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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व युवा कौशल दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों विशेष रूप से युवाओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि वर्ष 2025 की थीम एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) और डिजिटल कौशल से युवा सशक्तिकरण' है। वर्तमान समय में एआई देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को असीमित अवसर मिलें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण को गति प्रदान कर रही है और प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

रेत खनन में सुधार की पहल: शासन की पहली प्राथमिकता पर्यावरण और पारदर्शिता

रायपुर : रेत खनन में पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और अवैध उत्खनन पर सख्ती शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूप रेत खनन में सुधार की पहल: शासन की पहली प्राथमिकता पर्यावरण और पारदर्शिता रायपुर राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है। पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में तीव्रता राज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है। वैध खदानों की संख्या में वृद्धि वर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी। IIT रुड़की की रिपोर्ट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खनन प्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है। अवैध खनन पर सख्त कार्यवाही वर्ष 2024-25 से जून 2025 तक 6,331 अवैध खनन प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से ₹18.02 करोड़ की वसूली, 184 मशीनों की जब्ती, 56 एफआईआर तथा 57 न्यायालयीन परिवाद दायर किए गए। जिला एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्सों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी सम्मिलित हैं। विवादों पर त्वरित कार्यवाही राजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी में राहत 15 मार्च 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रेत पर रॉयल्टी से छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष राहत मिली है। भविष्य की नीति: पारदर्शिता और संतुलन छत्तीसगढ़ शासन की नीति स्पष्ट है — खनिज संसाधनों के दोहन को जनहित, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित करना। संगठित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई यह नई रेत खनन नीति राज्य के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सशक्त आधार बनेगी।  

निर्दय हत्या से दहला गांव: घर में घुसकर पुरोहित को मारा, पुलिस जांच में जुटी

देवरिया यूपी के देवरिया में एक पुरोहित की घर में घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई है। कमरे में पुरोहित की खून से लथपथ लाश मंगलवार की सुबह मिली। उनके शरीर पर जगह-जगह चाकू के जख्म हैं। माना जा रहा है कि कातिल ने बड़ी बेरहमी से चाकुओं से गोदकर पुरोहित को मार डाला। पुरोहित घर पर अकेले ही रहते थे। उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में रहता है। यह वारदात देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र के धौला पंडित गांव में हुई है। सोमवार की रात घर में घुसकर पुरोहित की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मंगलवार की सुबह हुई। सूचना मिलते ही एएसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। एसओजी समेत तीन टीमें घटना के पर्दाफाश की कोशिशों में जुटी हैं। धौला पंडित गांव के रहने वाले रामाशीष पांडेय पुत्र स्व.रामनिवास पांडेय पुरोहित थे। घर पर अकेले ही रहते थे, जबकि उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में है। मंगलवार की सुबह वह पड़ोसियों को बाहर नहीं दिखे तो उन्हें कुछ संदेह हुआ। इसके बाद जब वह अंदर जाकर देखे तो अवाक रह गए। कमरे में खून से लथपथ रामाशीष पांडेय का शव पड़ा था। दूर तक खून के छींटे पड़े थे। शरीर पर जगह-जगह चाकू से घाव था। यह देख लोगों ने शोर किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस तुरंत ऐक्टिव हो गई। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव, एएसपी सुनील कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच की। डाग स्क्वायड टीम भी आई हत्या जैसे जघन्य अपराध की सूचना मिलते ही एएसपी, सीओ समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसओजी, फोरेंसिक और डाग स्क्वायड टीम ने भी मौके पर पहुंच जांच की। पुलिस इलेक्ट्रानिक सर्विलांस का सहारा ले रही है। कमरे में बिखरा पड़ा है सामान जिस कमरे में पुरोहित की हत्या की गई है, उस कमरे में सामान बिखरा पड़ा है। ऐसा लग रहा है कि पहले लूटपाट हुई है और फिर विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई है। यह भी हो सकता है नीयत हत्या की ही रही हो और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए सामान बिखेर दिया गया हो। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।  

मौसम विभाग ने बताया- कई जगहों पर भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी

जयपुर मानसून के जोर पकड़ने से राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी कई जगहों पर भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह तक पिछले 24 घंटे की अवधि में राजस्थान के अधिकांश स्थानों पर मेघगर्जन/वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम व कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश हुई। इसने बताया कि सर्वाधिक बारिश 183.0 मिलीमीटर बिजोलिया (भीलवाड़ा) में दर्ज हुई। इसी तरह भैंसरोडगढ़ (चित्तौड़गढ़) में 174 मिलीमीटर, मकराना (नागौर) में 136 मिलीमीटर, निवाई (टोंक) में 127 मिलीमीटर, मंडाना (कोटा) में 117.0 मिलीमीटर व सांभर (जयपुर) में 102 मिलीमीटर बारिश हुई। विभाग के अनुसार आज 15 जुलाई को कोटा, अजमेर, जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं बीकानेर, जयपुर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसी तरह 16 जुलाई को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर संभाग के कुछ भागों में भारी बारिश व कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियों में 17 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान में 18 जुलाई से कमी होगी। लगातार अच्छी व भारी बारिश से आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कई शहरों व कस्बों में निचले इलाकों में पानी भर गया। वर्षाजनित हादसों से कई जगह जानमाल की हानि के समाचार हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के पाली मारवाड-बोमादडा रेलखंड के बीच जलभराव के कारण साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रेलगाड़ी मंगलवार को रद्द कर दी गई।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि PM मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 15 जुलाई के दौरान अपने दुबई प्रवास के दौरान विभिन्न व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने दुबई से एक विशेष संदेश जारी कर इस यात्रा को “विकास यात्रा की एक मजबूत नींव” बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मेरे दुबई प्रवास के दौरान अनेक व्यापारिक बैठकों का आयोजन हुआ। मैं यहां के निवेशकों, भारतीय समुदाय के नागरिकों, सरकार के अधिकारियों और भारत के महावाणिज्य दूत का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई की सामर्थ्य को पहचाना है और 2015 से ही उन्होंने इस शहर को वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बनाने की दिशा में कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया है,” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से इस ‘विकास यात्रा’ को इस भावना के साथ डिज़ाइन किया गया है कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दौरे के दौरान दुबई स्थित डीपी वर्ल्ड, जाएफजा (जेबेल अली फ्री ज़ोन), भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के साथ कई रणनीतिक बैठकों का आयोजन हुआ, जिसमें भारत मार्ट जैसे महत्वाकांक्षी वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर सहमति भी बनी।  

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने खत्म की EWS अभ्यर्थियों की आयु सीमा में छूट, बदलाव की ओर MPPSC

भोपाल मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने एक बड़ा और असरदार फैसला लेते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को मिलने वाली पांच साल की आयु छूट को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिससे अब ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को अन्य सामान्य वर्ग की तरह अधिकतम 40 वर्ष की आयु सीमा में ही आवेदन करना होगा। क्या था पुराना नियम? फरवरी 2022 में आयोग ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को SC, ST और OBC वर्ग के समान 45 वर्ष तक की आयु छूट का लाभ देना शुरू किया था। इसके बाद से आयोग की कई परीक्षाओं में EWS वर्ग के हजारों उम्मीदवारों को इस सुविधा का लाभ मिला। लेकिन अब, MPPSC द्वारा जारी नवीनतम नोटिफिकेशन के अनुसार, यह लाभ समाप्त कर दिया गया है। हाईकोर्ट का निर्देश क्यों आया? हाईकोर्ट में इस नियम को लेकर चुनौती दी गई थी कि आयु में छूट केवल आरक्षित वर्गों के लिए लागू होती है, जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग को संविधान में सिर्फ 10% आरक्षण का प्रावधान दिया गया है, न कि आयु छूट जैसी सुविधाएं। कोर्ट ने यह माना कि ईडब्ल्यूएस को सामाजिक रूप से पिछड़ा वर्ग नहीं माना गया है, इसलिए उन्हें आयु सीमा में छूट देना नियमों के विरुद्ध है। इससे बड़ा यह झटका, पहले की परीक्षा से भी बाहर होंगे     इसमें भी एक बड़ा झटका यह लगा है कि जिन भर्ती विज्ञापनों में यह छूट मिली थी वह सभी खत्म बैकडेट से खत्म हो गई है। क्योंकि यह छूट याचिका 2022 के अनुपालन में ही मिली थी, इसके बाद ही आयोग ने विविध भर्ती विज्ञापन में यह छूट के लिए लाइन डाली थी, लेकिन अंतिम आदेश के बाद इसे लागू कर दिया गया है। यानी जिन भी भर्ती परीक्षा में ईडब्ल्यूएस पुरुष उम्मीदवारों ने यह छूट ली है, उन्हें बाहर किया जाएगा।     इसका असर पुरानी भर्ती परीक्षा में भी होगा। उन सभी में जिसमें आयु छूट सीमा के तहत आयोग ने 2108/22 की याचिका का हवाला देकर ईडब्ल्यूएस वालों को छूट दी थी। इस फैसले का असर किन पर होगा?     जिन ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों की उम्र 1 जनवरी 2025 तक 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है, वे आगामी परीक्षाओं में आवेदन नहीं कर सकेंगे। वर्तमान में प्रक्रियाधीन परीक्षाएं, जैसे कि राज्य सेवा परीक्षा, वन सेवा परीक्षा आदि में यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू होगा। आयोग को 2022 से अब तक आयु छूट के आधार पर चयनित ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करनी पड़ सकती है। प्रभावित होंगे हजारों उम्मीदवार इस आदेश से बड़ी संख्या में ईडब्ल्यूएस वर्ग के युवाओं को झटका लगा है। वे जो आयु छूट के कारण परीक्षा में शामिल हुए थे, अब उनकी नियुक्तियां भी संकट में पड़ सकती हैं। कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का विरोध भी शुरू कर दिया है और इसे असमानता भरा निर्णय बताया है। यह सूचना जारी की है आयोग ने आयोग द्वारा भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा में उल्लेख था कि ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों द्वारा याचिका 2108/2022 में हाईकोर्ट द्वारा 8 फरवरी 2022 को जारी आदेश के अनुपालन में एसटी, एससी व ओबीसी के समान ईडब्ल्यूएस को भी आयु सीमा में छूट होगी। यानी जिन उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2025 को 45 साल से अधिक नहीं है वह आवेदन भर सकेंगे। लेकिन यह छूट याचिका 2108/22 के कोर्ट आदेश के अधीन होगी इस याचिका पर कोर्ट द्वारा 17 मार्च 2025 को अंतिम आदेश जारी करते हुए याचिका खारिज कर दी गई है। इसलिए आयोग विज्ञापनों में ईडब्ल्यूएस के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा अब अधिकतम 40 साल ही रहेगी। इसलिए जिन पुरुष उम्मीदवारों की सीमा 40 साल से अधिक है वह अपात्र माने जाएंगे। MPPSC का आधिकारिक नोटिफिकेशन आयोग की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया 'अब से ईडब्ल्यूएस वर्ग को आयु में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्हें सामान्य वर्ग के समान अधिकतम 40 वर्ष की सीमा में आवेदन करना होगा। यह आदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पारित किया गया है।' EWS पुरुषों को छूट खत्म का पूरा मामला 5 पॉइंट्स में     आयु सीमा छूट खत्म: MPPSC ने EWS पुरुष उम्मीदवारों के लिए 5 साल की उम्र छूट खत्म की, अब अधिकतम आयु 40 साल होगी।     हाईकोर्ट आदेश: 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने EWS की आयु सीमा छूट को खारिज कर दिया।     बैकडेट से लागू: पहले दी गई छूट अब बैकडेट से खत्म, उम्मीदवार अपात्र होंगे।     प्रभावित परीक्षाएं: राज्य सेवा, असिस्टेंट प्रोफेसर, इंजीनियरिंग और मेडिकल ऑफिसर परीक्षाएं प्रभावित होंगी।     आधिकारिक निर्णय: हाईकोर्ट ने EWS को केवल आर्थिक आरक्षण दिया, उम्र छूट नहीं दी। यह सभी परीक्षाएं होंगी प्रभावित राज्य सेवा परीक्षा राज्य सेवा परीक्षा 2023 के इंटरव्यू शुरू हुए हैं। इसमें तो असर होगा ही, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2024 जिसके इंटरव्यू अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित हैं, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2025 जिसकी प्री हो चुकी है और अब मेंस का इंतजार है, इसमें भी यह असर आएगा। इसमें कोई चयन सूची में आया है, वह अब अपात्र होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती अभी साल 2022 की भर्ती के रिजल्ट आए हैं और आगे भी कुछ इंटरव्यू होना है। वहीं भर्ती 2024 की भी प्रक्रिया जारी है। इन सभी पर असर होगा। वहीं अभी इसी भर्ती का अगला चरण 27 जुलाई को होना है। इन सभी से यह बाहर होंगे राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा और मेडिकल ऑफिसर भर्ती राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा 23 पदों के लिए तो मेडिकल ऑफिसर भर्ती 890 पदों के लिए होना है। इन सभी पर इनका असर होगा। इसके साथ ही अन्य कई परीक्षाएं इसमें आएंगी जिनके लिए भी इस याचिका का हवाला देकर छूट की बात लिखी थी। हाईकोर्ट ने यह कहा था आदेश में जबलपुर में लगी रिट अपील में ईडब्ल्यूएस को भी एसटी, एससी और ओबीसी की तरह ही परीक्षा में बैठने के अधिक बार मिलने वाले अवसर और उम्र छूट सीमा का मुद्दा था। इसमें सभी पक्ष सुनने के बाद 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने आदेश दिए और कहा कि ईडब्ल्यूएस को 103वें संविधान संशोधन के तहत आर्थिक आधार पर यह आरक्षण … Read more

रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद

रायपुर : मुख्यमंत्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री साय से भूमि संसाधन सचिव की सौजन्य भेंट, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद भू-अभिलेख सुधार, डिजिटल सर्वे और राजस्व न्यायालयों में मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें। केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है। जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, कीर्तन राठौर, अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।

राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने रायपुर जिले के ग्राम कुंवरगढ़ में बुनकरों द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी और उन कार्यो का अवलोेकन करने का अनुरोध राज्यपाल से किया।

श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में बड़ा खुलासा: छात्राओं के यौन उत्पीड़न पर सीनियर डॉक्टर पर गिरी गाज

रीवा  रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 नर्सिंग छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न और अभद्रता करने के मामले में ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ को सस्पेंड कर दिया गया। उन्हें सस्पेंड करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मेडिकल कालेज में जमकर हंगामा किया गया था और उन पर कार्रवाई की मांग की थी। हाल ही में रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 छात्राओं ने मेडिकल कालेज से संबद्ध गांधी स्मृति चिकित्सालय के ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ पर यौन उत्पीड़न और अभद्रता सहित कई आरोप लगाए थे। बीएससी नर्सिंग की 80 छात्राओं ने यौन दुर्व्यवहार और असहज व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि डॉक्टर के व्यवहार से वे खुद को असुरक्षित और मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हैं। इसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया। नर्सिंग काॉलेज के प्राचार्य ने छात्राओं के विभाग में जाने पर रोक लगा दी थी। इस मामले की जांच के लिए नेत्र रोग विभागाध्यक्ष शशि जैन के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी छात्राओं के समर्थन में उतर आया था और डाक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर मेडिकल कालेज में हंगामा किया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें 10 दिनों का आश्वासन दिया गया था। अब डॉक्टर अशरफ पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन पत्र में बताया गया है कि डॉक्टर अशरफ द्वारा प्रस्तुत जवाब संतुष्ट नहीं पाए जाने पर उन पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।