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वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के निर्माण में पंचतत्वों का महत्व, जानिए दोष निवारण के सरल ज्योतिषीय और घरेलू उपाय

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का निर्माण करते समय सौ प्रतिशत वास्तु सम्मत नियमों का पालन करना कठिन रहता है, अतः अधिक से अधिक शुभ निर्माण वास्तु नियमों के अनुसार करने का प्रयास करना चाहिए। ब्रह्म स्थान को लेकर पूर्व दिशा, पश्चिम दिशा, उत्तर दिशा, दक्षिण दिशा, ईशान कोण, अग्नि कोण, नैऋत्य कोण, वायव्य कोण, इन नौ दिशा रूपी बिन्दुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि भवन को अधिक से अधिक वास्तु अनुरूप बनाया जा सके। माना कि किसी भी मकान आदि का छः भाग वास्तु अनुरूप है एवं तीन भाग वास्तु दूषित है, तो अधिक फल लाभ का मिलेगा, लेकिन शर्त इतनी है कि तीन दूषित भागों के दोषों का निवारण वास्तु सम्मत उपायों से अवश्य करें। फेंगशुई के उपाय, ग्रह उपचार, वास्तु उपायों के साथ करने पर दोष निवारण को न्यूनतम कर जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। वास्तु दोष निवारण के लिए प्रमुख बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, जैसे ब्रह्म स्थान का शुद्ध होना, प्रवेश द्वार की स्थिति, ईशान कोण, अग्नि कोण, नैऋत्य कोण, वायव्य कोण, चारों कोेणों का घटना-बढ़ना एवं उसमें क्या सही और क्या गलत निर्माण हो चुका है, इन सब पर ध्यान देना। सीढ़ियों की दिशा एवं संख्या को ध्यान में रखना, रसोईघर, स्नानघर, शौचालय की स्थिति, पानी की टंकी आदि का ध्यान रखना, शयन कक्ष का कमरा, शयन कक्ष में फर्नीचर की स्थिति इत्यादि बातों पर गौर करना आवश्यक है। घर में पंच तत्वों की स्थिति पांच तत्वों की मकान में अलग-अलग स्थिति रहती है। ईशान कोण में जल तत्व, अग्नि कोण के मालिक पितृ एवं अग्निदेव, नैऋत्य कोण विघ्नों की राक्षसी दिशा, वायव्य कोण में वायु तत्व, ब्रह्म स्थान में आकाश तत्व, इस प्रकार पंचतत्व को वास्तु कुण्डली बनाकर समायोजन करना आवश्यक रहता है। यह कार्य कोई विशेष वास्तु मर्मज्ञ ही कर सकता है। ईशान कोण का दोष दूर करने के उपाय ईशान कोण का दोष न्यूनतम करने के लिए इस कोण पर जल पात्रों को स्थापित करना, भगवान शिव का चित्र, शिव ध्वजा लगाना दोष दूर करने का सरल माध्यम है। इसी प्रकार अग्नि कोण में बैठकर अग्निदेव का ध्यान कर अपने पूर्वजों के निमित्त दान, पूजा, सूर्य व गायत्री उपासना एवं नित्य अग्निहोम करने से अग्निकोण का वास्तुदोष न्यूनतम हो जाता है। नैऋत्य कोण की अधिष्ठात्री नैऋति देवी को माना गया है, अतः इनके ध्यान के साथ गरीबों की सेवा और मदद करने से आत्मरक्षा होती है। भैरव उपासना दक्षिण व नैऋत्य दोष निवारण हेतु शुभ मानी गई है। वास्तु उपासना के साथ वास्तु यंत्र को घर में स्थापित करना लाभप्रद रहता है।  

हनुमान जन्मोत्सव पर 2 अप्रैल 2026 का भाग्यफल और जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का राशिफल

आज 2 अप्रैल 2026 को चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि है. आज हनुमान जन्मोतस्व मनाया जाएगा. यह दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना के लिए खास होता है. आज हस्त और चित्रा नक्षत्र रहने वाला है. ध्रुव और व्याघात योग रहेगा. बव, बालव और कौलव करण रहेगा. आइए अब पं. सत्यम विष्णु अवस्थी से जानते हैं 2 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन सभी राशियों के लिए कैसा रहने वाला है. यहां पढ़ें आज का राशिफल. मेष राशि आज कारोबार में भागदौड़ अधिक होने से थकान संभव है. आज लाभ प्राप्ति में रुकावटें आ सकती हैं. आत्मविश्वास बनाए रखें. व्यस्त जीवन में थोडा समय अपनों के लिए भी निकालें. आज आपको किसी के जवाब का इंतजार रहेगा. वृषभ राशि आज आप बिना सोचे समझे कुछ न करें. आप अपनी बातों से अपनों को नाराज कर देंगे. पूंजी निवेश लाभदायी रहेगा. व्यापार में वृद्धि संभव है. सतर्कता के कारण काम आपकी योजनाओं के अनुसार होंगे. सामाजिक कार्यों में सम्मान प्राप्त होगा. मिथुन राशि कई दिनों से जो आप करना चाह रहे थे आज संभव है. अधूरे पड़े कार्य पूर्ण होने की संभावना है. आपके स्वास्थ्य उत्तम रहेगा. आपका प्रभाव बढ़ने से शत्रु परास्त होंगे. यात्रा में वस्तुएं संभालकर रखें. कर्क राशि आज परिवार के मांगलिक आयोजनों पर आपका धन व्यय होगा. जीवनसाथी के स्वास्थ्य की आपको अधिक चिंता रहेगी. खर्च बढ़ने से आर्थिक तंगी हो सकती है. व्यापार-व्यवसाय सामान्य रहेगा. आज धर्म में आपकी रुचि बढ़ेगी. सिंह राशि आप के किए वादों को पूरा करने का समय है. आज जीवनसाथी के साथ आपकी यात्रा के योग हैं. आज यश और उत्साह बढ़ेगा. रोजगार में आय के स्थायी स्रोत प्राप्त होने के योग हैं. राजनीती से जुड़े लोगों के लिए समय अधिक मेहनत कराने वाला है. कन्या राशि संतान से शुभ एवं अनुकूल समाचार प्राप्त हो सकते हैं. आज आप जरूरतमंद व्यक्तियों पर परोपकार करेंगे. आज आपके व्यवसाय में कार्य का विस्तार होगा. रिश्तेदारों से आपके संबंध प्रगाढ़ होंगे. रुका हुआ पैसा मिलेगा. पेट से संबंधित रोग से पीड़ित रहेंगे. तुला राशि आज अपने अधिकार का प्रयोग कर किसी काम को पूरा करेंगे. अपनों के द्वारा धोखा मिलने के योग हैं इसलिए सावधान रहें. आज सुख-समृद्धि मने वृद्धि होगी. बुद्धिमानी से समस्या का समाधान संभव है. व्यर्थ में किसी पर संदेह नहीं करें. व्यापार लाभप्रद रहेगा. नई योजनाएं क्रियान्वित होंगी. वृश्चिक राशि आज आपको कुसंगती से बचकर रहना होगा. व्यक्तिगत कार्यों में उन्नति की संभावना है. आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी. समाज में आपकी प्रशंसा होगी. व्यापार आपके लिए लाभदायक रहेगा. किसी वस्तु को पाने की ललक रहेगी. जीवनसाथी से क्रोध पूर्वक व्यवहार न करें. धनु राशि व्यवसाय में पहले किए गए कार्यों के लाभदायी परिणाम मिलेंगे. आज आपको परिवार की चिंता बनी रहेगी. वाहन सुख प्राप्त होने के योग हैं. किसी योजना का आपको लाभ मिलेगा. अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए समय उपयुक्त है. मकर राशि आज भेंट, उपहार मिलने के योग हैं. कार्यस्थल पर आपकी कार्यक्षमता बढ़ेगी. निजी समस्या आपके प्रयत्नों से हल होगी. रोजगार में तरक्की के योग हैं. खर्चों में कमी आवश्यक है. दूसरे के भरोसे बैठे रहे तो काम आज भी अधूरे रहेंगे. कुंभ राशि आज कम समय में आप कार्य को पूरा करेंगे. अपने महत्व को भूलें नहीं. श्रेष्ठजनों से आपकी मुलाकात होगी. व्यापारिक निर्णय समय पर लें, लाभ की संभावना है. परिवार की उलझन खत्म होगी. मन की बात कहने का अवसर मिलेगा. मीन राशि आपके स्वभाव में चिड़चिड़ापन अच्छा नहीं है. प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संबंधों का लाभ लेने में आज आप पीछे नहीं हटेंगे. सामाजिक कीर्ति में वृद्धि होगी. आज आप कार्यों को टालने का प्रयास न करें, कार्य को समय पर पूरा करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा.

पद्मश्री एच.एस. फुल्का की नई पारी, अब थामेंगे भाजपा का दामन

  चंडीगढ़ दाखा के पूर्व विधायक एचएस फुलका आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने उन्हें पार्टी में शामिल करवाया।   2014 में सांसद का चुनाव हारे थे फुलका ने 2014 में लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू से 19,709 वोटों से हार गए थे। 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव में, उन्होंने दाखा निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की और अकाली नेता मनप्रीत सिंह अयाली को हराया था। जनवरी 2019 में उन्होंने औपचारिक रूप से आप छोड़ दी थी। सिख दंगा पीड़ितों के लिए लगातार लड़ी लड़ाई दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील फुलका एक मानवाधिकार कार्यकर्ता, लेखक और राजनेता भी हैं। वे 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लगातार लड़ाई के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने उन सबसे लंबी और मुश्किल कानूनी लड़ाइयों में से एक का नेतृत्व किया। उनके इन प्रयासों के लिए, उन्हें 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। दंगों के बाद, फुलका ने 1985 में 'सिटिजन्स जस्टिस कमेटी' बनाने में मदद की। इस कमेटी ने कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को एकजुट किया था ताकि वे न्यायिक आयोगों के सामने पीड़ितों का पक्ष रख सकें। 2001 में उन्होंने एक वेबसाइट शुरू की ताकि दंगों से जुड़े दस्तावेज और जांच के नतीजे आम लोगों तक पहुंच सकें। सीएम मान ने दी शुभकामनाएं एडवोकेट एचएस फुलका के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें मेरी शुभकामनाएं। तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता अपनी राजनीतिक आस्था बदलते हैं जनता उन्हें दोबारा नहीं जितवाती। फिलहाल तो मैं सिर्फ फुलका साहब को शुभकामनाएं ही दे सकता हूं।  

आज है हनुमान जन्मोत्सव, संकटमोचन की इन 5 शक्तियों में छिपा है सफलता का मंत्र, आत्मविश्वास से होगा बेड़ा पार

 आज 2 अप्रैल को  हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रह  . हर वर्ष यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है.आज के दिन हनुमान जी की पूजा-उपासना करना बहुत ही शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों में हनुमान जी को भगवान राम का सबसे बड़ा भक्त और अपार शक्ति का प्रतीक बताया गया है. उन्हें साहस, समर्पण और अटूट विश्वास का रूप माना जाता है. मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से डर, बीमारी और नकारात्मकता दूर होती है और व्यक्ति को जीवन में सही दिशा मिलती है. आज के समय में जब लोग किसी न किसी परेशानी से गुजर रहे हैं तो ऐसे में हनुमान जी से जुड़ी कथाएं हमें हिम्मत और सकारात्मक सोच देती हैं. ये सिर्फ पौराणिक कथाएं नहीं हैं, बल्कि जीवन को समझने और आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाती हैं. हनुमान जयंती के मौके पर आइए उनकी कुछ खास शक्तियों और उनसे मिलने वाली सीख को समझते हैं. 1. भक्ति ही सबसे बड़ी ताकत हनुमान जी की सबसे बड़ी शक्ति उनकी श्रीराम के प्रति भक्ति थी. वे हर काम करने से पहले प्रभु को याद करते थे. यही वजह थी कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी वे सफल हुए. इससे सीख मिलती है कि सच्चा विश्वास और समर्पण हमें मजबूत बनाता है. 2. साहस और समझदारी- पर्वत उठाने की कथा जब लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे, तब उन्हें बचाने के लिए संजीवनी बूटी लानी थी. हनुमान जी को जब सही जड़ी-बूटी पहचान में नहीं आई, तो वे पूरा पर्वत ही उठा लाए. यह दिखाता है कि मुश्किल समय में सही फैसला और हिम्मत कितनी जरूरी होती है. 3. आत्मविश्वास- समुद्र पार करना लंका जाने के लिए हनुमान जी ने एक ही छलांग में समुद्र पार कर लिया था. उन्होंने बिना डर के अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया. यह कहानी सिखाती है कि अगर आत्मविश्वास मजबूत हो, तो बड़ी से बड़ी दूरी भी छोटी लगने लगती है. 4. बुद्धि और चालाकी- लंका में प्रवेश जब हनुमान जी लंका पहुंचे, तो उन्होंने सूक्ष्म रूप धारण कर माता सीता को खोजा था. उन्होंने अपनी समझदारी से हर चुनौती का सामना किया था और सही समय पर सही कदम उठाया था. इससे सीख मिलती है कि केवल ताकत ही नहीं, बल्कि बुद्धि भी उतनी ही जरूरी है. 5. अन्याय के खिलाफ खड़े होना- लंका दहन हनुमान जी ने रावण के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई और पूरी लंका को जला दिया था. यह दिखाता है कि गलत के सामने चुप नहीं रहना चाहिए. सही के लिए खड़ा होना भी एक बड़ी ताकत है.

हनुमान जी और श्रीराम का भाई वाला नाता, क्या है दिव्य खीर का रहस्य?

हनुमान जी को श्रीराम का अद्भुद भक्त माना जाता है. वीरों के वीर फिर भी स्वभाव से सरल हनुमानजी के जन्म की कथा बहुत विचित्र और रहस्यों से भरी है. वह माता अंजना और वानरराज केसरी के पुत्र थे. लेकिन कई ग्रंथों और कहानियों में उन्हें श्रीराम का ही एक भाई बताया जाता है. इसके पीछे कई तरह के तर्क आधार बनते हैं. श्रीराम ने खुद भी हनुमानजी से कहा था कि, 'तुम मम प्रिय भरतहिं सम भाई' यानी तुम मुझे भरत के समान भाई जैसे प्रिय हो. यानी श्रीराम भी खुद हनुमान जी को अपना एक भाई ही मानते थे. क्या है माता अंजना के शाप की कहानी लेकिन, आनंद रामायण में हनुमानजी के जन्म की कहानी ये बताती है कि कैसे हनुमानजी श्रीराम के भाई हुए. बात ऐसी है कि स्वर्ग की एक अप्सरा थी पुंजिकस्थला. वह वायुदेव से प्रेम करती थीं. एक बार दोनों एक सरोवर में खेल रहे थे. वहीं उसके तट पर एक ऋषि साधना में लीन थे. अप्सरा को ये बात पता नहीं थी. वह हथेली में जल कर बार-बार इधर-उधर उछाल रही थी. ठंडे पानी की बूंदे बार-बार पड़ने से ऋषि की साधना में बाधा आई तो उन्होंने अप्सरा को वानर हो जाने का शाप दे दिया. दशरथ जी के यज्ञ का हनुमानजी के जन्म से कनेक्शन वही अप्सरा अगले जन्म में अंजना नाम से वानरकुल में जन्मी. समय आने पर वानर राज केसरी से उनका विवाह हुआ. कई वर्षों तक जब उन्हें संतान नहीं हुई तब अंजना ने शिवजी की तपस्या की. ठीक इसी दौरान अयोध्या में राजा दशरथ पुत्र की कामना के लिए यज्ञ करा रहे थे. यज्ञ से अग्निदेव ने उन्हें दिव्य चरु (खीर) प्रसाद में दी. जिसे राजा दशरथ ने अपनी तीनों रानीयों में बांट दिया. कहते हैं कि जैसे ही रानी कैकेयी अपने हिस्से की खीर खाने वाली थीं कि उससे पहले ही एक चील ने थोड़ी सी खीर अपनी चोंच में दबा ली और उड़ चली. उधर अंजना माता की तपस्या से प्रसन्न शिवजी उन्हें वरदान देने आए थे. ठीक इसी वक्त चील के मुंह से खीर के अंश अंजना की हथेली में गिरे, शिवजी के आदेश से उन्होंने उसे ग्रहण किया. इसी से हनुमान जी का जन्म हुआ. कुछ जगहों पर ऐसा भी जिक्र आता है कि जब शिवजी अंजना माता को वरदान देने जा रहे थे, इससे पहले उन्होंने वायुदेव को आदेश दिया कि वह अयोध्या से खीर का कुछ अंश उड़ा कर ले आएं. वायुदेव ने रानी कैकेयी के हिस्से की खीर से ही कुछ अंश उड़ा लिए थे. कहानियों में एक तर्क ऐसा भी है कि अग्निदेव ने खीर के तीन कटोरे दिए थे. उस वक्त रानी सुमित्रा वहां नहीं थीं, इसलिए कैकेयी ने दो कटोरे उठाए थे कि एक वह सुमित्रा को दे देंगी, लेकिन इससे पहले ही एक चील खीर का एक कटोरा लेकर उड़ गई. तब बड़ी राना कौशल्या और कैकेयी ने अपने-अपने कटोरे से एक-एक कौर खीर सुमित्रा को खिलाई थी. इसलिए सुमित्रा दो पुत्रों की माता बनीं. राम कौशल्या के पुत्र हुए. कैकेयी के भरत हुए और कैकेयी के ही हाथ से उड़ी खीर से हनुमान जी का जन्म हुआ. इसलिए हनुमान जी भरत के समान ही श्रीराम के प्रिय भाई हुए. क्योंकि उनके जन्म का रहस्य भरत और उनकी मां कैकेयी से जुड़ा हुआ है. कहने को तो वह लक्ष्मण के समान प्रिय भाई भी हो सकते थे. क्योंकि लक्ष्मणजी ने तो श्रीराम को मिला वनवास भी सिर्फ साथ निभाने के लिए भोगा था, क्यों भरत जी के बराबर भाई जैसा है हनुमान जी का दर्जा हनुमान जी को भरत के समान भाई मानने का यही रहस्य है. लोक मान्यता में भी जब रामदरबार की बात होती है तो उसमें राम जी के भाइयों के साथ हनुमान जी भी शामिल होते हैं. दीपावली के अगले दिन कई जगहों पर जो गोवर्धन पूजा होती है, उसमें पांच भाई बनाए जाते हैं, जिन्हें रामजी और रामजी के भाई माना जाता है. इन पांचों भाइयों में एक हनुमान जी ही शामिल किए जाते हैं. भक्ति में भाई का भाव जोड़कर हनुमान जी केवल सेवक नहीं, बल्कि रामकथा के सबसे आत्मीय पात्र बन जाते हैं.

Aaj Ka Rashifal 2 April 2026: मेष को मिलेगा नया काम, कर्क-मकर रहें अलर्ट, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

मेष: मेष राशि वालों के लिए दिन संतुलित रहेगा। काम की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में होती जाएंगी। ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे समय पर पूरा करना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बेवजह खर्च करने से बचें। परिवार में सहयोग मिलेगा। छोटी बातों को नजरअंदाज करना बेहतर रहेगा। वृषभ: वृषभ राशि वालों का दिन शांत तरीके से बीतेगा। काम में स्थिरता रहेगी, लेकिन ध्यान भटक सकता है। कार्यस्थल पर किसी की बात से मन प्रभावित हो सकता है, लेकिन ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। पैसों का संतुलन बना रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत ठीक रहेगी, दिनचर्या नियमित रखें। मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। काम पूरे होने से संतोष मिलेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। धन से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में माहौल अच्छा रहेगा। दोस्तों या करीबी लोगों से बातचीत मन को हल्का करेगी। कर्क: कर्क राशि वालों को काम में थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। ऑफिस में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन समय के साथ स्थिति संभल जाएगी। सेहत का ध्यान रखें। सिंह: सिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छा संकेत दे रहा है। काम में सफलता मिलने की संभावना है। ऑफिस में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार दिखेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आत्मविश्वास बनाए रखें। तुला: तुला राशि वालों के लिए दिन राहत भरा रह सकता है। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। ऑफिस में माहौल सहयोगी रहेगा। पैसों के मामले में स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार में तालमेल बना रहेगा। मन शांत रहेगा। धनु: धनु राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों से जुड़ी स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मकर: मकर राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। समय का सही उपयोग करना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में किसी बात पर मतभेद हो सकता है, लेकिन समझदारी से हल निकल सकता है। कन्या: कन्या राशि वालों को योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। काम उम्मीद के अनुसार पूरा न होने से मन थोड़ा परेशान हो सकता है। ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ‌वृश्चिक: वृश्चिक राशि वालों को मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। काम में समय लग सकता है, लेकिन धैर्य रखें। आर्थिक मामलों में समझदारी जरूरी है। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। कुम्भ: कुंभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहने की संभावना है। काम में सफलता मिल सकती है। ऑफिस में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार और दोस्तों का साथ मिलेगा। मीन: मीन राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कुछ काम पूरे होंगे, कुछ में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा। खुद को शांत रखें।

भूलकर भी किसी को न बताएं ये 3 बातें, चाणक्य नीति के अनुसार बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें

आचार्य चाणक्य ने अपनी किताब चाणक्य नीति में समाज और परिवार में जीने के सलीके को बहुत बारीकी से बताया है. उन्होंने अपनी किताब  चाणक्य नीति में पैसे, सेहत, बिजनेस, दांपत्‍य जीवन, जीवन में सफलता से जुड़े कई चीजों के बारे में विस्तार से बताया है. मुश्किल समय में ये किताब हमेशा ही सही रास्ता दिखाती है. अपनी किताब में चाणक्य ने तीन ऐसी बातों के बारें में भी लिखा है, जिसके बारें में आप को किसी से बात नही करनी चाहिए: #3 व्यवसाय में हुए नुकसान के बारे में ना करें अगर आप को आपके बिजनेस में नुकसान हो रहा है तो इसका जिक्र आप को किसी और से नहीं करना चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो विरोधी आप को कमजोर समझेंगे और आपका ही नुकसान कर सकते हैं. इसके अलावा वो आप से भी दूरी भी बना सकते है. इसी वजह से आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र किसी से नहीं करनी चाहिए. #2 आतंरिक कलह के बारें में ना करें किसी से बात आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अगर आप की परिवार में लड़ाई जा रही है या फिर आप की पत्नी से बन नहीं रही है तो इस बात का जिक्र किसी और नहीं करना चाहिये. ऐसा करने से समाज में आप की छवि ख़राब होती है. लोग आपके दांपत्य जीवन का भी मजाक बनाते हैं,जिसका असर आप के रिश्तों पर भी पढ़ता है. #1 धोखे के बारें में ना करें बात आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अगर आप को किसी से धोखा मिला है तो आप को इस बात का जिक्र नहीं करना चाहिए क्योंकि आप को लोग कमजोर और उदार समझ लेंगे और भविष में आप का ही नुकसान कर सकते हैं. 

मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ये 4 तस्वीरें, घर में आएगी कंगाली और तनाव, वास्तु दोष से रहें सावधान

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता के लिए घर का हर एक कोना वास्तु के अनुरूप होना चाहिए। जिन घरों में वास्तु शास्त्र अच्छा होता है वहां पर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है, वहीं जिन घरों में वास्तु संबंधित दोष होता है वहां पर कई तरह की रुकावटें आती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मुख्य दरवाजा होता है क्योंकि यही वह स्थान है जो जहां से सबसे ज्यादा सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का वास्तु शास्त्र जितना साफ, सुंदर और वास्तु सम्मत होता है घर पर उतनी ही ज्यादा खुशियां, सुख, समृद्धि और शांति आती है। घर के मुख्य दरवाजे पर कई तरह की तस्वीरें लगाने का प्रचलन होता है। लेकिन कुछ ऐसी तस्वीरें भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं घर के मुख्य दरवाजे पर कौन-कौन सी तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। घर के मुख्य दरवाजे पर न लगाएं ऐसी तस्वीरें – घर के मुख्य दरवाजे पर कभी मृत्यु, हिंसा, खून और संघर्षों से संबंधित कोई भी तस्वीर को नहीं लगाना चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे पारिवारिक जीवन में तनाव और समस्याओं में इजाफा हो सकता है। – घर के मुख्य दरवाजे पर कभी गहरे रंगों वाली तस्वीरों को नहीं लगाना चाहिए। इससे घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ सकता है। ऐसे में हल्के रंगों वाली तस्वीरों को प्राथमिकता देनी चाहिए। – घर के मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी नकारात्मक चीजों से संबंधित चित्र नहीं लगवाना चाहिए। इससे घर के वातावरण में अशांति और संघर्ष का वातावरण बनता है। – घर के मुख्य दरवाजे पर कभी भी कोई तस्वीर को उल्टी दिशा में नहीं लटकाना चाहिए। इसे वास्तु शास्त्र में अच्छा नहीं माना जाता है। घर के मुख्य दरवाजे पर लगाएं ऐसी तस्वीरें – शुभ प्रतीकों और देवी-देवताओं से जुड़ी हुई तस्वीरें -घर के मुख्य द्वार पर प्यार और खुशी की प्रतीक वाली तस्वीरों को लगाना शुभ माना जाता है। -घर के मुख्य दरवाजे पर ऊं, स्वास्तिक, दीपक और अन्य दूसरे मांगलिग प्रतीकों को लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। – घर के मुख्य दरवाजे पर हमेशा साफ-सफाई रखना होनी चाहिए। इससे सुख-समृद्धि और सपंन्नता आती है।  

मंगल का मीन में गोचर, शनि के साथ खतरनाक युति, इन 4 राशियों पर टूटेगा मुसीबतों का पहाड़

ज्योतिष के अनुसार मंगल को ऊर्जा और साहस का ग्रह माना जाता है. द्रिक पंचांग के मुताबिक, 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर मंगल मीन राशि में प्रवेश करेंगे. मीन जल तत्व की राशि है, जबकि मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है, इसलिए इन दोनों का मेल थोड़ा असामान्य माना जा रहा है. खास बात यह है कि मीन राशि में पहले से मौजूद शनि के साथ मंगल की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है. मंगल मीन राशि में विराजमान 2 अप्रैल से लेकर 11 मई 2026 तक रहेंगे, लेकिन 14 अप्रैल तक का समय ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि तब तक सूर्य भी मीन राशि में रहेंगे. यानी इन शुरुआती दिनों में मीन राशि में 3 ग्रह एक साथ होने से कुछ राशियों के लिए यह स्थिति थोड़ी कठिन हो सकती है. ये राशियां रहें सावधान इस दौरान मेष राशि के लोगों को गुस्से पर कंट्रोल रखने की जरूरत है, नहीं तो गलत फैसले हो सकते हैं. वृषभ राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट संभालकर चलें. कन्या राशि के लोगों को अपनी बातों पर ध्यान देना होगा, क्योंकि छोटी बात भी विवाद बढ़ा सकती है. वहीं मीन राशि के लिए यह समय सबसे ज्यादा सतर्क रहने का है, क्योंकि यही युति उनकी ही राशि में बन रही है. इन राशियों को इस समय स्वास्थ्य के मामले में भी थोड़ा सावधानी रखनी होगी. सिर दर्द, तनाव, एंजाइटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए रोजमर्रा की जिंदगी में संतुलन रखें, पर्याप्त पानी पिएं और बेवजह की चिंता से दूर रहें. इस समय बड़े फैसले लेने या जोखिम वाले निवेश करने से बचना बेहतर रहेगा. मंगल गोचर का देश-दुनिया पर प्रभाव ज्योतिष के मुताबिक, मंगल गोचर देश-दुनिया पर भी असर डाल सकता है. राजनीति, समाज और प्राकृतिक घटनाओं में हलचल देखने को मिल सकती है. हालांकि, इन बातों को लेकर घबराने की बजाय सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है. करें ये विशेष उपाय अगर इस समय को बेहतर बनाना है तो कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं. जरूरतमंदों की मदद करें, खासकर काम करने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार रखें. मंदिर में सेवा करें, हनुमान जी की पूजा करें और बड़ों का सम्मान करें. इससे नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

हनुमान जयंती पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां, बजरंगबली हो सकते हैं नाराज, पूजा में रखें विशेष सावधानी

चैत्र महीने की पूर्णिमा का दिन धार्मिक रूप से काफी खास माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को हनुमान जयंती व जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व 2 अप्रैल यानी कल मनाया जाएगा. इस दिन भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा करते हैं. मंदिरों में दर्शन के लिए भीड़ रहती है और लोग बजरंगबली को प्रसाद चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लेते हैं. कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से डर, बाधाएं और परेशानियां कम होती हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है. ज्योतिषियों की मानें तो, हनुमान जयंती के दिन कुछ गलतियों से सावधान रहना चाहिए. तो आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में. किसी को ना करें परेशान हनुमान जयंती के दिन किसी भी जानवर या वानर को परेशान नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से बजरंगबली नाराज हो जाते हैं. महिलाएं न छूएं हनुमान जी की प्रतिमा हनुमान जयंती के दिन स्त्रियों को हनुमान जी की प्रतिमा छूने से या स्पर्श करने से बचना चाहिए. कहते हैं कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं. भगवान राम न करें अपमान हनुमान जयंती के दिन भगवान राम का सम्मान करना चाहिए. मान्यता है कि अगर इस दिन श्रीराम की अनदेखी या अपमान किया जाता है, तो हनुमान जी प्रसन्न नहीं होते हैं. इसलिए कहा जाता है कि सिर्फ हनुमान जी की पूजा ही नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखना भी उतना ही जरूरी है. नमक का सेवन ना करें हनुमान जयंती के दिन व्रत रख रहे हैं तो इस दिन भूल से भी नमक का सेवन न करें. बल्कि, मीठे भोजन से इस व्रत का पारण करना चाहिए. ता​मसिक चीजों का सेवन ना करें हनुमान जयंती के दिन खान-पान में शुद्धता रखें. इस दिन मांस, मछली, अंडा, प्याज और लहसुन जैसी चीजों से दूरी बनाकर रखें. मान्यता है कि तामसिक भोजन से परहेज करने से पूजा का फल अधिक मिलता है और मन भी शांत रहता है. काले रंग के वस्त्र ना करें धारण इस दिन बजरंगबली की पूजा करते समय भूलकर भी काले या सफेद रंग के वस्त्र धारण न करें. इसके परिणाम बहुत ही अशुभ हो सकते हैं. बल्कि, हनुमान जी की पूजा केवल लाल रंग के वस्त्र पहनकर करना चाहिए.