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गोदाम संचालकों के लिए नई कमाई का रास्ता, वैकल्पिक भंडारण पर मंत्री राजपूत का जोर

भोपाल. वैकल्पिक भंडारण से बढ़ेगी गोदाम संचालकों की आय : खाद्य मंत्री  राजपूत वर्तमान परिस्थितियों में अनेक वेयरहाउस अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब वेयरहाउस का उपयोग केवल अनाज भंडारण तक सीमित न रहकर, उन्हें बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वैकल्पिक भंडारण से गोदाम संचालकों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला औपचारिक नहीं, परिणाममूलक होना चाहिए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने एवं गोदाम संचालकों को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “वेयर हाउस की आय वृद्धि के अन्य व्यावसायिक उपयोग” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। मंत्री  राजपूत ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और ऑपरेशन मैनेजमेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई है, जिससे निजी निवेश से बने गोदामों में सरकारी अनाज भंडारण के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी आय अर्जन के अवसर विकसित किए जा सकें। मंत्री   राजपूत ने कहा कि शासन की नीतियों, नियमों एवं उपलब्ध योजनाओं की स्पष्ट जानकारी देकर गोदाम संचालकों को नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में निजी गोदाम संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव और नवाचार प्रदेश के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा देंगे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला अन्य स्थानों पर भी आयोजित की जायेंगी। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  मती रश्मि अरूण शमी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहाँ पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता। प्रदेश में भण्डारण की क्षमता अधिक होने से वेयर हाउस संचालकों को कई बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ इसी विषय पर जरूरी मार्गदर्शन देंगे। कार्यशाला में आईआईएम मुम्बई के प्रो. वीपन कुमार और सु  सुमिता नारायण ने "ट्रांसफार्मिंग पब्लिक गोडाउन्स टू प्रायवेट वेयर हाउसेस – केस ऑफ अदर स्टेटस्" पर विचार व्यक्त किये। स्केलर स्पेस ऑफ मुसद्दीलाल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. गोपाल मोर ने "ओवरव्यू ऑफ प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट एण्ड अप्रोच टू सेटिंग अप प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री" पर चर्चा की। सीबीआरसी दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर   नितिन चंद्रा ने "प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट – प्रिवेलिंग कॉमर्शियल स्ट्रक्चर्स एण्ड अल्टरनेटिव एवेन्यूज फॉर वेयरहाउस ओनर्स एण्ड बेनेफिटस्" विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एमपीआईडीसी के कन्सल्टेंट   सुदीप शौर्य ने इन्सेन्टिव्स अवेलेबल अंडर एमपी लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" पर और डिलाइट के   अनुराग गुप्ता ने "वेयरहाउस मॉर्डनाइजेशन एण्ड ट्रांसफार्मिंग वेयरहाउसेस टू स्टेट ऑफ द ऑर्ट फेसीलिटीज" पर चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा गोदामों में लॉजिस्टिक्स सेवाएँ, मल्टी-कमोडिटी स्टोरेज, ई-कॉमर्स सपोर्ट, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड-चेन, मूल्य संवर्धन, वेयरहाउस ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही कृषि आधारित वेयरहाउस को कमर्शियल वेयरहाउस में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। एमडी मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन  अनुराग वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आये महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार कर इन्हें अमल में लाया जायेगा। इस दौरान आयुक्त खाद्य   कर्मवीर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं वेयरहाउस संचालक उपस्थित थे।  

CUET UG 2026 को लेकर NTA का नोटिस- ‘उम्मीदवार समय पर पूरी करें आवेदन प्रक्रिया’

अमृतसर. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए एक अहम सार्वजनिक सूचना जारी की है। एजेंसी ने उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके। NTA के अनुसार, CUET (UG) 2026 की परीक्षा संभावित रूप से 11 मई से 31 मई 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के अलावा भारत से बाहर 15 शहरों में भी कराई जाएगी। CUET UG 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 30 जनवरी 2026 रात 11:50 बजे तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 रात 11:50 बजे निर्धारित की गई है। NTA ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें। किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार NTA हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। CUET परीक्षा के माध्यम से देश की विभिन्न केंद्रीय और अन्य विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाता है।

एनसीपी नेता अजित पवार की मौत, राजनीतिक गलियारों में छाया मातम, नेताओं ने कही संवेदनाएं

भोपाल महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में आज सवेरे पौने नौ बजे हुए प्लेन क्रेश में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया। विमान में सवार अन्य चार लोग भी इस हादसे में नहीं बचे पाए। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया। उपमुख्यमंत्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने शोक व्यक्त किया है। सीएम यादव ने जताया दुख मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर दिए अपने संदेश में कहा- महाराष्ट्र के माननीय उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जी गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में सदैव समर्पित रहे। महाराष्ट्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा। वे जमीन से जुड़े नेता थे। उनके असामयिक निधन पर मैं श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहने की शक्ति दें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने जताया दुख कमलनाथ ने अपने संदेश में अजीत पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। अजीत पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। दिग्विजय सिंह ने भी जताया दुख पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी अजीत पवार के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि अजित दादा के विमान हादसे में दुखद निधन की खबर सुनकर अत्यंत व्यथित हूं। सुनेत्रा जी और पूरे परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं और इनमें कार्यरत कामगारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। श्रीमती गौर ने बुधवार को सेफ्टी काउंसलिंग मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित अवार्ड समारोह में अपने संबोधन के दौरान ये बात कही।  राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि प्रत्येक उद्योग और प्रबंधन की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इंडस्ट्रीज में सुरक्षित कार्य वातावरण न केवल श्रमिकों की जान बचाता है, बल्कि उत्पादन क्षमता और विकास को भी मजबूती देता है। सुरक्षा को बाधा के रूप में देखने की मानसिकता बदलनी होगी, क्योंकि यह किसी भी उद्योग की सतत प्रगति का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है और औद्योगिक संस्थानों को आधुनिक सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देनी चाहिए। सुरक्षित उद्योग ही मजबूत अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रम में सेफ्टी काउंसलिंग के सचिव श्री एस. ए. पिल्लई, श्री एस. एन. डागा, श्री प्रफुल्ल कोहड़े, श्री के. एन. महापात्र समेत कई उद्योगों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रिश्तों को समझ की नई दिशा: भोपाल में शुरू हुआ ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल सेंटर

भोपाल. मजबूत परिवार, सशक्त समाज की दिशा में निर्णायक पहल महिला बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के मार्गदर्शन में विवाह-पूर्व संवाद को संस्थागत स्वरूप देने वाली देश की पहली संरचित पहल ‘तेरे मेरे सपने’ के अंतर्गत प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर (PMCC) का शुभारंभ भोपाल में किया। इस अवसर पर उन्होंने शक्ति सदन का भी शुभारंभ किया। मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि जब “तेरे” और “मेरे” सपने मिलकर “हमारे” सपने बनते हैं, तभी एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। मजबूत समाज की नींव मजबूत परिवार होते हैं और मजबूत परिवार सोच-समझकर बनाए गए रिश्तों से ही संभव हैं। उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिदृश्य में विवाह से पहले संवाद, समझ और भावनात्मक तैयारी अत्यंत आवश्यक हो गई है। ‘तेरे मेरे सपने’ पहल युवाओं को विवाह से पूर्व आपसी अपेक्षाओं, मूल्यों, जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा करने का सुरक्षित एवं मार्गदर्शित मंच प्रदान करती है। मंत्री  भूरिया ने कहा कि संवाद की कमी, अवास्तविक अपेक्षाएँ और भूमिका स्पष्टता के अभाव में कई वैवाहिक रिश्ते तनाव, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा तक पहुँच जाते हैं। ऐसे में प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर न केवल विवादों की रोकथाम में सहायक होंगे, बल्कि सम्मान, सहमति और समानता पर आधारित रिश्तों को भी मजबूत बनाएंगे। उन्होंने बताया कि निर्भया फाउंडेशन द्वारा संचालित यह परियोजना महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती प्रदान करती है। विवाह से पहले स्पष्टता और संवाद घरेलू हिंसा एवं पारिवारिक विवादों की संभावनाओं को प्रभावी रूप से कम कर सकते हैं। मंत्री  भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया राहटकर के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोपाल का चयन किया गया।अभियान से जुड़ी डॉ. प्रतिभा राजगोपाल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रशासनिक प्रशिक्षण अनुभव से इस पहल को व्यावहारिक और सशक्त दिशा मिलेगी। उन्होंने समाज के अध्यक्षों, धर्मगुरुओं, अभिभावकों और युवाओं से आग्रह किया कि वे विवाह को केवल सामाजिक औपचारिकता नहीं, बल्कि समझदारी और साझेदारी का निर्णय बनाएं तथा विवाह से पूर्व संवाद को स्वीकार करें। मंत्री   भूरिया ने निर्भया फाउंडेशन की पूरी टीम को इस संवेदनशील और दूरदर्शी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है, जो समाज को सुरक्षित, सशक्त और संवेदनशील बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ‘तेरे मेरे सपने’ पहल के अंतर्गत अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को संवाद कौशल, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय योजना, लैंगिक समानता और पारिवारिक जिम्मेदारियों से संबंधित परामर्श प्रदान किया जा रहा है।   भूरिया ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को जिन्हें पीएमसीसी का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है उन्हें प्रमाणपत्र वितरित कर सम्मानित किया। तेरे मेरे सपने’ – PMCCs की विशेषताएँ यह भारत की पहली संरचित पहल है, जो युवाओं को विवाह पूर्व संवाद, भावनात्मक शिक्षा और आपसी समझ प्रदान करती है। विवाह पूर्व परामर्श सत्र करके अपेक्षाएँ, मतभेद प्रबंधन, वित्तीय योजना, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक भूमिकाओं पर मार्गदर्शन दिया जाता है। इंटरैक्टिव गतिविधियाँ के माध्यम से मनोवैज्ञानिक टूल्स और अभ्यासों के जरिए भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ को बढ़ाया जाता है। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेजों, विवाह पंजीकरण कार्यालयों और समुदायों के माध्यम से संवाद कौशल को प्रोत्साहित किया जाता है। आगे की राह उल्लेखनीय है कि अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग का लक्ष्य है कि भविष्य में देश के प्रत्येक ज़िले में ऐसा केंद्र स्थापित किया जाए। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों के मामले अधिक हैं।  

न‍िर्दलीय व‍िधायक ऋतु की ‘सीबीआई जांच’ वाली स्लोगन साड़ी बनी आकर्षण

जयपुर. राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत भी बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए व‍िधानसभा पहुंचीं। तो हर कोई उनको देखकर चौंक रहा था। ऋतु बनावत की साड़ी आकर्षण का केंद्र बन गई। हर कोई उस साड़ी की चर्चा करने लगा। जब लोगों ने साड़ी को ध्यान से देखा तो उन पर सरकार के खिलाफ कई रोचक लाइनें लिखी हुईं थी। एक लाइन थी कि विधायक निधि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र में पहुंची बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत ने कहा, भ्रष्टाचार का मुझ पर जो आरोप लगा, उसकी जांच सीबीआई से कराई जाए। अगर सीबीआई से जांच नहीं कराई जाती है तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज इस प्रकरण की जांच करें। ऋतु बनावत पर व‍िधायक न‍िधि में भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे हैं। सीबीआई जांच के बाद होगा इस मामले का सही खुलासा ऋतु बनावत ने कहा, जब सीबीआई से जांच होगी, तब ही इस मामले का सही खुलासा हो सकेगा। नहीं तो ब्लैकमेलिंग का यह खेल चलता रहेगा। मैं इस मामले को जनता के समक्ष रखना चाहती हूं। जनता भी जानती है कि किस तरह का खेल उनके जनप्रतिनिधियों के साथ किया जा रहा है। आज इसीलिए मैं यह कपड़े पहन कर आई हूं। जब तक मुझे न्याय नहीं मिलेगा, मैं यह मामला उठाती रहूंगी। मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास ऋतु बनावत ने आगे कहा, मामले में कहीं कोई एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ न कोई लेटर, न कोई पैसा दिया गया, लेकिन कुछ लोग लगातार मेरी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 6 माह से पीछे लगा था ऋतु बनावत ने कहा, जो व्यक्ति मिलने आया था, उसने खुद कहा कि वह तो 6 माह से पीछे लगा था, जब वह मेरे पास आया और उसने वीडियो रिकॉर्डिंग की बात कही तो मैं यह जानना चाहती हूं कि वह कितने लोगों के पास गया? कितने लोगों की रिकॉर्डिंग थी और उस रिकॉर्डिंग में क्या था?

बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा की ढाल बनी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

रायपुर. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना केन्द्र शासन द्वारा असंगठित श्रमिकों को बुढ़ापे में संबल देने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, खेतिहर मजदूर सहित असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करते हुए 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद प्रति माह 03 हजार रूपए की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। यह एक स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है, जिसमें श्रमिक द्वारा किए गए अंशदान के बराबर राशि केंद्र सरकार द्वारा भी जमा की जाती है।       श्रम पदाधिकारी मुंगेली   अभिषेक सिंह ने बताया कि योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक उठा सकते हैं, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपए या उससे कम हो। लाभार्थी का ईपीएफओ, ईएसआईसी या एनपीएस का सदस्य नहीं होना चाहिए और वह आयकर दाता भी न हो। अंशदान आयु के अनुसार तय है। 18 वर्ष की आयु में जुड़ने पर मात्र 55 रूपए प्रतिमाह, जबकि 40 वर्ष की आयु में जुड़ने पर 200 रूपए प्रतिमाह अंशदान निर्धारित है। इच्छुक श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और नामिनी का विवरण आवश्यक है। इसके अलावा लाभार्थी स्वयं 

अजित पवार के विमान हादसे में ग्वालियर की पायलट शांभवी पाठक, मैसेज कर दी थी दादी को

ग्वालियर  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पुणे के बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया। अजित पवार जिस चार्टर्ड प्लेन में सवार थे, उस प्लेन को ग्वालियर की रहने वाली शांभवी पाठक उड़ा रही थी। शांभवी पाठक ग्वालियर की रहने वाली थी। उनका जन्म ग्वालियर में ही हुआ और उनका बचपन भी वहीं बीता। उनकी दादी मीरा पाठक को शांभवी ने मुंबई से सुबह 6:36 पर मैसेज भेजा और उसमें लिखा था गुड मॉर्निंग दद्दा… इसके बाद शांभवी अपनी फ्लाइट पर पहुंच गईं और 8:46 बजे प्लेन क्रैश हो गया। ग्वालियर में फिलहाल शांभवी की दादी मीरा पाठक रहती हैं। पायलट शांभवी के घर पर उनकी कुछ बचपन की तस्वीरें हैं और फाइटर प्लेन से उन्हें बेहद लगाव था, क्योंकि उनके पिता भी इंडियन एयरफोर्स में रहे हैं। अगस्त में ग्वालियर आई थी शांभवी शांभवी पाठक के माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। दादी मीरा पाठक ने बताया कि वह ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में जन्मी और यहीं एयर फोर्स स्कूल में पढ़ाई लिखाई हुई और उसके बाद वह दिल्ली चली गई। अगस्त के महीने में शांभवी पाठक ग्वालियर आई थी। शांभवी पाठक के बारे में दादी ने बताया कि वह बेहद हंसमुख थी और हमेशा मुझसे बात करती रहती थी।  पड़ोसी पहुंचे घर वहीं शांभवी पाठक की सूचना मिलते ही उनके पड़ोसी भी उनकी दादी के पास पहुंच गए। पड़ोसी महिलाओं ने बताया कि वह बहुत चंचल स्वभाव की थी और वह जब ग्वालियर आई थी तो उनसे मिलना जुलना होता था और खूब बातें करती थी। आज उसकी निधन की सूचना मिलने से गम का माहौल है। 

सड़क और राजमार्ग विकास को लेकर अरुण साव–नितिन गडकरी के बीच सार्थक चर्चा

रायपुर.  केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री   नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाओं को मंजूर करने का आग्रह किया। उन्होंने   गडकरी से बिलासपुर शहर में यातायात का दबाव कम करने बायपास निर्माण, रायपुर और बिलासपुर के बीच भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) तक 6-लेन मार्ग की मंजूरी तथा मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग का विस्तार रायपुर तक करने का अनुरोध किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में 13 राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के साथ ही 8 सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी आग्रह किया। उप मुख्यमंत्री   साव ने मुलाकात के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी को अवगत कराया कि बिलासपुर शहर में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों के कारण यातायात का काफी दबाव है, जिससे निरंतर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने इसके समाधान के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से शहर के बाहर से होकर उच्च न्यायालय बोदरी से सेंदरी तक करीब 32 किमी लंबा फोरलेन बायपास स्वीकृत करने का अनुरोध किया। यह बायपास बिलासपुर शहर के प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क को रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही शहर के भीतर यातायात के दबाव को प्रभावी तरीके से कम करते हुए औद्योगिक विकास संचार तंत्र एवं नियोजित शहरी विस्तार को बढ़ावा देगा।   साव ने राज्य के उत्तरी हिस्से में कोल माइन्स एवं दक्षिणी हिस्से में आयरन माइन्स को देखते हुए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने, कोयला एवं लौह अयस्क के परिवहन, स्टील व सीमेंट उत्पाद को बाहर भेजने तथा प्रदेशवासियों के सुचारू आवागमन के लिए मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग को ग्रीन फील्ड सड़क के रूप में रायपुर तक विस्तारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रायपुर-नागपुर-मुंबई एक्सेस कंट्रोल 8-लेन कनेक्टीविटी से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री  साव ने  गडकरी से भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक लगभग 95 किमी 6-लेन मार्ग के निर्माण की मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने   गडकरी को बताया कि वर्तमान में रायपुर से बिलासपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ा हुआ है, किंतु एक्सेस कंट्रोल नहीं होने के कारण राज्य की तीनों भारतमाला परियोजनाओं के बीच सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। आरंग-दर्री मार्ग के निर्माण से रायपुर से बिलासपुर की दूरी एक घंटे में तय होगी तथा तीनों भारतमाला सड़कों के आपस में जुड़ जाने से सीधा संपर्क होगा, जिससे सभी तरह के परिवहन में समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी।    साव ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के 13 खंडों के उन्नयन के लिए राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए विद्यमान मार्गों को उन्नत किए जाने पर जोर देते हुए आठ सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी अनुरोध किया।

सरकारी अस्पतालों में ‘दलाल राज’ खत्म करने के लिए बनेगा ‘धावा दल’

पटना. सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा जेब भरने वाले दलालों की अब खैर नहीं है। यही नहीं उनका साथ देने वाले डॉक्टरों व अन्य चिकित्साकर्मियों की संलिप्तता साबित होने पर उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने इस बाबत मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल, जिला-अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य उपकेंद्रों के औचक निरीक्षण के लिए धावा दल गठित करने को कहा है।  राज्यस्तर पर नोडल पदाधिकारी बनाया गया इस छापामार दल में वरीय उप समाहर्ता, जिलास्तरीय अन्य अधिकारी व सरकारी अस्पताल के डॉक्टर रहेंगे जो अस्पताल-अस्पताल जाकर जांच करेंगे। हर दिन की कार्रवाई की समीक्षा के लिए राज्यस्तर पर अपर सचिव धनंजय कुमार को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं जिला स्तर पर भी नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे जो जिले में की गई हर दिन की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग को भेजेंगे। स्वास्थ्य सचिव ने डीजीपी को भी पत्र भेज सभी जिलों के एसपी-एसएसपी को अस्पतालों की जांच कराने का अनुरोध किया है। सख्त कानूनी कार्रवाई तय पत्र में स्वास्थ्य सचिव ने लिखा है कि लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को जानबूझकर गुमराह कर महंगे निजी अस्पतालों, जांच घरों और दवा दुकानों की ओर मोड़ा जा रहा है। इसके लिए परिसर में निजी नर्सिंग होम, निजी जांच केंद्र-रेडियो डायग्नोसिस व दवा दुकानदारों के कर्मचारियों का जमावड़ा रहता है। इलाज के लिए आए मजबूर मरीजों को गुमराह कर सरकारी सुविधाओं से वंचित व महंगे निजी इलाज में झोंका जा रहा है। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ आमजन को सरकारी चिकित्सा सुविधा से वंचित व जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा पहुंचाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जानी अपेक्षित है। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सक्रिय दलालों, निजी नर्सिंग होम एजेंटों व जांच माफिया के खिलाफ सख्त व सघन कार्रवाई की जरूरत है। मिलीभगत पर सरकारी कर्मी भी नहीं बचेंगे पत्र में सबसे बड़ा संदेश यह है कि अगर किसी सरकारी डॉक्टर या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आई तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। उस पर भी कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई होगी। हर दिन की कार्रवाई की प्रगति सीधे स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी।