samacharsecretary.com

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत जिले भर में हुई जागरूकता शिविर का आयोजन

एमसीबी    भारत सरकार की बहुप्रशंसित योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण मिशन शक्ति ( HUB) द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के निर्देशन में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आज जिले की  मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, खड़गवां और जनकपुर परियोजनाओं में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को बढ़ती जनसंख्या दर के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और परिवार नियोजन, महिला शिक्षा व सशक्तिकरण के संदेश को व्यापक रूप से फैलाना था। शिविरों का आयोजन कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. खाती के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का समन्वय जिला मिशन समन्वयक (मिशन शक्ति  HUB) श्रीमती तारा कुशवाहा द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी परियोजनाओं में उत्कृष्ट संचालन और मार्गदर्शन प्रदान किया।         मनेन्द्रगढ़ परियोजना में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि सरजु यादव सहित मुकेश अग्रवाल, अजय जयसवाल, काशी प्रसाद, सुनैना विश्वकर्मा, सुशिला सिंह, उर्मिला जयसवाल, माया सोनकर, नीलू जयसवाल, हुसैना बेगम और शांता जयसवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती सुमन सिंह की भूमिका भी सराहनीय रही। वहीं खड़गवां परियोजना में कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों, जनपद सदस्यों और सरपंचों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं चिरमिरी परियोजना में महापौर श्री रामनरेश राय एवं परियोजना अधिकारी सहित स्थानीय जनसमुदाय ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। जनकपुर में विधायक प्रतिनिधि दुर्गाशंकर मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षदगण और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम ने जनजागरूकता के नए आयाम स्थापित किए।       कार्यक्रम में नवा बिहान की संरक्षण अधिकारी श्रीमती नीता पांडेय, जेंडर विशेषज्ञ शैलजा गुप्ता, वित्तीय साक्षरता समन्वयक श्रीमती अनीता कुमारी साह एवं सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक श्रीमती प्रियंका राजवाड़े की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया। इन शिविरों के माध्यम से लिंगानुपात में संतुलन, महिला सशक्तिकरण, कन्या शिक्षा, जनसंख्या नियंत्रण और परिवार कल्याण योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों एवं शहरी जनता को दी गई ।

दमोह की नदी में घात लगाए मगरमच्छ, महिला पर किया घातक हमला

दमोह मध्यप्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार की सुबह एक मगरमच्छ ने नदी के किनारे बैठी 40 वर्षीय महिला को मार डाला। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीड़िता मालती बाई सावन के पवित्र महीने के पहले दिन कनियाघाट पट्टी गाँव में नदी में नहाने गई थी। क्षेत्र के उप मंडल दंडाधिकारी आर एल बागरी ने बताया कि मालती नदी के पास बैठी थी, तभी एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसे पानी में खींच लिया। उनके अनुसार, ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि बाद में, वन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने बचाव अभियान चलाया। अधिकारी ने बताया कि महिला का शव जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर नदी से एसडीआरएफ की एक टीम ने बरामद किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव मालती के परिवार को सौंप दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग ने जलाशय के पास होर्डिंग लगाकर ग्रामीणों को नदी में न जाने की चेतावनी दी है क्योंकि मगरमच्छों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।  

नरेश मीणा को हाईकोर्ट से राहत, रिहाई का रास्ता साफ

जयपुर देवली-उनियारा आगजनी प्रकरण में लंबे समय से जेल में बंद नरेश मीणा को आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश प्रवीण भटनागर ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए नरेश मीणा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इससे पहले, इसी प्रकरण से जुड़े थप्पड़कांड मामले में भी मीणा को जमानत मिल चुकी है। नरेश मीणा पिछले करीब आठ महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें 13 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वे जेल में बंद थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद नरेश मीणा की सोमवार को टोंक जिला जेल से रिहाई संभावित है। मीणा के संघर्ष के साथी सरपंच मुकेश मीणा ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और सोमवार को वे रिहा होंगे। जेल से बाहर आने के बाद नरेश सबसे पहले समरावता गांव आएंगे, जहां समर्थक उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे अपने गृह जिले बारां जाएंगे। नरेश मीणा की रिहाई को उनके समर्थक एक 'संघर्ष की जीत' के रूप में देख रहे हैं और कई जगहों पर उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मामले में अगली कानूनी प्रक्रिया क्या दिशा लेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।  

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून : POSH अधिनियम 2013

भोपाल  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिये भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में लागू किया गया। इस कानून में “कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम” (POSH एक्ट, 2013) महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और मजबूत कानूनी संरचना के रूप में सामने आया है। इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करना, उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना, और समुचित समाधान की प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। सुश्री मिश्रा शुक्रवार को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा पं. सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। सुश्री मिश्रा ने कहा कि POSH अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। पुलिस विभाग इसे केवल कानून प्रावधान नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में देखता है। कार्यस्थल पर पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने के लिये प्रेरित करना चाहिए। शासकीय सेवा में नियुक्ति के समय महिलाओं के साथ पुरूषों का भी ओरिएंटेशन किया जाना चाहिए। सुश्री मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर गठित समिति को देखना चाहिए कि POSH अधिनियम का दुरूपयोग न किया जा रहा हो। पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर ने कहा कि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न दण्डनीय अपराध है। POSH अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकना, उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसरों वाला कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में उत्पीड़न समिति के सदस्यों का नाम नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से लिखा होना चाहिए। साथ ही कार्यालय में पारदर्शिता से कार्य, सीसीटीवी और शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना चाहिए। श्री कपूर ने कहा कि इस अधिनियम के तहत पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखते हुए पूरे मामले की संवेदनशीलता के साथ जांच की जाती है। म.प्र. बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती निशा सक्सेना ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों को POSH अधिनियम के प्रति जागरूक करना है। राज्य महिला आयोग के सचिव श्री सुरेश तोमर ने कहा कि POSH अधिनियम की जानकारी सभी कर्मचारियों को देना संस्थानों की जिम्मेदारी है। समय-समय पर कर्मचारियों के लिये संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि संस्थानों को नैतिक और कानूनी रूप से जवाबदेह भी बनाता है। कार्यशाला में सुफल सर्व उत्थान फॉर आर्ट, लाइफ एण्ड कल्चर वेलफेयर सोसायटी की श्रीमती भावना त्रिपाठी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न, निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष विषय पर विस्तृत जानकारी दी।  

भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण विषय पर हुआ सत्र

हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषय पर हुई चर्चा भोपाल  इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को हुये सत्र में मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषयों पर विचार मंथन किया। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने कहा है कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। सत्र में कार्यकारी निर्देशक सीएसई सुश्री अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि समुदाय हरित विकास की योजना बनाने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सक्रिय सहभागिता करते है। अधोसंरचना तत्परता के लिये भवन निर्माण एवं वाहन क्षेत्र में उचित वेस्ट मैनेजमेंट किया जाना चाहिए। रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये। रीएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट के सीईओ और सह-संस्थापक श्री वरुण कराड ने कहा कि भविष्य उन्मुखी शहरों का निर्माण किया जाना चाहिए जो अगले कई सालों तक यथावत रहे। ग्रीन बॉन्ड ,कार्बन क्रेडिट एवं पीपीपी मॉडल इस ओर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वर्बियो इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार ने बायो फ्यूल में पीपीपी मॉडल, नीति आधारित समावेशी प्रबंधन विषयों पर चर्चा कर निजी क्षेत्र में तकनीकी अनुभव, प्रमाणित तकनीक एवं प्रमाणीकरण की महत्ता पर ज़ोर दिया गया है । एसएस गैस लैब एशिया के सदस्य आईएफजीई अध्यक्ष नेट जीरो,लघु उद्योग भारती की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जयंती गोएला ने तीव्र औद्योगिक विकास के दौर में ट्रांज़िशन तकनीकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसी तकनीकों के विकास पर बल दिया जिनसे कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित किया जा सके। ईकेआई एनर्जी उपाध्यक्ष और वैश्विक व्यापार विकास के प्रमुख श्री सिद्धात गुप्ता ने नेट जीरो लक्ष्य, सस्टेनेबल प्लानिंग, कार्बन क्रेडिट मॉनिटरिंग आदि विषयों पर चर्चा की। सत्र के अन्त में पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखें ।  

मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी हुई बैठक

भोपाल  मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी बैठक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। वर्तमान में इस भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित 19 विभाग कार्य कर रहे हैं। बैठक में विभागों के स्थान परिवर्तन पर विचार-विमर्श किया गया। जीर्णोधार एवं उन्नयन में अग्निशमन, विद्युत, लिफ्ट, शौचालय, एयर कंडीशन, फर्नीचर की व्यवस्था एवं उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखे जाने पर बल दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अपर सचिव, उपसचिव सहित कार्यपालन यंत्री, उपस्थित थे।  

अनियंत्रित होकर खाई में गिरी गाड़ी, पांच मजदूरों की मौत, सीएम साय ने जताया दुख

कबीरधाम आज बह करीब छह बजे कबीरधाम जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आगरपानी के पास एक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई है। ये गाड़ी शहडोल (एमपी) की तरफ से पंडरिया आ रही थी। इस हादसे में गाड़ी में बैठे पांच मजदूरों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। घटना स्थल पहाड़ी इलाका होने के कारण शवों व घायलों को निकालने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि घाट में 50 फीट गहरी खाई है, इसी में वाहन गिर गया। कुछ घायल फंसे हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है। मौके पर कुकदूर थाना की पुलिस पहुंची हुई है। घायलों को कुकदूर के सरकारी अस्पताल में लाया गया। जानकारी के मुताबिक, तीनों घायलों की हालत गंभीर है, जिसे कवर्धा जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। बता दें कि ये वही क्षेत्र है जहां बीते साल मई माह में पिकअप खाई में गिर गई थी, उस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। कवर्धा जिला अस्पताल में तीन गंभीर रूप से घायल को लाया गया था, जिसमें में दो की मौत हो गई है। वही, एक अन्य को रायपुर रेफर किया जा रहा है। अब मौत के आंकड़े तीन से बढ़कर 5 हो गए है। घटना पर सीएम साय ने जताया दुख     कवर्धा जिले के आगरपानी के पास हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों के दु:खद निधन और चार अन्य के घायल होने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है।     ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। ब्रेक फेल होने के कारण हुआ हादसा इस हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच के अनुसार ब्रेक फेल के कारण हादसा होना बताया जा रहा है। कुकदूर थाना से मिली जानकारी अनुसार शहडोल (एमपी) से बेमेतरा जा रही बोर गाड़ी ग्राम चांटा थाना कुकदूर के पास ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित होकर घाटी में गिर गई। जिससे घटनास्थल पर  तीन लोगों की मौत हो गई थी। घायल 6 लोगों को तुरंत इलाज के लिए कुकदूर अस्पताल भेजा गया था, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है। चालक हरि वलगन (तमिलनाडु) और वाहन मालिक किशोर तंगवेल (तमिलनाडु) है। वही, मृतकों के नाम भी पुलिस ने जारी किए है, जिसमें गजेंद्र राम पिता रंगू राम उम्र 30 वर्ष निवासी ठेठे टांगर बरा गजोर थाना कुनकुरी, सुभाष राम पिता बलदेव उम्र 25 वर्ष ग्राम बरागजोर थाना कुनकुरी, हरीश पिता चंद्राराम उम्र 19 वर्ष जाति भुईहर ग्राम बरागजोर थाना कुनकुरी, देवधर पिता देवभोराम उम्र 45 वर्ष निवासी नारियरढार कोका भरी थाना भन्सानेल, ये सभी जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) के है। राज उम्र 50 वर्ष निवासी तिर चूमगोड़ थाना नामकल जिला नामकल तमिलनाडु निवासी है। मृतक के परिजनों को जानकारी दे दी गई। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम होगा।  

स्कूलों के विलय पर हाई कोर्ट की मुहर, जनहित याचिका एक बार फिर खारिज

लखनऊ   इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के तहत आने वाले स्कूलों के विलय को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की खंडपीठ ने गुरवार को ज्योति राजपूत की याचिका पर यह फैसला दिया है। याचिका पर राज्य सरकार ने भी आपत्ति जताकर अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने कहा कि इस विषय पर सात जुलाई को एकल पीठ ने निर्णय दिया था, जिसमें विलय के उक्त आदेश के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था, वर्तमान जनहित याचिका में एकल पीठ के सात जुलाई के उक्त निर्णय का कोई जिक्र नहीं है लिहाजा इलाहाबाद हाई कोर्ट रुल्स के प्रावधानों के तहत उक्त जनहित याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के विलय के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को शुरुआती सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। इस याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर आपत्ति उठाई गई कि मामले में उठाए गए मुद्दे पहले ही सीतापुर के 51 बच्चों की याचिका में एकल पीठ ने निर्णीत कर दिए हैं। ऐसे में समान मुद्दों को लेकर दाखिल यह पीआईएल सुनवाई के योग्य नहीं है। सरकार की आपत्ति पर गौर करने के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। स्थानीय अधिवक्ता ज्योति राजपूत की जनहित याचिका में राज्य सरकार के स्कूलों के विलय या दो स्कूलों को जोड़ने के राज्य सरकार के 16 जून के आदेश को चुनौती देकर रद करने का आग्रह किया गया था। याची ने गांवों के दूरदराज इलाकों में रहने वाले गरीबों के बच्चों को स्कूल जाने के लिए परिवहन व्यवस्था करने का आग्रह किया था। याचिका में आरटीई अधिनियम के तहत राज्य सरकार को बच्चों के परिवहन के दिशानिर्देश तय करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया था। याची ने स्कूलों के विलय को गरीब बच्चों के हितों के खिलाफ बताया था। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ दलील दी कि इसी सात जुलाई को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने स्कूलों के विलय के खिलाफ सीतापुर के 51 बच्चों की दाखिल याचिका समेत एक अन्य याचिका पर विस्तृत फैसला देकर खारिज कर दिया है। ऐसे में समान मामले में यह जनहित याचिका सुनवाई के लायक नहीं है। कोर्ट ने सरकार की ओर से उठाई गई शुरुआती आपत्ति के मद्देनजर जनहित याचिका खारिज कर दी।  

कानूनी मोर्चे पर राहत, पूर्व सीएम कमल नाथ को हाई कोर्ट से मिला सकारात्मक फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले की सीडी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दायर जनहित याचिका गुरुवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। एडवोकेट भूपेंद्रसिंह कुशवाह द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि नाथ ने खुद एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके पास हनी ट्रैप मामले की सीडी है। मांग की गई थी कि नाथ को आदेश दिया जाए कि वे सीडी एसआईटी को उपलब्ध कराएं। याचिका निरस्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर याचिका दायर की है। किसी राजनेता के राजनीतिक बयान को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। प्रतिपरीक्षण का अवसर दिए बगैर प्रकरण में फैसला लेने के मामले में मप्र हाई कोर्ट ने सीजीएसटी को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सीजीएसटी को आदेश दिया कि वह प्रकरण की दोबारा सुनवाई करे और प्रतिपरीक्षण का अवसर दे। एडवोकेट पीयुष पाराशर ने बताया कि पेपर ट्रेड लिंक के खिलाफ वर्ष 2023 में सीजीएसटी ने एक आदेश पारित किया था। इसमें सीजीएसटी और एसजीएसटी के 3.78 करोड़ रुपये की रिकवरी कंपनी पर निकाली गई थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर नहीं दिया गया था। कंपनी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका कंपनी ने यह बात बार-बार उठाई, लेकिन हर बार यह कहकर इसे खारिज कर दिया गया कि इससे केस के निराकरण में समय लगेगा। इस पर कंपनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कंपनी ने कोर्ट को बताया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार उन्हें गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना था, जो नहीं मिला। कोर्ट ने सभी पक्षकारों के तर्क सुनने के बाद कहा कि अपीलकर्ता को बहस और गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने जनवरी 2023 में जारी आदेश को रद करते हुए कहा कि केस में दोबारा सुनवाई करें।

अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

इंदौर   सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा। ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई। सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा। हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई। प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति। खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति। 29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए। निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई। अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा। सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर     निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं     जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम