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ट्रक ने छीना परिवार का सुख: मां-बेटे की मौत, पिता और बच्चा जिंदगी की जंग में

जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी ने एक पूरे परिवार को मौत के मुंह में ढकेल दिया. मुलमुला थाना क्षेत्र के पामगढ़ रोड पर एक ही बाईक पर पति-पत्नी अपने 3 बच्चों को लेकर सफर कर रहे थे. इसी दौरान एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने बाइक को ठोकर मार दी, जिससे बाइक सवार परिवार ट्रक की चपेट में आ गए. महिला और एक मासूम की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं मृतिका के पति और एक बच्चे की हालत गंभीर है. तीसरा बच्चे को मामूलि चोट आई है. घटना के बाद आरोपी बोलेरो वाहन लेकर फरार हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मृत महिला और मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. वहीं गंभीर रूप से घायल बाइक चालक (मृतिका के पति) और एक बच्चे को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. वहीं तीसरे बच्चे को अकलतरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. आरोपी बोलेरो वाहन चालक की पहचान कर उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है.

जबलपुर- हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण की कोशिश, ट्रेनर अमन खान का कर था ब्रेनवॉश

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जी हां जिम की एक महिला सहकर्मी ने अधारताल थाने में आकर शिकायत की है कि जिम का ट्रेनर अमन खान न केवल उसके साथ गाली गलौज करता है, बल्कि बेड टच भी करता है। पीड़िता ने बताया कि अमन खान लंबे समय से उसे इस्लाम के फायदे बात कर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था।   बात नहीं मानने पर करता था बैड टच  पीड़िता ने बताया कि जब उसने अमन खान की बात नहीं सुनी तो वह उसके साथ गाली गलौज और बेड टच करने की कोशिश करता है। पीड़िता के साथ घट रही घटना की जानकारी जैसे ही टाइगर फोर्स को लगी तो देर रात टाइगर फोर्स के लोग पीड़िता को लेकर अधारताल थाने पहुंचे। पीड़िता और टाइगर फोर्स के लोगों ने थाने में बताया कि अमन खान जिम में आने वाली लड़कियों को अपना नाम पहले तो अमन राज बताता था, फिर उनको धीरे-धीरे बातों में लेकर इस्लाम के फायदे बताकर मुस्लिम धर्म अपनाने की बात कहता था। जब लड़कियां उसकी बात नहीं सुनती तो फिर उनके साथ अभद्र व्यवहार और बेड टच जैसी हरकत करता था।  टाइगर फ़ोर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की  टाइगर फोर्स ने मांग की है कि अमन खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिम के संचालक के ऊपर भी कार्रवाई की जाए। टाइगर फोर्स का कहना है कि जिम में इतने लंबे समय से सारी चीज चल रही है और जिम संचालक को पता ना हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। वहीं पुलिस ने पीड़िता और टाइगर फोर्स की शिकायत के आधार पर मामला कायम कर अमन खान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया

सदैव कार्य निष्ठा की शिक्षा और प्रेरणा मिली श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ब्रह्मानंद जी ने जीवन का हर क्षण मां भारती को न्यौछावर किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले उनके पूज्य ससुर श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी से सदैव 'कार्य निष्ठा' की शिक्षा और प्रेरणा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके देवलोकगमन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि गहन शोक की इस घड़ी में यही शिक्षा व प्रेरणा मुझे संबल प्रदान करती है कि मैं विदेश यात्रा पर मध्यप्रदेश के विकास के संकल्प को पूरा कर पाऊं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी एक शिक्षक थे और उन्होंने जीवन का हर क्षण मां भारती की सेवा के लिए न्यौछावर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोकाकुल परिजन के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए प्रार्थना की है।  

घुमने आई युवती गजपल्ला वाटरफॉल की गहराई में समाई, 20 फीट नीचे पत्थरों के बीच फंसा शव, पर्यटकों की आवाजाही पर रोक

गरियाबंद दोस्तों के साथ घुमने आई रायपुर की युवती गजपल्ला वाटरफॉल की गहराई में समा गई है. 24 घंटे बाद भी उनका शव नहीं निकाला जा सका है. युवती का शव 20 फीट गहराई में पत्थरों के सुरंग के बीच फंसा हुआ है. वन विभाग, नगर सेना, पुलिस और स्थानीय गोताखोर के 60 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में जुटे हैं. वहीं इस हादसे के बाद चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल में पर्यटकों के आने पर प्रशासन ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. सोमवार को लगभग 4 बजे गजपल्ला वाटर फॉल के गहराई में रायपुर की 19 वर्षीय मेहवीस खान गिरी थी. एसडीआरएफ की टीम ने उनके शव का पता लगा लिया है. वाटर प्रूफ कैमरे लेकर गहरे पानी के नीचे तलाश की गई. 19वें घंटे बाद गहराई में मौजूद चट्टान में बने सुरंग नुमा स्थल पर मृतका के फंसी होने की संभावना जताई गई है, लेकिन कैमरा 10 फीट के बाद काम नहीं कर रहा. एसडीआरएफ के लांस नायक उमेश सिन्हा ने बताया कि ज्यादा गहराई में कैमरे की विज्वल्टी का अनुमान नहीं लगाया जा पा रहा. 20 फीट नीचे पत्थरों में सुरंग है. संभावना है कि वही युवती का शव फंसा होगा. रेस्क्यू में रायपुर के एसडीआरएफ की टीम समेत गरियाबंद प्रशासन के 60 से ज्यादा जवान जुटे हुए हैं. मधुमक्खियों ने रेस्क्यू टीम पर किया हमला गजपल्ला में मौजूद वृक्ष में दर्जनभर से ज्यादा मधुमक्खियों के छत्ते मौजूद हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन के दरम्यान मधुमक्खियों ने रेस्क्यू टीम पर हमला भी कर दिया. स्थानीय तीन मददगारों पर मधुमक्खी ने हमला कर दिया था, जिससे एक घंटे तक आपरेशन बाधित हुआ. मौके पर पाण्डुका थाना प्रभारी, गरियाबंद रेंजर भी मौजूद हैं. परिजनों ने किया रतजगा, रो-रो कर बुरा हाल हादसे की सूचना के बाद रायपुर राजापारा में रहने वाले परिजन और सगे संबंधी बड़ी संख्या में घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. मृत्तिका के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल पर पूरी तरह प्रतिबंध : डीएफओ इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल पर पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने प्रतिबंध का बोर्ड लगाकर आवाजाही रोक दिया है. प्रवेश स्थानों पर वन विभाग ने जवान तैनात कर दिया है.

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव गुप्ता ने किया स्वागत

भोपाल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मनोनीत मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा का बुधवार दोपहर को राजभवन आगमन हुआ। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर राजभवन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मनोनीत न्यायमूर्ति सचदेवा का स्वागत किया। विदित हो कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल 17 जुलाई 2025 को प्रात: 10 बजे राजभवन के सांदीपनि सभागार में न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति पद की शपथ दिलाएंगे।  

मेकाहारा जांच मशीनों पर उठे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री का तीखा जवाब विपक्ष पर भारी

रायपुर सदन की कार्यवाही के तीसरे दिन डॉ. भीम राव अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल (मेकाहारा) की बंद पड़ी जांच मशीनों और मशीनों की खरीदी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को घेरा. स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस विधायक के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में पांच साल आपकी भी सरकार थी. कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने प्रश्नकाल में मेकाहारा में बंद पड़ी जांच की मशीनों की मरम्मत का मामला उठाया हुए कहा कि मशीनों में से कई मशीन एक संख्या में थे जो वर्षों से ऐसी ही पड़ी है. मशीनों की खरीदी क्यों नहीं हो रही और खरीदी की प्रक्रिया क्या है? स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि 161 मशीन स्थापित है 50 मशीन बंद है. अभी 70 करोड़ की खरीदी कर रहे हैं. 11 मशीनों का सुधार कार्य चल रहा है. इस पर कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि कैंसर की जांच करने वाले मशीन क्यों नहीं है? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वो जांच मशीन की श्रेणी में नहीं इलाज की श्रेणी में आता है, और यह मशीन विदेश से आता है. लेकिन हम उस मशीन को चालू भी करेंगे. विधायक शेषराज ने सवाल जारी रखते हुए कहा कि यह मशीन पिछले 9 साल पहले आपके ही कार्यकाल में खरीदी गई थी. 9 साल पहले खरीदी गई मशीन अभी तक चालू क्यों नहीं कर पाए है? इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में एक अच्छे सोच के साथ मशीन की खरीदी की गई थी, लेकिन कुछ कारणवश अगर चालू नहीं कर पाए, तो अभी करवा रहे है. लेकिन 5 साल आपकी भी सरकार थी. इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैने पिछले 5 साल में भी यह कहा है बार बार की वह मशीन अगर चालू होगी तो उससे कई लोगों का इलाज किया जा सकता है कोई अनियमितता होगी तो उसकी भी जांच करा सकते हैं.

विदिशा में GRP की बड़ी कार्रवाई, रेलवे स्टेशन से किया 20 बच्चों का रेस्क्यू , 6 तस्कर गिरफ्तार

विदिशा   मध्य प्रदेश के विदिशा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरपीएफ और सोशल वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त कार्रवाई में 20 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। यह बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं, और इन्हें मुंबई होते हुए सूरत ले जाया जा रहा था, जहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में काम करवाया जाना था। ऐसे हुआ बच्चों का रेस्क्यू  विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की दीपा शर्मा ने बताया कि जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को ले जाया जा रहा है । जानकारी के आधार पर ये कार्रवाई की गई। हमारी टीम ने आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की, और सुबह करीब 5 बजे ट्रेन के पहुंचते ही कार्रवाई को अंजाम दिया गया। रेस्क्यू के दौरान कुछ तस्कर मौके से फरार हो गए, जबकि 6 आरोपी को पकड़ लिया गया है। ट्रेन का स्टॉपेज दो मिनिट का था , चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया और 34 लोगों को उतारा गया, जिनमें से 20 बच्चे नाबालिक निकले । जानकारी ये भी है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं, जिन्‍हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू किया जाएगा। पकड़े गए लोगों से हो रही पूछताछ  रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा और फिर बाल संप्रेषण गृह में अस्थाई रूप से रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम, बच्चों को ले जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।  जानकारी के अनुसार ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं और इन्हें ट्रेन के ज़रिए मुंबई होते हुए गुजरात के सूरत शहर ले जाया जा रहा था। वहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में जबरन मजदूरी करवाई जानी थी। विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की प्रमुख दीपा शर्मा ने बताया कि संस्था को इन बच्चों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की गई। सुबह करीब 5 बजे जैसे ही संदिग्ध ट्रेन स्टेशन पर पहुंची टीम ने तत्काल कार्रवाई कर ट्रेन को चेन पुलिंग के ज़रिए रोका।  कार्रवाई के दौरान कुल 34 लोगों को ट्रेन से उतारा गया जिनमें से 20 बच्चे नाबालिग पाए गए। मौके पर हड़कंप मच गया, कुछ तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले लेकिन 6 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दीपा शर्मा ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं जिन्हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू करने की तैयारी की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और उसके बाद अस्थाई रूप से बाल संप्रेषण गृह में रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम पकड़े गए तस्करों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने के लिए हर पहलू की गहन जांच कर रही है। मानव तस्करी क्या है ("मानव तस्करी" का अर्थ)? मानव तस्करी एक संगठित अपराध है जिसमें लोगों को धोखे से, जबरदस्ती या लालच देकर उनका शोषण करने के लिए कहीं और ले जाया जाता है, जैसे कि जबरन मजदूरी या यौन शोषण के लिए। "मानव तस्करी" से कैसे बचा जा सकता है? लोगों को जागरूक बनाकर, बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखकर, और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या सामाजिक संस्थाओं को देकर मानव तस्करी से बचा जा सकता है। "मानव तस्करी" की सूचना कहां दी जा सकती है? आप 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 100 (पुलिस) या किसी भी नजदीकी थाने या सामाजिक संस्था को "मानव तस्करी" की जानकारी दे सकते हैं। क्या बच्चों को काम पर लगाना "मानव तस्करी" में आता है? अगर किसी नाबालिग को जबरन या धोखे से मजदूरी करवाई जा रही है, तो वह मानव तस्करी और बाल शोषण दोनों की श्रेणी में आता है। क्या "मानव तस्करी" के लिए सज़ा का प्रावधान है? हाँ, भारत में "मानव तस्करी" एक गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है।  

कानपुर प्रशासनिक तनातनी में नया मोड़, नेमी फिर बने सीएमओ

कानपुर  कानपुर में डीएम और सीएमओ विवाद में फिर नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन आदेश को स्थागित कर दिया गया है। इसके बाद डॉ. नेमी को कुर्सी फिर मिल गई है। इस संबंध में शासन से आदेश जारी हो गया है। वहीं सीएमओ डॉ. नेमी की जगह चार्ज लेने वाले डॉ. उदयनाथ को फिलहाल श्रावस्ती भेज दिया गया है। 19 जून को हुए थे निलंबित आपको बता दें कि डॉ. हरिदत्त नेमी दिसंबर 2023 में कानपुर के सीएमओ बनाए गए थे। इसके बाद जनवरी 2024 में जितेन्द्र प्रताप सिंह कानपुर के जिलाधिकारी बनाए गए। फरवरी में डीएम जितेंद्र ने अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसमें कई खामियां मिलीं। सीएमओ समेत कई गैरहाजिर मिले थे। इसके अलावा डीएम को एक और गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी। इसके बाद सीएमओ और डीएम में तनातनी हो गई। इसके बाद शासन ने 19 जून को सीएमओ डॉ. हरिदत्त को निलंबित कर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी श्रावस्ती के पद पर तैनात डॉ. उदय नाथ को कानपुर सीएमओ का चार्ज मिल गया। हाईकोर्ट से स्टे के बाद विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई इसके बाद डॉ. नेमी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट से राहत पाते ही सीएमओ की कुर्सी पर कब्जा करने पर ऑफिस पहुंचे। नेमी की मुश्किलें फिर बढ़ गई। इस दौरान सीएमओ ऑफिस में हाईवोल्टेज ड़ामा हुआ। इस पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। शासन ने उन्हें प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों में दोषी पाया। नेमी पर लगे ये आरोप चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तरफ से जारी आदेश के अनुसार ,डॉ. नेमी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चयन प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने, शासनादेशों की अनदेखी कर वित्तीय शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने, नियमों के विरुद्ध स्थानांतरण आदेश जारी करने के आरोप लगे। इसके अलावा अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण में शिथिलता बरतने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन न करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे है। अब निलंबन का आदेश स्थागित अब इस मामले में शासन ने हाईकोर्ट के स्टे आदेश के अनुपालन में उनका निलंबन आदेश स्थागित कर दिया है। डॉ. नेमी की जगह लेने वाले डॉ.उदयनाथ को श्रावस्ती भेज दिया है। डॉ .नेमी को फिर सीएमओ की कुर्सी मिल गई।  

अपहरण कर युवक को बनाया बंधक, वीडियो भेजकर फिरौती मांगी; चार आरोपी पकड़े गए

अलवर अलवर में शेयर मार्केटिंग और ट्रेडिंग से जुड़े एक युवक का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर बुरी तरह पीटने और उसका वीडियो बनाकर 3.5 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने बदमाशों के दिए अकाउंट में 50 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोकेशन ट्रेस की और बूंदी टोल से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित युवक को छुड़वा लिया। अपहृत युवक हंसराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से लौट रहा था, तभी बोलेरो में सवार कुछ लोगों ने उसे जबरन रोक लिया और आंखों पर कपड़ा बांधकर कार में डाल लिया। कार में लगातार उसे पीटा गया। इसके बाद जंगल में ले जाकर आरोपियों ने एक वीडियो शूट किया, जिसमें हंसराज गिड़गिड़ा रहा है- "पेमेंट कर दे भाई, वरना मैं इनके हाथों मर जाऊंगा।" यह वीडियो वॉट्सऐप के जरिए परिवार को भेजा गया। पीड़ित के मुताबिक आरोपी लगातार अलग-अलग आरोप लगाते रहे, कभी छेड़छाड़, कभी साइबर ठगी तो कभी सीधी फिरौती की मांग। आरोपियों ने हंसराज से 50 हजार रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवाए, जिसे बाद में अलवर स्थित एटीएम से एक स्थानीय युवक द्वारा निकाला गया। इससे पुलिस को शक है कि वारदात में गैंग का स्थानीय नेटवर्क भी सक्रिय है। थानाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित के भाई देशराज ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ ही देर में उन्हें मारपीट का वीडियो मिला, जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बदमाशों के पास परिवार की हर गतिविधि की जानकारी थी। इससे संकेत मिले कि कोई जानकार व्यक्ति गैंग से जुड़ा हो सकता है। एएसपी तेजपाल सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा रुपये भेजने के बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और अलग-अलग टीमों को भेजा गया। बूंदी टोल नाके पर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया और पीड़ित युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गैंग है जो फिरौती, ठगी और अपहरण जैसी वारदातों में संलिप्त है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने जताई संतुष्टि, बिजली बढ़ोतरी पर सरकार का जवाब प्रभावी

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष में इतिहास बन गया. बिजली दर में वृद्धि पर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव आसंदी ने अस्वीकार्य कर दिया. लेकिन प्रस्ताव अस्वीकार्य होने के बाद भी विपक्ष ने हंगामा नहीं किया. वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा विषय को गंभीरता से लेने पर आभार जताया. इस पर सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाई. शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बिजली दर में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली दर में वृद्धि से पूरा छत्तीसगढ़ परेशान है. गरीबों को बिजली दर में वृद्धि आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है. विपक्ष ने जो स्थगन दिया है, उस पर चर्चा होनी चाहिए. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में वक्तव्य देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है. यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घरेलू विद्युत दरों में केवल 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है — जिसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में पहले से अग्रिम भुगतान की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े. सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा कर रही है. उद्योगों को बढ़ावा — स्टील इंडस्ट्री की दरों में कटौती मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने हेतु मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती की है. यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.55 घंटे/दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे/दिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. विशेष रूप से कृषि फीडरों में 18 घंटे प्रतिदिन की आपूर्ति दी जा रही है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आंकड़ों में शामिल है. तकनीकी और वाणिज्यिक हानि (AT&C Loss) को 2020-21 में 23.14% से घटाकर 2024-25 में 13.79% किया गया है. यह उपलब्धि दक्ष संचालन, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है. कोरबा में 1320 मेगावॉट का नया प्लांट वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है जिसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए ₹2433 करोड़, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए ₹3977 करोड़ और जनरेशन कंपनी के लिए ₹2992 करोड़ का प्रावधान है. कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी लागत ₹15,800 करोड़ है. इससे छत्तीसगढ़ भविष्य में ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए डबल अनुदान योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹78,000 तक केंद्र सरकार से अतिरिक्त 2 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹30,000 तक राज्य शासन से अनुदान दिया जाएगा. यह योजना छत्तीसगढ़ के घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है. ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए के करार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि पॉवर कंपनी/शासन द्वारा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के करार किए गए हैं, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार दोनों के क्षेत्र में क्रांति आएगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध आपूर्ति मिले, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और टिकाऊ हो. वर्तमान और भावी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा. नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को दिया धन्यवाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने काम करने की बात कही है. उन बातों से हमें लगा कि वह ध्यान दे रहे हैं. हमें लगा कि उन्होंने इसको सीरियस माना है. इसलिए हमने उनका धन्यवाद दिया.