samacharsecretary.com

स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति: हर CHC में होंगे Gynecologist और Pediatrician, वेतन पैकेज चौंकाने वाला

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य की सभी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) पर स्त्री एवं बाल रोग विशेषज्ञों की अनिवार्य नियुक्ति का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव स्तर तक मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। इन नियुक्तियों को नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के माध्यम से किया जाएगा और सभी जिला सिविल सर्जनों को पदों के विज्ञापन जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए मानदेय भी निर्धारित कर दिया है। एमबीबीएस व डिप्लोमा धारक डॉक्टरों को प्रति माह 1 लाख रुपये, जबकि एमबीबीएस के साथ एमडी या डीएनबी योग्यता रखने वालों को 1.5 लाख रुपये वेतन के रूप में देने की योजना है। वर्तमान में हरियाणा में सीनियर डॉक्टरों के 425 और मेडिकल ऑफिसरों के करीब 550 पद खाली हैं, जिसके कारण कई सीएचसी और सिविल अस्पतालों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों की कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों, को उपचार के लिए बड़े अस्पतालों की ओर जाना पड़ता है। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को उनके नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में प्रत्येक CHC पर एक स्त्री रोग और एक बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया गया है। 

लुधियाना के लोगों के लिए खुशखबरी! शुरू होने जा रही यह बड़ी सुविधा

लुधियाना महानगरी में बहादरके रोड स्थित होलसेल सब्जी मंडी के अंदर पड़ते पालक बाजार की 2609 गज जमीन पर 27 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन द्वारा 66 के.वी. का नया बिजली घर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए पावरकॉम विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। पावरकॉम विभाग द्वारा सब्जी मंडी में स्थापित किए जा रहे नए बिजली घर के लिए साढ़े 7 करोड़ रुपए में खरीदी गई जमीन का दौरा करने पहुंचे पावरकॉम विभाग की सुंदर नगर डिवीजन में तैनात एक्सियन जगमोहन सिंह जन्डू द्वारा चेयरमैन मार्कीट कमेटी गुरजीत सिंह गिल और सचिव हरिंदर सिंह गिल ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इलाके में नया बिजली घर स्थापित होने से पावरकॉम विभाग की सिटी वैस्ट डिवीजन और सुंदर नगर डिवीजन के 24 के करीब फीडरों की सप्लाई में बिजली घर में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे डेढ़ दर्जन के करीब इलाकों में बसे 3000 के करीब परिवारों को बिजली संबंधी समस्याओं से बड़ी राहत नसीब होगी, जिसमें मुख्य तौर पर विजय नगर, सेखेवाल, काली सड़क, फरीद नगर, मास्टर कॉलोनी, शिवपुरी, जालंधर बाईपास, विष्णुपुरी, प्रीतमपुरी, आजाद नगर, नंदपुरी, नूरेवाल, बहादुर के रोड इंडस्ट्री, अनाज मंडी, सब्जी मंडी और आजाद नगर के इलाके मुख्य तौर पर शामिल हैं।   उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहलकदमी से उक्त सभी इलाकों में न केवल बिजली की वोल्टेज, ट्रिपिंग का समाधान होगा बल्कि इलाका निवासियों विशेष कर इंडस्ट्री को 24 घंटे निर्विघ्न बिजली और पानी की सप्लाई भी मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और पावरकॉम विभाग के सांझा प्रयास से बहादुरके रोड, सेखेवाल, काली सड़क, नूरवाला आदि में औद्योगिक इकाइयां चलाने वाले व्यापारी वर्ग का कारोबार भी बड़े स्तर पर प्रफुल्लित होगा। इस मौके पर चेयरमैन मार्कीट कमेटी गुरजीत सिंह गिल और सचिव हरिंदर सिंह गिल मुख्य तौर पर उपस्थित रहे। 

मध्यप्रदेश में बढ़ी विधायक निधि: अब 5 करोड़ रुपये वार्षिक, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

भोपाल पुल, पुलिया, आंगनवाड़ी, पंचायत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन या फिर अन्य अधोसंरचना से जुड़े छोटे-मोटे कामों के लिए विधायकों को सरकार का मुंह नहीं देखना होगा। वे विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन निधि (विधायक निधि) से ही यह काम करा सकेंगे। सरकार विधायक निधि दोगुनी करने की तैयारी में है। इसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की तरह 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जा सकता है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाजपा विधायक दल की बैठक में परामर्श के बाद यह निर्णय लिया जाएगा। विधायक निधि बढ़ाने की हुई थी मांग प्रदेश में विधायकों को अभी क्षेत्र विकास के लिए ढाई करोड़ की निधि मिलती है। 75 लाख रुपये स्वेच्छानुदान के अलग से दिए जाते हैं। क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से यह राशि अपर्याप्त है। ऐसे में विधायकों ने निधि को पांच करोड़ और स्वेच्छानुदान को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की मांग की है। विधानसभा के मानसून सत्र में भी उन्होंने विधायक निधि बढ़ाने की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिति बनाकर विचार करने का आश्वासन दिया था। संसदीय कार्य विभाग ने समिति को अन्य राज्यों में विकास निधि संबंधी रिपोर्ट दी है, जिसका अध्ययन करने के बाद सदस्यों से राय ली जाएगी।   पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने की प्राथमिकता सूत्रों का कहना है कि राशि पांच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष करने पर समिति में सहमति बनी है। विधायक से पूछकर क्षेत्र में 15 करोड़ रुपये के काम सरकार ने निर्वाचन क्षेत्र विकास के लिए विधायक को 15 करोड़ रुपये तक के काम कराने का अवसर दिया है। इसके लिए विजन डाक्टूमेंट तैयार कराए गए हैं। इस आधार पर विकास कार्यों को हरी झंडी दी जा रही है। दरअसल, सरकार की प्राथमिकता पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने की है। विजन डाक्टूमेंट में भी अधोसंरचना विकास के काम पर जोर अधिक है। 

23 जनवरी को भोजशाला में वसंत पंचमी बनाम जुमे की नमाज़: कैलाश विजयवर्गीय ने कहा– बातचीत से निकलेगा समाधान

धार ऐतिहासिक भोजशाला में आगामी 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को जुमे की नमाज वाला दिन होने और उसी दिन वसंत पंचमी का उत्सव मनाए जाने के कारण प्रशासन के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। वजह यह है कि वसंत पंचमी मनाने की वजह के कारण हिंदू समाज की ओर से उस दिन नमाज की अनुमति न दिए जाने की मांग की जा रही है। हालांकि इस पर अभी प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन इसको लेकर अनिश्चय की स्थिति के बीच इस बारे में शनिवार को धार पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार सभी की आस्था का सम्मान करती है, इसलिए निर्णय भी सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।   किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समस्या के समाधान के लिए सभी लोग मिलकर चर्चा करेंगे और सौहार्दपूर्ण निर्णय लेंगे। मीडियाकर्मियों ने वर्ष 2006 की स्थिति का हवाला देते हुए विजयवर्गीय से यह भी पूछा कि तब भी वह प्रभारी मंत्री थे और शुक्रवार तथा बसंत पंचमी एक साथ आई थी। अब जबकि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार है, ऐसे में भोजशाला से जुड़े मुद्दे का समाधान क्यों नहीं हो पाया? इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसी समस्याओं का निराकरण एक दिन में नहीं होता। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लंदन प्रवास के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। मुझे विश्वास है कि एक दिन समस्या का निराकरण होगा। गौरतलब है कि 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन आ रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) के आदेशानुसार, सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू समाज को भोजशाला में पूजन और हवन की अनुमति रहती है। वहीं, हर शुक्रवार की तरह मुस्लिम समुदाय जुमे की नमाज़ अदा करता है। ऐसे में एक ही दिन पूजा और नमाज़ दोनों होने के कारण स्थिति को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। इधर, 18 नवंबर को सकल हिंदू समाज बसंत पंचमी के अवसर पर अखंड पूजन की अनुमति को लेकर ज्ञापन सौंपेगा। 

MP में मौसम बदलने के संकेत, कुछ शहरों को मिलेगी ठंड से राहत

भोपाल वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पर बना पश्चिमी विक्षोभ भी आगे बढ़ गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, हवा के रुख में कुछ बदलाव होने से शनिवार से ठंड से मामूली राहत मिलना शुरू हो सकती है। हालांकि कुछ शहरों में शीतलहर का प्रभाव अभी बना रह सकता है। तीन दिन बाद रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, शुक्रवार को भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगांव एवं शिवपुरी में शीतलहर का और इंदौर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। रात का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में रिकॉर्ड किया गया। दिन का सबसे अधिक 30.8 तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।   तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक, अभी तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। उसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। हालांकि राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवाओं का रुख उत्तरी होने के साथ ही बीच-बीच में पूर्वी भी होने लगा है। इसके चलते शनिवार से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने लगेगी। दो दिन बाद हवाओं का रुख पूर्वी होने की भी संभावना है। इसके चलते रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

शहरों में हरियाली बढ़ाने की तैयारी तेज, निकायों को मिला पौध-रोपण का टास्क

भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को वर्ष 2026 में किये जाने वाले व्यापक पौध-रोपण अभियान की तैयारी और इससे जुड़ी कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास ने निकायों से कार्य-योजना दिसम्बर-2025 तक पूर्ण करने के लिये भी कहा है। प्रदेश में वर्ष 2025 में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नगरीय निकायों द्वारा करीब 36 लाख पौधों का रोपण किया गया है। निकायों को लगाये गये पौधों की सुरक्षा में सजगता बरतने को भी कहा गया है। नगरीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि नगरीय निकाय अपने क्षेत्रों में हितधारकों की बैठक और कार्यशाला आयोजित कर वर्ष 2026 के पौध-रोपण लक्ष्यों का पहले आकलन करें और उसके अनुसार रणनीति बनायें। निकायों को यह भी सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है कि कुल लक्ष्य में से शेष पौध-रोपण का कार्य निकायों द्वारा अपने संसाधनों से करना होगा। निकाय सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लान, ओवरहेड टैंक के आसपास की भूमि, सड़कों के दोनों ओर, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल एवं शासकीय परिसरों की बाउण्ड्रीयुक्त भूमि, नदियों, नालों, तालाबों, डैम एवं नहरों के किनारों के साथ मुक्तिधाम और खेल मैदानों के आसपास का क्षेत्र चिन्हित करने के लिये कहा गया है। शहरी क्षेत्र में पौधों की उपलब्धता के लिये उद्यानिकी एवं वन विभाग की नजदीकी नर्सरियों से अभी से सम्पर्क किया जाये। पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पौधों के क्रय के लिये बजट के इंतजाम का प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाये। नगरीय क्षेत्र में अधिकतम हरियाली बढ़ाने के लिये जामुन, अर्जुन, देशी बबूल, बड़े वृक्षों जैसे पीपल, बरगद, आम, महुआ, इमली आदि प्रजातियों के पौधे को प्राथमिकता दी जाये। बीज छिड़काव के लिये उत्तम व्यवस्था की जाये। संचालनालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि वर्ष 2026 के पौध-रोपण कार्य की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवम्बर माह से ही साप्ताहिक समीक्षा की जायेगी। निर्देश में यह भी कहा गया है कि शहरी क्षेत्र के कुछ भवनों में बाउण्ड्री-वॉल नहीं होती है, वहाँ मेहंदी की बाउण्ड्री-वॉल सुरक्षा के हिसाब से लगाने के प्रस्ताव भी तैयार किये जायें। इससे परिसर में सुरक्षा के साथ हरियाली का भी विस्तार होगा। जल संरक्षण को बढ़ावा देना नगरीय निकायों से कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में वर्ष 2026 के पौध-रोपण के साथ जल संरक्षण से संबंधित प्रस्ताव भी तैयार किये जायें। इन दोनों उपायों से शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ पर्यावरण सुधार में बेहतर कार्य हो सकेगा।

छोटे हक़ के लिए बड़ा संघर्ष: 8 रुपये के विवाद पर कोर्ट ने दिलाए 15 हजार रुपये

भोपाल अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से आठ रुपये अधिक लेना डी-मार्ट को भारी पड़ गया। भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-2 ने इसे अनुचित व्यापार बताते हुए 15 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। उपभोक्ता ने इस आठ रुपये के लिए तीन साल की कानूनी लड़ाई लड़ी। आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि स्टोर पैकेट पर लिखी एमआरपी से अधिक कीमत नहीं वसूल सकता। दुकानदार का दायित्व है कि वह बिल में उत्पाद की एमआरपी एवं डिस्काउंट को स्पष्ट रूप से अंकित करे। कोलार रोड निवासी विवेक शर्मा ने 13 अप्रैल 2022 को डी मार्ट से खरीदी की थी। कुल चार हजार 235 रुपये के सामान में एक अंडरगारमेंट भी था। घर आकर जब उन्होंने सामान और बिल का मिलान किया तो पता चला कि अंडरमारमेंट पर एमआरपी केवल 200 रुपये अंकित है, जबकि बिल में उसका मूल्य 208 रुपये बताया गया है। उन्होंने डीमार्ट से शिकायत की तो स्टोर ने उन्हें आठ रुपये लौटाने से मना कर दिया। उसके बाद शर्मा ने आयोग में याचिका लगाई।   सुनवाई के दौरान डीमार्ट का तर्क था कि जो उत्पाद दिया गया, वह पुरानी पैकिंग थी। खरीदी वाले दिन उस अंडरगारमेंट की एमआरपी 260 रुपये था, जिसमें डिस्काउंट कर उसे 208 रुपये में दिया गया। आयोग का कहना था कि स्टोर ऐसा नहीं कर सकता। पैकेट पर 200 रुपया एमआरपी अंकित है तो वह किसी भी स्थिति में उससे अधिक कीमत नहीं वसूल सकता। दुकानदार का यह दायित्व है कि वे बिल में उत्पाद की एमआरपी एवं डिस्काउंट को स्पष्ट रूप से अंकित करें। ऐसा ना कर डीमार्ट ने सेवा में कमी की है। यह अनुचित व्यापार की श्रेणी में आता है। कोर्ट का ग्राहक को 15 हजार देने का आदेश आयोग ने डीमार्ट को आदेशित किया कि वे उपभोक्ता को दो माह के अंदर नौ प्रतिशत ब्याज के साथ 15 हजार रुपये अदा करे। बाक्स अपने अधिकारों प्रति जागरूक हो जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष गिरीबाला सिंह ने बताया कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। कभी भी किसी शापिंग काम्पलेक्स से खरीददारी करें तो घर पर बिल का मिलान जरूर करें। अगर गड़बड़ी मिले तो बेखटके उपभोक्ता आयोग का दरवाजा जरूर खटखटाएं।

सत्ता बरकरार, संदेश भी साफ: CM योगी बोले— बिहार-यूपी का अटूट बंधन

सोनभद्र  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और बिहार के संबंध की तुलना भगवान राम और देवी सीता के पवित्र संबंध से करते हुए शनिवार को कहा कि दोनों राज्यों का रिश्ता भी ‘‘अटूट और सुदृढ़'' है। सोनभद्र में आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 548 करोड़ रुपये की 432 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ऐतिहासिक जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योगी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और बिहार साझा संस्कृति, साझा विरासत और साझा संकल्प के प्रतीक हैं। प्रभु राम और माता जानकी के पवित्र संबंध की तरह दोनों राज्यों का रिश्ता भी अटूट और सुदृढ़ है।''  उन्होंने कहा, ‘‘वहां की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर यह संदेश दिया है कि विकास, सुशासन और स्थिरता के लिए डबल इंजन की सरकार पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित व विकास की नीतियों को जनता का सशक्त समर्थन मिल रहा है।'' मुख्यमंत्री ने सोनभद्र की धरती को उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के अनोखे संगम की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित जनजातीय बहनों–भाइयों की भागीदारी बदलाव की आकांक्षा और विश्वास का प्रतीक है।  सीएम योगी की टिप्पणी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह बिहार में राजग द्वारा महागठबंधन को हराकर सत्ता बरकरार रखने के एक दिन बाद आई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने 10 दिन के चुनाव अभियान में 30 रैलियां और एक रोड शो किया। उनका अभियान 16 अक्टूबर को शुरू हुआ था। अपने भाषणों में योगी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में राजग सरकारों के विकास कार्यों को प्रमुखता से रखा, जबकि कांग्रेस-राजद गठबंधन पर ‘‘जंगल राज'', अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर हमला बोला।   

हर महीने 2100 नहीं, अब एक साथ मिलेगा लाभ! लाडो लक्ष्मी योजना पर CM सैनी की नई घोषणा

हिसार  हरियाणा के हिसार में आयोजित दादा बाढ़ देव जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने महिलाओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की। उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना में अहम बदलाव करते हुए बताया कि अब इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता दो किश्तों में जारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं प्राप्त धनराशि का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकेंगी और चाहें तो किसी रोजगार या छोटे व्यवसाय की शुरुआत भी कर पाएंगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए नई नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने की बात भी कही। इसके साथ ही उन्होंने नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित करने तथा गांवों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से ग्रामीण विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अधिक रोजगार विकल्प प्राप्त होंगे।  किन महिलाओं को मिलता है लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देय राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सहायता प्रदान करना है। योजना के पहले चरण में उन महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपए से कम है। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी है। इसके लिए महिला के पास कम से कम हरियाणा में रहने का 15 साल तक निवास प्रमाण होना चाहिए। महिला की आयु 23 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। इस योजना का लाभ विवाहिता, अविवाहिता व तलाशुदा ले सकती हैं। वहीं जो महिलाएं पहले से किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ उठा रही हैं, उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि सरकार की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि गंभीर बीमारियों जैसे– कैंसर (स्टेज 3–4) या अन्य दुर्लभ बीमारी या रोगों से पीड़ित महिलाओं को इस योजना के तहत अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।   योजना में आवेदन करना सरल लाडो लक्ष्मी योजना में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने 25 सितंबर को एक विशेष मोबाइल एप लॉन्च किया था, जिसके जरिए महिलाएं सीधे आवेदन कर सकती हैं। योजना के तहत सरकार ने पात्र महिलाओं के खातों में 2100 रुपए की राशि सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजने की व्यवस्था की है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए हर लाभार्थी का ई-केवाईसी और लाइव फोटो वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।