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वायु गुणवत्ता बनाए रखने 30 नवम्बर तक करें कार्य-योजना प्रस्तुत : मुख्य सचिव जैन

राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की हुई बैठक प्रदूषण रोकने के लिए जन-जागरूकता पर भी जोर भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के प्रमुख 7 नगरों में उच्च वायु गुणवत्ता स्तर बनाए रखने के लिए मौजूद समय के साथ ही दीर्घकालीन कार्ययोजना 30 नवम्बर तक प्रस्तुत करने के निर्देश पर्यावरण संरक्षण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। मंत्रालय में बुधवार को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में वन और पर्यावरण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास, गृह, औद्यागिक निवेश एवं प्रोत्साहन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, परिवहन आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वी.सी के माध्यम से भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर तथा देवास के कलेक्टर, एस पी, और नगर निगम के आयुक्त भी सम्मिलित हुए। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि राष्ट्रीय क्लीन एयर प्रोग्राम के मापदंडो के अनुरूप दिल्ली जैसे महानगरों में प्रदूषण के स्तर को कम कर वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किए जाने वाले उपायों को केंद्र में रखकर प्रमुख विभागों का एक एक्सपर्ट ग्रुप बनाएं और लघु तथा दीर्घ कालीन कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने पराली जलाने की घटनाओं को भविष्य में भी रोकने के प्लान के अलावा वाहनों, निर्माण कार्यों और कचरे आदि में आग लगाने जैसी प्रवृत्तियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पृथक-पृथक एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों की धूल रोकने के लिए उनकी मरम्मत आदि करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दें। गुणवत्ता विहीन सड़कों के निर्माण के लिए अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। वायु गुणवत्ता मानक 100 के नीचे लाएं मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि जिन शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर ठीक नहीं है, उनका पूरा ध्यान वायु गुणवत्ता को औसत मानक 100 से नीचे होना चाहिए। नगर निगम ध्यान दें कि कचरा जलाने पर शत-प्रतिशत रोक हो, निर्माण कार्यों से धूल न उठे और सड़कों का सुधार और पुन:निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने अलाव-तंदूर जैसे कारकों को इलेक्ट्रिक किया जाए। धूल वाले स्थानों पर नियमित रूप से जल के छिड़काव करने के साथ ही पी.यू.सी प्राप्त वाहनों का संचालन के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए। निर्माण कार्यों के प्रदूषण को रोकें मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि नागरिकों के निवास आदि के निर्माण के साथ ही अन्य बड़े निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नेट लगाने के साथ ही जल के नियमित छिड़काव आदि को सुनिश्चित करें। निर्माण के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए अलग-अलग प्रभावी मापदंड-कार्ययोजना में शामिल किये जाएँ। जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा बनाएं मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी विभागों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि वे जन-जागरूकता के लिए व्यापक कार्य-योजना बनाएं जिसमें उद्योग, परिवहन जैसे संघों के साथ ही समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो। उन्होंने औद्योगिक नीति एवं निवेश के प्रमुख सचिव से कहा कि वे विभिन्न औद्योगिक संगठनों से चर्चा कर प्रदूषण रोकने के उपायों के साथ ही सी.एस.आर फंड से नगरीय निकायों को उपकरण और आवश्यक मशीन उपलब्ध कराने में समन्वय करें।  

प्रशासनिक फेरबदल: जालंधर नगर निगम में दो अधिकारियों की हुई महत्वपूर्ण तैनाती

जालंधर जालंधर नगर निगम में कमिश्नर संदीप ऋषि ने दो अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का आदेश जारी किया है। इस बदलाव के तहत, एक अफसर को मेयर वनीत धीर का पर्सनल असिस्टेंट (PA) नियुक्त किया गया है, जबकि दूसरे अफसर से बिल्डिंग इंस्पेक्टर का अतिरिक्त चार्ज वापस ले लिया गया है। वरुण कुमार से वापस लिया गया बिल्डिंग इंस्पेक्टर का कार्य जालंधर नगर निगम के ड्राफ्ट्समैन वरुण कुमार को पहले बिल्डिंग इंस्पेक्टर का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया था। लेकिन अब कमिश्नर संदीप ऋषि ने उन्हें केवल ड्राफ्ट्समैन के रूप में कार्य करने का आदेश दिया है। बिल्डिंग इंस्पेक्टर का अतिरिक्त कार्य अब उनसे हटा लिया गया है। दर्शन भगत को मेयर का पीए नियुक्त किया गया इसके अलावा, सुपरिंटेंडेंट दर्शन भगत को मेयर वनीत धीर का पर्सनल असिस्टेंट (PA) नियुक्त किया गया है। दर्शन भगत अब मेयर के निजी सहायक के रूप में कार्य करेंगे और उनके प्रशासनिक कार्यों को संभालेंगे। 

कुशवाहा की पार्टी में भूचाल: बेटे को मंत्री बनाए जाने के विरोध में चार नेताओं का इस्तीफा

पटना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। चारों ने पत्र लिखकर रालोमो की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ, प्रदेश महासचिव सह लखीसराय जिला संगठन प्रभारी प्रमोद यादव, प्रदेश महासचिव सह नालंदा जिला संगठन प्रभारी राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया और प्रदेश प्रवक्ता सह प्रदेश महासचिव राहुल कुमार शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने इस्तीफा देते हुए कहा कि मैं पिछले 9 वर्ष से उपेंद्र कुशवाहा के साथ काम कर रहा हूं लेकिन अब कई राजनीतिक और सांगठनिक निर्णय से अपने को जोर नहीं पा रहा हूं। ऐसी स्थिति में अब काम करना संभव नहीं रह गया है। इसलिए पार्टी की अपनी जिम्मेदारी और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देना ही मैं उचित समझता हूं। वही रालोमो के प्रदेश महासचिव सह लखीसराय जिला संगठन प्रभारी प्रमोद यादव ने कहा कि मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने कारण बताते हुए कहा कि बिहार चुनाव में पार्टी द्वारा शेखपुरा विधानसभा के लिए मजबूत दावेदारी पेश नहीं किया गया। इतना ही नहीं बिना कारण बताए ही पार्टी के शेखपुरा जिला कमेटी को भंग कर दिया गया। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।   योग्य विधायक रहने के बावजूद बेटे को मंत्री बनाया प्रमोद यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में योग्य विधायक रहने के बावजूद उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे को बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई यह गलत है और मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष के फैसले से असहमत हूं। वहीं रालोमो के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार ने कहा कि पिछले 9 साल से मैं उपेंद्र कुशवाहा के साथ हूं। लेकिन अब पार्टी के निर्णय में अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा हूं ऐसी स्थिति में काम करना संभव नहीं है इसलिए पार्टी की अपनी जिम्मेदारी और प्राथमिक सदस्यता से अब मैं त्यागपत्र दे रहा हूं। सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ बयान बर्दाश्त नहीं प्रदेश महासचिव सा नालंदा जिला संगठन प्रभारी राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया ने कहा कि मैं भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। पहला कारण यह है कि बिहार चुनाव में शेखपुरा विधानसभा के लिए मजबूत दावेदारी पेश नहीं की गई। दूसरा कारण यह है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने 24 नवंबर को सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार पर आरोप लगाकर मक्खी उड़ाने जैसा अभद्र बयान दिया था। उनके खिलाफ कोई भी बयान दे, यह मुझे बर्दाश्त नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इन कार्यों से मैं असहमत हूं। इसलिए मैंने अब पार्टी दी।

अब इन परिवारों को भी मिलेगा फायदा: घर की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये मंज़ूर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने बीपीएल परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब इस योजना के तहत सभी पात्र बीपीएल परिवारों को मकान की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पहले यह लाभ केवल अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों तक सीमित था, लेकिन अब इसे सभी श्रेणियों के बीपीएल परिवारों तक विस्तारित कर दिया गया है। उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल के अनुसार, सरकार ने न केवल लाभार्थियों का दायरा बढ़ाया है बल्कि सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये कर दिया है। यह कदम उन परिवारों की मदद करेगा, जिनके मकान 10 वर्ष से ज्यादा पुराने हैं और मरम्मत की आवश्यकता है। लाभ पाने के लिए जरूरी निर्देश योजना के नियमों के अनुसार, आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसका नाम बीपीएल सूची में दर्ज होना चाहिए। साथ ही आवेदक का घर स्वयं का होना और कम से कम 10 साल पुराना होना अनिवार्य है। योजना अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग से जुड़े बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता देती है, जिनके लिए जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।   ऐसे करें एप्लाई इसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी सरल रखी गई है। आवेदक को सबसे पहले हरियाणा एससीबीसी पोर्टल से आवेदन फार्म डाउनलोड कर उसे भरना होगा, जिसे बाद में सरपंच या पार्षद से सत्यापित करवाना है। निर्धारित दस्तावेजों के साथ यह फार्म नजदीकी सीएससी सेंटर से ऑनलाइन करवाना होगा। इसके बाद आवेदन को जिला अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में जमा किया जाएगा। स्कीम के लिए जरूरी दस्तावेज जरूरी दस्तावेजों में परिवार आईडी, बीपीएल राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, मकान की फोटो, बिजली/पानी बिल या रजिस्ट्री की प्रति और मरम्मत खर्च का अनुमान शामिल है। सरकार का यह प्रयास आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिक्षा का उद्देश्य है समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू के 7वें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल 16 शोधार्थियों को प्रदान की पी.एच.डी. उपाधि भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। आप सभी युवाओं को डॉ. अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को याद दिलाया और बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने का आहवान किया। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के 7वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय संविधान के शिल्पकार और युग पुरुष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। राज्यपाल श्री पटेल ने संविधान दिवस के अवसर पर उपस्थितजनों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के सामाजिक न्याय के दूत हैं। सामाजिक न्याय , समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों का आजीवन अनुसरण करें। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान में लगायें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का हमेशा सम्मान करें। माता-पिता के संघर्ष, त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखें। उनकी सेवा पुण्य का कार्य है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि है। इस पावन धरा पर स्थित विश्वविद्यालय , सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवा शक्ति को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर शोध और उनके व्यावहारिक समाधान प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की सराहना की। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध और अध्ययन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। उपाधियाँ प्राप्तकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की 'स्मारिका' का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री रामलाल अत्राम ने दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को दीक्षांत शपथ दिलाई। समारोह के सारस्वत अतिथि डॉ. रविंद्र कन्हेरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आभार कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने माना। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि,  विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय के सदस्य, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया का स्वागत किया।  

CGPSC SSE 2025: 238 पदों के लिए आवेदन शुरू, जानें CMO, डिप्टी कलेक्टर और पुलिस सेवा की मुख्य जानकारियाँ

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने 2025 की राज्य सेवा भर्ती परीक्षा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 238 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के लिए सबसे अधिक 29 पद हैं, जबकि राज्य पुलिस सेवा में 28 पद और डिप्टी कलेक्टर के लिए 14 पदों की भर्ती होगी। परीक्षा पैटर्न और सिलेबस में कोई बदलाव नहीं CGPSC ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष भी परीक्षा पुराने पैटर्न के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की संरचना पिछली बार की तरह रहेगी, और सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के लिए चार साल बाद वैकेंसी मुख्य नगर पालिका अधिकारी पदों के लिए भर्ती पिछली बार 2020 में हुई थी, तब कुल 6 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। 2019 में नियमों में बदलाव के बाद यह पद राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से भरा जाता है। इस बार चार साल बाद फिर से CMO के पदों पर भर्ती हो रही है। कौन कर सकता है आवेदन ? उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। आयु 21 से 30 साल के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को छूट मिलेगी। कब से कब तक कर सकेंगे आवेदन ? प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन 1 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकते हैं। इस बार भी केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, डाक या पेपर आधारित आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। आयोग ने उम्मीदवारों को आवेदन में सुधार की सुविधा भी प्रदान की है, जिसमें सुधार प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा।     आवेदन शुरू: 1 दिसंबर 2025     आवेदन की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025 (रात 11:59 बजे तक) आवेदन में किसी प्रकार की गलती होने पर उम्मीदवार 3 जनवरी से 7 जनवरी 2026 के बीच संशोधन कर सकेंगे। 22 फरवरी को होगी प्रारंभिक परिक्षा प्रीलिम्स परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में होगी – पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। जबकि मुख्य परिक्षा 16, 17, 18 और 19 मई 2026 को निर्धारित की गई हैं। आवेदन और परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट psc.cg.gov.in पर देख सकते हैं।

‘विश्व रंग’ टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 का रवीन्द्र भवन में भव्य शुभारंभ आज

भोपाल  रवीन्द्र भवन, भोपाल में गुरुवार को ‘टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव – विश्व रंग’ का भव्य शुभारंभ हो रहा है, जो चार दिनों तक संस्कृति, साहित्य, कला, संगीत और विचारों का अनूठा समागम होगा। इस बार विश्व रंग का सातवाँ संस्करण 40 देशों के प्रतिनिधियों, 1000 से अधिक प्रतिभागियों और 90 विशिष्ट सत्रों के साथ और भी व्यापक और बहुआयामी स्वरूप में प्रस्तुत हो रहा है। उद्घाटन अवसर पर म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल, मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और आरएनटीयू के कुलाधिपति एवं विश्व रंग निदेशक श्री संतोष चौबे की गरिमामयी उपस्थिति होगी।   कार्यक्रम का आगाज सुबह 12 बजे शोभा यात्रा एवं प्रदर्शनी उद्घाटन से होगा। इस दौरान असमिया एवं मालवी लोकनृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। शाम के उद्घाटन सत्र के दौरान विश्वरंग मानद अंलकरण प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद सांस्कृतिक सत्र का आयोजन होगा जिसमें दिल्ली के श्रीराम केंद्र के कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका – कृष्णा की प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में मप्र के माननीय मुख्य मंत्री श्री मोहन यादव जी उपस्थित होंगे।   विश्वरंग के अतंर्गत वनमाली पत्रिका एवं रंग संवाद प्रदर्शनियों; ऋषि-वैज्ञानिक प्रदर्शनी; गिरमिटिया : संघर्ष, स्मृति और स्वाभिमान की गाथा; 100 वर्षों की समाचार – पत्र हेडलाइन आधारित ऐतिहासिक प्रदर्शनी; गोंड पेटिंग प्रदर्शनी; भील पेंटिंग प्रदर्शनी ; टैगोर राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी ; टैगोर बाल चित्रकला प्रदर्शनी ; मानव संग्रहालय फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार को किया जाएगा।   पारंपरिक भारतीय व्यंजनों की सुगंध से सजे स्टॉल भी फूड फेस्टिवल के तहत आम जनमानस के लिए ओपन होंगे। इसमें प्रमुख रूप से गुजराती, उड़िया, निमाड़ी एवं अन्य भारतीय पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल शामिल होंगे।

कार्यक्रम में अफरा-तफरी के बीच आरक्षक की मौत, पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में दुखद घटना

भानुप्रतापपुर भानुप्रतापपुर के ग्राम कच्चे में बुधवार को पं प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में ड्यूटी पर लगे आरक्षक की मौत हो गई है. मृतक जवान का नाम त्रिनाथ भंडारी पिता सुदेसिंह भंडारी (उम्र 26 वर्ष) है. वह जवान बस्तर फाइटर में साल 2023 से पदस्थ था. फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. जानकारी के मुताबिक, भानुप्रतापपुर में आयोजित प्रदीप मिश्रा शिव पुराण कथा कार्यक्रम में जवान त्रिनाथ की सुरक्षा व्यवस्था में डयूटी लगी थी. वह नारायणपुर जिले के सोनपुर का निवासी था. भीरा गांव स्थित सीएएफ कैंप में मंगलवार रात विश्राम कर रहा था. सुबह निर्धारित समय पर नहीं उठने पर उसके साथियों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर तत्काल उसे भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भानुप्रतापपुर पुलिस ने मामले की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है. परिजनों के भानुप्रतापपुर पंहुचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया. परिजनों के अनुसार जवान पहले से अस्वस्थ चल रहा था, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा.

भ्रष्टाचार पर सीबीआई का प्रहार: जयपुर ITAT में जज-वकील घूसकांड का खुलासा

जयपुर ₹1 करोड़ से अधिक कैश ज़ब्त, हवाला नेटवर्क से सेट किए जा रहे थे टैक्स अपील्स; संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ जयपुर। देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जयपुर में बड़े भ्रष्टाचार सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) की न्यायिक सदस्य समेत एक वरिष्ठ वकील को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस आपराधिक नेटवर्क पर की गई है, जो कथित तौर पर लंबित टैक्स अपीलों को घूस लेकर सेट कर रहा था। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में एक एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया, ITAT की न्यायिक सदस्य डॉ. एस. सीतालक्ष्मी, एक सहायक रजिस्ट्रार और अन्य अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों के शामिल होने का खुलासा हुआ है। यह पूरा गिरोह appellants (अपीलकर्ताओं) के पक्ष में फैसले दिलवाने के लिए रिश्वत ले रहा था। घूसखोरी, गिरफ्तारी और ताबड़तोड़ छापेः सीबीआई ने 25 नवंबर, 2025 को इस संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके साथ ही ITAT के एक एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया को 5.50 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत कथित तौर पर अपीलकर्ता ने हवाला नेटवर्क के माध्यम से दी थी। इसी कड़ी में ऑपरेशन के अगले ही दिन बुधवार को ITAT जयपुर की न्यायिक सदस्य डॉ. एस. सीतालक्ष्मी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी सरकारी कार से 30 लाख रुपए की संदिग्ध नकदी बरामद हुई। रिश्वत देने वाले अपीलकर्ता मुजम्मल को भी बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई की मल्टीपल टीमों ने जयपुर, कोटा और अन्य स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इन छापों के दौरान ₹1 करोड़ से अधिक की नकद राशि, लेन-देन के विवरण, संपत्ति के दस्तावेज़ और अन्य अपराध सिद्ध करने वाले दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं, जो एक संगठित सिंडिकेट के अस्तित्व की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि इस गिरोह में उच्च पदस्थ सरकारी कर्मचारी शामिल थे, जो न्यायिक प्रक्रिया को पैसे के दम पर रौंदने का प्रयास कर रहे थे। बड़ी मछलियां कौन-कौन ? जांच जारी सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि सहायक रजिस्ट्रार और अन्य अज्ञात लोक सेवकों की भूमिका की जांच की जा रही है। छापे और आगे की कार्रवाई अभी भी जारी है। यह गिरफ्तारी न्यायिक और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला सकती है, क्योंकि यह मामला देश के महत्वपूर्ण टैक्स अपीलीय फोरम में उच्च-स्तरीय भ्रष्टाचार को उजागर करता है। सीबीआई का यह 'क्लीन स्वीप' ऑपरेशन दिखाता है कि वह भ्रष्टाचार की जड़ों को खोदने के लिए प्रतिबद्ध है।