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श्रमिक सुविधाओं को बढ़ावा: रायपुर में मॉडल व डिजिटल लेबर चौक बनाने का निर्णय

रायपुर : मॉडल लेबर चौक एवं डिजिटल लेबर चौक का निर्माण कराने का निर्णय 73,868 निर्माण श्रमिकों के खाते में 25.66 करोड़ रूपए की राशि अंतरित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक आयोजित रायपुर श्रम मंत्री  लखनलाल की अध्यक्षता में  नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल कार्यालय में संचालक मंडल की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान 73 हजार 868 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 25 करोड़ 66 लाख रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव  गिरीश रामटेके सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।  सचिव  रामटेके द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पूर्व बैठक में निर्माण श्रमिकों के हित में लिए गये निर्णय के पालन प्रतिवेदन के सभी बिन्दुओ पर कार्यवाही पूर्ण होने के संबंध में अवगत कराते हुये नवीन एजेंडा बिन्दु प्रस्तावित किया गया। संचालक मंडल द्वारा प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु विभिन्न बिन्दुओं पर निर्णय लेते हुये प्रदेश में मॉडल लेबर चौक एवं डिजिटल लेबर चौक का निर्माण कराने के साथ-साथ मुख्यमंत्री द्वारा 17 सितंबर 2025 को मंडल में संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत प्रदाय की जाने वाली राशि रूपये 1 लाख से 1लाख 50 हजार दिये जाने की घोषणा की गई थी जिसे संचालक मंडल द्वारा सर्वसम्मिति से पारित किया गया।  बैठक में उपस्थित श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुये निर्माण श्रमिकों को बधाई देने के साथ-साथ यह भी कहा गया कि अब प्रदेश के निर्माण श्रमिक उक्त योजनांर्तगत अधिक सहायता राशि प्राप्त कर सकेंगे एवं उनकी आय में भी वृद्धि हो सकेगी। साथ ही श्रममंत्री महोदय द्वारा मंडल में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की गई। इस अवसर सचिव श्रम, वित्त विभाग के उप सचिव, कल्याण आयुक्त भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अन्य शासकीय विभाग के पदेन सदस्य तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

छात्रों के आरोपों पर कार्रवाई: छिंदवाड़ा के स्कूल में तीन शिक्षक हटाए गए

छिंदवाड़ा जिले में बड़े पैमाने पर मत्तांतरण का खेल चल रहा है। इस मामले में ईसाई मिशनरियों के सबसे ज्यादा निशाने पर भोले भाले आदिवासी रहते हैं। ताजा मामला जुन्नारदेव के बिलावर कला का है। यहां मतांतरण के आरोप में 3 शिक्षकों पर गाज गिरी है। इससे पहले भी तामिया, चौरई और अन्य इलाके में भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए विधिवत प्लानिंग की जाती है। पैसे और अन्य प्रलोभन देकर आदिवासियों को अपनी तरफ किया जाता है। इस मामले में शैक्षणिक संस्थान सबसे ज्यादा निशाने पर होते हैं। जुन्नारदेव के बिलावर कला गांव के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है कि एक शिक्षिका (सीमा मैथ्यूज) और छात्रावास अधीक्षक (नरेंद्र उईके) उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया था कि शिक्षिका उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों से दूर रहने और ईसाई धर्म की बातें मानने के लिए कहती थीं। साथ ही, टीका या कलावा पहनकर आने पर उसे जबरन हटवाया जाता था और आदेश न मानने पर टीसी (स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र) देने की धमकी दी जाती थी।   दो शिक्षकों को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और कन्हान बचाओ मंच की शिकायत और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर, जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग ने कार्रवाई की। मामले के तीनों आरोपितों (शिक्षिका, अधीक्षक और प्राचार्य अनिल कुमार सूर्यवंशी) को उनके पदों से हटा दिया और प्राचार्य का तबादला कर दिया गया है, जबकि अन्य दो को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया है। लागातर मामले आ रहे है सामने जिले में लगातार इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं। परासिया के ग्राम सोनापिपरी, कोसमी में मतांतरण की शिकायत की गई थी कि सीधे-साधे आदिवासियों को प्रलोभन देकर उन्हें जबरन ईसाई बनाने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर आदिवासियों ने शिकायत की थी कि अन्य ग्रामों में पांढ़रापानी, सहपानी, देवरीटाना, सोनापिपरी, गांगीवाड़ा समेत ग्रामीण अंचलों के लोगों को अपने निवास पर बुलाकर प्रलोभन देने की बात कही गई। इनका कहना है कि हमें जैसे ही इस मामले में शिकायत मिली हमने तत्काल कारवाई की है। विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। सत्येंद्र मरकाम, सहायक आयुक्त। जनजातीय कार्य विभाग।

इंडियन रेलवे का आदेश: 21 नवंबर से नहीं चलेगी पातालपानी–कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन

महू प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, जो पातालपानी से कालाकुंड तक की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक झरनों के बीच से होकर गुजरती है, उसका संचालन इस वर्ष 21 नवंबर से बंद किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने गुरुवार को हेरिटेज ट्रेन बंद करने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। रेलवे ने इस रेल सेक्शन को पहले ही हेरिटेज घोषित किया था, लेकिन अब पातालपानी से बढ़िया, चोरल मार्ग होते हुए खंडवा तक ब्राडगेज लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। हर वर्ष यह हेरिटेज ट्रेन मानसून के बाद अगस्त में शुरू होती है और मार्च या अप्रैल तक संचालित की जाती है। मगर इस बार रेलवे ने नवंबर में ही संचालन रोकने का निर्णय लिया है। यह फैसला रेलवे के विकास कार्यों विशेषकर ब्राडगेज प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए लिया गया है।   महू से पातालपानी तक ब्राडगेज लाइन बिछाई जा चुकी है और इसका सीआरएस निरीक्षण भी संपन्न हो चुका है। अब पातालपानी से आगे खंडवा ब्राडगेज लाइन के लिए ट्रैक बिछाने तथा पातालपानी स्टेशन के पास नए रेलवे ब्रिज के निर्माण का काम किया जाएगा। इन कार्यों के चलते हेरिटेज ट्रेन अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। हेरिटेज ट्रेन के बंद होने से महू स्टेशन से चलने वाली नियमित ट्रेनों को अब अतिरिक्त रेलवे स्टाफ मिल पाएगा। पहले गार्ड, लोको पायलट, टीसी सहित अन्य कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन हेरिटेज ट्रेन में ड्यूटी देते थे, अब उन्हें अन्य ट्रेनों में नियुक्त किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि इस ट्रेन को हर साल, खासकर मानसून से मार्च तक, यात्रियों से शानदार प्रतिसाद मिलता है। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान तो यात्रियों की इतनी भीड़ रहती थी कि ट्रेन पूरी तरह भरी रहती थी। लेकिन इस वर्ष सैलानी हेरिटेज ट्रेन का आनंद और वादियों के मनोहारी दृश्य नहीं देख सकेंगे।

ऐतिहासिक पल: राष्ट्रपति मुर्मु को मिली धरती आबा बिरसा मुंडा की बस्तर कला प्रतिमा, रायपुर में हुआ भव्य समारोह

रायपुर : जनजातीय गौरव दिवस समारोह का ऐतिहासिक क्षण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमा रायपुर जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।

रामलला VIP दर्शन अपडेट: 25 नवंबर समेत कई दिनों में प्रवेश प्रतिबंध, यात्रा से पहले जानें नई सूची

अयोध्या यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसको देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने यह निर्णय लिया है कि ध्वजारोहण समारोह के एक दिन पहले यानी 24 नवंबर और एक दिन बाद यानी 26 नवंबर को राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक रहेगी। भीड़ नियंत्रण के लिए यह योजना बनाई गई है। ट्रस्ट की ओर से यह पहले ही बताया जा चुका है कि 25 नवंबर को राम मंदिर में आम श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे। इस दिन केवल ध्वजारोहण समारोह में आने वाले आठ हजार से अधिक मेहमानों को ही दर्शन कराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में होने वाले ध्वजारोहण समारोह के बाद दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मेहमानों को रामलला और राम दरबार के दर्शन कराए जाएंगे। पीएम मोदी के आगमन को लेकर तैयारियां तेज 25 नवंबर को ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन को लेकर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैयारियां तेज हो गई हैं। एयरपोर्ट प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एयरपोर्ट निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पर कुल आठ पार्किंग उपलब्ध हैं, जिनमें से चार पार्किंग वीआईपी मूवमेंट के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि बाकी चार पार्किंग शेड्यूल और नॉन-शेड्यूल फ्लाइट्स के लिए उपयोग होंगी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर फ्लाइट रिफ्यूलिंग को न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा और सुगमता दोनों बनी रहे। 25 नवंबर को लगभग 50 फ्लाइट्स के लैंड होने की संभावना जताई जा रही है। इस बढ़ते दबाव को देखते हुए आसपास के जनपदों के एयरपोर्ट्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। वीआईपी मेहमानों को उतारने के बाद कई फ्लाइट्स पास के जिलों की हवाई पट्टियों पर पार्क की जाएंगी। सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सीआईएसएफ जवानों को दी गई विशेष जिम्मेदारी एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के 48 जवान स्थायी तौर पर तैनात हो चुके हैं। उन्हें इस कार्यक्रम के दौरान विशेष जिम्मेदारी दी गई है। 24 नवंबर को एक विशेष सुरक्षा ऑपरेशन भी चलाया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित चुनौती का तुरंत समाधान किया जा सके। निदेशक का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय लगातार जारी है।  

कड़कड़ाती ठंड ने बढ़ाई सिहरन: राजस्थान में तापमान में तेज गिरावट

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवा का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार को भी माउंट आबू का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया, जहां रातभर पड़ी ओस जमकर बर्फ में बदल गई। हालांकि सुबह के बाद खिली धूप ने लोगों को कुछ राहत दी, लेकिन पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन अब भी बरकरार है। माउंट आबू के अलावा फतेहपुर, नागौर, सीकर और दौसा समेत कई जिलों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिलेगा। हालांकि शीतलहर में कमी से जनजीवन में थोड़ी राहत बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो माउंट आबू के बाद सबसे ठंडा शहर सीकर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में पारा 5.9 डिग्री, फतेहपुर में 6.9 डिग्री और दौसा में 6.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जालौर में 7 डिग्री, सिरोही में 7.4 डिग्री, बारां में 7.8 डिग्री और करौली में 8.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं चूरू और चित्तौड़गढ़ का तापमान 8.2 डिग्री रहा। पिलानी, वनस्थली, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर और कोटा के तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिली, जबकि जयपुर का न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है जिससे दिन के वक्त लोगों को शीत लहर से राहत है। फतेहपुर में अधिकतम तापमान बढ़कर 31 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि सीकर में 29 डिग्री और पिलानी में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जोधपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री, फलोदी में 30 डिग्री, बीकानेर में 30.6 डिग्री, जैसलमेर में 31.5 डिग्री और बाड़मेर में 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य के दक्षिणी क्षेत्रों में पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। इन हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। इसका सीधा असर उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों पर पड़ेगा, जहां सर्दी में हल्की कमी आने की उम्मीद है।

‘आपकी सरकार–आपके द्वार’ की शुरुआत आज , मुख्यमंत्री हेमंत करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

रांची आज से झारखंड में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है जो कि 15 दिसंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू से ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके चलते रांची जिले के सभी 305 पंचायतों और नगर निगम क्षेत्र के 53 वार्डों में कल से शिविर लगने शुरू हो जाएंगे। यहां आम जनता की समस्याओं को सुना और निपटाया जाएगा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर प्रत्येक पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे और पात्र लाभुकों को सीधे लाभ पहुंचाने की कोशिश होगी। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री संबंधित सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अधिक से अधिक लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि पंचायत और गांव स्तर पर शिकायतों के त्वरित निष्पादन और योजनाओं से नए लाभुकों को जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने रांची जिले के सभी लोगों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविरों में पहुंचे और आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक या अन्य पहचान पत्र आदि साथ लेकर आएं, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। साथ ही नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन अपने-अपने केंद्रों पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आज इन पंचायतों और वार्डों में होगा शिविर चतरा पंचायत-अनगड़ा, खुखरा पंचायत -बेड़ो, कांची पंचायत-बुण्डू, छापर पंचायत-बुढ़मू, पंडरी पंचायत-चान्हो, गड़गांव पंचायत-ईटकी, उरुगुटू एवं उपरकोनकी-कांके, हुल्सु पंचायत-लापुंग, बंझीला पंचायत-मांडर, नारो पंचायत-नगड़ी, हरदाग पंचायत-नामकुम, जयडीहा पंचायत-ओरमांझी, राहे पंचायत-राहे, तारुप पंचायत-रातू, हलमाद पंचायत-सिल्ली, बारेन्दा पंचायत-सोनाहातू, अमलेशा पंचायत-तमाड़, वार्ड-1 (सीएमपीडीआई स्कूल के सामने), वार्ड-2 (एदलहातू जोगो पहाड़)

अब हरियाणा में TB की जांच होगी और आसान, सरकार ने की 6 करोड़ की अत्याधुनिक मशीनों की खरीद

चंडीगढ़ गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में स्थित कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में टीबी टेस्ट के परिणाम के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार ने पहली बार छह करोड़ रुपये की लागत से 40 टू नेट मशीनों की खरीद को मंजूरी दे दी है। पहले केंद्र सरकार की ओर से यह मशीनें उपलब्ध करवाई जाती थी। इन मशीनों को सीएचसी और पीएचसी में उपलब्ध करवाया जाएगा। ये मशीनें टीबी के संदिग्ध मरीजों की गुणवत्तापूर्ण और त्वरित जांच करने में अहम म भूमिका निभाती हैं। मात्र एक से डेढ़ घंटे में पता चल सकेगा कि मरीज को टीबी है या नहीं। स्टेट टीबी अधिकारी राजेश राजू ने बताया कि टीबी के गंभीर रोगियों का पता लगाने में टू नेट मशीन बेहद उपयोगी हैं। इसके जरिए कम समय में जांच के बेहद विश्वसनीय नतीजे प्राप्त किए जा सकते हैं। इस मशीन से टीबी के गंभीर मामलों का पता लगाना बेहद आसान होता है। इसका मकसद हरियाणा के ग्रामीण और दूरदराज 2018 के क्षेत्रों तक जांच सुविधा का विस्तार करना है। मशीनों के आने से जो इलाके हमारी जद से बच रहे थे अब उन पर फोकस किया जा सकेगा। समय पर रोग की पहचान होने से टीबी के संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। टू नेट मशीन में एमडीआर रोगियों यानी मल्टीपल ड्रग रेजिस्टेंस मरीजों की भी जांच हो सकेगी जनवरी से अक्तूबर तक हरियाणा में 79,000 नए मरीजों की पहचान की गई है। इस समयावधि में करीब नौ लाख टेस्ट किए गए हैं। इस दौरान 78,000 से अधिक मरीजों को सफलतापूर्वक टीबी मुक्त किया भी जा चुका है। टीबी अधिकारी का कहना है कि ज्यादा टेस्ट होने पर मरीजों की संख्या भी बढ़ना तय है। उन्होंने बताया कि ज्यादा टेस्ट करने का मकसद टीबी के प्रसार को रोकना है। एक अनुमान के मुताबिक एक टीबी मरीज साल में दस से 15 लोगों को संक्रमित करता है। ऐसे में यदि समव पर उसकी जांच कर इलाज शुरू कर दिया जाए तो टीबी को रोका जा सकता है। इसलिए हरियाणा में ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं।

भैरव घाट पर 450 मीटर वायाडक्ट और टनल बन रही, इंदौर–खंडवा रोड पर सफर होगा सुरक्षित और आसान

इंदौर मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन विभाग विकास के नए-नए आयाम लिख रहा है. निमाड़-मालवा वालों के लिए खुशखबर यह है कि इंदौर-खंडवा रोड का काम पूरा होने जा रहा है. इंदौर इच्छापुर हाईवे का फोर लेन निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह निर्माण कार्य 2026 में पूरा हो जाएगा. भैरव घाट में वर्तमान सड़क से अलग टनल और ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है जिससे घुमावदार मोड़ वाले घाट और एक्सीडेंट झोन खत्म हो जाएंगे. नर्मदा नदी पर वायाडक्ट का निर्माण सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार, ''वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है. भैरव घाट पर हादसों को देखते हुए सड़क डिजाइन में कई विशेष बातों का ध्यान रखा गया है. जिसमें मुख्य तौर पर यहां नर्मदा नदी पर बने पुल से ऊंचा वायाडक्ट पुल के रूप में तैयार किया गया है. साथ ही भैरव घाट और चोरल घाट में तीन अलग-अलग टनल का निर्माण किया जा रहा है.'' अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा कार्य इस वायाडक्ट और टनल के चलते हादसों की संभावना लगभग ना के बराबर होगी. इसे हादसों को ध्यान में रखते हुए ही डिजाइन किया गया है. यह प्रोजेक्ट भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है. सड़क निर्माण से आने वाले समय में लोगों को काफी सुविधा होगी. भैरव घाट में निर्माण कार्य लगभग अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, इसे जून महीने तक यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. जिन टनल का निर्माण किया जा रहा है उनमें पहली टनल 300 मीटर लंबी, दूसरी टनल 480 में और तीसरी 550 मीटर लंबी है. 450 लंबा वायाडक्ट हो रहा तैयार भैरव घाट में वर्तमान में सड़क पर वाहनों को चढ़ाई करने के दौरान उल्टी तरफ चढ़ना पड़ता है. ऐसे में कई बार हादसों की स्थिति बनी रहती है. वर्तमान में तैयार किया जा रहा वायाडक्ट करीब 450 मी का है. जिसमें अलग-अलग चीजों का ध्यान रखा गया है. यह सड़क इंदौर इच्छापुर हैदराबाद हाईवे के नाम से पहचानी जाती है. करीब 300 किलोमीटर के इस हाइवे पर कंपनी द्वारा पहले हिस्से में काम किया जा रहा है, यह सड़क करीब 80% पूरी हो चुकी है. अप्रैल 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. भैरव घाट पर सड़क हादसों में कई लोगों की मौत इंदौर-खंडवा रोड पर स्थित भैरव घाट को आमतौर पर मौत की सड़क के नाम पर जाना जाता है. आए दिन होने वाले हादसों में यहां कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं. बीते दिनों हुए हादसों में करीब एक दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं. आने वाले दिनों में इन हादसों पर अब रोकथाम लगने वाली है. सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है.

सिंगापुर के साथ MANIT भोपाल कर रहा अभिनव शोध, भविष्य की EV और सोलर टेक्नोलॉजी में आएगा बदलाव

भोपाल  मैनिट भोपाल अब दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर (NUS) के साथ मिलकर ऐसा हाई-टेक शोध करने जा रहा है, जिसकी बदौलत भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सिस्टम और सोलर ग्रिड मैनेजमेंट पूरी तरह बदल सकता है। शिक्षा मंत्रालय की SPARC योजना के तहत मैनिट को इसके लिए 1 करोड़ रुपये का मेगा अनुदान मिला है। क्या खास होने वाला है?  भारत में पहली बार EV चार्जिंग का “डिजिटल ट्विन” बनेगा इस परियोजना में EV चार्जिंग सिस्टम का डिजिटल ट्विन मॉडल तैयार किया जाएगा। यानी-चार्जिंग स्टेशन का वर्चुअल क्लोन, जो रियल टाइम में बतायेगा कि लोड कितना है? कितनी गाड़ियां चार्ज हो सकती हैं? कहां ओवरलोडिंग का खतरा है? चार्जिंग को कैसे तेज और सस्ती बनाई जाए? यह टेक्नोलॉजी विदेशों में तो है, भारत में अभी शुरुआत भी नहीं हुई। दो साल की अवधि वाली परियोजना स्वीकृत परियोजना का शीर्षक है इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए ग्रिड-इंटीग्रेटेड सोलर पीवी सिस्टम के उन्नत प्रबंधन हेतु डेटा फ्यूज़न के साथ डिजिटल ट्विन इंटीग्रेशन। दो साल की अवधि वाली यह परियोजना डिजिटल ट्विन तकनीक, उन्नत डेटा फ्यूजन, स्मार्ट सोलर पीवी सिस्टम और बुद्धिमान ईवी चार्जिंग प्रबंधन जैसे आधुनिक शोध क्षेत्रों पर काम करेगी। मैनिट की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलेगा नया आयाम यह अनुदान न सिर्फ मैनिट की वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा, बल्कि संस्थान में अंतर्विषयक सहयोग और उन्नत तकनीकों पर शोध को नई दिशा देगा। परियोजना से मिलने वाले परिणाम भविष्य के स्वच्छ, स्मार्ट और सतत ऊर्जा समाधानों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस परियोजना से क्या बदल जाएगा? – भारत में EV चार्जिंग होगी तेज, सस्ती और स्मार्ट – सोलर ग्रिड होगा भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए तैयार – शहरी यातायात और ऊर्जा प्रबंधन होगा डिजिटल और स्वचालित – मैनिट की ग्लोबल पहचान नई ऊंचाई पर जाएगी