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योगी सरकार की पहल से युवा उद्यमियों को उत्पाद, बाजार और कारोबार विस्तार का एक ही मंच पर मिल रहा अवसर

ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की तस्वीर यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में आयोजित सीएम युवा एक्सपो-2026 में दिखाई दे रही है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित एक्सपो के दूसरे दिन युवा उद्यमियों के उत्पादों, कारोबार के नए विचारों और सफल कारोबारी मॉडलों को व्यापक मंच मिला। दूसरे दिन एक्सपो में करीब 15 हजार से अधिक आगंतुक पहुंचे। लोगों ने युवा उद्यमियों के उत्पादों और सेवाओं में रुचि दिखाई। इस दौरान करीब दो लाख रुपये की बी2सी बिक्री हुई, जबकि संभावित खरीदारों, वितरकों और कारोबारी साझेदारों से 1,150 बी2बी पूछताछ दर्ज की गईं। इससे युवा उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने और कारोबार को आगे बढ़ाने के अवसर मिले। मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टॉलों का किया भ्रमण दूसरे दिन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने एक्सपो के विभिन्न हॉल का भ्रमण किया। उन्होंने सीएम युवा के स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों और कारोबार मॉडलों की जानकारी ली। युवा उद्यमियों से संवाद करते हुए उनके व्यवसाय, बाजार विस्तार और सीएम युवा योजना से मिले सहयोग के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई। थीम पवेलियन में सामने आए अलग-अलग कारोबार मॉडल थीम पवेलियन में आयोजित सत्र के दौरान प्रोजेक्ट गंगा, मिलेनस्ट-जैविक फूड, द मास्टर ब्रांड्स, पिज्जा ओडिला और द पर्ल टाउन ने अपने उत्पादों, कारोबार मॉडल और भविष्य की विस्तार योजनाओं को प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी उत्पाद को बाजार की जरूरत के अनुरूप विकसित कर किस प्रकार उसे सफल कारोबार में बदला जा सकता है। पिच टैंक में युवाओं ने विशेषज्ञों के सामने रखे कारोबार विचार दूसरे दिन आयोजित पिच टैंक में एमिटी यूनिवर्सिटी, आईपीईसी कॉलेज, आईटीएस और जीएल बजाज सहित विभिन्न संस्थानों के चयनित प्रतिभागियों ने निर्णायक मंडल के समक्ष अपने कारोबार विचार और मॉडल प्रस्तुत किए।युवाओं ने अपने उत्पादों और सेवाओं, लक्षित बाजार, आय के मॉडल, कारोबार विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर प्रस्तुतियां दीं। इस मंच ने युवाओं को अपने विचारों पर विशेषज्ञों की राय लेने और उन्हें बाजार की जरूरत के अनुरूप बेहतर बनाने का अवसर दिया। आर्थिक सहायता के साथ बाजार से जोड़ने पर जोर योगी सरकार की सीएम युवा योजना के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए सहयोग उपलब्ध कराने के साथ ही उनके कारोबार को बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीएम युवा एक्सपो इसी दिशा में महत्वपूर्ण मंच बना है। यहां युवाओं को उत्पाद प्रदर्शन और बिक्री के साथ बी2बी संपर्क, ब्रांडिंग, वितरण नेटवर्क और कारोबार विस्तार के अवसर मिल रहे हैं। फ्रेंचाइजी, मशीन आपूर्ति और बिजनेस ऑन व्हील्स जैसे अलग-अलग कारोबारी मॉडल भी युवाओं के सामने प्रस्तुत किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रतिभा को बड़े बाजार से जोड़ रहा ट्रेड शो यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सीएम युवा की भागीदारी का उद्देश्य प्रदेश के युवा उद्यमियों को स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंच दिलाना है। देश-विदेश से आए खरीदारों, कारोबारी प्रतिनिधियों और संभावित साझेदारों के बीच युवा उद्यमियों को अपने उत्पाद और सेवाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। सीएम युवा एक्सपो में जारी गतिविधियां प्रदेश की युवा शक्ति और उद्यमिता की क्षमता को सामने ला रही हैं। योगी सरकार की पहल से युवाओं को स्वरोजगार, नवाचार और कारोबार विस्तार के लिए एक ऐसा मंच मिल रहा है, जहां आर्थिक सहयोग के साथ बाजार और नेटवर्किंग की संभावनाएं भी एक साथ उपलब्ध हैं। आगामी दिनों में भी एक्सपो में उत्पाद प्रदर्शन, कारोबार प्रस्तुतियां, पिच टैंक और कारोबारी संपर्क से जुड़ी गतिविधियां जारी रहेंगी।

भोपाल में विकास का नया रोडमैप तैयार! 3000 हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर, मिक्स लैंड यूज पर जोर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है। नए मास्टर प्लान में शहर के विकास के साथ पर्यावरण, रोजगार, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है। अब प्रशासन इस ड्राफ्ट पर जनता से दावे-आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करेगा। मास्टर प्लान का ड्राफ्ट चार प्रमुख आधारों पर तैयार किया गया है। इनमें प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण, आधुनिक और नागरिक हितैषी विकास, शहर में जरूरी बदलावों को बढ़ावा देना और रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप प्रकाशित किया गया है। इसमें भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, आसान आवाजाही और आर्थिक विकास के अवसर देने का प्रयास किया गया है। 51 किलोमीटर का होगा ग्रोथ कॉरिडोर मास्टर प्लान में करीब 3000 हेक्टेयर जमीन ग्रोथ कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है। यह कॉरिडोर ईकेएआई सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक और थोक व्यापार क्षेत्र सहित विभिन्न उपनगरों को जोड़ेगा। ग्रोथ कॉरिडोर में होटल, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी, एआई और डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक, थोक व्यापार, हाइपर मार्केट, मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस, एजुकेशन हब और आवास जैसी गतिविधियां विकसित की जा सकेंगी। यहां मिश्रित उपयोग और ज्यादा घनत्व वाले विकास का प्रस्ताव है। इस कॉरिडोर में लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरिडोर का प्रस्ताव है, जिसे भविष्य में एमआरटीएस में बदला जा सकेगा। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्गों को भी ग्रोथ कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है। एक ही इलाके में मकान और दुकान मास्टर प्लान में मिश्रित भूमि उपयोग का प्रस्ताव रखा गया है। यानी सड़क की चौड़ाई के आधार पर कुछ क्षेत्रों में आवासीय उपयोग के साथ दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी। इसका उद्देश्य लोगों के घर और काम की जगह के बीच दूरी कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। चौड़ी सड़कों पर स्थित जमीनों के लिए एफएआर और भवन की ऊंचाई को लेकर अधिक छूट देने का प्रस्ताव है। विकास के नियमों को भी आसान बनाने की बात कही गई है। हरित क्षेत्र 16 से बढ़कर 27 प्रतिशत भोपाल मास्टर प्लान-2005 में हरित क्षेत्र करीब 16 प्रतिशत था। नए भोपाल विकास योजना-2047 में इसे बढ़ाकर करीब 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए यहां गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। कॉलोनी स्तर पर खुले क्षेत्र को भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। योजना में भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र, पहाड़ियों, जंगल, तालाबों, जलाशयों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों को संरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। डिजिटल ट्विन सिटी से होगी निगरानी शहर के विकास और निर्माण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी के लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य अवैध निर्माण, यातायात और दूसरी शहरी समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करना है। सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था जैसे प्रावधान भी किए गए हैं। पार्किंग की समस्या दूर करने पर जोर मास्टर प्लान में मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे, आरओबी और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकेगी। बेसमेंट पार्किंग के लिए जमीन के संयुक्त उपयोग की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है। भौंरी में बनेगी एजुकेशन हब भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ईकेएआई) सिटी विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य शिक्षा और एआई से जुड़े संस्थानों को बढ़ावा देना है। अनाथ आश्रम, मूक-बधिर विद्यालय, छात्रावास, दिव्यांग विशेष विद्यालय, वृद्धाश्रम और रैन बसेरा जैसी चैरिटेबल गतिविधियों को भी कई तरह के भूमि उपयोग क्षेत्रों में अनुमति देने का प्रस्ताव है। 45 लाख आबादी के हिसाब से तैयार योजना भोपाल विकास योजना-2047 को 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। इसमें 254 गांव शामिल हैं और इसे करीब 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। योजना में विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61,017.02 हेक्टेयर रखा गया है। अब इस प्रारूप पर प्रशासन जनता से दावे, आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करेगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। तीन हजार हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मेट्रो के तहत भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव में करीब तीन हजार हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर प्रस्तावित है. इसमें निवेश के लिए माहौल बनाने के लिए 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है. यह ग्रोथ कॉरिडोर एजुकेशन, नॉलेज, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न उपनगरों को भी जोड़ता है। . रेडियल मार्ग से ग्रोथ कॉरिडोर से जुड़ेंगे ये रोड ग्रोथ कॉरिडोर में नगर के बाहर विभिन्न दिशाओं से आने वाले क्षेत्रीय मार्ग जैसे विदिशा मार्ग, रायसेन मार्ग, नर्मदापुरम मार्ग एवं इन्दौर मार्ग को ग्रोथ कॉरीडोर के जरिए शहर से जोड़ा जाएगा. इसमें मेट्रेपोलिटन क्षेत्र के विभिन्न भागों से बेहतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया है. ग्रोथ कॉरिडोर एवं इसके रेडियल मार्गों का विकास नगर विकास स्कीम के माध्यम से भोपाल विकास प्राधिकरण करेगा. निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है. ये मार्ग के दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित की गई है।  मास्टर प्लान में मिक्स लैंड यूज भी प्रस्तावित भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मिक्स लैंड यूज के प्रस्ताव राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप आवासीय उपयोग के तहत मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लैण्ड यूज प्रस्तावित किए गए हैं. जिससे कि वर्क स्पेस और रेजिडेंशियल एरिया में कॉर्डिनेशन हो सके. असीमित एफएआर एवं भवन ऊंचाई नगरीय क्षेत्र की भूमि का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा निवेश मित्र वातावरण तैयार करने के उ‌द्देश्य से मार्ग की चौड़ाई के आधार पर एफएआर का निर्धारण किया गया है।  अधिक चौड़े मार्गों पर स्थित भूमियों को एफएआर एवं भवन की ऊंचाई की सीमा … Read more

अखिलेश यादव की सपा प्रवक्ताओं को सलाह- बिना तैयारी डिबेट में न जाएं, सोशल मीडिया पर संभलकर बोलें

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं।  जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है।  10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती-बिगड़ती: अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है. आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है।  आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. अखिलेश ने कहा है कि बिना तैयारी के डिबेट में न जाएं. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे।  बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं. ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है. रायबरेली से अखिलेश यादव ने शुरू की रथ यात्रा, कांग्रेस और सपा में ठनी! अखिलेश की 'रथयात्रा' पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने दी ये चुनौतीअखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है।  आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों. इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है।  इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं।  यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों।  इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की।  उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा और हमेशा के लिए डिमॉलिश कर देगा। 

यूपी चुनाव से पहले बड़ा सर्वे! फिर लहराएगा भगवा, SP का सामने आया सीटों का आंकड़ा

लखनऊ  यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस समेत सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले नौ सालों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक चुनावी सर्वे सामने आया है, जिसमें भाजपा की बंपर जीत का अनुमान जताया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन 267 सीटों के साथ प्रदेश में फिर से सरकार बना सकता है, जबकि सपा गठबंधन को 132 सीटें मिलने की संभावना है। बसपा को दो और अन्य के खाते में दो सीटें जा सकती हैं। न्यूज लीडर और मैटराइज के सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर यह सर्वे किया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन को 267 सीटें दी गईं। इसमें से भाजपा को ही अकेले दम पर 246 सीटें मिलती दिख रहीं, जबकि उसके सहयोगी अपना दल (S) को नौ, आरएलडी को तीन, निषाद पार्टी को चार और सुभासपा को एक सीट दी गई है। सर्वे में बताया गया है कि अगर आज चुनाव होते हैं तो भाजपा गठबंधन की सरकार बनेगी। वहीं, समाजवादी पार्टी गठबंधन को राज्य में महज 132 सीटें मिलती दिखाई गई हैं। अगर यह सर्वे सच होता है तो सपा के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि उसे लगातार तीसरी बार सत्ता से बाहर रहना पड़ेगा। इससे पहले सपा 2012-17 तक यूपी में सत्ता में थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस बार सपा ही अकेले 125 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को सात सीटें मिल सकती हैं। सपा और कांग्रेस में पिछले कई दिनों से बयानबाजी भी तेज है। कांग्रेस की ओर से सांसद इमरान मसूद तीखी बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि अब सपा सांसद इकरा हसन भी पलटवार कर रही हैं। भाजपा और सपा गठबंधन को कितने फीसदी वोट शेयर का अनुमान सर्वे के अनुसार, भाजपा को राज्य में 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि सपा गठबंधन को 38 फीसदी वोट मिल सकता है। इस तरह दोनों के बीच छह फीसदी का अंतर रहने की संभावना है, जोकि काफी बड़ा अंतर है। वहीं, बसपा को 0.8 फीसदी और अन्य को दस फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान है। पिछले दो चुनावों के आंकड़े यूपी चुनाव 2022 में भाजपा ने 403 में से 255 सीटों पर जीत दर्ज की थी और उसका वोट शेयर करीब 41.3 फीसदी रहा था। समाजवादी पार्टी (SP) को 111 सीटें मिलीं और उसका वोट शेयर करीब 32.1 फीसदी था। वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) सिर्फ एक सीट जीत सकी, जबकि उसका वोट शेयर करीब 12.9 फीसदी रहा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। बीजेपी के सहयोगियों अपना दल (एस) को 12 और निषाद पार्टी को 6 सीटें मिलीं। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत हासिल की थी और उसका वोट शेयर करीब 39.7 फीसदी था। समाजवादी पार्टी को 47 सीटें, बसपा को 19 सीटें और कांग्रेस को 7 सीटें मिली थीं। यानी 2017 से 2022 के बीच बीजेपी की सीटें 57 कम हुईं, लेकिन उसका वोट शेयर बढ़ा। इसके उलट SP की सीटों में 64 का इजाफा हुआ और उसका वोट शेयर भी करीब 10 प्रतिशत अंक बढ़ा, जबकि बसपा और कांग्रेस दोनों के सीटों तथा वोट शेयर में गिरावट आई।

योगी सरकार के डिजिटल हेल्थ विजन को मिलेगी नई रफ्तार, 25 पदों पर होगी भर्ती

लखनऊ  योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने और डिजिटल हेल्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश (एबीडीएम यूपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक समन्वय और मंडल स्तर पर कार्यक्रमों की गति बढ़ाने के लिए विभिन्न पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इससे प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। इन पदों पर होगी भर्ती चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर लगातार जोर दे रहे हैं। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है। इसे विस्तार देने के लिए संविदा के आधार पर कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसमें वित्त सलाहकार का एक, शिकायत निवारण विशेषज्ञ का एक, प्रशासनिक कार्यकारी के तीन, परियोजना प्रबंधक-समन्वय का एक, आईओआईसी विशेषज्ञ का एक, ईएमआर/पीएचआर विशेषज्ञ का एक, क्षमता निर्माण अधिकारी का एक, मंडलीय समन्वयक के नौ, समन्वय कार्यकारी के चार, संयुक्त निदेशक-आईटी का एक और आईटी कार्यकारी के दो पद शामिल हैं। इस प्रकार तकनीकी, प्रशासनिक और मंडलीय स्तर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग श्रेणियों में मानव संसाधन जोड़ा जाएगा। 16 अक्टूबर रात 12 बजे तक कर सकेंगे आवेदन सचिव ने बताया कि भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू हो गयी है। अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने के लिए 16 अक्टूबर की रात 12 बजे तक का समय रहेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। किसी भी पद के लिए ऑफलाइन, हार्ड कॉपी अथवा ई-मेल के माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन और आवश्यक जानकारी एबीडीएम यूपी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। बता दें कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय और सुरक्षित डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार करना है।

बिहार में मेडिकल सीटों का बंटवारा, नए सरकारी कॉलेजों ने 561-570 अंक वालों को दिया मौका

पटना बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECB) द्वारा अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन काउंसलिंग के द्वितीय चरण का सीट आवंटन परिणाम शुक्रवार को जारी कर दिया गया। हाल में स्थापित राज्य के नए सरकारी मेडिकल कालेजों की बदौलत नीट में 561 से 570 अंक हासिल करने वाले पिछड़ा, अत्यंत पिछड़ा व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सरकारी काॅलेज मिले। आवंटन सूची के विश्लेषण से स्पष्ट है कि राज्य के पुराने व प्रतिष्ठित मेडिकल कालेजों में इस बार भी मुकाबला बेहद कड़ा रहा। नामचीन संस्‍थानों में मुकाबला रहा कड़ा पीएमसीएच और आइजीआइएमएस में सामान्य सीटें 610 से 655 अंकों के बीच सिमट गईं। IGIMS में सामान्य वर्ग का नया आवंटन 655 अंक (आल इंडिया रैंक 1158) से शुरू हुआ। एनएमसीएच, डीएमसीएच और एसकेएमसीएच (मुजफ्फरपुर) में सामान्य व पिछड़ा वर्ग की अधिकांश सीटें 590 से 605 अंकों के दायरे में आवंटित हुईं। श्रीराम जानकी मेडिकल कालेज (समस्तीपुर), जीएमसी छपरा, जीएमसी पूर्णिया, जीएमसी बेतिया और जेकेटीएमसी मधेपुरा जैसे नए संस्थानों ने अभ्यर्थियों को सबसे बड़ा सहारा दिया। आरक्षि‍त श्रेण‍ियों में 561 अंक तक आवंटन इन काॅलेजों में लड़कों के लिए अनारक्षित सीटें 568 अंक तक तथा विभिन्न आरक्षित श्रेणियों (ईबीसी, ईडब्ल्यूएस, बीसी) और छात्राओं के लिए सरकारी एमबीबीएस की सीटें 561 अंक तक आवंटित की गईं। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के अभ्यर्थियों को समस्तीपुर व छपरा में 452 से 454 अंक पर और एसटी वर्ग को 477 से 478 अंक पर सरकारी एमबीबीएस सीट हासिल हुई है। निजी काॅलेजों में 210 अंक पर भी एमबीबीएस सरकारी काॅलेजों के मुकाबले राज्य के निजी मेडिकल कालेजों में कटआफ का स्तर काफी नीचे दर्ज किया गया। निजी मेड‍िकल कॉलेजों में 210 वालों को भी सीटें आवंट‍ित सिवान, जहानाबाद, नालंदा, सहरसा और पूर्वी चंपारण स्थित निजी मेडिकल काॅलेजों में 210 से 250 अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को भी एमबीबीएस में सीट आवंटित हो गई है निजी संस्थानों के एनआरआइ कोटे में तो 180 से 190 अंक तक के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। जिन अभ्यर्थियों को मनपसंद सरकारी मेडिकल काॅलेज नहीं मिल सका, उन्होंने बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय (बीवीसी), पटना और पटना डेंटल कालेज (पीडीसी) को प्राथमिकता दी। बीवीसी पटना में वेटरनरी साइंस के लिए 540 से 553 अंक तथा पीडीसी में बीडीएस के लिए 548 से 556 अंक तक के अभ्यर्थियों ने दाखिला पक्का किया है। नोडल केंद्रों पर सत्यापन अनिवार्य, ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी पर्षद ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे आधिकारिक वेबसाइट से अपना सीट आवंटन पत्र डाउनलोड कर लें। नई सीट पाने वाले और पूर्व की सीट बरकरार रखने वाले सभी अभ्यर्थियों को तय समय-सीमा के भीतर निर्धारित नोडल या रिपोर्टिंग सेंटर पर उपस्थित होकर मूल प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। सत्यापन के लिए नीट (यूजी) का एडमिट कार्ड, स्कोर कार्ड, यूजीमैक रैंक कार्ड, प्रोविजनल आवंटन पत्र, 10वीं और 12वीं के मूल प्रमाणपत्र व अंकपत्र, जाति व आवासीय प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और वैध फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।

आस्था कुंज गैंगरेप के बाद एक्शन, पार्कों-स्कूलों के आसपास 30 कंपनियां तैनात

नई दिल्ली  आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से गैंगरेप की घटना के बाद दिल्ली के पार्को, बड़े बाजारों, सुनसान जगहों, स्कूल और कॉलेज के पास जिला पुलिस के साथ-साथ कई अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी लगाया गया है। सभी जिलों में तैनात की गईं दो दो कंपनियां दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी दिल्ली के सभी 15 जिलों में सुरक्षा के लिए अर्ध सैनिक बलों की दो-दो कंपनियों की तैनाती की गई है। इसमें CRPF , CISF BSF और असम राइफल्स जैसे अर्धसैनिक बलों की कंपनियां शामिल है। सबसे ज्यादा तैनाती इस क्षेत्र में तैनात जवान दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर लगातार, पार्क, स्कूल और कॉलेज के आसापास, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन और बाजार समेत उन जगहों पर खास तौर पर तैनात किए गए हैं, जहां महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही अधिक है। एक कंपनी में होते हैं 50 से 60 जवान पुलिस अधिकारी के मुताबिक अर्धसैनिक बलों की एक कंपनी में 50 से 60 जवान रहते हैं। पूरी दिल्ली में जरूरत के हिसाब से करीब 30 कंपनियों की तैनाती दिल्ली पुलिस के साथ की गई है। कंपनियों के जवान दिल्ली पुलिस के साथ पैदल गश्त और बाइक से गश्त कर रहे हैं। मामले में क्या बोले डीसीपी सचिन शर्मा डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली जिले में दो टुकड़ियों के अलावा पहले से भी बीएसएफ के जवान अलग-अलग जगहों पर तैनात रहते हैं। ये जवान नेहरू पार्क, लोधी गार्डन, कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क और बुद्धा जयंती गार्डन समेत नई दिल्ली के सभी बड़े पार्को, स्कूल व कॉलेज, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन के अलावा कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्कल, जनपथ, कनॉट प्लेस मार्केट, तुगलक रोड, इंडिया गेट, नई दिल्ली के सभी बड़े पार्कों और जंतर मंतर पर तैनात रहते है। बीएसएफ के जवान सभी थानों के स्टाफ के साथ पट्रोलिंग करते हैं।

दीपावली से पहले अलर्ट राजस्थान सरकार, NCR में प्रदूषण रोकने के लिए बनेगी रणनीति

जयपुर  मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आज शनिवार को शासन सचिवालय में एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। उन्होंने दीपावली एवं आगामी सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक उपाय समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए।  मुख्य सचिव ने एनसीआर में औद्योगिक प्रदूषण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, सड़क की धूल, निर्माण एवं विध्वंस कचरे, पराली एवं बायोमास जलाने तथा यातायात जाम से होने वाले प्रदूषण के नियंत्रण के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी संबंधित विभाग के बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।  'परिवर्तन' योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर  मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को ‘परिवर्तन’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में पुराने एवं अधिक प्रदूषणकारी वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बीएस-VI से पूर्व के ट्रकों एवं बसों को बीएस-VI मानक के वाहनों अथवा सीएनजी तथा ईवी जैसे स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों से प्रतिस्थापित करने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विशेष शिविर लगाने के लिए भी कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना प्रदूषण नियंत्रण की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का विस्तार निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अलवर, भरतपुर एवं भिवाड़ी में आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में ई-बसें उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।  मुख्य सचिव ने कहा कि ईवी को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में लक्ष्य आधारित कार्रवाई की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) व्यवस्था स्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।  सड़क पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा  वी. श्रीनिवास ने कहा कि सड़क की धूल (रोड डस्ट) एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके नियंत्रण के लिए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग सहित अन्य उपाय प्राथमिकता से लागू किए जाएं।  उन्होंने अलवर, भरतपुर, भिवाड़ी एवं नीमराना में सड़क पुनर्विकास, निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत सड़क कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए तथा स्वीकृत नई सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ किए जाएं।  मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने के भी निर्देश दिए।  औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी  मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) की स्थापना एवं संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की निरंतर निगरानी हो तथा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।  उन्होंने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को औद्योगिक एवं अन्य प्रमुख प्रदूषण स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में पराली एवं बायोमास जलाने की घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर निगरानी एवं समन्वय को मजबूत करें।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एनसीआर में प्रदूषण प्रबंधन की लगातार निगरानी की जा रही है, इसलिए सभी संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी एवं समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें।      मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण एवं विध्वंस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जाए, ताकि खुले में कचरा डालने एवं उससे होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। वी. श्रीनिवास ने एनसीआर क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या एवं उससे होने वाले प्रदूषण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जाम वाले स्थानों को चिह्नित कर वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार डी-कंजेशन उपायों को लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण की वजह से यातायात जाम वाले स्थानों की पहचान कर अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने इस संबंध में संबंधित विभागों की समन्वित समिति गठित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने बैठक में एनसीआर क्षेत्र के औसत मासिक एयर क्वालिटी इन्डेक्स (एक्यूआई) ट्रेंड की भी समीक्षा की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।  

छात्रों के प्रदर्शन पर CJI का बड़ा बयान, बोले- संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालतों के दरवाजे खुले

पटना भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत (CJI Suryakant) ने शनिवार को कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना और विरोध-प्रदर्शन करना छात्रों का मौलिक अधिकार है। यदि पुलिस या प्रशासन बल प्रयोग कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास करता है, तो अदालतें कतई मूकदर्शक नहीं रहेंगी। चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) पटना के अशोक ऑडिटोरियम में आयोजित  'ओपन हाउस' संवाद के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह बात कही। शांत‍िपूर्ण प्रदर्शन पर पुल‍िस क्‍यों करती है कार्रवाई? संवाद के दौरान विधि की एक छात्रा ने परिसरों में होने वाले शांतिपूर्ण आंदोलनों पर पुलिस काईवाई का मुद्दा उठाया। छात्रा का सीधा सवाल था कि जब छात्र अपने हकों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरते हैं, तो पुलिस बल प्रयोग करती है, ऐसे में न्यायपालिका उनके अधिकारों की रक्षा के लिए क्या कर रही है? उत्तर देते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक, विशेषकर युवाओं को अपनी असहमति जताने और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। उन्होंने संकेत दिया कि अदालतें छात्रों के इस संवैधानिक अधिकार की किसी भी परिस्थिति में उपेक्षा नहीं करेंगी। मुख्य न्यायाधीश ने जवाब से यह साफ किया कि यदि छात्र लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण दायरे में रहकर अपना आंदोलन चला रहे हैं, तो राज्य की कोई भी पुलिस मशीनरी उनके मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकती। अदालतों के दरवाजे ऐसे मामलों में छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा खुले हैं। मुख्य न्यायाधीश ने युवा अधिवक्ताओं, विशेषकर प्रथम पीढ़ी के विधि व्यवसायियों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को भी स्वीकार किया। प्रोफेशनल असिस्‍टेंस कॉरपस की जरूरत सारिका त्यागी के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को उनके प्रारंभिक व्यावसायिक वर्षों में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित Professional Assistance Corpus की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इसे किसी प्रकार की दानशीलता के रूप में नहीं, बल्कि विधि व्यवसाय के भविष्य के लिए एक आवश्यक संरचनात्मक व्यवस्था के रूप में देखने की आवश्यकता बताई सीएनएलयू के कुलपति प्रो. फैजान मुस्तफा ने विधि शिक्षा में एक महत्वपूर्ण सुधार का प्रस्ताव रखते हुए पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम को चार वर्ष की शैक्षणिक अवधि में पुनर्संरचित करने तथा अंतिम वर्ष को अनिवार्य न्यायलीय अप्रेंटिसशिप के रूप में निर्धारित करने का सुझाव दिया। उनका प्रस्ताव था कि इस प्रकार न्यायालीय अनुभव को विधि शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सकता है और न्यायिक सेवा परीक्षाओं के लिए पृथक एक वर्षीय प्रैक्टिस की आवश्यकता को समाप्त किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को मुख्य न्यायाधीश ने “एक नया और स्वागत योग्य विचार” बताया। कार्यक्रम के दौरान सीएनएलयू के कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह मौजूद रहे।

रामप्रसाद विश्वकर्मा की मैकेनिकल वोटिंग मशीन को भोपाल विज्ञान मेले में द्वितीय पुरस्कार

विज्ञान भारती, मध्यभारत प्रांत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री शिवकुमार जी द्वारा किया गया सम्मान भोपाल भोपाल में आयोजित 13वें भोपाल विज्ञान मेले–2026 में राजगढ़ जिले के पचोर निवासी 76 वर्षीय श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा द्वारा विकसित Pure Mechanical Voting Machine (MVM) को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  समापन समारोह में विज्ञान भारती, मध्यभारत प्रांत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय श्री शिवकुमार जी द्वारा श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। समापन समारोह में मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री श्री राकेश सिंह भी उपस्थित रहे। श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा ने लगभग 14 वर्षों के प्रयास, प्रयोग और तकनीकी कार्य के बाद Mechanical Voting Machine का प्रोटोटाइप विकसित किया। इस आविष्कार के लिए उन्हें वर्ष 2024 में पेटेंट प्राप्त हुआ है। भोपाल विज्ञान मेले में MVM का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स एवं आम नागरिकों ने मशीन की कार्यप्रणाली को देखा और समझा। MVM एक Mechanical Voting System की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें मतदान की मुख्य प्रक्रिया यांत्रिक प्रणाली द्वारा संचालित होती है। वर्तमान प्रोटोटाइप में मतदान के बाद परिणाम प्रदर्शित करने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। इस परियोजना में उनके पुत्र श्री कमलेश विश्वकर्मा, सह-आविष्कारक, ने पेटेंट प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण एवं तकनीकी प्रस्तुति में सहयोग किया। श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा ने इस उपलब्धि पर विज्ञान भारती, MPCST (मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद), भोपाल विज्ञान मेला आयोजन समिति तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।  उन्होंने कहा कि “यह पुरस्कार हमारे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि आगे और बेहतर तकनीकी विकास एवं परीक्षण के लिए प्रेरणा है।” “उम्र नवाचार की सीमा नहीं है।