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लोकतंत्र सेनानियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने की बनेगी व्यवस्था

लखनऊ आपातकाल की 51वीं बरसी 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र को बचाने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। इसके साथ ही सीएम ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों के लिए जल्द ही 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। सीएम ने लोकतंत्र सेनानियों के स्वस्थ व दीर्घायु होने की कामना करते हुए कहा कि उनका अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हुए गौरव की अनुभूति हुई। उनकी अपनी पीड़ा है। उन्होंने लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल की यातनाएं सहीं। इसलिए प्रदेश में जब लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित सरकार आई तो लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के लिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। प्रदेश में 3,780 लोकतंत्र सेनानी तथा 1,461 उनके आश्रित हैं। सरकार वर्ष 2018 से लोकतंत्र सेनानियों व मरणोपरांत उनके आश्रितों को प्रत्येक माह 20 हजार रूपये की सम्मान राशि दे रही है। साथ ही लोकतंत्र सेनानी या उनके उत्तराधिकारी (पति अथवा पत्नी) को एक सहायक के साथ पूरे प्रदेश में परिवहन निगम की सभी श्रेणी की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई है। लोकतंत्र सेनानियों को राजकीय चिकित्सालयों में निशुल्क चिकित्सा भी उपलब्ध कराई जा रही है।  पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा जल्द सीएम योगी ने कहा कि अब सरकार लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुविधा भी उलब्ध कराने जा रही है। इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी के दिवंगत होने पर उनका अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की व्यवस्था सरकार द्वारा बनाई जा रही है। आने वाली पीढ़ी हमेशा इस बात को ध्यान में रखेगी कि जो भी देश व लोकतंत्र के हित में काम करेगा, सरकारें उन्हें सम्मानित करेंगी।  सीएम योगी ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। इसमें 6 महीने तक जेल में यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा (हरदोई), विद्या राम वर्मा (हरदोई), अजय सिंह (बाराबंकी) व ओम प्रकाश गुप्ता (सीतापुर) शामिल रहे।  लोकतंत्र सेनानियों ने सुनाई आपबीती इस दौरान लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित ने बताया कि आपातकाल लगाने का कोई कारण नहीं था। कांग्रेस बस किसी भी तरह सत्ता में रहना चाहती थी। आपातकाल के दौरान हमारी गिरफ्तारी के समय कपड़े फाड़ दिए गए। हम लोगों ने इसके बाद भी सत्याग्रह में भाग लिया, तब बहुत ज्यादा अत्याचार किए गए। लोकतंत्र सेनानी विद्या राम वर्मा ने बताया कि इतने साल बीत जाने के बाद भी आपातकाल के बारे में सोचता हूं तो मन भावुक हो जाता है। सीपीआई को छोड़कर बाकी सभी दलों के साथ अत्याचार किया गया। मेरा घर रात में घेरा गया, जैसे किसी डकैत को पकड़ने आए हों। जेल में कैदियों के नाखून उखाड़े गए और जबरन नसबंदी की गई। उस समय की सरकार ने कैसे अत्याचार किए गए, आज कोई अहसास भी नहीं कर सकता।

बीते दो माह में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 1747 प्रकरण दर्ज

रायपुर मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख का असर अब खनिज माफियाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य में अप्रैल और मई 2026 के दौरान उक्त कार्रवाई के तहत 1,747 प्रकरण दर्ज कर 6 करोड़ 49 लाख 50 हजार 903 रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल की गई है।  अभियान के दौरान सबसे अधिक 1,487 मामले अवैध परिवहन के सामने आए, जबकि 231 प्रकरण अवैध उत्खनन और 29 मामले अवैध भंडारण के दर्ज किए गए। इससे यह पता चलता है कि सरकार ने खनिजों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।  अवैध उत्खनन के मामलों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला सबसे ऊपर रहा है, जहां 44 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके बाद रायपुर में 15 तथा कबीरधाम में 14 और बालोद में 14 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर, अवैध परिवहन के सबसे अधिक रायपुर में 173 मामले दर्ज हुए। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 162, बिलासपुर में 101 और धमतरी में 101 मामले पकड़ में आए हैं। अवैध भंडारण के सर्वाधिक 8 प्रकरण रायपुर में दर्ज किए गए, जबकि दंतेवाड़ा में 4 तथा कांकेर में 3 और बिलासपुर में 3 मामले पकड़ाए हैं।  अवैध उत्खनन में सबसे अधिक 55.32 लाख रुपये की दाण्डिक राशि दंतेवाड़ा जिले में वसूल की गई है। अवैध परिवहन में सर्वाधिक 54.69 लाख रुपये रायपुर से वसूले गए, जबकि अवैध भंडारण में भी सबसे अधिक 12.58 लाख रुपये की दाण्डिक राशि रायपुर में वसूली गई। इस प्रकार कुल दांडिक राशि की वसूली के मामले में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है।  गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख के चलते सरकार ने एक ओर राज्यभर में खनिज माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है, वहीं दूसरी ओर नियमों में बदलाव कर जुर्माने और दण्ड के प्रावधान भी पहले से कहीं अधिक कठोर कर दिए हैं। मुख्यमंत्रीसाय का कहना है कि राज्य के खनिज संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौण खनिज नियमों में संशोधन के बाद अब किसी भी मामले में समझौता (प्रशमन) राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से प्रशमन शुल्क के साथ-साथ खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का जुर्माना और रेत का मूल्य देना होगा। जब्त वाहन, मशीन या उपकरण की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन की श्रेणी के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, इसके बाद ही वाहन छोड़ा जाएगा।

कम पानी, कम जगह और अधिक उत्पादन की आधुनिक खेती

रायपुर भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच खेती की नई और टिकाऊ तकनीकों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे समय में हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में एक अभिनव और प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यह ऐसी आधुनिक खेती पद्धति है, जिसमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती और पौधों को पानी में घुले पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है। क्या है हाइड्रोपोनिक्स तकनीक?            हाइड्रोपोनिक्स एक वैज्ञानिक कृषि पद्धति है, जिसमें पौधों की जड़ों को पोषक तत्वों से युक्त पानी में रखा जाता है। इस तकनीक में मिट्टी के स्थान पर विशेष माध्यमों का उपयोग किया जाता है, जिससे पौधों को आवश्यक पोषण सीधे प्राप्त होता है। परिणामस्वरूप पौधों की वृद्धि तेजी से होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है। कम संसाधनों में अधिक उत्पादन          हाइड्रोपोनिक्स तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक खेती की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। सीमित भूमि वाले किसान, शहरी क्षेत्रों के निवासी तथा छोटे उद्यमी भी इस तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक खेती कर सकते हैं। नियंत्रित वातावरण में फसल उत्पादन होने के कारण मौसम का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम पड़ता है। पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सहायक            विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोपोनिक्स तकनीक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कम पानी की खपत, रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और भूमि पर कम दबाव के कारण यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। यही कारण है कि इसे भविष्य की टिकाऊ कृषि पद्धतियों में शामिल किया जा रहा है। युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर            हाइड्रोपोनिक्स तकनीक केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान करती है। कम स्थान में व्यावसायिक स्तर पर सब्जियां, हरी पत्तेदार फसलें और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलें उगाकर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। इससे युवाओं को कृषि आधारित स्टार्टअप शुरू करने का अवसर मिल रहा है। सरकार दे रही आधुनिक कृषि को बढ़ावा           केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विभाग तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इससे किसान आधुनिक खेती अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकते हैं। भविष्य की खेती की ओर एक मजबूत कदम             हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग खोल रही है। यह तकनीक कम संसाधनों में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण का संतुलित समाधान प्रस्तुत करती है। आने वाले समय में यह पद्धति किसानों, युवाओं और कृषि उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।          आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच के साथ हाइड्रोपोनिक्स खेती न केवल कृषि को अधिक लाभकारी बना रही है, बल्कि खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जल आत्मनिर्भरता का भाव ही बचा सकेगा पर्यावरण संकट से :नागर

भोपाल  मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष एवं ख्यातिलब्ध पर्यावरणविदमोहन नागर को राष्ट्रपति से पद्मश्री अलंकरण मिलने पर परिषद के राज्य कार्यालय में में भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। अलंकरण को राष्ट्रसेवा में किये गये प्रयासों का प्रतिफल निरूपित करते हुएनागर ने भाव विभोर होकर कहा कि यह सम्मान हर उस कार्यकर्ता का है जो निरंतर मां भारती की सेवा में अपना सर्वस्व समर्पित कर रहे हैं।नागर ने पद्मश्री अलंकरण मिलने के बाद भोपाल में राज्यपालमंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड ने अपने अभिनंदन उदबोधन में कहा किनागर के सम्मान ने परिषद को न केवल समाज सेवा के क्षेत्र में प्रतिष्ठा प्रदान की है बल्कि उनके अलंकरण से परिषद से अपेक्षाओं में भी वृद्धि हुई है। अभिनंदन समारोह में राज्य, संभाग एवं जिला कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारियों सहित नेटवर्क से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने सहभागिता की। 

स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगीकरण पर फोकस करें कलेक्टर : मुख्य सचिवजैन

भोपाल  मुख्य सचिवअनुराग जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश को विकसित किए जाने के लिए बुनियादी रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानवसंसाधन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए आसान प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने सुशासन के अनेक बिंदुओं की नियमित समीक्षा से आए बदलाव के लिए कलेक्टर्स की तारीफ की। मुख्य सचिवजैन ने गुरूवार को मंत्रालय से वी.सी के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ कलेक्टर्स कांफ्रेंस में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। पुलिस महानिदेशकैलाश मकवाना भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्य सचिवजैन ने कलेक्टर्स से कहा कि शहरीकरण के तहत मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवसंसाधन के कौशल विकास पर भी काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पी.एम गतिशक्ति पर निर्माण कार्यों और संपत्ति की मेपिंग चल रही है, कलेक्टर्स सी.एम गतिशक्ति पर भी प्रदेश के निर्माण कार्यों और समस्त प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी अपडेट करें जिससे नियमित समीक्षा हों सके। उन्होंने शासकीय संपत्ति का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किए जाने पर भी बल दिया।जैन ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण के बाद रिक्त हुए स्कूल भवनों में आयुष बेलनेस सेंटर, उप-स्वास्थ्य केंद्र,आगंनवाड़ी आदि संचालित किए जा सकते है। कानून व्यवस्था पर समन्वित प्रयास करने के निर्देश बैठक की शुरूआत में कानून व्यवस्था की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिवजैन ने निर्देश दिए कि अनुभाग स्तर पर एस.डी.एम और एस.डी.ओपी तथा जिला स्तर पर डी.एम और एस.पी संयुक्त रूप से भ्रमण आदि कर कानून व्यवस्था उत्कृष्ट बनाएं। उन्होंने एनकार्ड की नियमित बैठक करने और साइबर फ्राड जैसी घटनाएं रोकने के लिए गम्भीरता से कार्यवाही करने को कहा है। डीजीपीकैलाश मकवाना ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर धोखाधडी को रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पाक्सो एक्ट के तहत एक माह में चार्ज सीट प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखने के लिए कहा है। विस्फोटक अधिनियम की शर्तों का शतप्रतिशत पालन कराने के लिए लाइसेंसी संस्थानों का संयुक्त पुलिस और प्रशासन को निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में नवीन न्याय संहिता के क्रियान्वयन के लिए न्यू क्रिमीनल लॉ और ई-साक्ष्य में गम्भीरता से कार्य करने और समय सीमा में चालान पेश करने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि रियल टाइम में संवाद हो जिससे अपराधों को रोका जा सके। इस दौरान अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कार्यवाही के लिए विशेष कार्यवाही सतत् रूप से करने के निर्देश दिए गए है। बेसिक सुशासन आवश्यक सुशासन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिवजैन लोक सेवा गांरटी और सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा से बाहर के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्य सचिव ने भू-अधिग्रहण मामलों में समय पर अवार्ड आदि पारित करने के कलेक्टर को निर्देश दिए जिससे नागरिक अनावश्यक रूप से परेशान न हों और परियोजनाएं समय से पूरी हो सकें। इस दौरान नामातरण, सीमांकन, बटवारा और शासकीय विभागों को भूमि आवंटन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गयी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि लोकसेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन से आमजन को बेसिक सुशासन दिया जा सकता है। स्वास्थ्य एवं पोषण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर से कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अधिकाधिक समय दें और स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास के अमले का संयुक्त भ्रमण कराकर स्वास्थ्य कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बेहतर स्थिति में लाएं। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमीं लाने के लिए सतत् प्रयास करने की जरूतर बताई और प्रसव पूर्व होने वाली जाँच तथा संस्थागत प्रसव कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अनमोल 2.0 कार्यक्रम में सही डाटा एंट्री करने पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण के साथ ही उचित उपचार उपलब्ध कराने को कहा है। अगले माह होने वाले दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान के लिए अभी से योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल स्त्रोतों की जाँच हो और उनका शुद्धीकरण किया जाए। मुख्य सचिव ने निक्षयमित्र टी.बी मुक्त भारत अभियान को प्रधानमंत्री की प्राथमिकता का अभियान बताते हुए कहा है कि क्षय रोग के मरीजों को उपचार के साथ ही पोषण किट उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी योगदान लिया जाए। बैठक में 1075 पीएससी से चयनित डाक्टर्स के अस्पतालों में पदभार ग्रहण करने के जानकारी दी गयी है। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य विभाग की नियमित समीक्षा करें और स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की निगरानी करें। मुख्य सचिवजैन ने जिलों में एकल नल-जल योजना के संचालन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि इन योजनाओं के संचालन के लिए मापदंड अनुसार संचालन समिति बनाएं। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। मुख्य सचिव ने कुछ जिलों में मानसून की देरी के दृष्टिगत पेयजल की उपलब्धता निरंतर बनाएं रखने के निर्देश दिए। जनजातीय मामलों की समीक्षा में मुख्य सचिव ने सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण एवं प्रबंधन की समीक्षा करते हुए समुदाय से अभी तक प्राप्त वन अधिकार अधिनियम के तहत नवीन दावों और निरस्त दावों के प्रकरणों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि वन,राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग इस दिशा में संयुक्त पहल करें। विशेष ग्राम सभाओं में दावों पर चर्चा करें जिससे गुणवत्ता बेहतर हों। 100 प्रतिशत बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूल जाने योग्य बच्चों के प्रवेश और ड्रॉप आउट बच्चों के पुन:प्रवेश की स्थिति पर संतोष्व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आस-पास के बसाहटों के बच्चों का सौ फीसदी नामांकन हो। उन्होंने आगंनबाड़ी की स्कूल से मैपिंग के कार्य की भी समीक्षा की। इस दौरान उल्लास नवभारत साक्षारता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए असाक्षर व्यक्तियों को चिह्न्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर विद्यार्थी की अपार आइडी बनाने … Read more

आपातकाल की 51वीं बरसी ‘संविधान हत्या दिवस’ पर लखनऊ में आयोजित ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए आपातकाल लगाने का पाप किया था। आज पूरा देश 25 जून 1975 का काला दिन याद कर रहा है, जब कांग्रेस ने देश के लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया था। सत्ता में बने रहने और न्यायालय के आदेश लागू न होने देने के लिए इंदिरा गांधी ने नागरिकों के अधिकार छीनने का प्रयास किया। कांग्रेस का यह पाप लोकतंत्र और बाबा साहेब के सपनों पर सीधा प्रहार था। लालू प्रसाद व मुलायम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी कांग्रेस का चाबुक भूलकर उसी के साये में राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री गुरुवार को आपातकाल की 51वीं बरसी 'संविधान हत्या दिवस' पर लखनऊ में आयोजित 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया। लोकतंत्र समर्थकों की आवाज को दबाया सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र के समर्थक राजनीतिक दलों, जनसामान्य व मीडिया से जुड़े सभी लोगों की आवाज को दबाया। ऐसा क्या था कि कांग्रेस को आपातकाल थोपना पड़ा, एक ही निष्कर्ष निकलता है कि कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए यह पाप किया और इस पाप को छिपाए रखने के लिए नौजवानों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व सामाजिक संगठनों की आवाज को दबाने की चेष्टा की। कांग्रेस के युवराज देशवासियों की आंख में झोंक रहे धूल मुख्यमंत्री ने कहा, आपातकाल के दौरान न्यायपालिका के अधिकार सीमित कर दिए गए। मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया। यही नहीं, रात के अंधेरे में भारत के संविधान की प्रस्तावना भी बदल दी गई। यह काम उसी कांग्रेस ने किया, जिसके युवराज संविधान की प्रति लेकर देशवासियों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। इनका दोहरा चरित्र वर्तमान पीढ़ी को पता होना चाहिए। इसीलिए 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ आयोजित कर पूरे देश व नौजवान पीढ़ी को इससे अवगत कराने का प्रयास हो रहा है। मुलायम करते थे कांग्रेस से गठबंधन का विरोध सीएम ने कहा कि इंदिरा गांधी के अत्याचार से आमजन व राजनीतिक दलों के नेता कराह रहे थे। लोकतंत्र के समर्थन में जेल जा रहे थे। ऐसे ही नेताओं लालू प्रसाद व स्वर्गीय मुलयाम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी आज उसी कांग्रेस के साये में अपनी राजनीति करती दिखाई दे रही है। कांग्रेस जब भी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का प्रयास करती थी, मुलायम उसका विरोध करते थे। वह कहते थे कि कुछ भी हो, कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए। लेकिन उनके उत्तराधिकारी कांग्रेस के डूबते जहाज पर सवार होकर मुलायम सिंह की विरासत भी डुबोने पर उतारू हैं। ये लोग आज भी एक साथ होकर लोकतंत्र को कमजोर करने और परिवारवाद की राजनीति को प्रोत्साहित करने के लिए संवैधानिक मान्यताओं के विपरीत आचरण करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। भारत लोकतंत्र की जननी भी मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की बैठक में पीएम मोदी जी ने बताया था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ही नहीं, सबसे प्राचीन लोकतंत्र भी है। भारत लोकतंत्र की जननी भी है। जब दुनिया लोकतंत्र के बारे में नहीं जानती थी, तब भारत के तमाम गांवों व क्षेत्रों में लोकतंत्र स्थापित था। यह भारत के डीएनए में है। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के लिए शासन की योजनाओं का बनना ही लोकतंत्र का आधार है। पीएम मोदी ने कोविड महामारी के दौरान आमजन के लिए वैक्सीन, टेस्ट, उपचार व राशन की फ्री सेवाएं सुनिश्चित कराईं। उन्होंने अहसास कराया कि हमारी जवाबदेही अंतत: जनता के प्रति है। सबका साथ-सबका विकास का भाव भी लोकतंत्र की पुष्टि करता है। मोदी जी की सभी योजनाएं आमजन को समर्पित हैं। जाति, मत, महजब, क्षेत्र व भाषा देखे बगैर पात्रता की श्रेणी में आने वाले हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।   लोकतंत्र के प्रति हमारी जवावदेही सीएम ने कहा कि 4 करोड़ गरीबों को आवास, 12 करोड़ गरीबों के घर में शौचालय, 10 करोड़ गरीबों के घर में रसोई गैस, 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा, 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से उभरना, ये सभी कार्य भारत के पुष्ट लोकतंत्र को प्रदर्शित करते हैं। एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में लोकतंत्र पुष्ट हो रहा है तो दूसरी तरफ स्वार्थ के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस, जिसके द्वारा आज भी उसी प्रकार के प्रयास किए जाते हैं। हम सबको इसके प्रति सजग रहना चाहिए। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा, विद्याराम वर्मा, अजय सिंह व ओमप्रकाश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी, विधायकगण, संयोजक बृज बहादुर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिलाध्यक्ष विजय मौर्य व प्रबुद्धजन आदि उपस्थित रहे।

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला का किया गया आयोजन

भोपाल  प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा गुरुवार को राज्य स्तरीय कार्याशाला का आयोजन किया गया। पलाश रेसी‍डेन्‍सी भोपाल में आयोजित इस कार्यशाला में योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में नई दिल्‍ली से आए विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसमें राज्य शिक्षा केंद्र के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और सभी जिलों के नोडल अधिकारी तथा उनके सहायक शामिल हुए। कार्यशाला का शुभारंभ स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के सीनियर कन्‍सलटेंटराघवेन्‍द्र खरे, छात्रवृति प्रकोष्ठ के उपसंचालक डॉ. मुकेश शर्मा एवं राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के संयुक्‍त संचालकप्राचीश जैन ने किया। कार्यशाला में राष्‍ट्रीय मेरिट कम मीन्‍स छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत नेशनल स्‍कॉलरशिप पोर्टल NSP पर नवीन/ नवीनीकरण पंजीयन से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्‍तृत चर्चा की गई। साथ ही योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रदेश के जिला नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी समन्‍वयकश्‍याम मनोहर शर्मा तथा स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नई दिल्‍ली की प्रतिनिधि सुश्री सोनल नागर एवं श्रीमती रीता ने प्रतिभागयिों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस अवसर राज्‍य नोडल अधिकारीआनंद शर्मा, श्रीमती अनुराधा यादव, राज्‍य समन्‍वयक श्रीमती ज्‍योति श्रीवास्‍तव सहित कार्यशाला में प्रत्‍येक जिले के नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित है राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना राज्य के शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं नगरीय निकायों के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 8वीं के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्‍ली द्वारा चयन परीक्षा में पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा छात्रवृत्ति की राशि सीधे हितग्राही विद्यार्थी के खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ पाने के लिए छात्र को विगत वर्ष कक्षा 7वीं में न्यूनतम ‘सी’ ग्रेड से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही, अभिभावक की सकल वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्‍य के लिए निर्धारित कोटा में मेरिट सूची के अनुसार प्रतिवर्ष मध्‍यप्रदेश के 6 हजार 446 विद्यार्थियों का चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है।  

रांची में मोहर्रम को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम, शहर पर ड्रोन और CCTV से रहेगी नजर

रांची  मोहर्रम के दौरान राजधानी रांची में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। सुरक्षा के मद्देनजर एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित करीब 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और जुलूस मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में आरएएफ, एसएसबी, एसआईआरबी, जैप, जैप महिला बटालियन, इको बटालियन, होमगार्ड तथा जिला बल के जवानों को लगाया जाएगा। इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए टीयर गैस दस्ता, वज्रवाहन, रंगीन वाटर टैंकर और रबर बुलेट टीम को भी तैयार रखा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी करने का निर्णय लिया है। साथ ही कई प्रमुख स्थानों और ऊंची इमारतों पर भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। सोशल मीडिया पर रहेगी विशेष नजर मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी। फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम समेत विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों की निगरानी के लिए अलग से तकनीकी टीम गठित की गई है। यह टीम अफवाह फैलाने वाले संदेशों और भ्रामक पोस्टों पर नजर रखेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित ग्रुप एडमिन की भूमिका की भी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध सूचना की तत्काल पुलिस को जानकारी देने की अपील की है।  

लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के आभूषण जब्त

भोपाल रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्यवाहियों के क्रम में मध्यप्रदेश पुलिस की रेल इकाई (जीआरपी) को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। जीआरपी इंदौर ने सूक्ष्म विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं लगातार की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप एक अंतर्राज्यीय शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। 16 मार्च को इंदौर निवासी फरियादिया ने रिपोर्ट दर्ज की थी कि वह  अपने पति के साथ ट्रेन में अहमदाबाद से इंदौर की यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान उन्होंने अपना पर्स सिरहाने रखकर विश्राम किया था। इंदौर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि अज्ञात व्यक्ति उनका पर्स चोरी कर ले गया है। चोरी गए सामान में लगभग 11.8 तोला सोने के आभूषण, मोबाइल फोन एवं नगदी शामिल थी। फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना जीआरपी इंदौर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेल इंदौरअरविंद तिवारी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान टीम ने इंदौर से रतलाम तक रेलवे मार्ग पर विभिन्न स्टेशनों पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विस्तृत परीक्षण किया। लगातार फुटेज विश्लेषण एवं साइबर सेल की तकनीकी सहायता से संदिग्ध आरोपी की पहचान स्थापित की गई। जांच के दौरान आरोपी की गतिविधियों एवं लोकेशन का लगातार विश्लेषण किया गया। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस टीमों को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, तेलंगाना तथा दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के अनेक शहरों में भेजा गया। लगातार प्रयासों के बाद आरोपी को नीमच से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया एक सोने का हार, दो सोने के कंगन, चार सोने की अंगूठियां, एक जोड़ी सोने के टॉप्स तथा चोरी किया गया लेडीज पर्स सहित लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु एवं कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में अपराध करना स्वीकार किया। मध्यप्रदेश पुलिस रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रियों से अपील है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे पुलिस को दें।  

​’कृषक उन्नति योजना’ से किसानों को संबल-राजस्व मंत्रीटंक राम वर्मा

रायपुर अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना है, तो रासायनिक खादों की अंधी दौड़ से बाहर निकलना होगा। धरती की उर्वरा शक्ति को बचाने और इंसानी सेहत को संवारने का एकमात्र रास्ता जैविक और प्राकृतिक खेती ही है। यह विचार प्रदेश के कृषि मंत्रीरामविचार नेताम ने भाटापारा में आयोजित 'जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला' के दौरान व्यक्त किए। शासकीय गजानन्द अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में संपन्न हुए इस समारोह में राजस्व मंत्रीटंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और रायपुर लोकसभा सांसदबृजमोहन अग्रवाल भी विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे। ​अंधाधुंध रासायनिक उपयोग पर जताई चिंता            ​ कृषि मंत्रीनेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में 1 से 30 जून तक 'खेत चलो अभियान' चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य ध्येय किसानों को पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर वापस लाना है। छत्तीसगढ़ के 'धान का कटोरा' होने के गौरव को रेखांकित करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि अधिक उत्पादन की लालसा में रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे तात्कालिक पैदावार भले बढ़ रही हो, लेकिन यह मानव स्वास्थ्य और मिट्टी, दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें, बल्कि पशुपालन, मछलीपालन और बकरी पालन को जोड़कर अपनी आय के नए स्रोत बनाएं।  किसानों को आत्मनिर्भर बनाने सरकार प्रतिबद्ध        ​     किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार ने 'कृषक उन्नति योजना' का दायरा और बढ़ा दिया है। अब खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन (दालें) और तिलहन (तेल बीज) की खेती करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से इस योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने का आग्रह किया। ​पशुधन आधारित खेती ही समृद्धि का आधार: मंत्रीटंक राम वर्मा            ​ समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्रीटंक राम वर्मा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का सपना जैविक खेती के जरिए ही साकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में हमारी कृषि का मूल आधार पशुधन हुआ करता था, जिससे पर्यावरण और जमीन दोनों सुरक्षित थे। आज रासायनिक खादों के कारण पानी, हवा और भोजन सब प्रदूषित हो रहे हैं। जैविक खेती से जब हमारी जमीन की सेहत सुधरेगी, तभी हमें शुद्ध अन्न मिलेगा और हमारा समाज स्वस्थ रहेगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, लोकसभा सांसदबृजमोहन अग्रवाल और पूर्व विधायकशिवरतन शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए। ​योजनाओं के हितग्राहियों को मिला लाभ             ​ कार्यशाला केवल विमर्श तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में अतिथियों के हाथों 5 किसानों को अरहर बीज किट, 5 किसानों को नैनो यूरिया और 2 मछुआ समितियों को आधुनिक महाजाल व आइस बॉक्स का वितरण किया गया। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम आशा योजना के तहत उत्कृष्ट काम करने वाले 5-5 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।     ​ इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ, सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।