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ग्वालियर :खोए मोबाइल की उम्मीदें जगाईं पुलिस ने, 736 मोबाइल 1.82 करोड़ की कीमत में लौटाए

ग्वालियर  साल के आखिरी महीने में ग्वालियर पुलिस ने 736 ऐसे लोगों को ऐसा तोहफा दिया, जो हमेशा इस वर्ष की याद दिलाएगा। इन लोगों के गुम हुए मोबाइल पुलिस ने खोज निकाले। इसमें नई तकनीक ने भी पुलिस का साथ दिया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिल सके। जिनके मोबाइल गुम हुए थे, उन्होंने तो वापस मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। लेकिन जब यह मोबाइल दोबारा इनके हाथ में पहुंचा तो मायूस चेहरों पर मुस्कान लौट आई। किसी ने किस्तों पर मोबाइल खरीदा था तो किसी के पिता, भाई, पति ने उपहार में मोबाइल दिया था। किसी के मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा था, जो सुरक्षित मिला। पुलिस का दावा है कि बरामद हुए 736 मोबाइलों की कीमत 1.82 करोड़ रुपये है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के डीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार, साइबर सेल प्रभारी रजनी सिंह रघुवंशी और इनकी टीम ने कड़ी मेहनत की। देश के अलग-अलग राज्यों तक यह मोबाइल पहुंच गए थे, लेकिन जैसे ही मोबाइल चालू हुए तो पुलिस ने संपर्क किया। इसके बाद यह मोबाइल पुलिस तक पहुंचे। रविवार को इन लोगों को पुलिस कंट्रोल रूम में बुलाया गया और मोबाइल लौटाए गए। एसएसपी का कहना है कि मोबाइल ढूंढने में अच्छा काम करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। इन कंपनियों के थे मोबाइल एपल, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रेड-मी, रियलमी, पोको, लावा, गूगल, मोटोरोला, वनप्लस सहित अन्य कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। संचार साथी एप अगर कोई मोबाइल खो जाए तो अपने घर के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल में संचार साथी एप डाउनलोड करें या संचार साथी पोर्टल के जरिये मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट कर सकते हैं। सीईआईआर पोर्टल दूरसंचार विभाग के ही सेंट्रल इलेक्ट्रानिक आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल पर जाकर रिपोर्ट करें, लेकिन इसमें पुलिस रिपोर्ट की अनिवार्यता है, जबकि पुलिस थानों में शिकायत लेने से ही इंकार कर दिया जाता है। यह जरूर संभाल कर रखें     मोबाइल का बिल।     मोबाइल के आईएमईआई नंबर। ये बोले लोग : किस्त पर लिया था मोबाइल     मेरे पति प्लम्बर का काम करते हैं। किस्त पर दो माह पहले ही मोबाइल लिया था। यह मोबाइल गिर गया था। आज वापस मिल गया, हम तो उम्मीद खो चुके थे, यह मोबाइल वापस मिलेगा। – लता कुशवाह। मोबाइल गिर गया था     मैं दिव्यांग हूं। सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर मोबाइल खरीदा था। यह मोबाइल गिर गया। अब वापस मिल गया। पुलिस को धन्यवाद देता हूं। – विनोद सिकरवार। मोबाइल तो मिला ही, डेटा भी मिल गया     मैं जीआरएमसी से एमबीबीएस कर रही हूं। इंदौर से ग्वालियर आ रही थी। तभी बस में मोबाइल गिर गया था। मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा था। मोबाइल तो मिला ही, डेटा भी मिल गया। – पायल सोलंकी।  

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बम धमकी से हड़कंप: तमिलनाडु से आया मेल, इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट

राजगीर बिहार के राजगीर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु से ई-मेल आया है। ई-मेल में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। फैक्ट्री और कार्यलय परिसर में सात बम रखे जाने की बात कही गई। वहीं धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई है। फैक्ट्री की तलाशी ली जा रही है। ई-मेल में पाकिस्तान की आईएसआई, तमिलनाडु की डीएमके पार्टी और चेन्नई के एक धार्मिक स्थल से जुड़े विवादों का जिक्र किया गया है। राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले को साइबर सेल, इंटेलिजेंस विंग और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ साझा किया गया है। वहीं केंद्रीय और और राज्य सुरक्षा एजेंसियां  गहनता से मामले की जांच जुट गई है।  

धर्मेंद्र प्रधान का संदेश: गुलदस्तों की बजाय बच्चों को सेब और पोषण दें, 500 रुपये में खुशियाँ बाँटिए

 भोपाल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने शिक्षा की जन-आंदोलन की बात करते हुए मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों के पोषण को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया और मंच पर मौजूद बीजेपी विधायकों को सख्त नसीहत भी दी.  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषण का अभियान चलाया है, लेकिन यह केवल सरकारी मिशन नहीं हो सकता. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे गुलदस्ते पर खर्च होने वाले 500 या 1000 रुपए को भी फल या पोषण सामग्री पर खर्च करें.  प्रधान ने कहा, ''मुझे स्वागत के दौरान गुलदस्ता भेंट किया जाता है, जिसकी कीमत कम से कम 500 रुपए होती और वह महज 20 सेकंड के लिए ही होता है. फोटो खिंचवाने के लिए गुलदस्ते भेंट किए जाते हैं, जबकि इतने पैसों में 2 किलो सेब आ जाएंगे.'' उन्होंने गुजरात का उदाहरण दिया कि वहां गुलदस्तों की जगह फलों की टोकरी देने की पहल शुरू की गई. केंद्रीय मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के बच्चों की पोषण स्थिति पर चिंता व्यक्त की.  बच्चों के पोषण की बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने मंच पर मौजूद बीजेपी विधायकों रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी को टोकते हुए एक रचनात्मक सुझाव दिया. कहा, ''ये हमारे मित्र रामेश्वर शर्मा बडे़-बडे़ भंडारे करते हैं. हमारे हिंदू नेता हैं. मैं उनसे निवेदन करता हूं कि इस बार रामेश्वर जी की विधानसभा में कम से कम हफ्ते में एक बार एक बच्चे को एक पीस अंजीर, दो काजू और एक बेसन का लड्‌डू मिल जाए. शायद उसके न्यूट्रिशनल इंपैक्ट से कोई अब्दुल कलाम निकल सकता है. ये तो समाज का दायित्व है. प्रधानमंत्री जी ने पोषण का अभियान चलाया है लेकिन ये सरकारी मिशन नहीं हो सकता. सरकार तो कर ही रही है.'' धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ विद्यार्थियों में से 50 लाख बच्चे ऐसे होंगे जिन्होंने 5वीं क्लास तक सेब (Apple) नहीं देखा होगा. देखे होंगे तो बाजार में देखे होंगे, खाने का उनको सौभाग्य नहीं है. अंजीर तो उनकी जिंदगी में शायद 10वीं के बाद आया तो आया, नहीं तो नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि अनेक बच्चों को एक गिलास दूध जब चाहिए तब नहीं मिलता है.''

धान तस्करी पर कसा शिकंजा, बॉर्डर एरिया से 1370 क्विंटल धान बरामद

गरियाबंद छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में धान तस्करी पर लगातार चल रही कार्रवाई है. सीमा का आड़ लेकर धान को एक राज्य से दूसरे राज्य में खपाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लगभग एक महीने में पुलिस की मुस्तैद कार्रवाई ने तस्करों की कमर तोड़ दी है. मगररोडा जांच नाका से महज 500 मीटर दूर पर स्थित ओडिसा चंदाहांडी थाना क्षेत्र के जामलीपारा में ट्रक से धान लाकर डंप किया गया, जिसे पिकअप के जरिए देवभोग इलाके में लाने की तैयारी थी. देवभोग पुलिस ने पुख्ता सूचना पर मौके पर पहुंची तो ट्रक डंप कर भाग चुका था. थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने बताया कि किसी भी स्थानीय ने इस धान को अपना नहीं होना बताया. जिसके बाद चंदाहांडी पुलिस और वहां के फूड इंस्पेक्टर पृथ्वी राज मेहर को सूचना कर पुलिस ने 25 तो राजस्व अमला ने 6 वाहन किए जब्त कर लिया गया. पुलिस के इस संयुक्त कार्रवाई के बाद तस्करों का सीमापार डंपिंगयार्ड बनाने की रणनीति भी ध्वस्त पड़ गई. थाना प्रभारी फैजुल शाह ने कहा कि गैर कानूनी कार्य में सीमाएं बाधा नहीं बनेंगे. कानून अपना काम करना जानती है, पुलिस कप्तान के दिशा निर्देश में सीमावर्ती पुलिस थानों में समन्वय बना कर आगे भी इसी तरह कार्रवाई किया जाएगा. इधर अमलीपदर में भी बीती रात तीन बड़ी कार्रवाई ने बिचौलियों के नींद उड़ा दिया है. थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम ने बताया कि अवैध तस्करी रोकने बनाई टीम को दो ट्रेक्टर और एक मेटाडोर में ओडिसा के रास्ते अवैध धान आने की सूचना मिली थी. सीमा पार के चुके वाहन चालक को भनक लगी तो वापस जाने की आपाधापी में लगा रहा, लेकिन मुस्तैद टिम ने पकड़ लिया. मेश्राम ने बताया कि रात को ही कार्रवाई में 314 पेकेट धान जब्त किया गया है, दो ट्रेक्टर में कूल 110 पैकट शेष मात्रा मेटाडोर में जब्त हुआ है. पुलिस ने 25 तो राजस्व अमला ने 6 वाहन किए जब्त पिछले 27 दिनों में देवभोग पुलिस ने 17 वाहन और डंप मिलाकर 670 क्विंटल धान जब्त किया है.जबकि राजस्व अमला ने 6 वाहनों के साथ 200 क्विंटल धान जब्त किया. अमलीपदर पुलिस ने भी 8 वाहनों में 500 क्विंटल जप्त किया है. इस तरह अब तक 28 वाहन और 1370 क्विंटल धान जप्त किया गया. ओडिसा के इस अवैध धान के एवज में सरकार को लगभग 45 लाख का भुगतान करना पड़ता. कार्रवाई से खरीदी आधी हो गई अंतिम खरीदी तारीख तक देवभोग ब्लॉक के 12 खरीदी केंद्र में 8 हजार क्विंटल की खरीदी हुई थी.जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 16 हजार पार कर गया था. ऐसा ही परिवर्तन गोहरापदर ब्रांच के अधीन आने वाले 9 से ज्यादा सीमावर्ती खरीदी केंद्रों में देखने को मिला है. लगातार वाहनों के धर पकड़ के चलते इस बार कोचियों और सप्लायर में हड़कंप मचा हुआ है. प्रशासन का दबाव आगे भी इसी तरह बना रहा तो सरकार को बोगस खरीदी में होने वाले प्रति वर्ष के करोड़ों का नुकसान, इस बार नहीं होगा. ओडिसा से धान आवक की दो बड़ी वजह 1. स्थानीय उत्पादन तय मात्रा से कम देवभोग तहसील क्षेत्र की औसतन पैदावारी प्रति एकड़ 10 से 12 क्विंटल है. अमलीपदर तहसील क्षेत्र में भी लगभग यही स्थिति.सरकार समर्थन मूल्य में प्रति एकड़ रकबे में 21 क्विंटल खरीदी करती है. ऐसे में खरीदी के लिए प्रावधिक मात्रा और उत्पादन मात्रा के अंतर के लिए किसान ओडिसा की पैदावारी पर निर्भर है.पिछले पांच सालों से ओडिसा के धान पर निर्भरता बढ़ गई है. 2. उड़ीसा की धान खरीदी नीति में झोल झाल दो साल पहले तक ओडिसा में 2300 प्रति क्विंटल में धान खरीदी होती थी.सत्र 2024 से बोनस 800 देना शुरू कर 3100 में खरीदी तय तो किया पर,खरीदी प्रक्रिया मिलर के सहूलियत पर निर्भर होती है.इस साल 28 नवंबर से समर्थन मूल्य खरीदी शुरू कर दिया गया,लेकिन मिलर से अनुबंध नहीं होने के कारण ,धान खरीदी बंद है.कब शुरू होगा,आगे क्या होगा यह बताने वाले भी नहीं.ऐसे में बिचौलिए ओडिसा के किसान के घर घर पहुंच कर 2000 में धान नगद खरीद रही,जिसे 2300 से 2500 रुपए तक में सीजी सीमावर्ती किसान ओडिसा का धान खरीदी करने तैयार हैं.

भोपाल में 3 दिन से शीतलहर, इंदौर में कड़ाके की ठंड ने बनाया नया रिकॉर्ड

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड और कोहरे के चलते कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। भोपाल में लगातार तीसरे दिन शीतलहर चली, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C पारा, लगातार तीसरे दिन शीतलहर राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से ठंड और तेज महसूस हो रही है। इंदौर समेत 4 शहरों में कोल्ड डे आज इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और शहडोल संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति रही। इंदौर का तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 8.4 डिग्री, जबकि जबलपुर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर चल रही है। सुबह से ही लोग ठंड से बचने के जतन करते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही, यहां पारा 9 डिग्री रहा। ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 5.6 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री, रायसेन में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.8 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल-सतना में 8.2 डिग्री, दमोह में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.2 डिग्री, खंडवा-सीधी में 9.4 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने आज भी कोल्ड वेव और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे (ठंडा दिन) की स्थिति है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार-नरसिंहपुर में कोल्ड डे और भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले रविवार को भोपाल-शहडोल में शीतलहर चली। शाजापुर, नरसिंहपुर-बैतूल में कोल्ड डे रहा। इसलिए कड़ाके की ठंड का दौर मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी-बारिश हुई है। यहां से सर्द हवाएं एमपी में आ रही हैं। पिछले 3 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर है। उत्तर से हवाएं सीधे यहां आ रही हैं इसलिए अन्य जिलों की तुलना में यहां सर्दी ज्यादा है। दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं। राज्य के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान     शहडोल (कल्याणपुर) – 4.3°C (MP का सबसे ठंडा स्थान)     पचमढ़ी – 5.4°C     उमरिया – 6.1°C     राजगढ़ – 6.6°C     रीवा – 6.8°C     मलाजखंड – 7.1°C     मंडला – 7.4°C     खजुराहो – 7.8°C     नरसिंहपुर, शिवपुरी, नौगांव – 8°C     छिंदवाड़ा – 8.4°C     रायसेन – 8.6°C     बैतूल – 8.7°C     सतना – 9.3°C     सीधी, दमोह, श्योपुर – 9.4°C  

औद्योगिक सुरक्षा बढ़ाने बिहार में BISF का गठन, CISF मॉडल पर आधारित

पटना   बिहार में उद्योग लगाने वालों को अब सुरक्षा के लिए केंद्र की ओर नहीं देखना पड़ेगा. राज्य सरकार खुद एक ऐसी फोर्स बनाने जा रही है, जो हर बड़े उद्योग और निवेशक के लिए सुरक्षा का पर्सनल बॉडीगार्ड बनकर खड़ी रहेगी. राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करने और उद्योगपतियों के भरोसे को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर बिहार इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (BISF) के गठन की योजना तैयार की जा रही है. प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल का कहना है कि यह फोर्स निवेशकों को समर्पित सुरक्षा देगी और उद्योगों में सुरक्षित माहौल तैयार करेगी. क्यों जरूरी हुई BISF? बिहार में लगातार निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं. सरकार औद्योगिक क्लस्टरों का विस्तार कर रही है और देश-विदेश के निवेशकों को आमंत्रित कर रही है. लेकिन लंबे समय से उद्यमियों की एक आम शिकायत रही है—सुरक्षा. उद्योगपतियों ने कई बार कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थायी और सक्षम व्यवस्था की जरूरत है, ताकि निवेश करते समय किसी जोखिम का डर न रहे. इसी कमी को दूर करने के लिए बीआईएसएफ को नए सुरक्षा मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. यह फोर्स न सिर्फ उद्योग परिसर की सुरक्षा करेगी, बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र की निगरानी भी संभालेगी. कैसी होगी नई BISF फोर्स और कैसे करेगी काम? नई बनाई जाने वाली BISF एक विशेषीकृत सुरक्षा इकाई होगी, जो पूरी तरह उद्योगों की सुरक्षा पर केंद्रित रहेगी. इसमें बिहार पुलिस के चुनिंदा और अनुभवी जवानों को शामिल किया जाएगा. नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी के हाथों में होगा, जबकि डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी इस फोर्स का हिस्सा होंगे. इस फोर्स का मुख्यालय किसी प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित करने की योजना है, ताकि त्वरित कार्रवाई और प्रभावी नियंत्रण संभव हो. बीआईएसएफ की तैनाती मांग पर भी की जा सकेगी. चाहे कोई नया उद्योग लगाया जा रहा हो या पुरानी इकाई ही क्यों न हो. 26,000 करोड़ का नया रोडमैप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हालिया बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि बिहार अब देश के अग्रणी निवेश केंद्रों में जगह बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए 26,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. बैठक की जानकारी एक्स पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग विभाग भारत और विदेश के प्रमुख बिजनेस हब में बड़े स्तर पर निवेशक सम्मेलन आयोजित करेगा. उद्देश्य यह है कि टॉप इंडस्ट्रियल ग्रुप बिहार में यूनिट लगाने के लिए प्रेरित हों. BISF का गठन उसी रणनीति का हिस्सा है, एक ऐसा सुरक्षा ढांचा बनाना, जो निवेशकों को बिना किसी भय के उद्योग स्थापित करने का भरोसा दे. उद्योगपति और निवेशक कैसे होंगे लाभान्वित? BISF गठन के बाद राज्य में एक “इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी इकोसिस्टम” खड़ा होगा. उद्यमियों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी इकाइयों की सुरक्षा के लिए एक समर्पित फोर्स मौजूद है. इससे उद्योग लगाने की इच्छा बढ़ेगी और पुरानी इकाइयां भी विस्तार में दिलचस्पी लेंगी. सुरक्षा की समस्या दूर होने से न सिर्फ बड़े उद्योग आएंगे, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग भी सुरक्षित वातावरण में विकास कर सकेंगे. बिहार का उद्योग पर फोकस राज्य सरकार साफ संदेश दे रही है कि निवेशक बिना डर के आएं, बाकी जिम्मेदारी राज्य संभालेगा, भूमि, सुविधा, सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग. BISF औद्योगिक क्लस्टर और निवेशक सम्मेलनों के जरिए सरकार एक नया औद्योगिक बिहार तैयार करने के मिशन पर है. यह कदम यह भी संकेत देता है कि बिहार अब रोजगार, निवेश और उद्योग के बड़े नक्शे पर अपनी जगह मजबूत करना चाहता है. अगर BISF का मॉडल सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के सबसे तेजी से उभरते औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है.

317 नई महिला कांस्टेबलों ने राजस्थान पुलिस में सेवा की शपथ, भव्य दीक्षांत समारोह सम्पन्न

जयपुर  राजस्थान पुलिस अकादमी में महिला आरक्षी बैच 98 और 99 का भव्य दीक्षांत परेड समारोह आज शानदार माहौल में शुरू हुआ। कार्यक्रम में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। परेड ग्राउंड में जोश, उत्साह और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में कुल 317 महिला कांस्टेबल वतन की सेवा की शपथ ले रही हैं, जिनमें 76 दूरसंचार (टेलीकॉम) कांस्टेबल 241 जनरल ड्यूटी महिला कांस्टेबल आज से आधिकारिक रूप से पुलिस सेवा में शामिल हो रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत डीजीपी के परेड निरीक्षण से हुई। परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई, जिसने समारोह में गर्व और देशभक्ति का माहौल भर दिया। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।समारोह में डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल, RPA निदेशक संजीब कुमार नार्जरी, अतिरिक्त निदेशक शंकर दत्त शर्मा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित हैं। यह दीक्षांत समारोह राजस्थान पुलिस में नारी शक्ति के नए दमखम और नई ऊर्जा का प्रतीक है। महिला शक्ति अब पूरी तैयारी, समर्पण और गर्व के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे बढ़ रही है।

नक्सलियों को बड़ा झटका: रामधेर और 11 साथी सरेंडर, तिहरी राज्यों में कमजोर पड़ा नेटवर्क

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता दर्ज करते हुए CPI (माओवादी) के शीर्ष नेता और केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. यह सरेंडर आज सुबह गांव कुम्ही, थाना बकर कट्टा में किया गया, जहां सभी कैडरों ने हथियार नीचे रखकर पुलिस के सामने खुद को समर्पित किया. इस कदम को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली ढांचे पर निर्णायक प्रहार मान रही हैं, क्योंकि यह पूरा समूह MMC— महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़— स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय हिस्सा था, जो तीन राज्यों के छह जिलों में अपनी पैठ बनाए हुए था. रामधेर मज्जी द्वारा AK-47 के साथ आत्मसमर्पण किए जाने को नक्सली संगठन की सबसे बड़ी टूट मानी जा रही है. उसके साथ DVCM रैंक के चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम ने भी सरेंडर किया, जिनमें से दो के पास AK-47 और इंसास जैसे हथियार मौजूद थे. इनके अलावा ACM स्तर के नक्सली रामसिंह दादा और सुकेश पोट्टम ने भी हथियार डाले, जबकि क्षेत्रीय महिला मिलिशिया (PM) की लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता और सागर ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. समूह के पास AK-47, इंसास, SLR, 303 और 30 कार्बाइन जैसे हथियार बरामद हुए हैं. इस सरेंडर ने MMC स्पेशल जोन को लगभग निष्प्रभावी बना दिया है. इससे पहले MMC जोन के प्रवक्ता अनंत गोंदिया में आत्मसमर्पण कर चुका था, जबकि बीते एक दिन में ही बालाघाट में सुरेंद्र सहित नौ अन्य माओवादी हथियार डाल चुके हैं. लगातार हो रही ये सरेंडर श्रृंखलाएं बताती हैं कि नक्सल संगठन की जमीनी पकड़ तेजी से कमजोर हो रही है और सुरक्षा बलों की रणनीति कारगर साबित हो रही है. सभी 12 माओवादी अब पुलिस कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पूरे ऑपरेशन और नक्सली नेटवर्क से संबंधित विस्तृत खुलासा करने वाली है.

खजुराहो से दो दिन की सरकार, बैठकें और समीक्षा के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार और मंगलवार को खजुराहो में अपने मंत्रिमंडल के साथ रहेंगे। वे यहां कैबिनेट बैठक करेंगे और महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के काम की समीक्षा करेंगे। सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा से शुरुआत होगी। इसके बाद औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, राजस्व, शहरी विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज संसाधन विभागों की समीक्षा की जाएगी। कैबिनेट की अहम बैठक भी होगी मंगलवार को खजुराहो में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। इसी दिन CCIP बैठक भी होगी। मुख्यमंत्री पिछले दो सालों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) के कामकाज की भी समीक्षा करेंगे। मंगलवार को ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के राजनगर में 'लाडली बहना सम्मेलन' में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक 'लाडली बहनों' के खातों में दिसंबर की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वे कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे। ट्रेन में भजन गाकर हुए रवाना खजुराहो रवाना होते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट ने ट्रेन में भजन गाया। आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी। 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू होगा। सीएम डॉ. यादव आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरुआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर को सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी। खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। कल इन विभागों की मीटिंग और कैबिनेट बैठक     नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।     इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन में होंगे शामिल, फॉल विजिट भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे। इन मंत्रियों के विभाग भी होंगे रिव्यू 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग की समीक्षा की जाएगी। दोपहर बाद 4 बजे से 4:45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा। दोपहर बाद 4:45 बजे से 5:30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा। 12:45 बजे से 1:30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

मध्य प्रदेश को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत, 235 करोड़ की लागत से बनेंगे 7 फ्लाईओवर

ग्वालियर  मध्यप्रदेश में नेशनल हाइवे पर मौजूद 7 जानलेवा ब्लैक स्पॉट अब जल्द ही खत्म हो जाएंगे। इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को समाप्त करने के लिए 235 करोड़ रुपए की लागत से सात फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्वालियर और शिवपुरी जिले में ये सात फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं जिनमें से दो का निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से जारी है, जबकि बाकी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है। फ्लाईओवर बनने के बाद आसान और सुरक्षित होगा सफर इन 7 फ्लाईओवर के निर्माण के बाद ग्वालियर और शिवपुरी के करैरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क पर मौजूद सभी ब्लैक स्पॉट समाप्त हो जाएंगे। इससे न केवल यातायात सुरक्षा के स्तर में सुधार होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि माल व यात्रियों के परिवहन की गति बढ़ाने और पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगी। इन सात फ्लाईओवर में से चार ग्वालियर जिले में हैं, जबकि तीन शिवपुरी के करैरा विधानसभा में मंजूर हुए हैं।   सभी 7 फ्लाईओवर का विस्तृत विवरण     सिकरोड़ा तिराहा (ग्वालियर बाईपास): एनएच-44 पर 1873 मीटर लंबाई वाले इस सेक्शन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, इसकी कुल लागत 32.98 करोड़ रुपये है।     तीला रोड कॉलेज तिराहा (करैरा, शिवपुरी-झांसी सेक्शन): एनएच-27 पर 3085 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत 29.88 करोड़ रुपए है।     बिलाऔ तिराहा (ग्वालियर-झांसी सेक्शन): 900 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 33.54 करोड़ प्रस्तावित हैं, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।     कल्याणी चौराहा: यहां 940 मीटर लंबाई की सर्विस रोड 33.76 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।     अर्रू तिराहा: 940 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 39.28 करोड़ रुपए की लागत निर्धारित है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही काम शुरू होगा।     सिलरपुर तिराहा (एनएच-27): 1600 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 40.03 करोड़ रुपए में किया जाना है, जिसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।     मुंगवाली तिराहा (करैरा, एनएच-27): 760 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 25.5 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर 8 दिसंबर तक आमंत्रित किए गए हैं।