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शैक्षिक ओलंपियाड : विद्यार्थी कर सकेंगे 30 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीयन

भोपाल  प्रदेश के समस्त शासकीय प्राथमिक माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 2 से 8 के विद्यार्थियों को प्रदेश, देश और विश्व के सांस्कृतिक, भौगोलिक ऐतिहासिक परिदृश्य, समसामयिक सामान्य ज्ञान तथा हिन्दी, इंग्लिश, विज्ञान और गणित विषयों से जोड़ने के लिये मंच क्विज प्रतियोगिता ओलंपियाड का आयोजन इस वर्ष दो चरणों में जन शिक्षा केन्द्र और जिलास्तर पर किया जा रहा है। इस वर्ष जन शिक्षा केन्द्र स्तरीय आयोजन सितंबर और जिला स्तरीय आयोजन नवंबर माह में होगा। ओलंपियाड में सहभागिता के लिये विद्यार्थी शिक्षकों के सहयोग से ऑनलाइन पंजीयन rskmp पोर्टल पर 30 जुलाई तक कर सकेंगे। दूसरी कक्षा के बच्चे ओएमआर शीट पर प्रश्न हल करेंगे इस वर्ष ओलंपियाड में कक्षा दूसरी से लेकर 8वीं तक प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थी ओएमआर शीट पर प्रश्न हल करेंगे। इस व्यवस्था से बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये प्रारंभिक काल से अनुभव प्राप्त होगा। कक्षा 2 और 3 के लिये इंग्लिश, हिन्दी और गणित, कक्षा 4 और 5 के लिए इंग्लिश, हिन्दी, गणित एवं पर्यावरण विषय पर और कक्षा 6, 7 और 8 के लिए हिन्दी, संस्कृत, इंग्लिश, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान विषय में ओलंपियाड प्रतियोगिता होगी। ओलंपियाड के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केन्द्र ने विस्तृत दिशा-निर्देश जिला शिक्षा केन्द्र और शालाओं को प्रेषित किए है। कक्षा 2 और 3 में प्रत्येक जन शिक्षा केन्द्र से कुल 28 विद्यार्थी जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिये चयनित होंगे। कक्षा 6 से 8 में जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर सर्वाधिक अंको के आधार पर 36 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिये होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने ओलंपियाड प्रतियोगिता के आयोजन के लिये जिला कलेक्टर्स और राज्य शिक्षा केन्द्र अधिकारियों को भी निर्देश जारी किये है।     

संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा द्वारा जारी की गई अनंतिम चयन व प्रतीक्षा सूची

अम्बिकापुर : सहायक ग्रेड-03, सहायक ग्रेड-02 एवं लेखापाल पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू सरगुजा संभाग के अधीन स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत सहायक ग्रेड-03, सहायक ग्रेड-02 एवं लेखापाल संवर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ  संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा द्वारा जारी की गई अनंतिम चयन व प्रतीक्षा सूची अम्बिकापुर   संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, सरगुजा संभाग के अधीन स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत सहायक ग्रेड-03, सहायक ग्रेड-02 एवं लेखापाल संवर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। दिनांक 01 अप्रैल 2025 की स्थिति के आधार पर तैयार अंतिम वरिष्ठता सूची, अनंतिम चयन सूची तथा अनंतिम प्रतीक्षा सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। यह प्रक्रिया स्थानीय कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा 02 जुलाई 2025 को भर्ती नियमों के तहत प्रारंभ की गई थी। इसके तहत 03 जुलाई 2025 को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेकर संबंधित सूचियों का अनुमोदन किया गया। प्रकाशित सूचियों में यदि किसी कर्मचारी का नाम छूट गया हो या कोई प्रविष्टि त्रुटिपूर्ण हो, तो संबंधित कर्मचारी 07 दिवस की समयावधि के भीतर यानी 10 जुलाई 2025 तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में प्रमाणित दस्तावेजों सहित दावा/आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रत्येक जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्राप्त अभ्यावेदनों का सत्यापन सेवा अभिलेखों के आधार पर कर सुधार प्रस्ताव तैयार कर समयसीमा के अगले कार्यदिवस में संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय को भिजवाएं। यदि निर्धारित समय में कोई दावा-आपत्ति या संशोधन प्रस्ताव प्राप्त नहीं होता है, तो प्रकाशित अनंतिम सूची को ही अंतिम मानकर अंतिम चयन सूची जारी कर दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों का नाम सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें भी सूची की प्रति तत्काल उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे आवश्यक दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकें। प्रकाशित सूचियों को  https://surguja.gov.in/  वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है, जहां से सूची का अवलोकन व डाउनलोड किया जा सकता है। संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे सूची में दर्ज कर्मचारियों को प्रति उपलब्ध कराते हुए उसकी पावती अभिस्वीकृति इस कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजना सुनिश्चित करें।

रेलवे की पहल: अब यात्री गाड़ियों में स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरे लगाए जायेंगे, कटनी से सतना के बीच शुरुआत

जबलपुर कटनी-सतना रेलमार्ग (Katni Satna Rail Line) और उस पर दौड़ रही ट्रेनों पर अब तीसरी नजर रहेगी। इस रेलखंड पर ट्रेनों में पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। यात्रियों के सामान चोरी के मामले भी सामने आते रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब आधुनिक निगरानी तंत्र विकसित किया गया है। सतना से कटनी आउटर तक स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। 24 घंटे करेंगे काम… जानिए स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरों की खूबियां रेलखंड में स्थापित किए गए सीसीटीवी कैमरे सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। यह सीसीटीवी कैमरे चौबीस घंटे काम करेंगे। जीवंत दृश्य के साथ ही श्रव्य भी रिकार्ड करेंगे। इन सीसीटीवी कैमरों को पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया है। संबंधित क्षेत्र के रेल सुरक्षा बल पोस्ट तक भी इन सीसीटीवी कैमरों की लाइव रिकॉर्डिंग पहुंचेगी। पश्चिम मध्य रेल की इस पहल ने संवेदनशील खंड में निवारक निगरानी और खुफिया-आधारित पुलिसिंग को काफी मजबूत किया है। दोनों स्टेशन के यार्ड भी नजर… बच नहीं पाएंगे अपराधी रेलवे के सीसीटीवी कैमरों की नजर में दोनों स्टेशन के यार्ड भी रहेंगे। स्टेशन में जगह नहीं होने पर कई ट्रेनें यार्ड में रुकती हैं। ट्रेन में चोरी, छीनाझपटी जैसी वारदात कर कई आरोपित ट्रेन के यार्ड में रुकने एवं धीरे होने पर उतरकर भाग जाते हैं। कई मामलों में आरोपी की पहचान तक नहीं हो पाती है। तीसरी नजर की सहायता से अब संदिग्धों की पहचान हो सकेगी। संदिग्ध गतिविधि के संदेह पर तुरंत कार्रवाई कर घटना को रोकना संभव होगा। नई डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था से यात्रा और सुरक्षित होगी।  

हमारी सरकार मेधावी स्टूडेंट्स को मेडिकल की पढ़ाई के लिए 80-80 लाख रुपए दे रही:सीएम यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बढ़ी खुशखबरी सुनाई है. उन्होने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई करने वाले इच्छुक छात्रों सरकार की ओर से 80-80 लाख रुपए दिए जाएंगे. यही नहीं मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद इन छात्रों का लोन भी माफ कर दिया जाएगा. दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 जुलाई को इंटर में पास 75 प्रतिशत या उससे अधिक नंबर लाने वाले छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए  प्रोत्साहन राशि जारी की. सीएम मोहन ने  कुशाभाऊ सभागार में आयोजित हुए कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रदेश के 94 हजार 234 मेधावी स्टूडेंट्स के खातों में लैपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि जारी की. इस दौरान उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बड़ी सौगात दी. मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने ऐसे प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स की बात की जो मेडिकल में पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक मेधावी स्टूडेंट्स को 80-80 लाख रुपए दे रही है। यही नहीं उन्होंने इस दौरान यह भी बताया कि कैसे मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लोन माफ किया जा सकता है। जानें क्या बोले सीएम मोहन यादव… जानें कैसे माफ होगा लोन सीएम मोहन यादव ने बताया कि हमारी सरकार मेधावी स्टूडेंट्स को मेडिकल की पढ़ाई के लिए 80-80 लाख रुपए दे रही है। ताकि वो डॉक्टर बने। डॉक्टर बनने के बाद शासन उन्हें मेडिकल ऑफिसर बनाएगा। मेडिकल ऑफिसर के रूप में 5 साल पूरे करने के बाद, उनकी लोन राशि के 80 लाख रुपए भी माफ कर दिए जाएंगे। फिर उन्हें ये लोन राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। ऐसे पूरा होगा बच्चों को आगे पढ़ाने का संपल्प बता दें कि सीएम मोहन यादव ने ये बातें मेधावी छात्र लैपटॉप योजना के तहत स्टूडेंट्स को लैपटॉप वितरित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि दो साल में हमारी सरकार प्रदेश भर में 50 मेडिकल कॉलेज खोलेंगे। कॉलेज खुलेंगे तो आने वाले समय में डॉक्टर्स की भर्ती भी तेजी से की जाएगी। बच्चों को आगे पढ़ाने, आगे बढ़ाने का संपल्प ऐसे ही तो पूरा होगा।  5 साल सेवा के बाद माफ हो जाएगा लोन इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ये है कि अगर छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी मेडिकल ऑफिसर के रूप में 5 साल सेवा करता है, तो उसका पूरा लोन माफ कर दिया जाएगा। यानी 80 लाख रुपए तक की राशि छात्र को लौटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मौका सिर्फ मेधावी छात्रों को सीएम यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो प्रतिभाशाली हैं और आगे डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। यह घोषणा उन्होंने उस कार्यक्रम के दौरान की जिसमें 12वीं में 75% से अधिक अंक लाने वाले 94,234 छात्रों को लैपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि दी गई। MP में बनेंगे 50 नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में 50 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इससे न केवल छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश में डॉक्टरों की भारी कमी भी दूर होगी। भर्ती प्रक्रिया भी तेज की जाएगी, जिससे युवाओं को रोज़गार भी मिलेगा। डॉक्टर बनने का सपना अब दूर नहीं मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना से उन छात्रों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा, जो मेडिकल की पढ़ाई करना तो चाहते हैं, लेकिन महंगी फीस और संसाधनों की कमी के कारण रुक जाते हैं। अब न सिर्फ उन्हें पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि सेवा के बाद पूरा लोन भी माफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस नई पहल से मध्य प्रदेश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है। यदि आप भी मेडिकल में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह सुनहरा अवसर है।

भवन में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और सजा का भी प्रावधान

भोपाल  विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने फायर सेफ्टी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। ड्राफ्ट सतपुड़ा भवन में आग लगने के बाद तैयार किया गया था, लेकिन दो साल में भी लागू नहीं हो पाया। इसमें अलग से अग्नि सुरक्षा संचालनालय का गठन प्रस्तावित है। 10 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान और सजा भी इससे अग्नि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम हो पाएंगे। भवन में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और सजा का भी प्रावधान किया गया है। इस एक्ट के लागू होने से अग्नि सुरक्षा की स्थिति सुधरने की संभावना है। विभाग ने ड्राफ्ट पर सभी स्तर पर डिस्कशन पूरे कर लिए हैं। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। अग्नि सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। अलग अग्नि सुरक्षा संचालनालय के साथ ही प्रदेश में सेटअप भी प्रस्तावित किया गया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिए हैं एक्ट बनाने के निर्देश प्रदेश में फायर सेफ्टी एक्ट के लिए ड्राफ्ट पहले भी बन चुका है, लेकिन लागू नहीं किया गया। राज्य अग्नि सुरक्षा नियमों के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता, ननि अधिनियम 1956 तथा नपा अधिनियम 1961 पर ही निर्भर है। राज्य सरकार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अग्नि सुरक्षा कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी हो गई है। पारित होने के बाद प्रदेश में लागू किया जाएगा। ये होंगे मुख्य प्रावधान –अग्निशमन सेवा का नया कैडर बनाया जाएगा, इससे उनकी अलग भर्ती और प्रशिक्षण हो सकेगा। –सभी जिलों में नए फायर स्टेशनखोले जाएंगे। –भवनों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम सती से लागू किए जाएंगे। ऐसा नहीं करने वालों पर 10 हजार तक का जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है। –प्रदेश में फायर ब्रिगेड की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों से लेकर उपकरणों के इंतजाम होंगे। –पुलिस फायर स्टेशनके कर्मचारियों का भी विलय किया जाएगा। केंद्र से भी मदद नए सेटअप के लिए 5 हजार करोड़ से अधिक का बजट की जरूरत होगी। हालांकि यह बजट पांच साल में खर्च किया जाएगा और केंद्र सरकार से भी इसके लिए राशि मांगी जाएगी। अग्नि सुरक्षा के पुराने उपकरणों और फायर ब्रिगेड को बदला जाएगा। अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। भविष्य को देखते हुए बहुमंजिला भवनों की आग बुझाने के लिए भी विशेष उपकरण खरीदे जाएंगे।

घी की शुद्धता को लेकर मध्यप्रदेश में एक बड़ा कदम, अधिकारी द्वारा लिए जाएंगे सैंपल, ब्यूटाइरो-रिफ्रैक्टोमीटर से गुणवत्ता को परखा जाएगा

ग्वालियर  घी की शुद्धता को लेकर मध्यप्रदेश में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देश पर जुलाई माह में पूरे प्रदेश में घी की गुणवत्ता की जांच का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि यह सैंपल सीधे भोपाल और इंदौर की जांच प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। हर जिले से लिए जाएंगे पैक्ड और लूज घी के सैंपल प्रदेश के हर जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजार में बिक रहे घी के सैंपल लें। हर अधिकारी को कुल 5 सैंपल लेने हैं, जिनमें से दो पैक्ड घी यानी ब्रांडेड कंपनियों के और तीन लूज (बिना ब्रांड वाले) घी के होंगे। इन सैंपलों को भोपाल की CES लैब और इंदौर की चौकसी लैब में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। घी की जांच के लिए ब्यूटाइरो-रिफ्रैक्टोमीटर तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जाएगा कि उसमें रिफाइंड ऑयल, पाम ऑयल या किसी अन्य सस्ती सामग्री की मिलावट तो नहीं की गई है। ग्वालियर-चंबल संभाग नकली घी के लिए बदनाम ग्वालियर-चंबल अंचल नकली घी, मावा और पनीर जैसी खाद्य सामग्रियों में मिलावट के लिए कुख्यात है। भिंड, मुरैना जैसे जिलों में सक्रिय मिलावट माफिया ना सिर्फ प्रदेश बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों में भी माल सप्लाई करता है। त्योहारों के मौसम में यह मिलावट चरम पर होती है, जिससे आमजन की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराता है। इसके बावजूद ग्वालियर में प्रस्तावित फूड टेस्टिंग लैब अब तक शुरू नहीं हो पाई है। ग्वालियर में अब तक शुरू नहीं हो सकी लैब ग्वालियर के हुरावली इलाके में फूड लैब के लिए 2019 में भूमिपूजन किया गया था। लेकिन छह साल बीतने के बाद भी यह प्रयोगशाला शुरू नहीं हो सकी है। अब जबकि ढाई करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है, उम्मीद जताई जा रही है कि लैब जल्द शुरू होगी और अंचल के जिलों को भोपाल या इंदौर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जुलाई भर चलेगा घी की जांच का अभियान ग्वालियर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि यह अभियान पूरे जुलाई माह तक चलेगा। सैंपलिंग के बाद जैसे ही लैब रिपोर्ट आएगी, एफएसएसएआइ गुणवत्ता मानकों के आधार पर कार्रवाई करेगा। जिन घी उत्पादकों में मिलावट पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

दिल्ली में दिल दहला देने वाला डबल मर्डर, मजनू का टीला में मिली दो लाशें

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डबल मर्डर का मामला सामने आया है, जहां नॉर्थ दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में 22 साल की युवती और उसकी सहेली की बेटी की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। मृतक महिला का नाम सोनल और बच्ची का नाम यशिका बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, चाकू मारकर दोनों को मौत के घाट उतारा गया। पुलिस के अनुसार, डबल मर्डर का शक मृतक युवती के बॉयफ्रेंड पर जताया जा रहा है। बच्ची यशिका सोनम की सहेली की बेटी है। सोनल अपने बॉयफ्रेंड निखिल के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। सोनल का निखिल से झगड़ा चल रहा था, इसलिए वह अपनी सहेली रश्मि के घर मजनू का टीला इलाके में रहने के लिए आई थी। रश्मि किसी काम से घर से बाहर गई थी, तभी निखिल पहुंचा और सोनम की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद उसने 6 साल की बच्ची को भी मार डाला। आसपास के लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इस पर सिविल लाइन थाना की पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीमें आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने युवती और बच्ची के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच टीम आरोपी निखिल की तलाश कर रही है। साथ ही आसपास के लोगों से भी घटना की जानकारी ली जा रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर दहशत है। एक महिला ने बताया कि रश्मि स्कूल से अपनी बड़ी बेटी को लाने के लिए गई थी और छोटी बेटी को अपनी सहेली के पास छोड़कर गई थी। जब उसने वापस आकर देखा तो उसकी हत्या हो चुकी थी। रश्मि के पति का मोबाइल शॉप है और वह वहां पर थे। लोगों ने बताया कि बच्ची को मार डाला गया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। आज जब उस बच्ची के साथ ऐसी घटना हुई तो हम अपने बच्चों को घर में अकेले छोड़कर कैसे बाहर जा सकते हैं।

दिल्ली सरकार के नए नियमों पर आतिशी का हमला, बोलीं– मिडिल क्लास हो रहा बेहाल

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है और इस बार आप नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा की दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के तुगलकी फरमान से मिडिल क्लास बेहाल हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राजधानी दिल्ली में मिडिल क्लास परिवारों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बिजली कटौती, पानी की समस्या और अब "एंड ऑफ लाइफ" वाहनों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों ने जनता को परेशान कर दिया है। आप नेता आतिशी ने कहा, "भाजपा सरकार ने बीते छह महीने में मिडिल क्लास को परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। कभी बिजली कटौती, कभी पानी की कमी, और अब पुरानी गाड़ियों को बंद करने का फरमान। यह फैसला मिडिल क्लास की जिंदगी को पूरी तरह से झकझोर देने वाला है।" उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास के लोग वर्षों की मेहनत से अपनी बचत से गाड़ियां खरीदते हैं। महिलाएं अपनी सुरक्षा और सहूलियत के लिए वाहन लेती हैं ताकि सार्वजनिक परिवहन में सफर करने से बच सकें। बुजुर्ग छोटे-मोटे बाजार जाने और दवाइयां लाने के लिए गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कई लोग सेकंड हैंड गाड़ियां खरीदते हैं क्योंकि नई गाड़ी खरीदना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। लेकिन भाजपा सरकार ने एक झटके में 10 साल पुरानी गाड़ियों को बेकार घोषित कर दिया, चाहे उनकी कंडीशन कितनी भी अच्छी क्यों न हो। यह फरमान सीधे तौर पर स्क्रैप कारोबारियों और वाहन निर्माता कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला है, न कि जनता को। आम आदमी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार जनता के विरोध के बाद अब कोर्ट जाने की बात कर रही है, लेकिन यह सब दिखावा है। आतिशी ने कहा, "यह ठीक वैसा ही है जैसे एक फिल्म आई थी 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक', अब ये हो गया है 'सरकार कॉलिंग सरकार'। पहले आदेश निकालते हैं, फिर खुद ही चिट्ठी लिखते हैं कि हम रोक नहीं लगा सकते, और अब कोर्ट का सहारा ले रहे हैं।" आप पार्टी की स्पष्ट मांग है कि भाजपा सरकार इन 62 लाख पुराने वाहनों को बचाने के लिए तुरंत एक स्पष्ट कानून लेकर आए। यह कानून जनता के हितों को प्राथमिकता दे, न कि स्क्रैप डीलरों या गाड़ी बनाने वाली कंपनियों को। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती, तो यह साफ हो जाएगा कि वह बड़े कॉर्पोरेट हितों से जुड़ी है और आम आदमी की समस्याओं से उसे कोई सरोकार नहीं है। इस बीच दिल्ली जल बोर्ड को लेकर भी आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए कि भाजपा ने अधिकारियों के माध्यम से जल बोर्ड से निर्णय लेने की शक्तियां छीन ली थीं, जबकि दिल्ली सरकार ने 10 साल पहले ही जल बोर्ड को स्वायत्त निर्णय लेने की आजादी दी थी। 

हमारी सरकार गरीब को गणेश मानकर कर रही सेवा – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण को समर्पित है और इसी भावना के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है जिसके माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीब, किसान, युवा एवं महिला इन चारों जातियों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है तथा हम संकल्प पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा करेंगे जिससे उत्कृष्ट और विकसित राजस्थान की परिकल्पना को गति मिलेगी। श्री शर्मा मंगलवार को चूरू में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडे के तहत आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चूरू अपनी अनूठी स्थापत्य कला और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। साथ ही, तालछापर अभयारण्य के काले हिरण और प्रवासी पक्षियों का कलरव प्रकृति प्रेमियों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। यहां की कलात्‍मक हवेलियां, भित्तिचित्र और अन्‍य ऐतिहासिक धरोहर चूरू के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास से रूबरू कराती हैं। आमजन को एक ही स्थान पर मिल रहा विभिन्न योजनाओं का लाभ- श्री शर्मा ने कहा कि इन शिविरों में रास्‍तों से अतिक्रमण हटाने, भूमि के स्‍वामित्‍व मिलने जैसे बरसों से लंबित काम पूरे हो रहे हैं। साथ ही, शिविरों के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत 10 हजार गांवों में बीपीएल परिवारों का सर्वे कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को पौध वितरण, मृदा नमूनों के संग्रहण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण, पशुपालकों को मंगला पशु बीमा, पशुओं की जांच, इलाज और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी इन शिविरों में किए जा रहे हैं। गरीब कल्याण की योजनाओं से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का हो रहा उत्थान- मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में अभूतपूर्व परिवर्तन आए हैं। उनके द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की योजनाओं से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का उत्थान हो रहा है। साथ ही, उनके कुशल मार्गदर्शन में देश में अभूतपूर्व विकास कार्य के साथ-साथ आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास की अवधारणा पर राज्य सरकार कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। महिला, युवा, किसान एवं गरीब के उत्थान के लिए हो रहा काम- श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार को गरीब के हित से कोई सरोकार नहीं था जबकि हम गरीब को गणेश मानकर योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। किसानों को हमारी सरकार गोपाल क्रेडिट कार्ड, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। वहीं, महिलाओं को लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, मेधावी छात्राओं को साइकिल वितरण, कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना, मा वाउचर सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सशक्त किया जा रहा है। युवाओं को हम पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां देंगे। उन्होंने कहा कि हमने शेखावाटी में यमुना जल लाने के लिए यमुना जल समझौते के लिए हरियाणा सरकार के साथ मिलकर टास्‍क फोर्स गठित की है। हमारे डेढ साल के कार्य पूर्ववर्ती सरकार के पूरे कार्यकाल से ज्यादा- मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने केवल डेढ़ साल में ही प्रदेश के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं जोकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे 5 साल से भी ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ साल में ही विद्युत उत्पादन क्षमता में 4 हजार 270 मेगावाट की बढ़ोतरी की जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे पांच साल में केवल 3 हजार 948 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की। इसी तरह, हमने डेढ़ साल में किसानों को 253 लाख मीटर से अधिक तारबंदी के लिए अनुदान दिया तथा 32 हजार से अधिक फार्म पौंड बनवाए हैं जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 113 लाख मीटर तारंबदी के लिए अनुदान दिया तथा केवल 29 हजार पौंड बनवाए। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 55 पशु चिकित्सालयों का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ , इसके मुकाबले पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे कार्यकाल में केवल 49 का ही क्रमोन्नयन किया। चूरू जिले का हो रहा समग्र विकास- श्री शर्मा ने कहा कि चूरू जिले के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए हमारी सरकार ने बजट में 834 करोड़ रुपये का प्रावधान किया तथा चूरू विधानसभा में 300 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये से रिंग रोड वाया तारानगर वाया बालेरी से सरदारशहर वाया रतनगढ़ वाया देपलसर से एनएच-52 बाइपास सड़क निर्माण करवाया जाएगा। साथ ही, 20 करोड़ रुपये से चूरू-जयपुर रोड ओवरब्रिज की मरम्मत की जा रही है। सिरसला रेलवे लाइन पर अंडरब्रिज, रामनगर तिराहा और ओम कॉलोनी में आरयूबी, चूरू शहर में एलीवेटेड रोड बनाने का काम भी किया जा रहा है। लोकार्पण और शिलान्‍यास- इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चूरू में 3 करोड़ 62 लाख रुपये से बने मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह तथा 11 करोड़ 76 लाख रुपये से निर्मित 200 बेड क्षमता वाले अल्पसंख्यक बालक आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया। साथ ही, श्री शर्मा ने 7 करोड़ 50 लाख रुपये से निर्मित चूरू में कृषि महाविद्यालय खांसोली का शिलान्यास भी किया।  

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. मुरूगन से की भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में आकाशवाणी केंद्र प्रारंभ किए जाने की सैद्धांतिक सहमति हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल मुरूगन से भेंट में सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन में शीघ्र आकाशवाणी केंद्र प्रारंभ करवाने का अनुरोध किया। केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. मुरूगन ने इसकी सहमति एवं आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ करवाने के लिए आश्वस्त किया। आकाशवाणी स्टूडियो का निर्माण होने तक उज्जैन केंद्र के प्रसारण की व्यवस्था आकाशवाणी केन्द्र इंदौर के माध्यम से किए जाने के प्रयास भी किए जाएंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को शिलान्यास के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में मंत्रीगण से भेंट के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी दी कि भारत सरकार के उपक्रम बंगलौर के बीईएमएल लिमिटेड के अत्याधुनिक रेल कोच विनिर्माण संयंत्र का शिलान्यास प्रदेश के रायसेन जिले में शीघ्र किया जाएगा। इसके लिए लगभग 1800 करोड़ रूपए का निवेश किया जा रहा है। संयंत्र में मध्यप्रदेश सरकार, रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की भागीदारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से इस संयंत्र के शिलान्यास का अनुरोध किया गया है। साथ ही संयंत्र के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई है। केंद्रीय मंत्री श्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश शासन ने रायसेन जिले में इस संयंत्र की स्थापना के लिए लगभग 60 हेक्टयर भूमि का आवंटन कर दिया है। यह संयंत्र लगभग डेढ़ हजार लोगों को रोजगार दिलवाने में भी सहायक होगा साथ ही देश के रेल कोच संयंत्रों के मानचित्र में विशेष स्थान बनाएगा। केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री से की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा काम किया जा रहा है। सभी प्रकार की नवकरणीय ऊर्जा जैसे सौर, पवन और पंप स्टोरेज सभी पर काम कर रहे हैं। पूरे देश में मध्यप्रदेश ही ऐसा राज्य है जो सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवा रहा है, जिससे नई दिल्ली में मेट्रो ट्रेन चल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के 32 लाख किसानों के लिए सोलर पैनल लगाकर देंगे जिससे भविष्य में किसान स्वयं की बिजली उत्पन्न कर सकें। इससे लगभग 18 हजार करोड़ की सब्सिडी के भार से राज्य सरकार मुक्त हो सकेगी। प्रधानमंत्री कुसुमश्री योजना में ए-बी-सी- तीनों श्रेणियों में मध्यप्रदेश सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी से चर्चा हुई और उम्मीद है कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में और अच्छी प्रगति होने वाली है। भविष्य में स्थापित होने वाले सोलर पार्क, जो लगभग 4200 मेगावाट क्षमता के होंगे, नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बनेंगे। इसके अलावा उत्तरप्रदेश के साथ 2 हजार मेगावाट से सोलर एनर्जी के स्रोत विकसित होंगे जिससे दोनों राज्य 6-6 महीने आपस में बिजली का बंटवारा भी करेंगे।