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इंदौर में मेट्रो का नया 12 किमी अंडरग्राउंड रूट, लागत में जुड़ा एक हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च

इंदौर  इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट की सारी डिजाइन तय होने और काम शुरू होने के बाद मध्य हिस्से के अंडग्राउंड रुट में बदलाव की तैयारी के कारण मेट्रो प्रोजेक्ट का काम और पिछड़ सकता है, साथ ही लागत भी बढ़ेगी।   शहर विकास को लेकर सोमवार को हुई बैठक में मेट्रो ट्रेन का रूट खजराना क्षेत्र से ही अंडरग्राउंड करने का निर्णय गया। पहले इंदौर में मेट्रो का रुट का अंडरग्राउंड हिस्सा 8.7 किलोमीटर था, लेकिन यदि बदलाव होता है तो अब अंडग्राउंड हिस्सा 12 किलोमीटर हो जाएगा। मंत्री विजयवर्गीय ने भले ही यह कहा कि रूट के बदलाव में जो लागत बढ़ेगी, उसकी भी व्यवस्था की जाएगी, लेकिन इससे डिजाइन में बड़ा बदलाव करना होगा और स्टेशनों में भी बदलाव होगा, जबकि केंद्र सरकार की तरफ से स्टेशनों का नोटिफिकेशन हो चुका है और प्रशासन ने जरुरत के हिसाब से जमीन भी आवंटित की है। बदलाव के बाद नए सिरे से सर्वे होगा, फिर डिजाइन में बदलाव के बाद कैबिनेट बैठक में इस बारे में अनुमति लेना होगी। इसके बाद केंद्र सरकार से भी मंजूरी मिलेगी। फिर काम नए सिरे से शुरू होगा।   एक हजार करोड़ ज्यादा खर्च मेट्रो ट्रेक की प्लानिंग में बदलाव के कारण अब एक हजार करोड़ रुपये ज्यादा खर्च होंगे। अभी मेट्रो प्रोेजेक्ट की लागत पंद्रह हजार करोड़ है। बदलाव के बाद  लागत और बढ़ेगी। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पूरा होने में भी देरी होगी। इसके अलावा अंडग्राउंड हिस्से में अलग से मिट्टी परीक्षण व अन्य परीक्षण होंगे। बंगाली चौराहे वाले हिस्से से अब मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी। शहर का यह हिस्सा पथरीला है। यहां निर्माण में भी ज्यादा समय लग सकता है। मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल -इंदौर में मेट्रो का रुट 31 किलोमीटर का है। सुपर काॅरिडोर से रिंग रोड, एमजी रोड, एरोड्रम रोड होते हुए ट्रेन एयरपोर्ट तक जाएगी। -इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी। -हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक मेट्रो ट्रेन का किराया होगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोेरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रुट को पांच जोन में बांटा है। -मेट्रो ट्रेन का संचालन सुबह आठ बजे से शुरू होगा और रात आठ बजे तक चलेगी। । फिलहाल मेट्रो का संचालन सात किलोमीटर हिस्से में होगा। यहां मेट्रो का किराया अधिकतम 30 रुपये होगा। – 20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री संवार हो सकेंगे। बैठने के अलाए खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी।  

लॉरेंस गैंग का खौफनाक हमला: लुधियाना में कबड्डी प्लेयर को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना में कबड्डी प्लेयर गुरविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ले ली है सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया गया कि इस मर्डर के पीछे बिश्नोई गैंग का ही हाथ है। पोस्ट में चेतावनी भी दी कि जो दुश्मनों का साथ, उसका भी यही हाल करेंगे। बीते दिन लुधियाना जिले के समराला ब्लॉक में कबड्डी प्लेयर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। मृतक खिलाड़ी की पहचान गुरविंदर सिंह (उम्र 23 साल) के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, चार नकाबपोश हमलावर बाइक पर सवार होकर आए और गुरविंदर सिंह और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। बाइक सवार बदमाशों ने बरसाई गोलियां जानकारी के अनुसार घटना के समय गुरविंदर और उनके धर्मवीर और लवप्रीत सिंह गांव के एक मेडिकल स्टोर के पास सामुदायिक कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे। इसी दौरान अचानक वहां हमलावर आए और ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। मौके से पुलिस के हाथ कई खाली कारतूस लगे हैं। लॉरेंस गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा.. मानकी समराला में जो मर्डर हुआ है, उसकी जिम्मेदारी हैरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई (लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप) लेते हैं। ये मर्डर हमारे भाइयों करन मदपुर और तेजी चक ने किया है। बब्बू समराला और उसके साथ वाले, जो हमारे दुश्मन का साथ दे रहे हैं, कान खोलकर सुन लो, तुम्हारे में जो भी मिल गया, उसका भी यही हाल करेंगे। ये चेतावनी सबके लिए है जाे-जो हमारे दुश्मनों का साथ दे रहे हैं या तो सुधर जाओ या तैयार हो जाओ, अगली गोली तुम्हारी छाती में मारेंगे। हमारी नजर सबके ऊपर है। हमे सबका पता है। कौन किसकी मदद कर रहा है। अच्छा यही रहेगा खुद पीछे हट जाओ नहीं तो हम हटाना अच्छी तरह से जानते हैं। पोस्ट के अंत में गैंगस्टरों के नाम लिखे हुए हैं। बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। फेसबुक पर अनमोल बिश्नोई नाम के अकाउंट से पोस्ट कर कहा गया, "जो कबड्डी खिलाड़ी का मर्डर हुआ है, उसकी जिम्‍मेदारी हरि बॉक्‍सर और आरजू बिश्‍नोई (लॉरेंस बिश्‍नोई ग्रुप) लेते हैं। हमारे भाइयों करण मादपुर और तेज चक ने ये हत्या की है।" पोस्ट में चेतावनी देते हुए कहा गया, "बाबू समराला और उसके साथ वाले जो-जो हमारे दुश्‍मनों का साथ दे रहे हैं, वो कान खोलकर सुन लो> तुम्‍हारे में से जो भी मिल गया, उसका भी यही हाल करेंगे। ये चेतावनी सबके लिए है, जो-जो हमारे दुश्‍मनों का साथ दे रहे हैं या तो सुधर जाओ या तैयार रहो, अगली गोली तुम्‍हारी…।" गौरतलब है कि लुधियाना में लगातार हो रही कबड्डी प्लेयर की हत्याओं से डर और दहशत का माहौल है। इससे पहले 31 अक्टूबर को भी कबड्डी प्लेयर तेजपाल की हत्या कर दी गई थी। सोमवार रात को नकाबपोश हमलावरों ने की थी हत्या 3 नवंबर, सोमवार देर रात गांव की पुली पर 3 दोस्त नगर कीर्तन को लेकर सड़क की सफाई कर रहे थे। अचानक चार नकाबपोश आए और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। गुरविंदर को पेट में गोली लगी और जबकि उसके साथी धर्मपाल को भी गोली लगी। उन्हें समराला सिविल अस्पताल ले गए और उनकी गंभीर स्थित को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया। इस दौरान गुरविंदर की रास्ते में ही मौत हो गई। धर्मपाल पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल है। पिता ने कहा- गुरविंदर की रंजिश नहीं थी, गिरफ्तारी तक संस्कार नहीं करेंगे कबड्‌डी प्लेयर गुरविंदर के पिता राजिंदर सिंह का कहना है कि उनके बेटे की किसी के साथ निजी दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा क उसके साथ जो युवक थे, उनकी दुश्मनी थी। उनके चक्कर में गुरविंदर की जान चली गई। गुरविंदर की मौत के बाद उसका शव सिविल अस्पताल समराला में रखा गया है। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम करना था लेकिन उसके परिजनों ने पुलिस को साफ कह दिया कि जब तक उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तब तक वो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस बोली- कबड्‌डी प्लेयर नहीं था, पुलिस का इनकार खन्ना के एसपी पवनजीत सिंह ने कहा कि गुरविंदर सिंह कबड्‌डी का खिलाड़ी नहीं था बल्कि वह कबूतर पालने का शौकीन था। इसके जवाब में पिता ने एतराज जताते हुए कहा कि उनका बेटा स्थानीय स्तर पर कबड्डी खेलता था और वह कबूतर पालने का शौक भी रखता था। उसने घर में कबूतर भी पाले हुए थे। पुलिस के यह कहने पर उन्हें सख्त एतराज है कि गुरविंदर कबड्‌डी का प्लेयर नहीं था। कांग्रेस बोली- खिलाड़ियों को मेडल के बजाय मिल रही गोलियां कांग्रेस के विधायक व हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने कबड्‌डी खिलाड़ियों पर हो रही फायरिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए। परगट सिंह ने कहा क पंजाब में हमारे कबड्डी खिलाड़ी मेडल जीतने के बजाय अब गोलियों का निशाना बन रहे हैं। पहले संदीप सिंह, फिर तेजपाल सिंह और अब गुरिंदर सिंह। सरकार कितने परिवार उजाड़ने के बाद जागेगी? कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इन लगातार हो रहे हत्याओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?।

वोट चोरी विवाद पर सियासी संग्राम: BJP ने कहा- कांग्रेस की हार का बहाना

चंडीगढ़  भाजपा ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी के राहुल गांधी के आरोपों को झूठा और निराधार करार दिया और कांग्रेस नेता पर अपनी नाकामियों को छिपाने और देश के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का यह पलटवार राहुल गांधी द्वारा हरियाणा की मतदाता सूची के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह दावा करने के कुछ घंटों बाद आया कि 25 लाख वोट फर्जी थे। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद किरण रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के अपने नेता हरियाणा चुनाव के दौरान कह रहे थे कि पार्टी अपनी वजह से हारी है, जबकि राहुल गांधी का कहना कि वोट चोरी से हारे, इस पर आखिर कौन भरोसा करेगा।   किरेन रिजिजू ने कहा, 'हरियाणा में चुनाव चल रहा था, तब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा ने खुद कहा था कि कांग्रेस वहां नहीं जीत पाएगी, क्योंकि उसके अपने नेता ही पार्टी को हराना चाहते हैं। इसके बाद कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री ने इस्तीफा देकर साफ कहा कि कांग्रेस हरियाणा में इसलिए हारी क्योंकि उसके नेता ही जमीन पर काम नहीं कर रहे थे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने माना कि कांग्रेस पार्टी में ग्रासरूट स्तर पर तालमेल ही नहीं है, फिर कांग्रेस कैसे जीत सकती है? उनके अपने नेता कह रहे हैं कि कांग्रेस अपनी वजह से हारी है, जबकि राहुल गांधी का ये कहना कि वो वोट चोरी से हारे, इस पर आखिर कौन भरोसा करेगा?' उन्होंने आगे कहा, 'राहुल गांधी ने कहा कि एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत रही थी। 2004 के चुनाव के दौरान भी एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल भाजपा और एनडीए को जिता रहे थे, लेकिन मतगणना के नतीजों में एनडीए हार गई। हमने परिणाम को स्वीकार किया और यूपीए को बधाई दी, लेकिन हमने चुनाव आयोग को गाली नहीं दी। लोकतंत्र में जीत और हार, दोनों को स्वीकार करना पड़ता है। लेकिन एग्जिट पोल जब कांग्रेस के पक्ष में होता है, तब वाहवाही करते हैं और जब विरोध में जाता है, तब मीडिया को गाली देते हैं।' 'महिला ने राहुल गांधी को लगाई थी फटकार' रिजिजू ने नेता विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पिछले संसद सत्र के दौरान राहुल गांधी, एक महिला की तस्वीर टी-शर्ट पर छपवाकर पूरे संसद परिसर में घूमते रहे और उसके नाम को उछाला। शाम तक उस महिला ने ही राहुल गांधी को कड़ी फटकार लगाई। और अब, अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी फिर से प्रेस वार्ता कर रहे हैं। बिहार में दो दिन बाद मतदान है, लेकिन आज राहुल गांधी हरियाणा की कहानी सुना रहे थे। इससे साफ है कि बिहार में तो मुद्दा बचा ही नहीं, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए हरियाणा का मुद्दा गढ़ा जा रहा है।  

वाराणसी की तर्ज पर सागर में देव दीपावली, लाखा बंजारा झील पर प्रज्वलित होंगे 1 लाख 11 हजार 111 दीप

सागर इस साल की कार्तिक पूर्णिमा सागर के इतिहास में दर्ज होने जा रही है. आज बुधवार को यहां पर पहली बार वाराणसी की तर्ज पर देव दीपावली का आयोजन किया जा रहा है. खास बात ये है कि लाखा बंजारा झील के प्रसिद्ध घाट, जहां प्राचीन मंदिर स्थित है. वहां पर देव दीपावली का आयोजन किया जा रहा है. यहां एक साथ एक लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे. नगर निगम की ये पहल लाखा बंजारा झील के प्रति शहर के लोगों के प्रेम के साथ-साथ घाटों पर बने मंदिर की धार्मिक आस्था को एक नया स्वरूप देना है. सागर में पहली बार ऐसा आयोजन सागर की लाखा बंजारा झील का स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा जीर्णोद्धार के बाद यहां हर सोमवार को गंगा आरती का आयोजन किया जाता है. जिसमें शहर के लोग बड़ी संख्या में सहभागिता करते हैं और अपनी झील को गंगा की तरह सम्मान देते हैं. अब पहली बार सागर नगर निगम झील के चकराघाट, विट्ठल घाट और भट्ट खाट पर देव दीपावली का आयोजन कार्तिक पूर्णिमा को करने जा रहा है. 1 लाख 11 हजार 111 दीपों से रोशन होगा चकराघाट  खास बात ये है कि, ये देव दीपावली वाराणसी की तरह आयोजित होगी और इसमें नगर निगम द्वारा एक लाख 11 हजार 111 दीप घाटों पर प्रज्वलित किए जाएंगे. नगर निगम आयुक्त का मानना है कि देव दीपावली के आयोजन से सागर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के इतिहास में एक नयी उपलब्धि जुडे़गी. काशी की तरह लाखा बंजारा झील का ये आयोजन शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार होगा. आमजनों से आटे के दीपक लाने की अपील नगर निगम द्वारा आयोजित देव दीपावली में 1 लाख 11 हजार 111 मिट्टी के दीपकों की व्यवस्था की गयी है. साथ ही साथ नगर के लोगों से अपील की गयी है कि वो ज्यादा से ज्यादा संख्या में देव दीपावली मनाने के लिए पहुंचे और अपने साथ एक आटे का दीपक लाएं, ताकि आयोजन में शहरवासियों की सहभागिता हो. नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री कहते हैं कि, ''वाराणसी पर गंगा के घाटों पर लाखों दीप जलाकर देव दीपावली मनायी जाती है. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर नगर निगम लाखा बंजारा झील पर ये आयोजन कर लोगों को देव दीपावली की परंपरा से जोडने की पहल कर रहा है.''

मिलावटखोरों पर शिकंजा: इंदौर की मोमो फैक्ट्री में गंदगी और अजीनोमोटो का भारी उपयोग पाया गया

इंदौर  खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खातीपुरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद इसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। चिंटू मोमो फैक्ट्री में मिली भारी गंदगी खातीपुरा में संचालित 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री, जिसके प्रोपराइटर दीपक चौरे हैं, शहर के विभिन्न फास्ट फूड संचालकों को मोमोस सप्लाई करती है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान परिसर में भारी गंदगी मिली। रॉ मटेरियल (कच्चे माल) का भंडारण भी उचित तरीके से नहीं किया गया था। बच्चों के लिए 'जहर' अजीनोमोटो का जखीरा टीम को मौके पर बड़ी मात्रा में अजीनोमोटो (Ajinomoto) मिला। प्रभारी वर्षा खराटे ने पुष्टि की कि इस अजीनोमोटो का इस्तेमाल मोमोस बनाने में किया जा रहा था। यह स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों में तय सीमा से अधिक अजीनोमोटो का उपयोग हो रहा था, जो विशेष रूप से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। लाइसेंस नहीं, फैक्ट्री सील सबसे गंभीर बात यह पाई गई कि परिसर में खाद्य पदार्थ निर्माण के लिए आवश्यक वैध अनुज्ञप्ति (फूड लाइसेंस) ही नहीं थी। जन स्वास्थ्य और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए, परिसर में खाद्य कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया। टीम ने मौके से 04 प्रकार के मोमोस, मसाला, अजीनोमोटो, तंदूरी मसाला और चीज़ सहित कुल 07 नमूने जांच के लिए भेजे हैं और लगभग 150 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किया है। बायपास के रेस्टोरेंट भी रडार पर एक अन्य टीम ने तहसीलदार योगेश मेश्राम के नेतृत्व में इंदौर बायपास स्थित पपाया ट्री रेस्टोरेंट से पनीर और चना दाल के नमूने लिए। वहीं, जुरू रेस्टोरेंट (बायपास) से पनीर, पनीर लबाबदार और सेवइयां के सैंपल लिए गए। इसके अलावा, राउ स्थित यूडब्लयूसी फूड प्राइवेट लिमिटेड, जो चिप्स निर्माण का काम करती है, से चिप्स और आलू पाउडर के नमूने भी लिए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

गुरुनानक देव की जयंती पर मोहन यादव ने गुरुद्वारा में मत्था टेका, देशभक्ति और बलिदान की बात कही

भोपाल  गुरुनानक देव का 556वां प्रकाशपर्व राजधानी भोपाल में धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश वासियों को प्रकाश पर्व की शुभाकामनांए दी. साथ ही गुरु तेग बहादुर की 350वीं जन्मजयंती को भी धूमधाम से मनाने का आश्वासन दिया. सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की जन्म जयंती पिछली बार भी प्रदेश में धूमधाम से मनाई गई थी, इस बार भी सरकार इसके लिए कटिबद्ध है. गुरुनानक ने अपने जीवन से किया लोगों को प्रेरित हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मत्था टेका. इसके बाद कुछ देर गुरुद्वारे में बैठकर कीर्तन सुना. इसके बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि "हम लोग कार्तिक पूर्णिमा को ऐसे गुरुद्वारे में मना रहे हैं, जो साक्षात ईश्वर के समान थे. उन्होंने कहा कि गुरुनानक एक ऐसा विराट व्यक्तित्व थे, जिसने मानवता को सेवा, कीर्तन और शिक्षा के माध्यम से ने केवल साहस दिया बल्कि अपने जीवन के जरिए उन्होंने सीख भी दी." अरब देशों में जाकर भी किया एक ओंकार का प्रसार सीएम मोहन यादव ने कहा कि "संत गुरुनानक पूरे देश में पदयात्रा करते थे. वर्तमान देश ही नहीं, उस समय के अफगानिस्तान और अरब देशों में भी जाकर उन्होंने निडरता के साथ एक ओंकार सतनाम वाहे गुरु का मंत्र दिया. उस दौर में अरब देशों में ऐसा करना कोई सोच भी नहीं सकता था, लेकिन गुरुनानक ने वहां जाकर भी प्रचार किए कि ईश्वर एक है. गुरुनानक का अरब और अफगानिस्तान में जो भाव था, वह बाबर के सामने भी रहा. देश को बचाने के लिए सिक्ख समाज ने किया बलिदान उन्होंने कहा कि संत गुरुनानक ने लोगों को बताया कि नाम जप से अयात्मिक और मानसिक उर्जा मिलती है. इसीलिए उन्होंने नाम जप और संकीर्तन के लिए लोगों को प्रेरित किया. उन्होंने सामाजिक समरसता के लिए सब लोगों को एक पंगत में लेकर आए. उनका मानना था कि जातिगत विभिन्नताओं से समाज कमजोर होता है. इन समाज में दूरियां बढ़ती हैं. अन्याय करने वालों के साथ दृड़ता से खड़े रहने का जो पाठ गुरुनानक ने सिखाया, उसे गुरु तेग बहादुर से लेक गुरु गोविंद सिंह तक ने मजबूती से निभाया. चाहे अफगानी रहे हो या मुगल या अंग्रेज, सिक्ख समाज ने देश को बचाने के लिए हमेशा बलिदान किया." हमीदिया रोड में 15 हजार लोगों का लंगर गुरुनानक के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर अरेरा कॉलोनी, हमीदिया रोड और पिपलानी स्थित गुरुद्वारों को रंगबिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है. वहीं हमीदिया रोड गुरुद्वारे पर 15 हजार लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है. यहां 35 से 40 क्विंटल खाद्य सामग्री का उपयोग इस विशाल लंगर में किया जाएगा. शहर के 5 से 6 गुरुद्वारों से रोटियां व अन्य सामग्री भी बनाकर हमीदिया रोड गुरुद्वारे में लंगर के लिए भेजी जाएगी.

मध्य प्रदेश बिजली विवाद: 10 घंटे वाले सर्कुलर के बाद चीफ इंजीनियर को हटाया, CM ने लिया सख्त निर्णय

भोपाल  एमपी में किसानों को बिजली आपूर्ति के लिए तय की गई समय सीमा को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सीएम मोहन यादव एक्शन में दिखे। उन्होंने नए फरमान कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति पर अफसरों का वेतन काटे जाने के मामले को तूल पकड़ता देख चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दिए हैं। यहां पढ़ें पूरा मामला दरअसल एमपी की विद्युत वितरण कंपनी, मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड और कुछ क्षेत्रीय वितरण कंपनी ने कृषि फीडरों को लेकर एक फरमान जारी किया था, जिसमें कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली दिया जाना निश्चित किया गया। इस नये फरमान के मुताबिक यदि किसी क्षेत्र में तय समय सीमा के 10 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जाती है, उस क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी काटी जाएगी और अतिरिक्त बिजली का भुगतान लिया जाएगा। ये अधिकारी और कर्मचारी उसी क्षेत्र के फीडर और नेटवर्क के होंगे। वहीं दूसरी ओर कंपनी ने कहा है कि किसानों को रोजाना 10 घंटे की बिजली लगातार दी जा रही है। विपक्ष ने बोला हमला इस फरमान के बाद विपक्ष ने बीजेपी को जमकर घेरा। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या प्रदेश में बिजली की इतनी कमी है कि बिजली कंपनी को ये सर्कुलर जारी करना पड़ा कि 10 घंटे से 1 मिनट भी बिजली आपूर्ति ज्यादा दिखी, तो संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उनका वेतन काटा जाएगा। संक्षिप्त में जानें विवाद     कृषि विद्युत आपूर्ति को 10 घंटे में सीमित करना     अधिक बिजली देने पर अधिकारियों का वेतन काटा जाना     कंपनी का ये कहना कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति कर्मचारियों और अधिकारियों के तनाव का कारण बन सकती है।     विपक्ष इसे अस्पष्ट, अनुचित दबाव वाला कदम बता रहा है।     यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि किसानों की बिजली आपूर्ति और सब्सिडी से जुड़ा है। ऐसे निर्णय सीधे ग्रामीण इलाकों की दैनिक कृषि-क्रियाओं को प्रभावित करते हैं। सीएम ने लिया एक्शन इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएम मोहन यादव ने जहां किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पर्याप्त आपूर्ति देने का आश्वासन दिया है। वहीं कृषि फीडरों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति के निश्चित किए गए समय और अफसरों के वेतन काटे जाने के फरमान का जारी किए गए सर्कुलेशन को लेकर भी सख्त एक्शन में नजर आए। उन्होंने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। सीएम मोहन यादव का ये कदम दायित्व परक रवैये का संकेत माना जा रहा है। वहीं सीएम का एक्शन एक संदेश है कि सरकार किसानों की बिजली आपूर्ति को हल करने के लिए सक्रिय है।

ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले

समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ महाभियान: अब तक 73 लाख ने दिए सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले कृषि, ग्राम विकास और शिक्षा से संबंधित विषयों में मिले सर्वाधिक फीडबैक सुझाव देने में जौनपुर, संभल और गाजीपुर जनपद रहे टॉप तीन में अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न लखनऊ ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047-समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान प्रदेश की विकास यात्रा की जानकारी साझा कर भविष्य के रोडमैप पर फीडबैक प्राप्त किया गया। महाभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 73 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं। शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास पर सर्वाधिक फीडबैक आयु वर्ग के अनुसार देखें तो 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से 36 लाख से ज्यादा, 31–60 वर्ष से 33.54 लाख से ज्यादा और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से 3.42 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं। प्राप्त सुझावों में सबसे अधिक कृषि (19.30 लाख से ज्यादा), ग्रामीण विकास (14.16 लाख से ज्यादा) और शिक्षा (16.42 लाख से ज्यादा) से संबंधित रहे। इसके अलावा उद्योग, आईटी, पर्यटन, समाज कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक राय दी गई। फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (7.42 लाख से ज्यादा) पहले, संभल (6.89 लाख से ज्यादा) दूसरे और गाजीपुर (3.37 लाख से ज्यादा) तीसरे स्थान पर रहे।  रोजगार, शिक्षा, न्यायिक सुधार और औद्योगिक निवेश पर ज़ोर महोबा के योगेश नायक जी ने सुझाव दिया है कि कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई प्रणाली और सोलर पंपों का उपयोग बढ़ाया जाए। छोटे किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी की सुविधाएँ स्थापित की जाएँ तथा पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए बीमा योजनाएँ शुरू की जाएँ।  फतेहपुर के प्रशांत कुमार जी का मानना है कि 2047 तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और शोध आधारित अध्ययन से छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा सकता है।  कुशीनगर के आदित्य मिश्र जी ने न्यायिक, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, कृषि, कर, बिजली, शहरी, जल प्रबंधन, औद्योगिक, श्रम और पर्यावरण क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, एआई-आधारित केस प्रबंधन, पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड, स्मार्ट ग्रिड और हरित बुनियादी ढांचे जैसे सुझाव शामिल हैं।  वहीं फर्रुखाबाद के रजत गुप्ता जी ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हरियाणा, तमिलनाडु और गुजरात की तरह बड़ी कंपनियों को आमंत्रित किया जाए ताकि लखनऊ और कानपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के माध्यम से प्रदेश को नई ऊर्जा, युवाओं को रोजगार और विकास को नई दिशा मिल सके। 51,000 से अधिक ग्राम सभाओं में बैठकें सम्पन्न प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष बैठकें और गोष्ठियां आयोजित की गईं। अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह महाभियान जनता की सहभागिता और सुझावों के आधार पर “विजन उत्तर प्रदेश 2047” डॉक्यूमेंट तैयार करने की दिशा में अग्रसर है।

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बंगाल से श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे, कार्तिक पूर्णिमा पर नर्मदा में डुबकी लगाई

अनूपपुर  पवित्र नगरी अमरकंटक में कार्तिक मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पतित पावनी पुण्यसलिला मां नर्मदा जी के कोटि तीर्थ, कुंड एवं रामघाट में बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भोर की पहली किरण के साथ ही भक्तों द्वारा पुण्य स्नान, पूजन-अर्चन और दीपदान का क्रम प्रारंभ हो गया। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम स्थल परिसर में दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मन्नत मांगी। घाटों पर दीपों की जगमगाहट और श्रद्धा से भरे स्वर वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। नर्मदा मंदिर में भी भक्तगण भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। दर्शन के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा में हैं। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, भगवान भोलेनाथ और कार्तिकेय देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किया गया स्नान, दर्शन और दीपदान अत्यंत फलदायी और शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा के इस पुण्य पर्व पर अमरकंटक के घाटों, मंदिरों और मार्गों में भक्ति और उत्सव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

गंगा तट पर सजेगा दिव्य दीपमाल: काशी में जलेगा 25 लाख दीप, गूंजेगी आतिशबाजी

वाराणसी। काशी के अर्धचंद्राकार घाट, कुंड और तालाब आज दीपों की आभा से जगमगाएंगे। 84 घाट, 96 कुंड और तालाबों पर 25 लाख दीप जगमग होंगे। देव दीपावली पर बुधवार को घाट दीपों की पंक्तियों से सजेंगे। अस्सी से नमो घाट तक आयोजन होंगे और कहीं लेजर शो, ग्रीन आतिशबाजी और रंगोली आकर्षण का केंद्र होगी। देव दीपावली का शुभारंभ सभी घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन से शाम 5:15 से 5:50 बजे तक होगा। इसके बाद प्रमुख घाट नमो घाट, दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सी घाट पर विशेष गंगा आरती शाम छह बजे से 6:50 बजे तक संपन्न होगी। चेत सिंह घाट पर दर्शकों के लिए तीन चरणों में प्रोजेक्शन व लेजर शो होगा। पहला शो शाम 6:15 से 6:45 बजे, दूसरा 7:15 से 7:45 बजे और तीसरा शो 8:15 से 8:45 बजे तक चलेगा। ललिता घाट के सामने रेती पर रात आठ बजे से 8:15 बजे तक ग्रीन आतिशबाजी होगी। पूरे आयोजन को लेकर सुरक्षा, सफाई और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घाटों और गलियों को सजाने के लिए पर्यटन विभाग ने नगर निगम से समन्वय स्थापित कर आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की है। गंगा तटों पर इस दौरान दीपों की रोशनी और आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी का संगम एक अलौकिक दृश्य रचेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन पर सजेगी दिव्य और हरित काशी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक देव दीपावली काशी की आत्मा और आस्था का उत्सव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आज काशी अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी उदाहरण बन रही है। हमारा लक्ष्य है कि श्रद्धालु इस पावन पर्व पर न केवल दिव्यता का अनुभव करें, बल्कि ‘स्वच्छ, हरित और विश्व स्तर की काशी’ के संदेश को भी महसूस करें। देव दीपावली पर खास     दशाश्वमेध और राजघाट पर ऑपरेशन सिंदूर की विशेष झलक     घाटों पर नारी सशक्तीकरण थीम के तहत विशेष सजावट     बूंदी परकोटा पर भगवान बुद्ध, जैन घाट पर अहिंसा परमो धर्मः और गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव थीम पर सजावट     घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन के लिए 83 समितियां होंगी शामिल     गंगा पार रेत पर भी दीप प्रज्ज्वलन होगा     हेरिटेज स्टोरी टेलिंग सत्र का आयोजन     ग्रीन आतिशबाजी का भव्य आयोजन