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टेक्सटाइल फैक्ट्री में लगी भारी आग से मचा हड़कंप, पानीपत के बलाना में दमकल की छह गाड़ियाँ तैनात

पानीपत पानीपत के इसराना क्षेत्र के बलाना गांव में शुक्रवार सुबह एक टेक्सटाइल यूनिट में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लंबे समय तक आग बुझाने का प्रयास करती रहीं। CRG Cotex Private Limited नाम की टेक्सटाइल यूनिट में सुबह अचानक आग भड़क उठी। आग ने कुछ ही समय में फैक्ट्री में रखे कच्चे माल और तैयार प्रोडक्ट को अपनी गिरफ्त में ले लिया। फैक्ट्री में मौजूद मजदूर जान बचाने के लिए तुरंत बाहर भागे और फायर विभाग को सूचना दी।   सूचना मिलने के बाद छह फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। फायर सेफ्टी ऑफिसर गुरमेल सिंह के अनुसार, दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने में जुटे रहे। घटना में फैक्ट्री की इमारत को भी काफी नुकसान हुआ है। स्थिति नियंत्रण में लाने का प्रयास जारी समाचार लिखे जाने तक फायर फाइटर्स आग पर काबू पाने की कोशिश में लगे हुए थे। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग के कारण भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, आबू में पारा 1 डिग्री दर्ज

जयपुर उत्तर भारत से चल रही सर्द हवाओं का असर अब राजस्थान में धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके चलते सीकर, चूरू, झुंझुनूं और माउंट आबू सहित कई शहरों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिल स्टेशन माउंट आबू में गुरुवार को तापमान जमाव बिंदु से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, आसमान साफ रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में 6.2, फतेहपुर में 6.1, सिरोही में 7.2, सीकर में 7.5, अलवर में 9.5, उदयपुर में 9.2, चित्तौड़गढ़ और चूरू में 9, बारां व करौली में 9.9, जालोर में 8, जयपुर में 12.3, अजमेर में 10.8, वनस्थली (टोंक) में 10.3, बाड़मेर व जैसलमेर में 13.8, जोधपुर में 10.9, बीकानेर में 12.8 और गंगानगर में 11.7°C दर्ज किया गया। सीकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं से राहत महसूस की गई। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव सर्द हवाओं के कमजोर होने से कई जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। चित्तौड़गढ़, कोटा, अलवर और जालोर में दिन का तापमान करीब 1 डिग्री बढ़ा, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में गिरावट रही।सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.5°C रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और बीकानेर में 31.2, जोधपुर में 31, फलोदी में 29.2, जालौर में 30.2, नागौर में 29.7, चूरू और चित्तौड़गढ़ में 29.4, अलवर में 28.8 और जयपुर में 27.5°C दर्ज हुआ। सिरोही 23.6°C के साथ सबसे ठंडा रहा। अगले दो सप्ताह मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर तक दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि रात का तापमान सामान्य से 2–3 डिग्री कम रह सकता है। पूरे प्रदेश में अगले दो हफ्तों तक आसमान साफ रहेगा और दिन के समय तेज धूप मिलेगी।  

ओंकारेश्वर में पीएम हेली पर्यटन सेवा शुरू, सांसद पाटिल और विधायक पटेल ने यात्रियों का स्वागत किया

ओंकारेश्वर में पीएम हेली पर्यटन सेवा का हुआ शुभारंभ सांसद  पाटिल एवं विधायक  पटेल ने उज्जैन से ओंकारेश्वर पहुंचे यात्रियों का किया स्वागत ओंकारेश्वर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और पर्यटकों को त्वरित, सुगम और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर भोपाल से “पीएम हेली पर्यटन सेवा” का शुभारंभ किया था। इसके तहत ओंकारेश्वर में शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से उज्जैन से 5 तीर्थ यात्रियों का आगमन खण्डवा के ग्राम कोठी के हेलीपैड पर हुआ। खंडवा सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल और मांधाता विधायक  नारायण पटेल ने हेलीकॉप्टर से आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। हेलीकॉप्टर से आए 5 तीर्थ यात्रियों ने ओंकारेश्वर मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। "पीएम हेली पर्यटन सेवा" के शुभारंभ अवसर पर सांसद  पाटिल ने कहा कि आज का दिन खंडवा जिले और ओंकारेश्वर के नागरिकों के लिए गौरव का दिन है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत 11 वर्षों में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। देश के 12 ज्योतिर्लिंग को टूरिस्ट सर्किट और हवाई यात्रा सुविधा से जोड़ा गया है। इस सुविधा के प्रारंभ होने से तीर्थ यात्री कम समय में ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो यात्री समय के अभाव में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पाते थे, वे हेलीकॉप्टर सेवा से ओंकारेश्वर और उज्जैन आकर मध्यप्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ओंकारेश्वर में विकास कार्य लगातार जारी हैं। ओंकारेश्वर में एकात्म धाम विकसित हो रहा है, नर्मदा किनारे घाटों का सौंदर्यीकरण का कार्य लगातार जारी है। सिंहस्थ-2028 प्रारंभ होने से पहले ओंकारेश्वर फोरलेन सड़क से तो जुड़ ही जाएगा, साथ ही ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन भी शीघ्र ही प्रारंभ होगा, जिससे रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने पीएम हेली पर्यटन सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। विधायक  पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर समुदाय और हर वर्ग के लिए विकास योजनाएं प्रारंभ की हैं। ओंकारेश्वर अब हवाई मार्ग से भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवा के राउंड बढ़ाए जाएंगे, जिससे अधिक यात्री इस सुविधा का लाभ ले सकें। विधायक  पटेल ने कहा कि ओंकारेश्वर में विकास कार्यों के लगातार होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे स्थानीय व्यवसायियों की आय भी बढ़ रही है। अपर कलेक्टर मती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने इस अवसर पर बताया कि इस नई सुविधा से पर्यटकों को कम समय में अधिक गंतव्यों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग तक की यात्रा अब मात्र 20 से 40 मिनट में संभव होगी। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5500 रूपये रखा गया है। पीएम हेली पर्यटन सेवा का लाभ लेकर श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।  

एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान अच्छे व्यक्तियों को सदैव मिलता है सम्मान : राज्यपाल  पटेल एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल से मिले प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि  हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है। राज्यपाल श्री पटेल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है। राज्यपाल के समक्ष प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुश्री कविता यादव और श्री निशांत भूरिया ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आभार प्रदर्शन सह-प्रशिक्षण संचालक सुश्री रुचि जैन ने किया। राज्यपाल को अकादमी संचालक ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।      

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

हेमंत सरकार पर अजय साह का हमला: स्कूली बच्चों की योजनाओं में भी लूटखसोट

रांची झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साह ने आज यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड में चौतरफा लूट खसोट मचा हुआ है। यह सरकार स्कूली बच्चों को भी लूट रही है। साह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग और एमकेएस एंटरप्राइज़ के गठजोड़ के चलते आधार कार्ड निर्माण से जुड़ा लगभग 75 करोड़ रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। साह ने बताया कि मार्च 2023 में स्कूली बच्चों के नए आधार एनरोलमेंट और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जेईपीसी-जो शिक्षा विभाग के अधीन कार्य करता है-द्वारा एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी किया गया, जिसमें एमकेएस एंटरप्राइज को नियुक्त किया गया। साह ने कहा कि टेंडर की मूल प्रति, एजेंसी को जारी वर्क ऑडर्र, जेईपीसी निदेशक के तीन आधिकारिक पत्र और आरटीआई से प्राप्त सूचनाएं स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि छात्रों से आधार एनरोलमेंट या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जानी थी। प्रति छात्र 50 रुपये का भुगतान भारत सरकार द्वारा जेपीईसी को किया जाना था, जिसे आगे एजेंसी को दिया जाना था, लेकिन इसके विपरीत, अजय साह ने डिजिटल लेन-देन के दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि जेपीईसी के संरक्षण में एमकेएस एंटरप्राइज ने पिछले दो वर्षों में स्कूलों में व्यापक अवैध वसूली की। उन्होंने बताया कि 250 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर्स में प्रतिदिन औसतन 2,000 रुपये की उगाही होती रही और इसी आधार पर करीब 36 करोड़ रुपये छात्रों से गैरकानूनी रूप से वसूले गए। इतना ही नहीं, आधार एनरोलमेंट के नाम पर केंद्र सरकार से भी लगभग इतनी ही राशि ली गई। इसके अलावा एजेंसी ने राज्यभर के लगभग 500 'आधार सुपरवाइज़र' से ‘सिक्योरिटी मनी' के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की और वसूली की। इन सभी आंकड़ों को जोड़ने पर घोटाले की कुल राशि लगभग 75 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। साह ने आरोप लगाया है कि जेईपीसी और एजेंसी की मिलीभगत सिर्फ अवैध वसूली तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधार सुपरवाइजर का खुला शोषण भी हुआ। नौकरी देने के नाम पर पहले 50-50 हजार रुपये वसूले गए और जब सुपरवाइजर ने अपनी बकाया सैलरी की मांग की तो उन पर उल्टा लाखों रुपये का जुर्माना थोपकर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि एमकेएस एंटरप्राइज़ बिहार और बंगाल में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने की गतिविधियों में शामिल है और इसकी गहन जांच आवश्यक है। इसके अलावा यह मामला करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच अपरिहार्य है। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, जेईपीसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच और एमकेएस एंटरप्राइज को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार उपस्थित थे।  

जन सुराज के लिए जीवन समर्पित: प्रशांत किशोर ने घर सहित सारी संपत्ति दान की, बोले– कमाई का 90% भी दूंगा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में 238 सीटें लड़कर जीरो पर आउट हुई जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए दिल्ली का एक घर छोड़कर सारी संपत्ति पार्टी को दान करने का ऐलान कर दिया है। प्रशांत ने इसके साथ ही अगले पांच साल तक सलाह देने के बदले होने वाली कमाई का 90 फीसदी हिस्सा भी जन सुराज को डोनेट करने की घोषणा की है। पार्टी की हार के लिए चंपारण के गांधी आश्रम में 24 घंटे का प्रायश्चित उपवास तोड़ने के बाद पीके ने 15 जनवरी से बिहार में नए सिरे से पार्टी का अभियान शुरू करने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जन सुराजी एक-एक वार्ड में जाएंगे और सरकार के वादों पर अमल करवाएंगे। प्रशांत ने कहा कि पार्टी महिलाओं का फॉर्म भरवाएगी, ताकि उनको 10 हजार रुपये मिले या बाद में मिलने वाला 2 लाख रुपया भी सरकार दे। प्रशांत ने कहा कि महिलाओं को 10 हजार देने वक्त कोई शर्त नहीं रखा गया लेकिन 2 लाख देने के नाम पर अफसर शर्त बताएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की जो शर्त जारी की है, उस शर्त के मुताबिक बिहार की डेढ़ करोड़ महिलाओं से फॉर्म भरवाकर जमा कराना जन सुराज के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के 1 लाख 18 हजार वार्ड में जाकर फॉर्म भरवाएंगे और जमा करवाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो 2 लाख रुपया मिले या उनको सबक मिले कि भविष्य में गलती से वोट बेचना नहीं है। प्रशांत किशोर ने पार्टी को आगे चलाने के लिए संसाधन और पैसों की जरूरत पर चर्चा की और कहा कि 20 साल में उन्होंने जो भी कमाया है, दिल्ली का एक घर परिवार के लिए छोड़कर सारी चल-अचल संपत्ति वो जन सुराज पार्टी को दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल तक जो भी वो कमाएंगे, उसका कम से कम 90 परसेंट पार्टी को डोनेट करेंगे। उन्होंने जन सुराज को साल में कम से कम 1000 रुपये दान करने की अपील आम लोगों से की है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वो सिर्फ उनसे मिलेंगे, जो जन सुराज को कम से कम 1000 रुपये का दान देंगे। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष का समय शुरू हो रहा है।  

ग्लैमरस रॉयल वेडिंग: जेनिफर लोपेज और बीबर जमाएंगे रंग, बॉलीवुड से लेकर जूनियर ट्रम्प तक VIP मेहमान होंगे शामिल

उदयपुर लेकसिटी उदयपुर में होने वाली रॉयल वेडिंग के लिए सिटी पैलेस के माणक चौक को जगमग रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। इस रॉयल वेडिंग में हॉलीवुड सेंसेशन जेनिफर लोपेज और फेमस सिंगर जस्टिन बीबर भी शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि शादी में इनकी एक परफॉर्मेंस रखी गई है। हालांकि इनके ट्रिप और प्रोग्राम की डिटेल्स पूरी तरह सीक्रेट रखी गई है। पिछोला झील के बीच बने जग मंदिर आइसजेंड पैलेस में 23 नवंबर को अमेरिकी अरबपति बिजनेसमैन रामा राजू मंटेना की बेटी नेत्रा मंटेना और अमेरिकी मूल के दूल्हे वामसी गडिराजू की शादी के लिए 21 से 24 नवंबर तक कार्यक्रम होंगे। शादी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर 21 नवंबर को पूरी फैमिली के साथ पहली बार उदयपुर आएंगे। सूत्रों के अनुसार बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, एक्ट्रेस कृति सेनन समेत कई एक्टर-एक्ट्रेस भी शादी में शिरकत करेंगे। लेकसिटी  में आयोजित होंने वाली इस रॉयल वेंडिंग  की तैयारियां जोरों-शोरों पर है और इसके चलते शहर की लीला पैलेस, होटल जगमंदिर सहित सिटी पैलेस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पिछोला झील किनारे बने फाइव स्टार होटल लीला पैलेस में डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर अपनी फैमिली के साथ ठहरेंगे। इसके चलते पूरे होटल में कॉरिडोर बनाते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है। इसी तरह उदयपुर के सिटी पैलेस और जगमंदिर में आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि 4 अलग-अलग चार्टर से बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित, कृति सेनन, जैकलीन फर्नाडीज, वाणी कपूर, जाह्नवी कपूर और फिल्म डायरेक्टर करण जौहर भी शादी में शरीक होंगे। इस शाही शादी में  सिटी पैलेस के माणक चौक और जनाना महल में कलाकारों की परफॉर्मेंस होगी, जिसमें अमेरिका के एक फेमस डीजे ग्रुप और देश-विदेश के डांसर सहित कई कलाकार परफॉर्मेंस करेंगे। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के मशहूर डीजे और संगीत निर्माता ब्लैक कॉफी (एनकोसिनाथी इनोसेंट माफुमुलो) भी इस रॉयल वेडिंग में परफॉर्म करेंगे। हाउस और अफ्रो-हाउस संगीत के मिश्रण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले ब्लैक कॉफी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक कलाकारों में गिना जाता है। रॉयल वेडिंग के लिए उदयपुर के सिटी पैलेस के माणक चौक को जगमग रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। यहां एक बड़ा स्टेज का सेटअप भी बना है, जिस पर कलाकार परफॉर्मेंस देंगे। फिलहाल तीन-चार दिन से कलाकार यहां रिहर्सल करने में जुटे हैं।

प्रदूषण पर कड़ा वार: सोनीपत में GRAP-III के बाद बड़ी कार्रवाई, कई यूनिटों पर शिकंजा

सोनीपल  दिल्ली–एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए ग्रेप-3 (GRAP-III) लागू होने के बाद सोनीपत जिला प्रशासन और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर संयुक्त कार्रवाई शुरू कर दी। जिले में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कड़ी निगरानी के लिए 19 टीमें गठित कर औचक छापेमारी की जा रही है। इस अभियान की कमान डीसी सुशील सारवान, डीसीपी नरेंद्र कादियान और जिले के चारों एसडीएम के हाथ में है। करीब 55 अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ टीमें उन औद्योगिक इकाइयों की जांच में जुटी हैं जो वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार मानी जा रही हैं।    राई रेस्ट हाउस से शुरू हुई कार्रवाई सभी टीमें सुबह राई रेस्ट हाउस में इकट्ठा की गईं, जहां मौके पर ही उद्योगों की सूची, चेकिंग मानक, और कार्रवाई से जुड़े दिशा–निर्देश अधिकारियों को सौंपे गए। डीसी सुशील सारवान ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। जिलेभर में छापेमारी इसके बाद टीमें राई, कुंडली, बरौली, मुरथल सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचीं और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण, धुएं के उत्सर्जन स्तर, कचरा निस्तारण, तथा पानी–धूल नियंत्रित करने की व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर सीलिंग, नोटिस, और भारी जुर्माने जैसी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि GRAP-III लागू रहने तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. उद्योगों के लिए पसंदीदा राज्य, एक्सपो उद्योगों को दुनिया से जोड़ने में सहायक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडस्ट्री, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के लिए एक्सपो बड़ा मंच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल और स्मोलेन्स्क को बनायेंगे ट्विन सिटी दो लाख करोड़ की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को दिया आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ पसंदीदा राज्य बन रहा है। फेड एक्सपो जैसे आयोजन स्थानीय उद्योगों और स्टार्ट-अप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने में बड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे एक्स्पो उद्योग-धंधों, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए एक बड़ा मंच साबित होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गोविन्दपुरा में आयोजित फेड एक्सपो-2025 समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, एमएसएमई सेक्टर को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के एग्जिबिशन हॉल में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत् शुभारंभ किया। यह एक्सपो 23 नवम्बर तक चलेगा। एक्सपो में मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश से आए उद्योग एवं एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों, निवेशकों और संस्थानों ने व्यापक रूप से भागीदारी की। एक्सपो में रूस, ओमान और ताईवान देशों से भी उद्यमी आए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इपिक प्रोजेक्ट का विमोचन किया। इससे स्व-सहायता समूह, स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायतें, शासकीय कार्यालय सभी एक प्लेटफार्म से जुड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश में 1000 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां हर क्षेत्र के स्टार्टअप्स को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इपिक प्रोजेक्ट के अंतर्गत 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को 5000 एकड़ जमीन दी गई है। यह एक प्रकार से पांच हजार उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण है। हम उद्योगपतियों से किए सभी वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में स्थापित फेड एक्सपो-2025 की प्रदर्शिनी का गणेश पूजन एवं फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में स्थापित विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए उद्यमियों के नवाचार, मशीनरी, तकनीकी समाधानों और स्थानीय उद्योगों के उत्पादों की सराहना की। हैदराबाद में 22 नवंबर को होगा इन्वेस्टर्स के लिए रोड-शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 नवंबर को हम हैदराबाद में वहां के इन्वेस्टर्स से संवाद करने के लिए रोड-शो करने जा रहे हैं। यह सरकार के लिए उद्योग-रोजगार वर्ष है। जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से मिले सभी निवेश प्रस्तावों में से अब तक हम 8 लाख करोड़ रुपये के अधिक निवेश प्रस्तावों पर ठोस कार्यवाई कर चुके हैं। इनमें से 6 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीनी स्तर पर काम प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को आमंत्रण दिया है। हम उनकी उपस्थिति में यह ऐतिहासिक भूमिपूजन संपन्न करेंगे। उन्होंने कहा कि बीते 4 दशकों में व्यापार-व्यवसाय की संभावनाओं को देखा जाए, तो इसमें मध्यप्रदेश फेडरेशन ऑफ चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की भूमिका बड़ी अहम रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नया मध्यप्रदेश गढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी कोशिश है कि गरीबों की गरीबी दूर हो और युवाओं को रोजगार मिले, प्रदेश में सुख-समृद्धि आए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पर्याप्त विकास संभावनाओं वाला राज्य है। रूस ईंधन का खजाना है, लेकिन मध्यप्रदेश तो अन्न का भंडार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार के मेगा टेक्सटाइल पार्क में रोजगारपरक उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। इससे लाखों लोगों की जिंदगी बदलेगी। राज्य सरकार भविष्य में सभी औद्योगिक फेडरेशन के अधिकारियों के सुझाव और उनके अनुभव का लाभ लेगी। फेडरेशन के सहयोग से सरकार मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए ऐसे ही बड़े आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम मध्यप्रदेश को विकास के मामले में नंबर वन राज्य बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और रूस सदियों पुराने मित्र देश हैं। दुनियाभर में हमारी दोस्ती की मिसाल दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के साथ शहरी विकास के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भोपाल की आबो-हवा और यहां की तासीर से मिलते-जुलते रूस के सांस्कृतिक शहर स्मोलेन्स्क को हम ट्विन सिटी (सिस्टर्स सिटीज) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रूस, ओमान और ताईवान से आए उद्यमियों से कहा कि आप सब इस एक्स्पो में मध्यप्रदेश के आइडिया, कैलिबर और कैपेसिटी को देख ही रहे हैं। उन्होंने विदेशी दल से आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की यात्रा में शामिल होने का आह्वान भी किया। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि दुनिया में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह एक्सपो नया मंच प्रदान करेगा। आज यहां रूस, ओमान और ताइवान से चेंबर्स के प्रतिनिधि विभिन्न उत्पादों के खरीदार के रूप में भी शामिल हुए हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल, मंडीदीप, देवास और इंदौर में उद्योग विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ने मात्र दो साल की अल्प अवधि में 5000 एकड़ जमीन उद्योग विकास के लिए निवेशकों को आवंटित कर दी है। साथ ही उद्यमियों को 6500 करोड़ रुपये की सब्सिडी अंतरित की गई है। उद्योगों के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ भूमि आवंटित की जा रही है। फेडरेशन के संयुक्त अध्यक्ष अखिलेश राठी ने कहा कि फेड एक्सपो के दूसरे संस्करण में 3 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। हमारा फेडरेशन … Read more