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फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट से 7 मौतें, अब देशभर के कैथ लैब के डॉक्टरों की परखी जाएगी योग्यता,मृतक के परिजनों को 10-10 लाख का मुआवजा

भोपाल  मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मिशन अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा की गई दिल की सर्जरी से 7 लोगों की मौत के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर रूप से लिया गया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने पूरे देश की कैथ लैब्स में कार्यरत डॉक्टरों की योग्यता की जांच के निर्देश दिए हैं। परिजनों को 10-10 लाख रुपए दे MP सरकार : NHRC फर्जी डॉक्टर के इलाज से मारे गए लोगों के मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की मुआवजा राशि देने को कहा है। आयोग ने इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार तथा केंद्र के लिए कई सिफारिशें की हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच समिति ने मध्य प्रदेश के दमोह में मिशन अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में काम करने वाले एक फर्जी डॉक्टर द्वारा किए गए इलाज से लोगों की मौत के मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने राज्य सरकार को प्रत्येक मृतक के परिजनों को दस-दस लाख रुपए की अनुग्रह राशि का भुगतान करने को कहा है। आयोग ने सोमवार को यहां बताया कि उसकी जांच समिति ने मामले की जांच के बाद मध्य प्रदेश सरकार तथा केंद्र के लिए कई सिफारिशें की हैं। दोनों से चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने गत 28 मार्च को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। संबंधित राज्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगने के अलावा अपनी ओर से भी जांच की थी। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार को सिफारिश की है। आयोग ने कहा कि वह इस अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा इलाज के बाद मरने वाले सभी सात मरीजों के परिजनों को राहत के रूप में दस-दस लाख रुपए का भुगतान करे। मानवाधिकार आयोग ने मामले के निपटारे तक मिशन अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की भी सिफारिश की है। साथ ही अधिकारियों को मध्य प्रदेश में कार्यरत सभी कैथ लैब का निरीक्षण करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा राज्य सरकार यह सत्यापित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी करेगी कि सभी डॉक्टर कैथ लैब में काम करने के लिए योग्य हैं या नहीं। जांच समिति ने कुछ अन्य सिफारिशें भी की हैं जिनमें बीमा राशि, सर्जरी से संबंधित जानकारी, भूखंड पर अनधिकृत निर्माण और जांच से जुड़े लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उठाये गये कदमों की जानकारी मांगी गई है। उल्लेखनीय है कि इस अस्पताल में उपचार के बाद कई मरीजों की मौत हो गई थी। क्या है मामला? इसी वर्ष मार्च में यह मामला सामने आया था। आयोग ने 28 मार्च, 2025 को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। इसमें संबंधित राज्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगने के अलावा अपनी जांच भी की थी। आयोग को अपनी जांच में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई में कई अनियमितताएं मिली थीं। इसी के आधार पर कई अनुशंसाएं की हैं। आयोग ने अपनी अनुशंसाओं पर चार सप्ताह में कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जांच में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), दमोह के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। इसमें मामले के अंतिम निपटारे तक मिशन अस्पताल का लाइसेंस रद करना भी सम्मिलित है। दमोह के मिशन अस्पताल में डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन. जान कैम ने लंदन का कार्डियोलॉजिस्ट बताकर कई मरीजों की हार्ट सर्जरी की। मार्च 2025 में हुए इस खुलासे में सात मरीजों की मौत हुई। मामला सामने आने के बाद NHRC ने संज्ञान लिया और राज्य से रिपोर्ट तलब की। जांच में अनियमितताएं, लापरवाही और प्रशासनिक चूक सामने आई। NHRC ने दिए ये निर्देश देशभर में सभी कैथ लैब्स के डॉक्टरों की योग्यता की जांच सभी राज्य सरकारों को आयुष्मान भारत योजना के दुरुपयोग की जांच करने को कहा सात मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर अलग-अलग FIR दर्ज करने का निर्देश गैर इरादतन हत्या, ठगी, जालसाजी, चिकित्सकीय लापरवाही जैसे मामलों में कानूनी कार्रवाई पुलिस और CMHO द्वारा की गई लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने और संपत्ति की जांच के निर्देश गंभीर सवाल जिनकी होगी जांच     क्या मरीजों को सर्जरी से पहले खतरे और विकल्पों की जानकारी दी गई थी?     क्या अस्पताल ने बीमा कराया था, और क्या परिजनों को उसका लाभ मिला?     भूमि, भवन निर्माण, और अस्पताल संचालन में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं? व्हिसल ब्लोअर्स की सुरक्षा जो लोग इस आपराधिक कृत्य को सामने लाने में मददगार रहे, उन्हें व्हिसल ब्लोअर सुरक्षा कानून 2014 के तहत संरक्षण देने की भी सिफारिश की गई है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता का निधन, जोधपुर AIIMS में ली अंतिम सांस

जोधपुर  केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता दाऊलाल वैष्णव का मंगलवार को एम्स जोधपुर में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और एम्स में उनका इलाज चल रहा था। 81 वर्षीय दाऊलाल वैष्णव राजस्थान के पाली जिले के जीवंद कलां गांव के मूल निवासी थे और पूर्व में सरपंच के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता का निधन AIIMS जोधपुर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करते हुए जानकारी दी कि, "माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के पिताजी दाऊलाल वैष्णव का आज दोपहर 11:52 बजे निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो सके। हम दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।" दिल्ली से जोधपुर पहुंचे रेल मंत्री पिता दाऊलाल वैष्णव के निधन की सूचना मिलते ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव दिल्ली से जोधपुर रवाना हुए। वह सुबह 10:30 बजे हवाई मार्ग से जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे अपने घर गए, जहां परिवार के अन्य सदस्य पहले से मौजूद थे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताया शोक राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से रेल मंत्री के पिता के निधन पर शोक जताते हुए लिखा, 'माननीय केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिताजी श्री दाऊलाल वैष्णव के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।' रेल मंत्री के पिता के निधन की खबर से उनके गांव और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि जवाब आने तक सरकार कोई कदम न उठाए, नहीं तो हम अंतरिम आदेश पारित करेंगे

भोपाल  आरक्षण के आधार पर प्रमोशन की बाट जोह रहे कर्मचारियों को हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया। हाईकोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण की नई नीति पर सरकार से जवाब मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने पूछा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो सरकार ने नई नीति उसी तरह की क्यों बनाई? मौखिक रूप से पीठ ने कहा कि जवाब आने तक सरकार कोई कदम न उठाए, नहीं तो हम अंतरिम आदेश पारित करेंगे। इस पर महाधिवक्ता ने पीठ के समक्ष अंडरटेकिंग दी कि सरकार जवाब पेश होने और अगली सुनवाई तक प्रमोशन प्रक्रिया(Reservation in Promotion) पर किसी तरह से आगे नहीं बढ़ेगी। पीठ ने 15 जुलाई को केस सुनवाई के लिए लिस्टेड करने का आदेश दिया। प्रमोशन में आरक्षण को लेकर सरकार के बनाए नए नियम को भोपाल के समीर कुमार शर्मा समेत अन्य 17 ने याचिका के जरिए चुनौती दी है। हाईकोर्ट में सोमवार को 2025 में राज्य सरकार के प्रमोशन में आरक्षण संबंधी बनाए नियमों के खिलाफ यचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु ने कोर्ट को बताया, याचिकाकर्ताओं ने 2025 के प्रमोशन में आरक्षण संबंधी नियमों को चुनौती दी है। तर्क दिया- 2002 के नियमों को हाईकोर्ट ने आरबी. राय के केस में समाप्त किया है। इसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। शीर्ष कोर्ट ने यथास्थिति का आदेश दिया है और याचिकाएं लंबित हैं। उन्होंने कहा, सरकार के पास प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए कोई क्वांटिफिएबल डेटा नहीं है। एम. नागराज और जरनैल सिंह के मामलों में दिए गए आदेशों का पालन भी नहीं किया है। तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश की अवहेलना कर 2025 के नियम बनाए। यह न्याय संगत नहीं है। नोटिस जारी कर मांगा जवाब एक्टिंग चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से पहले के और नए प्रमोशन नियम के फर्क के बारे में पूछा। संतोषजनक जवाब न आने पर पीठ ने प्रमोशन (Reservation in Promotion) पर स्टे देने की मंशा जताई। इस पर राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने मौखिक अभिवचन दिया कि अगली सुनवाई तक कोई प्रमोशन नहीं किए जाएंगे। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी के जवाब तलब कर लिया।   ● हाईकोर्ट: मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो प्रमोशन में आरक्षण को लेकर नियम क्यों बनाए? सरकार पहले सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात को रखती। याचिका का निराकरण कराती फिर आगे बढ़ना चाहिए। ● महाधिवक्ता: यह नियम 2002 के आदेश से अलग है। ● हाईकोर्ट: दोनों नियमों पर तुलनात्मक रिपोर्ट पेश करें। ● महाधिवक्ता: इसके लिए समय चाहिए। ● हाईकोर्ट: जब तक जवाब नहीं आता, तब तक सरकार इस पर आगे नहीं बढ़े। यदि इस पर अभिवचन दिया जाता है तो ठीक है, वर्ना अंतरिम रोक के आदेश पारित किए जाएंगे। ● महाधिवक्ता: जवाब आने तक सरकार प्रमोशन प्रक्रिया पर आगे नहीं बढ़ेगी।

हाईकोर्ट में मिली चुनौती के चलते एक बार फिर अधिकारी, कर्मचारियों में ओहदा बढ़‌ने की नौ साल बाद जागी उम्मीदों पर अघोषित ठहराव की स्थिति

भोपाल  सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को पदोन्नति देने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर ली है। लोक निर्माण विभाग, वाणिज्यिक कर और निर्वाचन आयोग भी कुछ वर्गों के लिए अलग-अलग बैठकें कर चुका है। निर्वाचन में प्रमोशन आदेश भी जारी हुए। स्कूल शिक्षा जैसे कई विभागों ने सहमति लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उधर जिन विभागों में शासकीय सेवकों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) पूरी करने संबंधी प्रक्रिया अधूरी थी, उनमें भी अतिरिक्त काम हो रहे हैं। इस बीच हाईकोर्ट में मामले को सपाक्स वर्ग के कर्मचारियों की ओर से मिली चुनौती के चलते एक बार फिर अधिकारी, कर्मचारियों में ओहदा बढ़‌ने की नौ साल बाद जागी उम्मीदों पर अघोषित ठहराव की स्थिति बन गई है।  30 जुलाई तक नहीं आया फैसला तो…. 30 जुलाई तक यही हाल रहे तो तब तक बगैर प्रमोशन के 1500 से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे। इसके पहले एक से डेढ़ लाख इसी तरह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जब तक कोर्ट से निर्णय नहीं हो जाता तब तक मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक पदोन्नति दिए जाने को लेकर शुरु हुई सीआर लिखने, पदोन्नति के लिए शासकीय सेवकों से सहमति लिए जाने, विभागों में डीपीसी की बैठकें करने जैसी सभी कार्रवाई पर ठहराव की स्थिति बननी तय है। कर्मचारी घोषित तौर पर तो अब कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सपाक्स, अजाक्स के पदाधिकारी एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। 31 जुलाई है डेडलाइन सभी विभागों को पहले चरण के तहत 31 जुलाई तक पदोन्नति देना है। मुख्य सचिव (सीएस) ने जून के अंत में बैठक ली थी। निर्देश एसीएस, पीएस, सचिव व विभागाध्यक्षों को दिए थे। यह भी कहा था कि प्रमोशन संबंधी जितने प्रकरण निपट जाएं, उतने निपटा लें। शेष शासकीय सेवकों के लिए सितंबर-अक्टूबर में बैठकें करें। सरकार ने नौ साल से लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों में तेजी लाने के लिए इस वर्ष दो बार डीपीसी करने का निर्णय लिया है। आमतौर पर अगले वित्तीय वर्ष से वर्ष में एक बार ही डीपीसी होगी। इस वर्ष सभी विभागों में पहली डीपीसी की संबंधी प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी करनी है। कब क्या हुआ     08 अप्रैल 2025 : सीएम ने पहली बार पदोन्नति की घोषणा की।     27 मई 2025 : सीएम ने दोहराया कि पदोन्नति जल्द देंगे।     10 जून 2025 : कैबिनेट में पदोन्नति नियम के प्रस्ताव पर चर्चा।     17 जून 2025 : कैबिनेट में पदोन्नति नियम के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।     19 जून 2025 : अधिसूचना जारी।     26 जून 2025 : मुख्य सचिव ने 31 जुलाई की डेडलाइन तय की।

बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम, दाम छु रहे आसमान, रसोई का बजट बिगड़ा

भोपाल  मानसून आते ही सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। हरी सब्जियां बहुत महंगी हो गई हैं। फूल गोभी और गिलकी 120 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। लौकी और पत्ता गोभी 80 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। टमाटर, जो सर्दी और गर्मी में 10 से 20 रुपए प्रति किलो बिकते थे, अब 60 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। आलू और प्याज ही ऐसे हैं जो 30 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। कद्दू भी 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम हो गई है। इसलिए दाम बढ़ गए हैं। करेला और गिलकी के दाम सुन हैरान हैं लोग स्कूल टीचर प्रेरणा शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले बिट्टन हाट में सब कुछ सस्ता था। बैंगन 10 रुपये का ढेर था। टमाटर 20 से 40 रुपये प्रति किलो थे, पर अब 60 रुपये से कम में कुछ नहीं मिल रहा है। करेला और गिलकी 120 रुपये प्रति किलो देखकर वे हैरान रह गईं। फल खरीदने का मौसम सरकारी कर्मचारी पंकज दुबे ने हंसते हुए कहा 'मुझे नहीं पता कि लोगों के लिए यह कितना संभव है, लेकिन मैं सुझाव दूंगा कि यह साल का वह समय है जब सब्जियां खरीदने के बजाय फल खरीदना बेहतर है। आपके पास कई तरह के आम, केले, संतरे, जामुन और कुछ और हैं, और वे बहुत महंगे भी नहीं हैं, सिवाय लीची और निश्चित रूप से अनार और सेब के, जो अभी भी सब्जियों से महंगे हैं। सब्जियों की सप्लाई हुई कम सब्जी विक्रेता राकेश चौरसिया ने बताया कि सब्जियों की सप्लाई कम हो गई है। थोक बाजार में दाम बढ़ने से खुदरा बाजार में भी दाम बढ़ जाते हैं। बिट्टन मार्केट सब्जी व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष हरिओम खटीक ने कहा कि बारिश में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। बारिश सबसे पहला कारण उन्होंने कहा कि 'सब्जियों की कीमतें आमतौर पर बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं, लेकिन अगर थोक बाजार में कद्दू 20 रुपये प्रति किलो बिकना शुरू हो जाए, तो हम यह कह सकते हैं कि सब्जियों की कीमतें वास्तव में बढ़ गई हैं। जिन क्षेत्रों से सब्जियां भोपाल लाई जाती हैं, उनमें बारिश की मात्रा उनकी कीमतों को तय करने में एक प्रमुख कारक है। भोपाल के आसपास नहीं होती सब्जियां बारिश के मौसम में, भोपाल के आसपास के क्षेत्रों में सब्जियों का उत्पादन नहीं होता है, इसलिए सब्जियों की स्थानीय आवक बहुत कम हो जाती है। हरिओम खटीक ने बताया कि अब, हमारे पास महाराष्ट्र, रतलाम और मंदसौर की ओर मालवा और मैहर से आपूर्ति हो रही है, और इसमें कोई संदेह नहीं है कि सभी सब्जियों की कीमतें अधिक हैं।  

सोयाबीन की फसल से अब जिले के किसानों का मोह भंग, किसान अब मक्का की फसल करने में अधिक रूचि ले रहे

शिवपुरी  सोयाबीन की फसल से अब जिले के किसानों का मोह भंग हो गया है. किसान अब मोटे अनाज यानी मक्का की फसल करने में अधिक रूचि ले रहे हैं. इसकी वजह पिछले कुछ समय में इसकी बढ़ती मांग के साथ ही सोयाबीन की तुलना में इसकी देखरेख आसान होना है. इसी कारण सोयाबीन का रकबा पिछले दो साल में घटकर आधा रह गया है. जिले का किसान वैसे तो बाजरा, मक्का, सोयाबीन, उड़द फसलों की खेती करते हैं, लेकिन अच्छे दाम के मोह में पहले किसान सोयाबीन की खेती सबसे अधिक करते थे. सोयाबीन का कुल रकबा एक लाख 65 हजार हेक्टेयर था. सोयाबीन बाजार में 4 हजार से 4200 रुपये क्विंटल के हिसाब से बिकती है. हालांकि सोयाबीन की फसल में कीड़े लगने का खतरा अधिक होता है, जिससे देखरेख अधिक करना पड़ता है. फसलों को बचाने में भी काफी खर्च करना पड़ता है. एक बीघा में महज दो से ढाई क्विंटल सोयाबीन होता है. कृषि विकास केंद्र शिवपुरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. एमके भार्गव ने बताया, "बीते दो साल में जिले में किसानों की रुचि में बदलाव आया है. किसान अब सोयाबीन की जगह मक्का की फसल अधिक उगा रहे हैं. जिसका परिणाम है कि सोयाबीन का रकबा अब महज 80 हजार हेक्टेयर रह गया है. इसकी वजह ये है कि मक्का की मांग तेजी से बढ़ी है. किसानों को सोयाबीन की फसल के भाव तो अधिक मिलते हैं, लेकिन इसका उत्पादन कम होता है. इसके मुकाबले मक्का के दाम कम मिलते हैं, लेकिन उत्पादन अधिक होता है." उदाहरण के लिए सोयाबीन की एक क्विटंल फसल 4 हजार में बिकती है, जबकि मक्का की दो हजार क्विंटल में बिकती है. लेकिन एक बीघा खेत में केवल ढाई क्विंटल सोयाबीन होता है, वहीं मक्का 8 से 12 क्विंटल तक होती है. ऐसे में उत्पादन अधिक होने से किसान को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है, साथ ही मक्का में कीड़े लगने की टेंशन भी नहीं होती है. 2025 के लक्ष्य से समझें किसका रकबा कितना बढ़ा या घटा फसल रकबा धान 45 हजार हेक्टेयर ज्वार 400 हेक्टेयर बाजरा 7 हजार हेक्टेयर मक्का 85 हजार हेक्टेयर तुअर 1 हजार हेक्टेयर उड़द 25 हजार हेक्टेयर मूंग 3500 हेक्टेयर मूंगफली 1 लाख 90 हजार हेक्टेयर तिल 3200 हेक्टेयर सोयाबीन 80 हजार हेक्टेयर कुल 440100 हेक्टेयर जिले में सोयाबीन का रकबा पहले एक लाख 65 हजार हेक्टेयर था, लेकिन बीते कुछ सालों में रकबा घटकर 80 हजार हेक्टेयर रह गया है. इसकी जगह मक्का का रकबा बढ़कर अब 85 हजार हेक्टेयर हो चुका है. किसानों को मक्का का उत्पादन अधिक मिलता है, साथ ही कीड़ों की चिंता भी नहीं होती है. ये बदलाव केवल शिवपुरी ही नहीं बल्कि अशोक नगर और गुना में भी आया है.

सरगुजा: मैनपाट में बीजेपी का प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन, SC-ST पर केंद्रित है चौथा सत्र

सरगुजा   छत्तीसगढ़ के शिमला का मौसम खुशमिजाज है. इस खुशमिजाज मौसम में छत्तीसगढ़ सरकार मैनपाट में है. बीजेपी के तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का आज दूसरा दिन है. इस दिन की शुरुआत योगा से हुई. सुबह उठने के बाद सभी प्रशिक्षु विधायक, मंत्री और सांसद योग करते देखे गए. वर्ग के पहले दिन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने क्लास लगाईं थी. योगा से हुई दूसरे दिन की शुरुआत  शिवराज सिंह चौहान लेंगे क्लास : आज दूसरा दिन भी बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि बीजेपी के सबसे अनुभवी पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ट्रेनर बनकर आ रहे हैं. हालांकि शिवराज रायपुर आ चुके हैं. जारी प्रोटोकाल के अनुसार सुबह दस बजे उनको दरिमा एयरपोर्ट पहुंचना था. लेकिन सभी तक शिवराज रायपुर से उड़ान नहीं भर पाए हैं. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह पहुंचे शिविर, लोक व्यवहार और समय प्रबंधन पर देंगे प्रशिक्षण… भाजपा प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े आज मैनपाट पहुंचे. केंद्रीय मंत्री चौहान जहां लोक व्यवहार और समय प्रबंधन पर, तो वहीं विनोद तावड़े सोशल मीडिया और मीडिया पर सांसदों-विधायकों को प्रशिक्षण देंगे.  शिविर में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के अंबिकापुर स्थित मां महामाया एयरपोर्ट पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गर्मजोशी से स्वागत किया. अंबिकापुर से सड़क के जरिए मैनपाट स्थित शिविर स्थल पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव सहित अन्य भाजपा पदाधिकारियों, सांसदों-विधायकों ने स्वागत किया. शिविर स्थल पर अतिथियों ने पौधरोपण किया. कृषि मंत्री शिवराज सिंह शिविर में लोक व्यवहार और समय प्रबंधन वक्तृत्व कौशल पर तो वहीं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े सोशल मीडिया और मीडिया स्थानीय, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय विमर्श निर्माण: हमारी भूमिका विषय पर सांसदों-विधायकों को प्रशिक्षण देंगे.  नेताओं ने किया योग  जेपी नड्डा ने किया था शुभारंभ : मैनपाट में आयोजित बीजेपी के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा दुर्ग अंबिकापुर ट्रेन से सुबह ही अंबिकापुर पहुंच गए थे. वहां दोनों ने महामाया मंदिर में दर्शन किया और दरिमा एयरपोर्ट में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को रिसीव किया. विमान से नड्डा अंबिकापुर के दरिमा एयरपोर्ट तक तो आ गए. लेकिन दरिमा से मैनपाट तक इन सभी नेताओं को हेलीकॉप्टर से आना था. खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर नही उड़ सका जिसके बाद सभी सड़क मार्ग से दरिमा से मैनपाट पहुंचे थे. वापसी में मौसम खराब हुआ और जेपी नड्डा को करीब एक घंटे विमान में बैठकर विमान के उड़ने का इंतजार करना पड़ा था. नड्‌डा की क्लास में क्या हुआ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बंद कमरे में सभी नेताओं से बातचीत की। जहां नड्‌डा बोल रहे थे वहां मोबाइल फोन ले जाने की किसी को अनुमति नहीं थी। सभी सांसद, विधायक और मंत्रियों के मोबाइल फोन बाहर ही जमा करवा लिए गए। इसके बाद शुरू हुई क्लास, भीतर मौजूद सूत्रों ने बताया कि नड्डा ने सांसद विधायकों को कड़ी नसीहत दी। जेपी नड्‌डा ने कहा कि- व्यवहार ऐसा हो की जब जनता के बीच जाए तो शर्मिंदगी महसूस न हो। जनता के बीच अपने आप को बड़ा महसूस न होने दें क्योंकि जनता बड़ी है। ग्राउंड पर रहें, साधारण बन कर रहें। मीडिया में सोच समझ कर बयान दीजिए। कोई ऐसा बयान न दें जिससे पार्टी की छवि पर बुरा असर हो। किसी भी विषय पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें, किसी तरह की भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं हो ये ध्यान रखें। नड्‌डा ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक पेड़ लगाया। उसके बाद छत्तीसगढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया। नड्‌डा के बताए 5 मंत्र     समाज, संगठन और सरकार के प्रति जागरूक हो। तैयारी अगले चुनाव की रखिए, आपके काम और व्यवहार का प्रभाव जनता पर होता है।     भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि विचार, मूल्य और सेवा का एक समर्पित आंदोलन है। जनता को इससे जोड़ना है।     सरकार में मौजूद सांसद-विधायकों को संगठन के साथ अधिक तालमेल बैठाकर जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।     बूथ स्तर पर पार्टी की उपस्थिति हो केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम आपका है। विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यपूर्ण जवाब देने की रणनीति हमें अपनानी है।     ये प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, यह नेतृत्व को तैयार करने, संगठन को सशक्त बनाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का माध्यम है।     देश और प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के विकास कार्यों और इनिशिएटिव को छत्तीसगढ़ के गांव–गांव, घर–घर पहुंचाना है। सरगुजिया पगड़ी और स्टूडेंट्स की तरह लाइन में नेताजी छत्तीसगढ़ के तमाम मंत्री विधायक और सांसद मैनपाट में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इस दौरान सभी किसी स्टूडेंट की तरह अनुशासन में दिखाई दिए। सभी को सफेद और सुर्ख लाल रंग के कॉम्बिनेशन में तैयार की गई सरगुजिया पगड़ी पहनाई गई। इस तरह के रंगों के गमछे सरगुजा के आदिवासी धारण करते हैं। वैसी ही पगड़ी सभी नेताओं के सिर पर थी। एक मौका ऐसा भी आया जब प्रशिक्षण शिविर की जगह पर सभी एक लाइन एक कतार में ग्रुप फोटो सेशन करते दिखे जैसे स्कूलों में स्टूडेंट्स करवाते हैं।

प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और सक्रिय सिस्टम अभी और बारिश कराएंगे, एमपी में 8-9-10-11 जुलाई भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट

भोपाल  प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और सक्रिय सिस्टम अभी और बारिश कराएंगे। अगले 3-4 दिन इसका असर रहेगा। इसके चलते मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में बाढ़ तो मध्य क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सोमवार को भी दिनभर लगभग पूरे प्रदेश में बौछारें पड़ीं। सूबे में अब तक औसत 191.3 मिमी की तुलना में 300 मिमी बारिश हो चुकी है। यह औसत से 68% ज्यादा है। राजधानी में भी रविवार देर रात में शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई। सोमवार को भी दिनभर रुक-रुककर तेज तो कहीं मध्यम बौछारें पड़ीं। संपर्क कटा, स्कूलों की छुट्टी बालाघाट में वैनगंगा नदी समेत कई नदी नाले उफान पर हैं। १५ से अधिक गांवों का जिला से संपर्क कट गया। सिरका नाले में बहने से किन्हीं गांव में पदस्थ शिक्षक जहरू सिंह सैयाम (52) की मौत हो गई। कलेक्टर ने भारी बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। बाढ़: पूर्वी हिस्से में अतिभारी बारिश की संभावना के बीच अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, शहडोल, उमरिया में बाढ़ के हालात बन सकते हैं। आज इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी,मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 जुलाई को सीहोर, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला,बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल में अति भारी बारिश का अलर्ट है। बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, जबलपुर, पन्ना, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में भारी बारिश होने की संभावना है। 10 जुलाई को इन जिलों में अति भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 10 जुलाई को दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना,रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश हो सकती है। ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, देवास, खंडवा, हरदा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 11 जुलाई को इन जिलों बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश का अलर्ट है।

इंदौर से रायपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी गड़बड़ी, फ्लाइट भी कैंसिल हो गई, क्या थी वजह?

इंदौर इंदौर से रायपुर जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में मंगलवार सुबह तकनीकी गड़बड़ी के चलते उड़ान के लगभग आधे घंटे बाद आपातकालीन लैंडिंग करा दी गई। फ्लाइट संख्या 6E 7295 रोजाना सुबह 6:35 बजे इंदौर से रवाना होती है। आज उसने तय समय पर टेक-ऑफ किया, लेकिन उड़ान के कुछ देर बाद ही तकनीकी समस्या के कारण पायलट को विमान वापस लाना पड़ा। जोर का झटका महसूस हुआ यात्रियों के अनुसार फ्लाइट ने सुबह 6:30 बजे इंदौर एयरपोर्ट से टेक ऑफ किया था। उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद अचानक एक जोर का झटका महसूस हुआ। इसके कुछ मिनटों बाद ही पायलट ने घोषणा की कि तकनीकी कारणों से विमान को वापस इंदौर एयरपोर्ट पर लाया जा रहा है। विमान को सुबह 7:15 बजे सुरक्षित लैंड करा लिया गया। पायलट को मिले थे फॉल्स अलार्म इंदौर एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर के अनुसार, पायलट को उड़ान के दौरान फॉल्स अलार्म यानी झूठे तकनीकी संकेत मिले थे, जो आमतौर पर सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माने जाते हैं। इस एहतियात के चलते पायलट ने फ्लाइट को बीच रास्ते से वापस मोड़ने का फैसला किया। लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतार दिया गया। यात्रियों को दिए गए दो विकल्प तकनीकी जांच और सुरक्षा कारणों से इंडिगो ने इस फ्लाइट को रद्द कर दिया। एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को दो विकल्प दिए गए हैं, वे चाहें तो टिकट का पूरा पैसा वापस ले सकते हैं या फिर अपनी बुकिंग को अगले उड़ान के लिए रीशेड्यूल करा सकते हैं।

श्रावण मास के हर सोमवार को भक्तों को अन्नक्षेत्र में नि:शुल्क महाप्रसादी वितरण, राजगीरा का हलवा, केसरिया खीर, ड्रायफ्रूट खिचड़ी परोसी जाएगी

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए माकूल प्रबंध किए हैं। जो इंतजाम दिखाई दे रहे हैं, उसके अनुसार भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन (Ujjain Mahakal Darshan) के लिए लंबा पैदल नहीं चलना पड़ेगा। दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थी प्रवेश द्वार के सामने ही वाहन पार्क कर सकेंगे। सामान्य, शीघ्र दर्शन, वीआइपी और कावड़ यात्री के लिए अलग-अलग द्वार से मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। पेयजल, जूता स्टैंड, अन्नक्षेत्र में महाप्रसादी की व्यवस्था बिल्कुल नि:शुल्क की गई है। प्रत्येक सोमवार को फलाहारी महाप्रसादी श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार के दिन मंदिर समिति भगवान महाकाल के भक्तों को महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में नि:शुल्क फलाहारी महाप्रसादी कराएगी। श्रद्धालुओं को शुद्ध देशी घी से बना राजगीरा का हलवा, केसरिया खीर, ड्रायफ्रूट खिचड़ी तथा मालवा की प्रसिद्ध आमठी परोसी जाएगी। सप्ताह के शेष दिन भक्तों को भोजन कराया जाएगा। हर प्रवेश द्वार के पास नि:शुल्क जूता स्टैंड मंदिर प्रशासन ने पांच स्थानों पर जूता स्टैंड स्थापित किए हैं। दर्शनार्थी किसी भी दिशा से मंदिर पहुंचे उन्हें हर प्रवेश द्वार के पास नि:शुल्क जूता स्टैंड की सुविधा मिलेगी। सामान्य दर्शनार्थियों के लिए त्रिवेणी संग्रहालय, श्री महाकाल महालोक प्लाजा मानसरोवर भवन के पास जूता स्टैंड रहेगा। इसके अलावा बड़ा गणेश, विक्रमटीला, हरसिद्धि चौराहा तथा महाकाल मंदिर के प्रशासनिक कार्यालय के समीप भी जूता स्टैंड बनाया गया है।छह स्थानों पर वाहन पार्किंगश्रावण मास में भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा पैदल नहीं चलना पड़ेगा।