samacharsecretary.com

अमायरा सुसाइड केस में चौंकाने वाली रिपोर्ट: 45 मिनट तक होती रही गुहार, CBSE की जांच में खुली लापरवाही

जयपुर  जयपुर और दिल्ली में हाल की घटनाओं ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जयपुर में 9 साल की छात्रा अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। वहीं, दिल्ली में दसवीं कक्षा के छात्र शौर्य पाटिल ने मेट्रो स्टेशन से छलांग लगाकर आत्महत्या की। इन दोनों घटनाओं की साझा वजह यह रही कि बच्चों की बार-बार की गई शिकायतों और मानसिक तनाव के संकेतों को स्कूल प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जयपुर में अमायरा की घटना CBSE की जांच समिति ने पाया कि अमायरा ने करीब 45 मिनट तक किए जाने की जानकारी दी, लेकिन स्कूल ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्कूल प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया, ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षा जाल नहीं लगाए और घटना स्थल पर फोरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ भी हुई।   जांच में सामने आए महत्वपूर्ण बिंदु:     एंटी-बुलिंग कमिटी ने शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की।     बाल सुरक्षा और POCSO नियमों का पालन नहीं हुआ।     मानसिक तनाव के संकेत मिलने के बावजूद काउंसलिंग नहीं कराई गई।     स्कूल में स्टाफ की अनुपस्थिति और अवैध फ्लोर संरचना ने खतरे को बढ़ाया। अमायरा के माता-पिता ने स्कूल की एफिलिएशन रद्द करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली में शौर्य पाटिल की मौत दिल्ली के शौर्य पाटिल मानसिक रूप से तनाव में थे और टीचर्स के लगातार अपमान का सामना कर रहे थे। उनके क्लासमेट्स ने उनकी परेशानियों को स्कूल काउंसलर तक पहुंचाया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। घटना वाले दिन शौर्य को स्कूल में डांटा गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। उनके पिता प्रदीप पाटिल ने बताया कि स्कूल ने केवल घटना के बाद मदद का आश्वासन दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर सबक     बच्चों की छोटी-छोटी बातें अनसुनी नहीं करनी चाहिए।     स्कूलों में नियमित काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ मॉनिटरिंग अनिवार्य हो।     एंटी-बुलिंग नीतियों और सुरक्षा नियमों का पालन कड़ाई से होना चाहिए।     टीचर्स और अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि बच्चों की भावनाओं और शिकायतों की अनदेखी सिर्फ संवेदनहीनता नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।

केंद्रीय कमेटी का बयान: हिड़मा की मौत को ‘फर्जी मुठभेड़’ बताया, 23 को विरोध कार्यक्रम

जगदलपुर बस्तर के सबसे चर्चित नक्सली कमांडर मांडवी हिड़मा की मौत अब एक नए विवाद में बदल गई है। नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को ‘फर्जी मुठभेड़’ बताते हुए 23 नवंबर को देशव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है। अभय का दावा है कि हिड़मा इलाज के लिए विजयवाड़ा गया था, जहां उसे पकड़कर सरेंडर कराने की कोशिश की गई। सुरक्षा बल हिड़मा को जीवित सरेंडर कराना चाहते थे, लेकिन असफल होने पर उसे और उसके साथ मौजूद 6 अन्य नक्सलियों को मार दिया गया। नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी का कहना है कि हिड़मा की मौत सिर्फ एक ऑपरेशन का हिस्सा नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की एक बड़ी रणनीति है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने पुलिस पर मानवाधिकार उल्लंघन के भी आरोप लगाए हैं और जनता से ‘विरोध दिवस’ में शामिल होने की अपील की है। आरोप पूरी तरह राजनीतिक और भ्रम फैलाने वाला : सुरक्षा एजेंसी दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक और भ्रम फैलाने वाला बता रही है। हिड़मा की मौत के बाद बस्तर में पहले ही सुरक्षा हाई अलर्ट पर है। अब प्रतिरोध दिवस की घोषणा के बाद संवेदनशील जिलों सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। नक्सली नेतृत्व इस घटना को संगठन के विरुद्ध ‘हमला’ बताते हुए अपनी रणनीति को नए सिरे से गढ़ने की बात कह रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जिस ऑपरेशन में हिड़मा ढेर हुआ, वह पूरी तरह वैधानिक और प्रमाणिक कार्रवाई थी।

प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री "छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

लखनऊ की मेहमाननवाज़ी के साथ वैश्विक मंच पर ‘ग्रीन और क्लीन जम्बूरी’ का अभिनव आयोजन

लखनऊ,  "विकसित युवा, विकसित भारत" की थीम के साथ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 23 से 29 नवम्बर 2025 तक एक ऐतिहासिक आयोजन की मेज़बानी के लिए तैयार है। अपनी तहज़ीब और शानदार मेहमाननवाज़ी के लिए मशहूर यह शहर, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी के भव्य हीरक जयंती समारोह का गवाह बनेगा। डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में आयोजित इस वैश्विक मंच पर देश-विदेश से 30,000 से अधिक स्काउट्स एंड गाइड्स कैडेट्स एक साथ आएंगे। लखनऊ की संस्कृति और आतिथ्य सत्कार की विरासत इन हजारों युवाओं को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगी। यह आयोजन न केवल युवाओं की ऊर्जा और अनुशासन का उत्सव होगा, बल्कि भारत के विकास, नवाचार और सांस्कृतिक गौरव का भी जीवंत प्रतीक बनेगा। पहली बार आयोजित हो रहे ड्रोन शो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब, और ग्लोबल विलेज के रूप में स्थापित यह मिनी सिटी इसे एक आधुनिक रूप देंगी। कैडेट्स लखनऊ के मशहूर खानपान के साथ बनारस, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के मशहूर पकवानों के स्वाद का आनंद ले सकेंगे । करीब 32,000 भारतीय और 1500 विदेशी प्रतिभागी इस जम्बूरी में शामिल होंगे। 300 एकड़ में फैले इस आयोजन स्थल पर 3,500 से अधिक टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 स्नानघर और 100 से अधिक रसोई की व्यवस्था की गई है। 30,000 दर्शकों की क्षमता वाला विशाल स्टेडियम, 12 प्रवेश द्वार, अत्याधुनिक एलईडी स्क्रीन और जर्मन हैंगर से सुसज्जित वीवीआईपी गैलरी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रूप देती है। सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष, फायर स्टेशन, 100-बेड का अस्पताल और 16 डिस्पेंसरी उपलब्ध होंगी। साथ ही, ओवरसीज़ कैफेटेरिया, प्रशासनिक कार्यालय, कॉन्फ्रेंस हॉल और प्रदर्शनी क्षेत्र प्रतिभागियों को वैश्विक अनुभव प्रदान करेंगे। जम्बूरी में प्रदर्शनी और नवाचार का विशेष आकर्षण होगा। ग्लोबल विलेज, आर्मी प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, यूपी का ओडीओपी (ODOP) एक्सपो, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रदर्शनी जैसी पहल युवाओं को प्रेरित करेंगी। इसके अलावा, पहली बार आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब स्थापित किया जा रहा है, जहाँ युवा नेतृत्व, नवाचार और डिजिटल इंडिया की झलक पाएंगे। युवाओं के लिए रोमांच और मनोरंजन की भरपूर गतिविधियाँ होंगी। हाई रोप एडवेंचर, स्काई साइकिल, ज़िपलाइन, वॉल क्लाइम्बिंग, कमांडो ब्रिज, आर्चरी, शूटिंग, ज़ॉर्बिंग और सेल्फी पॉइंट्स जैसी गतिविधियाँ न केवल अनुशासन और टीमवर्क सिखाएंगी बल्कि मनोरंजन और आत्मविश्वास भी बढ़ाएंगी। इस बार जम्बूरी को ग्रीन और क्लीन जम्बूरी का रूप दिया गया है। प्लास्टिक और गीले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, ई-कार्ट्स, ग्रीन वॉरियर्स प्रोग्राम और ग्रीन प्लेज वॉल जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगी। यह आयोजन सतत विकास की दिशा में एक प्रेरक कदम होगा। पहली बार कई विशेष पहल भी की जा रही हैं। दो दिवसीय ड्रोन शो 75 वर्षों की स्काउटिंग यात्रा को रोशनी और अनुशासन की कहानी में बदल देगा। RFID स्मार्ट आईडी कार्ड प्रतिभागियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। व्हाट्सएप नेटवर्क सभी प्रतिभागियों को रियल-टाइम अपडेट और सूचना उपलब्ध कराएगा। ई-मैगज़ीन "युवाम्बरी" पेपरलेस और पर्यावरण-अनुकूल संचार की दिशा में कदम है। साथ ही, स्किल वर्कशॉप्स एआई, टेक्नोलॉजी और नेतृत्व पर आधारित प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेंगे। पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी निगरानी उन्नत कैमरों से सुरक्षा का पुख्ता इंतज़ाम करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी प्रतिभागियों के लिए भोजन व्यय की प्रतिपूर्ति की घोषणा की है, जिससे यह आयोजन और भी समावेशी और प्रेरणादायी बन गया है। 19वाँ राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि “विकसित युवा – विकसित भारत” के संकल्प का जीवंत रूप है। यह मंच युवाओं को आत्मनिर्भरता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ते हुए भारत को एक नई दिशा देगा।

मैनेजर की हरकतों से चर्चा में आया सतना का क्राइस्ट ज्योति स्कूल

सतना  जिले में कई शैक्षणिक संस्थाओं में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के आचरण पर इन दिनों गंभीर सवालिया निशान उठ रहे हैं या यूं कहें कि अब लोग मुखर होकर इस पर उंगली उठाने लगे हैं।जिले के सबसे बड़े कॉलेज के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोपों का मामला तूल। पकड़ने के बाद अब उच्च स्तरीय जांच तक पहुंच गया है वहीं अब ऐसा ही एक वाक्या जिले के एक बड़े मिशनरी स्कूल क्राइस्ट ज्योति हायर सेकंडरी स्कूल में सामने आ रहा है जहां स्कूल के नए मैनेजर अनिल वी.जे की हरकतों से स्कूल में माहौल खराब हो रहा है। एक तरफ जहां महिला शिक्षकों के स्टाफ रूम में कैमरे लगा कर उसकी मॉनिटरिंग मैनेजर द्वारा स्वयं अपने रूम से की जाती है जिस पर लगातार महिला शिक्षक अपना विरोध दर्ज करवा रही हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं।महिला शिक्षकों की निजता पर हमला का यह अत्यंत गंभीर मामला है।क्राइस्ट ज्योति स्कूल सतना जिले की एक अत्यंत सम्मानजनक संस्था और तमाम संभ्रांत परिवारों के बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं।इस स्कूल में पूर्व में पदस्थ रहे  सभी प्रिंसिपलों और मैनेजरों का स्वभाव बहुत अच्छा रहा है और स्कूल का वातावरण सदैव छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहद अनुकूल रहा है लेकिन जब से इन नए मैनेजर अनिल वी.जे ने स्कूल में बतौर मैनेजर कमान संभाली है तब से स्थितियां अच्छी नहीं हैं। मैनेजर का प्रिंसिपल के कार्य और कमरे में जरूरत से ज्यादा दखल स्कूल प्रबंधन की दृष्टि से प्रिंसिपल के अतिरिक्त मैनेजर का पद है।दोनों पदों के लोग आपसी सामंजस्य कर अलग अलग  कमरों में बैठते थे लेकिन जबसे अनिल वी.जे ने मैनेजर का पदभार संभाला है ,वो ज्यादातर समय अपने कमरे की जगह प्रिंसिपल कक्ष में ही पाए जाते हैं।एक नन सिस्टर प्रिंसिपल की निजता इनकी कार्यशैली के चलते अनावश्यक सवालों में है।प्रिंसिपल कक्ष में प्रिंसिपल के बगल में मैनेजर की कुर्सी क्राइस्ट ज्योति स्कूल के इतिहास में पहली बार लगी है जो अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रही है।मामले की सत्यता के लिए स्कूल के हर कोने में लगे सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त बिन कही बातों की गवाही दे सकते हैं लेकिन दुर्भाग्य से उन सभी कैमरों की निगरानी उसी व्यक्ति द्वारा की जाती है जिस पर तमाम गंभीर आरोप लग रहे हैं। प्रोफिशिएंसी टेस्ट के नाम पर  शिक्षकों और शिक्षिकाओं को किया जा रहा है टारगेट   मैनेजर अनिल वी.जे ने प्रोफिशिएंसी टेस्ट के नाम पर स्कूल के पुराने शिक्षकों और खास तौर पर  शिक्षिकाओं को टारगेट करने का एक नया शिगूफा छोड़ा है।जानकार बताते हैं कि ये पूरी कवायद शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाने की है। मैनेजर अनिल वी.जे के पूर्व में इस स्कूल में पदस्थ रहे किसी भी मैनेजर पर ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगे हैं।अगर जल्द ही क्राइस्ट ज्योति स्कूल प्रबंधन ने अनिल वी.जे की हरकतों पर लगाम नहीं लगाई तो वो दिन दूर नहीं जब क्राइस्ट ज्योति स्कूल अपनी शिक्षा से ज्यादा इनकी हरकतों और अराजकता के लिए जाना जाएगा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 के सफल प्रतिभागियों को बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता  से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

साय सरकार की बड़ी पहल: धर्मांतरण रोकने को विधानसभा में आएगा विधेयक

रायपुर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार आ रही धर्मांतरण की खबरों के बीच साय सरकार आखिरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि दिसंबर महीने में आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार धर्मांतरण पर कानून लाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में नक्सली कमांडर हिडमा की मौत पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पोस्ट पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो आज यह कह रहे हैं, वे ताड़मेटला के शहीद जवानों पर क्यों कुछ नहीं कहते. बस्तर में आठ महीने के बच्चे को मार दिया गया, उस पर क्यों नहीं कहते. झीरम में शीर्ष नेतृत्व को समाप्त कर दिया गया, उस पर क्यों कुछ नहीं कहते. ऐसा कहने वाले लोगों शर्म आना चाहिए. ऐसे लोगों को हाथ जोड़कर नक्सल प्रभावित परिवारों से माफी मांगना चाहिए. विजय शर्मा ने इस महीने में दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह अच्छा है. भाग्य का विषय है. प्रधानमंत्री ने राज्योत्सव के लिए समय दिया. प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट मार्गदर्शन मिल रहा है. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का दौरा हो चुका है. छत्तीसगढ़ के शासन-प्रशासन को प्रमोशन मिलता है. वहीं डीजीपी कॉन्फ्रेंस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह हर वर्ष होता है. नवाचार की सभी को जानकारी हो. नवाचार के आधार पर पुलिसिंग मजबूत करे. इसे लेकर डीजीपी कॉन्फ्रेंस हो रही है.

HTET में पास उम्मीदवार अचानक कैसे बढ़े? चेयरमैन के जवाब से खुली जांच की मांग

हरियाणा  10 अक्तूबर को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था। इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद 1284 अभ्यर्थी कैसे बढ़ गए? जब परीक्षार्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था तो इनकी संख्या करीब 46,094 थी लेकिन जब 10 नवंबर को परिणाम जारी हुआ तो इनकी संख्या 47,378 हो गई। बोर्ड चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों को हल्के डार्क बिंदु के कारण बेनिफिट ऑफ डाउट मिले तो पास होने वालों की संख्या बढ़ी है। परिणाम में देरी का कारण चौथी फर्म से ऑडिट और बोर्ड सचिव का तबादला रहा। पहले चरण की वैरिफिकेशन में काफी डाउन थे। पहली फर्म ने 40 हजार ओएमआर सीट को दोबारा स्केन किया। सीसीटीवी कैमरा, फेसिंग, बायोमेट्रिक पर संशय हुआ। जिस कारण चौथी फर्म से ऑडिट करवाना पड़ा। चौथी फर्म पी सेक्टर यूनिट से थी। बता दें कि जो पहले वेरिफिकेशन के लिए करीब 46 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, उनमें से करीब 40 हजार ही पहुंचे। जो रह गए, उन्हें ही बुलाया गया था। जो नए पास हुए है, उनके लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी की जाएगी, उसके बाद उन्हें जांच के लिए बुलाया जाएगा।

डॉ. मीनेष शाह, चेयरमेन, एनडीडीबी ने भोपाल दुग्ध संघ संयंत्र का किया दौरा

भोपाल राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने भोपाल दुग्ध संघ संयंत्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर के अध्यक्ष, एनडीडीबी ने एनडीडीबी तथा एमपीसीडीएफ के बीच हुए सहकार्यता अनुबंध के बाद अप्रैल, 2025 से वर्तमान तक भोपाल दुग्ध संघ की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्यों के अनुरूप दुग्ध संकलन एवं नवीन दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा दुग्ध संघ की विभिन्न योजनाओं के द्वारा दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य के अतिरिक्त अन्य लाभ देने पर भी जोर दिया, जिससे कि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ हो सके और सहकारी ढांचा मजबूत हो सके। इस अवसर पर डॉ. संजय गोवाणी, प्रबंध निदेशक, एमपीसीडीएफ , श्री प्रीतेश जोशी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, भोपाल सहकारी दुग्ध संघ सहित एमपीसीडीएफ और भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के अधिकारीगण उपस्थित रहे। दूध का दूध पानी का पानी अभियान को सराहा डॉ. शाह ने दुग्ध संघ द्वारा विपणन गतिविधियों के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘‘दूध का दूध, पानी का पानी अभियान’’ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के नवाचारों से उपभोक्ताओं में सांची ब्राण्ड (सांची डेयरी) के प्रति विश्वसनीयता बढी है। डॉ. शाह ने दुग्ध संघ मुख्य गेट पर निर्माणाधीन सांची पार्लर का भी निरीक्षण किया। उन्होने भोपाल डेयरी संयंत्र में चल रहे निर्माणाधीन डेयरी परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों के प्रसंकरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा डेयरी संयंत्र के आधारभूत ढांचे में विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही डेयरी संयंत्र परिसर में नवीन आइसक्रीम संयंत्र की स्थापना के लिए सुझाव भी दिए, जिससे उपभोक्ताओं को आइसक्रीम सुगमता से उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव से भी की मुलाकात डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, एनडीडीबी ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन से मुलाकात कर अप्रैल 2025 से एनडीडीबी द्वारा संचालित डच्ब्क्थ् ैंदबीप क्ंपतल तथा उससे संबद्ध दुग्ध संघों की प्रमुख गतिविधियों एवं प्रगति से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने राज्य में डेयरी सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याण हेतु एनडीडीबी के प्रयासों की सराहना करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पहलों के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में एनडीडीबी के कार्यपालक निदेशक श्री एस. रघुपति, डच्ब्क्थ् के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय गोवानी तथा संबंधित दुग्ध संघों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

लखनऊ में 10 दिवसीय खादी महोत्सव, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल, हस्तशिल्प और स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोंद्योग मंत्री राकेश सचान ने शुक्रवार को  केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमतीनगर, लखनऊ में 10 दिवसीय ‘खादी महोत्सव-2025’ का भव्य उद्घाटन किया। मंत्री सचान ने फीता काटकर तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 160 से अधिक उद्यमियों एवं इकाइयों द्वारा स्थापित स्टॉल में खादी एवं ग्रामोद्योग से निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। खादी को गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा कहा था। विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी वस्त्र के रूप में खादी ने आजादी के आंदोलन में पूरे देश को एकजुट किया था। आज वही खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुकी है। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि खादी महात्मा गांधी के स्वावलंबन के विचार से जुड़ी हुई है और आज प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता, स्वदेशी, स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भर भारत के अभियान के अंतर्गत खादी पुनः राष्ट्रीय पहचान की शान बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में खादी एवं ग्रामोद्योगी प्रदर्शनियों का आयोजन कर ग्रामीण उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले वर्ष आयोजित कुल 20 प्रदर्शनियों में 2000 से अधिक इकाइयों की भागीदारी रही और 44.38 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गयी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मंत्री सचान ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्तमान में 3,90,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 में 66,640 युवाओं को टूलकिट प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। दोना मेकिंग मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और विद्युत चालित चाक जैसे उपकरण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार एवं चयनित लाभार्थियों को विभिन्न टूलकिट वितरित कर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने कहा कि खादी अब आधुनिक डिजाइनों और तकनीकों के माध्यम से युवाओं की पहली पसंद बन रही है। फैशन शो एवं निफ्ट जैसी संस्थाओं की सहभागिता से खादी को नया स्वरूप मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट के माध्यम से खादी उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जिससे कारीगरों को अधिक आय और पहचान मिल रही है। उनका कहना था कि बेहतर गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास लगातार मजबूत रहे। कार्यक्रम में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री राकेश सचान ने चयनित लाभार्थियों एवं उद्यमियों को पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। राज्य स्तरीय उत्कृष्ट इकाइयों के रूप में मेरठ के दीपक कुमार को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 40,000 रुपये, गोण्डा की ममता को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 30,000 रुपये तथा हाथरस के संजय सिंह को तृतीय पुरस्कार स्वरूप 20,000 रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया।