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मध्यप्रदेश में नई व्यवस्था: सहकारी समितियां अब अधिकारियों से मुक्त, राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता साफ

भोपाल. मध्य प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। इसमें किसानों के हित में कई काम किए जा रहे हैं। अब इनसे जुड़ी संस्थाओं के चुनाव कराने की तैयारी है। चुनाव न होने के कारण वर्तमान में समितियों के कामकाज को संचालित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया था। अब इन्हें मुक्त करके राजनीतिक नियुक्तियां की जाएंगी। सत्ता और संगठन की बैठकों में बनी सहमति दरअसल, पिछले दिनों राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सत्ता और संगठन की जो बैठकें हुईं, उनमें यह बात निकलकर सामने आई कि अब कार्यकर्ताओं को सहकारी और कृषि उपज मंडियों में समायोजित किया जाए। इसके लिए पहले मनोनयन होगा। इसकी तैयारी काफी समय से चल भी रही है लेकिन सहमति नहीं बनने के कारण मामला रुका हुआ था। प्रदेश में 4,345 सहकारी समितियों, 38 जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और राज्य शीर्ष बैंक (अपेक्स बैंक) हैं। कानूनी पेचीदगी और प्रशासनिक बदलाव 2018 से इनके चुनाव अलग-अलग कारणों से नहीं हुए हैं। हाई कोर्ट बार-बार चुनाव कराने को लेकर निर्देश दे रहा है। सरकार ने अवमानना से बचने के लिए अधिनियम में संशोधन करके यह प्रविधान तो कर लिया कि विशेष परिस्थितियों में चुनाव आगे बढ़ाए जा सकते हैं लेकिन अब कार्यकर्ताओं को समायोजित करने की बात है। इससे पहले राजनीतिक नियुक्तियों के क्रम में नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त किए जा चुके हैं। अब सबसे बड़े क्षेत्र सहकारी समितियों की बारी है। सहकारिता नेटवर्क और चुनावी महत्व दरअसल, पंचायत के बाद प्रदेश में इनका ही बड़ा नेटवर्क है। समितियों से लगभग 65 लाख किसान जुड़े हैं। भले ही समितियों के चुनाव राजनीतिक आधार पर नहीं होते हैं मगर इनकी भूमिका पंचायत से लेकर विधानसभा-लोकसभा के चुनाव में महत्वपूर्ण रहती है। पार्टी के पक्ष में वातावरण बनाने का दायित्व इन्हीं का रहता है। कार्यकर्ताओं का मनोबल और चयन प्रक्रिया लंबे समय से चुनाव न होने के कारण सहकारिता के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं। कई बार संगठन स्तर पर नियुक्ति को लेकर बात भी हो चुकी है लेकिन यह किसी न किसी कारण से टलती रही लेकिन अब राजनीतिक व्यक्तियों को प्रशासक पद पर मनोनीत करने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि पहले प्राथमिक समितियों में मनोनयन होगा। इसके लिए जिला इकाइयों के साथ स्थानीय विधायकों से फीडबैक लिया जाएगा। प्रशासकों की देखरेख में कराए जाएंगे चुनाव सूत्रों का कहना है कि सहकारी समितियों के चुनाव प्रशासकों की देखरेख में कराए जाएंगे। ये ही सदस्यता सूची बनवाएंगे और फिर चुनाव कराएंगे। प्रशासक उसे ही मनोनीत किया जाएगा जो समिति का सदस्य हो और चुनाव लड़ने की पात्रता रखता हो। यानी डिफाल्टर न हो। किसी प्रकार का आपराधिक रिकार्ड न हो।  

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद: रांची में शिक्षक-छात्र उपस्थिति पर कड़ा रुख

रांची विद्यालयों की भूमि एवं भवनों पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीर मुद्दा मानते हुए रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्याप्त पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाहरणालय सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता में शामिल है और सभी अंचल अधिकारी इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करें। बैठक के दौरान राज्य स्तर से प्राप्त जिले की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। शिक्षक उपस्थिति पर सख्ती समीक्षा में पाया गया कि केवल 76 प्रतिशत शिक्षक ही ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा वेतन निर्गत नहीं किया जाएगा। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। छात्र उपस्थिति में सुधार के निर्देश विद्यालयों द्वारा केवल 54 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति ई-विद्या वाहिनी में दर्ज की जा रही है। उपायुक्त ने इसे गंभीर मानते हुए सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया। अनुपालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों का वेतन स्थगित किया जाएगा। आधार पंजीकरण पर जोर सभी छात्रों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जन्म प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को देखते हुए प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया। नए सत्र में नामांकन प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने तथा आधारभूत संरचना की कमी का आकलन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि डीएमएफटी फंड से आवश्यक कार्य कराए जा सकें। FLN एवं इनोवेशन चैलेंज प्राथमिक विद्यालयों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला इनोवेशन चैलेंज के लिए विद्यालयों को तैयार करने पर जोर दिया गया। किसी भी विद्यालय में गैस की कमी न हो, इसके लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गैस उठाव और एजेंसी रिपोर्ट का मिलान करने को कहा गया। लक्षित असाक्षर व्यक्तियों का आनलाइन नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता और रैंकिंग सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बिहार की सियासत में हलचल: 14 अप्रैल को सीएम पर फैसला संभव, पटना पहुंचेंगे शिवराज सिंह चौहान

भोपाल. बिहार में सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। अब यह माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार से अगला सीएम होगा। इसकी कवायद बीजेपी ने शुरू कर दी है। इसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। इस पर उनकी प्रतिक्रिया आई है कि वह 14 मार्च को बिहार जाएंगे। मैं ईमानदारी के साथ निभाऊंगा जिम्मेदारी बिहार के पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी का एक समर्पित कार्यकर्ता हूं…। एक कार्यकर्ता के नाते हर जिम्मेदारी की पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाना मेरा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुझे जो भी दायित्व सौंपेगी। उसे मैं पूर्ण निष्ठा, प्रतिबद्धता और पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं 14 अप्रैल को बिहार जाऊंगा। झारखंड के प्रभारी भी रह चुके हैं शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान बीजेपी के अनुभवी नेता हैं। वह मध्य प्रदेश में सबसे लंबे समय तक सीएम रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद वह केंद्रीय कैबिनेट में कृषि मंत्री हैं। सरकार के साथ-साथ वह संगठन में भी अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान इससे पहले झारखंड विधानसभा चुनाव में भी प्रभारी रही हैं। अब बिहार की जिम्मेदारी पार्टी ने एक बड़ा संदेश दिया है। शिवराज सिंह चौहान अभी पश्चिम बंगाल चुनाव में भी प्रचार कर रहे हैं। कौन हैं दावेदार बिहार में सीएम पद की रेस में अभी डेप्युटी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी सबसे आगे चल रहे हैं। हालांकि इस नाम से इतर कई अन्य नामों की अटकलें भी हैं। लेकिन बीजेपी हमेशा अपने फैसलों से चौंकाती रही है। शिवराज सिंह चौहान के पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद यह तय है कि बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी। इसके बाद ही सीएम के नाम का फैसला होगा।  

अब खेला नहीं, विकास होगा—बंगाल पर योगी आदित्यनाथ का तीखा हमला

सोनामुखी (बांकुड़ा).  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए। सोनामुखी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है। हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई। स्वरूप घोष, पलाश घोष, उत्पल दास जैसे कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए। सुशोभन का हाथ काट दिया। तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं। सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली में मोदी जी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी। तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है। सीएम योगी ने स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करते हुए कहा कि अब बंगाल में ‘खेला’ बंद और भाजपा की जीत से विकास शुरू होगा। उन्होंने मंच से भाजपा प्रत्याशियों सोनामुखी से दिबाकर घरामी, इंडास से निर्मल धारा व बरजोड़ा से बिलेश्वर सिंघा को जिताने की अपील की। बांग्लादेश में दलित हिंदू की हत्या पर ममता दीदी मौन सीएम योगी ने कहा कि कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक दलित हिंदू की निर्मम हत्या हुई। इसके खिलाफ भाजपा ने आंदोलन किया, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मौन रहीं। भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए। वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं। कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट न दीजिए। ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं। मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं। परिवर्तन की राह पर चल पड़ा है बंगाल  सीएम योगी ने बंगाल की धरती पर राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर व राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने जनचेतना को जागरूक कर हर भारतवासी के मन में स्वाधीनता की अलख जगाई। स्वाधीनता में अमर मंत्र बनकर वंदे मातरम ने भारत को एकता के सूत्र में जोड़ा। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मैं विश्वास से कह रहा हूं कि बंगाल परिवर्तन की नई राह पर चल पड़ा है।  बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख  मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है। बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है। इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं। अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।  बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों का किया स्मरण  मुख्यमंत्री ने खुदीराम बोस को याद कर कहा कि देश की आजादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उद्घोष किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। बंगाल ने स्वामी विवेकानंद जैसा संन्यासी दिया, जिन्होंने ‘गर्व से कहो, मैं हिंदू हूं’ का भाव जगाया। बंगाल रामकृष्ण परमहंस व भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की धरती है, लेकिन भारत की संस्कृति की आत्मा और राष्ट्रवाद की धरती बंगाल को तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, लूट-खसोट, अराजकता की धरती बनाकर रख दिया।  जो हाल आज बंगाल का, 9 साल पहले वही हाल यूपी का था मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है। यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। यूपी में सुरक्षा का अहसास है। यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। अयोध्या के रामजन्मभूमि आंदोलन में बंगाल से भी कारसेवक गए थे। डबल इंजन सरकार आई तो बुलेट स्पीड से भव्य राम मंदिर का निर्माण भी हो गया।  तृणमूल कांग्रेस सरकार में किसानों का शोषण सीएम योगी ने कहा कि बंगाल का अन्नदाता किसान भारत का पेट भरने वाला है, लेकिन दुख है कि उसे दाम नहीं मिल पा रहा। उत्तर प्रदेश में आलू किसान को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये। यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है, डिप्रेशन का शिकार है। टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उस त्रासदी की ओर ले जाने का कार्य कर रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था। उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं। शोषण, पलायन, बेरोजगारी के कारण किसान हताश-निराश होकर अन्याय-अत्याचार सहने को मजबूर हैं।  जहां भी है भाजपा सरकार, वहां हर वर्ग का सम्मान  सीएम योगी ने बंगाल के मतदाताओं से कहा कि जिस भी राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार आई है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी, रोजगार, बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा हुई है। हर किसी को सुरक्षा की गारंटी है। किसानों का सम्मान, गरीब के आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों का भी जिक्र किया। कहा कि बंगाल में सारी संभावनाएं हैं, बस मतदाताओं के समर्थन व आशीर्वाद की आवश्यकता है। 1905 में जब ब्रिटिशर द्वारा बंगाल विभाजन की साजिश रची गई थी, तब बंगाल ने आह्वान किया था कि हम विभाजित नहीं होंगे। उस समय बंगाल से स्वदेशी की हुंकार निकली थी और पूरे भारत को स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ने का कार्य किया था।

मां की ममता की मार्मिक तस्वीर, ऊंटनी के शव से चिपका रहा मासूम ऊंट का बच्चा

 जैसलमेर इंसान हो या जानवर, मां की ममता का कोई विकल्प नहीं होता.  राजस्थान के जैसलमेर जिले के लाठी गांव में ममता की एक ऐसी ही मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. यहां ट्रेन की चपेट में आने से एक ऊंटनी की मौत हो गई, लेकिन उसका बच्चा अपनी मृत मां को सोता समझ तीन दिनों तक उसके शव के पास बैठा लगातार रोता रहा. ट्रेन हादसे में गई मां की जान जानकारी के अनुसार, यह घटना कुछ दिन पहले घटित हुई थी , जिसमें रेलवे ट्रैक के पास चर रही एक ऊंटनी अचानक ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. ऊंटनी के साथ उसका छोटा बच्चा भी था, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गया. मां की मौत से अनजान मासूम बच्चा तीन दिनों तक भीषण गर्मी और भूख-प्यास के बीच शव के पास ही डटा रहा. मंजर देख ग्रामीणों की भर आईं आंखें  प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चा तीन दिनों तक अपनी मां के शव के पास ही बैठा रहा. वह कभी अपनी मां को सिर से उठाने की कोशिश करता, तो कभी जोर-जोर से चिल्लाने लगता. तीन दिन बाद जब उधर से गुजर रहे किसान जमालदीन और रमेश कुमार की नजर वहां पड़ी, तो वे दुर्गंध के कारण मौके पर पहुंचे. वहां का मंजर देखकर वे भी भावुक हो उठे। उन्होंने देखा कि बच्चा लगातार अपनी मां के पास बैठा रो रहा है और उसे छोड़ने को तैयार नहीं है. आखिरी समय भी मां के शव को रहा निहारता दोनों ने तुरंत इस घटना की सूचना गांव में ग्रामीणों को दी. जिन्होंने जगदम्बा सेवा समिति ट्रस्ट के सचिव जुगल किशोर आसेरा को घटना की सूचना दी. सूचना मिलते ही भादरिया गौशाला के गोरक्षक गोपालसिंह भाटी और दीनेश सिंह देवड़ा मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद उन्होंने बच्चे को उसकी मां के शव से अलग कर ऊंटनी को दफनाने के लिए गाड़ी में डाल कर विदा किया. रेस्क्यू कर गौशाला भेजा गया बच्चे को भादरिया गौशाला लाया गया है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है. तीन दिनों से भूखे-प्यासे रहने के कारण वह काफी कमजोर हो गया है. गौशाला में उसे भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

बुलडोजर की कार्रवाई: जेडीए ने अवैध कॉलोनियों और कब्जों पर कसा शिकंजा

जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शनिवार को अवैध निर्माण और कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जेडीए के प्रवर्तन दस्ते ने करीब 60 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से छुड़ा लिया. यह कार्रवाई जेडीए कमिश्नर सिद्धार्थ महाजन के निर्देशों पर हुई है. जेडीए ने साफ कर दिया कि अतिक्रमण के मामले में अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी. जेडीए की बुलडोजर एक्शन में अतिक्रमण करके कब्जाई गई सरकारी जमीन को खाली करवाया गया है. 60 करोड़ की सरकारी से हटवाया अतिक्रमण उप महानिरीक्षक पुलिस आनन्द शर्मा ने बताया कि आज (11 अप्रैल 2026) को प्रवर्तन शाखा ने जोन-14, 17 और 01 के इलाकें में कार्रवाई करते हुए तहसील चाकसू के ग्राम जयचंदपुरा में करीब 15 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाया गया. इन जमीनों पर 10-12 कच्चे-पक्के मकान, बाउण्ड्रीवाल, टीनशेड, कांटों की बाड़, झाड़ियां और तारबंदी कर कब्जा किया गया था. जिसे जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से हटवाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया. अतिक्रमण मुक्त करवाई गई इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है. जेडीए की यह कार्रवाई सिर्फ सरकारी जमीन पर किए अवैध कब्जे के खिलाफ नहीं रही. सांगानेर तहसील के दयालपुरा में करीब 03 बीघा कृषि भूमि पर बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों पर भी गाज गिरी है. कृषि भूमि पर बिना किसी भू-रूपांतरण के अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी. भू-माफियाओं ने यहाँ सड़कें बना दी थीं और सीमेंट ब्लॉक से बाउंड्रीवाल भी खींच दी थी. जेडीए के दस्ते ने मौके पर पहुंचकर इन सड़कों को उखाड़ दिया और बाउंड्रीवाल गिराकर कॉलोनी बसाने के प्रयास को शुरुआती दौर में ही नाकाम कर दिया. बंद रास्ते को जेडीए ने खुलवाया शिवदासपुरा क्षेत्र के ग्राम पदमपुरा स्थित गैर अनुमोदित योजना “श्रीराम विहार” के भूखण्ड संख्या 62 पर किए गए अवैध निर्माण को भी जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त किया गया. जोन-17 के सरना चौड़ गांव में भी जेडीए ने कार्रवाई की. यहां गैर मुमकिन आम रास्ते की सरकारी जमीन पर करीब 400 मीटर लंबाई में मिट्टी की डोल बनाकर और तारबंदी कर रास्ता रोका गया था. जेडीए ने इसे पूरी तरह साफ कर रास्ता फिर से खोल दिया है. वहीं, जोन-01 में टोंक रोड के पास अवैध रूप से बनाए गए छज्जे के लिए समझाइश करने पर एक भूखंड स्वामी ने खुद हटा लिया. पुलिस उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी की देखरेख में हुई. जेडीए ने चेतावनी दी है कि शहर में कहीं भी सरकारी जमीन पर कब्जा या बिना अनुमति अवैध निर्माण किया गया, तो प्रशासन इसी तरह सख्त कदम उठाता रहेगा.

चुनावी मैदान में उतरे योगी आदित्यनाथ, तीन विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों से बढ़ाया सियासी तापमान

सोनामुखी/पूर्वी मेदिनीपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित तीन जनसभाओं में कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। बंगाल में तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार सिर्फ भाजपा के पास है। टीएमसी का पूरा मतलब तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी है। सीएम ने कोलकाता के मेयर को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बंगाल की जनता उर्दू नहीं, बांग्ला ही बोलेगी। यहां कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलने दी जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है। हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई, सुशोभन का हाथ काट दिया गया। कई कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए। तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं। सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली में मोदी जी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी। तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर ममता मौन सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता दीदी मौन रहीं। भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए। वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जा सकती। ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं। मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं। बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख  मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है। बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है। इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं। अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादक किसानों को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये। यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है। टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उसी त्रासदी की ओर ले जा रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था। उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं। तृणमूल ने खड़ा किया बंगाल की पहचान का संकट सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल ने बंगाल की पहचान को संकट में लाकर खड़ा कर दिया। पीएम मोदी गरीबों के मकान, राशन, स्वास्थ्य, किसान, गांव के विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, वो पैसा टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। आज यूपी में 40 हजार बड़े उद्योग व 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं। हमने एमएसएमई में 3 करोड़, बड़े उद्योगों में 65 लाख और सरकारी विभागों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। बंगाल की तृणमूल सरकार बताए, 15 वर्ष में कितने नौजवानों को नौकरी दी। 12 हजार एमएसएमई यूनिट बंद होने के साथ ही बड़े पैमाने पर बंगाल से उद्योग पलायन कर रहे हैं।  9 साल पहले यही हाल यूपी का था मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है। यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।  माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। भारत में मां काली-मां गंगा की पूजा होगी और बंगाल का हर नागरिक भी जय श्रीराम का उद्घोष करेगा। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है। हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। मस्जिदों से शोरगुल नहीं होता। गोहत्या पर प्रतिबंध है। यूपी में अब लव जेहाद-लैंड जेहाद नहीं है। वह रामराज्य की स्थापना भूमि है। कांग्रेस, टीएमसी, सपा व राजद ने राम मंदिर का विरोध किया, लेकिन रामभक्तों के कारण अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। जिस दिन 145 करोड़ का भारत मोदी जी की आवाज में आवाज मिलाकर चलेगा, भारत विरोधी ताकतों के हौसले पस्त हो जाएंगे और हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा।  बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों … Read more

मंदिर निर्माण में निकली चमकीली ईंटें, पूजा के बाद फिर जमीन में दबाने का दावा

 ललितपुर यूपी के ललितपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मंदिर निर्माण के लिए खुदाई हो रही थी। खुदाई के दौरान ही जमीन से कुछ चमकीली चीज दिखी। मिट्टी को जब पूरी तरह से साफ किया गया तो नजारा हैरान कर देने वाला था। देखते ही देखते जमीन से खजाना निकलने की खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों का कहना था कि जमीन से 16 सोने की ईंटें निकली हैं। इसके बाद पूजा-पाठ करके दोबारा से उसे जमीन में दबा दिया गया। हालांकि इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासनिक अफसरों को इस संबंध में कोई जानकारी दी गई है। फिलहाल क्षेत्र में जमीन से खजाना मिलने की चर्चा जोरों पर है। तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुनौरी स्थित सवालखिया गौड़ बब्बा स्थान पर मंदिर निर्माण के दौरान खुदाई करवाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार शाम करीब छह बजे मंदिर निर्माण के लिए पिलर की खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन के पंजे में कपड़े से बंधी एक पीतल की पैली निकली। मौके पर मौजूद लोगों ने जब कपड़ा हटाकर देखा तो उसमें करीब 16 छोटी-छोटी सोने जैसी ईंटें रखी थीं। पूजा-पाठ के बाद वापस जमीन में दबा दी गईं ईंटें बताया जाता है कि ईंटों को साफ कर गौड़ बाबा के समक्ष रखकर विधि-विधान से पूजन किया गया।फिर बाद में उनको उसी स्थान पर पुन: गहराई में दबा दिया गया। लेकिन, रात में रहस्यमय तरीके से ईंटें गायब होने की बात सामने आई। जब ग्रामीण दोबारा मौके पर पहुंचे तो ईंटें नदारद थीं, जिससे ग्रामीणों में खलबली मची हुई है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ईंटों पर ‘6965’ अंकित था। वहीं, मौके पर एक कथित तांत्रिक के मौजूद होने की भी चर्चा है, जिससे मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल, यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिरोजाबाद के खेत से निकला था चांदी के सिक्कों से भरा मटका पांच महीने पहले फिरोजाबाद जिले के जसराना में भट्ठे के लिए मिट्टी की खुदाई के लिए शिवप्रताप के खेत में जेसीबी चल रही थी। खुदाई करते वक्त अचानक जेसीबी के सामने आ गई थी। जेसीबी से जब मटकी को उठाने का प्रयास किया तो मटकी फूट गई थी। मटकी फूटते ही उसमें से काफी सिक्के बाहर बिखर गए। जेसीबी चालक द्वारा बताए जाने पर आसपास से ग्रामीण एवं बच्चे भी पहुंच गए थे। सिक्कों को पाने के लिए उनमें छीना झपटी भी शुरू हो गई थी। खबर मिलने पर खेत मालिक भी पहुंच गए थे।

जासूसी नेटवर्क पर शिकंजा: ऑपरेशन सिंदूर में 18 गिरफ्तार, छिपे कैमरों से रखी जा रही थी नजर

चंडीगढ़. जासूसी अब सरहद पार छिपकर नहीं, बल्कि पंजाब के शहरों के बीच लगे कैमरों से खुलेआम हो रही थी। यह मामला सिर्फ जासूसी का नहीं, बल्कि लाइव निगरानी युद्ध का है। दिल्ली पुलिस की ओर से आईएसआई बीकेआई मॉड्यूल में पंजाब के जिन आठ आरोपितों को पकड़ा गया है उन्हें पंजाब पुलिस ट्रांजिक्ट रिमांड पर लाने की तैयारी कर रही है आरोपितों की ओर से जिन मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया जा रहा था वह भी फर्जी दस्तावेज लगाकर लिए गए थे। पंजाब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं पंजाब में बार्डर एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों का आडिट भी करवाया जाएगा। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस मामले में शामिल आरोपितों को लेकर संबंधित जिलों की ओर से जांच की जा रही है। वहीं केंद्रीय जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। जोकि पंजाब के पड़ोसी राज्यों से है। डेढ़ दर्जन युवाओं को पकड़ा गया उधर, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब में अब तक डेढ़ दर्जन से ज्यादा युवाओं को जासूसी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हनी ट्रैप और इंटरनेट मीडिया के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जाता था। फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर संपर्क किया जाता और धीरे-धीरे उन्हें भरोसे में लेकर संवेदनशील जानकारी हासिल की जाती। कई मामलों में पैसों का लालच देकर भी आरोपितों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। खास बात यह रही कि इस नेटवर्क में शामिल लोग आम जिंदगी जीने वाले थे, जिन पर आसानी से शक करना मुश्किल था। पंजाब के तरनतारन, फिरोजपुर, मलेरकोट, जालंधर और गुरदासपुर जैसे इलाकों से जुड़े आरोपित इस नेटवर्क की जमीनी कड़ी बने हुए थे। भारत में क्या हैं नियम आईटी एक्ट, 66E     निजी जगहों (बाथरूम/बेडरूम) की बिना अनुमति रिकार्डिंग, शेयरिंग पर कार्रवाई आईटी रुलज, 2011     फुटेज सुरक्षित रखना कैमरा लगाने वाले की जिम्मेदारी     आईटी एक्ट 2000     सीसीटीवी फुटेज डिजिटल डेटा, इसे सुरक्षित रखना जरूरी     आर्टिकल 21: निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है, किसी के घर के अंदर निगरानी का नहीं सबसे बड़ी चुनौती सात कंपनियों के कैमरे सुरक्षित देश में फिलहाल 7 कंपनियों के 53 माडल ही एसटीक्यूसी सर्टिफाइड हैं। एसटीक्यूसी कैमरों को सर्टिफाइड करती है एसटीक्यूसी यानी स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन डायरेक्टोरेट भारत सरकार की एक संस्था है, जो इलेक्ट्रानिक और आई उत्पादों की क्वालिटी, सुरक्षा और भरोसेमंद होने की जांच करती है। यह आईटी मंत्रालय के तहत काम करती है। इस संस्थान का काम सीसीटीवी जैसे इलेक्ट्रानिक उत्पादों की टेस्टिंग, सॉफ्टवेयर और सिस्टम की क्वालिटी जांच, साइबर सिक्योरिटी और डेटा सुरक्षा की जांच करती है। घर-दुकान, संस्थान में सीसीटीवी लगा है तो नोटिस बोर्ड लगाना भी जरूरी – आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं। अधिकतम 90 दिन तक फुटेज सेव रखना होता है। उसके बाद डिलीट कर सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर डालना कानूनी अपराध है। सीसीटीवी पड़ोसी के घर की तरफ नहीं लगा सकते। यह निजता का उल्लंघन होगा। 1 अप्रैल से हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (एसटीक्यूसी सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। भारत में 80 फीसदी कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 माडल ही ऐसे हैं जो सटिफाइड है। अब तक पंजाब के यह जासूस पकडे़ गए मनप्रीत सिंह (तरनतारन), अनमोल (फिरोजपुर), साहिल (फिरोजपुर), गुरजीत सिंह (कपूरथला), रिंपलदीप सिंह (फाजिल्का), सलविंदर सिंह उर्फ कालू (फाजिल्का), बूटा सिंह (फाजिल्का), हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (मोगा) शामिल है। आपरेशन सिंदूर के बाद जालंधर से मोहम्मद मुर्तजा अली, सुख्रपीत सिंह गुरदासपुर पंजाब, करनबीर सिंह गुरदासपुर, यामीन माेहम्मद मलेरलकोटला को गिरफ्तार किया गया था।

डॉ. अम्बेडकर के आदर्शो पर चलने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार :उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शो पर चलते हुए वंचित समुदाय को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मल्हार स्मृति मंदिर, देवास में “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” अंतर्गत हितग्राही सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे । उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले। गांव-गांव, घर-घर संपर्क किया जाएगा । यदि कोई पात्र व्यक्ति वंचित रह गया हो तो उनकी सूची तैयार कर लाभ दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल लाने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देवास जिले ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य किया है. बाबा साहेब के योगदान का स्मरण उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने गरीब, शोषित एवं कमजोर वर्ग के लिए संघर्ष किया। उनका जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ। प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने समरसता एवं समानता का संदेश दिया तथा संविधान निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। साथ ही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को लाभ वितरित किया गया। सफाई मित्रों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक देवास श्रीमती गायत्रीराजे पवार, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, अन्य जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।