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NIA की कार्रवाई: दिल्ली ब्लास्ट केस में बिहार लिंक की जांच, दीवार पर लगा मेटल डिटेक्टर बना जांच का केंद्र

पटना तो क्या अभी हाल ही में दिल्ली में हुए बम धमाके का कनेक्शन बिहार से जुड़ा है? दरअसल बिहार के खगड़िया जिले में अहले सुबह एनआईए की रेड के बाद यह सवाल उठने लगे हैं। पटना की एनआई की टीम ने रविवार की तड़के ज़िले के मानसी थानान्तर्गत सैदपुर गांव में सोमवार की तड़के सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर मो. हादी के घर छापेमारी की। छापेमारी के लिए आधा दर्जन अधिकारियों की टीम तड़के तीन बजे ही पहुंच गई थी। जो लगभग पांच घंटे घर मे लैपटॉप, मोबाइल आदि की जांच की। वही घर की तलाशी ली। जांच से परिजनों में हड़कंप दिखा। टीम ने दीवार में मेटल डिटेक्टर लगाकर या लगाने की भी कोशिश की है कि कोई विस्फोटक पदार्थ घर में छिपा कर रखा गया है या नहीं? जिस समय एनआईए की टीम पहुंची घर के सभी सदस्य सो रहे थे। मुख्य गेट बंद था। एनआईए की टीम में शामिल सुरक्षा बल घर के दरवाजे की दीवार फांदकर पहले अंदर गए। इसके बाद मुख्य गेट खोलकर अधिकारियों की टीम अंदर दाखिल हो गई। घर का दरवाजा खुलवाकर गृह स्वामी को एनआईए की टीम ने अपना परिचय दिया। साथ ही उन्हें यह भी कहा कि चेक कर लें कि मेरे पास कोई आपत्तिजनक सामान तो नहीं है। इसके बाद घर की तलाशी व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगालना शुरू किया गया। जांच के दौरान सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर के पुत्र का एक मोबाइल जब्त कर टीम अपने साथ ले गई। वही मोबाइलधारक उसके पुत्र को 1 दिसंबर को पटना आकर जांच में सहयोग की बात कही। जांच के दौरान सुरक्षा बलों ने घर को चारों तरफ से घेरे रखा। अगल-बगल के लोगों को घर के पास स्थित गली से निकलने पर रोक लगा दिया था। इस जांच को दिल्ली बम ब्लास्ट की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। इधर मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि एनआईए की टीम द्वारा छापेमारी की गई है। आपको बता दें कि लाल किले के पास एक कार में 10 नवंबर को हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी जबकि कई अन्य घायल हुए थे।  

बाबरी विध्वंस दिवस पर ‘शौर्य दिवस’ मनाने का निर्देश वापस, मंत्री ने अचानक क्यों रोका आदेश?

जयपुर राजस्थान शिक्षा विभाग ने हाल ही में 6 दिसंबर को 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाने का एक आदेश जारी किया था। 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी की तारीख है। यह आदेश शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर दिया गया था। इसमें सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 6 दिसंबर को छात्रों और कर्मचारियों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रवाद, वीरता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया था। इन कार्यक्रमों में राम मंदिर आंदोलन और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिताएं, देशभक्ति गीत, और योग शामिल थे। हालांकि आदेश जारी होने के 12 घंटे के अंदर अब इसे रद्द कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश वापस लेने का कारण यह बताया कि राज्य के स्कूलों में 5 और 6 दिसंबर के आसपास परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण परीक्षा अवधि के दौरान कोई अतिरिक्त गतिविधि या कार्यक्रम आयोजित करना संभव नहीं है। इसलिए, 'शौर्य दिवस' के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।  

पुरानी बसों पर बड़ी कार्रवाई: इंदौर में 73 परमिट निरस्त, 62 की जांच प्रक्रिया में

 इंदौर  प्रदेश में 15 साल पुरानी खटारा बसों को हटाया जाना है। इसकी के तहत इंदौर संभाग में 135 यात्री बसों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेज कैरिज परमिट निरस्त किए जा रहे है। इसमें से 73 बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए, वहीं 62 बसों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा की गई जांच में पाया गया कि ये बसें निर्धारित शर्तों के विपरीत पुराने माडल के साथ विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही थी। 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी इंदौर संभाग के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे ने इंदौर संभाग के विभिन्न रूटों पर चलने वाली 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी किए। यह सभी बसें 15 साल पुरानी थी और संभाग के अलग-अलग जिलों में संचालित हो रही थी। इन सभी बसों को स्थाई परमिट जारी किए गए थे, जो 2026-27 तक जारी रहने थे। परमिट निरस्त करने से पहले परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर नए मॉडल की बसें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी निर्धारित समय में 135 बस ऑपरेटरों ने नई बसों की सूची नहीं सौंपी। गौरतलब है कि परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रदेशभर में स्टेज कैरिज परमिट पर 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसे नहीं चलाने के निर्देश जारी किए थे। 156 बसों की मिली थी सूची परिवहन मुख्यालय ने इंदौर संभाग में 15 साल पुरानी 156 बसों की सूची सौंपी थी। इन बसों के पास पांच साल के स्थाई परमिट थे, लेकिन तय समय अवधि से पुरानी होने से इनको नोटिस जारी किए गए। वहीं नई बसों की सूची मांगी गई थी, लेकिन इसमें 21 संचालकों ने ही नई सूची विभाग को सौंपी, अन्य की सूची नहीं आने से सभी के परमिट निरस्त कर दिए गए। 21 साल बाद फिर चलेगी सरकारी बसें प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बसें फिर से सड़क पर उतरने जा रही हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत नई कंपनी यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बसों का संचालन करेगी। इसकी शुरुआत अप्रैल 2026 में इंदौर से होगी। रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच कॉन्ट्रेक्ट मऑडल पर बसें चलाई जाएंगी। नई योजना में सिर्फ अद्यतन मॉडल की बसों को प्राथमिकता मिलेगी ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सके।  

दिल्ली-NCR जैसे हालात राजस्थान में भी, हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज

जयपुर प्रदेश में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है और हालात अब खतरनाक श्रेणी में पहुंच गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स गंभीर स्तर पर दर्ज किया गया। भिवाड़ी में AQI 369 दर्ज किया गया, जो हवा में अत्यधिक प्रदूषण का संकेत है। राजधानी जयपुर में भी हवा की गुणवत्ता खतरनाक मोड़ पर पहुंचकर 233 तक दर्ज हुई। वहीं श्रीगंगानगर, नागौर, जालौर और कोटा जैसे शहर भी ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ कैटेगरी में रहे। राजस्थान के प्रमुख शहरों का AQI इस प्रकार रहा : टोंक- 227, भिवाड़ी- 369 कोटा- 271 डूंगरपुर- 254 जयपुर- 233 जालौर- 237 नागौर- 222 चुरू- 225 बीकानेर- 226 झुंझुनूं- 221 जोधपुर- 217 राजसमंद- 213 झालावाड़- 205 पाली- 204 उदयपुर- 202 गंगानगर- 191 मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने और हवाओं की रफ्तार कम होने से प्रदूषण फैलने के बजाय नीचे ही जमा हो रहा है। इसलिए फिलहाल राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रदेश में श्वास संबंधी बीमारियों, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर जैसी परिस्थिति राजस्थान में भी बनने का खतरा दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें, बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित जगहों से दूर रखें, घर में एयर प्यूरीफायर या पौधों का इस्तेमाल करें। राजस्थान में हवा की सेहत बिगड़ती जा रही है और यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

पंजाब में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नए आदेश लागू, सरकार ने बढ़ाई सख्ती

पटियाला  पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने पटियाला जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी की जांच करवाई जाए और आरओ लगवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर में राशन वितरण प्रक्रिया, मिड–डे मील योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले सामान और भोजन की भंडारण प्रणाली की समीक्षा करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने सरकारी स्कूल, स्कूल ऑफ एमिनेंस, मंडौर का दौरा कर बच्चों के पीने के पानी का टीडीएस जांचा और इसकी मात्रा 609, जो कि काफी अधिक पाई गई, के कारण तुरंत आरओ और वॉटर फिल्टर लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मिड–डे मील की भी जांच की और संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिया कि मिड–डे मील बनाने वाले रसोइया सिर ढककर और हाथ धोकर ही भोजन तैयार करें और उनकी चिकित्सा जांच भी अनिवार्य रूप से करवाई जाए। पहले की गई बैठक के दौरान जसवीर सिंह सेखों ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मिड–डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले भोजन और सामग्री की नियमित जांच के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डी.एफ.एस.सी. को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन डिपो के बाहर पंजाब राज्य खाद्य आयोग की शिकायत और हेल्पलाइन नंबर 98767-64545 तथा संपर्क विवरण साफ–साफ लिखे जाएं, ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे आयोग तक पहुंचा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में स्मार्ट राशन कार्ड की ई–केवाईसी सुनिश्चित करने के साथ–साथ नए राशन कार्ड बनाने का काम भी किया जाए ताकि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।   जसवीर सिंह सेखों ने पोषण संबंधी दिशा–निर्देशों की सख्ती से पालना करने के निर्देश देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों सहित सभी को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि जिन मामलों में दूसरा बच्चा लड़की है, ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करें, ताकि लाभार्थी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन में पौष्टिक सलाद का शामिल होना अनिवार्य है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय–समय पर भोजन के नमूनों की जांच भी की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूलों में जहां भी आवश्यकता हो, अतिरिक्त कमरे बनाए जाएं और ऐसे बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रवासी भारतीयों का सहयोग भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों और मौके पर की जाने वाली जांच भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी स्तर पर अधिनियम का उल्लंघन न हो सके। बैठक के दौरान इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान, डीएफएससी डॉ. रविंदर कौर, सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप गिल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) शालू मेहरा, डीईओ (सेकेंडरी) संजीव कुमार, उप–डीईओ रविंदर पाल सिंह और हेडमास्टर जगमीत सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बिहार विधानसभा क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा, 5 दिनों तक धारा 163 प्रभावी

पटना पटना सदर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने गुरुवार को शीतकालीन से पहले बिहार विधानसभा के आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत रोक लगा दी। 18वीं बिहार विधानसभा का पहला सेशन 1 से 5 दिसंबर तक चलेगा। ऑर्डर में, SDM गौरव कुमार ने कहा, "मुझे भरोसा है कि पांच दिन के सेशन के दौरान सेक्रेटेरिएट पुलिस स्टेशन की सीमा में आने वाले विधानसभा परिसर और उसके आसपास कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए BNSS की धारा 163 को लागू करना जरूरी है।" एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि यह ऑर्डर "अलग-अलग ऑर्गनाइज़ेशन, ग्रुप और पॉलिटिकल पार्टियों के प्रदर्शनों, रैलियों और प्रोटेस्ट की संभावना" को देखते हुए जारी किया गया था, जो "ऑफिशियल कार्रवाई में रुकावट डाल सकते हैं" या सेशन के दौरान शामिल होने या काम करने वाले ऑथराइज़्ड लोगों को "बाधा डाल सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं"। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा ऑर्डर के मुताबिक, रिस्ट्रिक्टेड ज़ोन की उत्तरी सीमा पटना ज़ू के गेट नंबर 1 से नेहरू पथ और कोटवाली टी-पॉइंट होते हुए विश्वेश्वरैया भवन तक के हिस्से को कवर करती है। दक्षिण में, आर-ब्लॉक गोलंबर से रेलवे लाइन तक पाबंदियां लागू रहेंगी। पूर्वी तरफ, कोटवाली टी-पॉइंट से बुद्ध मार्ग तक का इलाका जो पटना GPO गोलंबर की ओर जाता है, रिस्ट्रिक्टेड किया गया है, जबकि पश्चिमी तरफ-चितकोहरा गोलंबर से वेटनरी कॉलेज तक-रोकथाम के ऑर्डर के तहत रहेगा। ऑर्डर में पांच या उससे ज़्यादा लोगों के गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, रैलियों, प्रोटेस्ट, धरने, घेराव, और हथियार, गोला-बारूद, एक्सप्लोसिव या धारदार हथियार, जिसमें कुल्हाड़ी, खंजर, भाले और चाकू शामिल हैं, ले जाने पर रोक है। बिना पहले से इजाजत के लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।  

हरियाणा में खुशखबरी! इन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर मुहर, जल्द जारी होगा आदेश

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को लेकर अच्छी खबर आ रही है। वित्त विभाग के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी द्वारा अलग- अलग लेटर जारी किए गए हैं जिनमें बताया गया है कि जिन सीनियर कर्मचारियों को अपने कनिष्ठ (जूनियर) से कम वेतन मिल रहा है, उन्हें वेतन बढ़ोतरी की सौगात मिलेगी। यदि जूनियर कर्मचारी को किसी व्यक्तिगत कारण से ज्यादा वेतन प्राप्त हो रहा है, तो वरिष्ठ कर्मचारी के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।  प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन तथा एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) को कनिष्ठ कर्मचारियों के समान स्टेपिंग- अप (वेतन में बढ़ोतरी) करने तथा वित्तीय शक्तियां री- डेलीगेट करने को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीनियर कर्मचारी का वेतन जूनियर कर्मचारी के बराबर तभी स्टेपिंग- अप किया जा सकता है, जब सीनियर कर्मचारी एचसीएस (एसीपी) नियम-2016 के तहत एसीपी के पात्र हों। 

यात्रा पर निकलने से पहले सावधान! रेलवे ने 7 दिसंबर तक जारी किया बड़ा अपडेट

जालंधर  रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और राजस्व संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंडल में 7 दिसम्बर तक स्पैशल टिकट चैकिंग ड्राइव शुरू की गई है। डी.आर.एम. संजीव कुमार की अध्यक्षता में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान यात्रियों को जागरूक भी करेगा। इसी अभियान के पहले दिन जालंधर सिटी, जालंधर कैंट, ब्यास सहित मंडल के विभिन्न स्टेशनों, विभिन्न ट्रेनों में चैकिंग टीमों ने व्यापक जांच की। सहायक वाणिज्य प्रबंधक कुमार की अगुवाई में गठित टीमों ने जांच के दौरान 1494 यात्रियों को बिना टिकट/अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़ा। इन यात्रियों से रेलवे प्रशासन ने लगभग 10 लाख रुपए का जुर्माना वसूला, जिसे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। डी.आर.एम. संजीव कुमार ने कहा कि बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू हुआ है। इस अवधि में विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में आकस्मिक जांच कर ऐसे यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है जो बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं या नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की चैकिंग ड्राइव अत्यंत आवश्यक है। ऐसे अभियानों से न केवल रेलवे का राजस्व सुरक्षित रहता है, बल्कि यात्रियों में जागरूकता भी बढ़ती है। कई बार बिना टिकट यात्रा के कारण भीड़ बढ़ती है और वैध टिकटधारी यात्रियों को कोच में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस दौरान रेलवे द्वारा यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है।   एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर इस ड्राइव के दौरान बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई होगी व अनियमित टिकट बनवाकर यात्रा करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इसी के अन्तर्गत एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर होगी। अधिकारियों ने बताया कि टिकट किस कोटे से बनाया गया? क्या टिकट किसी तत्काल एजैंट के माध्यम से जारी किया गया? क्या वरिष्ठ नागरिक कोटे या अन्य कोटे का दुरुपयोग हुआ? इन सभी पहलुओं की जांच विशेष टीमों द्वारा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी यात्री यदि गलत तरीके से कोटा का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

ई-अटेंडेंस अनिवार्य, वरना वेतन नहीं! ग्वालियर DEO ने किया कड़ा निर्देश, शिक्षकों में तनाव

 ग्वालियर  अब शिक्षकों की मनमानी नहीं चलेगी, ग्वालियर में जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने साफ कर दिया है कि नवंबर महीने का वेतन केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर ही जारी होगा। एक भी दिन ई-अटेंडेंस मिस हुई तो उतने दिन का वेतन कट जाएगा। DEO ने सभी डीपीसी, बीईओ, संकुल प्राचार्यों और स्कूल प्रधानाचार्यों को सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि नवंबर 2025 का वेतन पूरी तरह ई-अटेंडेंस के आधार पर ही दिया जाएगा। जितने दिन शिक्षक ने पोर्टल पर ई-अटेंडेंस लगाई होगी, उतने दिन का ही वेतन जारी होगा। जिन शिक्षकों ने पूरे महीने ई-अटेंडेंस नहीं लगाई, उनका वेतन आंशिक या पूरी तरह रोक दिया जाएगा। आदेश में स्पष्ट लिखा है कि  कोई भी छुट्टी (CL/EL/ML) हो या ड्यूटी, बिना ई-अटेंडेंस के मान्य नहीं होगी। संकुल प्राचार्य और बीईओ रोजाना मॉनिटरिंग करेंगे। लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शिक्षकों में हड़कंप आदेश जारी होते ही जिले भर के शिक्षक कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कई शिक्षक जो अब तक मोबाइल ऐप या पोर्टल पर अटेंडेंस लगाना टालते थे, अब परेशान हैं। सोशल मीडिया पर शिक्षक ग्रुप में एक ही बात चर्चा में है, “अब तो रोज सुबह 10 बजे से पहले अटेंडेंस लगानी ही पड़ेगी वरना पगार कट जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक स्कूल में उपस्थित हों, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। ई-अटेंडेंस से पारदर्शिता आएगी और अनुपस्थित शिक्षकों पर लगाम लगेगी। कोई ढील नहीं बरती जाएगी।”यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है। अब देखना यह है कि दिसंबर की सैलरी आने तक कितने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 100% हो पाती है!

जबलपुर : SIR के दौरान BLOs की सराहना, जताई गई प्रशंसा और शानदार पुरस्कारों का मज़ा

 रीवा/जबलपुर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में मिसाल पेश करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) इन दिनों जिला प्रशासन की अनूठी पुरस्कार योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. टारगेट को तय समय सीमा से पहले पूरा करने वाले 'सुपर बीएलओ' को टाइगर सफारी, मूवी टिकट और यहां तक कि हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसे शानदार इनाम मिल रहे हैं. मध्य प्रदेश के जबलपुर की स्नेहलता पटेल अपने अधीन सभी बूथों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा करने वाली जिले की पहली बीएलओ सुपरवाइजर बनीं. उन्होंने  समय से पहले पनागर विधानसभा क्षेत्र के 7 हजार 706 वोटर्स फॉर्म अपलोड कर सभी को चौंका दिया.  जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार, स्नेहलता पटेल को पुरस्कार स्वरूप पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा (जॉय राइड) कराई गई. ऐसे ही अन्य बीएलओ को नकद पुरस्कार के साथ उनके तनाव को कम करने के लिए मूवी टिकट भी प्रशासन दे रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से जाय राइड इसी पहल का हिस्सा है। उन्होंने इस सम्मान के लिए कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और सभी बीएलओ को निष्ठा एवं लगन से कार्य करने का संदेश दिया। स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा के बूथ क्रमांक 52 से 61 तक कुल 10 बूथों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का दायित्व सौंपा गया था। उनके अधीन 7,706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन मंगलवार को पूरा कर लिया गया था। 73.34 फीसदी गणना पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 73.34 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 है। इनमें से अभी तक 14 लाख 12 हजार 151 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पाटन विधानसभा में 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शुक्रवार की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार 86.50 प्रतिशत गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ पाटन विधानसभा जिले की आठो विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 85.04 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 84.20 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। 78.10 फीसदी के साथ पनागर चौथे, 67.41 फीसदी के साथ उत्तर पांचवें एवं 61.81 फीसदी के साथ कैंट छठे स्थान पर है। वहीं पश्चिम में 59.94 और पूर्व में 59.94 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हुआ है।