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घटिया सड़क निर्माण पर मुख्यमंत्री मान का कड़ा रुख, ठेकेदार से मांगा जवाब

जालंधर/चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई जा रही संपर्क सड़को की क्वालिटी की चैकिंग करते हुए उसमें पाई गई अनियमितताओं को देखते हुए तत्काल प्रभाव से जहां एक तरफ ठेकेदार की क्लास लगाई वहीं पर सरकार की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी करवा दिया है। मुख्यमंत्री मान जब चंडीगढ़ जा रहे थे तो उन्होंने बन रही सड़क की क्वालिटी चैक करने के लिए अपना काफिला रुकवा लिया और मौके पर ही सड़क पर डाली गई लुक को खुदवा कर स्वयं निरीक्षण किया। मौके पर ही सड़क बना रहा ठेकेदार भी मौजूद था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि सड़क की क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क को कहीं से भी उखाड़ कर क्वालिटी चैक की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने तुरंत मौके पर अधिकारियों से कहा कि ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि इस ठेकेदार ने और भी सड़के जहां-जहां बनवाई है वहां सड़कों की क्वालिटी को चैक किया जाए।  उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए मापदंडों की अवहेलना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठेकेदार की पेमैंट रोक दी गई है और भविष्य में इस ठेकेदार को और कोई भी काम नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सड़क बनाने के बदले कोई रिश्वत किसी भी ठेकेदार से नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को पुरानी आदतें पड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सड़क निर्माण में कम मटीरियल का प्रयोग किया गया तो वह उसे ठीक कर लें अन्यथा वह पंजाब भर में सड़कों की क्वालिटी को चैक करेंगे। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल और क्रिकेट स्टेडियम का करेंगे लोकार्पण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 दिसम्बर को सतना जिले को 652 करोड 54 लाख रूपये लागत के विकास कार्यो की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना शहर में 31 करोड़ 15 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल और 8 करोड़ 39 लाख रूपये लागत के नवनिर्मित धवारी क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आई.एस.बी.टी. सतना में आयोजित कार्यक्रम में सतना शहर के 168 लाख 33 हजार रूपये लागत के 6 कार्यो का लोकार्पण और 484 करोड़ 21 लाख रूपये लागत के 6 विकास कार्यो का भूमिपूजन भी करेंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे। 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय मेडीकल कॉलेज सतना में आयोजित कार्यक्रम में 383 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन के निर्माण का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना में आयोजित विंध्य व्यापार मेला के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। 

रामपुर बाघेलान में सर्राफा व्यापारी के ठिकानों पर GST रेड, जांच दूसरे दिन भी जारी

सतना मुख्य बाजार स्थित प्रसिद्ध श्री विदुर सर्राफा शो-रूम एवं सुखनंदन सराफा में शुक्रवार दोपहर राज्य जीएसटी विभाग की वृत्त-1 की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा। करीब 3 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में सतना से पहुंची 22 सदस्यीय जीएसटी टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों और स्टॉक की गहन जांच शुरू की, जो देर रात तक जारी रही। जीएसटी की इस कार्रवाई से स्थानीय सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया है। बाजार के अन्य व्यापारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई उपायुक्त उमेश तिवारी के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त मनोरम तिवारी के मार्गदर्शन में की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक छापे के दौरान व्यापारियों से आवश्यक कर दस्तावेज, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और ट्रेडिंग एकाउंट प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन फिलहाल व्यापारी द्वारा ट्रेडिंग एकाउंट उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद टीम ने शो-रूम में उपलब्ध सोना-चांदी व अन्य आभूषणों का भौतिक सत्यापन शुरू किया।   टीम ने स्टॉक रजिस्टर, बिल-बुक, टैक्स इनवॉइस, जीएसटी रिटर्न और अन्य संबंधित कागजात की भी बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कुछ विसंगतियों की आशंका के चलते कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। इसी कारण देर रात तक टीम शो-रूम में मौजूद रही और हर पहलू की पड़ताल की गई। जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। शनिवार को दूसरे दिन भी जांच जारी रहेगी, जिसमें बचे हुए दस्तावेजों की समीक्षा और स्टॉक मिलान का कार्य किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कर चोरी या नियमों के उल्लंघन का मामला बनता है या नहीं।

अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत 31 हज़ार 590 वरिष्ठजन होंगे लाभान्वित

निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन सहित परिवहन के लिए 63 लाख से अधिक राशि का आवंटन भोपाल  उप संचालक राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टि बाधिता नियंत्रण कार्यक्रम (एनएचएम मध्यप्रदेश) ने बताया कि भारत सरकार की अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों में वरिष्ठजनों के मोतियाबिंद ऑपरेशन उपरांत उनके आवागमन के लिए प्रति हितग्राही 200 रुपए की दर से राशि आवंटित की गई है। यह राशि ई-वित्त प्रवाह के माध्यम से जिलों को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के मद में प्रदाय की गई है। योजना से दिसम्बर माह में प्राप्त विवरण के आधार पर 31 हजार 590 वरिष्ठजनों को लाभ मिलेगा। इसके लिए कुल 63 लाख 18 हज़ार रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह राशि केवल वरिष्ठ नेत्र रोगियों के लिए उपयोग की जाएगी। योजना का उद्देश्य वरिष्ठजनों को निःशुल्क मोतियाबिंद उपचार के साथ-साथ परिवहन सुविधा प्रदान कर स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित करना है। योजना के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने वाले वरिष्ठजनों का विवरण एनपीसीबी एंड वीआई के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और ऑपरेशन के 15 दिवस के भीतर परिवहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। इसके लिए आधार, फोटोयुक्त पहचान पत्र, मोबाइल नंबर एवं बैंक विवरण अनिवार्य होगा।  

प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश— गुरु गोबिंद सिंह का जीवन साहस और त्याग की प्रेरणा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिखों के दसवें गुरु व खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व (27 दिसम्बर) पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने अन्याय के विरूद्ध लोगों को संगठित किया। उनका जीवन त्याग, तपस्या और बलिदान का अनुपम उदाहरण है। शर्मा ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे गुरु गोबिंद सिंह की शिक्षाओं को आत्मसात कर देश और प्रदेश के विकास मेें भागीदारी निभाएं।

यमुना में घटती जैव विविधता पर गंभीर सुनवाई, NGT ने आदेश रखा रिज़र्व

यमुना  राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यमुना नदी में स्वदेशी प्रजाति की मछलियों की तादाद में तेज गिरावट और विदेशी मछलियों के बढ़ते प्रभुत्व से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखा है। सभी पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डा. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने मामले को आदेश के लिए सुरक्षित रखा।  यह स्वतः संज्ञान मामला मई 2024 की एक समाचार रिपोर्ट से सामने आया। एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण में यमुना में मछलियों की 126 प्रजातियों की मौजूदगी को दर्ज किया गया है। लेकिन यह स्वदेशी मछलियों की प्रजातियों में गिरावट और विदेशी मछलियों में वृद्धि को दर्शाता है।  प्रयागराज ने अपने सर्वेक्षण में पाया कि प्रदूषण, नदी के प्रवाह में परिवर्तन और आवासीय क्षति ने मछली की विविधता पर गंभीर प्रभाव डाला है। जबकि यमुना के पूरे विस्तार क्षेत्र में मछलियों की कुल 126 प्रजातियों का घर है। दिल्ली के आइटीओ में सबसे कम प्रजातियों की विविधता दर्ज की गई, जिसे "सबसे प्रदूषित" स्थल के रूप में वर्णित किया, जहां घुलनशील लगभग शून्य या पहचानने योग्य स्तर से नीचे थे। अध्ययन में प्रतीकात्मक स्वदेशी प्रजातियों में महत्वपूर्ण गिरावट दिखाई गई।

प्रदूषण संकट में भी दिल्ली सरकार निष्क्रिय, केजरीवाल ने नहीं दिखाई गंभीरता : वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली  दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एलजी की ओर से लिखे पत्र का जिक्र करके पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीरेंद्र सचदेवा ने शुक्रवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एलजी के पत्र से यह साफ खुलासा हो रहा है कि किस तरह से अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उदासीनता बरती। पिछले 12 सालों तक अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम के पद पर काबिज रहे। इसके बावजूद भी उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। इसी का नतीजा है कि दिल्ली के लोगों को दमघोंटू हवा में सांस लेना पड़ रहा है। अगर अरविंद केजरीवाल ने उस समय में वायु प्रदूषण पर कोई ठोस कदम उठाया होता तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि एलजी बाकायदा तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से वायु प्रदूषण के समाधान पर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे थे। लेकिन, अफसोस अरविंद केजरीवाल कह रहे थे कि छोड़िए, कुछ दिनों तक यह मुद्दा हावी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता इसे उठाते हुए कोर्ट का रुख करेंगे। लेकिन, बाद में सब भूल जाएंगे। अरविंद केजरीवाल की बातों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि वह दिल्ली के प्रदूषण के मामले को लेकर कितने गंभीर थे। उनकी कोताही की वजह से आज दिल्ली के लोगों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दावा किया कि आज की तारीख में दिल्ली की भाजपा शासित सरकार राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे लोगों को एक साफ वातावरण मिले। लेकिन, एलजी के पत्र से जिस तरह तत्कालीन मुख्यमंत्री की कार्यशैली उजागर हुई है, उससे आम आदमी पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि आज हमारी सरकार दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में पूरी तरह से काम कर रही है। किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं कर रही है। हमारी सरकार दिल्ली को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। लेकिन, हम तत्कालीन सरकार के पाप को ढो रहे हैं।

भोपाल में बनेगा सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर, “शौर्य संकल्प” से सुरक्षा बलों तक पहुंचेंगे युवा : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को विंध्याचल भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है। यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक, प्रेरित और वैज्ञानिक सोच से जोड़ना है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित स्पेस सेंटर में मिसाइल और सैटेलाइट के क्रमिक विकास के डिजाइनों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही अंतरिक्ष के समान जीरो ग्रेविटी वातावरण में स्पेस स्टेशन का सिम्युलेटरी अनुभव देने के लिये विशेष अधोसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे बच्चे यह देख और महसूस कर सकें कि उपग्रह के भीतर अंतरिक्ष यात्री किस तरह रहते और कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाएगा और स्पेस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रेरित करेगा। राज्यमंत्री ने कहा कि यह नवाचार उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा, जो अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासु हैं और भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इसके माध्यम से ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक उन्नयन के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पत्रकार वार्ता में मंत्री श्रीमती गौर ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए प्रस्तावित ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना–2025’ को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हर वर्ष करीब 4000 युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण देकर सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। शारीरिक प्रशिक्षण के साथ सैद्धांतिक मार्गदर्शन देकर युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध विकसित किया जाएगा। आदर्श छात्रावास और पहली बार मेस सुविधा राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेशभर में ओबीसी छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिम, वाचनालय, पुस्तकालय, वाई-फाई, कंप्यूटर कक्ष और खेल सुविधाओं से युक्त इन छात्रावासों के उन्नयन पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग बनने के बाद पहली बार छात्रावासों में निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिसका शुभारंभ 26 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कर कमलों से होने की संभावना है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत साढ़े सात लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाकर हर वर्ष 50 विद्यार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। वहीं बेरोजगार युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार दिलाने की पहल की जा रही है। सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के तहत आगामी समय में 600 युवाओं को विदेश भेजा जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए जन अभियान परिषद के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इनकी गणना तीन माह में पूर्ण की जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ लक्षित रूप से पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि ऐसी पहल करने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि डॉ. कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर जैसे नवाचार और शौर्य संकल्प जैसी योजनाओं के माध्यम से हम प्रदेश के युवाओं को विज्ञान, सुरक्षा और राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। यही विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा है।  

महिला सशक्तिकरण से बाल संरक्षण तक: मध्यप्रदेश ने दो वर्षों में रचा विकास का नया अध्याय

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बतायी विभाग की उपलब्धियां भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरोन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 विजन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और पोषण के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने पत्रकार वार्ता में विभाग की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि प्रदेश में Women Led Development की अवधारणा को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इसका सकारात्मक प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक दिखाई दे रहा है। लाड़ली बहना योजना बनी आर्थिक आत्मनिर्भरता की रीढ़ मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। जून 2023 से दिसंबर 2025 तक योजना की 31 किस्तों का नियमित भुगतान किया गया है। वर्तमान में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक महिलाएं योजना से लाभान्वित हैं और अब तक 48,632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। इस योजना को देश भर में सराहा जा रहा है और कई राज्यों ने मध्यप्रदेश के मॉडल को अपनाया है। बेटियों के भविष्य को सुरक्षित कर रही लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 52 लाख से अधिक बालिकाओं का पंजीयन किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में 6.40 लाख बालिकाओं को 350 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। आगामी वर्षों में लाखों और बालिकाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से बदली सोच, सशक्त हुई बेटियां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत मध्यप्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में व्यापक स्तर पर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के लिए पिंक ड्राइविंग लाइसेंस अभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक 6,134 महिलाओं एवं बालिकाओं को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए गए हैं। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सुरक्षित परिवहन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। समाज में बेटियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विभाग ने 1,794 सफल बालिकाओं एवं महिलाओं को ‘जेंडर चैंपियन’ के रूप में चिन्हित किया है। ये जेंडर चैंपियन न केवल अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं, बल्कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर समाज में जागरूकता भी फैला रही हैं। योजना के अंतर्गत सशक्त वाहिनी कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। विगत वर्षों में 7 हजार से अधिक बालिकाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इसके साथ ही आगामी तीन वर्षों में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत इच्छुक बालिकाओं को मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा दिलाकर उनकी स्कूली शिक्षा पूर्ण कराई जाएगी। वहीं जो बालिकाएं आगे पढ़ाई जारी नहीं रखना चाहतीं, उनके लिए कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं की सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन 181 प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए सुरक्षा और सहारे का मजबूत केंद्र बन चुके हैं। बीते दो वर्षों में 54,627 से अधिक संकटग्रस्त महिलाओं को यहां स्वास्थ्य, परामर्श, विधिक एवं पुलिस सहायता उपलब्ध कराई गई। वहीं, महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से 2.36 लाख से अधिक महिलाओं को त्वरित सहायता दी गई। कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास की बड़ी सौगात मंत्री ने बताया कि कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पहली बार 284 करोड़ रुपये की लागत से 5121 सीट क्षमता वाले 8 नए वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, जो अगले तीन वर्षों में पूरी तरह संचालित होंगे। बाल विवाह और कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण समन्वित प्रयासों से प्रदेश में बाल विवाह के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। NFHS-4 में जहां बाल विवाह की दर 32.4 प्रतिशत थी, वहीं NFHS-5 में यह घटकर 23.1 प्रतिशत रह गई है। कुपोषण के खिलाफ चलाए गए अभियानों का भी सकारात्मक असर दिखा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार कम वजन, ठिगनापन, दुबलापन और गंभीर कुपोषण — सभी संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। डिजिटल नवाचारों से सेवाओं में पारदर्शिता आंगनवाड़ी सेवाओं में सम्पर्क ऐप, पोषण ट्रैकर और फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम जैसे डिजिटल नवाचारों से निगरानी और पारदर्शिता को नई मजबूती मिली है। प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां इन तकनीकों का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। विकसित मध्यप्रदेश 2047 की ओर निर्णायक कदम महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी महिला या बच्चा विकास से वंचित न रहे। महिला सशक्तिकरण, सुरक्षित बचपन और सुपोषण के माध्यम से मध्यप्रदेश विकसित भारत 2047 में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रेल सफर हुआ महंगा: आज से लागू नई दरें, लंबी दूरी की यात्रा पर असर

पंजाब  रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आज से झटका लगा है। गुरुवार देर रात 12 बजे के बाद रेलवे किरायों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। नई दरों के अनुसार 215 किलोमीटर से अधिक दूरी का सफर अब प्रति किलोमीटर 1 से 2 पैसे महंगा हो गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, किरायों में की गई इस बढ़ोतरी से रेलवे को सालाना करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। हालांकि राहत की बात यह है कि किराये के अलावा अन्य सभी शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारतीय रेलवे के यात्री विपणन (समन्वय) प्रभाग के निदेशक प्रवीण कुमार द्वारा इस संबंध में रेलवे के सभी जोनों को परिपत्र जारी कर दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संशोधित किराए वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जुड़े पहले से जारी निर्देशों के अनुसार ही प्रभावी होंगे। किराया बढ़ने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।