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शिक्षा में तकनीकी क्रांति: CM मोहन ने घोषणा की 200 नए सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत, AI-Coding पर फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएमश्री विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ एवं सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता कोकिला सेन, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास, किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया। कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था।  कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया।  हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।  विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है।  कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही। 

डांसिंग कॉप रंजीत सिंह को सजा, इंदौर पुलिस ने किया डिमोशन, विवादित चैट मामले में कार्रवाई

इंदौर  डांसिंग कॉप के नाम से प्रसिद्ध ट्रैफिक पुलिस आरक्षक रंजीत सिंह को वापस से आरक्षक बना दिया गया है. पिछले दिनों उनके काम को देखते हुए उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पदस्थ किया गया था, लेकिन लखनऊ की एक महिला द्वारा जिस तरह से उन पर गंभीर आरोप लगाए गए, उसको देखते हुए उनको वापस से आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों ने पदस्थ कर दिया है. जो की एक बड़ी सजा मानी जा रही है. डांसिंग कॉप पर महिला ने लगाए आरोप इंदौर के हाईकोर्ट चौराहे पर अपने अनोखे डांस स्टेप के जरिए ट्रैफिक को कंट्रोल करने को लेकर सुर्खियों में आए थे. उनका ट्रैफिक को कंट्रोल करने और नियमों का पालन करने का तरीका सभी को पसंद आया था. इसे देखते हुए इंदौर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ किया था, लेकिन इसी बीच डांसिंग कॉप रंजीत को लेकर लखनऊ की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए. इंदौर पुलिस लाइन में थे पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 146 रंजीत सिंह वर्तमान में रक्षित केंद्र इंदौर में पदस्थ थे। विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया के आधार पर उनका प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार वापस लेते हुए उन्हें मूल पद पर भेज दिया गया है। इस संबंध में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के कार्यालय से मीडिया को जानकारी उपलब्ध कराई गई है। मुंबई की युवती ने लगाए थे आरोप गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राधिका सिंह नाम की एक युवती ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। युवती का कहना था कि रंजीत ने उसे दोस्ती का ऑफर दिया इंदौर बुलाने की बात कही और फ्लाइट टिकट व होटल बुक कराने की बात कही थी । राधिका ने वीडियो में कहा कि इस तरह का व्यवहार उसे पसंद नहीं आया इसलिए उसने सोशल मीडिया पर वीडिया डालकर आपत्ति जताई थी। मिलने के लिए बुलाया था इंदौर वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक हवलदार रंजीत सिंह ने अपनी सफाई में कहा था कि लगभग डेढ़ साल पहले एक युवती ने खुद को उनका फैन बताते हुए उनसे लाइव ड्यूटी देखने की इच्छा जताई थी। उस दौरान उन्होंने मजाक में कहा था कि अगर वह इंदौर आती हैं तो वे फ्लाइट और होटल की व्यवस्था कर देंगे ताकि वह उन्हें लाइव ड्यूटी करते देख सकें। महिला ने लगाए थे कई आरोप रंजीत सिंह की सफाई के बाद राधिका सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक अन्य वीडियो शेयर की। इसमें रंजीत सिंह के बारे में उल्टी सीधी बातें की थी। महिला डांसिंग कॉप के बारे में कहती है कि भाई तू कॉन्स्टेबल है, तेरे को कौन देखना चाहेगा, शक्ल देखी है अपनी…तुमसे एक बात समझ में आ गई है कि मर्द समाज में डर का माहौल है। लोगों को बुरा लग रहा है। वही लोग तुम्हें डिफेंड कर रहे हैं। राधिका सिंह ने कहा कि कुछ लोगों को मेरे सिगरेट पीने और मेरे छोटे कपड़े पर सवाल उठा रहे हैं। क्या सिगरेट पीने से मेरा चरित्र खराब हो जाएगा। कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद से हटे डांसिंग कॉप मामला बढ़ता देख रंजीत सिंह के खिलाफ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एक विभागीय जांच बैठाई. जहां विभागीय जांच में कई तरह की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची. इन सब चीजों को देखते हुए वापस से रंजीत सिंह को आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया. जिसे एक तरह से अधिकारियों द्वारा दी उन्हें सजा माना जा रहा है. मामले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह का कहना है कि "पिछले कुछ दिनों से लगातार उनके काम की मॉनिटरिंग की जा रही थी. जिस तरह से उनके काम को देखते हुए कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनाया गया था, लेकिन कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनने के बाद वह उस स्तर पर पुलिस का काम नहीं कर रहे थे. जिसके चलते उन्हें वापस से आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है." बताया जा रहा है कि इंदौर पुलिस द्वारा लगातार ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है, जो अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं. पूर्व में भी ऐसी कई सजा अन्य पुलिसकर्मियों को भी मिल चुकी है.

‘मेरे चाचू की शादी में शराब पीकर आए तो नो एंट्री’ वाला कार्ड हुआ वायरल

झज्जर. शादी का यह कार्ड जिन भी लोगों को मिला, उसे पढ़कर वो मुस्कुरा भी रहे हैं और ठिठक भी। वजह है कार्ड में आमंत्रण के साथ एक शर्त। आमतौर पर जिन कार्डों में ‘डिनर के बाद’ का संकेत ढूंढा जाता है, वहां लाइन छपी है-शराब पीकर शुभ विवाह को खराब करने वाले शादी में न आएं। यह कार्ड गांव रेढूवास निवासी और झज्जर के प्रतिष्ठित कारोबारी पंडित ओम प्रकाश वशिष्ठ के पौत्र अनिल के विवाह का है। परिवार ने तय किया कि शादी खुशी का उत्सव होगी, बोतलों का नहीं। ये कार्ड इंटरनेट मीडिया पर बहु प्रसारित हो रहा है। लोग कर रहे इस संदेश-प्रयास की खूब सराहना समाज के बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा इस कदम को ‘साहसिक’ बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि हर परिवार इसी तरह नशे के प्रति सख्ती दिखाए, तो शादियों में होने वाले विवादों और सड़क दुर्घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। हमारी आने वाली नस्ल नशे से बची भी रह सकती है। सनातन और शिक्षा का अद्भुत समन्वय है वशिष्ठ परिवार पं. ओम प्रकाश वशिष्ठ, जो इलाके में अपनी विशिष्ट पहचान ‘चोटी वाले’ के रूप में रखते हैं, ने पौत्र की शादी के निमंत्रण पत्र पर यह साहसी संदेश छपवाया है। कार्ड के मुख्य पृष्ठ पर मोटे अक्षरों में लिखा है ‘शराब पीकर शुभ विवाह को खराब करने वाले शादी में न आएं।’ परिवार का कहना है कि शराब पीकर अक्सर लोग गरिमा खो देते हैं, जिससे मंगल उत्सव का आनंद फीका पड़ जाता है। ऐसे में वो बारात का माहौल या परिवार की प्रतिष्ठा धूमिल नहीं होने देंगे। परिवार का हर पुरुष सदस्य रखता है शिखा वशिष्ठ परिवार की खास बात यह है कि परिवार के सभी बच्चे ‘शिखा’ (चोटी) रखते हैं। परिवार के जो बच्चे चंडीगढ़ जैसे शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वे भी गर्व से अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से जुड़े हुए हैं।

जज पद पर प्रमोशन के लिए 7 साल का अनुभव जरूरी

बिलासपुर. विधि एवं विधायी विभाग ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स में बड़ा बदलाव करते हुए न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति और आरक्षण व्यवस्था में जरूरी संशोधन किए हैं। इस संबंध में हायर ज्यूडिशियल सर्विस (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। विधि विभाग की ओर से जारी अधिसूचना हाई कोर्ट की अनुशंसा के बाद लागू की गई है। नए नियमों के तहत ज्यूडिशियल सर्विस में पदोन्नति के मानदंडों को पहले की तुलना में अधिक सख्त किया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार अब सिविल जज (जूनियर और सीनियर कैटेगरी) को पदोन्नति के लिए कम से कम सात वर्ष की सेवा पूरी करना अनिवार्य होगा। वहीं, पद पर बने रहने की न्यूनतम समय-सीमा को पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। हायर ज्यूडिशियल सर्विस में भर्ती कोटा के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां 65 प्रतिशत और 10 प्रतिशत का प्रावधान था, उसे संशोधित कर क्रमशः 50 प्रतिशत और 25 प्रतिशत कर दिया गया है। नए नियमों के तहत दिव्यांगों के लिए चार प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। इसमें दृष्टिबाधित और अल्प दृष्टि के लिए एक प्रतिशत, श्रवण बाधित (बधिर को छोड़कर) के लिए एक प्रतिशत तथा चलने में निशक्तता, कुष्ठ रोग मुक्त, बौनापन, तेजाब हमला पीड़ित और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए एक प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।

बच्चों की समस्याओं का हल करने वाला छात्र, CM ने साझा किए यादगार किस्से, स्कूल में पसंद थी बायोलॉजी

भोपाल  हमेशा अनुशासन में रहने वाला कक्षा 9 का छात्र हमारे पास अक्सर अन्य बच्चों की समस्याएं लेकर आता था। उसके दोस्तों को भी यदि शिक्षकों तक कोई बात पहुंचानी होती थी, तो वे उसी को आगे करते थे। आज वही छात्र मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने स्कूल के दिनों से ही डॉ. मोहन यादव में नेतृत्व क्षमता देखी थी। न तो वे बदमाशी करते थे और न ही शिक्षकों से बचते थे। पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रहते थे और शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव रखते थे। इन्हीं गुणों ने उन्हें आगे चलकर राज्य की सबसे बड़ी कुर्सी तक पहुंचाया।’ बुधवार को राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी शिक्षिका कोकिला सेन का सम्मान किया। सम्मान समारोह के बाद उनकी शिक्षिका कोकिला सेन ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। स्कूल में ही दिखने लगी थी नेतृत्व क्षमता उज्जैन की शासकीय जीवाजीगंज स्कूल में 1979 से 1981 तक शिक्षिका कोकिला सेन ने फिजिक्स पढ़ाया। वह बताती हैं कि कक्षा 9 से 12 तक मोहन यादव पढ़ाई में गंभीर और व्यवहार में जिम्मेदार छात्र रहे। यदि किसी दोस्त को टीचर तक कोई बात पहुंचानी होती, तो बाकी बच्चे उसी को आगे करते थे। शांत, विनम्र और अनुशासित बदलने की जरूरत ही नहीं पड़ी कोकिला सेन बताती हैं कि मोहन यादव कभी शोरगुल या शरारत नहीं करते थे। क्लास में समय पर बैठना, ध्यानपूर्वक सुनना और टीचर्स का सम्मान करना उनकी आदतों में शामिल था। वे हंसते हुए कहती हैं कि ऐसे बच्चों को शिक्षक बदलते नहीं, बल्कि प्रोत्साहित करते हैं। स्पोर्ट्स और अन्य गतिविधियों में भी आगे शिक्षिका के अनुसार, डॉ. मोहन यादव केवल पढ़ाई में ही नहीं बल्कि खेल और अन्य गतिविधियों में भी हिस्सेदारी करते थे। वे मैदान में भी सक्रिय थे और लैब में भी। यह संतुलन बहुत कम बच्चों में देखने मिलता है। बायोलॉजी थी पसंदीदा विषय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फिजिक्स से ज्यादा रुचि बायोलॉजी में दिखाई। कोकिला सेन बताती हैं कि बायोलॉजी लैब फिजिक्स लैब के बगल में थी, जहां वे अक्सर जाकर मॉडल और प्रैक्टिकल देखते। “फिजिक्स और मैथ्स को बच्चे अकसर ‘डरावना’ विषय मानते हैं, लेकिन मोहन हर विषय को सीखने का प्रयास करते थे।” शिक्षिका ने कहा था- बहुत कुर्सियां इंतजार कर रही हैं कोकिला सेन ने एक रोचक किस्सा बताते हुए कहा कि जब वे शिक्षा मंत्री बने थे, एक कार्यक्रम में मेरी उनसे मुलाकात हुई। उन्होंने कहा मैं शिक्षा मंत्री हूंं। मैंने जवाब दिया कि अभी तो यह शुरुआत है, आगे बहुत कुर्सियां बेटा आपका इंतजार कर रही हैं। आज वह बात सच हो चुकी है। हम लोग बच्चों में जो गुण देखते हैं, वह जीवन भर उनके साथ रहता है। स्कूल के दिनों से लेकर आज तक, शिक्षकों के प्रति सम्मान उनकी आदत का हिस्सा रहा है। कोकिला सेन कहती हैं कि जब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी मुझसे मुलाकात हुई, तो उनका व्यवहार वही था जो स्कूल में था।

हरियाणा में छोटे-मोटे अपराधों में नहीं काटने होंगे अदालतों के चक्कर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने हरियाणा जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2025 को मंजूरी देने के साथ ही इसे लागू कर दिया है। इसके तहत अब छोटे-मोटे अपराधों में लोगों की अदालतों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि जुर्माना अदा कर कानूनी प्रक्रियाओं से राहत मिल सकेगी। राज्य सरकार ने 17 विभागों से संबंधित 42 राज्य अधिनियमों के कुल 164 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से को बाहर कर दिया है। यह संशोधित कानून 30 अक्तूबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से प्रत्येक तीन वर्ष की समाप्ति के बाद न्यूनतम जुमनि की राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति जुर्माने की राशि समय पर जमा नहीं करता है तो वह राशि भू-राजस्व को भांति वसूल की जाएगी। अधिनियम में अपील का भी प्रावधान रखा गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यदि कोई सफाई कर्मचारी बिना सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, पानी की पाइप लाइन तोड़ने या जल स्रोत को प्रदूषित करने पर 500 रुपये जुमनि का प्रावधान किया गया है। इसी तरह यदि किसी पशु से स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होता है जैसे सूअर या अन्य पशुओं के कारण और उसे रोकने के लिए जारी आदेशों की अवहेलना की जाती है तो पहली चार 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा जबकि दोबारा उल्लंघन करने पर यह जुर्माना 1,000 रुपये होगा। वहीं, मिलीभगत कर किसी आरोपी को भगाने का प्रयास करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। राज्य सरकार के अनुसार संबंधित अधिनियम के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के बिना कोई दंड नहीं लगाया जाएगा।

हरियाणा पुलिस भर्ती में रिक्रूटमेंट प्रोसेस वाले महीने से होगी आयु सीमा की गणना

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस भर्ती को लेकर आयु सीमा पर चल रही असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इस विषय में स्थिति साफ करते हुए कहा है कि जिस महीने भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, उसी महीने की पहली तारीख को आयु गणना की आधार तिथि माना जाएगा। दरअसल, हरियाणा पुलिस में प्रस्तावित 5500 पदों की भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल उठ रहा था कि उम्र की गणना किस तारीख से की जाएगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेयरमैन हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस नियमों में पहले से ही यह प्रावधान मौजूद है, जिसके तहत भर्ती माह की पहली तारीख से ही अभ्यर्थियों की आयु निर्धारित की जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी वर्ष भर्ती प्रक्रिया 20 अगस्त से शुरू होती है, तो अभ्यर्थियों की उम्र की गणना 1 अगस्त को आधार मानकर की जाएगी। यानी जिस महीने आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, उसी महीने की पहली तारीख से आयु सीमा तय होगी। हिम्मत सिंह ने यह भी दोहराया कि वर्ष 2024 में रद्द हुई पुलिस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को नई भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इस संबंध में आयोग की ओर से जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

अमृतसर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर आधी रात को हेरोइन की बड़ी खेप बरामद

अमृतसर. पुलिस ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित राजासांसी के ओठियां इलाके में हेरोइन की एक बड़ी खेप बरामद की है। दो तस्कर बाइक पर सवार होकर इस कंसाइनमेंट को आधी रात को ठिकाने लगाने जा रहे थे। यह नशे की कंसाइनमेंट 30 से 35 किलो ग्राम के आसपास बताई जा रही है। घटना के बारे में पता चलते ही आम आदमी पार्टी की माझा जॉन की इंचार्ज सोनिया मानवी मौके पर पहुंच गई। पता चला है दो स्मगलर बाइक पर सवार होकर कच्चे रास्ते से निकल रहे थे। जैसे ही वह पक्के सड़क पर चढ़ने लगे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने उसे बताया कि यह भारी भरकम बाग से लगी हुई बाइक इतनी ऊंचाई पर नहीं चढ़ पाएगी। पुलिस कर्मी की यह बात सुनकर दोनों समगरूल बाइक और नशे की कंसाइनमेंट वहीं छोड़कर फरार हो गए। जब पुलिसकर्मियों ने दोनों बाग खोले तो उसमें पाकिस्तान से भेजी गई हेरोइन की 30 से 35 किलो कंसाइनमेंट बरामद की है।

पंजाब में BSF ने बॉर्डर के रास्ते घुस रहे घुसपैठिये का किया एनकाउंटर

गुरदासपुर. गुरदासपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के दौरान गुरुवार तड़के देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा कर रहे बीएसएफ के जवानों ने भारतीय सीमा में घुस रहे पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएसएफ की 113 बटालियन बीओपी धनिया के एरिया में भारत-पाक आईईबी को पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले पाकिस्तान घुसपैठियों को मार गिराया। इस घटना की खबर सुनकर बीएसएफ और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

ओला और बारिश ने बढ़ाई ठंड, मध्य प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा, पचमढ़ी सबसे ठंडा

 भोपाल मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश का दौर थमने के बाद सर्दी का असर एक बार फिर तेज हो गया है। गुरुवार सुबह प्रदेश के बड़े हिस्से घने कोहरे की चपेट में रहे। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और इंदौर सहित 20 से अधिक जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। कई स्थानों पर सुबह 9 से 10 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर और दतिया में सबसे घना कोहरा रिकॉर्ड किया गया, जहां दृश्यता बेहद कम रही। कोहरे के चलते हाईवे और शहरों की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। कई इलाकों में सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पंचमढ़ी सबसे ठंडा, तापमान 6.2 डिग्री दर्ज एमपी में कड़ाके की ठंड के बीच आज प्रदेश में पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. जहां तापमान 6.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. वहीं, मंदसौर में 7.3 डिग्री, धार/शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में राजगढ़ में 9.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इसके साथ ही नीमच के मरूखेड़ा में तापमान 9.9 डिग्री दर्ज हुआ है. सर्द हवाओं का बना रहेगा सितम, 31 से फिर गिरेगा मावठा मौसम विभाग के अनुसार इस समय वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में कम विजिबिलिटी बनी रहेगी. इसके साथ ही सर्द हवाओं का सितम भी जारी रहेगा. ऐसा प्रदेश के आस-पास सक्रिय चक्रवात के कारण हो रहा है. इतना ही नहीं अगले दो दिन बारिश और 31 जनवरी से प्रदेश में मावठा गिरने के साथ ही बारिश का भी अनुमान जताया जा रहा है. एमपी में अगले दिन दिन इन जिलों में अलर्ट 30 जनवरी को मौसम विभाग ने प्रदेश के उत्तरी इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है. फिलहाल बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। दिन और रात दोनों समय ठंड का असर थोड़ा बढ़ सकता है. 31 जनवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में कोहरे का असर रहने की संभावना है. 1 फरवरी को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, सागर, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर और रीवा सहित कई जिलों में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है. पचमढ़ी में सबसे कम तापमान रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा मंडला, उमरिया, शहडोल, रीवा और सागर जैसे इलाकों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण रात की ठंड बढ़ी है। जबलपुर समेत कई शहरों में देर से निकली धूप जबलपुर में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। करीब 10.30 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। कोहरे के कारण सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही प्रभावित रही। हालांकि धूप निकलते ही बाजार और दफ्तरों में सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हो गईं। अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।     30 जनवरी: प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में सुबह के समय कोहरा छा सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन और रात दोनों समय ठंड का असर बढ़ सकता है।     31 जनवरी: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में कोहरा छाने की संभावना है।     1 फरवरी: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित मध्य और उत्तर मध्य प्रदेश के करीब 30 से अधिक जिलों में सुबह के समय कोहरा रह सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सुबह और रात के समय सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर हाईवे पर चलने वाले वाहनों को धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का उपयोग करने को कहा गया है। ठंड बढ़ने के कारण बुजुर्गों और बच्चों को भी विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।