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मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी निर्माण से खत्म होगी बंगाल पर निर्भरता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मत्स्य पालन को मिलेगा उद्योग का दर्जा, अन्य उद्योगों की तरह मिलेगी सुविधाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को मत्स्य उत्पादन में देश का नम्बर वन राज्य बनाएंगे मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी निर्माण से खत्म होगी बंगाल पर निर्भरता भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क का निर्माण जारी इंदिरा सागर बांध में हुआ 92 करोड़ रुपए से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का किया भूमि-पूजन मछली पालन में स्टार्टअप और आधुनिक मशीनों का उपयोग शुरू महाराज निषादराज ने सबसे पहले श्रीराम की प्रभुता को पहचाना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन को किया संबोधित उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम के मित्र महाराज निषादराज ने सबसे पहले श्रीराम की प्रभुता को पहचाना था। मछुआ समुदाय अपने जीवन को खतरे में डालकर पानी में खेती करता है, यह साहस का कार्य है। मछली और मछुआरों का सदियों से संबंध रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में भी मछुआ कल्याण बोर्ड के माध्यम से कई योजनाएं संचालित हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार का लाभ दे रही है। मछली पालन भी एक उद्योग है, इसे भी अन्य उद्योगों की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का भूमि-पूजन और इंदिरा सागर बांध में लगभग 92 करोड़ लागत से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादवने मछुआरा समुदाय को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन स्थित कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मत्स्य पालन से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर एवं भगवान निषादराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मछली पालन सिर्फ पारम्परिक कार्य नहीं, एक आधुनिक उद्योग है। इसमें निवेश बढ़ेगा, उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क (मछलीघर) का निर्माण किया जा रहा है। सरकार मस्त्य पालन के लिए मछुआरों को अनुदान देगी। राज्य सरकार ने प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया है, जिसका लाभ मछुआरों को भी मिल रहा है। पिछली सरकार में प्रदेश की सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती थी, यह रकबा हमारी सरकार में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना से सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचेगा। कई तालाब भी बनाए जाएंगे। मछलियां कई लोगों के लिए आजीविका का साधन हैं। इंदिरा सागर सहित अन्य जलाशयों में 3 लाख से अधिक केज स्थापित किए जाएंगे। मछुआरों को आईस बॉक्स लगी 430 मोटरसाइकिलें बांटी गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मछुआरों को 430 मोटर साइकिलें बांटी गई हैं, जिनमें आईस बॉक्स भी लगे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 4.4 लाख हेक्टेयर में मछली पालन कार्य हो रहा है, वर्ष 2024-25 में प्रदेश का मछली उत्पादन 3.81 लाख मैट्रिक टन रहा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक मत्स्य पालक पंजीकृत हैं। महिलाएं भी इस व्यवसाय में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि 217 करोड़ लागत से मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी का निर्माण किया जाएगा। इससे बीज के लिए बंगाल पर निर्भरता खत्म होगी। हमारी सरकार दूध उत्पादन और मस्त्य उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। बदलते समय में मछली पालन क्षेत्र में आधुनिक मशीनों का उपयोग और स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है। रक्षाबंधन का समय आ रहा है, आज लाड़ली बहनों के खाते में राशि अंतरित करने का दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार 15 से 30 जुलाई तक प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री ने उपस्थितजन को नशा मुक्ति एवं फिजूलखर्ची से बचने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में स्वयं को बदलने की जरूरत है। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद पिछड़े मछुआ समुदाय को मुख्य धारा में लाने की पहल शुरू की गई है। मछुआरों को व्यापार संचालन के लिए मछुआ क्रेडिट कार्ड बांटे जा रहे हैं। वर्ष 2028 तक मछुआ कल्याण विभाग प्रदेश में कई उपलब्धियां अर्जित करेगा। म.प्र. मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सीताराम बाथम ने कहा कि प्रत्येक जिले में कुछ निषाद मंगल भवन बने हैं। बाथम ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जो कार्य वर्षों में नहीं हुए, वे अब महीनों में हो रहे हैं। यह मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है। राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन में उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मत्स्य पालक उपस्थित थे।  

सदी पुरानी वास्तुकला को मिलेगा नया जीवन, वल्लभ भवन की पुरानी संरचना की तैयारी शुरू

भोपाल वल्लभ भवन की पुरानी इमारत को इसी महीने से नया रूप दिया जाएगा। सबसे पहले पांचवीं मंजिल का काम शुरू होगा। यहां पहले मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी बैठते थे। इसके बाद बाकी मंजिलों का काम होगा। सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी के अफसर संजय कुमार शुक्ल ने 19 विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस रेनोवेशन में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। पुरानी बिल्डिंग को नया बनाने में लगभग दो साल लगेंगे और 86 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। वल्लभ भवन की पुरानी बिल्डिंग को नया बनाने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। जीएडी के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काम इसी महीने शुरू हो जाएगा। सबसे पहले पांचवीं मंजिल का रेनोवेशन होगा। इसके बाद चौथी, तीसरी, दूसरी, पहली और फिर ग्राउंड फ्लोर का काम किया जाएगा। फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी होगा काम संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्होंने 19 विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम शुरू करने के लिए कहा है। उन्होंने जीएडी के रजिस्ट्रार और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को भी जरूरी निर्देश दिए हैं। जीएडी के एसीएस के तौर पर काम शुरू करने के बाद संजय कुमार शुक्ल ने एक मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने कहा कि पुरानी बिल्डिंग के फायर सेफ्टी सिस्टम और बिजली की लाइनों को ठीक किया जाएगा। इस तरह से खर्च होंगे 86 करोड़ शुक्ल ने रजिस्ट्रार मनोज श्रीवास्तव को विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अफसरों को शिफ्ट कराएं, ताकि ठेकेदार इसी महीने से काम शुरू कर सके। खबर है कि ठेकेदार जुलाई के आखिरी हफ्ते में काम शुरू कर सकता है। पहले वह डंपिंग यार्ड बनाएगा। पीडब्ल्यूडी इस रेनोवेशन पर 86 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसमें 49 करोड़ रुपए सिविल वर्क पर और 36 करोड़ रुपए बिजली के काम पर खर्च होंगे।  

रेल यात्रा में की ये छोटी सी गलती और पहुंच गए जेल, 1100 से ज्यादा यात्रियों पर हुई कार्रवाई

लखनऊ  रेलवे यात्रियों की सुविधाजनक यात्रा के लिए तमाम तरह के अभियान चला रही है। इसके तहत महिलाओं की सरक्षा का पूरा ध्यान भी रखा जा रहा है। महिला कोच में सवार पुरूषों को पकड़ कर जुर्माना वसूला गया। साथ ही पूर्व मध्य रेल द्वारा बिना पर्याप्त कारण अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की गयी।  ऑपरेशन ‘समय पालन' के तहत 15 जून से 30 जून तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम द्वारा पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों में बिना उचित कारण के चेन पुलिंग करने के आरोप में 612 यात्रियों को रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत गिरफ्तार किया गया। इसी तरह महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर ऑपरेशन ‘महिला सुरक्षा' के तहत महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों के खिलाफ भी 15 जून से 30 जून तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम द्वारा पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों पर महिला कोच में यात्रा करने के आरोप में रेल अधिनियम की धारा 162 के तहत 1176 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार किया गया। 

शराब के नशे में स्कूल पहुंचे प्रधान पाठक, खुद को कमरे में किया बंद, तत्काल प्रभाव से हुए निलंबित

मुंगेली छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही कुछ शिक्षकों के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचने के मामले सामने आने लगे हैं. ऐसा ही एक मामला मुंगेली जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिंघनपुरी में सामने आया, जहां प्रधानपाठक सतनाम दास दो दिन पहले शराब के नशे में स्कूल पहुंचे. इस दौरान प्रधानपाठक ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. सूचना पर बीईओ प्रतिभार मंडलोई मौके पर पहुंची थी. अब इस मामले में एक्शन लेते हुए सतनाम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, 10 जुलाई को शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिंघनपूरी में टल्ली टीचर प्रधान पाठक सतनाम दास ने खूब ड्रामा किया. खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. घटना की जानकारी मिलते ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) प्रतिभा मंडलोई मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाकर प्रधान पाठक को कमरे से बाहर निकलवाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. बीईओ ने तत्काल उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना दी, जिसके बाद प्रधान पाठक का डॉक्टरी मुलाहिजा भी कराया गया. कलेक्टर कुंन्दन कुमार के निर्देश और बीईओ प्रतिभा मंडलोई के जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सीके धृतलहरे ने सतनाम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में घटना को लेकर आक्रोश है. उनका कहना है कि जिस स्थान को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, वहां इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

भ्रष्टाचारी पंचायत सचिव राशन पर्ची ऑनलाइन कराने के एवज में घूस लेते दिखा रिश्वखोर

मुंगावली सरकार की तमाम सख्तियों और छापामार टीमों की लगातार कार्रवाईयों के बावजूद मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ता जा रहा है। आलम ये है कि प्रदेश में हर रोज किसी न किसी विभाग का अफसर या कर्मचारी रिश्वतखोरी करते गिरफ्तार किया जा रहा है। बावजूद इसके रिश्वतखोरों की भूख कम होने का नाम नहीं ले रही। रिश्वतखोरी की ताजा बानगी सूबे के अशोकनगर में सामने आई है। यहां एक पंचायत सचिव राशन पर्ची ऑनलाइन करने के एवज में ग्रामीण से 1 हजार रुपए की रिश्वत ली है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। दरअसल, मुंगावली तहसील के पारकना पंचायत सचिव राजधर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि, जनवरी 2025 में उसने एक ग्रामीण से राशन पर्ची ऑनलाइन करने के नाम पर 1 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। उसने काम पूरा करने की गारंटी ली थी। लेकिन, पैसे लेने के बाद भी आज तक हितग्राही को पर्ची उपलब्ध नहीं करवाई है, जिसके चलते पीड़ित ने अब उसका रिकॉर्ड किया रिश्वतखोरी का वीड उसने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। हालांकि, इस मामले में अब तक विभाग के किसी अधिकारी या पीड़ित पक्ष की ओर से किसी तरह का बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि, प्रशासन इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है?

उत्तर प्रदेश में बजा पंचायत चुनाव का बिगुल, ऐसे बनेंगे वोटर, जानिए कब आएगी वोटर लिस्ट?

लखनऊ उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी है. 18 जुलाई 2025 से पंचायत चुनाव की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू होंगी. निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को होगा. इसके बाद मार्च 2026 में पंचायत चुनाव का महासंग्राम होगा. इस बीच चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. OSD राज्य निर्वाचन आयोग, IAS डॉ. अखिलेश मिश्रा ने इस संबंध में सभी ज़िलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है. वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य हो चुका है शुरू जून 2025 से वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य शुरू हो चुका है. जिसमें मृतकों के नाम हटाने और नए मतदाताओं को जोड़ने का काम होगा. इसके साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. यह चुनाव ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, और जिला पंचायत अध्यक्षों के चयन के लिए महत्वपूर्ण हैं नए परिसीमन के तहत यूपी में 512 ग्राम पंचायतें हुईं कम यूपी पंचायत चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 'सेमीफाइनल' के रूप में देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में 57,695 ग्राम पंचायतों, 826 ब्लॉकों और 75 जिला पंचायतों में होने वाले ये चुनाव राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. हाल ही में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा किया है, जिसके तहत 512 ग्राम पंचायतें कम कर दी गई हैं, अब कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे. नए परिसीमन में प्रदेश के तीन जिलों में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें कम हुई हैं, जो चित्रकूट, आजमगढ़ और देवरिया हैं.   अगले साल यानी 2026 में यूपी पंचायत चुनाव होने हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। मतदाता पुनरीक्षण का कार्य 18 जुलाई से शुरू हो जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 जनवरी 2026 को जारी की जाएगी। मार्च-अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने अगले साल की पहली तिमाही में पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके पहले चरण में वोटर लिस्ट के व्यापक पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। 18 जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। 14 अगस्त से बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचकर सर्वे करेंगे और अर्ह लोगों को वोटर बनाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने  इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत के किसी हिस्से या पूरी ग्राम पंचायत के शहरी निकाय में शामिल होने की स्थिति में वहां की वोटर लिस्ट डिलीट करने से होगी। साथ ही BLO और पर्यवेक्षकों को इस अवधि में उनके कार्यक्षेत्र का आवंटन भी किया जाएगा। 1 जनवरी, 2026 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान छुट्टियों के दिन भी दफ्तर खुलेंगे। किसी भी स्थिति में अभियान की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। आयोग की वेबसाइट https://sec.up.nic.in/OnlineVoters/ के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा। BLO इन आवेदनों के आधार पर भी आवेदक के घर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और उसके आधार पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज किया जाएगा। कब क्या होगा?     18 जुलाई-13 अगस्त : बीएलओ को कार्यक्षेत्र का आवंटन     14 अगस्त-29 सितंबर : घर-घर सर्वे, अर्ह वोटरों का नाम जोड़ना     14 अगस्त-22 सितंबर : ऑनलाइन आवेदन की अवधि     23 सितंबर-29 सितंबर : ऑनलाइन आवेदनों की घर जाकर जांच     30 सितंबर -24 नवंबर : वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी तैयार करना     25 नवंबर-04 दिसंबर : बूथों की नंबरिंग, मैपिंग     05 दिसंबर : वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी होगा     6-12 दिसंबर : दावे व आपत्तियां प्राप्त करना     13-19 दिसंबर : दावों व आपत्तियों का समाधान     15 जनवरी : फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन

TIT कॉलेज गैंगरेप प्रकरण: छठे आरोपी को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने लगाई स्ट्रिक्ट शर्तें

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के टीआईटी कॉलेज में स्टूडेंट्स से गैंगरेप मामले के छठे आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। 20 जून को आरोपी अबरार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। न्यायाधीश नीलू राजीव श्रृंगीऋषि ने फैसला सुनाया है। गैंगरेप के सभी आरोपी अब जेल के सलाखों के पीछे है। यह था मामला दरअसल, राजधानी भोपाल में लव जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया था। आरोपियों ने धर्म देखकर रेप की वारदात को अंजाम दिया था। धर्म देखकर दोस्ती की फिर तीन युवतियों से रेप किया गया। फरहान खान, साहिल खान और अली खान ने पहले नाम बदलकर दोस्ती की थी। नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, रेप, ब्लैकमेलिंग ही नहीं, जबरन धर्म परिवर्तन की दबाव भी बनाया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट देर फंसाया। पीड़िताओं को नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए गए। इन वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें डराया गया और दूसरी लड़कियों को फंसाया गया। आयोग ने यह भी पाया कि आरोपी आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से थे। आरोपियों की भव्य जीवनशैली ड्रग या अपराध के नेटवर्क से जुड़ाव की ओर इशारा करता है। भोपाल में भी सामने आया अजमेर जैसा कांड  भोपाल में रायसेन रोड स्थित TIT कॉलेज से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यह केस इस कदर खौफनाक है कि 1992 के कुख्यात अजमेर रेप कांड की याद दिला देता है। TIT कॉलेज में एक संगठित गिरोह ने कथित तौर पर हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ रेप किया, अश्लील वीडियो बनाए और इन वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों और बहनों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने इस मामले में 2 मुख्य आरोपियों, फरहान खान और मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है, और SIT मामले की गहन जांच कर रहा है। 20 वर्षीय छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए कराई FIR यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया, जब 17 अप्रैल 2025 को बैतूल की रहने वाली एक 20 साल की छात्रा ने बागसेवनिया थाने में हिम्मत जुटाकर FIR दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि फरहान खान ने 2022 में उसे प्रेम जाल में फंसाया और जहांगीराबाद स्थित अपने दोस्त हमीद के घर ले जाकर उसके साथ रेप किया। इस दौरान उसका अश्लील वीडियो बनाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण किया जाता रहा। यही नहीं, फरहान ने उसकी बहन को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर शिकार बनाया। पीड़िता ने जब फरहान के मोबाइल में अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो देखे, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। मांस खाने का बनाया दबाव और धर्मांतरण की कोशिश पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, पीड़िताओं को गांजा, शराब जैसे नशीले पदार्थ दिए गए और जबरन मांस, खासकर मटन, खिलाने का दबाव बनाया गया। कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन पर धर्मांतरण का दबाव भी डाला गया। बैतूल की 2 सगी बहनों ने बताया कि फरहान और उसके साथियों ने उन्हें गांजा पिलाया, मांस खिलाया, और फिर गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि बाकी लोगों ने भी उनका यौन शोषण किया। आरोपियों की हरकतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़िता ने डर के मारे तीसरे वर्ष में पढ़ाई तक छोड़ दी। 3 थानों में दर्ज की गई FIR, जांच के लिए SIT गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। बागसेवनिया, अशोका गार्डन, और जहांगीराबाद थानों में 3 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें BNS, POCSO एक्ट, IT एक्ट, और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। चौथी पीड़िता की काउंसलिंग जारी है, जिसके बाद एक और FIR दर्ज हो सकती है। पुलिस ने TIT कॉलेज के छात्र और जहांगीराबाद के रहने वाले मुख्य आरोपी फरहान खान के साथ-साथ प्राइवेट नौकरी करने वाले और अशोका गार्डन में रहने वाले मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से 10 से 15 अन्य युवतियों के अश्लील वीडियो मिले हैं, जिनकी साइबर फॉरेंसिक टीम जांच रही है। अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है यह केस DCP जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया, ‘बागसेवनिया थाने में एक नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर जीरो FIR दर्ज की गई है। POCSO और रेप की धाराओं में कार्रवाई शुरू की गई है। वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई है, और SIT इसकी गहन जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जा सके।’ पुलिस के अनुसार, यह मामला 1992 के अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है, जहां एक गिरोह ने छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए और ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों को भी निशाना बनाया। भोपाल में भी आरोपियों ने पहले एक छात्रा को फंसाया, उसका वीडियो बनाया, और फिर उसे अपनी सहेलियों से मिलवाने के लिए मजबूर किया। बीजेपी नेताओं ने की सख्त सजा की मांग भोपाल के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को ‘केरल स्टोरी जैसी साजिश’ करार देते हुए आरोपियों को सार्वजनिक सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने बेटियों के वीडियो बनाकर उनका अपमान किया, उन्हें बंद कमरों में क्यों रखा जा रहा है? उनकी ठुकाई सार्वजनिक होनी चाहिए। यह अकेली घटना नहीं, तीन ऐसी वारदातें हुई हैं। सरकार हर एंगल से जांच कर रही है, और किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।’ मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, ‘पुलिस ने तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार किया। SIT का गठन किया गया है ताकि इस साजिश की हर कड़ी का खुलासा हो। मध्य प्रदेश में लव जिहाद जैसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ

भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा से पेड़-पौधों में भी जीवन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय वैदिक साहित्य और परंपरागत ज्ञान ने हमें सिखाया है कि पेड़-पौधों में भी जीवन है। इसी आधार पर हम पेड़ -पौधों की पूजा भी करते हैं और उनको अपना संरक्षक भी मानते हैं। वे हमारे लिए जीवन यापन का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन में महाकाल परिसर में पौधारोपण अभियान का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। अभियान का शुभारंभ मंत्रोउच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी और महाकालेश्वर मंदिर के महंत विनीत गिरी महाराज का शाल और महाकाल का प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस ने विदेशों में जाकर यह सिद्ध किया कि वनस्पतियों में भी जीवन है। वहां के लोगों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। विदेशी नागरिकों ने कहा कि जब आप यह बात भारत में बताएंगे तो आपकी खूब प्रशंसा होगी। इस पर डॉ. बोस ने बताया हम भारतीय तो परंपरागत ज्ञान से ही जानते हैं कि पेड़-पौधों में जीवन होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए। इससे हमें प्रकृति के उपकार को चुकाने अवसर मिलता है। हम कोशिश करें कि वर्षा ऋतु में पांच पौधे अवश्य लगाएं, इससे हम प्रकृति को उसके आशीर्वाद के बदले एक उपहार दे सकते हैं। इस अवसर पर उज्जैन प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद और संत उमेश नाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, अनिल जैन कालूखेड़ा, संजय अग्रवाल और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।  

लखनऊ में शुरू हुई कार्यशाला, CM योगी बोले– ‘पशुधन विकास से मिल सकती है पशुपालकों की समृद्धि’

लखनऊ  राजधानी लखनऊ में शनिवार को 'भारत में पशु नस्लों का विकास' विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के हाल में किया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य 'पशुधन में वृद्धि से पशुपालकों की समृद्धि' है। इस मौके पर योगी सरकार में पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बंघेल, केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन मौजूद रहे।  

एक और झटका! कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता नभा की मौत, चोटों के निशान ने बढ़ाई चिंता

श्योपुर  मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से दुखद खबर सामने आ रही है. नामीबिया से लाई गई मादा चीता नभा की मौत हो गई है. जिसकी जानकारी कूनो के द्वारा दी गई है. कूनो प्रबंधन ने बताया कि नामीबिया की 8 वर्षीय मादा चीता नभा की आज शनिवार को मौत हो गई. वह एक हफ्ते पहले अपने सॉफ्ट रिलीज बोमा के अंदर घायल अवस्था में पायी गई थी. क्या शिकार के दौरान घायल हुई चीता नभा संभवतः वह शिकार के प्रयास के दौरान घायल हुई थी. अन्य चोटों के साथ उसके दोनों बाएं आगे एवं पिछले पैरों (Ulna and Fibula) में फ्रैक्चर पाया गया है. एक हफ्ते से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी उसकी मृत्यु हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चीते की मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. 31 से 30 रह गई चीतों की संख्या कूनो नेशनल पार्क में अब 28 चीते मौजूद हैं. जिनमें 9 व्यस्क (6 मादा और 3 नर) और 17 भारतीय जन्में शावक हैं, सभी स्वस्थ हैं और अच्छे से विचरण कर रहे हैं. इसके अलावा, गांधीसागर अभ्यारण में दो नर चीते शिफ्ट हुए हैं. कूनो राष्ट्रीय उ‌द्यान में 26 चीतों में से 16 चीते खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं. भारत में कुल चीतों की संख्या 30 रह गई है. वे कूनो नेशनल पार्क के वातावरण से पूर्णतः अनुकूलित हो गए हैं. साथ ही उन्होंने सह-शिकारियों के साथ रहना सीख लिया है और नियमित रूप से शिकार कर रहे हैं. हाल ही में सभी चीतों की एंटी एक्टो-परजीवी दवा सफलतापूर्वक लगायी गई है. दो माताएं, वीरा और नीरवा अपने नन्हे शावकों के साथ स्वस्थ हैं. 2022 में 70 साल बाद भारत आए थे चीते बता दें कि भारत से कई सालों पहले विलुप्त हो गए थे. करीब 70 साल के बाद चीतों की पुनरुत्थान योजना के तहत 17 सितंबर 2022 को 8 चीते नामीबिया से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे. 18 फरवरी 2023 को 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया. इन 20 चीतों के साथ धीरे-धीरे इन चीतों का कुनबा तो बढ़ा लेकिन कई चीतों की मौत भी हुई. 11 मार्च 2023 को चीता प्रोजेक्ट के तहत एक नर और एक मादा चीता को खुले जंगल में छोड़ा गया. इस बीच कूनो में खुशियों की किलकारी गूंजी, मादा चीता ज्वाला ने 4 शावकों को जन्म दिया. ये देश में चीतों की विलुप्ति के बाद भारत की धरती पर जन्मे पहले चीता शावक थे.