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अंबिकापुर में मंत्री राजेश अग्रवाल की पूजा-अर्चना, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की प्रार्थना

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अम्बिकापुर के विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उनके आशीर्वाद से सभी के जीवन में समृद्धि, कौशल और प्रगति की प्रार्थना के साथ उन्होंने सृष्टि के दिव्य रचनाकार विश्वकर्मा भगवान को नमन किया। अम्बिकापुर के हृदय स्थल पर स्थित प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर पहुंचे अग्रवाल ने पारंपरिक विधि-विधान से भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्ज्वलन और आरती के बीच उन्होंने राज्य की समृद्धि की प्रार्थना की।  श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि विश्वकर्मा भगवान के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में समृद्धि, कौशल और प्रगति का संचार हो।

सरगुजा के विकास को नई दिशा: मंत्री अग्रवाल ने संपूर्णता अभियान 2.0 का किया शुभारंभ

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ सरगुजा के पिछड़े क्षेत्रों को मिलेगी नई उड़ान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जनपद पंचायत लखनपुर, सरगुजा में नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान आकांक्षी प्रखंडों एवं पिछड़े क्षेत्रों के समग्र, संतुलित और सतत विकास के संकल्प को मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर गहन चर्चा की। उन्होंने सभी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए, ताकि अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अग्रवाल ने कहा कि नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 छत्तीसगढ़ के पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं पर समग्र फोकस रहेगा। संपूर्णता अभियान 2.0 का व्यापक स्वरूप संपूर्णता अभियान 2.0 नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है, जो 112 संकेतकों पर आधारित पहल है। यह पहले संस्करण से अधिक स्थानीयकृत, समुदाय-केंद्रित और सतत विकास पर जोर देता है। अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, जल संरक्षण, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे जैसे बहुआयामी क्षेत्रों को कवर करता है। सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों के लिए यह विशेष रूप से प्रासंगिक है। अभियान का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सतत विकास है। प्राथमिकताओं में डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक संरक्षण शामिल हैं। अग्रवाल ने बल दिया कि यह केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समुदाय, एनजीओ और निजी क्षेत्र की साझेदारी से चलेगा, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो। कार्ययोजना में प्रखंड-स्तरीय डैशबोर्ड निगरानी, मासिक समीक्षाएं और लक्ष्यबद्ध परियोजनाएं हैं। लखनपुर में सड़कें, स्कूल उन्नयन, आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग डेटा-संग्रहण से पारदर्शिता सुनिश्चित करें, ताकि 2026 अंत तक सरगुजा के आकांक्षी प्रखंडों में ठोस प्रगति हो। राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संपूर्णता अभियान 2.0 से प्रत्येक नागरिक को समान अवसर देगी। यह पिछड़े क्षेत्रों को समृद्ध कर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की नई इबारत लिखेगी।

माघी मेले में आदिवासी धर्मगुरुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

साहिबगंज. झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल में उत्तरवाहिनी गंगा तट पर लगने वाला माघी मेला वर्षों से आस्था, परंपरा और सांझी संस्कृति का प्रतीक बना हुआ है. माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है. झारखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और नेपाल से भी हजारों आदिवासी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इसी व्यापक सहभागिता के कारण इस मेले को आदिवासियों का ‘महाकुंभ’ कहा जाता है. शनिवार को श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान मंगलवार से ही आदिवासी साफाहोड़ श्रद्धालु अपने-अपने धर्मगुरुओं के साथ उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाने लगे हैं. यह सिलसिला लगभग चार दिनों तक चलता है. पूर्णिमा मुहूर्त से पहले, पूर्णिमा के दौरान और उसके बाद भी श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं. स्नान के बाद घंटों सूर्योपासना, ध्यान और आराधना की जाती है. इसके उपरांत श्रद्धालु कांसे के लोटे में गंगा जल लेकर अपने अखाड़ों की ओर प्रस्थान करते हैं. गुरु-बाबाओं के अखाड़े, आस्था का केंद्र मेला परिसर में लगे गुरु बाबाओं के अखाड़े इस आयोजन का सबसे विशिष्ट आकर्षण हैं. हर अखाड़ा एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में नजर आता है, जहां गुरु और शिष्य के बीच गहरा भावनात्मक और आध्यात्मिक संबंध दिखाई देता है. इन अखाड़ों में केवल आदिवासी ही नहीं, बल्कि गैर-आदिवासी श्रद्धालु भी बैठते हैं. यह दृश्य आदिवासी-गैरआदिवासी सांझी संस्कृति का दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत करता है. गुरु-शिष्य परंपरा का अनोखा स्वरूप राजमहल का यह मेला गुरु-शिष्य परंपरा का एक प्राचीन और अनोखा उदाहरण है. यहां गुरु बाबा अपने शिष्यों के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों का निवारण अपनी विशिष्ट आध्यात्मिक शैली से करते हैं. शिष्य अपने गुरु के प्रति अपार श्रद्धा और विश्वास रखते हैं और अपना जीवन उनके मार्गदर्शन में समर्पित कर देते हैं. मान्यता है कि गुरु बाबा की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है. मांझी हड़ाम की आराधना और शिव तत्व गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु अपने अखाड़ों में मांझी हड़ाम यानी शिव की गुरु पूजा करते हैं. त्रिशूल, तुलसी और शिव चित्र स्थापित कर विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं. साफाहोड़ समुदाय के लोग शिव को अपने इष्टदेव के रूप में पूजते हैं और उनसे शांति, समृद्धि और संरक्षण का आशीर्वाद मांगते हैं. मंत्रोच्चारण की शैली भले ही संस्कृत या देवनागरी से अलग हो, लेकिन ‘ऊं’ के उच्चारण के साथ आस्था की गहराई स्पष्ट झलकती है. विदिन होड़ समाज की परंपराएं विदिन होड़ समाज के लोग मांझी स्थान और जाहेर स्थान बनाकर पूजा करते हैं. राजमहल गंगा तट पर कुछ स्थायी मांझी स्थान भी हैं, जहां हर वर्ष विशेष अनुष्ठान संपन्न होते हैं. इन स्थानों पर सामूहिक पूजा, बलि-प्रथा से दूर प्रतीकात्मक अर्पण और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना प्रमुख रहती है. सादगी और संयम का जीवन दर्शन मेला के दौरान आदिवासी समुदाय विशेष रूप से सादगी और संयम का पालन करता है. साफाहोड़ और विदिन होड़ आदिवासी इन दिनों मांस-मदिरा तो दूर, प्याज और लहसुन तक का सेवन नहीं करते हैं. विशुद्ध सादा भोजन, ब्रह्मचर्य और अनुशासन उनके जीवन का आधार होता है. आधुनिक चकाचौंध से दूर यह जीवन शैली उनकी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करती है. सर्द रातों में अखाड़ा, सूर्योदय से पहले स्नान सर्द भरी रातों में गुरु और शिष्य मिलकर अखाड़ा तैयार करते हैं. सूर्योदय से पहले ही सभी गंगा स्नान के लिए नदी में प्रवेश कर जाते हैं. घंटों की उपासना के बाद भीगे वस्त्रों में ही अनुष्ठान पूरे किए जाते हैं. यह कठोर साधना आस्था की गहराई और संकल्प की मजबूती को दर्शाती है. सांझी संस्कृति का जीवंत उदाहरण राजमहल का आदिवासी महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का उत्सव भी है. यहां आदिवासी और गैर-आदिवासी, दोनों समुदाय एक साथ गंगा स्नान और पूजा में सहभागी बनते हैं. यह मेला साबित करता है कि आस्था और परंपरा समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है.

जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के सहयोग से संपूर्णता अभियान 2.0 सफल होगा: देवांगन

रायपुर. कैबिनेट मंत्री देवांगन की अध्यक्षता में आकांक्षी जिला अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि विगत वर्ष संपूर्णता अभियान 1.0 के तहत निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशन में नीति आयोग द्वारा कोरबा जिले को विकास की तेज राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संपूर्णता अभियान 2.0 लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरपंचों सहित सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और विभागीय अधिकारियों के समन्वय से आकांक्षी जिले के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए कोरबा को विकास व प्रगति के पथ पर आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता है। मंत्री देवांगन ने कहा कि इस अभियान के सभी मानकों को प्राप्त करने में सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। योजनाओं का सफल क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुनिश्चित रूप से पहुँचे, इसके लिए समर्पित भाव से कार्य करना जरूरी है।  कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित भारत की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था से जिले में अनेक विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 विजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री देवांगन ने जनजागरूकता के माध्यम से संपूर्णता अभियान 2.0 के निर्धारित संकेतकों पर प्रभावी कार्य कर लक्ष्यों की प्राप्ति और कोरबा जिले को आकांक्षी जिला श्रेणी से बाहर लाने के लिए सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक बताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कोरबा जिला लंबे समय से आकांक्षी जिला श्रेणी में शामिल रहा है। संपूर्णता अभियान 1.0 में बेहतर कार्य होने पर जिले को प्रोत्साहन मिला था। उन्होंने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 में जिन संकेतकों को शामिल किया गया है, उन पर उपलब्धि हासिल करने पर सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है।  इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि शासन द्वारा आकांक्षी योजना का जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में प्रभावी संचालन कर तेज विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिले के सभी मानकों की लक्ष्य प्राप्ति हेतु आगामी तीन माह तक संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के आधार पर फील्ड में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि संपूर्णता अभियान प्रधानमंत्री जी का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसके अंतर्गत देशभर के कुछ जिलों और ब्लॉकों का चयन किया गया है। कोरबा जिला भी आकांक्षी जिले के रूप में शामिल है। संपूर्णता अभियान 1.0 के दौरान निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध कार्य किया गया था। संपूर्णता अभियान 2.0 आज से प्रारंभ हुआ है और 14 अप्रैल तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि के प्रमुख संकेतकों को निश्चित समय सीमा में संतृप्त करना प्रमुख उद्देश्य है। अभियान का मकसद नियमित निगरानी और शासन तंत्र के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से विगत वर्ष की उपलब्धियों को मजबूत करते हुए आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्धारित संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी एकजुट होकर शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करेंगे और सम्मानित होंगे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने अभियान की सफलता की कामना करते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों की लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने सम्पूर्णता अभियान के उददेश्यों को विस्तार से बताया।  संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रमुख उद्देश्य अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के बीच अभिसरण को मजबूत कर समग्र विकास को गति प्रदान करना है। स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक प्लेटफार्मों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाना, तथा सफल कहानियों का दस्तावेजीकरण कर नवाचार और पारस्परिक सीख को प्रोत्साहित करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में जन्म के समय शिशुओं के वजन में सुधार, क्षय रोग (टीबी) केस नोटिफिकेशन की दर में वृद्धि, तथा प्रत्येक माह कम से कम एक बार ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस अथवा शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रतिशत को बढ़ाना प्रमुख संकेतक हैं। शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र में क्रियाशील बालिका शौचालयों वाले विद्यालयों का प्रतिशत तथा टीकाकृत पशुओं का अनुपात भी प्रमुख संकेतकों में शामिल है। मंत्री देवांगन द्वारा शपथ दिलाई गई, स्व सहायता समूहों को चेक का वितरण उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ करते हुए उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान की सफलता हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिथियों ने सेल्फी जोन में स्मृति फोटो भी लिए। कार्यक्रम में बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूह-ग्राम दोंदरो की देवी स्व-सहायता समूह, जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह, जामबहार की जय मां लक्ष्मी एवं जय अंबे स्व-सहायता समूह, तथा सोनपूरी की राधा कृष्णा स्व-सहायता समूह को मंत्री देवांगन द्वारा चेक वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोलगा के उतरा सिंह, पंचराम, शांति और दुकालुराम को स्वायल हेल्थ कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्व-सहायता समूह द्वारा लगाये स्टाल का भी अवलोकन किया।

नागौर कलक्टर की अनोखे अंदाज में हुई रिटायरमेंट पार्टी

नागौर. जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित की विदाई एक अनोखे और उत्साहपूर्ण तरीके से हुई, जिसमें बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका सम्मान किया गया। इस खास मौके पर कलक्ट्रेट शाखा के सभी अधिकारी, कार्मिक और आम नागरिक भावुक नजर आए। विभागीय नियमों के तहत पुरोहित अब सेवानिवृत्त हो गए हैं और उनके इस विदाई समारोह को एक विवाह समारोह जैसा रूप दिया गया था। बैंड बाजों की धुन के साथ उनकी विदाई का दृश्य किसी बारात से कम नहीं था। भावुक हुए अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त जिला कलक्टर के विदाई समारोह में कलक्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों का भी बेहद भावुक माहौल था। अरुण कुमार पुरोहित ने अपने दो साल के कार्यकाल में सरल, सहज और शालीन व्यवहार से सबको प्रेरित किया। उनकी नवाचारों और कामकाजी शैली के कारण ये विदाई समारोह सभी के लिए यादगार और भावुक क्षण बन गया। कलक्टर की गाड़ी को दूल्हे की तरह सजाया गया और विदाई गीतों की धुन कलक्ट्रेट परिसर में गूंज रही थी। सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले एक भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी स्टाफ ने अपनी भावनाएं शेयर की। इसके बाद कलक्टर को सभागार में माल्यार्पण कर विदाई दी गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने बताया कि 'जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित हमेशा समय के पक्के थे और उन्होंने हर कार्य में सटीकता से योगदान दिया। वे न केवल विभागीय कार्यों में सक्रिय रहे, बल्कि आमजन की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ विचार-विमर्श करते थे। उनका व्यक्तित्व और कार्यशैली हमेशा प्रेरणादायक रही, और जब तक वे पद पर रहे, वे सभी को एक परिवार की तरह मानते रहे।'

लखनपुर में विकास को गति: मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4.18 करोड़ के 26 कार्यों का भूमिपूजन किया

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने नगर पंचायत लखनपुर में 4 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक कीमत के 26 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचेगी। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के बहुमुखी विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। लखनपुर में आयोजित  समारोह में अग्रवाल ने सभी 26 परियोजनाओं का विधिवत भूमिपूजन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ये कार्य क्षेत्र के समग्र उत्थान का आधार बनेंगे और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग, सामुदायिक भवन और पेयजल सुविधाओं का विस्तार शामिल है। कुल 4.18 करोड़ रुपये की लागत से ये कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे, जिससे लखनपुर नगर पंचायत का मूलभूत ढांचा सशक्त होगा। विशेष रूप से ग्रामीणों की लंबे समय की मांगों को ध्यान में रखते हुए ये योजनाएं तैयार की गई हैं। श्री  अग्रवाल ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि विकास की किरण अंतिम छोर तक पहुंचे। छत्तीसगढ़ का बहुमुखी विकास सुनिश्चित करते हुए हम हर क्षेत्र को समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए निर्देशित किया, तथा जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की।

मुख्यमंत्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य

रायपुर. मुख्यमंत्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। चौहान ने कहा जिस मंशा से मैं यहाँ आया हूँ, वह यह है कि अच्छा काम हो रहा है, लेकिन और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहे हैं। दलहन-तिलहन सहित बागवानी फसलों के लिए भी राज्य में उपयुक्त जलवायु है। इससे फसल परिवर्तन तथा विविधिकरण से किसानों के आय में वृद्धि होगी।  केन्द्रीय मंत्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी। 

झारखंड निकाय चुनाव में BJP के आज घोषित होंगे मेयर उम्मीदवार

रांची. झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टियों में जमीनी स्तर पर विधानसभा व लोकसभा चुनाव की तरह विद्रोह की स्थिति भी दिखने लगी है। धनबाद, रांची, देवघर सहित ज्यादातर जगहों पर पार्टी की अनुमति के बगैर नामांकन दाखिल किया जाना शुरू हो गया है। कैंडिडेट्स के पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। पर्चे ले लिए गए हैं। आज (31 जनवरी) मेयर और अन्य प्रमुख पदों के लिए अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम तय कर सकती है, जबकि कांग्रेस ने सभी जिला अध्यक्षों से 1 फरवरी तक उम्मीदवारों की सूची मांगी है। वहीं, राजद ने ज्यादातर जगहों पर सहयोगी दलों जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की है और खुद उम्मीदवार नहीं उतारेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने 48 नगर निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक चलेगा। भाजपा की रणनीति: आंतरिक समर्थन भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया गया। संगठन महामंत्री ने सभी प्रमुख नेताओं को बैठक की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, शनिवार (31 जनवरी) को होने वाली बैठक में मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों पर चर्चा होगी, और रविवार को नामों की घोषणा संभव है। हालांकि, भाजपा ने स्पष्ट किया है कि चुनाव दलीय आधार पर नहीं होने के कारण पार्टी आधिकारिक रूप से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करेगी। इसके बजाय, मजबूत और राष्ट्रवादी सोच वाले उम्मीदवारों को आंतरिक समर्थन दिया जाएगा। भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा, "पार्टी ने चुनाव को गंभीरता से लिया है। हर निकाय में राष्ट्रवादी व्यक्ति जीते, इसके लिए कार्ययोजना बनाई गई है।" भाजपा ने पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर 31 जनवरी तक नाम फाइनल करने की योजना बनाई है, ताकि समर्थित उम्मीदवार समय पर नामांकन दाखिल कर सकें। दुमका जैसे जिलों में छह जिलों की संचालन समितियों से रायशुमारी की गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी विकास-उन्मुख व भ्रष्टाचार-मुक्त उम्मीदवारों को समर्थन देगी। कांग्रेस की तैयारी: जिला स्तर से अनुशंसा कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को प्रभारी बनाया है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वार्ड सदस्य से लेकर निकाय अध्यक्ष पद तक के उम्मीदवारों की अनुशंसा 1 फरवरी तक भेजें। पार्टी 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है, जिसमें रांची मेयर सीट पर दावा मजबूत है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, हम गठबंधन समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, गठबंधन में जेएमएम के साथ मेयर सीट पर टकराव की आशंका है, क्योंकि दोनों पार्टियां रांची मेयर पद पर दावा ठोक रही हैं। राजद : सहयोगियों को समर्थन राजद ने ज्यादातर जगहों पर जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि गठबंधन की एकजुटता के लिए राजद खुद उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन कुछ चुनिंदा जगहों पर मजबूत दावेदारों को बैकअप देगी। यह फैसला हालिया विधानसभा चुनावों में गठबंधन की सफलता के बाद लिया गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव के करीबी सूत्रों के अनुसार, पार्टी का फोकस 2026 में मजबूत विपक्षी भूमिका निभाने पर है। 43 लाख से ज्यादा वोटर, बैलेट पेपर से मतदान झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग की आयुक्त अलका तिवारी ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। 48 निकायों (9 नगर निगम समेत) में 23 फरवरी को मतदान होगा, 27 फरवरी को नतीजे आएंगे। कुल 43,33,574 वोटर हैं, जिसमें 22 लाख पुरुष, 21 लाख महिलाएं और 144 थर्ड जेंडर शामिल हैं। चुनाव बैलेट पेपर से होगा, जिस पर भाजपा ने आपत्ति जताई है और कहा कि इससे सत्ता का दुरुपयोग हो सकता है। मेयर/अध्यक्ष पद का चुनाव सीधा होगा, जबकि उप मेयर अप्रत्यक्ष। पहली बार ओबीसी आरक्षण लागू होगा। नामांकन जांच 5 फरवरी को, नाम वापसी 6 फरवरी तक। जेएमएम के लिए लोकप्रियता का आकलन वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क कहते हैं, यह चुनाव दलीय पर कागज पर नहीं है।हकीकत में सभी पार्टियां पूरा जोर लगा रही है। जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह जरूरी भी है। यह चुनाव झारखंड की सियासत के लिए अहम है, क्योंकि यह हेमंत सोरेन सरकार की लोकप्रियता का टेस्ट होगा। भाजपा ने आरोप लगाया कि ईवीएम की बजाय बैलेट से चुनाव कराना साजिश है, जबकि कांग्रेस ने जनता की सीधी वोटिंग बताया। गठबंधन में सीट बंटवारे पर खासकर रांची जैसे बड़े शहरों में तनाव संभव है।

राजस्थान में कल से ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट

जयपुर. राजस्थान समेत शेखावाटी में उत्तरी हवाएं चलने का असर लगातार दूसरे दिन भी नजर आया। सुबह कडाके की सर्दी के बाद दिनभर तल्ख धूप खिली। केन्द्रों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार चौबीस घंटे में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शेखावाटी के तीनों जिलों सहित अजमेर, भरतपुर जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। 1-2-3-4 फरवरी को इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने राजस्थान के कई हिस्सों जैसे भीलवाड़ा, राजसमंद, पाली में आज ओलावृष्टि और गरज चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिसमें अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग सहित शेखावाटी क्षेत्र के जिले शामिल है। वहीं 1 और 2 फरवरी को भी अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश (मावठ) का दौर जारी रहेगा। वहीं 1 अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, टोंक, कोटा, बूंदी, बारां कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, हनुमानगढ़ और चूरू में मेघगर्जन-वज्रपात का येलो अलर्ट भी जारी किया है।

जमशेदपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर के लिए जल्द आएगा नया 9-सीटर प्लेन

जमशेदपुर. लौहनगरी के हवाई यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। सोनारी एयरपोर्ट से भुवनेश्वर और कोलकाता के लिए संचालित होने वाली इंडिया वन एयर की विमान सेवा भविष्य में भी जारी रहेगी। केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS-Udan) के तहत कंपनी के लाइसेंस नवीकरण को मौखिक स्वीकृति दे दी है। लाइसेंस की मियाद और विस्तार सोनारी एयरपोर्ट से विमान सेवा की शुरुआत तीन साल पहले हुई थी, जिसकी समय-सीमा 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रही है। हालांकि, तकनीकी प्रक्रियाओं के बीच मंत्रालय से अवधि विस्तार की हरी झंडी मिल चुकी है। कंपनी प्रबंधन को अब केवल औपचारिक लिखित आदेश का इंतजार है। टाटा स्टील प्रबंधन ने भी अपने एयरपोर्ट से विमानों के परिचालन के लिए पहले ही सहमति दे दी है। दुर्घटना के बाद रुकी थी सेवा, अब नए विमान की तैयारी  बता दें कि 10 जनवरी 2026 को राउरकेला में इंडिया वन एयर का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से सोनारी एयरपोर्ट से नियमित सेवाएं बाधित हैं। राहत की बात यह है कि कंपनी ने पहले ही एक नया 9-सीटर कैरावेन (Caravan) विमान ऑर्डर कर रखा है।  हवाई सेवा की स्थिति: नया विमान: मार्च 2026 तक बेड़े में शामिल होने की संभावना।  रूट: नया विमान आते ही जमशेदपुर-भुवनेश्वर और जमशेदपुर-कोलकाता रूट पर नियमित उड़ानें फिर से बहाल हो जाएंगी। वर्तमान संचालन: वर्तमान में कंपनी का परिचालन भुवनेश्वर-जयपुर और भुवनेश्वर-राउरकेला के बीच जारी है।  झारखंड सरकार की मंजूरी का इंतजार  एक ओर जहां केंद्र और टाटा स्टील प्रबंधन ने अपनी ओर से प्रक्रिया पूरी कर ली है, वहीं झारखंड सरकार के स्तर पर अब भी मंजूरी लंबित है। कंपनी प्रबंधन द्वारा कई दिनों पहले आवेदन दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।