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ईंधन संकट की अफवाहों पर विराम: खाद्य मंत्री राजपूत बोले— पेट्रोलियम आपूर्ति लगातार जारी

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की सतत आपूर्ति जारी है। रसोई गैस की स्थिति प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट्स में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्‍ताओ द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्‍डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्‍ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्‍डरों की सप्‍लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्‍लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्‍लांट तथा वितरकों के पास उपलब्‍धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता प्रदेश में आज की स्थिति में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल/डीजल का पर्याप्‍त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्‍टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है, एवं कंपनी के डिपो से भी डीजल/पेट्रोल की लगातार कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है। कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 2131 स्थानों पर जांच की गई तथा 2959 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए। साथ ही 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 438 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें एक प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्‍त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्थाओं की बैठक अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने मंगलवार को सीजीडी संस्थाओं की बैठक ली। बैठक में बताया गया कि सभी सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीयूशन) संस्‍थाओं द्वारा घरेलू एवं कॉमर्शियल कनेक्‍शन की मांग/शिकायत दर्ज करने तथा निराकरण करने के लिए कंट्रोल रूम की स्‍थापना की गई है। एसीएस श्रीमती शमी ने निर्देशित किया कि प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवाईज एवं लोकेलिटीवाइज कुल परिवारों की संख्‍या के विरूद्ध प्रदाय किये गये पीएनजी कनेक्‍शन एवं आगामी माहों में प्रदाय किये जाने वाले पीएनजी कनेक्‍शन आदि का विस्‍तृत विवरण प्रस्‍तुत करेंगे। प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवार अलग लोकेलिटी में दिनांकवार कैम्‍प शेड्यूल्‍ड करेगें। कैम्‍प में जिला प्रशासन एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ड पार्षद उपस्थित होंगे। सीजीडी संस्‍थाएं उपभोक्‍ताओं के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री जैसे पेम्‍पलेट, ब्रोशर आदि तैयार कर व्‍यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। सभी सीजीडी संस्‍थाओं को हर समय पर्याप्‍त संख्‍या में कैटेगरीवाइज उपकरण एवं मैन पॉवर की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिये निर्देश दिये गये। पीएनजी कनेक्‍शन की सतत समीक्षा करने के लिए जिला स्‍तर पर कलेक्‍टर/एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी/सेल्‍स ऑफिसर एवं सीजीडी संस्‍था का जिला अधिकारी अधिकृत होंगे। प्रदेश के शहरों में जिन स्‍थानों से पाइपलाइन गई है, उस पाइपलाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ता पीएनजी कनेक्‍शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑयल कंपनी द्वारा जानकारी दी है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी तथा सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्‍ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की जाती है कि अधिक से अधिक संख्‍या में सीजीडी संस्‍थाओं को आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन प्राप्‍त किये जायें, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो एवं सतत रूप से पीएनजी की आपूर्ति की जा सके।  

योगी सरकार में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन से 2.31 लाख से अधिक बच्चों को मिली सहाय

लखनऊ मार्च उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण को लेकर योगी सरकार का तंत्र अत्यंत सुदृढ़ हो चुका है। महिला कल्याण विभाग की 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को 24 घंटे त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल के तहत अब तक प्रदेश में 2.31 लाख से अधिक बच्चों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। इनमें संकटग्रस्त, लावारिस, बाल श्रम और उत्पीड़न के शिकार बच्चे शामिल हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि प्रदेश में बाल सुरक्षा के लिए एक मजबूत और संवेदनशील तंत्र विकसित किया गया है, जो जरूरतमंदों तक समयबद्ध सहायता पहुंचा रहा है। संकटग्रस्त बच्चों को त्वरित सहायता महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि यह सेवा अब जमीनी स्तर पर प्रभावी नेटवर्क के रूप में कार्य कर रही है, जहां हर जिले में हेल्पलाइन यूनिट सक्रिय रूप से संचालित है और संकट में फंसे बच्चों तक तुरंत पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 77 हजार से अधिक बच्चों को हेल्पलाइन के माध्यम से मदद मिली है, जो इसकी बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाता है। 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के तहत त्वरित बचाव व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसमें कॉल प्राप्त होते ही टीम 60 मिनट के भीतर आपात स्थिति में फंसे बच्चों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकालती है। यह सेवा 24 घंटे पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा, आश्रय और कानूनी परामर्श उपलब्ध कराती है, जिससे बच्चों को हर स्तर पर संरक्षण मिलता है। साथ ही, मुसीबत में फंसे बच्चों का बाल कल्याण समिति के माध्यम से पुनर्वास कर उन्हें उनके परिवार से मिलाने की व्यवस्था भी की गई है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्पलाइन यूनिट सक्रिय 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा को रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक विस्तारित किया गया है, जिससे ऐसे स्थानों पर भटकने वाले या जोखिम में पड़े बच्चों तक तत्काल पहुंच बनाई जा सके। इसके अंतर्गत राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम, समस्त जनपदों में चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, 28 रेलवे स्टेशन यूनिट व 11 बस स्टैंड यूनिट की स्थापना की गई है। यह व्यवस्था बाल तस्करी और बाल शोषण जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायक बन रही है। योगी सरकार का यह मॉडल बाल सुरक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त, जवाबदेह और सक्रिय व्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है।

आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई जैसे आधुनिक कोर्स से छात्र होंगे सशक्त

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा और कौशल विकास को एकीकृत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा अब प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ लागू किया जाएगा, जिसके तहत 3447 विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।  यह कदम प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में बढ़ाया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत विद्यार्थियों को आईटी, आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब तक यह कार्यक्रम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में संचालित था, लेकिन अटल आवासीय विद्यालयों को जोड़ने से इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर कराए गए सर्वे के आधार पर  विद्यालयों को चयनित किया गया है। सर्वे के अनुसार आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती, बांदा, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, बुलंदशहर, मिर्जापुर, प्रयागराज, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, बरेली और मुरादाबाद स्थित 18 अटल आवासीय विद्यालयों के कुल 3447 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए पात्र पाया गया है। विद्यार्थियों की विशेष रुचि आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अपैरल सेक्टर में देखी गई है। अटल आवासीय विद्यालय प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित हो रहे हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों, प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के प्रतिभावान बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करना है। कक्षा 6 से 12 तक संचालित इन विद्यालयों में अब आधुनिक कौशल प्रशिक्षण भी जोड़ा जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बल मिलेगा। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ एक 210 घंटे का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें आईटी, ब्यूटी, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और इंडस्ट्रियल विजिट भी शामिल हैं। अब इसमें ‘AI for All’ मॉड्यूल को भी जोड़ा गया है, जिससे विद्यार्थी तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों को इस परियोजना से जोड़ने से वंचित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी और “स्कूल से स्किल” मॉडल को मजबूती मिलेगी। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से होगा पूरा : उप सभापति राज्यसभा सिंह

भोपाल विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारे युवा विधायक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और दूरदर्शिता के साथ पालन करें। इस तथ्य को रेखांकित करते हुए राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में युवा विधायकों ने पांच संकल्प लिए। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का विकसित भारत 2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में ये संकल्प लिए गए। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत 2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये। समापन सत्र में उप सभापति राज्यसभा  हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है।  तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए। डॉ. राहुल कराड़ ने बताया एआई का महत्व कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया। सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक सर्व डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, सु रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से मती विद्यावती सिदार, राजस्थान से  थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री  अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  सीताशरण शर्मा, महापौर मती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव  अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया। युवा विधायकों के पांच संकल्प संकल्‍प – 1 हम, युवा विधायक सम्‍मेलन में यह दृढ संकल्‍प लेते है कि लोकतंत्र की सशक्तता का मूल आधार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी है। अत: एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के निर्माण में हम युवा विधायक महत्‍वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। संकल्‍प – 2 हम, युवा विधायक समाज की नई ऊर्जा, नवाचार और परिवर्तन की सोच का प्रतिनिधित्व करते हुये नागरिकों और शासन के बीच सेतु का कार्य करेगे, हम जनसरोकारों को समझकर आम जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुँचायेंगे तथा पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी नीतियों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायेंगे ताकि लोकतांत्रिक संस्‍थायें जनता के प्रति उत्‍तरदायी हो सके। संकल्‍प – 3 हम, नागरिकों को जागरूक और सशक्त बनाने हेतु सतत्/सार्थक प्रयास करेंगे ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लें. तकनीक और नवाचार का उपयोग कर शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियाँ बनाने एवं युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को सशक्त बनाने हेतु सक्रिय भूमिका निभायेंगे जिससे जनता और उनकी विधायिकाओं के बीच प्रभावी संपर्क स्‍थापित हो सके तथा सार्थक सहभागी शासन सुनिश्चित किया जा सके। संकल्‍प – 4 हम युवा विधायक, राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी, सामाजिक असमानताएँ और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का सामना करते हुये ईमानदारी, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता के साथ कार्य करने के लिये दृढ संकल्पित रहेंगे, ताकि हमारे राष्‍ट्र की लोकतांत्रिक परम्‍परायें और मूल्‍य और अधिक गहरे तथा सशक्‍त बन सके। संकल्‍प – 5 हम यह भी संकल्प लेते हैं कि हम स्वयं भी एक जागरूक नागरिक बनेंगे, विधायिकाओं में होने वाली बहसों और चर्चाओं में जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शोध एवं अनुसंधान सहायता को सुदृढ करेंगे. लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे और ऐसे नेतृत्व का समर्थन करेंगे जो देश को विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ाए।  

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई

रायपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के बीच आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए युग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद वर्षों तक प्रदेश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बना रहा और विशेष रूप से बस्तर अंचल लंबे समय तक लाल आतंक के साये में रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और नक्सल प्रभावित सभी क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा मजबूत हो रही है। बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है, जिससे आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भयमुक्त और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का सपना आज साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शहादत ने इस सफलता की नींव रखी है। उन्होंने सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके अथक प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलमुक्त वातावरण में अब छत्तीसगढ़ तेज गति से विकास के नए सोपान गढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

भूपेश vs शाह बयानबाजी गरमाई, CM साय बोले- बस्तर में नक्सलवाद खत्म, अब विकास की रफ्तार

रायपुर. छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। वहीं इस मामले पर सियासत भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नक्सलवाद के मुद्दे पर बहस की चुनौती दी है। बघेल ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार में नक्सल समस्या को खत्म करने केंद्र की भाजपा सरकार को पूरा सहयोग किया गया था, लेकिन अमित शाह ने संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान यह झूठ कहा कि कोई सहयोग नहीं किया था। सच्चाई यो यह है कि मदद भी किया गया था। साथ नक्सल मोर्चे पर जोखिम लेकर हमारी सरकार ने विकास के अनेक कार्य किए थे। वहीं, नक्सलवाद को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा है कि आज 31 मार्च का ये दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है। हमारे जवानों के साहस से छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हुआ है। इसके लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ा बाधक था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 में नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था और उनका संकल्प पूरा हुआ है। अब बस्तर क्षेत्र बहुत तेजी से विकास करेगा। सीएम ने बताया, अमित शाह ने नक्सलवाद और कांग्रेस के आरोपों पर कहा है कि भूपेश बघेल ने जो कहा है वह असत्य है। अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए उन्होंने ऐसा कहा है। दिसंबर 2023 में सरकार आने के बाद अगले ही महीने नक्सल प्रभावित प्रदेश की समीक्षा हुई और उसमें पता चला कि 75 फीसदी नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में है। अपने 5 साल के कार्यकाल में तत्कालीन छत्तीसगढ़ सरकार माओवाद के साथ लड़ने में दृढ़ता प्रकट की होती, ठीक नियत से लड़ी होती तो ऐसा नहीं होता, लेकिन प्रदेश शासन का सहयोग केंद्र सरकार को नहीं मिला। वे सरासर झूठ बोल रहे हैं। झीरम के सबूत को लेकर सीएम साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह की जब सरकार थी तो वो नेता प्रतिपक्ष थे तो कहते थे झीरम घाटी का सबूत हमारे जेब में है। सरकार में ना तो वह झीरम घाटी की जांच करवा पाए न ही जेब वाला सबूत निकला। राहुल गाधी जब यात्रा किए, वामपंथियों से वह मिलते थे, इस सवाल पर सीएम ने कहा, देश जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल की अनेकों जगह नक्सलियों से मुलाकात हुई थी। कई जगहों पर उन्होंने मंच साझा किया। हिड़मा जब न्यूट्रलाइज हुआ तब इंडिया गेट के पास 'कितने हिड़मा मारोगे' का नारा लगाया गया और उसको राहुल गांधी ने ट्वीट किया था। यह क्या प्रमाणित करता है, देश जानती है किसके पीछे राहुल गांधी का क्या आशय है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सिर्फ 50 किलोमीटर दूर होने के कारण बड़ी संख्या में अमेरिका और यूरोप से आ सकेंगे विदेशी पर्यटक

लखनऊ अलीगढ़ का ऐतिहासिक ताला उद्योग अब वैश्विक पहचान बनने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अलीगढ़ में देश का पहला ‘लॉक म्यूजियम’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो इस पारंपरिक उद्योग को संरक्षित करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ने का काम करेगा। इस पहल से ताला उद्योग का सालाना कारोबार 10 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचने की संभावनाएं भी मजबूत हो गई हैं। सबसे खास बात यह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज 50 किलोमीटर दूर होने के कारण बड़ी संख्या में अमेरिका और यूरोप से विदेशी पर्यटक यहां आ सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार की जा रही इस योजना का उद्देश्य अलीगढ़ के ताला उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। यह म्यूजियम न केवल एक प्रदर्शनी स्थल होगा, बल्कि एक व्यापक औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पारंपरिक हस्तनिर्मित तालों से लेकर आधुनिक हाई-टेक सुरक्षा प्रणालियों तक की विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां इस उद्योग की तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक यात्रा को समझ सकेंगी। म्यूजियम में प्रशिक्षण, शोध और तकनीकी विकास से जुड़े कार्यक्रम होंगे नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल अलीगढ़ को उत्तर प्रदेश की वैश्विक औद्योगिक पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। म्यूजियम के माध्यम से युवाओं में कौशल विकास, डिजाइन, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। साथ ही शिक्षा, शोध एवं तकनीकी जागरूकता के जरिए यह क्षेत्र नई आर्थिक ऊंचाइयों को छुएगा। सीएम योगी के निर्देश पर म्यूजियम को एक स्थायी ज्ञान केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां प्रशिक्षण, शोध और तकनीकी विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।  निर्यात और बाजार विस्तार को नई गति मिलेगी म्यूजियम बनने से पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार होगा। वहीं ताला बनाने वाली एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात और बाजार विस्तार को नई गति मिलेगी। बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे यह परियोजना पर्यटन, अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। लॉक म्यूजियम के विकसित होने से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी सशक्त नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल अलीगढ़ के ताला उद्योग को पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ाकर आधुनिक और वैश्विक स्वरूप प्रदान करेगी। यह न केवल एक ऐतिहासिक उद्योग को संरक्षित करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाएगी।

चना, सरसों और मसूर की खरीद 2 अप्रैल से शुरू, सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने किसानों को सौगात देते हुए रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा कर दी है। चना, मसूर, सरसों और अरहर की खरीद के लिए रेट भी पिछली बार से बढ़ाकर घोषित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए दलहनी और तिलहनी फसलों की सरकारी खरीद की कार्ययोजना जारी कर दी है। मंगलवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद लक्ष्यों का खुलासा किया। सरकार ने इस बार दालों और तिलहन के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसे किसानों के लिए एक 'सुरक्षा कवच' बताया गया है। कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से इस वर्ष एमएसपी दरों में वृद्धि की गई है। चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 225 रुपये अधिक है। इसी तरह मसूर पर 300 रुपये की वृद्धि के साथ 7000 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों पर 250 रुपये की वृद्धि के साथ 6200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव निर्धारित किया गया है। अरहर के लिए किसानों को 8000 रुपये प्रति क्विंटल का लाभकारी मूल्य मिलेगा। खरीद लक्ष्य और अवधि प्रदेश में इस वर्ष रबी फसलों की खरीद 2 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक यानी कुल 90 दिनों तक चलेगी। सरकार ने इस बार खरीद के बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं।मसूर: 6.77 लाख मीट्रिक टन यानी कुल उत्पादन का 100% खरीदी होगी। सरसों 5.30 लाख मीट्रिक टन, चना 2.24 लाख मीट्रिक टन और अरहर 1.14 लाख मीट्रिक टन खरीद होगी। पारदर्शिता के लिए 'आधार इनेबल्ड' व्यवस्था सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछली सरकारों में दलहन-तिलहन की खरीद पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन योगी सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है। वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करने और बिचौलियों को बाहर रखने के लिए प्रत्येक क्रय केंद्र पर आधार-सक्षम पीओएस (PoS) मशीनें लगाई गई हैं। किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। 6 एजेंसियां और 190 से अधिक क्रय केंद्र खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 02 केंद्रीय एजेंसियां (नैफेड और एनसीसीएफ) और 04 राज्य स्तरीय एजेंसियां (यूपीपीसीयू, यूपीपीसीएफ, जैफेड और यूपीएसएस) तैनात की गई हैं। इस वर्ष नैफेड और एनसीसीएफ द्वारा सीधी खरीद के लिए 190 केंद्र खोलने का प्रस्ताव है, जबकि राज्य एजेंसियां भी अपने केंद्र संचालित करेंगी। पिछले वर्ष इस योजना से 20 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हुए थे, जिसे इस वर्ष और बढ़ाने का प्रयास है।

थाने में धमाके के बाद सनसनी, वायरल पोस्ट में खालिस्तानी संगठन का दावा

अमृतसर. बीते दिनों अमृतसर ग्रामीण के थाना भिंडीसैदां में हुए धमाके के मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार भिंडीसैदां पुलिस स्टेशन में हुए धमाके की एक देश विरोधी संगठन द्वारा ली गई है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट में खालिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा इसकी जिम्मेदारी ली गई है पर इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि अमृतसर खालिस्तान लिबरेशन आर्मी के हाई कमांड ने 30 मार्च 2026 को ऑपरेशन खालसा नया सवेरा के तहत अजनाला, अमृतसर के भिंडीसैदां पुलिस स्टेशन पर 2 ग्रेनेड हमले किए, जिससे तीन पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी जिम्मेदारी हम, KLA, स्वीकार करते हैं। ये हमले निर्दोष रणजीत सिंह (गुरदासपुर के गांव अधियां) के खून का बदला लेने के लिए किए गए हैं, साथ ही उन पीड़ित सिखों के लिए भी, जो झूठे मामलों में फंसाए गए और बाद में झूठे एनकाउंटर में मारे गए। ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी और इन्हें और तेज किया जाएगा। डीआईजी संदीप गोयल को चेतावनी! हम तुम्हारे पीछे आ रहे हैं। इसके साथ ही खालिस्तान जिंदाबाद भी लिखा गया।  

राजस्थान सरकार पर बरसे पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत, पंचायती राज चुनाव में देरी को लेकर पीएम मोदी और अमित शाह से की अपील

 जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज सुबह जब जयपुर हवाई अड्डे पहुंचे, तो उनके तेवर काफी तल्ख नजर आए। त्रिवेंद्रम रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए वर्तमान सरकार पर जनहित के कामों को रोकने का सीधा आरोप लगाया। गहलोत ने साफ कहा कि उनकी इंतजार शास्त्र सीरीज का सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। बेटे वैभव को लेकर किया खुलासा खबरों के बीच सबसे चौंकाने वाली बात तब आई जब गहलोत ने अपने परिवार पर हो रहे निजी हमलों का जवाब दिया। उन्होंने मीडिया में बयान देते हुए कहा कि राजनीति में परिवार को घसीटना गलत है। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मेरा बेटा वैभव सीएम आवास में नहीं बल्कि किराए के मकान में रहता था। आरसीए (RCA) चुनाव में भी वैभव को कोई सरकारी फायदा नहीं दिया गया। जोधपुर से चुनाव लड़ने का मौका पार्टी ने दिया था, मैंने उसे आउट ऑफ टर्म कोई लाभ नहीं पहुंचाया। पंचायत चुनाव पर मोदी-शाह से अपील गहलोत ने पंचायती राज चुनाव में हो रही देरी को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लपेटे में लिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है, जो कि संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने दिल्ली दरबार से अपील की है कि राजस्थान के इस मामले में तुरंत दखल दें। राजस्थान दिवस पर भी खिंची तलवारें गहलोत ने कहा कि राजस्थान दिवस हमेशा से एक तय तारीख पर मनाया जाता रहा है और खुद प्रधानमंत्री भी इसी दिन बधाई देते रहे हैं। लेकिन अब परंपराओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है।