस्त को चौथे शनिवार की वजह से पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे.     24 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     25 अगस्त को जन्माष्टमी के कारण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे.     27 अगस्त को श्री नारायण गुरु जयंती के चलते केरल में बैंक अवकाश रहेगा.     28 अगस्त को थिरुवोनम (ओणम का प्रमुख दिन) पर केरल में एक बार फिर बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी.     31  अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे. राज्य के अनुसार छुट्टियां अलग-अलग हो सकती हैं. पूरी लिस्ट आप RBI की वेबसाइट या अपने स्थानीय बैंक ब्रांच से भी चेक कर सकते हैं. बैंक हॉलिडे के दिन क्या ऑनलाइन बैंकिंग काम करेगी? हाँ, छुट्टी के दिन भी नेट बैंकिंग, UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसे डिजिटल साधन चलते रहेंगे. आप फंड ट्रांसफर, बैलेंस चेक, बिल पेमेंट जैसे काम आराम से कर पाएंगे.हालांकि, NEFT और RTGS जैसे ट्रांजैक्शन में थोड़ी देरी हो सकती है और चेक क्लीयरेंस, KYC अपडेट, लॉकर विज़िट जैसे काम के लिए ब्रांच जाना ज़रूरी होता है, जो छुट्टी वाले दिन नहीं हो पाएगा. अब भले ही डिजिटल बैंकिंग आम हो गई हो, लेकिन बहुत से ऐसे काम हैं जो बिना बैंक जाए पूरे नहीं होते. इसलिए अगर आप किसी जरूरी बैंकिंग काम की प्लानिंग कर रहे हैं जैसे लोन प्रोसेसिंग, फिक्स्ड डिपॉजिट, ड्राफ्ट बनवाना या चेक क्लियरेंस तो बेहतर होगा कि छुट्टियों की लिस्ट देखकर काम पहले ही पूरा कर लें.वरना छुट्टी के चलते आपको फालतू की दौड़भाग और देरी का सामना करना पड़ सकता है.

उत्तराखंड में धार्मिक स्थल पर हादसा: मनसा देवी मंदिर में भगदड़ से 6 की जान गई

 हरिद्वार  उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भीड़ के कारण भगदड़ मचने की खबर सामने आ रही है. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण भगदड़ मच गई. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि मैं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सीढ़ियों वाले रास्ते पर ये घटना हुई है. बताया जा रहा है कि कि बिजली का करंट लगने की वजह से भगदड़ मचने की आशंका है.  स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये भगदड़ उस समय हुई जब मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्र हुए थे. रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थी और अचानक हुई अफरा-तफरी के कारण स्थिति बेकाबू हो गई. हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन हुआ है. हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने में जुटी हैं. अभी तक हताहतों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं.

उत्तराखंड में धार्मिक स्थल पर हादसा: मनसा देवी मंदिर में भगदड़ से 6 की जान गई

 हरिद्वार  उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भीड़ के कारण भगदड़ मचने की खबर सामने आ रही है. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण भगदड़ मच गई. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि मैं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सीढ़ियों वाले रास्ते पर ये घटना हुई है. बताया जा रहा है कि कि बिजली का करंट लगने की वजह से भगदड़ मचने की आशंका है.  स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये भगदड़ उस समय हुई जब मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्र हुए थे. रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थी और अचानक हुई अफरा-तफरी के कारण स्थिति बेकाबू हो गई. हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन हुआ है. हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने में जुटी हैं. अभी तक हताहतों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं.

आज आधार से जुड़े कामों पर लगेगा ब्रेक, UIDAI ने बताई वजह

नई दिल्ली अगर आपको भी अपने आधार कार्ड में कोई अपडेट ऑनलाइन कराना है और उसके लिए माई आधार पोर्टल या एमआधार ऐप पर जाने वाले हैं तो जरा ध्‍यान दीजिए। यूआईडीएआई की ओर से एक अहम जानकारी शेयर की गई है। इसमें बताया गया है कि आज दोपहर 12 बजे से 28 जुलाई की सुबह 8 बजे तक माईआधार पोर्टल और एमआधार ऐप पर मेंटनेंस एक्टिविटी का काम किया जाना है। इस वजह से सर्विसेज में रुकावट आ सकती है। यूआईडीएआई ने कहा है कि इस दौरान होने वाली असुविधा के लिए उसे खेद होगा। आसान भाषा में समझाएं तो रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक आधार कार्ड से संबंधित ऑनलाइन काम कराने में रुकावट आ सकती है। क्‍या होती है मेंटनेंस एक्‍ट‍िविटी शेड्यूल मेंटनेंस एक्टिविटी, पहले से तय एक्‍ट‍िविटी होती है, जिसे एक तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाता है। इस दौरान किसी सर्विस से संबंधित तकनीकी काम निपटाए जाते हैं, ताकि सर्विस पहले से स्‍मूद और फास्‍ट काम करे और ग्राहकों को आम दिनों में कोई परेशानी ना हो। हालांकि शेड्यूल मेंटनेंस जितनी देर तक किया जाता है, उतनी देर उस सर्विस में रुकावट आ सकती है। वेबसाइट और ऐप दोनों का मेंटनेंस सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर यूआईडीएआई की तरफ से शेयर जानकारी से पता चलता है कि आधार कार्ड के पोर्टल और एमआधार ऐप दोनों को शेड्यूल मेंटनेंस में ले जाया जाएगा, जिससे सर्विसेज में रुकावट आ सकती है। अगर आप सोचकर बैठे थे कि रविवार के दिन आधार कार्ड से संबंधित कोई पेंडिंग काम निपटाएंगे तो ध्‍यान रहे कि सर्विस मेंटनेंस की वजह से आपका काम डिले हाे सकता है। आपको फ‍िर से याद दिला दें कि रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक शेड्यूल मेंटनेंस किया जाना है। ये सेवाएं मिलती हैं ऑनलाइन आधार कार्ड से संबंधित पोर्टल और एमआधार ऐप के जरिए कई ऑनलाइन सेवाओं को एक्‍सेस क‍िया जाता है। इनमें ई-आधार डाउनलोड, पीवीसी आधार कार्ड ऑर्डर, आधार लॉक/अनलॉक, बायोमेट्रिक्स लॉक/अनलॉक करना, ऑनलाइन अड्रेस अपडेट और वर्चुअल आईडी (VID) जेनरेट करना जैसी सर्विसेज प्रमुख हैं। शेड्यूल मेंटनेंस के दौरान इन सर्विसेज पर असर हो सकता है।

सिर्फ जिंदा रहना ही चुनौती बन गया है: सूडान में इंसानों का दर्दनाक संघर्ष, यहां जिंदा रहना भर ही काफी

खारर्तूम  सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच लोग जिंदा रहने के लिए काफी जद्दोजहद कर रहे हैं. यहां सिर्फ सेना और विद्रोही अर्धसैनिक बलों की गोलियों से बचना भर ही जीवित रहने की शर्त नहीं है. भुखमरी और अकाल भी लोगों को धीरे-धीरे मार रही है. हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपनी भूख मिटाने के लिए घास और खरपतवार खाने को मजबूर हो रहे हैं.   एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान के कई इलाकों में भूखमरी का आलम ऐसा है कि लोग जंगली पौधों और खरपतवारों को नमक के साथ उबाल कर अपने बच्चों को पिला रहे हैं, ताकि उनकी भूख शांत हो सके. पूरा देश विनाशकारी युद्ध और व्यापक भूख से जूझ रहा है. जंगली घास बन रहा लोगों का सहारा भोजन के लिए संघर्ष कर रहे लोगों में 60 वर्षीय सेवानिवृत्त एक स्कूल शिक्षक ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर यहां के हालात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सूडान में लोगों को खाना नहीं मिल रहा है. लोग अपनी भूख मिटाने के लिए अब घास और जंगली पौधों पर निर्भर हो गए हैं. खदीजा कोरो नामक एक पौधा इन दिनों भूखे लोगों के लिए बड़ा सहारा बन गया है.  इस शिक्षक ने इस पौधे के लिए एक  कविता भी लिखी है. अपनी कविता के जरिए इस जंगली घास के प्रति आभार व्यक्त किया है, जो यहां लोगों की लाइफलाइन बन चुकी है. उन्होंने कहा कि ये हमारे लिए एक मरहम है जो भय के बीच कई लोगों को भूख से मरने से बचाता है. दो करोड़ से ज्यादा लोग भुखमरी की चपेट में  ये रिटायर्ड शिक्षक सूडान में 24.6 मिलियन लोगों में से एक हैं, जो गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं. इतने सारे लोग इस देश की आबादी का आधा हिस्सा हैं. सूडान अप्रैल 2023 से संघर्ष में उलझा है. जब सूडानी सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच तनाव पूर्ण पैमाने पर लड़ाई में बदल गया. एक करोड़ से ज्यादा लोग हुए हैं विस्थापित शुरुआत में ये संघर्ष राजधानी खार्तूम में शुरू हुआ और फिर पूरे देश में फैल गया. युद्ध में 20,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. युद्ध की वजह से लगभग 1 करोड़ 30 लाख  लोग विस्थापित हुए हैं. इसके साथ ही जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा अकाल की चपेट में है. इन दिनों सूडान पर विश्व का सबसे बड़ा हंगर क्राइसिस मंडरा रहा है.  सहायता संगठनों की रिपोर्ट है कि संघर्ष के कारण बाजार में खाद्य सामग्री की कीमतें आसमान छू रही हैं. सहायता वितरण में भारी बाधा आ रही है तथा एक ऐसे देश में कृषि भूमि में भारी कमी आई है, जिसे कभी वैश्विक अन्न भंडार माना जाता था. कोर्डोफन, नुबा पर्वत और दारफुर जैसे क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है. जहां एल फशेर और जमजम शिविर जैसे क्षेत्र नॉर्वेजियन शरणार्थी परिषद जैसे समूहों के लिए दुर्गम बने हुए हैं, जैसा कि पोर्ट सूडान में स्थित सहायता कार्यकर्ता मैथिल्डे वु ने पुष्टि की है. कोयला चूसकर भूख मिटा रहे लोग कुछ लोग दिन में केवल एक बार भोजन करके जीवित रह रहे हैं, जो प्रायः साधारण बाजरे का दलिया होता है. वहीं उत्तरी दारफुर में कुछ लोग अपनी भूख मिटाने के लिए कोयला चूसने पर भी निर्भर हैं.  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सूडानी सैन्य नेता जनरल अब्देल-फतह बुरहान को फ़ोन किया और उनसे एल फशर में एक हफ़्ते के लिए युद्धविराम की मांग की ताकि सहायता पहुंचाई जा सके. सेना के एक बयान के अनुसार, बुरहान इस अनुरोध पर सहमत हो गए, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि आरएसएफ इस युद्धविराम पर सहमत होगा या नहीं. विद्रोही सेना के कब्जे वाले इलाके अकालग्रस्त सूडान के कृषि मंत्री अबू बक्र अल-बशारी ने अप्रैल में अल-हदाथ समाचार चैनल को बताया कि देश में अकाल के कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन आरएसएफ के नाम से जाने जाने वाले अर्धसैनिक बलों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में खाद्य आपूर्ति की कमी है. विश्व खाद्य कार्यक्रम, सूडान की प्रवक्ता लेनी किन्जली ने बताया कि गेजेरा के 17 इलाके, दारफ़ूर क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा और खार्तूम, जिसमें जेबेल औलिया भी शामिल है, अकाल की चपेट में है. किन्जली ने बताया कि हर महीने 40 लाख से ज़्यादा लोग समूह से सहायता प्राप्त करते हैं, जिनमें से 17 लाख लोग अकालग्रस्त या जोखिम वाले इलाकों में रहते हैं. सूडान में दो मोर्चों पर हो रहा संघर्ष सूडान में दो-दो संगठनों से सेना का संघर्ष चल रहा है. एक रैपिड सपोर्ट फोर्सेस और सेना के बीच और दूसरा पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ के साथ, जो सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं. साथ ही इनका आरएसएफ के साथ संबंध है, जिसके कारण भोजन, स्वच्छ पानी या दवा तक पहुंच लगभग असंभव हो गई है. रैपिड सपोर्ट फोर्सेस द्वारा सड़कें अवरुद्ध किए जाने के कारण लोग अपने परिवार से मिलने के लिए उत्तरी कोर्डोफ़ान के ओबैद नहीं जा सकते. सहायताकर्मियों के अनुसार, हिंसा और लूटपाट ने यात्रा को असुरक्षित बना दिया है. जिससे निवासियों को अपने आस-पड़ोस में ही रहना पड़ रहा है और उनके लिए भोजन तक पहुंच सीमित हो गई है.

रूल चेंज अलर्ट: क्रेडिट कार्ड, UPI और गैस पर 1 अगस्त से आएंगे बड़े बदलाव, जानिए असर

नई दिल्ली  हर महीने की तरह अगस्त 2025 में भी कई वित्तीय नियमों में बदलाव हो रहे हैं, जो आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं. क्रेडिट कार्ड, LPG सिलेंडर, UPI पेमेंट्स, और अन्य जरूरी खर्चों से जुड़ी नई नीतियों की वजह से आपका बजट प्रभावित हो सकता है. इन बदलावों के बारे में आपको पहले से जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि आप सही फैसले ले सकें. आइए जानते हैं अगस्त में होने वाले इन छह अहम बदलावों के बारे में.  पहला- क्रेडिट कार्ड में बदलाव  अगर आप SBI Card होल्‍डर्स हैं तो आपको एक बड़ा झटका लग सकता है, क्‍योंकि 11 अगस्‍त से एसबीआई ने कई को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद करने जा रहा है. अभी तक SBI- UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ ELITE और PRIME कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये या 50 लाख रुपये का कवर देता था.  दूसरा- LPG के दाम में बदलाव  हर महीने की तरह ही इस महीने भी रसोई गैस या कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है. 1 जुलाई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया था और इसे 60 रुपये सस्‍ता कर दिया गया था. कई बाद कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हुआ है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में 1 अगस्‍त से रसोई गैस के दाम में कटौती की उम्‍मीद की जा रही है.  तीसरा- UPI के बदल रहे ये नियम  1 अगस्‍त से UPI को लेकर कई नए नियम लागू होंगे. अगर आप नियमित तौर पर Paytm, PhonePe, GPay या किसी अन्‍य पेमेंट थर्ड प्‍लेटफॉर्म का यूज करते हैं तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने आपके लिए दबाव कम करने और बेहतर पेमेंट सुविधा देने के लिए कई नियम बदले हैं. NPCI ने कुछ नए लिमिटेशन लगाई हैं, जो आपके पेमेंट को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रिफ्रेश और अन्य चीजों पर लिमिट लगाते हैं.      अब आप एक दिन में अपने यूपीआई ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर पाएंगे.      अब आप मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को दिन में सिर्फ 25 बार चेक कर पाएंगे.       AutoPay ट्रांजेक्‍शन जैसे नेटफ्लिक्स या म्यूचुअल फंड की किसत अब सिर्फ 3 समय स्‍लॉट में प्रॉसेस होंगे. सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9.30 बजे के बाद.      अब आप फेल ट्रांजेक्‍शन का स्‍टेटस सिर्फ 1 दिन में 3 बार चेक कर पाएंगे और हर चेके बीच में 90 सेंकेड का अंतर होगा.  चौथा- CNG, PNG के दाम में बदलाव  अक्‍सर देखा जाता है कि तेल कंपनियां सीएनजी और पीएनजी के दाम में भी हर महीने बदलाव करती हैं, लेकिन अप्रैल के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 9 अप्रैल को सीएनजी-पीएनजी के दाम में बदलाव हुआ था. तब मुंबई में सीएनजी ₹79.50/किलोग्राम और पीएनजी ₹49/यूनिट हुई थी. यह बढ़ोतरी छह महीने में चौथी बार की गई थी.  पांचवा- बैंक हॉलिडे  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने बैंकों की हॉलिडे लिस्‍ट जारी करता है. वीकेंड को छोड़कर त्‍योहार और अन्‍य जरूरी डेट पर आरबीआई बैंकों को बंद करने के लिए निर्देश देता है. हालांकि ये अवकाश अलग-अलग जगहों के लिए अलग-अलग डेट पर हो सकती हैं.  छठवां- ATF के दाम  1 अगस्‍त से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में भी बदलाव हो सकता है, क्‍योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों महीने की पहली तारीख को LPG Price ही नहीं, बल्कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव यात्री के टिकट के दामों पर सीधा पड़ता है.   क्रेडिट कार्ड से कैसे करें UPI पेमेंट क्रेडिट कार्ड से यूपीआई पेमेंट करने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा। स्टेप 1 – सबसे पहले यूपीआई ऐप से पेमेंट किए जाने वाला QR कोड स्कैन करें। स्टेप 2- अब Pay phone Number या Pay Contact ऑप्शन का चयन करें। स्टेप 3- इसके बाद यूपीआई नंबर दर्ज करें या अन्य पेमेंट ऑप्शन पर जाएं। स्टेप 4- आप सेल्फ ट्रांसफर का भी ऑप्शन चुन सकते हैं। स्टेप 5- अब क्यूआर कोड और फोन नंबर वेरिफाई हो जाने के बाद आप अमाउंट दर्ज करें। स्टेप 6- फिर आपको पेमेंट के लिए क्रेडिट कार्ड का ऑप्शन सिलेक्ट करना होगा। स्टेप 7- अंत में पिन कोड दर्ज करें, जिसके बाद आपका पेमेंट पूर्ण हो जाएगा।

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर अडिग चुनाव आयोग, शेड्यूल जल्द होगा जारी

नई दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा बिहार में किए जा रहे मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण का विपक्ष द्वारा संसद से लेकर सड़क तक विरोध किया जा रहा है। भारी विरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बड़ा एलान किया। दरअसल चुनाव आयोग ने कहा है कि देशभर में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण का काम अब शुरू करने का फैसला किया गया है और जल्द ही इसके लिए शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा।   चुनाव आयोग ने बीते माह ही जारी कर दिया था आदेश चुनाव आयोग ने बीती 24 जून को ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया था और कहा था कि संवैधानिक कर्तव्य के तहत और मतदाता सूची की अखंडता और सुरक्षा के लिए यह मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का काम किया जाएगा। अब चुनाव आयोग ने उसकी शुरुआत कर दी है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 'मतदाता सूची की अखंडता को बनाए रखना निष्पक्ष और मुक्त चुनाव के लिए आधारभूत जरूरत है। जनप्रतिनिधि कानून, 1950 और रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टोरल रूल्स, 1960 के तहत योग्यता, मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया और तरीके की जानकारी दी गई है।' एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर क्यों हो रहा विवाद पिछले महीने 24 जून को निर्वाचन आयोग ने बिहार में विशेष मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का निर्देश दिया था। यह 25 जून से 26 जुलाई 2025 के बीच होना है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में फर्जी, अयोग्य और दो जगहों पर पंजीकृत मतदाताओं को हटाने के उद्देश्य से पुनरीक्षण किया जा रहा है। वहीं विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि चुनाव आयोग इस विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिए पिछले दरवाजे से लोगों की नागरिकता की जांच कर रहा है। साथ ही विपक्ष का आरोप है कि इसकी आड़ में बड़े पैमाने पर लोगों से मतदान का अधिकार छीना जा सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया है कि अगर कोई व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर हो जाए, तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि उसकी नागरिकता समाप्त हो गई है। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि कानून और संविधान के तहत उसे यह अधिकार प्राप्त है कि वह नागरिकता से जुड़े दस्तावेज मांग सके, ताकि लोगों को 'मताधिकार' मिल सके। विपक्ष के विरोध पर चुनाव आयोग ने उठाए थे सवाल विपक्ष द्वारा मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण करने का भारी विरोध किया जा रहा है। बिहार विधानसभा और संसद में इस मुद्दे पर हंगामा जारी है। विपक्ष के विरोध और आलोचना के बीच चुनाव आयोग ने कुछ सवाल उठाते हुए कहा कि 'भारत का संविधान, भारतीय लोकतंत्र की मां है। तो क्या विरोध से डरकर चुनाव आयोग को कुछ लोगों के दबाव में भ्रमित हो जाना चाहिए और उन लोगों का रास्ता साफ कर देना चाहिए, जो मृत मतदाताओं के नाम पर फर्जी मतदान करते हैं? जो मतदाता स्थायी तौर पर पलायन कर गए हैं, जो मतदाता फर्जी या विदेशी हैं, क्या उन्हें संविधान के खिलाफ जाकर, पहले बिहार में और फिर पूरे देश में मतदान करने दें?' दावा किया जा रहा है कि पुनरीक्षण में बिहार में कम से कम 56 लाख मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। इसमें 20 लाख मतदाताओं का निधन हो चुका है। 28 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई जो अपने पंजीकृत पते से स्थाई रूप से पलायन कर गए हैं। वहीं, एक लाख मतदाता ऐसे हैं जिनका कुछ पता नहीं है। 7 लाख मतदाता एक से अधिक स्थान पर पंजीकृत पाए गए हैं। 

अमरनाथ यात्रा जारी, अब तक 3.6 लाख श्रद्धालु पहुंचे पवित्र गुफा

श्रीनगर, अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से जारी है। 22 दिनों में 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि अमरनाथ यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और पिछले 22 दिनों में 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इसके साथ ही 2,324 यात्रियों का एक नया जत्था शनिवार को भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को 34 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 741 यात्रियों को लेकर सुबह 3:25 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जबकि 58 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला 1,583 यात्रियों को लेकर सुबह 3:45 बजे पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी। 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए लाया गया है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है। सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां लाई गई हैं। पूरे मार्ग को सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया है। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। वहीं, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का दिन है। श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे।  

ओडिशा के सरकारी हॉस्टल में 10वीं की दो छात्राएं गर्भवती — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

फूलबाणी  ओडिशा के कंधमाल जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। प्रदेश में महिलाओं के यौन शोषण को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सरकारी हॉस्टल में रहने वाली दसवीं कक्षा की दो छात्राएं गर्भवती पाई गईं। यह खुलासा हॉस्टल में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने बताया कि दोनों नाबालिग छात्रा कंधमाल जिले में सरकारी हॉस्टल में रहती हैं। मामले में हॉस्टल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। कैसे पता चला छात्राएं हैं गर्भवती? कंधमाल जिले के जिला कल्याण अधिकारी रवि नारायण मिश्रा ने बताया कि हमने पुलिस को दो लड़कियों के गर्भवती होने की सूचना दी है। शिकायत में हमने पुलिस से मामले की जांच करने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार की ओर से संचालित आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली लड़कियों की लंबी छुट्टियों से लौटने के तुरंत बाद मेडिकल जांच की जाती है। मिश्रा ने बताया कि हमारे कर्मचारियों ने दो लड़कियों में असामान्य लक्षण पाए गए। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए उप-मंडलीय अस्पताल भेजा गया। जहां उनकी गर्भावस्था की पुष्टि हुई। जिले के तुमुदिबांध ब्लॉक का है मामला? दरअसल इस साल गर्मी की छुट्टियों के बाद 21 जून को स्कूल फिर से खुले थे। हालांकि दोनों लड़कियां जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल लौट आईं। उन्होंने बताया कि ये मामले जिले के तुमुदिबांध ब्लॉक के दो अलग-अलग सरकारी आवासीय बालिका उच्च विद्यालयों से सामने आए। दोनों छात्राएं पिछले महीने गर्मी की छुट्टियों के बाद अपने छात्रावास लौट आई थीं।