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नायब सरकार का VIP ट्रीटमेंट? निर्दलीय विधायक की 314 मांगें, 60% कामों को मिली हरी झंडी

बहादुरगढ़ हरियाणा की नायब सरकार बहादुरगढ़ के निर्दलीय विधायक पर खूब मेहरबान है। निर्दलीय विधायक राजेश जून मुख्यमंत्री के सामने जो भी डिमांड रखते हैं वो हर डिमांड लगभग पूरी हो चुकी है। एक साल में विधायक राजेश जून ने सरकार के सामने अलग अलग विभागों के 314 कामों की डिमांड रखी थी जिसमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा मांगे पूरी हो चुकी है। उन पर काम करने के लिए करीबन 400 करोड़ रूप्ए भी मंजूर हो गए है। एक साल के कार्यकाल पर चर्चा करते हुए विधायक राजेश जून ने बताया कि उन्होंने हल्के के हर गांव को 60 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रूप्ए तक विकास कार्यों के लिए दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि ये आवंटन गांव की जनसंख्या के आधार पर है किसी में कम तो किसी में ज्यादा लेकिन कम से कम 60 लाख हर गांव को मिल चुके हैं। राजेश जून ने बताया कि बहादुरगढ़ शहर के सैक्टरों की सड़कों के निर्माण के लिए 18 करोड़ रूप्ए।सीसीटीवी कैमरों के लिए 12 करोड़ और पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नहरी क्षमता विकास के लिए भी 14 करोड़ रूप्ए मंजूर हो चुके हैं। राजेश जून का कहना है कि पैसा आ चुका है और जल्द ही सारे काम भी शुरू हो जाएंगे। उन्होंनें कहा कि बहादुरगढ़ हल्के का नसीब अच्छा है जो उन्हे विधायक बनाया है और एक निर्दलीय विधायक चुने हुए विधायकों से ज्यादा काम अपने हल्के में करके दिखाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का उनपर पूरा भरोसा और आर्शिवाद है। राजेश जून ने शहर के छोटूराम नगर में गलियों के निर्माण कार्य की शुरूवात भी करवाई है जहां पहुंचने पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत भी किया।

US की कड़ा रुख अपनाया, पंजाब के युवाओं के सपनों पर लगा ब्रेक?

पंजाब  America जाने की चाह रखने वालों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अब अमेरिका या वीजा पानी और भी मुश्किल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका में H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले हजारों भारतीय आवेदकों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को जारी एक नोटिस में स्पष्ट कर दिया कि जिन आवेदकों की सितंबर और दिसंबर के बीच अपॉइंटमेंट (Appointment) तय थी और जिन्हें पुनर्निर्धारण की सूचना दी गई है, वे पुरानी तारीख पर दूतावास पहुंचकर इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे। प्रवेश केवल नई निर्धारित अपॉइंटमेंट पर ही मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर महीने की सभी वीजा अपॉइंटमेंट्स को स्थगित कर मार्च 2026 तक के लिए टाल दिया गया है।  सोशल मीडिया वेरिफिकेशन बना नई मुश्किल कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने H-1B तथा H-4 वीजा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। 15 दिसंबर से लागू होने जा रही इस नई प्रक्रिया के तहत सभी आवेदकों को अपना सोशल मीडिया प्रोफाइल “पब्लिक” मोड में रखना होगा। अमेरिकी अधिकारियों को ऑनलाइन व्यवहार की गहन जांच का अधिकार होगा। इस दौरान सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाले आवेदकों को छांटा जाएगा। इसी वजह से कई इंटरव्यू अचानक रद्द कर मार्च तक के लिए पुनर्निर्धारित कर दिए गए हैं। वहीं कई कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि, दूतावास ने कुछ अपॉइंटमेंट (Appointment) को रद्द करके मार्च तक पुननिर्धारित कर दिया है। H-1B वीजा प्रोग्राम पर बढ़ी सख्ती अमेरिकी प्रशासन पहले ही H-1B वीज़ा प्रोग्राम पर कड़ी नजर रखे हुए है। इससे पहले सितंबर में नए H-1B वीजा पर $1,00,000 का शुल्क लगाया गया था। जानकारी के अनुसार, सिक्योरिटी चिंताजनक देशों के आवेदकों के ग्रीन कार्ड और नागरिकता प्रक्रियाएं अस्थायी रूप से रोकी गईं। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का कहना है कि हर वीजा निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है, और सोशल मीडिया स्क्रीनिंग इसी सुरक्षा नीति का हिस्सा है। क्या है H-1B वीजा आपको बता दें कि, अमेरिका का H-1B वीज़ा उन अत्यधिक कुशल विदेशी पेशेवरों के लिए बनाया गया है, जो किसी अमेरिकी कंपनी में निश्चित समयावधि के लिए काम करना चाहते हैं। यह वीजा मुख्य रूप से आईटी, इंजीनियरिंग, फाइनेंस, हेल्थकेयर, साइंस और अन्य विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों के कर्मचारियों को दिया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, H-1B वीज़ा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि L वीजा और E वीजा के विपरीत इसमें अमेरिकी कंपनी पर किसी विशेष पात्रता या निवेश से जुड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं। यानी कोई भी अमेरिकी नियोक्ता, जो योग्य विदेशी कर्मचारी की जरूरत साबित कर सके, H-1B वीजा स्पॉन्सर कर सकता है। यह वीजा 3 साल के लिए दिया जाता है, जिसे बाद में बढ़ाकर अधिकतम 6 साल तक किया जा सकता है। H-1B धारक अपने पति/पत्नी और बच्चों को भी H-4 वीजा पर अमेरिका ले जा सकते हैं, हालांकि H-4 आश्रितों के लिए काम करने की अनुमति अलग नियमों के तहत मिलती है। हर साल लाखों आवेदन आने के कारण H-1B प्रक्रिया अत्यधिक प्रतिस्पर्धी होती जा रही है। अमेरिकी एजेंसियों द्वारा हाल में लागू किए गए सख्त जाँच मानकों, खासतौर पर सोशल मीडिया वेरिफिकेशन, ने इस वीजा को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

इंदौर में गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी समेत कई फर्म पर 2002 करोड़ टैक्स डिमांड, 1784 करोड़ का सेस

इंदौर  गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी और उससे जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सेंट्रल जीएसटी एंड एक्साइज कमिश्नरेट इंदौर ने बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने इन्हें 2002 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड वाला नोटिस जारी किया है। माना जा रहा है कि यह प्रदेश में अब तक जारी की गई सबसे बड़ी टैक्स डिमांड है। यह कार्रवाई साल 2020 में तलाशी और जांच कार्रवाई के आधार पर की गई है। नोटिस वाधवानी तक सीमित नहीं है, टैक्स डिमांड एलोरा टोबेको, दबंग दुनिया पब्लिकेशन, श्याम खेमानी, अनमोल मिश्रा, धर्मेन्द्र पीठादिया, राजू गर्ग, शिमला इंडस्ट्रीज प्रालि, देवेंद्र द्विवेदी, विनायका फिल्टर्ड प्रालि और विनोद बिदासरिया सहित कई अन्य संस्थानों और व्यक्तियों को भी जारी किया गया है। इसके अलावा टीएएन इंटरप्राइजेज, एसआर ट्रेडिंग, निश्का इंटरप्राइजेज, इंक फ्रूट, एमएन इंटरप्राइजेस, रानी प्रेस प्रालि, जौहर हसन, एनजी ग्राफिक्स एंड क्लॉक मेकर्स के नाम भी इसमें शामिल हैं। टैक्स डिमांड नोटिस जारी होने में देरी का मुख्य कारण वाधवानी समूह द्वारा की गई लंबी कानूनी लड़ाई रही। मामला पहले इंदौरहाईकोर्ट में पहुंचा, जहां अदालत ने समूह की याचिका को न केवल निराधार बताया, बल्कि उन पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि याचिका का उद्देश्य सिर्फ जांच और टैक्स प्रक्रिया को लटकाने का प्रयास है। इसके बाद समूह ने इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर किया।  2 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद प्रशासन को टैक्स डिमांड नोटिस जारी करने का रास्ता साफ हो गया और लंबे समय से लंबित यह कार्रवाई अब पूरी हो गई है। अब संबंधित फर्मों और व्यक्तियों को तय समय सीमा में विभाग को अपना जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभाग आगे वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूसरा चरण शुरू, 180 नए गांव जुड़े बस सुविधा से ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्तार रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है।  सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है।  मुख्यमंत्री  साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी। परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।  उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव  एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक, महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1. मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है।           मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा एवं परीक्षण के लिए, जिन्हें न्यायालय से वापस लिया जाना है, मंत्रिपरिषद उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।         आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सली के अपराधिक प्रकरणों की वापसी के लिए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेगी। पुलिस मुख्यालय अभिमत सहित प्रस्ताव भेजेगा। शासन द्वारा विधि विभाग का अभिमत प्राप्त कर मामलों को मंत्रिपरिषद उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपसमिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम अनुमोदन हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय अधिनियम अथवा केंद्र सरकार से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त की जाएगी। अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया हेतु जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। 2. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।         उल्लेखनीय है कि कई अधिनियमों में उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास के प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम नागरिक और व्यवसाय दोनों अनावश्यक रूप से प्रभावित होते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इन प्रावधानों का सरलीकरण आवश्यक है। इससे पहले, राज्य सरकार द्वारा 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को भी सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया जाएगा।          इस विधेयक में छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा होगा, न्यायालयों का बोझ कम होगा और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सकेगी। साथ ही, कई अधिनियमों में दंड राशि लंबे समय से अपरिवर्तित होने के कारण प्रभावी कार्यवाही बाधित होती थी, इस विधेयक से वह कमी भी दूर होगी। इन संशोधनों से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।          उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है।  3. मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया। 

मानवता शर्मसार: भाइयों ने मिलकर युवती को बनाया दरिंदगी का शिकार, पंजाब में गैंगरेप

चंडीगढ़   पंजाब के लुधियाना में हरियाणा की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात हुई है। लुधियाना के शिमलापुरी के बसंत एवेन्यू सतजोत नगर इलाके में दो भाइयों सहित तीन युवकों ने युवती को घर बुलाया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने युवती के साथ मारपीट की और उसे धमकियां दी कि अगर वह किसी को इसके बारे में बताएगी तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।    पीड़िता की शिकायत के मुताबिक वह आरोपियों को पहले से किसी के जरिए जानती थी। आरोपियों ने उसे घर मिलने के लिए बुलाया। वहां आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपियों ने उसे धमकियां दी और वहां से मारपीट कर भगा दिया।  इसके बाद डरी सहमी युवती हरियाणा के फरीदाबाद अपने परिवार वालों के पास चली गई। वहां उसने यह सारी जानकारी परिवार को दी। पीड़िता के परिवार वालों ने हरियाणा पुलिस से संपर्क किया। फरीदाबाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तरनपाल सिंह मोंगा, उसके भाई दविंदरपाल सिंह मोंगा और गुरकरण सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर लुधियाना पुलिस को भेज दी। कमिश्नरेट के थाना शिमलापुरी पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि यह वारदात सितंबर महीने की बताई जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।   जांच अधिकारी सलविंदर पाल सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच करवाई जाएगी। जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कभी नीतीश को हराने वाले विजय कृष्ण का बड़ा फैसला, RJD से इस्तीफा देकर राजनीति से संन्यास

पटना बिहार सरकार में कई दफा मंत्री रहे समाजवादी नेता और पूर्व सांसद विजय कृष्ण ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू यादव का साथ छोड़ दिया है। विजय कृष्ण ने 2004 के लोकसभा चुनाव में बाढ़ सीट से बिहार के मौजूदा सीएम और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार को हराकर राजनीतिक तहलका मचा दिया था। 74 साल के विजय कृष्ण ने लालू यादव को इस्तीफा भेजकर राजद और राजनीति से अलग होने के अपने फैसले की जानकारी दी है। राजपूत बिरादरी से आने वाले विजय कृष्ण 2009 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर कुछ समय नीतीश की जेडीयू में भी गए थे, जिस मौके की तस्वीर ऊपर आप देख सकते हैं। लेकिन एक साल बाद ही वापस लालू की आरजेडी में लौट गए थे। साठ के दशक से राजनीति में सक्रिय विजय कृष्ण ने समाजवादी युवा सभा से राजनीतिक सीढ़ियां चढ़नी शुरू की। 1977 में पहली बार जनता पार्टी के बिहार महासचिव बने। जनता दल के टिकट पर बाढ़ विधानसभा सीट से 1990 और 1995 में लगातार दो बार जीतकर विधायक बने। लालू के साथ-साथ राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बने। 2004 में लालू यादव ने उनको बाढ़ से नीतीश के खिलाफ लोकसभा लड़ा दिया और वो जीत भी गए। 1999 के चुनाव में नीतीश ने उनको हराया था तो वो कोर्ट चले गए थे लेकिन वह चुनाव याचिका खारिज कर दी गई थी। नीतीश के पुराने सहयोगी रहे विजय कृष्ण 2009 के लोकसभा चुनाव के समय जेडीयू में चले गए थे, लेकिन 2010 के विधानसभा चुनाव के समय राजद में वापस लौट आए। लेकिन, 2009 में एक मर्डर केस में अपने बेटे के साथ फंस गए, जिसमें कोर्ट ने 2013 में विजय समेत चार लोगों को उम्र कैद की सजा दी थी। हाईकोर्ट ने 2022 में उन्हें रिहा कर दिया, तब लगभग 10 साल जेल में रहने के बाद वो बाहर आए थे।

स्कूलों में विंटर वेकेशन का बिगुल! अब बच्चों-परिवार की होगी जमकर मस्ती

चंडीगढ़ शहर के स्कूलों में इस महीने सर्दियों की छुट्टियां पड़ने जा रही हैं। इसे लेकर लोगों ने पहले से ही छुट्टियों में घूमने-फिरने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिवार यात्रा की जगहों पर चर्चा कर रहे हैं और बच्चे अपनी पसंदीदा जगहें चुन रहे हैं। हर घर में छुट्टियों का माहौल बन चुका है। सर्दियों को आमतौर पर यात्रा के लिए सबसे आरामदायक मौसम माना जाता है। इसी अवसर पर IRCTC ने चंडीगढ़ से नए रेल टूर पैकेज पेश किए हैं। IRCTC ने चंडीगढ़ से विशेष रेल टूर पैकेज लॉन्च किए हैं, जिनमें ज्योतिर्लिंग दर्शन से लेकर राजस्थान के मरुस्थल और गुजरात तक घूमने के कई विकल्प शामिल हैं। टिकट, होटल या लोकल ट्रैवल की चिंता नहीं सर्दियों की छुट्टियों के ये टूर पैकेज चंडीगढ़वासियों को अलग-अलग जगहों पर घूमने का मौका देंगे। चाहे कोई धार्मिक यात्रा करना चाहता हो, मरुस्थल का अनुभव लेना चाहता हो या गुजरात के आधुनिक व ऐतिहासिक स्थलों को देखना चाहता हो—हर तरह के यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं। ये पैकेज खास तौर पर उन परिवारों के लिए हैं, जो बिना झंझट और पूरी तरह प्लान की हुई यात्रा चाहते हैं। ट्रेन यात्रा से लेकर होटल में ठहराव, स्थानीय आवागमन और रोजाना नाश्ता—सब कुछ इसमें शामिल है। यानी टिकट बुक करने, होटल तलाशने या लोकल ट्रांसपोर्ट की चिंता करने की जरूरत नहीं। छुट्टियों में बस परिवार के साथ घूमिए, आराम कीजिए और यादें संजोइए। इन जगहों की कर सकते हैं यात्रा 1. दो ज्योतिर्लिंग दर्शन – 6 रातें / 7 दिन छुट्टियों में लोग धार्मिक यात्राओं की भी योजना बनाते हैं। इस पैकेज में इंदौर स्थित ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन शामिल हैं। हर शनिवार चंडीगढ़ स्टेशन से ट्रेन रवाना होगी। शुरुआती कीमत: ₹15,515 2. राजस्थान सर्किट: उदयपुर, आबू रोड, जोधपुर, अजमेर – 7 रातें / 8 दिन अगर बच्चों को किले, झीलें और ऐतिहासिक स्थल पसंद हैं, तो यह टूर खास है। इसमें दिलवाड़ा जैन मंदिर, ब्रह्माकुमारी केंद्र, माउंट आबू की खूबसूरत नक्की झील, अरावली पर्वतों में सनसेट पॉइंट, सिटी पैलेस, एकलिंगजी मंदिर, हल्दीघाटी, रणकपुर जैन मंदिर, मेहरानगढ़ किला, उमैद भवन संग्रहालय, पुष्कर मंदिर और दरगाह शरीफ शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार रवाना होगी।  शुरुआती कीमत: ₹23,215 3. बीकानेर, जैसलमेर और जयपुर की रंगीन यात्रा – 7 रातें / 8 दिन सर्दियों में राजस्थान की खूबसूरती चरम पर होती है। मरुस्थल, ऊंट सफारी, जैसलमेर किला और जयपुर देखने का सुनहरा मौका। इस पैकेज में पुष्कर, आना सागर झील, ब्रह्मा मंदिर, बीकानेर का ऊंट प्रजनन फार्म, देशनोक मंदिर, जूनागढ़ किला, जैसलमेर के सैम सैंड ड्यून्स, कुलधारा गांव, आर्मी म्यूज़ियम, जोधपुर का मेहरानगढ़ किला, उमैद भवन संग्रहालय, जयपुर का हवा महल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और नाहरगढ़ किला शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार चलेगी। शुरुआती कीमत: ₹21,895 4. राजस्थान और गुजरात टूर: केवड़िया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, अहमदाबाद, उदयपुर – 7 रातें / 8 दिन यह पैकेज परिवारों में काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, म्यूज़ियम, ऐतिहासिक स्थल, उदयपुर की झीलें, माउंट आबू, दिलवाड़ा मंदिर, ब्रह्माकुमारी केंद्र, नक्की झील, सनसेट पॉइंट, उदयपुर सिटी पैलेस, फतेह सागर झील, केवड़िया, अहमदाबाद का साबरमती आश्रम, साबरमती रिवरफ्रंट और वडोदरा शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार रवाना होगी। शुरुआती कीमत: ₹23,780 पैकेज में मिलेंगी ये खास सुविधाएं थर्ड एसी या स्लीपर में कन्फर्म ट्रेन टिकट पिक-अप और ड्रॉप सहित स्थानीय आवागमन होटल में रात्रि ठहराव रोजाना नाश्ता छुट्टियों में यात्रा करते समय सबसे बड़ी चिंता होटल, टिकट और लोकल ट्रांसपोर्ट की होती है, लेकिन IRCTC के इन पैकेजों में सभी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे पारिवारिक यात्रा बेहद आसान हो जाती है। ऐसे करें बुकिंग IRCTC की टूरिज्म वेबसाइट पर जाकर चंडीगढ़ से शुरू होने वाले पैकेज चुनें। जानकारी के लिए WhatsApp: 7888696843 पर संपर्क कर सकते हैं या IRCTC सेक्टर-34ए स्थित कार्यालय में जाकर भी विवरण प्राप्त किया जा सकता है।  

बिजनेसमैन ने लेडी DSP कल्पना वर्मा पर ₹2 करोड़ लुटाए, लव ट्रैप का आरोप

दंतेवाड़ा/रायपुर   छत्तीसगढ़ के एक बिजनेसमैन ने DSP कल्पना वर्मा पर 'लव रिलेशनशिप' में फंसाकर 2 करोड़ रुपए से ज्यादा हड़पने का आरोप लगाया है. साथ ही फरियादी ने एक हीरे की अंगूठी, सोने की चेन और एक कार की उगाही करने का भी दावा किया है. बिजनेसमैन का यह भी दावा है कि उन पर महिला पुलिस अधिकारी के भाई के नाम पर एक होटल प्रॉपर्टी रजिस्टर करने का दबाव डाला गया था.दीपक टंडन और बरखा टंडन नाम के कपल ने रायपुर के खमतराई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद DSP के भाई ने भी बिजनेसमैन के खिलाफ काउंटर तहरीर दी है. बिजनेसमैन का आरोप है कि साल 2021 से ब्लैकमेल, धमकियां और बार-बार पैसे की मांग की जा रही है. उनका दावा है कि महिला पुलिस अधिकारी ने बाद में होटल को अपने नाम पर ट्रांसफर करवाने के लिए 30 लाख रुपए का निवेश किया. कपल ने सबूत के तौर पर चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं. उधर, DSP कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों से इनकार किया है. आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है. और कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. हालांकि, वह इस समय संपर्क से बाहर हैं. इस मामले से पुलिस विभाग में काफी हलचल मच गई है और दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच चल रही है. पुलिस फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है. 

रायपुर: चिरायु योजना बनी बच्चों के लिए वरदान, मुस्कान लौटी, माता-पिता में नई उम्मीद जागी

 रायपुर : चिरायु योजना बच्चों के लिए भी बनी वरदान तीनों बच्चों के चेहरे की लौटी मुस्कान, माता-पिता के जीवन में जगी नई उम्मीद परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार रायपुर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व चिरायु योजना में शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर समेत 44 की गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल बच्चों  की स्क्रीनिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजता हैं, जिसके आधार पर बच्चों के इलाज के लिए फंड जारी होता है। ऐसे बच्चे जिनका इलाज निःशुल्क किया जाना है, स्वजन स्वास्थ्य विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु योजना बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल कई मासूम बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर भी फिर से मुस्कान लौटा दी है। जिले में बीमारी की पुष्टि होने पर 3 बच्चों को रायपुर ले जाकर उनका सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और उनके मासूम चेहरों की मुस्कान माता-पिता के जीवन में नई उम्मीद और सुकून भर रही है।  चिरायु टीम द्वारा स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू  से पीड़ित बच्चों की जॉच खोज               कलेक्टर जशपुर के निर्देश पर चिरायु टीम जिले के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सक्रिय रूप से जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। गंभीर बीमारी या जन्मजात विकृति पाए जाने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी चिरायु के मार्गदर्शन में विकासखंड पत्थलगांव की चिरायु टीम के द्वारा अलग-अलग स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू तथा अन्य शल्य-चिकित्सा योग्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान की गई।  तीनों बच्चों के चेहरे की लौटी मुस्कान, माता-पिता के जीवन में जगी नई उम्मीद          बीमारी की पुष्टि होने पर 3 बच्चों को रायपुर ले जाकर उनका सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। इनमें आंगनबाड़ी केंद्र गौटियापारा, कोतबा में जांच के दौरान 4 वर्षीय समीर खड़िया जन्मजात हृदयरोग से पीड़ित पाए गए। चिरायु टीम ने उन्हें रायपुर भेजकर निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला धनुपारा, मुड़ाबहला में 8 वर्षीय स्तुति तिर्की में जन्मजात हृदयरोग पाया गया, जिनका सफल उपचार कराया गया और आंगनबाड़ी केंद्र कार्राडांड, चिकनीपानी के 01 वर्षीय जॉन्सन टोप्पो के होंठ एवं तालू में विकृति पाए जाने पर उनका भी रायपुर में निःशुल्क ऑपरेशन किया गया। आज तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और उनके मासूम चेहरों की मुस्कान माता-पिता के जीवन में नई उम्मीद और सुकून भर रही है।  जांच के बाद 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर श्रेष्ठ अस्पतालों में कराया जाता है उपचार           परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और चिरायु टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने उनकी पीड़ा को समझकर बच्चों का उपचार निःशुल्क कराकर उन्हें नया जीवन दिया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की जाती है। जांच के बाद 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर आवश्यकता अनुसार बच्चों को देशभर के श्रेष्ठ अस्पतालों में भेजकर उनका उपचार कराया जाता है। बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर के इलाज का पूरा खर्च शासन         राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व चिरायु योजना में शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर समेत 44 की गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल बच्चों  की स्क्रीनिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजता है, जिसके आधार पर बच्चों के इलाज के लिए फंड जारी होता है। ऐसे बच्चे जिनका इलाज निल्क किया जाना है, स्वजन स्वास्थ्य विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।